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खुशियों के बाद मातम: सालगिरह के दो दिन बाद यमुना हादसे में गई महिला की जान, गांव में पसरा शोक

मोगा/वृंदावन. उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पंजाब के मोगा जिले के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में मोगा निवासी सपना हंस की मौत हो गई, जबकि परिवार की दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही सपना हंस का शव उनके निवास स्थान पर पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शव पहुंचते ही परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास के लोग और रिश्तेदार बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचने लगे और शोक व्यक्त किया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन की ओर से तहसीलदार लखविंदर सिंह गिल भी मौके पर पहुंचे और परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो अलग नावों पर सवार थे परिवार के सदस्य जानकारी के अनुसार, जगराओं से मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 9 अप्रैल को धार्मिक यात्रा के लिए वृंदावन गया था। 10 अप्रैल को दोपहर के समय यह हादसा हुआ, जब परिवार के सदस्य दो अलग-अलग नावों में सवार थे। एक नाव में सपना हंस, रीमा हंस और सरोज रानी सवार थीं, जबकि दूसरी नाव में अनिल हंस और उनकी भतीजी नेहा हंस अन्य श्रद्धालुओं के साथ मौजूद थे। हादसे का शिकार हुई नाव में सवार करीब 55 वर्षीय सपना हंस की यमुना नदी में डूबने से मौत हो गई। वहीं रीमा हंस और सरोज रानी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी नाव में सवार अनिल हंस और नेहा हंस पूरी तरह सुरक्षित हैं। 8 अप्रैल को थी दंपत्ति की सालगिरह  यह हादसा इसलिए भी बेहद दर्दनाक बन गया क्योंकि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की शादी की सालगिरह थी। परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन महज दो दिन बाद यह दुखद घटना हो गई। मृतका के देवर ट्विंकल हंस ने बताया कि उन्हें इस अनहोनी का जरा भी अंदाजा नहीं था। सपना हंस के दो बेटे हैं, जिनमें एक विदेश में और दूसरा दिल्ली में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली में रह रहा बेटा तुरंत वृंदावन के लिए रवाना हो गया। जैसे ही शव मोगा पहुंचा, गुरु रामदास नगर इलाके में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई।

सूची निरस्त होने पर सियासी वार: अरुण साव बोले—अंदरूनी कलह से जूझ रही कांग्रेस

रायपुर. रायपुर. रायपुर कांग्रेस वार्ड अध्यक्षों की सूची को निरस्त किए जाने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस कांग्रेस-कांग्रेस खेल रही है. आपस में ही लड़कर कांग्रेस समाप्त हो रही है. जनता भी चाहती है, कांग्रेस न रहे तो ही अच्छा है. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में महिला आरक्षण को लेकर कांग्रेस के बयान पर कहा कि हर एक मामले में कांग्रेस का घिसापिटा मामला है. देश में कहीं न कहीं चुनाव है. 75 साल महिलाओं को उनके वाजिब अधिकार से वंचित रखा. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनका अधिकार मिलने जा रहा है. देश की जनता सशक्त हो, ये कांग्रेस कभी अच्छा चाहती नहीं है. देश में चुनाव होते रहता हैं. जनता को जवाब देना पड़ेगा. वहीं पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर अरुण साव ने कहा कि पश्चिम बंगाल की आम जनता परेशान है. वहां कानून का राज नहीं है. भाजपा ने घोषणा पत्र जारी किया है. आम जनता के बेहतरी और खुशहाली के लिए घोषणा पत्र जारी किया है. पश्चिम बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है. बीजेपी का कमल खिलने जा रहा है. कांग्रेस में वार्ड अध्यक्षों की सूची को लेकर विवाद नहीं: श्रीकुमार मेनन पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सभी जिला अध्यक्षों को बूथ स्तर से लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी 15 अप्रैल तक गठित करने की समय सीमा दी है. इसके बाद रायपुर शहर कांग्रेस ने वार्ड अध्यक्षों की सूची घोषित की, लेकिन इसे महज कुछ घंटों में ही पीसीसी द्वारा निरस्त कर दिया गया. पीसीसी ने इस सूची को अवैधानिक माना है. इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस में सूची को लेकर विवाद की स्थिति नजर आ रही है. हालांकि, जिला अध्यक्ष श्री कुमार मेनन का कहना किया टकराव जैसा कुछ नहीं है, वह दीपक बैज और पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे. दरअसल, दो दिन पहले ही समीक्षा के दौरान अब तक कार्यकारिणी समेत वार्ड अध्यक्ष नहीं बनाए जाने को लेकर नाराजगी सामने आई थी. शुक्रवार को शहर कांग्रेस ने रायपुर के 66 वार्डो में वार्ड अध्यक्षों की सूची जारी की थी, लेकिन पीसीसी ने इसे निरस्त कर दिया. पीसीसी ने दो टूक कह दिया कि वार्ड अध्यक्षों और कार्यकारी अध्यक्ष की सूची जारी करने से पहले अनुमोदन नहीं लिया गया. मामले में रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कहा कि इस विषय पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा कि संगठन के भीतर किसी प्रकार का कोई टकराव नहीं है और सभी मुद्दों को आपसी बातचीत से सुलझा लिया जाएगा.

लाड़ली बहना योजना के तहत सीएम सीहोर में 12 अप्रैल को 35वीं किस्त जारी करेंगे, 184 करोड़ के विकास कार्यों का ऐलान

सीहोर  मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के खाते में जल्द ही पैसे आने वाले हैं। मुख्यमंत्री 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में योजना की 35वीं किश्त जारी करेंगे। 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में सीएम विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे और वहीं से महिलाओं के खाते में पैसे भी डालेंगे। लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाएं 12 अप्रैल की शाम तक अपना खाता चेक कर सकती हैं। मुख्यमंत्री यादव 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के साथ ही सीहोर की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। नवंबर में बढ़ाई गई थी योजना की राशि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से मार्च 2026 तक योजना के तहत 34 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा में 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।

बिहार के शिवहर में सरकारी अस्पताल की लापरवाही पर सवाल

 शिवहर बिहार के शिवहर स्वास्थ्य विभाग की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे एक दारोगा का ऐसा इलाज किया गया कि तस्वीरें वायरल हो गईं और इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई। अस्पताल के डॉक्टर ने कार्टन के गत्ते और पुराने ड्रीप पाइप से पैर को बांध कर ऐसा जुगाड़ु इलाज किया जो शिवहर डीएम को भी खटक गया। डीएम ने इसका संज्ञान ले लिया है। उन्होंने मामले की पूरी रिपोर्ट तलब किया है। कहा है कि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह तस्वीर बिहार के शिवहर सदर अस्पताल की है जो दुनिया भर में चर्चा में है। तस्वीर इस बात की तस्दीक करता है कि सरकार के दावों के बिपरीत बिार का स्वास्थ्य महकमा खुद ही स्ट्रेचर पर है। अब आगे की बात करते हैं। जिले के श्यामपुर भटहा थाना में तैनात दरोगा श्यामलाल सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके सहयोगी तत्काल उन्हें सरकारी अस्पताल लाए। पता चला कि हादसे में उनका पैर बुरी तरह टूट गया था। लेकिन शिवहर सदर अस्पताल में जिस प्रकार से उनका प्राथमिक उपचार किया गया उसे सभी खेदजनक ही नहीं बता रहे बल्कि स्वस्थ भारत मिशन पर ही सवाल उठा रहे हैं। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों ने दारोगा के टूटे पैर के जख्मों पर मरहम लगाने के बाद उसे पुराने कार्टन के गत्ते में मरीजों को पानी चढ़ाने वाले पाइप(ड्रीप पाइप) से बांध दिया। किसी ने इसका वीडियो और फोटो बना लिया जो इंटरनेट मीडिया की सनसनी बना हुआ है। इस घटना से बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी फ्रैक्चर के मामले में उचित प्लास्टर या मेडिकल सपोर्ट का इस्तेमाल जरूरी होता है ताकि टूटी हुई हड्डी स्थिर रहे। इस प्रकार से गैर-मानक तरीकों से मरीज को गंभीर नुकसान हो सकता है। जब मामला सिविल सर्जन के पास पहुंचा तो अपने डॉक्टर और कर्मियों के बचाव में उतर गए। कहा कि मरीज के पैर में मल्टिपल फ्रैक्चर था। इसलिए प्लास्टर करना ठीक नहीं था। पैर को स्थिर और सीधा रखने के लिए उसे तत्काल यही उपाय किया गया। ऐक्शन में डीएम यह सनसनीखेज मामला सामने आते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने सिविल सर्जन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने कहा कि इसमें किसी स्तर पर लापरवाही साबित होती है तो कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में बताया गया है कि टूटी हड्डी को स्थिर रखने के लिए कार्टन से बांधा गया। इसमें एसओपी और गाइडलाइन का पालन किया गया या नहीं इसकी जांच की जा रही है।

राज्यपाल का आश्वासन: एम्स बठिंडा के विस्तार के लिए मिलेगा अतिरिक्त जमीन

बठिंडा  पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बठिंडा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में दी जा रही आपातकालीन सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा ढांचे का बारीकी से निरीक्षण किया। एम्स पहुंचने पर संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) रतन गुप्ता ने राज्यपाल का भव्य स्वागत किया। राज्यपाल ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया और संस्थान की तत्परता की सराहना की। अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने हार्ट कमांड सेंटर, इमरजेंसी वार्ड, ट्रायेज सुविधा, सर्जिकल ट्रॉमा वार्ड और सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) सहित कई प्रमुख विभागों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि एम्स बठिंडा न केवल आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस है, बल्कि गंभीर स्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार प्रदान करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। फैकल्टी के समर्पण और अनुसंधान की प्रशंसा संस्थान के फैकल्टी सदस्यों के साथ विशेष संवाद में राज्यपाल ने चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मरीजों की देखभाल के प्रति डॉक्टरों की समर्पित भावना को सराहा। उन्होंने कहा कि मालवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में एम्स बठिंडा एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है। राज्यपाल ने विशेष रूप से संस्थान द्वारा संचालित आउटरीच सेवाओं, अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम, कैंसर देखभाल और नवजात शिशुओं के लिए उपलब्ध उच्च स्तरीय सुविधाओं का जिक्र किया। उन्होंने मरीजों के परिजनों के लिए 'शेल्टर होम' स्थापित करने के प्रयासों को मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। विस्तार के लिए भूमि आवंटन का भरोसा संस्थान की भविष्य की जरूरतों और विस्तार योजनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने एम्स प्रशासन को अतिरिक्त भूमि आवंटन के लिए केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय को औपचारिक प्रस्ताव भेजने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे इस प्रक्रिया को सुगम बनाने और मंत्रालय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे। दौरे के समापन पर राज्यपाल ने संस्थान के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एम्स बठिंडा का लक्ष्य समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, जिसमें वे सफल हो रहे हैं।

पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, लागू होगा तुरंत, राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं

Punjab: विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, अब राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत नहीं पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, लागू होगा तुरंत, राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता नहीं पंजाब विधानसभा में बेअदबी पर संशोधित बिल पास, अब बिना राष्ट्रपति की मंजूरी के होगा लागू चंडीगढ़   पंजाब सरकार 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने से संबंधित संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। इस पर चर्चा के बाद इसका निर्विरोध पारित होना तय माना जा रहा है। यह विधेयक पूरी तरह राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए जरूरी औपचारिकताओं के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजने की जरूरत नहीं होगी और पारित होते ही लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में लगातार सामने आ रहे बेअदबी के मामलों के चलते लंबे समय से सख्त कानून की मांग उठ रही थी। आम आदमी पार्टी सरकार ने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया हुआ है। जुलाई 2025 में सरकार ने इस संबंध में एक मसौदा विधानसभा में पेश किया था लेकिन विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के सुझाव लेने के लिए इसे विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर की अध्यक्षता वाली सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था। बाद में कमेटी को दो महीने का अतिरिक्त समय भी दिया गया। अब खालसा पंथ के सृजन दिवस 13 अप्रैल को सरकार इस अहम विधेयक को सदन में लाने जा रही है। यह संवेदनशील और पंथक मुद्दा होने के कारण किसी भी राजनीतिक दल द्वारा विरोध की संभावना कम मानी जा रही है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल भी नहीं होगा। इस संबंध में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने नोटिस जारी कर दिया है। सख्त होगा सजा का प्रावधान : मान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि दि जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। इस एक्ट के तहत एसजीपीसी को ग्रंथ की छपाई और प्रकाशन का अधिकार है और छपने के बाद इसे गुरु साहिब का स्वरूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि संशोधन के बाद बेअदबी के मामलों में 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और लाखों रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। सुरक्षा के लिए बार कोड और क्यूआर कोड जैसे उपाय भी लागू किए जाएंगे। सावर्जनिक हो सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट : जाखड़ पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट और विधेयक का मसौदा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों को विश्वास में लिया जाना जरूरी है।   

ग्वालियर में 14 हजार से ज्यादा किसान बेचेंगे गेहूं, मिलेगा सरकारी समर्थन मूल्य

ग्वालियर  जिले में गेहूं की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदी 15 अप्रैल से शुरू होगी। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों मसलन नर्मदापुरम, उज्जैन आदि में खरीद शुरू हो चुकी है। लेकिन अंचल में गेहूं की फसल इन क्षेत्रों की तुलना में देरी से कटती है। इसलिए 15 अप्रैल या इसके बाद ही खरीद केंद्रों पर पहुंचती है। इसलिए ग्वालियर चंबल में गेहूं की खरीद मध्य अप्रैल से शुरू होती है। यहां बता दें कि इस बार अंचल में सरकारी समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए 14 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। गेहूं खरीद को लेकर प्रशासन ने भी खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं करने के निर्देश संबंधित अफसरों को दिए हैं। इसके अलावा किसानों के लिए छाया, पानी आदि के इंतजाम करने के लिए कहा है। जिससे उन्हें परेशानी न हो। 41 केंद्रों पर होगी खरीदी गेहूं को सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए व्यवस्थाएं खाद्य आपूर्ति विभाग कर रहा है। विभाग ने जिले भर के विभिन्न क्षेत्रों में 41 केंद्र बनाए हैं। जहां पर किसान मैसेज मिलने के बाद अपनी फसल को बेचने के लिए पहुंचेंगे। यहां पर फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी एफसीआइ के लोग गेहूं की गुणवत्ता की जांच करेंगे। जांच में गुणवत्ता युक्त गेहूं को खरीदेंगे। इस मई के अंतिम दिनों तक चल सकती है गेहूं की खरीद इस बार मौसम की वजह से गेहूं की बुवाई में देरी हुई और अब कटाई में भी देरी हो रही है। ऐसे में किसानों के गेहूं की खरीद मई के अंतिम दिनों तक जा सकती है। क्योंकि इस बार वर्षा की वजह से गेहूं की चमक व क्वालिटी बिगड़ी है। इसलिए किसान परेशानी में हैं। हालांकि प्रशासन ने कृषि महाविद्यालय के छात्रों को क्वालिटी चेक करने के लिए हर केंद्र पर तैनात करने के लिए भी कहा है, जिससे किसानों के साथ गड़बड़ी न हो। वारदाने की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता ईरान-अमेरिका के युद्ध की वजह से अभी खरीद केंद्र पर पर्याप्त बारदाना उपलब्ध होने को लेकर अनिश्चितता है। क्योंकि बारदाना प्लास्टिक से बनता है। इसलिए वारदाने की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर आशंका है। हालांकि विभाग के अफसरों का कहना है कि खरीद के लिए पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है।

एसआईआर के बाद गाजियाबाद में मतदाता संख्या में बड़ी गिरावट

गाजियाबाद गाजियाबाद में प्रशासन ने शुक्रवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया। एसआईआर से पहले गाजियाबाद जनपद की पांचों विधानसभा में 28,37,991 मतदाता थे। अंतिम प्रकाशन के बाद अब यहां कुल 22,63,513 मतदाता रह गए हैं। जनपद में 5,74,478 मतदाता कम हो गए। इसमें धौलना आंशिक शामिल नहीं है। जनपद में लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र हैं। एसआईआर से पहले लोनी विधानसभा में 5,32,755 मतदाता, मुरादनगर में 4,59,698, साहिबाबाद में 10,42,469, गाजियाबाद में 4,68,304 और मोदीनगर में 3,34,765 मतदाता थे। इस तरह पांचों विधानसभा में कुल 28,37,991 मतदाता थे। एसआईआर शुरू होने के दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं को प्रपत्र उपलब्ध कराए। बूथ पर रहकर भी मतदाताओं से फार्म जमा कराए गए। एसआईआर के प्रत्र जमा होने के बाद प्रशासन ने एक सूची जारी की। प्रशासन ने लोगों से दावे और आपत्ति मांगीं यह सूची जारी होने के बाद जनपद की पांचों विधानसभा में कुल 28,37,991 मतदाता में से 20,19,852 मतदाता रह गए। इस तरह करीब 8 लाख से ज्यादा मतदाता पांचों विधानसभा में कम हो गए। इसके बाद प्रशासन ने लोगों से दावे और आपत्ति मांगी। प्रशासन ने अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले उन लोगों से आपत्ति मांगी थी, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं थे। प्रशासन ने आपत्तियों का निस्तारण कर शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया। धौलाना आंशिक सीट को छोड़कर जनपद की पांचों विधानसभा में अब कुल 22,63,513 मतदाता रह गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि मतदाता सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। voters.eci.gov.in पर वोटर अपना नाम देख सकते हैं। अब भी अवसर मतदाता सूची में अगर आपका नाम नहीं है तो घबराइए नहीं। आप फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। राज्य में अगले वर्ष फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव नामांकन के एक हफ्ते पहले तक नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 भी भर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची पर 15 दिन के अंदर जिला निर्वाचन अधिकारी और 30 दिन के भीतर सीईओ कार्यालय में आपत्ति कर सकते हैं। धौलाना आंशिक सीट पर ये हैं मतदाता धौलाना सीट जनपद हापुड़ में आती है। इसका कुछ हिस्सा गाजियाबाद जनपद में आता है। आंशिक सीट पर कुल 98,189 मतदाता हैं। गाजियाबाद की पांचों विधानसभा और धौलाना आंशिक सीट के मतदाता को जोड़कर कुल 23,61,702 मतदाता हो गए हैं। इस तरह कुल 13,19,238 पुरुष मतदाता और 10,42,330 महिला मतदाता हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आत्मीय अगवानी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की शनिवार को भोपाल के स्टेट हैंगर पर आत्मीय अगवानी की। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह रायसेन में आयोजित कृषि महोत्सव प्रर्दशनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए ट्रांजिट विजिट पर स्टेट हैंगर भोपाल आये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह का पुष्प-गुच्छ  एवं शॉल ओढ़ाकर प्रदेश में आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रक्षा मंत्री को   स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। स्टेट हैंगर में अल्प-विश्राम के बाद केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर से रायसेन के लिए रवाना हुए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल के लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, विधायक विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति, जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भी केंद्रीय मंत्री सिंह को पुष्प-गुच्छ भेंट किए।  

सावधान! बिना OTP के अकाउंट हो सकता है हैक, WhatsApp यूजर्स के लिए चेतावनी

हिसार. पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने आमजन को वॉट्सऐप पर सक्रिय एक नए और गंभीर साइबर फ्राड के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी की तरफ से घोस्ट पेयरिंग नामक एक खतरनाक हैकिंग कैंपेन को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इसमें साइबर अपराधी बिना पासवर्ड, ओटीपी या सिम स्वैप के ही वॉट्सऐप अकाउंट को अपने कब्जे में ले लेते हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस साइबर ठगी में अपराधी किसी परिचित के नाम से वॉट्सऐप पर एक संदिग्ध लिंक भेजते हैं। जैसे देखो यह फोटो। जैसे ही यूजर इस लिंक पर क्लिक करता है। एक फर्जी फेसबुक या मीडिया व्यूअर पेज खुलता है, जो वेरिफिकेशन के बहाने मोबाइल नंबर डालने को कहता है। नंबर डालते ही हैकर्स वॉट्सऐप के फीचर का गलत इस्तेमाल कर अकाउंट को अपने डिवाइस से जोड़ लेते हैं। इस तरीके से ठग बैकग्राउंड में छिपकर यूजर के पुराने मैसेज पढ़ सकते हैं। रीयल-टाइम चैट देख सकते हैं और यूजर की ओर से उसके परिचितों को फोटो, वीडियो या मैसेज भेज सकते हैं। इससे न केवल निजता भंग होती है, बल्कि ठगी का दायरा तेजी से फैलता है। उन्होंने आमजन को सलाह दी कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी बाहरी वेबसाइट पर अपना मोबाइल नंबर, ओटीपी या निजी जानकारी दर्ज न करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह हो कि उसका अकाउंट हैक हो गया है, तो तुरंत इंटरनेट बंद करें, वॉट्सऐप सेटिंग्स चेक करें और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाएं। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में बिना देरी के राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करे।