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मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम

भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार मध्यप्रदेश में 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की समय-सारणी निर्धारित की गई है। मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने आयोग के निर्देश अनुसार प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को तदानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख तिथियाँ ▪ 2 नवंबर 2026 तक: मतदान केंद्रों का युक्तिकरण एवं पुनर्व्यवस्थापन ▪ 12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन ▪ 12 नवंबर – 11 दिसंबर 2026: दावे एवं आपत्तियाँ प्रस्तुत करने की अवधि ▪ 28 दिसंबर 2026 तक: दावे एवं आपत्तियों का निराकरण ▪ 4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन इस प्रक्रिया के अंतर्गत मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित समय-सारणी के अनुसार किया जाएगा।  

डायल-112 की तत्परता से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर मिली मदद

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में त्वरित पुलिस सहायता के साथ जरूरतमंदों को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आगर मालवा जिले में सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की एफआरवी तत्काल मौके पर पहुंची, जहां एएसआई श्री विजय बड़गोत्या ने दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने घायल को डायल-112 वाहन से ही शासकीय चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार प्रारंभ किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नलखेड़ा निवासी सुनील स्कूटी से नलखेड़ा से आगर की ओर जा रहे थे। चामड़दा फंटे के पास अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। दुर्घटना में वे स्कूटी सहित सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे और घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 की एफआरवी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। घायल की स्थिति को देखते हुए एएसआई श्री विजय बड़गोत्या ने तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार प्रदान किया। इसके बाद चालक श्री जीवन यादव की सहायता से घायल को डायल-112 वाहन से ही शासकीय चिकित्सालय पहुंचाया। पुलिस टीम द्वारा घायल के परिजनों को भी दुर्घटना की सूचना दी गई। सीपीआर प्रशिक्षण से आपात स्थिति में त्वरित सहायता देने में सक्षम हो रहे पुलिसकर्मी मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों को आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगर मालवा में हुई इस दुर्घटना में एएसआई श्री विजय बड़गोत्या द्वारा प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए घायल को तत्काल सीपीआर देना और डायल-112 के माध्यम से अस्पताल पहुंचाना इसी प्रशिक्षण और तत्परता का प्रत्यक्ष उदाहरण है। मध्यप्रदेश पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सड़क दुर्घटना, स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति अथवा किसी अन्य संकट की स्थिति में नागरिक तत्काल डायल-112 पर सूचना दें।  

सह-चिकित्सीय क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने के लिए आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना आवश्यक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए सह-चिकित्सीय क्षेत्र में दक्ष एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और तकनीकों के अनुरूप युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश में एलाइड एंड हेल्थकेयर पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वल्लभ भवन में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में राष्ट्रीय एलाइड एंड हेल्थकेयर आयोग, भारत सरकार द्वारा जारी अंतरिम दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही करते हुए आयोग द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रमों को मध्यप्रदेश में तत्काल प्रभाव से प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबद्धता एवं प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आयोग द्वारा एलाइड एंड हेल्थकेयर पाठ्यक्रमों के माध्यम से सह-चिकित्सीय क्षेत्र में उन्नयन, आधुनिक तकनीक के विस्तार तथा देशभर में पाठ्यक्रमों में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अंतरिम दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मध्यप्रदेश में इन पाठ्यक्रमों का संचालन निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के मध्य समन्वय के साथ आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में उच्च शिक्षा आयुक्त  प्रबल सिंह, एलाइड काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, एलाइड काउंसिल के सचिव डॉ. शेलोज जोशी सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

नरेला में दशहरा उत्सव की तैयारियों का मंत्री श्री सारंग ने लिया जायजा

भोपाल  सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को नरेला विधानसभा क्षेत्र के समस्त दशहरा मैदानों का निरीक्षण कर उत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने और आयोजन स्थलों पर नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि दशहरा सत्य की असत्य पर विजय और धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक पर्व है। नरेला विधानसभा में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दशहरा उत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस पर्व को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह है और बड़ी संख्या में नागरिक उत्सव के साक्षी बनेंगे। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के अधिकारी आयोजन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियों में जुटे हैं। नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मंत्री श्री सारंग ने दशहरा मैदानों में पर्याप्त बैठक व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थलों पर भीड़ के बेहतर प्रबंधन के साथ नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा सेवाओं और अग्निशमन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आगामी 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व के आयोजन को लेकर सभी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं, ताकि क्षेत्रवासी परिवार सहित उत्सव में शामिल होकर पर्व की खुशियां साझा कर सकें। प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वय से सभी दशहरा मैदानों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

ह्यूमन रंगोली अन्तर्गत महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता मुखी की विशाल प्रतिकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान अन्तर्गत निर्मित रंगोली की सराहना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूर्ण होने पर श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाना अद्भुत और प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत नारी शक्ति की यह अनूठी पहल वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को श्योपुर जिले के कूनों में चीता पुर्नस्‍थापना प्रोजेक्‍ट की शुरूआत की थी। कूनों में चीतों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। मप्र अब चीता स्‍टेट भी बन गया है। प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान अन्तर्गत शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेगदा स्थित क्रीडा परिसर में ह्युमन रंगोली के माध्यम से भारत में जन्मी मादा चीता ‘‘मुखी’’ की भव्य एवं आकर्षक विशाल प्रतिकृति बनाई गई। क्रियेटिव श्योपुर अंतर्गत बनाई गई इस ह्युमन रंगोली में महिला बाल विकास विभाग एवं एनआरएलएम से जुडी एक हजार से अधिक महिलाओं तथा कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं द्वारा चीते के मुख रंग आधारित परिधान पहनकर यह विशाल ह्यूमन रंगोली बनाई गई है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को महिला शक्ति, एकजुटता और वन्य जीव संरक्षण के संदेश से विशेष रूप से जोडा है। 'मुखी' के बारे में मादा चीता ‘‘मुखी’’ का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। मुखी के नाम यह इतिहास दर्ज है कि 70 साल बाद भारत की धरती पर जन्म लेने वाली वह पहली चीता है, इसलिए चीता मुखी भारत में जन्मे पहली चीता पीढ़ी की खास पहचान है। नवंबर 2025 में मादा चीता 'मुखी' ने पांच शावकों को जन्म दिया। यह भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। मादा चीता मुखी तीन साल की आयु पूर्ण कर चुकी है।  

ह्यूमन रंगोली अन्तर्गत महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता मुखी की विशाल प्रतिकृति

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूर्ण होने पर श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाना अद्भुत और प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'एक्स' पर कहा कि सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत नारी शक्ति की यह अनूठी पहल वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आइए, हम सभी प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 17 सितम्बर 2022 को श्योपुर जिले के कूनों में चीता पुर्नस्‍थापना प्रोजेक्‍ट की शुरूआत की थी। कूनों में चीतों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। मप्र अब चीता स्‍टेट भी बन गया है। प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान अन्तर्गत शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेगदा स्थित क्रीडा परिसर में ह्युमन रंगोली के माध्यम से भारत में जन्मी मादा चीता ‘‘मुखी’’ की भव्य एवं आकर्षक विशाल प्रतिकृति बनाई गई। क्रियेटिव श्योपुर अंतर्गत बनाई गई इस ह्युमन रंगोली में महिला बाल विकास विभाग एवं एनआरएलएम से जुडी एक हजार से अधिक महिलाओं तथा कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं द्वारा चीते के मुख रंग आधारित परिधान पहनकर यह विशाल ह्यूमन रंगोली बनाई गई है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं की सामूहिक सहभागिता ने इस आयोजन को महिला शक्ति, एकजुटता और वन्य जीव संरक्षण के संदेश से विशेष रूप से जोडा है। 'मुखी' के बारे में मादा चीता ‘‘मुखी’’ का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। मुखी के नाम यह इतिहास दर्ज है कि 70 साल बाद भारत की धरती पर जन्म लेने वाली वह पहली चीता है, इसलिए चीता मुखी भारत में जन्मे पहली चीता पीढ़ी की खास पहचान है। नवंबर 2025 में मादा चीता 'मुखी' ने पांच शावकों को जन्म दिया। यह भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी। मादा चीता मुखी तीन साल की आयु पूर्ण कर चुकी है।  

उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण दिलाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम समाधान कार्यक्रम में विभिन्न शिकायतकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें। शिकायतों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समाधान कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना, आवास योजना के बिलों में गड़बड़ी, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना तथा नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी डीपीओ  ओ.पी. पांडे को संबंधित प्रकरण में कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  अमर दाहिया को नल-जल योजना से संबंधित प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए कहा। ऊर्जा विभाग के उप महाप्रबंधक  रघुवीर सिंह को शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होने पर लघु शास्ति अधिरोपित करने के निर्देश दिए। नगर निगम आयुक्त  सत्येन्द्र धाकरे को नगरीय निकायों से संबंधित प्रकरणों का अभिलेख तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा आमजन से जुड़े मूलभूत विषयों और शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान कर दिया जाए, तो शिकायतों की संख्या में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के कार्यों की निगरानी की जाती है और प्रस्तुत प्रतिवेदनों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता के हित में कार्य करना तथा उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो और प्रत्येक शिकायत का निराकरण संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए। जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मुरैना कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कृषि एवं पशुपालन, सहकारिता, पर्यटन, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा जनसमस्याओं के निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह समिति जिले के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। जनप्रतिनिधि जिले की आवश्यकताओं, समस्याओं, संभावनाओं और विकास से संबंधित अपने सुझाव समिति के माध्यम से प्रस्तुत करें, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले को विकास का एक आदर्श मॉडल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विकास कार्यों की समीक्षा करें, स्थानीय समस्याओं एवं कठिनाइयों को समझें तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और जनहित में नवाचार करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ आमजन तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को दें प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना जिले में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित उद्योगों से उनकी मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी पहले ही प्राप्त कर ली जाए और उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि इकाइयों में उत्पादन प्रारंभ होने के साथ ही प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लास विनिर्माण इकाई का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्रकार की बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करती हैं। ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पराली से औद्योगिक उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि अपशिष्ट का उपयोग कर नए उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी आग्रह किया कि वे नवाचार करने वाले उद्यमियों का उत्साहवर्धन करें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुरैना में फूड पार्क विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा किसानों के उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध संभावनाओं के अनुरूप किया जाना चाहिए, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके। दुग्ध उत्पादन, पशुपालन एवं सहकारिता को मिले प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और कृषि को प्रोत्साहित करते हुए किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। इसके लिए सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा छोटे दुग्ध उत्पादकों को संगठित रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गांवों में दुग्ध उत्पादकों को सहकारी समितियों के माध्यम से जोड़ने से दूध का संग्रहण एवं विपणन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे छोटे पशुपालकों को बाजार उपलब्ध होगा और उनकी आय बढ़ाने के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृंदावन ग्राम की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि देशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वृंदावन ग्राम के माध्यम से गौपालन, दुग्ध उत्पादन और सहकारी गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर गांवों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत गोशाला में 500 गायों के रखरखाव की परिकल्पना है। गायों के पालन-पोषण के लिए प्रति गाय प्रतिदिन 40 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने गोशालाओं के संचालन एवं प्रबंधन की व्यवस्था की समीक्षा करने तथा प्रत्येक जिले में इनकी स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। साथ ही पशुओं की नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और बेहतर नस्लों के संवर्धन के माध्यम … Read more

नगरीय विकास के साथ जल संरक्षण एवं उपचारित जल के पुनः उपयोग पर होगा वृहद मंथन

भोपाल  मध्यप्रदेश में सुनियोजित नगरीय विकास की नवीन संभावनाओं, निवेश प्रोत्साहन तथा आधुनिक शहरी अधोसंरचना को गति देने के उद्देश्य से आगामी 28 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय 'अर्बन कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया जाएगा। कॉनक्लेव में प्रदेश के भावी शहरों की प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं, डिजिटल गवर्नेंस, ग्रीन सिटी अवधारणा तथा पर्यावरण-अनुकूल सतत् विकास जैसे विषयों पर विषय-विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं द्वारा गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में जल राशि के सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक प्रबंधन तथा प्रयुक्त जल के पुनः चक्रण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉन्क्लेव में उपचारित प्रयुक्त जल पुनर्चक्रण विजन पर भी चर्चा होगी ।इसका मुख्य ध्येय उपचारित जल का सुरक्षित एवं व्यापक उपयोग सुनिश्चित कर प्राकृतिक व ताजे जल स्रोतों पर बढ़ती निर्भरता को कम करना तथा जल संरक्षण को नगरीय विकास की मुख्यधारा का अनिवार्य अंग बनाना है। इसके अंतर्गत औद्योगिक इकाइयों, निर्माण कार्यों, कृषि एवं उद्यानों की सिंचाई सहित विभिन्न गैर-पेयजल आवश्यकताओं में उपचारित जल के उपयोग को प्राथमिकता देने और प्रोत्साहित करने के सुदृढ़ प्रावधान जैसे विषयों पर भी मंथन होगा। अर्बन कॉन्क्लेव-2026 में सहभागिता हेतु इच्छुक प्रतिभागी, निवेशक, विषय-विशेषज्ञ, उद्यमी एवं युवा आधिकारिक पोर्टल https://ugconclave.mp.gov.in/ पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन (Registration) करा सकते हैं।  

विगत 10 दिनों में विभिन्न जिलों में वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा चोरी गए वाहनों की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत 10 दिनों में विभिन्न जिलों में पुलिस ने सक्रिय वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए 127 चोरी की गई मोटरसाइकिलें एवं 01 ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त की हैं। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर सूचना एवं संदिग्धों की सतत निगरानी के आधार पर की गई इन कार्रवाइयों में वाहन चोरी की अनेक वारदातों का खुलासा कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। खंडवा में अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा, 68 मोटरसाइकिलें जब्त खंडवा पुलिस ने मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से मोटरसाइकिल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर 61 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। तकनीकी साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मिले सुरागों के आधार पर की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी चोरी के वाहनों को जंगल एवं सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते थे तथा बाद में उन्हें मोटरसाइकिल, स्क्रैप अथवा पार्ट्स के रूप में बेच देते थे। एक अन्य कार्यवाही में थाना मांधाता पुलिस ने एक वाहन चोर को गिरफ्तार कर 7 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख 10 हजार रुपये है। इस प्रकार खंडवा जिले में दोनों कार्रवाइयों में कुल 68 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। गुना- तीन आरोपी गिरफ्तार, 20 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त जिले के राघौगढ़ थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 चोरी की गई मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये है। शिवपुरी- 10 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त शिवपुरी के कोतवाली थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। इन वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 7 लाख रुपये है।  रतलाम- 6 मोटरसाइकिलें जब्त जिले के ताल थाना पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल का उपयोग कर अवैध जहरीली शराब की तस्करी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चोर गिरोह से 6 मोटरसाइकिलें जब्त की है। अन्य जिलों में भी वाहन चोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई वाहन चोरी के विरुद्ध कार्यवाही कर उज्जैन में 5 मोटरसाइकिलें एवं 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, छतरपुर में 5 मोटरसाइकिले, भोपाल में 4 मोटरसाइकिले, सिवनी में 4 मोटरसाइकिले, ग्वालियर में 2 मोटरसाइकिले तथा अशोकनगर, दतिया एवं खरगोन में 1-1 मोटरसाइकिल जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज एवं मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न जिलों में की गई इन कार्रवाइयों से वाहन चोरी में संलिप्त आरोपियों की पहचान करने, गिरोहों की गतिविधियों का पता लगाने तथा चोरी गए वाहनों की बरामदगी में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वाहन चोरी एवं अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम तथा इनमें संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी है।  

राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज शुक्रवार को प्रात: ओबीसी महासभा के प्रतिनिधि मंडलों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। न्याय संगत और तार्किक व्यवस्था के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी उद्देश्य से ओबीसी आरक्षण के विषय पर सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई और ओबीसी के सभी संगठनों से वार्ता कर मजबूती के साथ उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखा गया था। राज्य सरकार इस विषय को टालने की दृष्टि से नहीं अपितु उसका समुचित हल निकालने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण पर राज्य सरकार की नीति और नीयत स्पष्ट है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ओबीसी आरक्षण के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले का बिंदुवार अध्ययन कर सर्वोच्च न्यायालय के सम्मुख राज्य सरकार की ओर से मजबूती से अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इस क्रम में आज सायं महाधिवक्ता कार्यालय मध्‍यप्रदेश द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी (स्पेशल लीव पिटीशन), स्टेट ऑफ एम.पी. वर्सेस आशिता दुबे एवं अन्य दायर कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतिनिधि मंडलों ने म.प्र. में ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण पर उच्च न्यायालय के 9 अक्टूबर 2026 के निर्णय के संबंध में अद्यतन आंकड़ों के आधार पर संवैधानिक समाधान करने तथा ओबीसी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के संबंध में ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ओबीसी महासभा दिल्ली ने एडवोकेट  वैभव सिंह, इंजीनियर  महेंद्र सिंह लोधी के नेतृत्व में तथा ओबीसी महासभा ग्वालियर ने महासभा के संस्थापक  विजय कुमार, प्रदेश प्रभारी  जीतू लोधी और प्रदेशाध्यक्ष  गिरिराज धाकड़ के नेतृत्व में अपने-अपने पक्ष रखे।