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हेल्थ और बच्चों का भविष्य साथ-साथ: रेडक्रॉस का डबल प्लान, हरियाणा में किफायती लैब शुरू

चंडीगढ़ हरियाणा में आमजन को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। हरियाणा रेडक्रास सोसायटी ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत क्लीनिकल लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन लैब्स में लोगों को बेहद रियायती दरों पर विभिन्न मेडिकल जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सोसायटी के वाइस चेयरमैन अंकुश मिगलानी ने चंडीगढ़ में जानकारी देते हुए बताया कि सिविल अस्पतालों में आमजन को कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा देने के उद्देश्य से जिला स्तर पर लैब खोलने का फैसला लिया गया है। इस पहल से खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, रेडक्रास सोसायटी ने जूनियर रेडक्रास कैंप से जुड़ी गतिविधियों को भी मजबूत करने का निर्णय लिया है। कैंप के लिए मिलने वाली राशि को सीधे बच्चों की सुविधाओं और उनके विकास पर खर्च किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 13 जिलों के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें संबंधित जिलों का दौरा करेंगी, जूनियर रेडक्रास कैंप की गतिविधियों का निरीक्षण करेंगी और बच्चों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को समझेंगी। इस पहल को स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

प्रदेश में हवाई पट्टियों के विकास से सुदृढ़ हो रही क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी

भोपाल मध्यप्रदेश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को सुदृढ़ बनाने और दूरस्थ जिलों को हवाई सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा हवाई पट्टियों के विकास एवं विस्तार के लिए सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश में पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके लिए मध्यप्रदेश सिविल एविएशन पॉलिसी-2025 लागू की गई है, जिसका उद्देश्य विमानन अधोसंरचना का विकास कर हवाई सेवाओं का विस्तार करना है। प्रदेश की 11 हवाई पट्टियों – सिवनी, सागर, गुना, रतलाम, उज्जैन, बिरवा (बालाघाट), उमरिया, छिंदवाड़ा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी को उड़ान प्रशिक्षण और अन्य विमानन गतिविधियों के संचालन के लिए निजी संस्थाओं को उपयोग के लिए दिए जाने की पहल की गई है। इस पहल से विमानन क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही हवाई पट्टियों का बेहतर संधारण एवं अनुरक्षण भी सुनिश्चित होगा। प्रदेश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश वायु संपर्कता नीति-2018 भी लागू की गई है। इस नीति में चयनित एयरलाइंस को प्रदेश के विभिन्न शहरों के बीच उड़ान सेवाएँ प्रारंभ करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) में भी प्रदेश में हवाई अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। वर्ष 2024-25 में दतिया हवाई पट्टी के विकास एवं विस्तार के लिए इसे भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंपा गया। दतिया एयरपोर्ट प्रदेश का 8वाँ हवाई अड्डा है, जहाँ से छोटे यात्री विमानों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 में शिवपुरी एवं उज्जैन की हवाई पट्टियों के विकास और विस्तार के लिए भी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन हवाई पट्टियों को उन्नत कर क्षेत्रीय हवाई अड्डों के रूप में विकसित करने और नियमित विमान सेवाओं के संचालन योग्य बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही वर्तमान में प्रगति पर है। प्रदेश में हवाई अधोसंरचना के इस विस्तार से न केवल हवाई संपर्क सुदृढ़ होगा, बल्कि पर्यटन, उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल से थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने की सौजन्य भेंट

भोपाल में प्रस्तावित सेना दिवस आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध परंपरा, शौर्य और बलिदान से जोड़ने का होगा महत्वपूर्ण अवसर : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से निवास कार्यालय, भोपाल में थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सौजन्य भेंट की। जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आगामी वर्ष में भोपाल में आयोजित होने वाली सेना दिवस परेड के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में सेना एवं राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ देशभक्ति, सैन्य सम्मान और जन-भागीदारी की भावना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि भोपाल में प्रस्तावित सेना दिवस आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध परंपरा, शौर्य और बलिदान से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। इससे प्रदेश के युवाओं में सेना में शामिल होकर राष्ट्र सेवा करने की प्रेरणा भी मिलेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को भी सुदृढ़ करेंगे। थल सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने बताया कि 15 जनवरी 2027 को भोपाल में भव्य सेना दिवस परेड आयोजित की जाएगी, जिसकी भव्यता और स्वरूप नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के समान होगा। इस आयोजन के अंतर्गत परेड के साथ सैन्य प्रदर्शनी, सैन्य अभ्यास, शौर्य संध्या और विभिन्न आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि कार्यक्रमों की शुरुआत 1 नवंबर 2026 को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से ‘मेरी माटी अभियान’ के अंतर्गत की जाएगी। जनवरी 2027 में 7 से 12 जनवरी तक सैन्य प्रदर्शनी, 9, 11 एवं 13 जनवरी को परेड अभ्यास, 11 एवं 13 जनवरी को शौर्य संध्या अभ्यास तथा 11-12 जनवरी को बड़े तालाब में सैन्य गतिविधियां आयोजित होंगी। मुख्य परेड 15 जनवरी को प्रस्तावित मार्गों पर आयोजित की जाएगी, जबकि शौर्य संध्या और अन्य कार्यक्रम शहर के विभिन्न स्थलों पर संपन्न होंगे। बैठक में लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान, लेफ्टिनेंट जनरल रंजीत सिंह, मेजर जनरल विकास लाल, बिग्रेडियर नितिन भाटिया, कर्नल सौरभ कुमार, सन्नी जुनेजा, राजेश बंडले तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में गौवंश संरक्षण के लिए बजट और नीतियों में बड़े बदलाव : मंत्री पटेल

मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज भोपाल में "गौ सेवा से राष्ट्र निर्माण" विषय पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन भोपाल भारतीय संस्कृति में गाय का स्थान केवल एक पशु का नहीं, बल्कि माता का रहा है। प्रदेश में गोवंश के संरक्षण के लिए बजट और नीतियों में बड़े बदलाव किए गए हैं। जिसके अंतर्गत अब सरकार गोशालाओं के लिए प्रति गाय प्रतिदिन 40 रुपये की राशि प्रदान कर रही है। स्वावलंबी मॉडल गौशालाओं के अंतर्गत सरकार 130 एकड़ जमीन और 5000 गायों के पालन के साथ सीएनजी और जैविक खाद उत्पादन मॉडल पर काम कर रही है। पशुपालन एवं डेयरी राज्‍यमंत्री स्‍वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने यह बात संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। भोपाल स्‍थ‍ित मानसरोवर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के तीनों आयुर्वेदिक महाविद्यालय और विश्व आयुर्वेद परिषद के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को 'गौ-सेवा से राष्ट्र निर्माण' संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश में गौ-संवर्धन एवं संरक्षण को लेकर विशेषज्ञों और जन प्रतिनिधियों ने युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान गौ-संरक्षण, जैविक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने पर चर्चा की गई। राज्‍यमंत्री पटेल ने कहा मध्यप्रदेश सरकार ने अब पशुपालन एवं डेयरी विभाग का नाम बदलकर गौपालन पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग कर दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निराश्रित गौवंश के संरक्षण और गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक अभिनव योजना तैयार की गई है। इसके तहत लगभग 130 एकड़ भूमि निवेशकों को उपलब्ध कराई जाएगी, जहां न्यूनतम 5 हजार गौमाताओं के साथ बड़े स्तर पर आधुनिक गौशालाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना का उद्देश्य गौशालाओं को केवल आश्रय स्थल नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से स्वावलंबी इकाइयों के रूप में विकसित करना है। इसके लिए गौशालाओं में सीएनजी उत्पादन, जैविक खाद निर्माण, दुग्ध उत्पादन, ब्रीडिंग और सोलर ऊर्जा जैसे बहुआयामी कार्य किए जाएंगे। विशेष रूप से गोबर से सीएनजी बनाने और जैविक खाद तैयार करने पर जोर दिया जाएगा, जिससे आय के स्थायी स्रोत विकसित होंगे। राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि 5 हजार गौमाताओं की क्षमता वाली इन गौशालाओं में भविष्य में 15 से 20 हजार तक गौवंश रखने की व्यवस्था की जाएगी। इससे उत्पादन और आय में वृद्धि होगी और गौशालाएं पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सकेंगी। प्रदेश के 32 जिलों में इस योजना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि 7 जिलों में टेंडर जारी किए जा चुके हैं। दमोह जिले में इस मॉडल की पहली गौशाला स्थापित की जा रही है। यह मॉडल पर्यटन को भी बढ़ावा देगा और प्रदेश में आवारा गौवंश की समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में परम गौसेवक गुरुदेव अच्युतानंद, सारस्वत वक्ता वैद्य प्रदीप त्रिपाठी, विश्व आयुर्वेद परिषद् के संरक्षक राम प्रताप सिंह राजपूत, डॉ. संध्या चौकसे, मानसरोवर ग्लोबल यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय, मानसरोवर समूह के आयुर्वेद संचालक डॉ. बाबुल ताम्रकार, मानसरोवर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग सिंह राजपूत, साईं इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च एंड मेडिसिन की प्राचार्या डॉ. मनीषा राठी उपस्‍थ‍ित रहीं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- किसान समृद्ध होंगे, तभी समृद्ध होगा हमारा प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने किया अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारी धरोहर हैं। ये अन्नदाता ही देश के भाग्य विधाता हैं। सरकार प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए कृत संकल्पित है। अन्नदाताओं को मजबूत करने के लिए ही हम 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसमें सरकार का पूरा फोकस खेती को आधुनिक तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन से जोड़ने पर है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन के साथ गौपालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा वादा और पक्का काम, यही सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया था, वह पूरा करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत@2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में किसानों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान एवं नयी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में आगर-मालवा जिले के लिए 167.21 करोड़ रुपए लागत की आहू मध्यम सिंचाई परियोजना और 24.88 करोड़ रुपए की लागत से हड़ाई तालाब निर्माण को मंजूरी दी गई। करीब 200 करोड़ रुपए की इन दोनों योजनाओं से आगर-मालवा जिले के खेतों तक पानी पहुंचेगा और 4800 हैक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी। आगर-मालवा जिले को यह दो सौगातें मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत कर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर आगर-मालवा जिले के बड़ोद क्षेत्र के कुछ गांवों के अटपटे से नाम बदलने का आश्वासन किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द वे स्वयं आगर-मालवा आएंगे और किसानों के बीच जाकर उनसे संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद आगर-मालवा को विकास को नए पंख लगे हैं। अब राजस्थान के झालावाड़ से नया हाई-वे भी सीधे उज्जैन के बाबा महाकाल और नलखेड़ा की मां बगुलामुखी धाम को जोड़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और माल परिवहन में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने उद्यानिकी फलदार पौधों के मूल्यांकन एवं मुआवजा राशि में वृद्धि कर दी है। इसके तहत हमने आगर-मालवा जिले के मशहूर ओडीओपी उत्पाद संतरे की फसल के लिए पूर्व निर्धारित दर 4500 प्रति वृक्ष को बढ़ाकर 17,500 प्रति वृक्ष कर दिया गया है। यह जिले के संतरा उत्पादक किसानों के लिए बड़ी सौगात है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना का लाभ सोयाबीन किसानों को दिया है। अब इस योजना में सरसो की फसल को भी शामिल कर किसानों को नई सौगात दी गई है। गेहूं उत्पादक किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देकर सरकार 2625 रुपए मूल्य पर खरीदी कर रही है। तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं। आगर-मालवा विधायक श्री मधु गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधाओं से लैस हो रहा है और आगर मालवा जिला भी इससे अछूता नहीं है। कृषि कल्याण वर्ष में जिले के किसानों की समृद्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 करोड़ लागत की सिंचाई परियोजना और तालाब विकास कार्यों को मंजूर किया है। उन्होंने औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों को आगर मालवा से ईकाई प्रारंभ करने के लिए आकर्षित किया है। अब जिले में फूड चेन मकेन कंपनी की स्थापना से यहां के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आगर मालवा में 18 हजार करोड़ रुपए की लागत से भगवान श्री बैजनाथ धाम का निर्माण किया जा रहा है। आगर मालवा को गोकुल ग्राम, 2 नवीन महाविद्यालय और अनेकों गौशालाओं की सौगात मिली है। अभिनंदन समारोह में जिलाध्यक्ष श्री ओम मालवीय, श्री मेहरबान सिंह सहित आगर-मालवा जिले से बड़ी संख्या में आए किसान बंधु एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

पूर्व मंत्री पवैया ने संभाला राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष का पदभार

उप मुख्यमंत्री देवड़ा एवं शुक्ल ने दी शुभकामनाएं भोपाल पूर्व मंत्री जय भान सिंह पवैया ने सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा और शुक्ल ने पवैया को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में राज्य वित्त आयोग पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने भी पवैया को शुभकामनाएं दीं। संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधनों के तहत पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 243 (आई) एवं 243 (वाई) के अनुसार प्रत्येक राज्य में हर पांच वर्ष में राज्य वित्त आयोग का गठन किया जाता है। यह राज्य का 6वाँ वित्त आयोग है। राज्य वित्त आयोग का मुख्य उद्देश्य पंचायतों एवं नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति का आकलन करना, उनके आय के स्रोतों को मजबूत करने के उपाय सुझाना तथा राज्य के करों, शुल्कों एवं अनुदानों के उचित वितरण के संबंध में अनुशंसाएं देना है।  

सीएम योगी का बड़ा संदेश: जवान बेफिक्र रहें, परिवार की सुरक्षा सरकार करेगी

लखनऊ  ‘आप बेफिक्र होकर देशसेवा कीजिए। आपके परिवार समेत प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा, सहूलियत, सुरक्षा और सम्मान सरकार के जिम्मे है। सरकार इसे लेकर पहले दिन से गंभीर है।’ ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में आए सैनिकों से कहीं। मुख्यमंत्री ने सैनिकों की समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि निश्चिंत होकर घर जाइए। सरकार हर समस्या का उचित निराकरण कराएगी। ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जनपदों से पुलिस, जमीनी विवाद, आर्थिक सहायता व स्थानांतरण आदि से जुड़े मामले भी आए। सीएम ने एक-एक कर सबकी समस्याओं को सुना, प्रार्थना पत्र लेकर अधिकारियों को समय सीमा के अंदर उनके उचित निस्तारण का निर्देश दिया। ‘जनता दर्शन’ में कई जनपदों से सैनिक भी आए। इनमें से कुछ मामले जमीनी विवादों के भी थे। सीएम योगी ने इनके प्रार्थना पत्र लिए और स्थानीय जिला-प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश की सीमा व आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवानों से संपर्क करें। उनकी समस्याओं का हर हाल में समयसीमा के अंदर उचित निराकरण कराएं और पीड़ित परिवार को संतुष्ट करें। ‘जनता दर्शन’ में पुलिस, जमीनी विवाद, आर्थिक सहायता और स्थानांतरण से जुड़े मामले भी आए। सीएम योगी ने पीड़ितों के प्रार्थना पत्र लेते हुए कहा कि जमीनी विवाद में सभी पक्षों को सुनकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इलाज के लिए आर्थिक सहायता के मामले पर सीएम ने मरीज के परिजनों से कहा कि आर्थिक सहायता के लिए आवेदन करते हुए अस्पताल से एस्टीमेट बनवा लीजिए। सरकार हर तबके की मदद के लिए तत्पर है। आप मरीज की देखभाल कीजिए, इलाज की चिंता सरकार पर छोड़ दीजिए, सरकार पूरी मदद करेगी। धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। वहीं जनता दर्शन को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''लोकहित एवं सुशासन के प्रति दृढ़ संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर 'जनता दर्शन' में आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु निर्देशित किया।''

श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर 7 स्थलों पर होगा प्राकट्य पर्व का आयोजन

लोक एवं भक्ति गायन के साथ नृत्य में दिखेगी श्रीराम की महिमा भोपाल श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराने के उद्देश्य से प्राकट्य पर्व का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार 27 मार्च, 2026 को सात स्थलों पर श्रीराम केन्द्रित नृत्य नाटिका, गायन सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया जाएगा। इनमें श्रीराम राम राजा मंदिर प्रांगण ओरछा धाम (निवाड़ी), भरत घाट – चित्रकूट (सतना), श्रीराम जानकी (पंचायती) मंदिर – शहडोल, मंगल भवन परिसर – उमरिया, जुगल किशोर मंदिर प्रांगण – पन्ना, सीतामढ़ी – कोतमा (अनूपपुर) और अहमदपुर – बरेली (रायसेन) पर कार्यक्रम सायं 7 बजे से प्रारंभ होगा और कार्यक्रम में सभी का प्रवेश नि:शुल्क रहेगा। श्रीराम के सम्बन्ध में पौराणिक मान्यताओं के साथ स्थानीय स्तर पर भी अनेक आख्यान, जनश्रुतियां प्रचलित हैं, जो आम जनमानस में विश्वास के रूप में मान्य है। संस्कृति विभाग द्वारा श्रीराम जन्मोत्सव की गरिमा के अनुरूप, धार्मिक एवं पौराणिक मान्यताओं को दृष्टिगत रखते हुए ‘प्राकट्य पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। ओरछा धाम में होने वाले कार्यक्रम में सर्वप्रथम बुन्देली लोक गायन की प्रस्तुति सुमुस्कान प्रजापति, छतरपुर द्वारा दी जाएगी। इसके बाद श्रीराम केन्द्रित नृत्य नाटिका सुमाण्डवी अजय आरोणकर, भोपाल के निर्देशन में होगी। वहीं, सुविख्यात गायिका सुसौम्या शर्मा, विदिशा द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। चित्रकूट में होने वाले कार्यक्रम में सर्वप्रथम बघेली लोक गायन की प्रस्तुति सुस्नेहा मिश्रा, मऊगंज द्वारा दी जाएगी। इसके बाद श्रीराम केन्द्रित नृत्य नाटिका सुतरुणा सिंह, ग्वालियर के निर्देशन में होगी। सुविख्यात भजन गायक शर्मा बंधु, उज्जैन द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। शहडोल में होने वाले कार्यक्रम में सर्वप्रथम बघेली लोक गायन की प्रस्तुति सुरीता तिवारी, रीवा द्वारा दी जाएगी। इसके बाद हनुमान लीला का मंचन अखण्ड सुदर्पण जन कल्याण समिति, खण्डवा के कलाकारों द्वारा होगा। सुविख्यात गायिका सुभारती विश्वनाथन, भोपाल द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। उमरिया में होने वाले कार्यक्रम में सर्वप्रथम बघेली लोक गायन की प्रस्तुति मुनीन्द्र मिश्रा, शहडोल द्वारा दी जाएगी। इसके बाद श्रीराम केन्द्रित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति डॉ. नेहा विश्वकर्मा, जबलपुर के निर्देशन में होगी। गायिका सुपल्लवी तिवारी, सिवनी द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। पन्ना में होने वाले कार्यक्रम में सर्वप्रथम बुन्देली लोक गायन की प्रस्तुति सुखुशी तिवारी, छतरपुर द्वारा दी जाएगी। इसके बाद श्रीराम केन्द्रित नृत्य नाटिका की प्रस्तुति सुमनस्वी भोजने, भोपाल के निर्देशन में होगी। गायक यश गोपाल श्रीवास्तव, सागर द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। कोतमा, अनूपपुर में होने वाले कार्यक्रम में सर्वप्रथम बघेली लोक गायन की प्रस्तुति अजय कुमार, सीधी द्वारा दी जाएगी। इसके बाद रामलीला की प्रस्तुति अरविंद कुमार पटेल, सीधी के निर्देशन में होगी। वहीं, गायक सुजीत तिवारी, वाराणसी द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जाएगी।  

आबकारी राजस्व में 20 प्रतिशत तक होगी वृद्धि : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

आबकारी व्यवस्था की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को मंत्रालय में आबकारी व्यवस्था वर्ष 26-27 की समीक्षा की। वर्ष 26-27 के म.प्र. समस्त मदिरा दुकानों का ई-टेडर एवं ई टेंडर कम ऑक्सन के माध्यम से निष्पादन करने का नीतिगत निर्णय लिया गया है। वर्ष 2026-2027 के लिए मदिरा दुकानों के वर्ष 2025-26 के वार्षिक मूल्य में आबकारी नीति अनुसार 20 प्रतिशत वृद्धि की जाकर वर्ष 2026-27 के लिए आरक्षित मूल्य का निर्धारण किया गया है। वर्ष 2026-27 के लिये मदिरा दुकानों से सरकार को 19 हजार 952 करोड़ की प्राप्ति होगी। अब तक कुल 6 चरणों में हुए मदिरा दुकानों के निष्पादन से 11 हजार 827 का आबकारी राजस्व सुनिश्चित हुआ है, जो कि वर्ष 2025-26 वार्षिक मूल्य से 30 प्रतिशत अधिक है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा को बताया गया कि अब तक उमरिया, सीधी, शहडोल, मडला, डिण्डोरी, खरगौन, आदि जिले सौ प्रतिशत राजस्व निष्पादित हो चुके हैं। कम राजस्व वसूली वाले जिले क्रमश: इन्दौर 78 प्रतिशत, ग्वालियर 79 प्रतिशत, धार 76 प्रतिशत, शिवपुरी 80 प्रतिशत, रीवा 85 प्रतिशत, खण्डवा 82 प्रतिशत, अशोकनगर 82 प्रतिशत सिंगरौली 83 प्रतिशत और नर्मदापुरम 93 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया जा चुका है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने निर्देशित किया है कि जिन जिलों में राजस्व का लक्ष्य प्राप्त करना शेष है उनमें भोपाल, जबलपुर, रतलाम, कटनी, शाजापुर, आलीराजपुर, दमोह, नीमच और झाबुआ जिला शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने इन जिलों पदस्थ जिला आबकारी अधिकारियों को विशेष प्रयास करने के लिये निर्देशित किया। समिति की बैठक में परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके उपस्थित थीं। साथ ही प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर, आबकारी आयुक्त एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।  

सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं : मंत्री परमार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में, भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 'सफलता के मंत्र' कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सहभागिता कर, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में चयनित अभ्यर्थियों को सफल सिविल सेवा एवं उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की। मंत्री परमार ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' की संकल्पना सिद्धि में, आप सभी शिल्पकार बनकर अपनी प्रशासनिक दक्षता, पुरुषार्थ एवं परिश्रम से सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। मंत्री परमार ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको समाज और राष्ट्र की सेवा करने का पुनीत अवसर मिला है। संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तीर्ण होना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति एक महान उत्तरदायित्व है। मंत्री परमार ने कहा कि अपनी इस असाधारण योग्यता को समाज और देश के उत्थान के लिए समर्पित करने का संकल्प लें। मंत्री परमार ने कहा कि कृतज्ञता ही मानवता का वास्तविक आभूषण है। हम चाहे सफलता के किसी भी शिखर पर पहुँच जाएँ, अपनी माटी का ऋण और अपनों के साथ को कभी नहीं भूलना चाहिए। यही कृतज्ञता का भाव 'लोक-कल्याण' की नींव रखता है। मंत्री परमार ने कहा कि देश की उन्नति का मार्ग गुरुओं के प्रति सम्मान से ही प्रशस्त होता है। शिक्षक चाहे विद्यालयीन शिक्षा के हो अथवा महाविद्यालयीन शिक्षा के हों, उनका स्थान हमारे जीवन में सदैव सर्वोच्च रहना चाहिए। मंत्री परमार ने कहा कि जब हम अपने गुरुजनों का सम्मान करते हैं, तो राष्ट्र स्वतः ही ज्ञान के शिखर की ओर अग्रसर होता है। मंत्री परमार ने कहा कि वास्तविक विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का जीवन स्तर सुधरे। ग्रामीण अंचल के विकास की मुख्यधारा से पिछड़े हुए लोगों का हाथ पकड़कर उन्हें आगे बढ़ाना ही हमारा पुनीत कर्तव्य है। सशक्त ग्रामीण भारत ही 'विकसित भारत' की नींव है। मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारियों के बलिदान को स्मरण करते हुए, राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता पर बल दिया। आइए, हम सब मिलकर समन्वय के भाव से भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने का दृढ़ संकल्प लें और अपनी प्रतिबद्ध सहभागिता से विकसित भारत@2047 की संकल्पना सिद्धि में सहभागिता सुनिश्चित करें। कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा-2025 में चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी सफलता के विभिन्न पहलुओं और प्रयासों से अवगत करवाया। साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से संवाद कर, उनकी जिज्ञासाओं पर अपने विचार भी साझा किए। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में, हर वर्ष प्रदेश के अभ्यर्थियों के चयन की संख्या निरंतर बढ़ रही है। सिविल सेवा परीक्षा-2025 में, प्रदेश के 61 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, इनमें से दो अभ्यर्थियों ने देश भर में टॉप 10 में जगह बनाई है।