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महिला अफसरों का जलवा: कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पदों पर बनीं नई शर्तें

फरीदकोट किसी भी जिले की व्यवस्था उसके प्रशासन और पुलिस महकमे पर टिकी होती है। फरीदकोट में अब इन दोनों अहम मोर्चों की कमान पूरी तरह से ‘नारी शक्ति’ के हाथ में आ गई है।  वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर ने जैसे ही डिविजनल कमिश्नर की कुर्सी संभाली, फरीदकोट के इतिहास में एक नया पन्ना जुड़ गया। इसी के साथ जिले के चार सबसे बड़े पदों कमिश्नर, डीसी, आईजी और एसएसपी पर महिला अधिकारियों की शानदार ‘जोड़ी’ बन गई है। यह बदलाव सिर्फ महिला सशक्तिकरण की एक तस्वीर भर नहीं है, बल्कि आम जनता के लिए पारदर्शी और जवाबदेह शासन की एक नई उम्मीद भी है। जिले की नागरिक और सुरक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह से महिला अधिकारियों के कौशल पर टिकी है।  जहां मंडल स्तर पर आईएएस कंवलप्रीत कौर कमान संभाल रही हैं, वहीं जिले की डीसी के रूप में आईएएस पूनमदीप कौर नागरिक प्रशासन का नेतृत्व कर रही हैं। पुलिस विभाग में भी यही नजारा है; एसएसपी के पद पर डॉक्टर प्रज्ञा जैन तैनात हैं, जबकि रेंज स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक का अहम पद नीलांबरी विजय जगदले संभाल रही हैं। शासन के शीर्ष पर बैठी इन चार महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने फरीदकोट को पंजाब के प्रशासनिक मानचित्र पर एक प्रगतिशील और समावेशी जिले के रूप में स्थापित कर दिया है। शिकायतों का होगा समाधान : कमिश्नर कार्यभार संभालते ही मंडल आयुक्त कंवलप्रीत कौर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में फाइलों का अंबार लगाने के बजाय जनसमस्याओं का मौके पर निपटारा करना उनकी प्राथमिकता होगी। अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में उन्होंने ‘नागरिक केंद्रित शासन’ पर जोर देते हुए कहा कि आम आदमी को अपनी जायज मांगों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीएम को धमकी और आपत्तिजनक पोस्ट मामले में आरोपी गिरफ्तार, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद

 बक्सर बिहार के बक्सर जिले में साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए की वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट करने और भारत के प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं। गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई जिले में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। साइबर थाना अध्यक्ष की टीम ने सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पादरी गांव से अमन कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इसकी पुष्टि पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने शनिवार को की। सीआईए वेबसाइट पर आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को सिमरी थाना अध्यक्ष को सूचना मिली थी कि अमन कुमार तिवारी ने सीआईए की वेबसाइट पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किया है, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर साइबर थाना टीम का गठन किया गया। छापेमारी में मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री टीम ने आरोपी के घर आशा पादरी गांव में छापेमारी की, जहां तलाशी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद हुए। बरामद सामान में लैपटॉप, मोबाइल फोन, पेनड्राइव और अन्य संदिग्ध सामग्री शामिल है। जांच में सामने आया कि आरोपी के मोबाइल में कई वीपीएन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऐप मिले हैं। लैपटॉप में टोर ब्राउज़र इंस्टॉल पाया गया, जिसका उपयोग डार्क वेब एक्सेस करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से निम्न सामान बरामद किए गए हैं, लैपटॉप 01, मोबाइल 02, पेनड्राइव 02, विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड 09, फर्जी पहचान पत्र 01। इस पूरे मामले की जांच पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के निर्देश पर की गई। पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम में अंचल निरीक्षक ब्रह्मपुर ओम प्रकाश कुमार, साइबर थाना के कई पुलिस अधिकारी, सिमरी थाना पुलिस और डीआईयू बक्सर के अधिकारी शामिल रहे।  

खिलाड़ियों के लिए बड़ी खबर: चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में, जल्द होगा फैसला- अरुण साव

रायपुर. छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले सैकड़ों खिलाड़ी पिछले 7-8 वर्षों से रोजगार के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। इस मामले में डिप्टी सीएम और खेल मंत्री अरुण साव ने स्पष्ट किया है कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसके पूरा होते ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पात्र खिलाड़ियों को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा। दरअसल, प्रदेशभर के पदक विजेता और अवॉर्ड प्राप्त खिलाड़ियों ने हाल ही में उपमुख्यमंत्री व खेल मंत्री अरुण साव से उनके नया रायपुर स्थित निवास पर मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों ने लंबे समय से लंबित उत्कृष्ट खिलाड़ी सूची जारी करने और राज्य खेल अलंकरण समारोह आयोजित करने की मांग रखी। खिलाड़ियों की बात सुनने के बाद खेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर उत्कृष्ट खिलाड़ियों की घोषणा और सम्मान किया जाएगा। इसके बाद खिलाड़ियों का प्रतिनिधिमंडल खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर भी पहुंचा, जहां खेल सचिव यशवंत कुमार, उपसंचालक रश्मि ठाकुर, रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के जिला खेल अधिकारी (DSO) और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खिलाड़ी समिति की बैठक और पूरी प्रक्रिया की समयसीमा को लेकर सवाल उठाए। इस पर खेल सचिव ने स्पष्ट कहा कि चयन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और बहुत जल्द सूची जारी कर दी जाएगी। बैठक में खिलाड़ियों से जुड़े ओवर एज मामलों को भी गंभीरता से लिया गया है और इस पर उचित निर्णय लेने की बात कही गई है। लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर अब सरकार की सक्रियता के बाद खिलाड़ियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

वंदे मातरम के अपमान पर CM यादव का कड़ा बयान, पूरी प्रदेश कांग्रेस से इस्तीफा देने की मांग

 इंदौर/भोपाल इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में उठा 'वंदे मातरम' का विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर राष्ट्रगीत गाने से मना किया तो मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया।  मुख्यमंत्री ने इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को घेरे में लिया है. उन्होंने कहा इस पर पूरी प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए. कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर नगर निगम की महिला पार्षदों ने बेशर्मी की हद पार कर दी।  बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने नगर निगम में वंदे मातरम गाने से इनकार किया और बड़ी बेशर्मी के साथ कहा, ''मैं नहीं गाऊंगी.'' यह कांग्रेस का चरित्र बता रहा है. कांग्रेस पार्षद 'भारत माता की जय' बोलने से भी मना करते हैं।  उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस पर स्पष्टीकरण दें. वे बताएं कि पार्टी इस तरह के लोगों को प्रोत्साहित क्यों करती है।  चुप क्यों हैं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ''ये लोग देश को कहां ले जाएंगे? देशभक्तों का अपमान करेंगे. हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते प्राण त्याग दिए. मुझे इस बात का बड़ा दुख है और इस मामले पर ग्लानि हो रही है. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी जो हर मामले पर बोलते हैं, वो अब इस पर क्यों नहीं बोल रहे? कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है? अगर पटवारी और कांग्रेस नेता इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाते, तो सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए।  कांग्रेस का दोहरा चरित्र CM यादव ने कहा, ''जब देखो तब कांग्रेसी भगवान राम की निंदा करते हैं, हिंदुओं का अपमान करते हैं. अब तो इन्होंने सीमा ही पार कर दी है. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम के छह छंदों को लेकर पूरे देश का दिल जीत लिया है. लेकिन कांग्रेस अपने दोहरे चरित्र से बाहर नहीं आ पा रही. कांग्रेस ने आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा किया था. उनकी सरकार ने पांच छंदों को ही गायब कर दिया था।  मुंह काला करने पर 51 हजार इनाम का ऐलान इंदौर में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उग्र रूप लेता जा रहा है. हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक सुमित हार्डिया ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट कर बड़ा ऐलान किया है. पोस्ट में कहा गया है कि जो भी मातृशक्ति कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम का मुंह काला करेगी, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।  गौरतलब है कि नगर निगम की बैठक के दौरान वंदे मातरम गाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया था।  इंदौर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. बीजेपी ने कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के सभी 85 वार्डों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।  बीजेपी कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग वार्डों में पुतला दहन कर विरोध जता रहे हैं. वहीं, प्रमुख चौराहों पर सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र होकर राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर रहे हैं।  नवलखा चौराहे पर एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाकर प्रदर्शन किया. इसी कड़ी में बड़ा गणपति चौराहा पर आयोजित वंदे मातरम कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए।  BJP के वरिष्ठ नेता मनोज मिश्रा ने दोनों कांग्रेस पार्षदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम गाने से इनकार करने वाली दोनों पार्षद अपनी चार-पांच पीढ़ी खंगाल कर देखें, तो उन्हें भी उनके पूर्वज हिंदू ही मालूम होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वे दोनों पार्षद घर वापसी कर सनातन धर्म अपनाना चाहती हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं। 

पांडुलिपियाँ: हमारी पहचान, हमारा गर्व – संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

पांडुलिपि संरक्षण में आगे आएँ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों से आह्वान पांडुलिपियाँ: हमारी पहचान, हमारा गर्व – संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय   ज्ञान की विरासत को डिजिटल युग में सुरक्षित करने का संकल्प – जनभागीदारी से होगा संरक्षण डिजिटल युग में सुरक्षित होगी हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा – जनसहभागिता से बढ़ेगा अभियान सर्वेक्षण से संरक्षण तक- छत्तीसगढ़ में पांडुलिपि अभियान को नई गति रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा "ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान" एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है।  छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

झुमरीतिलैया में खाद्य सुरक्षा जांच, लड्डू और खोवा के सैंपल फेल

कोडेरमा झारखंड के कोडेरमा जिले के जिले में मिलावटी खाने की चीजों की बिक्री रोकने और खाने की चीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कुछ सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, रांची भेजा भी जा रहा है. जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे राज्य स्तर पर भेजे गए कुछ सैंपल की जांच रिपोर्ट सामने आई है. इसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. खासकर जिले के मुख्य शहर झुमरीतिलैया में कुछ होटल संचालकों द्वारा खाने की चीजें खासकर मिठाई और खोवा की गुणवत्ता को लेकर तय मानक का पालन नहीं करने की पुष्टि हुई है. खाद्य सुरक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले भर से कुल 23 सैंपल जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला रांची भेजा था, जिसमें से 12 की रिपोर्ट आई है. इसमें चार सैंपल तय मानक पर फेल पाया गया है. विभागीय जानकारी के अनुसार जिन चार सैंपल में गुणवत्ता की कमी मिली है उसमें लड्डू का एक सैंपल, खोवा का दो सैंपल और घी के लड्डू का एक सैंपल शामिल है. लगाया गया जुर्मना सैंपल फेल होने के बाद कोडरमा स्टेशन के पास संचालित नंदिनी स्वीट्स पर दो हजार और लड्डू गोपाल पर दो-दो हजार का जुर्माना लगाया गया है. नंदिनी स्वीट्स का लड्डू का सैंपल तय मानक पर फेल मिला है, जबकि लड्डू गोपाल का लड्डू और खोवा का सैंपल फेल पाया गया है. साथ ही भविष्य में गलत पाए जाने पर ठोस कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. होटल रामेश्वरम के घी के लड्डू का सैंपल फेल नंदिनी, लड्डू गोपाल स्वीट्स के अलावा होटल रामेश्वरम की एक मिठाई का सैंपल भी तय मानक पर खरा नहीं उतरा है. विभागीय पदाधिकारी के अनुसार जिन चार सैंपल को फेल पाया गया है उसमें होटल रामेश्वरम से कलेक्ट किया गया घी का लड्डू का सैंपल भी शामिल है. लड्डू में घी की जगह रिफाइन के इस्तेमाल की बात सामने आई है. साथ ही अन्य कमी पाई गई है. ऐसे में तय प्रावधान के तहत इस मामले को अपर समाहर्ता कोर्ट में फाइल किया गया है. वहां से जुर्माना सहित अन्य कार्रवाई को लेकर आदेश होगा. कई जगहों पर मिल रहा अखाद्य रंग का इस्तेमाल खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट न हो और लोगों को गुणवत्तापूर्ण सामान मिले इसके लिए विभाग लगातार जांच अभियान के साथ जागरूकता अभियान भी चला रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे वित्तीय वर्ष में जांच के दौरान होटलों, मिठाई दुकानों सहित अन्य जगहों पर गंदगी मिलने और अखाद्य रंग का इस्तेमाल पाए जाने पर करीब 50 हजार का जुर्माना वसूला गया है. कई ठेला वालों के द्वारा अखाद्य रंग का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आने पर उसे खत्म भी कराया गया है.

JDU सांसद का दावा,नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी से हो सकता है

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सांसद रामप्रीत मंडल ने नई सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) का होगा, यह लगभग फाइनल हो चुका है। उन्होंने कहा कि जदयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने हैं, जिनमें से एक नीतीश के बेटे निशांत कुमार का नाम भी करीब-करीब फाइनल है। झंझारपुर से जदयू सांसद रामप्रीत मंडल ने शनिवार को एक चैनल से बातचीत में बिहार में नई एनडीए सरकार का यह फॉर्मूला बताया। उन्होंने कहा कि नया सीएम भाजपा से बनना तय है। अभी मुख्यमंत्री जदयू का है और भाजपा से दो डिप्टी सीएम हैं। इसी तरह, नई सरकार में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होने हैं। हालांकि, नई सरकार को लेकर अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। नीतीश कुमार जल्द देंगे इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। वह राज्यसभा सांसद बन गए हैं। सत्ताधारी दलों के नेताओं का कहना है कि सीएम नीतीश के द्वारा एनडीए विधान मंडल की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी के सामने नीतीश अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान करेंगे। फिर राज्यपाल के पास जाकर अपना त्यागपत्र दे देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए सीएम का चयन नीतीश के इस्तीफे के बाद होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में होगा। बताया जा रहा है कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का नाम उसी बैठक में घोषित किया जाएगा। नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को होने की संभावना है। नीतीश के राज्यसभा जाने पर निशांत का पॉलिटिकल डेब्यू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने एक महीने पहले ही राजनीति में कदम रखा था। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति से दूर ही थे। नीतीश के राज्यसभा चुनाव में नामांकन के बाद निशांत ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से वह पार्टी के क्रियाकलापों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। निशांत कुमार ने पार्टी के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं और उनसे फीडबैक लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी लगातार की जा रही है। भाजपा से सीएम रेस में ये नेता भाजपा से मुख्यमंत्री की रेस में सबसे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। उनके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरिया, सांसद संजय जायसवाल, पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी समेत अन्य का नाम भी रेस में है। एक-दो दिन में इस पर स्थिति साफ होने की संभावना है।

पलामू में बड़ी कार्रवाई, अयोग्य पाए गए लाभुकों को राशन सूची से बाहर किया गया

 पलामू झारखंड के पलामू जिले में 41 हजार 681 लाभुकों को अयोग्य पाए जाने पर राशन कार्ड से नाम डिलिट कर दिया गया, जबकि 12 हजार 689 लाभुक ऐसे पाए गए जिनका आधार कार्ड संदेहास्पद पाया गया. पिछले कई वर्षों से राशन का लाभ उठा रहे थे. बताया जाता है कि इसके अलावा, दूसरे जगहों से भी राशन का उठाव किया जा रहा था. विभागीय सूत्रों के अनुसार राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से 1985 लोगों को चिन्हित कर नाम हटाया गया है. 23 हजार 544 वैसे लाभुकों का नाम हटाया गया है, जिनके नाम से राशन कार्ड बन चुका था, लेकिन राशन का उठाव नहीं कर रहे थे. विभागीय कर्मियों ने बताया कि तीन हजार 283 लाभुक ऐसे थे, जो डुप्लीकेट के रूप में पहचान किए गए है. अवैध पाए जाने पर उन सभी लाभुकों का नाम हटाया गया. विभाग द्वारा 41 हजार 681 लोगों को चिन्हित कर सूची से नाम हटाया. केंद्र सरकार के द्वारा चिन्हित कर नाम जिला को भेजा गया था. जिसके बाद वैसे लोगों को सूची से राशन कार्ड से नाम हटाया गया. इनकम टैक्स, जीएसटी व फोर व्हीलर वाले उठा रहे हैं राशन कार्ड का लाभ दूसरे फेज में पलामू जिले में दो लाख 45 हजार 931 लोगों को चिन्हित किया गया है, जिनकी जांच की जा रही है. इसमें दो लाख 37 हजार 528 वैसे लोग हैं. जिनके पास पांच एकड़ से ज्यादा जमीन है. 6782 लोग ऐसे हैं जो इनकम टैक्स भरते हैं. 96 लोग ऐसे हैं जो जीएसटी भरते हैं. 1525 लोग ऐसे है जिनके नाम से फोर व्हीलर गाड़ी है. इन सभी को चिन्हित कर आपूर्ति विभाग को भेजा गया है. आपूर्ति विभाग के द्वारा जिले के सभी मार्केटिंग ऑफिसर को इसकी सूची भेज दी गई है. मार्केटिंग ऑफिसर के द्वारा सभी डीलरों को इसका डिटेल भेज दिया गया है. डीलर के द्वारा इसकी जांच कर इसकी रिपोर्ट मार्केटिंग ऑफिसर को देंगे. मार्केटिंग ऑफिसर के द्वारा जिले को प्रतिवेदन भेजा जाएगा. जिला स्तर से उनके नाम को राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा. उनके स्थान पर जरूरतमंदों के नाम को जोड़ा जाएगा. जिले में करीब साढ़े चार लाख राशन कार्डधारी है. जिसमें 18 लाख 28 हजार 926 सदस्य हैं. राज्य सरकार के निर्देशानुसार 18 लाख 28 हजार 926 सदस्य से अधिक नहीं करना है. जिनका नाम हटेगा उसके स्थान पर नए सदस्यों का नाम जोड़ा जाएगा. दूसरे पेज में 245931 सदस्य जांच के घेरे में हुसैनाबाद में 19803, हैदरनगर में 6488 , मोहम्मदगंज 3647, हरिहरगंज 4885, पीपरा 3408, पाटन 15791, विश्रामपुर में 6474 , चैनपुर में 36652, छतरपुर में 18785, नौडीहा बाजार 9669, पड़वा में 4417, पांकी 38775 , तरहसी में 16166 , मनातू में 4868, नावाबाजार में 5877, पांडू में 10280 , सतबरवा में 7801, लेस्लीगंज 12098, मेदिनीनगर सदर में 10991, उंटारी रोड प्रखंड में 4223, हुसैनाबाद नगर पंचायत में 751, विश्रामपुर नगर पंचायत में 1931 और मेदिनीनगर नगर निगम में 2179 लोगों को नाम हटाने के लिए चिन्हित किया गया है.

कुरुक्षेत्र जेल में नियमों की धज्जियां: कैदियों ने बनाई रील, मामला दर्ज

कुरुक्षेत्र. जिला जेल कुरुक्षेत्र के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कैदियों द्वारा बनाई गई वीडियो के इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा अंबाला पुलिस की जांच में हुआ, जिसमें पुष्टि हुई कि वायरल सामग्री कुरुक्षेत्र जेल के भीतर ही तैयार की गई थी। पुलिस के अनुसार, ये वीडियो 30 दिसंबर 2024 को इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए थे। इन्हें बंबीहा गैंग से जुड़े आरोपी दिलबर ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड किया। उसके साथी अंकित ढांडा ने भी इन्हें साझा किया। दिलबर पर हत्या, लूट, अपहरण और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। अंबाला पुलिस की जांच में सामने आया कि दिलबर ने जेल के अंदर के दृश्य दिखाकर युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। अंबाला पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 24 नवंबर 2025 को उसे गिरफ्तार किया। आगे की जांच में वीडियों को जेल रिकॉर्ड से मिलाया गया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि ये केंद्रीय जेल अंबाला की नहीं, बल्कि जिला जेल कुरुक्षेत्र के हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, दिलबर 2023 से 2024 तक कुरुक्षेत्र जेल में बंद रहा था। इसके बाद अंबाला पुलिस ने मामला रद कर रिपोर्ट कुरुक्षेत्र पुलिस को भेज दी। थाना शहर थानेसर ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो में जेल बैरक के अंदर करीब सात से आठ कैदी नजर आते हैं। पुलिस मामले की में जुटी है।

धार्मिक पहचान दिलाने की पहल: फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की उठी मांग

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब के फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की मांग उठी है। इस संबंध में बलजीत सिंह भुट्टा ने गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर औपचारिक ज्ञापन सौंपा। उनके साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी मौजूद रहे। भुट्टा ने कहा कि ऐतिहासिक फतेहगढ़ साहिब केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि यही वह पावन स्थल है, जहां दशम पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस महान शहादत की गवाह इस धरती की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना समय की प्रमुख आवश्यकता है। अन्य पवित्र शहरों की तर्ज पर मिले विशेष व्यवस्थाएं भुट्टा ने मांग की कि जिस प्रकार अमृतसर और आनंदपुर साहिब जैसे धार्मिक नगरों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, उसी तर्ज पर फतेहगढ़ साहिब को भी विशेष दर्जा दिया जाए। भुट्टा ने राज्यपाल से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को उचित दिशा-निर्देश जारी करें। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब को ‘पवित्र शहर’ घोषित करने से यहां आने वाली संगत की भावनाओं का सम्मान होगा और इस ऐतिहासिक स्थल की मर्यादा और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी। राज्यपाल ने विचार करने का दिया आश्वासन राज्यपाल कटारिया ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि इस मांग पर संबंधित स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। फतेहगढ़ साहिब सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इसे पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिल रहा है।