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पंजाब बजट मोमेंट्स: ‘मावां-धीयां सत्कार’ पर हंगामा, अरोड़ा ने रोकी वित्त मंत्री चीमा की स्पीच

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा में वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने 2,60,437 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस दौरान कई रोचक मोमेंट भी देखने को मिले। स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार स्कीम को लेकर कहा कि अब घरों में सास-बहू की लड़ाई कम होगी। इससे पहले स्पीकर ने बजट भषण के बीच में चीमा को कई बार टोका और कहा कि आप पानी पी लो। वहीं एक बार स्क्रीन पर हाथ लगने से 1 मिनट के लिए वित्तमंत्री की स्पीच रुक कई थी। वहीं मंत्री अमन अरोड़ा ने भी एक बार वित्तमंत्री की स्पीच रोकी और खुद बोलने लग गए। उन्होंने कहा कि चीमा साहब आज सब को खुश कर रहे हैं। चीमा ने इस बार बंद गले का सूट पहना हुआ है। इससे पहले वित्तमंत्री चीमा ने 2 बजट कुर्ता पजामा और हाफ जेकेट पहनकर पेश किए। उसके बाद 2 बजट बंद गला सूट पहनकर पेश किए। इतना जरूर है कि उन्होंने अपनी पगड़ी और सूट के कलर को हर साल बदला है। शेरो-शायरी वालों पर मजदूर का बेटा भारी- चीमा हरपाल चीमा ने सदन में कहा कि शेरो शायरी वालों ने खजाने का जो हाल किया था वो सबके सामने है और अब मजदूर के बेटे ने क्या किया यह भी आपके सामने आए। उन्होंने कहा कि फंड में 297 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। स्पीकर बोले- सास-बहू की लड़ाई रोकने में बड़ा योगदान पंजाब में अब मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार स्कीम के तहत हर महीने महिलाओं को 1000 हजार रुपए मिलेंगे। इसपर कुलतार सिंह संधवा ने वित्त मंत्री को रोका और कहा कि वित्त मंत्री जी आपकी इस योजना से घरों में सास-बहू के झगड़े भी कम हो जाएंगे। सबके पास अपने पैसे होंगे तो वो नहीं लड़ेंगी। संधवा ने सीएम को कहा कि यह आईडिया अच्छा है। इससे पहले उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में औरतें इस ऐलान से खुश हैं। स्पीकर ने सीएम भगवंत मान धन्यवाद किया। संगरूर से विधायक अमन अरोड़ा ने वित्तमंत्री की स्पीच रोकी और खुद बोलने लग गए। अरोड़ा ने चीमा की स्पीच को रोका, बोले- सबको खुश कर रहे वित्त मंत्री चीमा ने विधानसभा में घोषणा पर घोषणा की। जिसपर खूब तालियां बटोरीं। इतने में स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि आज चीमा साहब सबको खुश कर रहे हैं। जिसपर मंत्री अमन अरोड़ा उठकर आए और कुछ देर के लिए चीमा को रोककर खुद बोलने लगे। उन्होंने कहा कि चीमा साहब सबको टिकाकर खुश कर रहे हैं। स्पीकर ने वित्त मंत्री स्पीच रुकवाई, कहा- पीने पी लो बजट भाषण को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा लगातार पढ़ रहे हैं। इसके बीच-बीच में स्पीकर कुलतार सिंह संधवा उन्हें पानी पीने की सलाह देते दिखे। बजट के दौरान जब मनीष सिसोदिया व गुरमीत सिंह मीत हेयर पहुंचे तो स्पीकर ने चीमा की स्पीच रुकवाई और कहा कि आप पानी पी लो। स्पीकर ने चीमा की स्पीच रुकवाई और कहा कि आप पानी पी लो। स्क्रीन टच होने से 1 मिनट वित्तमंत्री की स्पीच रुकी वित्त मंत्री हरपाल चीमा किसानों को लेकर की जा रही घोषणाओं को पढ़ रहे थे तो टैब पर उनका हाथ लग गया और बजट की स्क्रीन हट गई। इसकी वजह से उनको बजट की स्पीच रोकनी पड़ी। उन्होंने बाकायदा स्पीकर को कहा कि हाथ लग गया और स्क्रीन आगे निकल गई। जिस पर स्पीकर ने कहा पानी पी लो। उसके बाद अमन अरोड़ा ने कहा कि 44 नंबर मद चल रही है। करीब एक मिनट बाद स्पीच शुरू हुई। स्क्रीन टच होने से 1 मिनट तक वित्तमंत्री की स्पीच रुकी। स्क्रीन को महिला कर्मचारी सही करती हुईं। स्क्रीन टच होने से 1 मिनट तक वित्तमंत्री की स्पीच रुकी। स्क्रीन को महिला कर्मचारी सही करती हुईं। विधायक निधि डबल होने पर जमकर बजी तालियां वित्त मंत्री चीम ने जब सदन में हर विधानसभा क्षेत्र को मिलने वाली राशि में बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की तो विधायकों ने जोर जोर से तालियां बजाईं। पहले विधायकों को यह राशि पांच करोड़ रुपए प्रति वर्ष थी, अब इसे 10 करोड़ रुपए कर दिया गया है। विधायक निधी डबल होने पर विधयकों ने बताई तालियां। विधायक निधी डबल होने पर विधयकों ने बताई तालियां। सीएम मान व वित्त मंत्री की पत्नी भी पहुंची बजट सुनने सदन में वित्त मंत्री अपना भाषण दे रहे थे, इतने में उन्होंने स्पीकर को कहा कि अगर आप भी कोई चीज खरीदते हैं तो भाभी जी को पूछते होंगे। इस पर स्पीकर संधवां ने उन्हें रोका और कहा कि इस सदन में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की पत्नी मनजीत कौर व सीएम भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर भी इस बजट को सुनने के लिए पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि कुछ टीचर्स व डॉक्टर्स भी सदन की कार्रवाई सुनने आए हैं। सभी का स्वागत करें। सदन में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की पत्नी मनजीत कौर व सीएम भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर बजट सेशन देखने पहुंचीं। सदन में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की पत्नी मनजीत कौर व सीएम भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर बजट सेशन देखने पहुंचीं। स्पीकर बोले- दोनों अरोड़ा सुंदर लग रहे विधानसभा में उस समय सभी ठहाके लगाने लग गए जब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि संजीव अरोड़ा जी और अमन अरोड़ा जी दोनों एक साथ तैयार होकर आते हो। दोनों सुंदर लग रहे हो। दोनों जरा खड़े हो जाओ। उसके बाद मंत्री संजीव अरोड़ा खड़े हुए और उन्होंने स्पीकर कुलतार सिंह संधवा को कहा कि आपका धन्यवाद आपने मुझे सुंदर कहा। संजीव अरोड़ा और अमन अरोड़ा को तैयार होकर आने का कमेंट करते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवा। संजीव अरोड़ा और अमन अरोड़ा को तैयार होकर आने का कमेंट करते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवा।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा: बजट में SC वुमन के लिए 1,500 रुपये का प्रावधान

चंडीगढ़ पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया है। सूबे के लोगों को इस बजट से खासी उम्मीदें हैं। मान सरकार ने पंजाब की महिलाओं के लिए हर माह 1000 रुपये की योजना शुरू की है। वित्त मंत्री ने इसका एलान किया है।   महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना के कार्यान्वयन की घोषणा की गई है। योजना के तहत भगवंत मान सरकार सभी वयस्क महिलाओं के बैंक खाते में सीधे 1,000 रुपये प्रति माह हस्तांतरित करेगी। इसके अलावा, अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के खाते में सीधे 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए पात्र होगी। मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा और पूर्व सांसद/विधायक और आयकर दाता इस योजना में शामिल नहीं होंगी। यहां तक कि मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, जैसे वृद्धावस्था पेंशन या विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या विकलांगता पेंशन योजना के तहत पंजीकृत महिलाएं भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। कुल मिलाकर, पंजाब की लगभग 97% वयस्क महिलाएं इस योजना के तहत पात्र होंगी। इसके लिए 9300 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है। 1,279 नई बसें चलाई जाएंगी महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना के अलावा, हमारी सरकार राज्य में मार्वजनिक परिवहन की पहुंच को और बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, विशेष रूप से अविकसित क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर। वर्तमान में 2,267 बसें परिचालन में हैं और सरकार खरीद और पट्टे के सुमेल के माध्यम से मौजूदा बेड़े में 1,279 नई बसें जोड़ेगी। कुछ नई बसें पहले से ही चालू हैं और शेष नवंबर 2026 तक चालू हो जाएंगी। महिलाओं के मुफ्त बस सफर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। लोगों की एक लंबे समय से मांग रही है कि नए राशन कार्डों के लिए पंजीकरण खोला जाए ताकि इस राज्य में, जो पूरे देश का पेट भरता है, पंजाब का कोई भी गरीब परिवार कभी भी अपनी थाली में पर्याप्त भोजन की चिंता न करे। हम आगामी वर्ष में 10 लाख नए लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा के द्वार खोलेंगे, उनका स्वागत करेंगे जो लंबे समय से अपने अधिकारपूर्ण समावेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह समानता की विजय है, यह सुनिश्चित करना कि हमारे राज्य की प्रगति के लाभहमारे बीच के जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंचे। राज्य के लगभग 7,500 निवासियों को उचित मूल्य की दुकानें / राशन डिपो चलाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिससे राज्य में स्मार्ट कार्ड राशन योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को गेहूं के तेजी से वितरण में भी मदद मिलेगी। भूजल संरक्षण के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजट सरकार ने सतही जल के उपयोग को बढ़ाने और भूजल संरक्षण के दोहरे उद्देश्य से नहरी सिंचाई के अंतर्गत सिंचित क्षेत्र (कमांड एरिया) का और विस्तार करने की योजना बनाई है। सिंचाई क्षेत्र को लगभग पाँच लाख हेक्टेयर तक बहाल करने की उम्मीद के साथ, पाइपलाइनों और ईंट-निर्मित जलमागों के निर्माण के माध्यम से अंतिम-छोर कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस क्षेत्र के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है। सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे गृह मामले, न्याय और जेल विभाग के लिए 11.577 करोड़ रुपये का बजट अनुमान प्रस्तावित किया गया है, जो संस्थागत क्षमता, तकनीकी क्षमता और परिचालन तत्परता को मजबूत करने की  निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निरंतर सतर्कता की आवश्यकता है। सीमावर्ती जिलों में 636 मामरिक स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाकर रक्षा की दूसरी पंक्ति स्थापित करना, प्रौद्योगिकी-समर्थित निगरानी की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है। 1,719 कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और संबंधित पुलिस स्टेशनों में नियंत्रण कक्ष चालू हो गए हैं, जिससे 24 घंटे निगरानी ने मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को काफी मजबूत किया है। सरकार न केवल राज्य भर में सड़क और पुल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए, बल्कि मौजूदा परिसंपत्तियों के व्यवस्थित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए भी दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव के लिए आवंटन को वित्तीय वर्ष 2025-26 (बजट अनुमान) की तुलना में दोगुना करके 5,440 करोड़ रुपये कर दिया गया है। तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की है, ताकि दो सर्किटों में बंटे- श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त और पूर्ण रूप से सहायता प्राप्त तीर्थयात्रा प्रदान की जा सके। वित्तीय वर्ष 2026-27 में, लगभग 7.15 लाख नागरिकों की तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। खेलों के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट प्रत्येक पूर्ण हो चुके गांव के खेल मैदान में, हमारी सरकार स्थानीय युवा क्लब को एक खेल किट प्रदान करेगी जिसमें क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल के उपकरण शामिल होंगे। ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के अलावा, पहाड़ी क्षेत्रों में एडवेंचर स्पोर्ट्स शिविर पीपीपी मोड पर विकसित किए जाएंगे, जिससे पेशेवर और टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए संरचित अवसरों का विस्तार होगा। इस व्यापक दृष्टिकोण और हस्तक्षेप के पैमाने को दर्शाते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट आवंटन का प्रस्ताव है।   युद्ध नशे विरुद्ध एंड एंटी गैंगस्टर टेस्ट फोर्स के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रवेश परीक्षाओं और एसएराबी तैयारी के लिए समर्पित विंग के साथ प्रशिक्षण शुरू कर देगा, जिससे रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए पंजाब के युवाओं के लिए संरचित मार्गों का और विस्तार होगा। विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 287 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है। पिछले बजट में … Read more

सीएम करेंगे टॉप-100 महिला उद्यमियों का सम्मान, 25 हजार रुपये का नकद इनाम भी

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला उद्यमशीलता की भावना का जश्न मनाने के लिए शुरू किए गए भगवंत मान सरकार के महिला उद्यमी सम्मान कार्यक्रम को राज्य भर की महिलाओं से ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यह पहल आप सरकार के महिला मज़बूती को बढ़ावा देने और महिलाओं को उद्यमशीलता के ज़रिए अपनी पहचान बनाने में मदद करने के प्रतिबद्धता को दिखाती है।   प्रोग्राम का पहला फेज़ 2 मार्च से 6 मार्च तक पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ था, जहां व्यापार और स्वंय रोजगार अलग-अलग रूपों में काम कर रहीं महिलाओं को उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए सम्मानित किया गया था। हर चुनाव क्षेत्र में, गांवों या शहरी इलाकों की 100 महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। इस कैंपेन को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, जिस के तहत पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पोर्टल के ज़रिए 28 हजार से ज़्यादा नॉमिनेशन मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में नॉमिनेशन उद्यमशीलता में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के उनके पक्के इरादे को उजागर करती है। अब तक, चुनाव क्षेत्र स्तर पर सम्मान समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं, जहां स्थानीय प्रतिनिधियों और समुदाय के सदस्यों की मौजूदगी में महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। इसके बाद ज़िला और राज्य स्तर के कार्यक्रम होंगे, जिनमें छोटे व्यापार, घरेलू उद्योगों, कृषि से जुड़े काम और अलग-अलग सर्विस सेक्टर में अपनी पहचान बनाने वाली महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया जाएगा। इस प्रोग्राम के तहत अवॉर्ड देने की प्रक्रिया कई पड़ावों में चलाई जा रही है। चुनाव क्षेत्र लेवल पर लगभग 11,700 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया है। इनमें से 23 जिलों में 2,300 महिलाओं को जिला लेवल पर पहचान के लिए चुना जाएगा, जहां हर जिले से 100 महिलाओं को उनके शानदार योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। प्रोग्राम का अंतिम पड़ाव 18 मार्च को राज्य स्तरीय समारोह में होगा, जहां पंजाब भर की टॉप 100 महिला उद्यमियों को मुख्यमंत्री भगवंत मान सम्मानित करेंगे। इन चुनी गई हर महिला को उनकी एंटरप्रेन्योरशिप की उपलब्धियों के लिए 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पंजाब सरकार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को सिर्फ़ 8 मार्च को एक दिन के समरोह के तौर पर नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण को समर्पित महीने भर चलने वाले जश्न के तौर पर मना रही है। महिला उद्यमी सम्मान जैसी पहलों के ज़रिए, सरकार का मकसद ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को उद्यमशीलता के क्षेत्र में आने और अपने समुदायों में आर्थिक बदलाव की लीडर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य की अर्थव्यवस्था में महिलाओं के योगदान को पहचानने और हज़ारों अन्य लोगों को आत्मनिर्भरता और इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए इस कदम की हर तरफ तारीफ हो रही है।

उद्योग से बनेगा ‘रंगला पंजाब’: नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च, CM मान ने कहा—उद्यमी भी हैं अन्नदाता

लुधियाना (पंजाब)  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को लुधियाना में पंजाब की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने उद्योगपतियों के साथ बैठक कर सरकार की योजनाओं और उद्योगों को दिए जाने वाले प्रोत्साहनों की जानकारी दी। सीएम मान ने कहा कि पंजाब को रंगला बनाने के लिए इंडस्ट्री का विकास जरूरी है और पंजाब को नंबर वन बनाए बिना देश विश्व गुरु नहीं बन सकता। सीएम बोले कि इस नीति के जरिए इंडस्ट्री को सरकार ने रनवे मुहैया करा दिया है अब उड़ान भरने की बारी उद्योग जगत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार उद्योगपतियों से हिस्सा मांगने या “लाल थैली” लेने वाली नहीं है। सरकार की एक ही इच्छा है कि उद्योगों का कारोबार बढ़े और पंजाब के युवाओं को रोजगार मिले।  मान ने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग और कारोबार की वजह से हजारों परिवारों के चूल्हे जलते हैं और इस लिहाज से उद्यमी भी अन्नदाता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज सरकार उद्योगों को यह पॉलिसी दे रही है और जल्द ही महिलाओं के लिए भी बड़ा तोहफा दिया जाएगा। सीएम मान ने कहा कि सरकार उद्योगपतियों को अपना साझेदार मानती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई उद्योगपति तीन यूनिट लगाने की अनुमति मांगता है तो सरकार पांच यूनिट लगाने की अनुमति देने को भी तैयार है, बशर्ते कि वह पंजाब के युवाओं को रोजगार दे। उन्होंने बताया कि यह पॉलिसी उद्यमियों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है और इसमें करीब 78 प्रतिशत सुझावों को शामिल किया गया है। इससे पहले उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि यह देश की सबसे बेहतर इंडस्ट्रियल पॉलिसी में से एक है। उन्होंने बताया कि इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में तैयार किया गया है।   अरोड़ा ने कहा कि पॉलिसी को तैयार करने के लिए 24 कमेटियां बनाई गई थीं, जिनमें विभागीय अधिकारियों, पंजाब डेवलपमेंट कमिशन और उद्योग प्रतिनिधियों की राय ली गई। पॉलिसी तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि कुल सुझावों में से 77 प्रतिशत को स्वीकार किया गया, जबकि एक प्रतिशत सुझाव केंद्र सरकार से संबंधित थे और शेष पर भी चर्चा की गई।   निवेश और रोजगार पर मिलेंगे विशेष प्रोत्साहन     नई पॉलिसी के तहत रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं।     25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों वाली इकाइयों को थ्रेसहोल्ड कैटेगरी में शामिल किया जाएगा।     पंजाब में पहली बार कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।     जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।     उद्योगों के मॉर्डनाइजेशन और विस्तार पर भी सब्सिडी दी जाएगी।     इंसेंटिव पैकेज के लिए 15 साल का समय दिया जाएगा।     रोजगार देने पर प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रति माह का इंसेंटिव मिलेगा     आईटी सेक्टर के लिए यह इंसेंटिव 5000 रुपये प्रति कर्मचारी प्रति माह होगा।     नई पॉलिसी के तहत महिलाओं को रात में भी काम करने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि इसके लिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना उद्योगों की जिम्मेदारी होगी।     सरकार ने सीमावर्ती जिलों में उद्योग लगाने को बढ़ावा देने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव देने की घोषणा की है। सभी विभागों को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया सीएम मान ने कहा कि उद्योगों से जुड़े विभागों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर व्यवस्था को सरल बनाया गया है। बिजली, उद्योग और स्थानीय निकाय विभागों को आपस में जोड़ा गया है, जिससे उद्योगों के काम तेजी से होंगे। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास विकास का कोई विजन नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल मोटरसाइकिल टैक्स फ्री करने जैसे वादे करना कोई विजन नहीं है।

कल आएगा पंजाब बजट: महिलाओं को ₹1000 महीना, 22,000 नौकरियां और टैक्स में राहत की उम्मीद

चंडीगढ़  पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार कल अपने 5 साल के कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेगी। वित्तमंत्री हरपाल चीमा 2.50 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश करेंगे। पंजाब में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।  वित्तमंत्री हरपाल चीमा के जरिए सरकार चुनाव से पहले महिलाओं से 2022 में किया चुनावी वादा 2026 में पूरा करेगी। जिसमें हर महिला को 1,000 रुपए प्रति महीने देने के लिए बजट रखा जाएगा। 8 मार्च को संडे है। लेकिन उसी दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। इसी वजह से AAP सरकार खास तौर पर महिलाओं को फोकस करते हुए छुट्‌टी के दिन बजट पेश कर रही है। पंजाब में करीब 2.13 करोड़ वोटर हैं, जिनमें से 1.01 करोड़ महिला वोटर हैं, ऐसे में AAP सरकार इन्हें टारगेट करेगी। वहीं बजट में पंजाबियों को खुश करने में AAP सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। इसके संकेत सरकार ने बजट से पहले ही बिजली सस्ती करके दे दिया है। युवाओं को खुश करने के लिए नई 22 हजार सरकारी नौकरियों का ऐलान होना तय है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर 2022 में सरकार बनाई थी, ऐसे में इनका बजट भी बढ़ेगा। पिछले साल AAP सरकार ने 2.36 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। महिलाओं को कैसे मिलेंगे 1000 रुपए  AAP सरकार प्रदेश की 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं को 1 हजार रुपए महीने की स्कीम के लिए बजट का प्रावधान करेगी। अभी इस स्कीम का कोई नाम नहीं रखा गया है। 18 मार्च से रुपए देने की शुरुआत की जाएगी। सरकार ने औपचारिक तौर पर शर्तें नहीं बताईं हैं। लेकिन सरकारी सोर्सेज से जो खबरें बाहर आई हैं, उसके मुताबिक लाभार्थी महिला के पास पंजाब का आधार कार्ड और वोटर कार्ड होना अनिवार्य है। सरकार नौकरीपेशा, कारोबारी, पेंशनधारक के साथ टैक्सपेयर महिलाओं को फिलहाल स्कीम का लाभ नहीं देगी। पंजाब में महिला वोटरों की गिनती करीब 1 करोड़ है। लेकिन अगर शर्तें सच हुईं तो फिर 40 लाख महिलाएं ही इसके दायरे में आएंगी। हालांकि सरकारी स्तर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। लाभार्थी महिलाओं के रजिस्ट्रेशन कैसे होंगे, इसको लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। विरोधी सवाल उठा रहे थे कि 4 साल से यानी सरकार बनते ही रुपए क्यों नहीं दिए तो इस पर AAP का जवाब है कि जनता ने उन्हें 5 साल का टाइम दिया था। इसलिए इसी टर्म में वह इस गारंटी को पूरा कर रहे हैं। कोई नया टैक्स नहीं लगेगा  सरकार का बजट पूरी तरह से चुनावी मूड पर होगा। ऐसे में नए टैक्स के बारे में AAP सरकार सोच भी नहीं रही। 2 हफ्ते पहले गुजरात दौरे पर गए CM भगवंत मान साफ कहा कि पंजाब सरकार इस बार कोई भी नया टैक्स नहीं लाएगी और न ही टैक्स की दरें बढ़ाएगी। आम लोग पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हैं, इसलिए यह बजट आम आदमी के हित में होगा और विकास कार्यों को गति देगा। AAP सरकार ने पिछले 4 सालों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया। लेकिन पहले से चल रहे पेट्रोल-डीजल वैट, शराब एक्साइज ड्यूटी, स्टांप ड्यूटी, GST, मोटर व्हीकल टैक्स और प्रोफेशनल टैक्स की वसूली जरूर बढ़ाई है। युवाओं के लिए 22 हजार सरकारी नौकरियां  बजट में सरकार युवाओं के लिए 22 हजार सरकारी नौकरियों की घोषणा कर सकती है। 3 दिन पहले ही सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा था कि सरकार 17 हजार पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसमें दिव्यांग कोटे के पद भी शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब पुलिस में 3,298 कॉन्स्टेबल के पदों पर भर्ती शुरू हो चुकी है। पंजाब सरकार पिछले 4 सालों में 63 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों का दावा कर रही है। इसके अलावा इन नियुक्तियों को भ्रष्टाचार और सिफारिश मुक्त भी बता रही है। पुलिस के लिए बजट  बजट में पंजाब पुलिस पर भी सरकार का पूरा फोकस रहेगा। एक तो बार्डर पार से हथियारों और हेरोइन की तस्करी बढ़ रही है। इससे निपटने के लिए सरकार द्वारा नए एंटी ड्रोन सिस्टम खरीदे जाने हैं। करीब ड्रोन सिस्टम आने हैं। इसके लिए बजट रखा जाएगा। दूसरा बार्डर एरिया के लिए स्पेशल व्हीकल व उपकरण खरीदे जाएंगे। गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई चल रही है। नई टेक्नोलॉजी के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। मोहाली में नया साइबर क्राइम सेंटर बनना है। इसके लिए उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके अलावा जेलों, सरकारी मकानों, पुलिस वालों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप के लिए बजट तय किया जाएगा।

CM भगवंत मान की अगुवाई में ऐतिहासिक निर्णय, आनंदपुर साहिब को मिलेगा विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय

चंडीगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने आज श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कॉलेजों में 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन की भर्ती को भी हरी झंडी दे दी गई। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार कैबिनेट ने विश्वविद्यालय की स्थापना और ‘श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय’ के लिए ड्राफ्ट बिल को भी मंजूरी दे दी है। साथ ही विश्वविद्यालय की स्थापना समय पर सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक फैसले लेने हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 को मंजूरी मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब उद्योग क्रांति’ के तहत औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति में सेक्टर आधारित नीतियां, विस्तृत योजनाएं और दिशानिर्देश शामिल हैं। इस नीति का उद्देश्य राज्य में वित्तीय रियायतें, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उभरते उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक और संरचित व्यवस्था स्थापित करना है। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और पंजाब को उच्च आर्थिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान खिलाड़ियों के लिए आरक्षण को अधिक व्यवस्थित बनाने वाली नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत खेल उपलब्धियों के प्रमाण पत्रों को अंक देने के लिए स्पष्ट और सरल मानदंड तय किए गए हैं। नई नीति के अनुसार 75 प्रतिशत महत्व खेल उपलब्धियों को और 25 प्रतिशत महत्व प्रवेश परीक्षा के प्रदर्शन को दिया जाएगा। पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी कैबिनेट ने ‘पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत फार्मासिस्ट पद के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी को अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता के रूप में शामिल किया गया है। इससे डिप्लोमा धारकों को फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार के लिए एक्स ग्रेशिया ग्रांट को मंजूरी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार, नंबर 25140/जी एस पी के परिवार को विशेष मामले के रूप में 1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेशिया सहायता देने को मंजूरी दी। उन्होंने हाल ही में गुरदासपुर में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई थी।देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए उनके महान योगदान को मान्यता देते हुए मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया। ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करने के लिए सहमति मंत्रिमंडल ने विधान सभा के वर्तमान सत्र में ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करने के लिए सहमति प्रदान कर दी है। इस कदम का उद्देश्य ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को अधिनियम में बदलना है। सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की 1,158 असामियों को भरने की सहमति एक अन्य बड़े निर्णय में मंत्रिमंडल ने पूरे राज्य के सरकारी कॉलेजों में 1,158 असामियों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है, जिसमें 1,091 सहायक प्रोफेसर और 67 लाइब्रेरियन शामिल हैं। यह भर्ती पंजाब लोक सेवा आयोग (पी.पी.एस.सी.) के माध्यम से यू.जी.सी. नियम-2018 के अनुसार सख्ती से की जाएगी। सरकार पी.पी.एस.सी. के पास लंबित सहायक प्रोफेसर की 612 असामियों की पूर्व मांग को वापस लेगी और सभी असामियों के लिए नई संयुक्त मांग जमा करवाएगी। सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करने के लिए, जिनमें वे उम्मीदवार भी शामिल हैं जिन्होंने 19 अक्टूबर, 2021 के विज्ञापन के तहत आवेदन दिया था, उन्हें ऊपरी आयु सीमा में एक बार की छूट दी जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को मौजूदा सरकारी नीति के अनुसार अतिरिक्त आयु छूट मिलेगी। एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्ट और बहु-उद्देशीय ढांचे को मंजूरी भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने विश्व स्तरीय एम.आई.सी.ई. (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज एंड एक्जीबिशन्स) प्रोजेक्ट और व्यावसायिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक तथा सरकारी आयोजनों के लिए बहु-उद्देशीय ढांचे को मंजूरी दे दी। राज्य में एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्टों के खर्चों में स्पष्टता की कमी के कारण निवेशकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसे हल करने के लिए, सरकार ने 4 जून, 2025 की अधिसूचना में संशोधन करके एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्टों को एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल किया है और व्यावसायिक खर्चों के 50 प्रतिशत पर लागू खर्च निर्धारित किए हैं। मेडिसिटी पॉलिसी-2014 में संशोधन को मंजूरी मंत्रिमंडल ने मेडिसिटी नीति-2014 में संशोधनों को मंजूरी दे दी है ताकि कुछ स्थानों को मौजूदा नीति के माध्यम से और अन्यों को ई-नीलामी के माध्यम से निपटाया जा सके। जिन स्थानों की ई-नीलामी होनी है, उसके लिए आवास एवं शहरी विकास मंत्री को अधिकृत किया गया है। ई-नीलामी स्थानों की कीमत ई-नीलामी प्लॉटों के लिए कीमत निर्धारण नीति के अनुसार निर्धारित की जाएगी, जबकि नीति के तहत आवंटित साइटें विज्ञापन के समय प्रचलित दरों पर पेश की जाएंगी। हालांकि ई-नीलामी में भागीदारी के लिए योग्यता शर्तों में ढील दी गई है, लेकिन भूमि का उपयोग अस्पताल के उद्देश्यों के लिए सीमित रहेगा। गमाडा द्वारा स्कूलों के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को मंजूरी मंत्रिमंडल ने गमाडा द्वारा के-12/सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की स्थापना के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को भी मंजूरी दे दी। यह नीति ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत साइटों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (इंडिया) की सिफारिशों पर तैयार की गई है। यह तकनीकी योग्यता मापदंड पेश करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल वास्तविक और सक्षम शैक्षिक संस्थान ही ग्रेटर मोहाली क्षेत्र में स्कूल विकास के लिए भूमि प्राप्त कर सकें, जिसमें एसएएस नगर (मोहाली), न्यू चंडीगढ़ और एरोसिटी शामिल हैं। ग्लाडा की संपत्तियों की कीमतों को तर्कसंगत बनाने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने स्वतंत्र मूल्यांककों द्वारा पेश की गई मूल्यांकन रिपोर्टों और … Read more

पंजाब में गुरुद्वारा कमेटी पर कब्जे की जंग में खूनी संघर्ष

चंडीगढ़. गिद्दड़बाहा के गांव भूंदड़ में गुरुद्वारा साहिब की प्रधानगी को लेकर दो पक्षों में हुई खूनी झड़प के मामले में थाना कोटभाई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में आम आदमी पार्टी समर्थित सरपंच समेत 18 लोगों को नामजद किया गया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा छापेमारी की जा रही है। वहीं, आठ से दस अज्ञात को भी केस में शामिल किया गया है। बता दें कि शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े 11 बजे दो पक्षों के विवाद में सरपंच पक्ष द्वारा गोलियां चली थीं और गाड़ियों की तोड़फोड़ की गई थी। वहीं, गुरुद्वारा साहिब के कैमरे उतारे गए थे। मौजूदा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चार लोग घायल हो गए थे, जिनमें तीन को गोली लगी थी और एक पर तेजधार हथियार से हमला किया गया था। पुलिस को दी शिकायत में सुखदेव सिंह पुत्र बोहड़ सिंह वासी भूंदड़ ने बताया कि वह भूंदड़ का पूर्व सरपंच है।‌गांव में ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब बाबा भूंंदड़ साहिब के नाम पर बना हुआ है। करीब पांच साल पहले गांव वासियों की सहमति से उक्त गुरुद्वारा साहिब की कमेटी बनी थी। जिसमें कमेटी का प्रधान महिंदर सिंह पुत्र अंग्रेज सिंह को बनाया गया था और कुछ अन्य व्यक्ति भी कमेटी में सदस्य हैं। गुरुद्वारा साहिब का सारा लेन देन का हिसाब इस कमेटी के पास है और गुरुद्वारा साहिब का गोलक जब भी खुलता है, तो कमेटी के सदस्यों और गांव के लोगों की उपस्थिति में खुलता है। गुरुद्वारा साहिब की करीब दो एकड़ जमीन भी है और गुरुद्वारा साहिब में आम जनता का काफी चढ़ावा चढ़ता है। अब कई दिनों से गांव के नए बने सरपंच अमनदीप सिंह पुत्र गुरचरण सिंह और उसके कुछ साथी गांव में कह रहे हैं कि गुरुद्वारा साहिब की पुरानी कमेटी भंग कर नई कमेटी बनानी है। विगत शुक्रवार की सुबह करीब 11:30 बजे उक्त सभी लोग कुछ अज्ञात व्यक्तियों के गुरुद्वारा साहिब में आ गए और गुरुद्वारा साहिब में बनी गोलकों के जिंदरे और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। गुरुद्वारा साहिब में हुल्लड़बाजी करने लगे। इस संबंध में मुझे प्रधान महिंदर सिंह और सदस्य सुखविंदर सिंह ने आकर बताया तो हम सभी गुरुद्वारा साहिब में पहुंच गए। वहां सरपंच औल उसके साथी कहने लगे कि आज से हम कमेटी के प्रधान हैं। उस वक्त मैं, बलविंदर सिंह, जगदीप सिंह, दलजीत सिंह उक्त लोगों को समझाने लगे तो वह कहने लगे कि हमने तुम्हारी कमेटी भंग कर दी और अपनी नई कमेटी का आज गठन कर दिया‌‌ है। इतने में सरबजीत सिंह पुत्र अजमेर सिंह ने ललकारा मार कर कहा कि हम तो ऐसे ही करेंगे। इतने में सरपंच पक्ष के राजविंदर सिंह ने किरपान का वार गुरुद्वारा साहिब के प्रधान महिंदर सिंह के ऊपर किया। वहीं साधा सिंह ने मुझे जान से मारने की नीयत से अपने रिवाल्वर का सीधा फायर मेरे ऊपर किया,जो मेरे लगा। गगनदीप सिंह ने अपने देसी कट्टे का फायर बलविंदर सिंह पुत्र शमिंदर सिंह पर किया, जो उसकी बाईं बाजू पर लगा और सुखविंदर सिंह ने अपने देसी कट्टे का वार बलविंदर सिंह के ऊपर किया, जो उसकी दाईं उंगली ऊपर लगा। इतने में एक और फायर विक्रमजीत सिंह पुत्र शिवराज सिंह ने अपने देसी कट्टे से बलविंदर सिंह पर किया, जो उसके दाईं तरफ कंधे में लगा। देखते ही देखते हमारे गांव के सरपंच अमनदीप सिंह ने अपने देसी कट्टे का फायर मार देने की नीयत से जगदीप सिंह पुत्र बलविंदर सिंह पर सीधा किया। इसके अलावा भी सरपंच पक्ष के औल लोगों के पास और तेजधार हथियार थे। हम घायल हो गए तो उक्त लोग हमें जान से मारने की धमकियां देते हुए मौके से भाग गए। फिर पता लगने पर मेरा भतीजा भूपिंदर सिंह मौके पर आ गया, जिसने इलाज के लिए सिविल अस्पताल मुक्तसर में दाखिल करवाया, जहां हमारा इलाज चल रहा है। रंजिश की वजह यह है कि सरपंच अमनदीप सिंह चाहते हैं कि कमेटी का सारा चार्ज उनके हाथों में आ जाए। इन पर दर्ज किया केस डीएसपी अरुण मुंडन ने बताया कि मामले में 18 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। नामजद आरोपितों में सरपंच अमनदीप सिंह,साधा सिंह पूर्व पंच पुत्र नाजर सिंह, सुखविंदर पाल सिंह पुत्र मोहन लाल, गगनदीप सिंह उर्फ गग्गी पुत्र सरबजीत सिंह, राजविंदर सिंह पुत्र कुलवंत सिंह, विक्रमजीत सिंह पुत्र शिवराज सिंह, अभयजीत सिंह पुत्र शिवराज सिंह, लवदीप सिंह पुत्र मोहन सिंह, हरमीत सिंह पुत्र बलजीत सिंह उर्फ बली, जगमीत सिंह उर्फ रोमी पुत्र तरलोचन सिंह, हरपत सिंह पुत्र देसू सिंह, भोलू सिंह पुत्र बलदेव सिंह, रविंदर सिंह पुत्र गुरजंट सिंह, जतिंदर सिंह पुत्र गुरजंट सिंह, लाडी पुत्र हरजिंदर सिंह, रूड़ सिंह पुत्र रूलदू सिंह, मल्ल सिंह पुत्र मुकंद सिंह यह सभी वासी गांव भूंदड़ हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी चल रही है।

पंजाब में नई एक्साइज पॉलिसी के बाद महंगी हो गई शराब

चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन ने साल 2026-27 के लिए अपनी नई एक्साइज पॉलिसी का ऐलान कर दिया है। प्रशासन ने डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शराब की बिक्री फिर से शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय बीयर और भारतीय वाइन की डिस्टिलरी कीमत में 2% तक की मामुली बढ़ोतरी की है। शराब ले जाने वाली गाड़ियों पर 24 घंटे नजर रखने के लिए जी.पी.एस. ट्रैकिंग जरूरी कर दी गई है। शहर में कुल 97 रिटेल शराब के ठेके होंगे, जिनके लिए लाइसेंसिंग यूनिट्स की कुल रिजर्व कीमत 454.35 करोड़ रुपये तय की गई है। खपतकारों और सरकारी रेवेन्यू को ध्यान में रखते हुए शराब के रिटेल कोटे देसी शराब, भारतीय विदेशी शराब (आई.एम.एफ.एल.) और आई.एफ.एल. में कोई बदलाव नहीं किया गया है ताकि पिछले साल 2025-26 के मुकाबले रेवेन्यू बैलेंस बना रहे। शराब की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और काऊ सेस महंगाई और कच्चे माल की कीमतें बढ़ने के कारण देसी शराब, भारतीय विदेशी शराब, भारतीय बीयर और भारतीय वाइन की डिस्टिलरी कीमत (EDP) में 2% की बढ़ोतरी की गई है पर विदेशी दमदार की वाइन, बीयर और शराब पर यह वृद्धि लागू नहीं होगी। बीयर की कम से कम रिटेल कीमत ई.बी.पी. के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में संशोधन करके तय किया जाएगा। काऊ सेस पुरानी दरों पर ही जारी रहेगा। 750 ml देसी शराब और 650 ml बीयर की बोतलों पर 50 पैसे और 750/700 ml व्हिस्की पर 1 रुपये का सेस लगेगा। डिपार्टमेंटल स्टोर में एंट्री: L-10B लाइसेंस फिर से बहाल कर दिया गया है, जिससे अब बड़े स्टोरों डिपार्टमेंटल स्टोरों से भी शराब खरीदी जा सकेगी। इस कदम का मुख्य मकसद महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य खपतकारों को शॉपिंग में ज्यादा सुविधा देना है। कारोबारियों के लिए नियमों में ढील और सुविधाए  गोदाम – बॉन्डेड वेयरहाउस: एल-1 एफ और एल-1 डी.एफ. लाइसेंस लेने के लिए अब सरकार-मंजूरशुदा बॉन्डेड गोदाम का चंडीगढ़ में होना जरूरी नहीं। यह भारत में कहीं भी हो सकता है। एक साल के अनुभव की शर्त भी खत्म कर दी गई है। बॉटलिंग प्लांटों के काम के दिन 5 से बढ़ाकर 6 (सोमवार से शनिवार) कर दिए गए हैं और सरकारी छुट्टियों वाले दिन ओवरटाइम की भी इजाजत दी गई है। बार मालिक अब अपने सबसे पास के दो रिटेल आउटलेट से शराब खरीद सकेंगे। अगर दोनों ठेके एक मालिक के हों तो तीसरे पास के ठेके से खरीद की जा सकती है। अगर कोई ठेका सरकारी या प्रशासनिक इमारत में खेला जाता है तो लाइसेंस होल्डर को किराया सीधे संबंधित विभागों को देना होगा।  टैक्स चोरी और नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन ने लाइसेंस फीस और सिक्योरिटी रकम के नियम सख्त कर दिए हैं। अब रिटेल ठेकेदार को बोली की रकम का 17% सिक्योरिटी के तौर पर जमा करना होगा। पहले लाइसेंस फीस दो किश्तों में दी जाती थी, लेकिन अब इसे अगले महीने की 15 तारीख तक ब्याज के साथ एक बार में देना होगा। अगर कोई ठेकेदार यह रकम नहीं देता है, तो लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ठेकों के गोदानों में CCTV लगाने और विभाग को सीधी लाईव फीड देनी जरूरी होगी। शराब का विज्ञापन करने वालों पर भी शिकंजा कंसा गया है और नियम तोड़ने पर सीधा जुर्माना लगेगा। कानूनी विवादों से बचने के लिए नई  पॉलिसी में "परिवार" की परिभाषा भी साफ की गई है।

पंजाब में नई औद्योगिक नीति में रोजगार कंपनियों को सब्सिडी

चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को राज्य की नई औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दे दी, जिसमें सबसे बड़ा बदलाव रोजगार सृजन से जुड़े प्रोत्साहनों को आसान बनाना है। राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति में रोजगार मुहैया करवाने वाली कंपनियों को सब्सिडी के रूप में प्रति कर्मचारी पैसा दिया जाएगा। पुरुषों के मामले में यह तीन हजार और महिलाओं को रोजगार देने में यह चार हजार रुपए दिए जाएंगे। अनुसूचित जाति/जनजाति और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए 4000 रुपये प्रति माह तय की गई है। आईटी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह सहायता 5000 रुपये और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 7500 रुपये प्रति माह तक होगी। रोजगार , नई औद्योगिक नीति में मुख्य फोकस के रूप में रखा गया है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सरकार ने अब तक बड़ी इंडस्ट्री में निवेश करने पर जो सब्सिडी दी जा रही थी उसे कम करके मध्यम दर्जे की इंडस्ट्री पर लाया गया है। यानी अब उद्योगों को रोजगार सब्सिडी के लिए पात्र होने हेतु 250 करोड़ रुपये निवेश और 1000 कर्मचारियों की शर्त पूरी नहीं करनी होगी। नई नीति में इस सीमा को घटाकर 25 करोड़ रुपये निवेश और 50 कर्मचारियों तक कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से छोटे और मध्यम उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। निवेश आकर्षित करने की कोशिश मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूर इस नीति को पंजाब में निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी माहौल देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि नई नीति के माध्यम से पंजाब को फिर से औद्योगिक निवेश के प्रमुख केंद्रों में शामिल किया जाए। यह पालिसी उस समय आई जब अगले हफ्ते सरकार मोहाली में औद्योगिक समिट करने जा रही है जहां बड़े उद्योगों को पंजाब में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह नीति उद्योग जगत के व्यापक परामर्श के बाद तैयार की गई है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए 24 सेक्टर कमेटियों का गठन किया गया था। इन समितियों ने उद्योगों से जुड़े मुद्दों और आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा के बाद सरकार को 601 सिफारिशें सौंपीं, जिनमें से लगभग 77 प्रतिशत को नीति में शामिल किया गया। 20 अलग-अलग प्रकार के इंसेंटिव उपलब्ध होंगे नई औद्योगिक नीति का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि निवेशकों को अपने प्रोजेक्ट के अनुसार प्रोत्साहन चुनने की सुविधा मिले। इसके तहत उद्योगों को लगभग 20 अलग-अलग प्रकार के इंसेंटिव उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें एसजीएसटी रीइंबर्समेंट, रोजगार सृजन सब्सिडी, बिजली ड्यूटी में छूट और स्टांप ड्यूटी में छूट प्रमुख हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने पहली बार उद्योगों के लिए कैपिटल सब्सिडी का प्राविधान भी किया है, जिससे नए उद्योगों को शुरुआती निवेश में राहत मिल सकेगी। इंसेंटिव की अवधि को बढ़ाया गया सरकार ने औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव की अवधि भी बढ़ा दी है। पहले उद्योगों को मिलने वाले प्रोत्साहन 7 से 10 वर्ष तक सीमित थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 10 से 15 वर्ष कर दिया गया है। इससे निवेशकों को लंबे समय तक लाभ मिल सकेगा। नई नीति में कुछ क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इनमें फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, स्पोर्ट्स गुड्स, ऑटो और ऑटो कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी-आईटीईएस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में निवेश करने वाली इकाइयों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। बॉर्डर एरिया के लिए विशेष पैकेज इसके साथ ही सीमावर्ती जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है। पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे जिलों में स्थापित होने वाले उद्योगों को भी 25 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी नीति में कई प्रावधान किए गए हैं। शुरुआती स्टार्टअप के लिए सीड ग्रांट को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा स्टार्टअप के विस्तार के लिए 10 लाख रुपये की दूसरी किस्त का प्राविधान भी किया गया है। मोहाली में इनोवेशन हब स्थापित करने की योजना राज्य सरकार मोहाली में इनोवेशन और स्टार्टअप हब स्थापित करने की योजना बना रही है, जिसे उत्तर भारत की ‘सिलिकॉन वैली’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति में पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया गया है। उद्योगों को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम स्थापित करने के लिए 10 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी और पराली आधारित बॉयलर अपनाने के लिए 7.5 करोड़ रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान किया गया है। उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। आईटी और डेटा सेंटर को औद्योगिक दरों पर बिजली देने के साथ ही ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए 5 रुपये प्रति यूनिट टैरिफ तय किया गया है। 45 कार्य दिवसों के भीतर अनुमतियां देने का लक्ष्य सरकार का कहना है कि इन सुधारों से उद्योगों के लिए लागत कम होगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए फास्ट ट्रैक पोर्टल के जरिए समयबद्ध मंजूरी की व्यवस्था भी की गई है, जिसके तहत 45 कार्य दिवसों के भीतर अनुमतियां देने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का अनुमान है कि नई औद्योगिक नीति के लागू होने के बाद आने वाले वर्षों में पंजाब में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार ने 2026 तक लगभग 75,000 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का लक्ष्य तय किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर नीति का प्रभावी क्रियान्वयन होता है और बिजली, भूमि व लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों का समाधान किया जाता है तो पंजाब में औद्योगिक विकास को नई गति मिल सकती है।

पंजाब में नए सत्र के अप्रैल से ही खुलेंगे स्कूल

लुधियाना. शिक्षा विभाग को निजी स्कूलों की मनमानियों के खिलाफ लिखित आदेश जारी करने पड़ गए। मामला कुछ निजी स्कूलों द्वारा अप्रैल की बजाय मार्च में ही नया सैशन शुरू करने को लेकर जुड़ा है। सी.बी.एस.ई. ने भी जहां स्कूलों को पत्र जारी करने की तैयारी कर ली थी, वहीं जिला शिक्षा विभाग ने सरकार की हिदायतों का हवाला देते हुए सभी निजी स्कूलों चाहे किसी भी बोर्ड से संबंधित हो, को आदेश जारी कर दिया है कि विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं 1 अप्रैल से ही शुरू की जाएं. कोई भी स्कूल मार्च में किसी भी क्लास के विद्यार्थियों को नए सैशन की क्लासों के लिए नहीं बुलाएगा। बता दें कि कई स्कूलों ने 1 अप्रैल से पहले ही सैशन ख़त्म करते हुए नए सैशन की क्लासेज अभी से शुरू कर दी थीं। इस बारे डी.ई.ओ. डिम्पल मदान ने बाकायदा पत्र भी जारी कर दिया है। अब देखना है कि निजी स्कूल डी.ई.ओ. की बात को कितनी गंभीरता से लेते हैं और डी.ई.ओ. अपने आदेश लागू करवाने के लिए क्या कदम उठाएंगी? यही नहीं डी.ई.ओ. की ओर से जारी पत्र में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और अभिभावकों के आर्थिक शोषण को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। आदेश में निजी स्कूल प्रबंधकों द्वारा किताबों और वर्दी के नाम पर की जा रही मनमानी पर नकेल कसने की तैयारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा की आड़ में पब्लिशर्स के साथ मिलकर किए जा रहे 'कमीशन के खेल' को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने जिले के सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-वार किताबों और वर्दी की पूरी सूची अपनी आधिकारिक वैबसाइट के होम पेज पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। स्कूलों को इस आदेश के पालन के लिए केवल 3 दिन का समय दिया गया है। इस सूची में किताबों का शीर्षक (टाइटल), लेखक और प्रकाशक का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए, ताकि अभिभावक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खुले बाजार से सामग्री खरीदने के लिए स्वतंत्र रहें। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित कर दफ्तर को सूचित किया जाए। गैर-जरूरी किताबों का बोझ और अभिभावकों का शोषण विभिन्न स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के अध्यापकों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि निजी स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों पर ऐसी अनेक किताबों का बोझ डाल दिया जाता है, जिनका मुख्य पाठ्यक्रम (सिलेबस) से कोई सीधा संबंध नहीं होता। उदाहरण के तौर पर कई स्कूलों में छठी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस, फाइनैंशियल लिटरेसी, मार्कीटिंग, जनरल नॉलेज और मोरल साइंस जैसी महंगी किताबें अनिवार्य कर दी गई हैं। ये किताबें न केवल विद्यार्थियों के बैग का बोझ बढ़ा रही हैं, बल्कि अभिभावकों की जेब पर भी भारी पड़ रही हैं। अभिभावकों का आरोप है कि जब तक सभी बच्चे किताबें नहीं खरीद लेते, तब तक स्कूलों में इन्हें लाने का दबाव बनाया जाता है लेकिन एक बार बिक्री पूरी होने के बाद पूरे साल इन किताबों से कोई ठोस पढ़ाई नहीं करवाई जाती। वर्दी की मोनोपॉली होगी ख़त्म किताबों के साथ-साथ वर्दी बेचने के मामले में भी स्कूलों और चुनिंदा वैंडर्स की मिलीभगत सामने आती रही है। कई स्कूल हर साल वर्दी के रंग, डिजाइन या लोगो में मामूली बदलाव कर देते हैं जिससे अभिभावक पुरानी वर्दी का उपयोग नहीं कर पाते और उन्हें नए सैट खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसके अलावा स्कूलों द्वारा कुछ खास दुकानों को ही अधिकृत किया जाता है जहां वर्दी और अन्य सहायक सामग्री बाजार दर से कहीं अधिक कीमतों पर बेची जाती है। विभाग के नए आदेशों का उद्देश्य इस प्रकार की व्यापारिक एकाधिकार (मोनोपॉली) को समाप्त करना है। स्कूलों के अंदर काऊंटर लगाकर किताबें बेचने पर विशेष नजर विभागीय आदेशों के बावजूद कई स्कूल परिसरों के अंदर ही निजी काऊंटर लगाकर ऊंचे दामों पर किताबें और वर्दी बेची जा रही हैं। पिछले वर्ष भी इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई थीं, परंतु समय की कमी के कारण ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इस बार शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों पर अपनी पैनी नजर रखी हुई है जो नियमों का उल्लंघन कर स्कूल के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। “अभिभावकों की ओर से किताबों और वर्दी को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं जिसका संज्ञान लेते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं। स्कूलों को तीन दिनों के भीतर अपनी वैबसाइट पर किताबों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना होगा। किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर किसी खास दुकान से सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई स्कूल इन आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”