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सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला, लागत से 4-6 गुना अधिक वसूली पर होंगे टोल निरस्त

गुना सुप्रीम कोर्ट ने लेबड़-जावरा, जावरा-नयागांव टोल रोड पर लागत से कई गुना वसूली संबंधी याचिका को इंदौर हाईकोर्ट के खारिज करने के आदेश को रद्द कर दिया। फिर सुनवाई कर 3 माह में निर्णय करने का आदेश दिया। सभी पक्षों को 18 मार्च को हाईकोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। सीजेआइ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या की खंडपीठ ने पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर ये निर्देश दिए। याचिकाकर्ता ने देवास-भोपाल टोल रोड को भी शामिल करने व जनवरी 2026 तक के टोल संग्रहण, दुर्घटना के आंकड़े, अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की अनुमति का अनुरोध किया। नोएडा ब्रिज पर टोल वसूली रद्द करने के 20 दिसंबर 2024 के आदेश व मंदसौर ब्रिज पर टोल वसूली पर आदेश के प्रकाश में याचिका पर आदेश देने का अनुरोध किया गया। देवास-भोपाल रोड की लागत 345 करोड़, टोल वसूली 2056 करोड़ सकलेचा ने याचिका में कहा, स जनवरी 2026 तक जावरा नयागांव टोल रोड पर लागत 426 करोड़ के स्थान पर 2635 करोड़, लेबड़-जावरा पर 589 करोड़ के स्थान पर 2376 करोड़, देवास-भोपाल टोल पर 345 करोड के स्थान पर 2056 करोड़ टोल वसूला गया है। कंपनी के इंडिपेंडेंट ऑडिटर ने रखरखाव खर्च और ब्याज को फिजिकल रिपोर्ट में खर्च से कई गुना बढ़ाकर बताया। तीनों रोड पर जनवरी 2026 तक 10691 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें 8.314 घायल व 3821 लोगों की मौत हुई। वास्तविक वसूली के अनुसार 2016-17 तक तीनों कंपनियों को लागत रखरखाव ब्याज के बाद 140 करोड़ से 320 करोड़ तक लाभ हो रहा है। फिर भी लेबड़-जावरा रोड पर दिसंबर 2038 तक व जावरा-नयागांव, देवास-भोपाल रोड पर दिसंबर 2033 तक टोल और वसूला जाएगा। टोल रोड के निवेशकों को बनाएं पार्टी शीर्ष कोर्ट ने आदेश दिया, सकलेचा द्वारा इंदौर हाईकोर्ट में अप्रेल 2022 में दाखिल याचिका को फिर सुनकर 3 माह में निर्णय दें। याची से कहा कि वह हाईकोर्ट में 15 दिन में नया आवेदन दाखिल करें। टोल रोड के निवेशकों व जिनके हित प्रभावित हो रहे. उन्हें पार्टी बनाएं। सकलेचा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा आदि तो शासन से एजी प्रशांत सिंह व अन्य पेश हुए।

MP में गर्मी का कहर: नर्मदापुरम में 40.1°C तापमान, हीट स्ट्रोक का खतरा, 15-17 तारीख को बारिश का अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह में ही गर्मी का असर तेजी से बढ़ गया है। कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और कुछ जगहों पर लू जैसी स्थिति बन गई है। शुक्रवार को Narmadapuram प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार दूसरे दिन यहां तीव्र गर्म हवाओं का असर देखा गया। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर फिलहाल बना रह सकता है, हालांकि आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में मौसम बदलने के संकेत भी हैं। तेज गर्मी की वजह से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। इसलिए मौसम विभाग ने अपनी एडवायजरी में इसे लेकर खासतौर पर सलाह दी है। कहा है कि लोग दोपहर में जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले। ठंडे पानी का सेवन करें। घर का तापमान कम रखने के लिए ओवन का उपयोग कम ही करें। बता दें कि मार्च के दूसरे हफ्ते में ही प्रदेश में तेज गर्मी पड़ रही है। पिछले 2 दिन से पारा 40 डिग्री के पार ही है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का असर ज्यादा है। नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म बना हुआ है। शुक्रवार को पचमढ़ी को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा ही रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल में सबसे ज्यादा 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, जबलपुर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.4 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम में 40.1 डिग्री, रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, धार-खजुराहो में 38.9 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री, खरगोन में 38.4 डिग्री, सागर, टीकमगढ़-सिवनी में पारा 38 डिग्री पहुंच गया। एमपी के इन जिलों में भीषण गर्मी -नर्मदापुरम- 40.1 डिग्री -रतलाम- 39.2 डिग्री -मंडला- 39 डिग्री -धार और खजुराहो- 38.9 डिग्री -दमोह- 38.5 डिग्री -खरगोन- 38.4 डिग्री -सागर, टीकमगढ़ और सिवनी- 38 डिग्री कई संभागों में तेज गर्मी राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। Bhopal, Indore, Jabalpur, Ujjain और Gwalior जैसे प्रमुख शहरों में भी दिन का तापमान 36 से 38 डिग्री के बीच पहुंच गया है। गर्मी का असर खासतौर पर ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में ज्यादा देखने को मिल रहा है। पचमढ़ी को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। तीन दिन बारिश का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के कुछ इलाकों में जल्द मौसम बदल सकता है। 15, 16 और 17 मार्च को Gwalior-चंबल, Jabalpur, Rewa और Shahdol संभाग के जिलों में हल्की बारिश या बादल छाने की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। हीट स्ट्रोक से बचने की सलाह बढ़ती गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। एडवायजरी में कहा गया है कि दोपहर के समय बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। लोगों को हल्के कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने और घर के अंदर तापमान कम रखने की सलाह दी गई है। साथ ही जरूरत पड़ने पर ही तेज धूप में बाहर निकलने की बात कही गई है।

एमपी में LPG संकट बढ़ा, रायसेन में चक्काजाम, उज्ज्वला सिलेंडर की बुकिंग में वृद्धि, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग भी बढ़ी

भोपाल  मध्य प्रदेश में LPG संकट गहरा रहा है। 5 दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टॉरेंट को कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। कई होटल में तो 24 से 48 घंटे की गैस ही बची है। ऐसे में ये बंद होने के कगार पर हैं।  रेस्तरां में इलेक्ट्रिक चूल्हे पर जोर कुछ रेस्टोरेंट ने अपने किचन को बिजली के चूल्हे पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। रेलवे ने भोपाल मंडल के रनिंग रूम का किचन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। इस व्यवस्था में लोको पायलट और रनिंग स्टाफ के लोग स्वयं राशन लाकर खाना बना लेते थे। इस बीच, प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को दावा किया कि प्रदेश में घरेलू गैस का कहीं कोई संकट नहीं है, बुकिंग से 24 घंटे में भीतर सिलिंडर मिलेगा। ग्वालियर जिले में उज्जवला योजना में एक लाख 51 हजार 316 गैस कनेक्शन हैं। गैस एजेंसियों के संचालकों के मुताबिक आम दिनों में इस योजना के औसतन 18-20 प्रतिशत हितग्राही ही गैस सिलिंडर की बुकिंग करते थे, लेकिन अब इस योजना के तहत हितग्राहियों की बुकिंग औसतन 40 से 45 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इसके साथ घरेलू सिलेंडर ने भी मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में बुजुर्ग से बच्चे तक सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। कहीं सिलेंडर लेकर घंटों कतार में लगे हैं तो कहीं पुलिस के साये में सिलेंडर बंट रहे हैं। शुक्रवार को भोपाल में गैस एजेंसियों और गोदाम के बाहर पुलिस गाड़ियां घूमती रहीं, ताकि कोई हंगामा न हो। सभी 23 एजेंसियों पर भीड़ रही। दूसरी ओर बुकिंग सर्वर भी ठप है। इस वजह से 7-8 दिन में भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। उज्ज्वला बुकिंग की आड़ में कालाबाजारी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन, सिलिंडर जमा/रेगुलेटर के लिए 1600 रुपये की सहायता और मुफ्त पहला रिफिल एवं चूल्हा मिलता है। रिफिल पर सब्सिडी 300 रुपये प्रति सिलेंडर मिलती है। साल में नौ सिलिंडर इस योजना के तहत सब्सिडी पर दिए जाते हैं। इसका फायदा कालाबाजारियों द्वारा उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। तमाम शहरों में लग रही कतारें भोपाल, इंदौर, जबलपुर में भी उज्ज्वला गैस सिलिंडरों की बुकिंग कराने के मामले बढ़े हैं। प्रदेश के छोटे शहरों-कस्बों पर गैस एजेंसियों के सामने भीड़ बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की नौबत भी आई। विंध्य-महाकोशल के जिलों में एजेंसियों पर अफरा-तफरी की स्थिति है। शहडोल में शुक्रवार को कलेक्टर बंगला से ठीक 100 कदम की दूरी पर स्थित भारत गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही लाइन लगाकर लोग खड़े नजर आए। एजेंसी के सामने सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इंडक्शन की बिक्री तेजी से बढ़ी इंदौर में घरेलू इंडक्शन, इलेक्ट्रिक चूल्हा की मांग बढ़ गई है। इंडक्शन निर्माताओं को भी इतनी मांग का अंदाजा नहीं था। ऐसे में बाजार की मांग को इंडक्शन निर्माता पूरा नहीं कर पा रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में जो बिक्री महीने भर में होती थी, वह अब दो-तीन दिन में हो रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायी भी कमर्शियल इलेक्ट्रिक उपकरण खरीद रहे हैं। इंडक्शन के साथ ही राइस कुकर, इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर और एयर फ्रायर की भी मांग बढ़ी है। होटल व रेस्टोरेंट में पांच-छह किलोवाट इंडक्शन की मांग घरेलू उपयोग वाले इंडक्शन की क्षमता डेढ़ से दो किलोवाट की होती है। होटल व रेस्टोरेंट में 25 से 30 किलो की खाद्य सामग्री एक बार में तैयार की जाती है। ऐसे में यहां पर पांच से छह किलोवाट के कमर्शियल इंडक्शन की मांग बढ़ी है। कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण फूड स्ट्रीट हब के संचालक गैस सिलिंडर के विकल्प के रूप इंडक्शन की तलाश में जुटे है।  

इंदौर-शारजाह फ्लाइट हफ्ते में चार दिन चलेगी, 29 मार्च से तीन दिन रहेगी बंद, खाली दिनों में बैंकॉक की उड़ान संभव

इंदौर इंदौर के देवी अहिल्या बाई होल्कर इंटरनेशलन एयरपोर्ट से संचालित होने वाली एकमात्र इंटरनेशलन फ्लाइट अब सप्ताह में सिर्फ 4 दिन ही संचालित की जाएगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इंदौर से शारजाह के बीच सप्ताह में तीन फेरे कम करने जा रही है। 29 मार्च से यह फ्लाइट सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही संचालित होगी। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इस आधार पर बुकिंग भी शुरू कर दी है। वहीं सूत्रों का कहना है कि खाली समय में इंदौर से बैंकॉक के लिए भी एक फ्लाइट का संचालन हो सकता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिकारियों ने बताया कि 29 मार्च से लागू हो रहे समर शेड्यूल में कंपनी सप्ताह में चार दिन सोम, बुध, शुक्र और रविवार को ही इंदौर से शारजाह के बीच जाने और आने वाली सीधी फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं शेष तीन दिन मंगल, गुरु और शनिवार को इस फ्लाइट का संचालन बंद रहेगा। इस फ्लाइट को 28 अक्टूबर से लागू हुई विंटर शेड्यूल में ही नियमित किया गया था। इससे पहले यह सप्ताह में चार दिन ही संचालित होती थी। नियमित फ्लाइट मिलने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब एक बार फिर सप्ताह में 4 दिन ही उड़ान के संचालन होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही इस फ्लाइट के समय में भी थोड़ा बदलाव किया जा रहा है। मौजूदा समय की अपेक्षा 29 मार्च से यह फ्लाइट 35 से 40 मिनट देरी से चलेगी। कंपनी अधिकारियों और ट्रैवल एजेंट्स ने बताया कि गर्मी के मौसम में यूएई में बहुत तेज गर्मी पड़ती है। इसके कारण यहां घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आ जाती है। इसे देखते हुए गर्मियों के सीजन को यहां पर्यटन की दृष्टि से ऑफ सीजन भी कहा जाता है। अधिकारियों का कहना है कि युद्ध की स्थिति के साथ ही इस बात को भी देखते हुए इस फ्लाइट को नियमित के बजाए सप्ताह में चार दिन संचालित करने का निर्णय लिया गया है। बैंकॉक के लिए विचार कर रही कंपनी ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि कंपनी सप्ताह के जिन तीन दिनों मंगल, गुरु और शनिवार को शारजाह फ्लाइट का संचालन बंद कर रही है, उन दिनों में इंदौर से किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय शहर के लिए फ्लाइट शुरू कर सकती है। इस पर विचार जारी है। संभावना है कि इन दिनों में इंदौर से बैंकॉक के लिए फ्लाइट शुरू की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो यात्रियों को इंदौर से दो अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए सीधी उड़ान की सुविधा मिल जाएगी और थाईलैंड जाने वाले यात्रियों को देश के अन्य शहरों से होकर जाने के बजाए इंदौर से ही सीधी फ्लाइट की सुविधा मिलेगी, जिससे उनका समय और पैसा भी बचेगा। यूद्ध के कारण निरस्त चल रही फ्लाइट उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण 28 फरवरी से इंदौर शारजाह के बीच जाने और आने वाली फ्लाइट बंद है। पहले कंपनी इसे एक-एक दिन के लिए निरस्त कर रही थी। फिर कुछ दिनों पहले इसे 22 मार्च तक के लिए निरस्त करते हुए सिस्टम से हटा दिया गया था। वहीं अब कंपनी ने इसे 28 मार्च तक के लिए निरस्त करते हुए सिस्टम से हटा दिया है। यानी अब 28 मार्च तक जिन लोगों ने इस फ्लाइट में बुकिंग कर रखी थी उन्हें दूसरी उड़ानों का सहारा लेना पड़ेगा। युद्ध के चलते इंदौर से जाने वाले यात्री तो नहीं है, लेकिन वहां से आने वाले यात्रियों के लिए इस फ्लाइट के बंद होने से बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। यह रहेगा फ्लाइट का नया शेड्यूल     इंदौर-शारजाह : यह फ्लाइट सुबह 10.25 इंदौर से निकलकर यूएई के स्थानीय समयानुसार 12.10 बजे वहां पहुंचेगी। सफर 3.15 घंटे का होगा।     शारजाह-इंदौर : शारजाह से यह फ्लाइट यूएई के स्थानीय समयानुसार दोपहर 1.10 बजे निकलेगी और भारतीय समयानुसार शाम 6.10 बजे इंदौर पहुंचेगी। सफर का समय 3.30 घंटे होगा। .

मध्यप्रदेश में डाटा एंट्री ऑपरेटर के 770 पदों पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू

भोपाल बेरोजगार युवाओं के मध्यप्रदेश लैंड रिकार्ड्स मैनेजमेंट सोसाइटी ने डाटा एंट्री आपरेटर के 770 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती में शामिल होने के इच्छुक युवा आवेदन कर सकते हैं। जो उम्मीदवार मध्य प्रदेश राज्य में बतौर डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर नौकरी करना चाहते हैं। उन उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा मौका है। उम्मीदवार MPLRS की आफिशियल वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी कर सकते हैं। इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि तीन अप्रैल निर्धारित की गई है। इसके साथ ही फार्म में सुधार करने के लिए उम्मीदवारों को चार अप्रैल तक का समय दिया गया है। इतनी मिलेगी सैलरीः डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 5,200 रुपये से लेकर 20,200 रुपये प्रदान किए जाएंगे। आवेदन करने के लिए पात्रता मानदंडः इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की हो। इसके अलावा, उम्मीदवारों के पास सीपीसीटी उत्तीर्ण प्रमाण-पत्र होना चाहिए। आयु-सीमाः आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की आयु की गणना 01 जनवरी, 2026 के आधार पर की जाएगी। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में कुछ वर्षों की छूट भी दी जाएगी। पद संबंधित विवरणः डाटा एंट्री आपरेटर के कुल 770 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें जनरल वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 2029 पद, एससी के लिए 123 पद, एसटी के लिए 154 पद, ओबीसी के लिए 208 पद और ईडब्ल्यूएस के लिए कुल 76 पद आरक्षित किए गए हैं। ऐसे करें आवेदनः डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.mponline.gov.in पर जाकर विजिट कर सकते हैं। अब रजिस्ट्रेशन करने के लिए MPLRS Data Entry Operator Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद मांगी गई सभी डिटेल को ध्यान से दर्ज कर लें। इसके बाद दस्तावेजों की स्कैन कॉपी को अपलोड करके अंत में इसका एक प्रिंट आउट निकाल लें।

गर्मी की छुट्टियों में रेलवे की बड़ी सौगात, 1,484 स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू

भोपाल   गर्मी की छुट्टियों का आगाज़ और होली के त्योहार के बाद काम पर लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है। वेटिंग लिस्ट की लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए रेलवे ने देशभर में स्पेशल ट्रेनों के जाल बिछाने और मौजूदा सेवाओं की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। यात्रियों को बड़ी राहत उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने गर्मियों में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं की बढ़ती मांग को देखते हुए तीन जोड़ी प्रमुख स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के मुताबिक, रेवाड़ी-रींगस और जयपुर-भिवानी जैसे व्यस्त रूटों पर अब जुलाई तक ट्रेनें उपलब्ध रहेंगी। विस्तारित ट्रेनों का विवरण:     रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी (09633/34): अब 1 अप्रैल से 29 जून 2026 तक संचालित होगी।     रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी (09637/38): दोनों दिशाओं में 38 अतिरिक्त ट्रिप लगाएगी।     जयपुर–भिवानी–जयपुर (09733/34): इस सेवा को 15 जुलाई 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जिससे कुल 92 नए ट्रिप मिलेंगे। लंबी दूरी के लिए 1,484 समर स्पेशल मध्य रेलवे (Central Railway) ने इस साल के ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए एक विशाल योजना तैयार की है। कुल 1,484 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनमें आरक्षित और अनारक्षित दोनों श्रेणियों का संतुलन रखा गया है:     749 आरक्षित (Reserved) सेवाएं: मध्यम और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए।     735 अनारक्षित (Unreserved) सेवाएं: अचानक यात्रा करने वाले आम यात्रियों के लिए। ये ट्रेनें मुख्य रूप से मुंबई–बलिया, पुणे–कोल्हापुर, नासिक–बडनेरा और सोलापुर–कलबुर्गी जैसे मार्गों पर दबाव कम करेंगी। होली के बाद 'घर वापसी' के लिए विशेष इंतजाम होली मनाकर महानगरों की ओर लौटने वाले कामगारों और छात्रों के लिए हाजीपुर जोन ने विशेष फेरे बढ़ाए हैं। मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि बिहार के विभिन्न जिलों से दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत के लिए विशेष रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। प्रमुख होली स्पेशल ट्रेनें और उनकी नई तिथियां     03697 शेखपुरा–आनंद विहार – 16 से 30 मार्च 2026 – सोम, मंगल, शुक्र, शनि।     03309 धनबाद–दिल्ली स्पेशल – 14 से 28 मार्च 2026 – मंगल और शनिवार।     02397 शेखपुरा–आनंद विहार – 22 और 29 मार्च 2026 – रविवार। इमरजेंसी कोटा और यात्रियों के लिए सलाह रेलवे ने वेटिंग लिस्ट के बीच 'इमरजेंसी कोटा' की व्यवस्था को भी चुस्त-दुरुस्त रखा है, ताकि अत्यंत आवश्यक कारणों से यात्रा करने वालों को अंतिम समय पर बर्थ मिल सके। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि किसी भी भ्रम से बचने के लिए यात्रा से पहले NTES (National Train Enquiry System) या आधिकारिक वेबसाइट पर शेड्यूल और उपलब्धता की पुनः जांच जरूर कर लें।

महिला अधिकारियों का वर्चस्व बढ़ा मोहन सरकार में, अब उन्हें मिल रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार में महिला अफसरों पर भी खासा भरोसा जताया जा रहा है। प्रदेश में उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। प्रशासनिक ढांचे में महिला अफसरों का दबदबा बढ़ रहा है। ये बात ऐसी ही नहीं कही जा रही है बल्कि आंकड़े इसकी गवाही दे रहे है। मध्य प्रदेश राज्य में पहली बार बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारियों को जिलों का दायित्व सौंपा गया है। मध्य  प्रदेश के 55 जिलों में से 17 की कमान महिला IAS अधिकारियों के पास अगर हम वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश के 55 जिलों में 17 जिलों की कमान महिला आईएएस अधिकारियों के पास अगर गौर किया जाए तो पहले कभी भी प्रदेश में ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली है।जब इतने बड़े स्तर पर महिला अफसरो को कमान सौंपी गई हो। स्थिति ये है कि  मोहन यादव सरकार में महिला अधिकारियों पर भरोसा जताकर कई जिलों में उन्हें कलेक्टर के तौर पर भी नियुक्त किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि महिला अधिकारियों पर भरोसा बढ़ा है। बात करें बड़वानी, झाबुआ और डिंडोरी की तो यहां पर लगातार महिला कलेक्टर को जिम्मेवारी सौंपी जा रही है। प्रदेश में महिला कलेक्टरों का बढ़ा दबदवा  मध्य प्रदेश  के खरगोन, बड़वानी, झाबुआ आलीराजपुर ऐसे जिले हैं जो ये मुहर लगा रहे हैं, इंदौर संभाग में महिला अधिकारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उज्जैन संभाग के रतलाम, शाजापुर, आगर मालवा मंदसौर में भी महिला आईएएस अधिकारियों का जलवा है। रीवा, पन्ना, निवाड़ी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, सिवनी जिलों में महिला कलेक्टर अपनी योग्यता का बखूबी प्रदर्शन कर रही है।वहीं उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में कई दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को भी पहली बार कलेक्टर बनने का मौका मिल सकता है। आने वाले समय में 2011 से 2017 बैच तक की महिला अधिकारियों को मौके की उम्मीद बात करें तो वर्ष 2014 बैच की महिला अधिकारियों की संख्या सबसे अधिक है। 2016 बैच की भी कई अधिकारी जिलों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उम्मीद है कि 2011 से 2017 बैच तक की दूसरी महिला आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर बनने का अवसर मिल सकता है। लिहाजा महिला अधिकारियों को मोहन सरकार में काफी महत्व दिया जा रहा है।

MP निगम-मंडल नियुक्ति अपडेट: लिस्ट जल्द जारी, जानें इंतजार की वजह

भोपाल  मध्य प्रदेश में निगम-मंडल की नियुक्तियों की सूची लंबे समय से प्रतीक्षित है, लेकिन अभी तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी न मिलने के कारण फैसला टला हुआ है। प्रदेश के कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता इस सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व ने संभावित नामों की सूची तैयार करके केंद्रीय स्तर पर भेज दी थी, लेकिन दिल्ली में अंतिम स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के जरिए अंतिम निर्णय होना था, लेकिन वैश्विक और राष्ट्रीय घटनाओं के चलते यह बैठक स्थगित हो गई। इससे एमपी निगम-मंडल की सूची जारी करने में और देरी हुई। इस देरी से प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जल्द सूची जारी करने पर टिकी हैं।

84 दिन का ही बचा पानी, नर्मदा लाइन का टी-कनेक्शन पूरा हो तो रोज हो सकेगा जलप्रदाय

उज्जैन  गर्मी की शुरुआत के साथ जलप्रदाय को लेकर शहरवासियों को हमेशा की तरह चिंता सताने लगी है। इसे दूर करने के लिए नगर निगम ने नर्मदा से पानी लेकर सप्लाय की योजना 2023 में बनाई। दो साल में लाइन तो लगभग पूरी डाल दी पर इसे जोड़ने के लिए टी कनेक्शन बाकी रह गया। यह अब तक पूरा नहीं हुआ है। अफसरों का कहना है हरिफाटक से चिंतामण ब्रिज तक फोरलेन निर्माण के चलते पीएचई का फिल्टर प्लांट का हिस्सा भी हटाया जाना था। पर पूरे शहर पर असर होने के चलते बचा लिया गया। इन सबके चलते ही केवल टी कनेक्शन इतने समय तक अटका रहा। अब कनेक्शन हो जाएगा तो शहरवासियों को रोज ही जलप्रदाय किया जा सकेगा। पिछले साल 15 अप्रैल से निगम के पीएचई विभाग ने एक दिन छोड़कर जलप्रदाय शुरू कर दिया था। इससे जून तक बारिश नहीं होने तक लोग रोज ही पानी के लिए जूझते रहे। इस बार क्या होगा… भास्कर टीम ने जनता की समस्या को देखते हुए पड़ताल की। इस बार 10 दिन का पानी ज्यादा : शहर के प्रमुख जलस्रोत गंभीर डेम में पिछले साल 12 मार्च को 70 दिन का पानी शेष था। इस बार 12 मार्च को गंभीर डेम में 84 दिन का पानी है। यानी पिछले साल की तुलना में 10 दिन का पानी ज्यादा है। हालांकि निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस बार नर्मदा का पानी उपलब्ध हो जाएगा। इसलिए फिलहाल एक दिन छोड़कर जलप्रदाय लागू करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। हरिफाटक से चिंतामण ब्रिज तक फोरलेन निर्माण के चलते नहीं हो रहा था काम फिलहाल 931 एमसीएफटी पानी पर गर्मी में वाष्पीकरण और पानी चोरी से होती है दिक्कत वर्तमान में गंभीर में 1031 एमसीएफटी पानी है। इसमें से लगभग 100 एमसीएफटी डेड स्टोरेज को हटा दिया जाए तो जलप्रदाय के लिए करीब 931 एमसीएफटी पानी उपलब्ध रहेगा। शहर में प्रतिदिन करीब 11 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती है, इस हिसाब से लगभग 84 दिन का पानी बचा है। हालांकि गर्मी में वाष्पीकरण और पानी की चोरी के कारण जल प्रदाय में दिक्कत होती है। प्रशासन द्वारा जल अधिनियम 1986 लागू करने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे पानी की चोरी पर नियंत्रण किया जा सके। गऊघाट प्लांट से फिल्टर होकर पानी सीधे घरों तक पहुंच सकेगा, लोगों को मिलेगी राहत पाइपलाइन जुड़ने के बाद गऊघाट स्थित फिल्टर प्लांट में नर्मदा का पानी सीधे पहुंचेगा। करीब 100 से 150 मीटर लंबी 1000 एमएम नर्मदा पाइपलाइन को 800 एमएम गंभीर पाइपलाइन से जोड़ा जा रहा है। यहां से पानी आने के बाद गऊघाट प्लांट से फिल्टर होने के बाद पानी सीधा पाइपलाइन द्वारा रहवासियों के घर में आ सकेगा। अगर गंभीर का पानी में कमी आती है, तो जलप्रदाय के लिए नर्मदा का पानी उपलब्ध हो सकेगा। शहरवासियों को पेयजल को लेकर राहत मिल सकेगी। लोगों को गर्मी में परेशान नहीं होना पड़ेगा। 3 साल से अधूरा प्रोजेक्ट अब जाकर पूरा कर रहे- शहर के लिए राहत की बात यह है कि नर्मदा पाइपलाइन को गंभीर की मुख्य लाइन से जोड़ने का काम लगभग पूरा हो चुका है। केवल टी कनेक्शन बाकी है, जिसे जोड़ने के लिए एक दिन जलप्रदाय बंद करना पड़ेगा। इसी कारण फिलहाल इसे मेंटेनेंस कार्य के साथ जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। वर्ष 2023 में शुरू हुए 1.88 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट को दो माह में पूरा होना था। अब जल्द पूरा करने का अफसरों का दावा है।

जल जीवन मिशन के लिए केंद्र से बड़ी मदद, 4000 करोड़ फंड और कर्ज सीमा में बढ़ोतरी

भोपाल  जल जीवन मिशन में खर्च हुई राशि को देने के केंद्र ने अपनी सहमति दे दी है। मप्र ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को बताया कि वर्ष 2024-25 का 4500 करोड़ और 2025-26 का 5000 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। मप्र ने खुद 9000 करोड़ लगाकर योजना को चालू रखा है। योजना को पूरा करने का वक्त 2028 तय है, लेकिन 2026 में अभी तक मप्र ने 99% काम पूरा कर लिया। पाटिल ने इसकी बधाई दी और राशि देने पर सहमति दे दी। मार्च 2026 से पहले मप्र को जल जीवन मिशन के 4000 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। सीआर पाटिल से मिलने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से मिले। इसमें सीएम ने कहा कि मप्र की औसत ग्रोथ 10% है। वर्ष 2026-27 में जीएसडीपी बढ़कर 18 लाख 48 हजार करोड़ होगा। लिहाजा इसी आधार पर मप्र को बाजार से कर्ज लेने की सीमा तय की जाए। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी इस दौरान सीएम के साथ थे। वित्त का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने सहमति दे दी है। इससे मप्र को कई प्रकार से लाभ मिलेगा। सीएम गुरुवार को 5 मुद्दों को लेकर दिल्ली गए थे। इसमें सिंहस्थ के लिए राशि की मांग करना भी शामिल रहा। निकायों का पैसा मांगा     सीएम ने नगरीय तथा ग्रामीण निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित पूरी राशि को देने की बात रखी। अभी कम पैसा मिला है। निकायों से संबंधित मामले में वित्तीय वर्ष 2023-24 की 512 करोड़ एवं 2025-26 की 1,181 करोड़ की राशि मिलना है।     पंचायती राज मंत्रालय व जल शक्ति मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 के लिए ही 1097 करोड़ जारी करने का अनुरोध है। हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के लिए 4,600 करोड़ के विरूद्ध 3,690 करोड़ ही मिले हैं।