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रायबरेली में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार की चपेट में आए 8 लोग, चार की मौत

  रायबरेली रायबरेली जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार ने आठ लोगों को टक्कर मार दी. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि यह हादसा जगतपुर पुलिस थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव के पास तब हुआ, जब कोडर गांव के निवासी चुली गांव में आयोजित सामुदायिक भोज से लौट रहे थे. दो महिलाओं की मौके पर ही मौत पुलिस के मुताबिक ये लोग एक्सप्रेसवे से होकर गुजर रहे थे तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. पुलिस ने बताया कि हिमांशी (23) और शालिनी (22) नाम की दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में रश्मी (14) और आसमा (22) ने बाद में दम तोड़ दिया. घायल जिला अस्पताल में भर्ती पुलिस के मुताबिक हादसे में रिया पटेल (14), प्रिया पटेल (12), साधना (नौ), मीना (22) और रेशमा (14) घायल हुई हैं. उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया है. पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया. उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी घटना की जानकारी होने पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर तथा पुलिस अधीक्षक रवि कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह दुर्घटना निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार के कारण हुई. गाड़ी को को जब्त कर लिया गया है और ड्राइवर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.

सूरजकुंड मेले में हादसे पर दुष्यंत चौटाला का बयान, कहा- पर्यटन विभाग की लापरवाही से हुई छवि को क्षति

चंडीगढ़  पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने फरीदाबाद में चल रहे 39वे सूरजकुंड शिल्प मेले में हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त सूरजकुंड मेले में ऐसा हादसे होने से इस मेले और हरियाणा की प्रतिष्ठा को ना सिर्फ देश में, बल्कि विश्व स्तर पर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हादसे से हरियाणा की छवि को हुए नुकसान के लिए हरियाणा का पर्यटन विभाग जिम्मेदार है। मेले में 50 देशों के 700 से ज्यादा शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं और देश-विदेश से पर्यटक आ रहे हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सूरजकुंड का अंतर्राष्ट्रीय मेला हाथ से सामान बनाने वाले देश-दुनिया के उम्दा कलाकारों को एक शानदार प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाता है। इस मेले में देश विदेश से लाखों पर्यटक आते हैं और शिल्पकारों व कलाकारों के बनाए सामान को देखते और खरीदते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पर्यटन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों से इस मेले को कमाई का जरिया बना लिया है और इसमें एडवेंचर के नाम पर असुरक्षित झूले लगाने की इजाजत दी जा रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऐसे झूलों की तरफ पर्यटक आकर्षित होते हैं और हथकरघा कारीगरों के काम की अनदेखी होती है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेले में ये झूले गैरजरूरी और कारीगरों की अनदेखी करवाने वाला कदम है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इन झूलों को लगाने की इजाजत देने वाली नीति को बंद किया जाना चाहिए। वरिष्ठ जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने इस हादसे में मारे गए पुलिसकर्मी के परिवार को उचित आर्थिक सहायता के साथ परिवार को एक्सग्रेसिया के तहत एक नौकरी भी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मृतक पुलिसकर्मी ने बहादुरी के साथ अपनी ड्यूटी निभाई है और राज्य सरकार को कैबिनेट से मंजूरी दिलवाकर उनके परिवार को एक नौकरी और पर्याप्त सहायता देनी चाहिए। साथ ही हादसे में घायल हुए लोगों को उचित इलाज के साथ आर्थिक सहायता भी देने की मांग उन्होंने की।

विवेक ओबेरॉय को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, बिना इजाजत फोटो के इस्तेमाल पर होगी सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली बॉलीवुड सेलेब्स इन दिनों पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख कर रहे हैं। सलमान खान, अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, रजनीकांत, अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय, अभिषेक बच्चन, ऋतिक रोशन और जैकी श्रॉफ समेत कई स्टार्स को कोर्ट से पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा मिल चुकी है। अब इस कड़ी में अभिनेता विवेक ओबरॉय का नाम भी शामिल हो चुका है। कोर्ट ने अपने नए आदेश में साफ कर दिया है कि अभिनेता की बिना परमिशन के उनसे जुड़ी किसी भी सामग्री का इस्तेमाल अपराध होगा। अभिनेता का कोर्ट में पक्ष रख रही अधिवक्ता सना रईस खान ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने विवेक आनंद ओबेरॉय के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए एक निर्णायक आदेश जारी किया है, जिससे उनके नाम, छवि और आवाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। न्यायालय ने उल्लंघनकारी सामग्री को तत्काल हटाने का आदेश दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उल्लंघन करने वाले लोग कानून से बच नहीं पाएंगे। अधिवक्ता सना रईस खान के मुताबिक सिनेमा और उद्यम जगत के एक अग्रणी व्यक्ति और दो दशकों से समाज के लिए काम कर रहे ओबेरॉय को जान-बूझकर निशाना बनाया गया है। यह सिर्फ कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि उनके निजी जीवन और परिवार पर हमला है। इससे उनके परिवार और छोटे बच्चों पर गलत असर भी पड़ेगा। अभिनेता की कानूनी जीत एक सशक्त मिसाल कायम करती है कि किसी व्यक्ति का वंश सार्वजनिक संपत्ति नहीं है। क्लिकबेट या लाभ पाने के लिए उनके व्यक्तित्व के साथ किया गया खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वालों को कानूनी तौर पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। अभिनेता की तरफ से दायर शिकायत में जिक्र किया गया कि कई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां और डिजिटल टेक्नोलॉजी मिलकर बिना इजाजत के उनके फोटो, वीडियो, आवाज और ब्रॉडिंग के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। अभिनेता की तरफ से यह भी पक्ष रखा गया कि कई बार ऑनलाइन साइट्स से सामग्री को हटाने के लिए कहा गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट का रुख किया गया। बता दें कि हिंदी सिनेमा से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा के सेलेब्स को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है क्योंकि अपने लाभ के लिए कई ऑनलाइन साइट्स सेलेब्स के नामों और फोटोज का इस्तेमाल धड़ल्ले से करती हैं। 

तेजप्रताप यादव का बड़ा आरोप: इन 5 नेताओं ने की साजिश, गद्दारों की लिस्ट का किया खुलासा

पटना. बिहार की राजनीति में अपनी बेबाकी और अलग अंदाज के लिए चर्चित लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर पार्टी के भीतर खलबली मचा दी है. इस बार उन्होंने किसी पहेली का सहारा लेने के बजाय सीधे तौर पर उन पांच नामों का खुलासा किया है, जिन्हें वे अपनी राजनीतिक राह का कांटा और ‘जयचंद’ मानते हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि ये पांचों नेता उनके खिलाफ गहरी साजिश रच रहे हैं और उन्हें उनके भाई तेजस्वी यादव से दूर करने की कोशिश में जुटे हैं. तेज प्रताप यादव ने जिन पांच नामों को ‘जयचंद’ की श्रेणी में रखा है, वे आरजेडी के बेहद रसूखदार चेहरे हैं. आइए इन पांचों नेताओं के बारे में विस्तार से जानते हैं . कौन हैं तेज प्रताप यादव के वो ‘पांच जयचंद’? तेजप्रताप यादव ने साजिशकर्ताओं के नाम और क्रम भी बताया है. उनके अनुसार,जयचंद्रों के क्रम में पहले नंबर पर महुआ के पूर्व विधायक मुकेश रौशन है तो नंबर दो पर राज्यसभा सांसद संजय यादव. नंबर तीन पर तेजस्वी यादव के करीबी रमीज नेमत, जबकि नंबर चार पर आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव हैं. नंबर पांच पांच पर जो नाम है वह भी चौंकाने वाला है, क्योंकि सुनील सिंह राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के तौर पर जाने जाते हैं. आइए इन पांचों के बारे में भी जानते हैं. मुकेश रौशन: महुआ के पूर्व विधायक और ‘नंबर एक’ दुश्मन तेज प्रताप यादव की सूची में पहले स्थान पर मुकेश रौशन का नाम है. मुकेश रौशन वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. दिलचस्प बात यह है कि महुआ वही सीट है जहां से 2015 में तेज प्रताप खुद चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे. बाद में तेज प्रताप ने यह सीट मुकेश रौशन के लिए छोड़ दी थी.2020 का चुनाव तेज प्रताप यादव ने समस्तीपुर से लड़ा था. इसके बाद 2025 विधानसभा चुनाव में जनशक्ति जनता दल से उन्होंने फिर महुआ से चुनावी लड़ी, लेकिन मुकेश रौशन और तेज प्रताप यादव, दोनों ही चुनाव हार गए. एक समय में तेज प्रताप के बेहद करीबी माने जाने वाले मुकेश अब उनके निशाने पर हैं. संजय यादव: तेजस्वी के रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद सूची में दूसरा सबसे प्रभावशाली नाम संजय यादव का है. संजय यादव वर्तमान में आरजेडी के राज्यसभा सांसद हैं और उन्हें तेजस्वी यादव का ‘दायां हाथ’ माना जाता है. हरियाणा के रहने वाले संजय यादव लंबे समय से तेजस्वी के राजनीतिक सलाहकार और रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे हैं. तेज प्रताप यादव अक्सर यह आरोप लगाते रहे हैं कि संजय यादव जैसे बाहरी लोग परिवार के बीच में आकर भाई-भाई को लड़ाने का काम करते हैं. उनके लिए संजय यादव उस ‘सिस्टम’ का हिस्सा हैं जो तेज प्रताप को मुख्य राजनीति से दूर रखता है. रमीज नेमत: तेजस्वी यादव के साये की तरह रहने वाले करीबी तेज प्रताप ने तीसरे नंबर पर रमीज नेमत का नाम लिया है. रमीज का परिचय राजनीतिक गलियारों में तेजस्वी यादव के बेहद निजी और भरोसेमंद सहयोगी के तौर पर होता है. वे अक्सर तेजस्वी के साथ उनके दौरों और बैठकों में साये की तरह नजर आते हैं. तेज प्रताप का मानना है कि रमीज जैसे लोग सूचनाओं को फिल्टर करते हैं और उनके खिलाफ तेजस्वी के कान भरते हैं. संगठन में रमीज की बढ़ती सक्रियता तेज प्रताप को हमेशा से खटकती रही है. बता दें कि तेज प्रताप यादव की बड़ी बहन रोहिणी आचार्य ने भी रमीज की लालू परिवार में घुसपैठ पर सवाल उठाया था. शक्ति सिंह यादव: पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और प्रखर चेहरा चौथे स्थान पर तेज प्रताप ने शक्ति सिंह यादव को रखा है. शक्ति सिंह यादव आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता हैं और टीवी चैनलों पर पार्टी का सबसे मजबूत पक्ष रखते हैं. वे हिलालपुर (हिलसा) से पूर्व विधायक भी रहे हैं. तेज प्रताप का आरोप है कि शक्ति सिंह यादव जैसे नेता सार्वजनिक रूप से तो पार्टी की बात करते हैं, लेकिन भीतर ही भीतर तेज प्रताप की छवि बिगाड़ने का काम करते हैं. प्रवक्ता के तौर पर उनके बयानों और सक्रियता को तेज प्रताप ने अपनी अनदेखी से जोड़कर देखा है. सुनील सिंह: विधान पार्षद और बिस्कोमान के अध्यक्ष पांचवें ‘जयचंद’ के रूप में तेज प्रताप ने सुनील सिंह का नाम लिया है. सुनील सिंह बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) हैं और बिस्कोमान के अध्यक्ष के तौर पर सहकारिता जगत का बड़ा नाम हैं. सुनील सिंह को लालू प्रसाद यादव का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता रहा है, बिहार की राजनीति में उनकी पहचान तेज प्रताप यादव की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई के तौर पर है. अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट के जरिए चर्चा में रहने वाले सुनील सिंह के साथ तेज प्रताप के रिश्ते काफी समय से तल्ख रहे हैं. तेज प्रताप को लगता है कि सुनील सिंह अपनी पहुंच का इस्तेमाल उनके राजनीतिक कद को छोटा करने में कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: मंत्री विजय शाह पर कर्नल कुरैशी के मामले में चार बार माफी की मांग

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी। क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पहली और दूसरी माफी: विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं। तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान 23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं। चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।  

अमित शाह का तोहफा: MP में 550 करोड़ की मदद, बिजली बिल में आएगी राहत

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

कानपुर अस्पताल में हादसा: नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से नवजात की मौत, डॉक्टरों का भागना

 कानपुर कानपुर के बिठूर इलाके में स्थित राजा नर्सिंग होम में शाम अरुण निषाद की नवजात बच्ची की वार्मर मशीन में जलने से मौत हो गई. शालू नाम की महिला ने शाम करीब 4-5 बजे एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था. अस्पताल की नर्सों ने बच्ची को ठंड से बचाने के लिए उसे आईसीयू की वार्मर मशीन पर रखा था. नर्सिंग स्टाफ मशीन चलाकर उसकी निगरानी करना भूल गया, जिससे मशीन का तापमान अत्यधिक बढ़ गया. इस तकनीकी और मानवीय लापरवाही के कारण मासूम का शरीर काला पड़ गया और उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई. परिजनों का हंगामा, डॉक्टर फरार  बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन लापरवाही ने इसे मातम में बदल दिया. जब परिजनों ने बच्ची को देखने की जिद की, तो नर्सों ने उन्हें टाल दिया. शक होने पर परिजन जबरन आईसीयू में घुसे तो देखा कि मासूम का सिर और हाथ बुरी तरह जल चुके थे. इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा मच गया. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर विवेक मिश्रा और पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर मौके से फरार हो गया. पुलिस की कार्रवाई   सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अस्पताल के आईसीयू को सील कर दिया गया है.स्वास्थ्य विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया गया है. पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर, अस्पताल संचालक ने इसे महज एक 'हादसा' करार दिया है. पीड़ित परिवार का बुरा हाल यह अरुण की पहली संतान थी, जिसकी मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है. बच्ची की दादी प्रेमा और अन्य रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. सबसे दुखद पहलू यह है कि अभी तक बच्ची की मां शालू को उसकी मौत की खबर नहीं दी गई है. परिजनों की मांग है कि इस आपराधिक लापरवाही के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और अस्पताल का लाइसेंस रद्द हो.

दिल्ली के 9 स्कूलों को बम धमकी, जांच में जुटी बम स्क्वाड और पुलिस

 नई दिल्ली दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार सुबह अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह करीब 8.30 से 9 बजे के बीच शहर के 9 बड़े स्कूलों को बम की धमकी वाली कॉल मिली. स्कूलों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. इसके बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. सुरक्षा के लिए बच्चों और स्टाफ को बाहर निकालकर स्कूल की पूरी तलाशी ली गई. बताया जा रहा है कि सभी कॉल लगभग एक ही समय पर आईं, इसलिए एजेंसियां सतर्क हैं. फिलहाल पुलिस कॉल करने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है. जिन 9 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, उनमें दिल्ली कैंट का लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी का केम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी का वेंकटेश्वर स्कूल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का केम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर का इंडियन स्कूल, रोहिणी का CM श्री स्कूल, आईएनए का DTA स्कूल, रोहिणी का बाल भारती स्कूल और न्यू राजेंद्र नगर का वनस्थली स्कूल शामिल हैं. इन सभी स्कूलों में सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और एहतियाती कदम उठाए गए हैं. ईमेल में क्या लिखा है? धमकी भरे ईमेल में उकसावे और भड़काऊ संदेश लिखे गए हैं, जिसमें "दिल्ली बनेगा खालिस्तान", "अफजल गुरु की याद में" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मेल में यह भी दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1:11 बजे स्कूल में धमाका होगा और अंत में खुद को "खालिस्तान नेशनल आर्मी" के नाम से जोड़ा गया. हालांकि इस तरह के संदेशों को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच करती हैं और आमतौर पर लोगों से अपील की जाती है कि ऐसे दावों पर घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें. जनवरी से फरवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों को बम की धमकियों का सिलसिला लगातार देखा गया है. 7 फरवरी को बड़े पैमाने पर भेजे गए एक ईमेल के बाद 50 से अधिक स्कूलों को खाली कराया गया था, जिसे बाद में गृह मंत्रालय ने फर्जी बताया. इससे पहले 28-29 जनवरी को सरदार पटेल विद्यालय, लॉरेटो कॉन्वेंट और डॉन बॉस्को समेत पांच स्कूलों को धमकियां मिली थीं, लेकिन जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला और कुछ ही घंटों में परिसर सुरक्षित घोषित कर दिए गए.

रांची समेत पूरे झारखंड में बढ़ी ठिठुरन, कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

रांची झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से तापमान में आई बढ़ोतरी के बाद अब राज्य में कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बफर्बारी और वहां से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। विभाग का कहना है कि यह शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। डाल्टनगंज में तापमान 8.02 डिग्री, खूंटी में 8.6 डिग्री, जबकि लातेहार और लोहरदगा में यह 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। राज्य के कम से कम 13 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। इनमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू प्रमुख हैं। ठंड के साथ-साथ सुबह के समय घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। "सूर्योदय के बाद ही घर से निकलें" मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और रांची में सुबह के समय द्दश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों और यात्रियों को विशेष सतकर्ता बरतने तथा सूर्योदय के बाद ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि जमशेदपुर में यह 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।  

6 दिवसीय रोजगार मेले में मिलेगा करियर बनाने का मौका, बड़ी कंपनियाँ करेंगी सीधी भर्ती

रायपुर प्रदेश के युवाओं को निजी क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संभाग स्तरीय रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेले 12 से 17 फरवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों में आयोजित होंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 एवं 13 फरवरी को बिलासपुर संभाग में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को दुर्ग संभाग में रोजगार मेले का आयोजन होगा। वहीं 16 एवं 17 फरवरी को सरगुजा और बस्तर संभाग में रोजगार मेले लगाए जाएंगे। इन रोजगार मेलों में निजी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी। कंपनियों के प्रतिनिधि मौके पर ही अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगे, जिससे युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल अथवा छत्तीसगढ़ रोजगार मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन कर सकते हैं। पंजीकृत उम्मीदवारों को रोजगार मेले के दौरान साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया में शामिल होने की सुविधा प्रदान की जाएगी।