samacharsecretary.com

IAS पुलकित गर्ग का अनोखा कदम: बेटी को आंगनबाड़ी में कराया एडमिशन, फैसले पर हो रही चर्चा

चित्रकूट  चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग इन दिनों एक खास फैसले को लेकर चर्चा में हैं. जहां आमतौर पर सक्षम परिवार अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट प्ले स्कूलों में दाखिला दिलाना पसंद करते हैं, वहीं IAS अधिकारी पुलकित गर्ग ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी सिया का एडमिशन सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर मिसाल पेश की है. उनके इस कदम को सरकारी शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है. पुलकित गर्ग की बतौर जिलाधिकारी पहली तैनाती चित्रकूट में हुई है. पद संभालने के कुछ समय बाद जब उनकी बेटी के प्ले स्कूल में एडमिशन की बारी आई, तो उन्होंने इसे औपचारिकता की तरह नहीं लिया, बल्कि एक जागरूक अभिभावक की तरह विकल्पों की गंभीरता से पड़ताल की. उन्होंने और उनकी पत्नी ने जिले के कई निजी प्ले स्कूलों के साथ-साथ कई आंगनबाड़ी केंद्रों का भी दौरा किया. सुविधाएं, वातावरण, बच्चों की गतिविधियां और शिक्षण व्यवस्था देखने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र को सबसे उपयुक्त पाया. जिस आंगनबाड़ी केंद्र में बेटी सिया का दाखिला कराया गया है, वहां करीब 35 बच्चे पंजीकृत हैं. सिया भी अन्य बच्चों की तरह उनके साथ बैठकर एक्टिविटीज में भाग लेती है, पढ़ाई करती है और मध्याह्न भोजन के समय सबके साथ जमीन पर बैठकर खाना खाती है. केंद्र में बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का माहौल तैयार किया गया है. रंगीन दीवारें, तस्वीरें, खिलौने, एजुकेशन किट, एबीसी और नंबर चार्ट जैसे साधन हैं, जो प्राइमरी एजुकेशन को रोचक बनाते हैं. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा की मजबूती बड़ी बिल्डिंग्स या हाई फीस से नहीं, बल्कि सही माहौल, देखभाल और एक्टिविटी से आती है. उन्होंने कहा कि प्ले स्कूल या प्री-स्कूल स्तर की शिक्षा बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.  आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण और शिक्षण सामग्री पर लगातार काम किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं को यह तय शेड्यूल दिया जाता है कि बच्चों को रोज क्या और कैसे सिखाना है- जैसे कहानियां, भावगीत, खेल गतिविधियां और बुनियादी सीख. आईएएस पुलकित गर्ग ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियमित ट्रेनिंग भी कराई जा रही है, ताकि बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और पोषण मिल सके. छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास पर यहां विशेष ध्यान दिया जाता है. उनका कहना है कि अभिभावकों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भरोसा करना चाहिए और छोटे बच्चों को वहां जरूर भेजना चाहिए. आईएएस अधिकारी के इस फैसले का एक प्रशासनिक संदेश भी माना जा रहा है. यदि व्यवस्थाएं मजबूत हों तो अधिकारी खुद भी उन पर भरोसा दिखा सकते हैं. पुलकित गर्ग ने कहा कि उनका लक्ष्य जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करना है. जहां जरूरत होगी वहां मरम्मत, नवीनीकरण और संसाधन बढ़ाने का काम किया जाएगा. स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने इस कदम की सराहना की है. उनका कहना है कि जब जिले के शीर्ष अधिकारी खुद अपने बच्चे को आंगनबाड़ी भेजते हैं तो इससे व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है.

होली के मौके पर भोपाल-रीवा रूट पर चलेंगी 6 स्पेशल ट्रेनें, कंफर्म टिकट के लिए देखें शेड्यूल

भोपाल   होली त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे रानी कमलापति और भोपाल से रीवा के लिए कुल चार जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इसके अलावा रानी कमलापति दानापुर के बीच भी द्वि-साप्ताहिक होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इन ट्रेनों से सतना, कटनी, सागर, बीना सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि इस ट्रेन के स्टापेज की मांग लंबे समय से चल रही थी, जो अब मंजूर हो गई है। भोपाल–रीवा के बीच भी चलेगी स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 01704 गुरुवार 5 मार्च को सुबह 10:30 बजे भोपाल से चलकर रात 8:45 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01703 उसी दिन रात 10:20 बजे रीवा से रवाना होकर अगले दिन सुबह 9:05 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव भी सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा में रहेगा। चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें रीवा–रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल (01-01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02192 शनिवार 28 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे रीवा से रवाना होकर रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02191 उसी दिन रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर अगले दिन सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। रीवा–रानी कमलापति द्वि-साप्ताहिक स्पेशल (02-02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02186, 2 और 3 मार्च को दोपहर 12:30 बजे रीवा से प्रस्थान करेगी और रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02185 रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। इन दोनों ट्रेनों का ठहराव सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा स्टेशनों पर रहेगा। इन स्टेशनों में मिलेगा स्टॉपेज नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर और आरा में रहेगा।

MP Board Exam में ड्यूटी से इनकार करने पर शिक्षक और कर्मचारियों पर हो सकती है कार्रवाई

ग्वालियर  माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने वाली है। परीक्षा में जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है, यदि वे ड्यूटी से इनकार करते हैं या अपनी ड्यूटी वाली जगह पर उपस्थिति नहीं होते हैं तो वे कार्रवाई के दायरे में आएंगे। इस संबंध में बोर्ड ने परीक्षा गाइडलाइन जारी करते समय ही एक पत्र जारी कर परीक्षा ड्यूटी में शामिल सभी शिक्षकों व कर्मचारियों की सेवा को आवश्यक सेवा के दायरे में ला दिया था। यानी ड्यूटी लगने के बाद इनकार करने या ड्यूटी वाली जगह न पहुंचने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवा घोषित राज्यपाल के गजट नोटिफिकेशन और बोर्ड के आदेशों के क्रम में जिले में भी परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवाओं के दायरे में लाया गया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस अवधि के दौरान परीक्षा कार्य से जुड़े किसी भी कर्मचारी की भूमिका को अनिवार्य माना जाएगा। बहानेबाजी नहीं चलेगी शिक्षक स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों का हवाला देकर परीक्षा ड्यूटी से नाम कटवाते हैं या मौके पर नहीं पहुंचते। लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, बल्कि उन्हें प्रमाण देना पड़ेगा। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।  

एमएसएमई का विस्तार अब ग्राम पंचायतों तक, मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा कदम

भोपाल  मध्य प्रदेश में बड़े शहरों व कस्बों के बाद अब राज्य सरकार ग्राम पंचायत स्तर तक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों का विस्तार करेगी। एमएसएमई विभाग इसकी विस्तृत कार्ययोजना बना रहा है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के माध्यम से ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और ग्राम स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए पहले जिलों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन कर प्रयोग किया जाएगा। ऐसी ग्राम पंचायतें चिह्नित की जाएंगी जहां सड़क, बिजली, पानी और उद्योग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। रियायती दरों पर निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। भोपाल से लगी ग्राम पंचायतों को किया जा रहा चिह्नित बता दें, इंदौर के आसपास की ग्राम पंचायतों में पहले से 308 उद्योग स्थापित हैं। यहां 90.41 करोड़ रुपये पूंजीगत निवेश हुआ है और इससे 1954 लोग रोजगार पा रहे हैं। भोपाल से लगी ग्राम पंचायतों को भी चिह्नित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इनमें क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के संतुलित विकास के लिए योजनाबद्ध हस्तक्षेप आवश्यक है। जिससे विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के बीच न्यायसंगत अवसर सुनिश्चित किया जा सके। इसमें छोटे उद्यमों के लिए वित्तीय क्रेडिट को सरल बनाया जाएगा। नए उद्यमों के लिए बाजार में प्रवेश की बाधाओं का सरलीकरण किया जाएगा। एमएसएमई ऋण मूल्यांकन -कैश फ्लो आधारित जोखिम मूल्यांकन को अपनाना, वित्तीय माड्यूल को प्रशिक्षण में एकीकृत करना, सूचना विषमता को दूर करना और श्रमिक अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में काम किया जाएगा।  

एमपी में क्यूआर कोड से ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से मिलेगा सुरक्षा, जानें कैसे करेगा कार्य

भोपाल  मध्य प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश पुलिस एक नई और प्रभावी पहल करने जा रही है। ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे मामलों से आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से क्यूआर कोड आधारित जागरूकता व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही साइबर अपराध से बचाव से जुड़ी आवश्यक और प्रमाणिक जानकारी सीधे मोबाइल फोन पर उपलब्ध हो जाएगी। मध्य प्रदेश पुलिस साइबर विशेषज्ञों के सहयोग से इस नवाचार को अंतिम रूप दे रही है। योजना के तहत भोपाल सहित पूरे प्रदेश के भीड़भाड़ वाले स्थानों, प्रमुख बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी एवं निजी कार्यालयों तथा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर ये क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो मार्च 2026 से प्रदेशवासियों को यह सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी।  इस परियोजना पर साइबर पुलिस के नेतृत्व में तेजी से काम चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आज के डिजिटल युग में अपराधी नये-नये हथकंडे अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। ऐसे में तकनीक के जरिए लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। यह क्यूआर कोड न सिर्फ जानकारी देगा, बल्कि सही समय पर सही कदम उठाने में भी मदद करेगा। सभी प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे क्यूआर कोड सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी संस्थानों में भी प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाने की तैयारी है। इसके साथ-साथ इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका उपयोग कर सकें। पुलिस अधीक्षक (साइबर) प्रणय नागवंशी ने बताया कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। साइबर मुख्यालय समय-समय पर एडवाइजरी जारी करता है और अब क्यूआर कोड के माध्यम से यह जानकारी और अधिक सुलभ हो जाएगी। क्यूआर कोड से मिलने वाले प्रमुख लाभ क्यूआर कोड स्कैन करने पर यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि साइबर अपराध से बचने के लिए क्या करें और किन बातों से बचें। आमतौर पर पूछे जाने वाले सवालों के सरल उत्तर भी उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime-gov-in) का सीधा लिंक दिया जाएगा, जिससे पीड़ित तुरंत शिकायत दर्ज कर सकेंगे। ठगी के अलावा फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग से जुड़ी सावधानियों की जानकारी भी मिलेगी। साथ ही, फर्जी कॉल, नकली नोटिस और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धोखाधड़ी से बचने के जरूरी उपाय भी बताए जाएंगे। 

बिजली कंपनी का बड़ा ऐलान, एमपी के 15 जिलों को 1500 करोड़ की छूट और स्मार्ट मीटर के फायदे बताए जाएंगे

भोपाल   राज्य शासन के निर्देश पर पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी इंदौर सहित सभी 15 जिलों में 9 से 23 फरवरी तक स्मार्ट मीटर पखवाड़ा मनाएगी। इस दौरान उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे, त्रुटिरहित व त्वरित बिजली बिल सेवा, ऊर्जस ऐप पर स्मार्ट मीटर की लाइव जानकारी, गैर घरेलू उपभोक्ताओं को पॉवर फैक्टर की छूट, सौर ऊर्जा गणना के लिए स्मार्ट मीटर से मीटर राशि की बचत और दिन में बिजली खपत के लिए टीओडी गणना इत्यादि लाभों को बताया जाएगा। स्मार्ट मीटर के फायदे बताए जाएंगे उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के साथ ही लगाए गए चेक मीटर संबंधित रिपोर्ट की जानकारी दी जाएगी, जिसमें दोनों ही मीटरों में खपत का स्तर समान दर्ज हुआ है। पखवाड़े के दौरान पश्चिम क्षेत्र कंपनी की ओर से शिविर, कार्यशालाएं, शिकायत निवारण, तकनीकी जानकारी प्रदान करने के लिए विशेष सत्र, प्रदर्शनी इत्यादि के आयोजन होंगे। इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य आम लोगों को स्मार्ट मीटर के फायदे बताने, भ्रम दूर करने एवं उपभोक्ताओं बिजली की संतुष्टि को लेकर रचनात्मक प्रयास है। 1500 करोड़ की छूट मिलेगी बिजली वितरण कंपनी औद्योगिक, उच्चदाब उपभोक्ताओं को नियमानुसार प्रति माह, प्रति बिल निर्धारित छूट (रिबेट) प्रदान कर रही है। पिछले बारह माह के दौरान नए कनेक्शनों पर छूट, कैप्टिव छूट, इंक्रीमेंटल छूट, टीओडी छूट, पॉवर फैक्टर छूट, सब्सिडी, प्रॉम्प्ट पैमेंट, ग्रीन फील्ड छूट मिलाकर कुल 1500 करोड़ रुपए की छूट प्रदान की गई है ताकि उद्योगों को गति मिले, रोजगार, विकास के अवसर में पर्याप्त वृद्धि हो।

पीएमएफएमई योजना: प्रदेश के युवा विभिन्न उद्योग स्थापित कर बना रहे हैं अपनी पहचान

पीएमएफएमई योजना प्रदेश के युवा विभिन्न उद्योग स्थापित कर बना रहे हैं अपनी पहचान सरकारी योजना, तकनीकी मार्गदर्शन एवं ईच्छाशक्ति युवाओं के सपने साकार करने में सहायक भोपाल  केन्द्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म, खाद्य, उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी  अभिषेक जायसवाल ने उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की है। यह प्रदेश के युवाओं एवं किसानों को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य उद्यमिता को बढ़ावा देना और युवाओं को आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में इस योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शासन द्वारा विभागीय मार्गदर्शन, तकनीकी सहायता एवं वित्तीय सहयोग के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापना हेतु प्रेरित किया जा रहा है, जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकें। यूनिट स्थापना से मिली नई पहचान बुरहानपुर जिले के युवा उद्यमी अभिषेक जायसवाल एक शिक्षित युवा हैं, जिन्होंने एग्रीकल्चर बीएससी तथा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट में एमबीए की पढ़ाई की है। शुरू से ही कृषि से जुड़े परिवार से होने के कारण अभिषेक की कृषि से संबंधित कार्य को आगे बढ़ाने में रूचि थी। उद्यानिकी विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना द्वारा अभिषेक ने डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना कर मात्र 4 माह में ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। पीएमएफएमई योजना से मिला संबल अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि उद्यानिकी विभाग के माध्यम से उन्हें पीएमएफएमई योजना की जानकारी प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत करने का निर्णय लिया। योजना में उन्होंने बैंक से प्राप्त सहायता राशि के माध्यम से माह अक्टूबर 2025 में डिहाइड्रेट यूनिट की स्थापना की। इस यूनिट में मुख्य रूप से प्याज, केला के डिहाइड्रेट उत्पादों को तैयार करते हैं। क्या है डिहाइड्रेट यूनिट डिहाइड्रेशन यूनिट एक ऐसी प्रसंस्करण इकाई है, जिसमें फल एवं सब्जियों जैसे प्याज, केला, हल्दी तथा पत्तेदार सब्जियों से कम तापमान पर नमी हटाकर उन्हें सुखाया जाता है। यह प्रक्रिया जल्दी खराब होने वाली खाद्य सामग्री को लंबे समय तक सुरक्षित रखती है और उन्हें फ्लेक्स, चिप्स अथवा पाउडर के रूप में उपयोग योग्य बनाती है। डिहाइड्रेशन के कारण उत्पाद लम्बे समय तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे भंडारण एवं परिवहन आसान और कम खर्चीला हो जाता है। सही तकनीक से सुखाने पर उत्पाद का रंग, स्वाद एवं पोषण तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं, जिससे ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य उत्पाद उपलब्ध होते हैं। प्रक्रिया अभिषेक जायसवाल बताते हैं कि यूनिट में प्याज को डिहाइड्रेट करने के लिए पहले उसका छिलका हटाकर अच्छे से साफ कर कटर मशीन से 1 एमएम स्लाइस बनाए जाते हैं। इन स्लाइसों को क्रेट में भरकर इलेक्ट्रॉनिक ड्रायर में निर्धारित तापमान पर लगभग 10 घंटे रखा जाता है, जिससे डिहाइड्रेटेड उत्पाद तैयार होता है। पाउडर बनाने के लिए स्लाइस को पल्वराइज़र मशीन में पीसकर पाउडर तैयार किया जाता है और वाइब्रो फिल्टर से छाना जाता है। वहीं केले को डिहाइड्रेट करने के लिए करीबन 60 डिग्री तापमान पर लगभग 8 घंटे तक ड्रायर में रखा जाता है। इसी प्रकार हल्दी, मैथी एवं अन्य उत्पादों के लिए भी लगभग समान प्रक्रिया अपनाई जाती है। रोजगार के अवसर भी हुए सृजित यूनिट में वर्तमान में 5 से 6 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल अभिषेक का व्यवसाय आगे बढ़ रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। मांग और बिक्री से बढ़ रही आय अभिषेक जायसवाल यूनिट में प्रतिमाह लगभग 5-6 क्विंटल उत्पादन की बिक्री कर लेते हैं, जिससे उन्हें लगभग 50 से 60 हजार रुपये शुद्ध आय प्रति माह का मुनाफा हो जाता है। अभिषेक जायसवाल बताते है कि, उत्पादों की पैकेजिंग 30 एवं 50 किलो के पैकेट्स में की जाती है। इसके लिए पैकिंग बैग में सामग्री भरकर पैकेजिंग मशीन से सील कर ग्राहकों तक पहुँचाया जाता है। ग्राहकों द्वारा इन डिहाइड्रेट उत्पादों को पसंद किया जा रहा है। नियमित ग्राहक के साथ-साथ मांग अनुसार पैकेट्स भी तैयार किए जाते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ने की तैयारी अभिषेक के उत्पादों की बिक्री बुरहानपुर जिले के साथ-साथ इंदौर, मुंबई सहित अन्य शहरों में भी हो रही है। आने वाले समय में वे अपने उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी विक्रय करने की तैयारी कर रहे हैं। योजना बनी आत्मनिर्भरता की राह प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से सही मार्गदर्शन, योजना का लाभ और ईच्छाशक्ति के बल पर युवा न केवल स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर बना रहे है।  

एमपी ट्रांसको द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण और प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन

एमपी ट्रांसको में स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के आष्टा 132 केवी सबस्टेशन, सतवास में क्लस्टर (कन्नौद, खातेगांव एवं सतवास उपकेंद्र) के अंतर्गत कार्यरत सभी नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर कार्यपालन अभियंता  योगेन्द्र चहार के विशेष प्रयासों से आयोजित किया गया। शिविर में सतवास के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राहुल ने कर्मचारियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) सहित प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की। उन्होंने सीपीआर देने की परिस्थितियों, उसकी सही विधि एवं इसके व्यावहारिक महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़ी इस उपयोगी जानकारी से सभी उपस्थित कर्मचारी लाभान्वित हुए। एमपी ट्रांसको की सतत मुहिम के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सक्षम बनाना।  

खजुराहो में होगा कन्या विवाह महोत्सव, 300 जोड़ों का ब्याह—नेपाल की युवती भी होगी दुल्हन

खजुराहो  छतरपुर के बागेश्वर धाम में हर वर्ष की तरह इस साल भी बहुत ही शानदार कन्या विवाह महोत्सव आयोजित होने जा रहा है. इस बार का महोत्सव काफी खास होने वाला है, क्योंकि यह महोत्सव सिर्फ राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय हो गया है. नेपाल की भी एक बेटी की शादी धाम में होगी.  इस मौके पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधु को लहंगा, चुनरी, शेरवानी, टोपी, वरमाला आदि सामग्री दी. खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का सामान दी जयेगा।  बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। 30,000 रुपये की जॉइंट एफडी बाबा बागेश्वर ने सभी ससुराल वालों को सलाह दी कि वे अपनी बहुओं को अपनी बेटियों जैसा मानें और यह पक्का करें कि किसी भी तरह की कोई शिकायत न हो. उन्होंने कुछ समधियों को बुलाया, उनके साथ मज़ाक किया और उनके चेहरों पर गुलाल लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि इस बार दूल्हा और दुल्हन के नाम पर 30,000 रुपये की जॉइंट फिक्स्ड डिपॉज़िट खोली जाएगी. यह फिक्स्ड डिपॉज़िट पांच साल से पहले नहीं तोड़ी जा सकती. उन्होंने बताया कि शादियों के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी रही. सर्वे टीम ने 500 से ज़्यादा लड़कियों में से 300  लड़कियों को चुना, जिसमें उन लड़कियों को प्राथमिकता दी गई जो बहुत गरीब, अनाथ या बेसहारा थीं. धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि "ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की। नेपाल की अस्मिता बोली- चार साल में आया नंबर अस्मिता ने फोन पर बताया कि परिवार की माली हालत कभी ठीक नहीं रही। मां दिल्ली में घर-घर जाकर बर्तन साफ करती हैं। पिता यहीं मजदूरी करते हैं। भाई केरल में मजदूरी करता है। एक बार मेरी तबीयत खराब हुई। पहले यहां फिर दिल्ली में डॉक्टर्स को दिखाया। फायदा नहीं हो रहा था। डॉक्टर बोलते थे कि दिमाग खराब है, पागल हो गई हूं। लोगों से सुना, तो बागेश्वरधाम पहुंचे। अब मैं एकदम ठीक हूं। बालाजी भगवान ने मुझे ठीक कर दिया। हमने यूट्यूब पर बागेश्वर धाम में हो रही शादियों के बारे में देखा था। मां पिछले चार साल से यहां मेरी शादी के लिए आवेदन कर रही थी, लेकिन इस बार नंबर लगा है। खुशी है कि मुझे गुरुजी से मिलने का मौका मिलेगा। अब मेरी शादी मेज बहादुर से हो रही है, वो मेरे ही देश के कंचनपुर के रहने वाले हैं। उनके परिवार की हालत भी हमारे जैसे ही हैं। पढ़ाई के दौरान हमारी मुलाकात हुई थी। मैं और उनकी बहन साथ पढ़ते थे। एक बार हम माउंटेन घूमने गए। वहां बात हुई। धीरे-धीरे प्यार हो गया। फिर हम लोगों ने अपने-अपने घर बताया, तो घरवाले बोले- इतना पैसा नहीं है कि अभी शादी कर दें। इसके बाद मां चार साल तक लगातार आवेदन करती रहीं। इस बार नंबर आ गया। फोन पर मिली सूचना, शादी के लिए चुना गया विदिशा जिले की गंजबासौदा के लाल पठार इलाके में रहने वाली सपना अहिरवार के पिता नहीं हैं। मां बीमार रहती हैं और भाई छोटा है। घर में दो वक्त खाने के लिए भी जद्दोजहद करनी होती है। सपना कहती हैं- बीमार मां को हमेशा मेरी शादी की चिंता रहती थी। जब बागेश्वर धाम में होने वाली सामूहिक विवाह समारोह के बारे में पता चला, तो मन में आस सी जागी। पहले भी यहां आ चुकी हूं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने परिवार की मदद की। उन्हें अपने पिता जैसा मानती हूं। आवेदन के बाद यहां से घर पहुंचे थे। कुछ दिन बाद फोन पर सूचना मिली कि मुझे यहां शादी के लिए चुना गया है। उन्होंने शादी का लहंगा, सैंडल और होने वाले पति को शेरवानी, पगड़ी, जूते और माला दी है। उस दिन कपड़े पहनकर यहां आना है। गरीब हूं, पर आज इसका अहसास नहीं हो रहा है। बागेश्वरधाम से शादी होना सपने की तरह बागेश्वरधाम … Read more

संदीपनी विद्यालय घुघरी का मामला अतिथि शिक्षक की ‘अमर्यादित’ टिप्पणी पर हंगामा

मंडला.  जिले के शासकीय सांदीपनी विद्यालय घुघरी में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ एक अतिथि शिक्षक पर कक्षा 10वीं की छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और अपमानजनक टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना से आक्रोशित छात्राओं ने विद्यालय के प्राचार्य को लिखित शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  *क्या है पूरा मामला   प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पदस्त अतिथि शिक्षक बिजेंद्र झारिया पर आरोप है कि उन्होंने कक्षा 10वीं की छात्राओं के प्रति अत्यंत अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। शिकायत पत्र में छात्रा ने उल्लेख किया है कि शिक्षक ने पूरी कक्षा के सामने उसे जलील किया, जिससे उसकी गरिमा को गहरी ठेस पहुँची है। इस शिकायत का समर्थन कक्षा की अन्य छात्राओं ने भी अपने हस्ताक्षर करके किया है।  अधिकारियों का रुख: "हटाया जाएगा आरोपी शिक्षक"  इस संवेदनशील मामले पर सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए कहा कि, "मुझे इस संबंध में पहले जानकारी नहीं थी, लेकिन अब प्राचार्य के माध्यम से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। ऐसे आरोपी अतिथि शिक्षक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें तत्काल प्रभाव से विद्यालय से हटाया जाएगा।"  राजनीतिक आक्रोश: "लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी"  मामले ने अब राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति अध्यक्ष श्री कमलेश तेकाम ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा मैंने पूर्व में ही अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन क्षेत्रीय संयोजक मंडला विष्णु सिंगोर जैसे लोगों की लापरवाही के कारण इन्हें संरक्षण मिल रहा है। बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करने वालों को शह देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि इस शिक्षक को तुरंत नहीं हटाया गया, तो हम स्वयं आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।" छात्राओं में डर और आक्रोश छात्राओं का कहना है कि स्कूल में सुरक्षित महसूस करना उनका अधिकार है, लेकिन शिक्षक के इस प्रकार के व्यवहार से वे मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी और कितनी ठोस कार्रवाई करता है एवं आरोपी अतिथि शिक्षक को कब तक हटाएगी  इनका कहना है कि मैने ऐसी मैडम बात की है कि ऐसे आरोपी शिक्षक को जल्द से जल्द हटाया जावे जो शिक्षा को शर्मसार कर रहे हैं