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लुधियाना एयरपोर्ट से एक टिकट पर विदेश यात्रा, Air India दिल्ली से करेगा कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा

लुधियाना लुधियाना के हलवारा से एक ही टिकट पर विदेश का सफर किया जा सकेगा। एयर इंडिया ने लुधियाना एयरपोर्ट से फ्लाइट्स का टाइम ऐसे शेड्यूल किया है ताकि विदेश जाने वाले दिल्ली एयरपोर्ट से कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकें। एयर इंडिया ने विदेश जाने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वो लुधियाना से सुबह की फ्लाइट पकड़ें और कनेक्टिंग फ्लाइट में अपनी टिकट साथ ही करवा दें। ऐसा करने से उन्हें बैगेज का बार-बार चेकइन करवाने की जरूरत नहीं होगी। तीन से चार घंटे में सारी फॉर्मेलिटी होगी पूरी एयर इंडिया ने तर्क दिया है कि विदेश जाने वालों को दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन व अन्य फॉर्मेलिटी को पूरा करने के लिए तीन से चार घंटे का समय लग जाता है। अगर लुधियाना एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले यात्री सुबह की फ्लाइट से दिल्ली पहुंचते हैं तो उन्हें एयरपोर्ट पर फार्मेलिटीज पूरी करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा। सुबह और दोपहर दो फ्लाइट्स जाएगी दिल्ली हलवारा से सुबह और दोपहर दो फ्लाइट्स दिल्ली के लिए उपलब्ध होंगी, लेकिन इंटरनेशनल यात्रा के लिए सुबह वाली फ्लाइट सबसे बेहतर मानी जा रही है। यह फ्लाइट यात्रियों को सुबह दिल्ली पहुंचा देती है, जिससे वे उसी दिन शाम की अंतरराष्ट्रीय उड़ान आसानी से पकड़ सकते हैं। एयरलाइन ने शेड्यूल इस तरह तैयार किया है कि यात्रियों को दिल्ली में 4 से 8 घंटे का ट्रांजिट टाइम मिल सके। यह समय इमिग्रेशन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग के लिए पर्याप्त होता है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें बैगेज को लेकर भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। लुधियाना फ्लाइट से कंपनी बैगेज को अपने आप कनेक्टिंग फ्लाइट में ट्रांसफर हो जाएगा और यात्री आसानी से एयरपोर्ट पर अपनी बाकी फॉर्मेलिटीज पूर कर सकेगा। किन-किन देशों के लिए मिलेगी सुविधा एयर इंडिया का कहना है कि इस कनेक्टिविटी के जरिए यात्री यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के प्रमुख शहरों तक सफर कर सकेंगे। इनमें लंदन, बरमिंगम,रोम, मिलन और पैरिस शामिल हैं।इसके अलावा अन्य देशों की कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी ली जा सकेगी। एक टिकट पर पूरी यात्रा कर सकेंगे एयर इंडिया ने बताया है कि यात्री हलवारा से अपने अंतिम विदेशी गंतव्य तक एक ही टिकट (सिंगल PNR) पर यात्रा कर सकते हैं। इस सुविधा में सबसे बड़ा फायदा यह है कि यात्री का बैगेज सीधे अंतिम गंतव्य तक चेक-इन हो जाता है और दिल्ली में दोबारा चेक-इन की जरूरत नहीं पड़ती। अगर यात्री अलग-अलग टिकट बुक करते हैं, तो उन्हें दिल्ली में बैगेज लेकर फिर से चेक-इन करना होगा, जिससे समय और जोखिम दोनों बढ़ जाते हैं। दिल्ली से मिलेंगी एयर इंडिया की फ्लाइट कनेक्टिंग यात्रा में दिल्ली से आगे की उड़ान भी एयर इंडिया की ही होती है। हालांकि, कुछ रूट्स पर एयर इंडिया की पार्टनर एयरलाइंस (कोडशेयर) भी ऑपरेट कर सकती हैं। ऐसे मामलों में टिकट एक ही रहता है, लेकिन फ्लाइट दूसरी एयरलाइन की हो सकती है। इसके बावजूद, यदि बुकिंग एक ही टिकट पर है तो यात्रा सहज बनी रहती है और बैगेज सीधे अंतिम गंतव्य तक पहुंचता है। वेबसाइट, मोबाइल ऐप व ट्रैवल एजेंट के जरिए करें टिकट बुक यात्री एयर इंडिया की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ट्रैवल एजेंट के जरिए टिकट बुक कर सकते हैं। बुकिंग के समय लुधियाना से फाइनल डेस्टिनेशन डालना होगा। ताकि आपको कनेक्टिंग फ्लाइट का विकल्प मिल जायेंगे। टिकट एक ही बुकिंग में लिया जाए, ताकि यात्रा आसान और बिना परेशानी के हो सके। दिल्ली एयरपोर्ट पर कितना इंतजार हलवारा से सुबह पहुंचने वाले यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर औसतन 4 से 8 घंटे का इंतजार करना पड़ सकता है। यह इंटरनेशनल कनेक्शन के लिए सामान्य और सुरक्षित समय माना जाता है। दिल्ली से किसी भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए यात्रियों को कम से कम 3 से 4 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना जरूरी होता है। हालांकि, कनेक्टिंग यात्रियों के लिए यह प्रक्रिया आसान हो जाती है क्योंकि वे पहले से चेक-इन रहते हैं। यात्रियों के लिए बड़ा फायदा इस नई सेवा से लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अब सड़क या रेल से दिल्ली जाने की जरूरत कम होगी। हलवारा एयरपोर्ट से सीधी उड़ान और दिल्ली से कनेक्टिविटी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा तेज, सुविधाजनक और कम झंझट वाली हो जाएगी। यह पहल लुधियाना को ग्लोबल एयर नेटवर्क से जोड़ देगी। एयर इंडिया लुधियाना से दिल्ली के लिए चलाएगा A320 फेमिली क्राफ्ट एयर इंडिया लुधियान से दिल्ली के बीच A320 फेमिली एयर क्राफ्ट चलाएगा। यह मुख्य रूप से घरेलू और शॉर्ट-हॉल इंटरनेशनल रूट्स पर इस्तेमाल होते हैं। इन विमानों को हाल के वर्षों में अपग्रेड किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। इनके प्रमुख फीचर्स इस प्रकार हैं A320 फेमिली एयरक्राफ्ट की मुख्य विशेषताएं 1. शॉर्ट-हॉल और हाई-फ्रीक्वेंसी रूट्स के लिए डिजाइन किया गया है। 2. तीन क्लास की केबिन, बिजनेस क्लास में आरामदायक और ज्यादा स्पेस, प्रीमियम इकोनमी में अतिरिक्त लेगरूम और बेहतर सीटिंग और इकोनमी में किफायती और आरामदायक यात्रा। इसमें कुल 160 से 180 सीटें हैं जिसमें से 8 बिजनेस क्लास, 24 प्रीमियम और बाकी इकोनमी सीट होंगी। 3. USB चार्जिंग और डिजिटल सुविधा है। यात्री अपने मोबाइल/लैपटॉप चार्ज कर सकते हैं। इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट मोबाइल पर देख सकते हैं। 4. इन-फ्लाइट इंटरटेनमेंट के लिए वाइफाई की सुविधा मिलेगी।

राघव चड्ढा ने AAP को दिया करारा जवाब, कहा- ‘मैं हारा नहीं, सैलाब बनकर आऊंगा’

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने पर पहली बार खुलकर बोला है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक वीडियो शेयर कर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं. सांसद ने कहा है कि वह हमेशा से आम आदमी की आवाज बनकर संसद में आए और विभिन्न मुद्दे उठाए जिसका सीधा असर जनता पर पड़ता था।  राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा- जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं. और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते. लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए।  उन्होंने कहा कि जी हां, आम आदमी पार्टी ने संसद को सूचित किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने की अनुमति न दी जाए. अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? जब भी मैं बोलता हूं, मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं. एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्या, खाने में मिलावट का मुद्दा, टोल प्लाजा पर बैंक चार्जेज की लूट, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक का मुद्दा, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा, डेटा रोलओवर का मुद्दा, रिचार्ज के बाद इनकम बंद होने का मुद्दा-मैंने ये सभी मुद्दे संसद में उठाए हैं।  'कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा?' सांसद ने कहा कि और इन मुद्दों को उठाने के बाद देश के आम आदमी को फायदा हुआ. लेकिन इससे पार्टी के आम आदमी को क्या फायदा हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे असीम प्यार देते हैं. जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा समर्थन करते हैं, मेरी सराहना करते हैं, मुझे प्रोत्साहित करते हैं।  आम आदमी पार्टी के नेता ने कहा कि मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूं. इसी तरह मेरा हाथ थामे रखिए और मेरा साथ दीजिए. मुझे मत छोड़िए. मैं आपके साथ हूं और आपके लिए हूं. और जिन्होंने संसद में बोलने का मेरा अधिकार छीन लिया, मेरी आवाज को दबा दिया, मैं उनसे भी कुछ कहना चाहता हूं. मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए. मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझिए. मैं वह नदी हूं, जो समय आने पर बाढ़ बन जाती है।   

CBSE की स्कूलों को सख्त चेतावनी, सख्त कार्रवाई की तैयारी में बोर्ड

लुधियाना सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के नोटिस में यह गंभीर मामला आया है कि कई राज्यों में स्कूल एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) जमा करने के नाम पर विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस की मांग कर रहे हैं। बोर्ड ने इसे पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताते हुए स्पष्ट किया है कि पहले चरण में एलओसी के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। बोर्ड के अनुसार, स्कूलों द्वारा केवल वही परीक्षा फीस ली जा सकती है जो सर्कुलर में पहले से तय है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ बोर्ड सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार बोर्ड ने अभी सिर्फ एलओसी मांगी है ताकि परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की सही संख्या का पता चल सके। जब विद्यार्थी अपने सब्जेक्ट्स का चयन करेंगे, तभी उन्हें तय किया गया फीस देनी होगी। मई में होगी दूसरी बोर्ड परीक्षा नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे अधिकतम 3 सब्जेक्ट्स में अपना स्कोर सुधारने (इम्प्रूवमेंट) के लिए आवेदन कर सकते हैं। एलओसी प्रक्रिया का पहला चरण 31 मार्च तक था, जबकि दूसरा चरण मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शुरू होगा। इसके बाद तीसरे चरण में लेट फीस के साथ विद्यार्थियों को एक और मौका दिया जाएगा। परीक्षा के लिए एलिजिबिल्टी और नियम इस विशेष परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी बैठ सकते हैं जो पहली मुख्य परीक्षा में शामिल हुए हों और जिन्होंने कम से कम तीन सब्जेक्ट्स की परीक्षा दी हो। बोर्ड ने साफ किया है कि जो छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक सब्जेक्ट्स में फेल या एब्सेंट रहे हैं, वे इस परीक्षा के पात्र नहीं होंगे। कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते हैं, लेकिन एलओसी में किसी भी नए विद्यार्थी का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। यदि कोई छात्र फॉर्म भरने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर ही उसका फाइनल रिजल्ट घोषित किया जाएगा। 

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां, जालंधर में बनेगा कैंप, MP चन्नी और CM मान का चुनावी क़िला

जालंधर जालंधर से सांसद एवं पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने जालंधर के खजूरला गांव में अपना घर बना लिया है। चन्नी ने बताया कि घर में पाठ रखा है।को पाठ के भोग के साथ गृह प्रवेश होगा। चन्नी ने कहा कि चुनाव के वक्त उन्होंने जालंधर के लोगों से वादा किया था कि वह यहीं पर रहेंगे। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी जालंधर के गांव खजूरला का चुनाव किया गया है। ये गांव रोड कनेक्टेड होने के साथ कैंटोनमेंट के पास है। हाईवे से कनेक्ट भी है। जालंधर विधानसभा चुनाव का कैंप बनना शुरू हो गया है। इससे पहले सीएम भगवंत मान ने भी ओल्ड बारादरी में अपना घर लिया है। भाजपा के बड़े नेताओं के पहले से ही जालंधर में घर हैं। चन्नी ने कहा कि लोगों के साथ किया अपना एक और वादा पूरा कर दिया है। चुनाव के दौरान उन्होंने वादा किया था कि वह सिर्फ वोट लेने नहीं आए, बल्कि जालंधर के पक्के निवासी बनकर यहां के लोगों की सेवा करेंगे। इसी वादे को निभाते हुए उन्होंने जालंधर में अपना नया घर तैयार कर लिया है। जहां अब वह पक्के तौर पर रहेंगे। 5 कनाल में बनाए घर-आफिस में आज पाठ का भोग अपने इस नए घर के बारे में जानकारी देते हुए चन्नी ने बताया कि यह एक बहुत ही साधारण पर सुविधाजनक घर है। इसमें निचली मंजिल पर एक बड़ा ऑफिस बनाया गया है ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को मिलने में कोई दिक्कत न आए। ऊपरी मंजिल पर उनका बेडरूम है। उन्होंने कहा कि पहले वह किराए के फ्लैट में रह रहे थे, जहां आम लोगों का आना-जाना थोड़ा मुश्किल था, पर अब जीटी रोड के नजदीक इस घर में कोई भी आसानी से पहुंच सकता है। पूरे हलके के लोगों को पहुंचना आसान होगा सांसद चन्नी के मुताबिक यह जगह कुदरती तौर पर ऐसी मिल गई है जो जालंधर शहर के साथ-साथ नकोदर, फिल्लौर और गोराया जैसे इलाकों के लोगों के लिए भी बहुत नजदीक पड़ती है। उन्होंने कहा कि जालंधर के लोगों ने उन्हें बहुत मान बख्शा (सम्मान दिया) है, इसलिए वह अब अपना ज्यादातर समय यहां ही बिताएंगे। संसद के सेशन के दिनों को छोड़कर वह बाकी सारा समय जालंधर में ही मौजूद रहेंगे। चन्नी बोले- अब यह घर ही बाहरी कहने वालों को जवाब देगा नए घर में प्रवेश करने के मौके पर उन्होंने धार्मिक मर्यादा का पूरा ख्याल रखा है। उन्होंने बताया कि घर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करवाया गया है और पाठ के भोग डाले जाएंगे। इस मौके कीर्तन का प्रवाह भी चलेगा। उनकी पत्नी भी जालंधर पहुंच चुकी है और जल्द ही बच्चे भी उनके साथ यहां रहने के लिए आ जाएंगे। विरोधियों द्वारा बाहरी कहे जाने के सवाल पर चन्नी ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब यह घर ही उन सबको जवाब देगा।  

नैन्सी ग्रेवाल का आखिरी वीडियो वायरल, लाल बैग लेकर घर से निकलीं, बहन का इमोशनल संदेश

चंडीगढ़  कनाडा में हत्या का शिकार हुई पंजाबी इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल का आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में नैन्सी लाल कार में बैठने से पहले हाथ में लाल बैग लिए घर से निकलती दिखाई दे रही है। यह वीडियो उनकी बहन अलीशा ग्रेवाल ने इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा- आई मिस यू सिस्टर एवरी सिंगल डे।  चार मार्च की रात करीब साढ़े 9 बजे हमलावरों ने नैन्सी पर चाकू से हमला कर दिया था। कैनेडियन पुलिस के अनुसार, हमले के दौरान वह जान बचाने के लिए भागी, लेकिन हमलावरों ने कई वार किए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।   हरियाणा में जन्मी नैन्सी का परिवार बाद में पंजाब के लुधियाना और फिर जालंधर में रहा। वह कनाडा के विंडसर इलाके में रहती थी। वीडियो में वह 4 मार्च को दोपहर 3:02 बजे काम पर जाते हुए नजर आती है। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी सफर होगा। बता दें कि 4 मार्च को चाकू मारकर नैन्सी की हत्या कर दी गई थी। कैनेडियन पुलिस के मुताबिक रात करीब साढ़े 9 बजे हमलावर घर में घुसे। उस समय नैन्सी अपनी किसी बुजुर्ग पेशेंट को देखने के लिए गई थी। जब हमला हुआ तो वह जंगल की तरफ भागी। जहां 2 हमलावरों ने उसके पेट में कई बार चाकू से वार किए। पुलिस ने पहुंचकर नैन्सी को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। नैन्सी का जन्म हरियाणा में हुआ था। लेकिन बाद में उनका परिवार लुधियाना फिर जालंधर शिफ्ट हो गया। वह कनाडा के विंडसर इलाके में रहती थी। वीडियो में क्या दिख रहा… अलीशा की तरफ से अपलोड किए वीडियो में साफ दिख रहा है कि नैन्सी 4 मार्च को 3 बजकर 2 मिनट पर अपने काम पर जा रही है। नैन्सी ने ब्लैक टॉप पहन रखा है और हाथ में बैग पकड़े हुए घर से बाहर निकल रही है। इसके बाद वह लॉन में पार्क की गई अपनी लाल कार में बैठती है और निकल जाती है। इसके बाद से नैन्सी कभी घर नहीं लौटी। बहन बोली- मैं तुम्हें हर रोज मिस करती हूं नैन्सी नैन्सी ग्रेवाल की बहन अलीशा ने अपने इंस्टा अकाउंट पर वीडियो शेयर कर लिखा कि नैन्सी मैं तु्म्हें हर रोज मिस करती हूं। ये उस दिन का लास्ट वीडियो है जब रात को नैन्सी का कत्ल कर दिया गया। काम पर जाने से पहले वो अपने घर में टहल रही है। वह कभी नहीं जानती थी कि आज के बाद इस घर में लौटकर आएगी। कनाडा पुलिस ने खालिस्तानी लिंक स्वीकार किया नैन्सी ग्रेवाल की हत्या को लगभग 1 महीना होने को है। लेकिन अभी तक कोई भी कातिल नहीं पकड़ा गया है। कनाडा पुलिस ने शुरुआती जांच में खालिस्तानी लिंक होने से मना कर दिया था। लेकिन अब खालिस्तानी लिंक होने की बात स्वीकार करते हुए इस एंगल से भी जांच को आगे बढ़ाया है। हालांकि खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि नैन्सी की हत्या के पीछे सिख फॉर जस्टिस का कोई हाथ नहीं है। खालिस्तान और पंजाब मुद्दों पर बोलती थी नैन्सी नैन्सी खालिस्तानियों के साथ ही पंजाब के हर मुद्दे पर बात करती थी। कत्ल से पहले अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया के नाभा जेल से बाहर आने पर डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों पर भी तीखी टिप्पणी की थी। इसके अलावा श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गड़गज के खिलाफ भी वीडियो अपलोड किए थे। थ्रेट के चलते उसने कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया पर वीडियो डालने भी बंद कर दिए थे।

PSEB Class 8th Result 2026: जानें कब आएगा पंजाब बोर्ड का रिजल्ट और कैसे करें चेक

चंडीगढ़  पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) के छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. कक्षा 8वीं के बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट इस महीने के आखिर तक जारी हो सकता है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है PSEB के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि क्लास 8वीं का रिजल्ट जल्‍द ही घोषित किया जाएगा.वहीं क्लास 5वीं की बोर्ड परीक्षा पिछले दो साल से नहीं हो रही है इसलिए इस बार भी 5वीं का रिजल्ट नहीं आएगा।  8वीं की परीक्षा कब हुई थी? पंजाब बोर्ड कक्षा 8वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 27 फरवरी 2026 तक पेन-पेपर मोड में पूरे पंजाब में आयोजित की गई थी. अब छात्र अपने स्कोरकार्ड का इंतजार कर रहे हैं।  क्‍या कहता है पिछले पांच सालों का ट्रेंड? हालांकि PSEB ने अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो रिजल्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में आ सकता है. पिछले कुछ सालों में रिजल्ट की तारीखों की बात करें तो वर्ष 2025 में 4 अप्रैल को रिजल्‍ट आया था इसी तरह 2024 में आठवीं का रिजल्‍ट 30 अप्रैल को और 2023 में 28 अप्रैल को रिजल्‍ट घोषित किया गया था. 2022 में 2 जून और 2021 में 17 मई को रिजल्‍ट जारी किया गया था. इन आंकड़ों से साफ है कि ज्यादातर बार अप्रैल के पहले या आखिरी हफ्ते में नतीजे आ जाते हैं इसलिए इस बार भी अप्रैल के पहले सप्ताह में रिजल्ट आने की मजबूत संभावना है।  रिजल्ट कैसे चेक करें? रिजल्ट जारी होते ही छात्र इसे आसानी से ऑनलाइन देख सकेंगे. 1. PSEB की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर जाएं. 2. होमपेज पर Results सेक्शन में जाएं. 3. PSEB Class 8th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें. 4. अपना रोल नंबर या पूरा नाम दर्ज करें. 5. सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा. रिजल्ट DigiLocker पर भी उपलब्ध होगा जहां छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे. मार्कशीट में क्या-क्या जानकारी होगी? डिजिटल मार्कशीट में निम्नलिखित डिटेल्स होंगी: – विषय-वार अंक – कुल अंक – पास/फेल स्टेटस – छात्र का नाम, रोल नंबर आदि पिछले साल का प्रदर्शन कैसा रहा? पिछले साल 2025 में कक्षा 8वीं का पास प्रतिशत 97.30% रहा जो 2024 के 98.31% से थोड़ा कम था.लड़कियों का पास प्रतिशत 98.9% और लड़कों का पास प्रतिशत 96.49% रहा.2025 के रिजल्‍ट में पहले स्‍थान पर 600 में 600 अंकों के साथ पुनीत वर्मा रहे और दूसरे स्‍थान पर नवजोत कौर रहे दोनों के बराबर अंक थे लेकिन उम्र और टाई नियमों के आधार पर उन्‍हें दूसरी रैंक दी गई वहीं तीसरे स्‍थान पर नवजोत कौर रहीं उन्‍होंने 600 में से 599 अंक हासिल किया था. 2024 में कुल 2,91,917 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे जिनमें से 2,86,987 पास हुए थे .PSEB की आधिकारिक वेबसाइट पर ही रिजल्ट चेक करें. फर्जी वेबसाइटों या लिंक्स से बचें। .

स्कूलों पर गिरेगी गाज: CBSE ने LOC के बहाने फीस लेने पर कड़ा रुख अपनाया

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) के नोटिस में यह गंभीर मामला आया है कि कई राज्यों में स्कूल एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स) जमा करने के नाम पर विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस की मांग कर रहे हैं। बोर्ड ने इसे पूरी तरह से नियम विरुद्ध बताते हुए स्पष्ट किया है कि पहले चरण में एलओसी के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। बोर्ड के अनुसार, स्कूलों द्वारा केवल वही परीक्षा फीस ली जा सकती है जो सर्कुलर में पहले से तय है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ बोर्ड सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार बोर्ड ने अभी सिर्फ एलओसी मांगी है ताकि परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की सही संख्या का पता चल सके। जब विद्यार्थी अपने सब्जेक्ट्स का चयन करेंगे, तभी उन्हें तय किया गया फीस देनी होगी। मई में होगी दूसरी बोर्ड परीक्षा नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहली बार मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे अधिकतम 3 सब्जेक्ट्स में अपना स्कोर सुधारने (इम्प्रूवमेंट) के लिए आवेदन कर सकते हैं। एलओसी प्रक्रिया का पहला चरण 31 मार्च तक था, जबकि दूसरा चरण मुख्य परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शुरू होगा। इसके बाद तीसरे चरण में लेट फीस के साथ विद्यार्थियों को एक और मौका दिया जाएगा। परीक्षा के लिए एलिजिबिल्टी और नियम इस विशेष परीक्षा में केवल वही विद्यार्थी बैठ सकते हैं जो पहली मुख्य परीक्षा में शामिल हुए हों और जिन्होंने कम से कम तीन सब्जेक्ट्स की परीक्षा दी हो। बोर्ड ने साफ किया है कि जो छात्र मुख्य परीक्षा में तीन या अधिक सब्जेक्ट्स में फेल या एब्सेंट रहे हैं, वे इस परीक्षा के पात्र नहीं होंगे। कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थी भी इसमें शामिल हो सकते हैं, लेकिन एलओसी में किसी भी नए विद्यार्थी का नाम नहीं जोड़ा जा सकेगा। यदि कोई छात्र फॉर्म भरने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर ही उसका फाइनल रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

तनाव का असर आम जनता पर: सीमावर्ती इलाकों में बिगड़ा किचन बजट

अमृतसर. भले ही अमेरिका, ईरान और इजराइल जैसे देशों पर जंग के मैदान सजे हों, लेकिन इसकी तपिश अब हजारों मील दूर भारत और खासकर पवित्र शहर अमृतसर में महसूस की जा रही है। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में सप्लाई चेन पर जहां असर डाला है। वहीं इसका सीधा असर अमृतसर के बाजारों और आम आदमी की जेब पर पड़ता दिख रहा है। विगत कुछ ही दिनों में खाने-पीने के खाद्य पदार्थों के अलावा रोजाना में प्रयोग होने वाली सभी चीजों पर खासा असर पड़ा है और लगभग सभी चाजों के दामों में वृद्धी आंकी जा रही है। इससे लोग काफी सकते में पंड़ चुके हैं कि आखिर वे करें भी तो क्या? और रोजाना की जरूरतों के दाम बढ़ गए हैं। बॉर्डर एरिया होने से दोहरी मार  अमृतसर एक बॉर्डर जिला है और इसकी इकॉनमी का एक बड़ा हिस्सा ट्रेड और टूरिज्म पर निर्भर करता है। जंग के हालात की वजह से इंटरनेशनल मार्किट में क्रूड ऑयल के दाम बढ़ गए हैं, जिससे माल ढुलाई बहुत महंगी हो गई है। इसका सीधा असर बाहरी राज्यों से आने वाली सब्जियों और दालों पर पड़ रहा है। अमृतसर की बड़ी सब्जी मंडी (वल्ला मंडी), लोहगढ़ की सब्जी की फड़ियो वाली मंडी के अलावा छेहरटा सब्जी मंडी में जहां सभी सबिज्यों के दाम आसमान छू चुके हैं, जिससे आम लोगों के बीच दामों को अब सब्जियों का जायका लेना काफी दूभर हो चुका है। इसके अलावा खाने-पीने वाले सभी पदार्थ व अन्य सामान भी अब महंगे दामों पर बिक रहा है। बर्तन और तेल के दाम बढ़े ईरान और उसके आस-पास के इलाकों से क्रूड ऑयल व खरेलू गैस एल.पी.जी की सप्लाई प्रभावित होने से माल-ढुलाई में खासा असर पड़ रहा है। इसको लेकर सप्लाई पर असर पड़ने के डर से कंपनियों ने खाने के तेलों (रिफाइंड और सरसों का तेल) के दाम 5 से 10 परसैंट बढ़ा दिए हैं। अमृतसर के बड़े बाजारों जैसे मजीठ मंडी और दाल मंडी के व्यापारियों का कहना है कि अगर लड़ाई और बीस-पच्चीस दिन लंबी चली तो फिर दालों और चीनी आदि के दाम और बढ़ सकते हैं। घरेलू रसोई गैस और पैट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का डर लोगों को अभी से सताने लगा है। टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री पर मंदी का खतरा अमृतसर एक वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म हब है। इंटर नैशनल फ्लाइट्स के रूट बदलने और फ्यूल के बढ़ते दामों की वजह से हवाई किराए बढ़ गए हैं। इससे श्री हरिमंदिर साहिब आने वाले विदेशी और एन.आर.आई श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी कमी आंकी जा रही है। होटल मालिकों के मुताबिक अगर महंगाई इसी तरह बढ़ती गई तो होटल के कमरों और खाने के रेट बढ़ा जाएंगे, जिससे शहर के टूरिज्म बिजनेस को बड़ा झटका लगेगा। इसके अलावा होटल वालों के लिए गैस सिलैंडर अब सबसे बड़ी समस्या बन चुके हैं। कई होटलों व ढाबों वालों ने गैस की किल्लत के कारण डीजल की भटि्टयों की ओर रूख किया है, जिससे उनकी खाना बनाने की लागत काफी बढ़ चुकी है। अब वो कब तक मूल्य स्थिर रख सकेगें, ये तो समय के गर्भ में है। ड्राई फ्रूट्स और ट्रेड पर असर  अमृतसर को ड्राई फ्रूट्स ट्रेड का हब माना जाता है। युद्ध के रास्तों की वजह से अब अफगानिस्तान और मिडिल ईस्ट के देशों से आने वाला सामान रुक रहा है। इससे बादाम, काजू और किशमिश जैसी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। ट्रेडर्स का कहना है कि स्टॉक कम हो रहा है और डिमांड बढ़ रही है, जिससे आने वाले त्योहारों के सीजन में ये चीजें आम लोगों के लिए खरीदना मुश्किल हो सकता है। स्थानीय लोगों और एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी 80 परसैंट से ज्यादा तेल की जरूरतों के लिए इंपोर्ट पर निर्भर है, यह युद्ध किसी आर्थिक सुनामी से कम नहीं है। अमृतसर में मिडिल क्लास परिवारों का कहना है कि पहले से ही नौकरियों की कमी है और अब महंगाई ने उनकी कमर तोड़ दी है। अगर सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए और युद्ध जारी रहा, तो अमृतसर के हर घर का बजट पूरी तरह से बिगड़ जाएगा।

पंजाब के किसानों को मिला सुनहरा अवसर, 24 अप्रैल तक करें काम, समय घट रहा है

 गुरदासपुर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंजाब द्वारा पराली के उचित प्रबंधन के लिए उपयोग में लाई जाने वाली मशीनों पर सब्सिडी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. रणधीर सिंह ठाकुर ने बताया कि इच्छुक किसान विभाग के पोर्टल agrimachinerypb.com के माध्यम से 1 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डॉ. ठाकुर ने बताया कि सरकार की ओर से निजी तौर पर मशीनें खरीदने वाले किसानों को 50 प्रतिशत तक और किसान समूहों या सोसायटियों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना का लाभ जनरल और एससी श्रेणी के सभी किसान उठा सकते हैं। सब्सिडी के तहत मिलने वाली मशीनों में सुपर एसएमएस, हैपी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, जीरो टिल ड्रिल, बेलर, रेक और मल्चर सहित कई आधुनिक उपकरण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पहले भी करोड़ों रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है, जिससे किसानों में जागरूकता आई है और उन्होंने पराली जलाने के बजाय उसे खेतों में ही प्रबंधित करना शुरू कर दिया है। कई किसान पराली की गांठें बनाकर बेच भी रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है। मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि पराली को खेत में मिलाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और खाद पर होने वाला खर्च कम होता है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण से बचाव होता है, बल्कि मिट्टी में मौजूद लाभदायक जीव भी सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाते हुए समय पर आवेदन करें। 

स्कूलों में बड़ा बदलाव: छोटे बच्चों को मिलेगी AI की शुरुआती शिक्षा

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE)और शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा में बड़ी तबदीली करते हुए तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर एक नया कोर्स शुरू किया है। इस पहलकदमी का मकसद बच्चों को शुरूआती स्तर से ही डिजिटल और तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना है। सी.बी.एस.ई. द्वारा जारी इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को सरल और गतिविधि-आधारित तरीके से ए.आई. की बुनियादी समझ दी जाएगी। इसके साथ ही अध्यापकों के लिए हैंडबुक और विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी जिससे से पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाया जा सके। बच्चों के लिए फायदा यह नए अध्ययन से बच्चों में लॉजिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और क्रिएटिविटी डेवलप होगी। AI की शुरूआती समझ मिलने से वह भविष्य में तकनीक से जुड़े करियर विकल्प के लिए तैयार हो सकें। इसके साथ ही डिजिटल लिटरेसी बढ़ेगी और बच्चे समझदारी से तकनीक का इस्तेमाल करना सीखेंगे। स्कूलों को क्या करना होगा? अध्यापकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी।  क्लास के हिसाब से गतिविधि-आधारित पढ़ाई अपनानी होगी। स्कूलों को डिजिटल स्त्रोत और जरूरी बुनियादा ढांचा तैयार करना होगा। विद्यार्थियों का मुल्यांकल रिवायती परीक्षा की बजाय प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल आधार पर किया जाएगा। बाकी कक्षाओं के लिए भी लाया जाएगा कोर्स  जानकारों का मानना ​​है कि आने वाले समय में इस कोर्स को क्लास 9 और 10 में भी लाया जाएगा, जबकि क्लास 11 और 12 में इसे इलेक्टिव सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किया जाएगा। यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के मुताबिक है, जिसका मकसद एजुकेशन को मॉडर्न और एम्प्लॉयमेंट-ओरिएंटेड बनाना है। एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि यह कदम इंडियन स्टूडेंट्स को ग्लोबली कॉम्पिटिटिव बनाने में अहम रोल निभाएगा। नए सिलेबस की खासियत  पढ़ाने का तरीका अलग और ज्यादा इंटरेस्टिंग होगा। गेम, पहेलियां और एक्टिविटी के जरिए सीखने पर जोर दिया जाएगा। बड़े सवालों को छोटे-छोटे हिस्सों में हल करने की समझ विकसित करना। ग्रुप डिस्कशन और टीमवर्क को बढ़ावा देना। रटने की जगह समझ और स्किल-बेस्ड लर्निंग पर फोकस करना।  एग्जामिनेशन सिस्टम में भी बदलाव, एक्सपेरिमेंटल और प्रोजेक्ट-बेस्ड असेसमेंट। स्टूडेंट्स की क्रिएटिव सोच और समझ को पहल।