samacharsecretary.com

अमित शाह ने गिनाईं उपलब्धियां: शिवराज ने हटाया बीमारू टैग, मोहन यादव दे रहे विकास को नई रफ्तार

 ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर की धरती से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व पर बड़ी मुहर लगा दी. 'अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट' के मंच से शाह ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के योगदान को सराहा, बल्कि सूबे के मौजूदा मुखिया मोहन यादव की कार्यशैली को अधिक ऊर्जावान बताया. अमित शाह ने कहा, ''किसी जमाने में दिग्विजय सिंह का शासन था, मध्य प्रदेश बीमारू राज्य बनकर रह गया था. शिवराज जी ने मध्य प्रदेश पर से बीमारू का टैग हटाया, वह भाजपा के लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री बने. और अब मोहन यादव जी शिवराज जी से ज्यादा ऊर्जा के साथ इसको आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.'' बता दें कि शिवराज सिंह चौहान (66) रिकॉर्ड 4 बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. 2023 के विधानसभा चुनावों में BJP को शानदार जीत दिलाने के बाद उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया और विदिशा से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता. अब चौहान केंद्र की मोदी कैबिनेट में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री हैं.  अटल जी को श्रद्धांजलि भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर शाह ने उनके मजबूत नेतृत्व को याद किया. कहा, "अटल जी ही थे जिन्होंने दुनिया के दबाव के बावजूद यह सिद्धांत पेश किया कि परमाणु शक्ति का इस्तेमाल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है और उन्होंने भारत को एक परमाणु शक्ति बनाया. जब घुसपैठिए कारगिल में घुसे, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के लिए भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव था. अटल जी ने इसे बहुत मजजबूती से संभाला.'' 'घुसपैठियों को बाहर निकालने तक कोई बात नहीं' शाह ने कहा कि हमने शांति के लिए कोशिशें कीं, लेकिन हमें धोखा दिया गया. अब, जब तक हर एक घुसपैठिए को भारत से बाहर नहीं निकाल दिया जाता, तब तक पाकिस्तान से कोई बात नहीं होगी, और कारगिल में जीत अटल जी के दौर की मजबूत लीडरशिप का सबूत है… भारतीय जनता पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं और देश की जनता की ओर से, मैं उन्हें दिल से श्रद्धांजलि देता हूं." ₹2 लाख करोड़ का निवेश, 1.93 लाख रोजगार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अटल जी की जन्मभूमि ग्वालियर में 'अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट' का उद्घाटन किया और 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया. शाह ने इस मौके पर ग्वालियर मेले का भी उद्घाटन किया और अटल संग्रहालय में किए गए नवीनीकरण कार्य को लोगों को समर्पित किया. पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित इस समिट में 25 हजार लाभार्थी और हजारों उद्यमी और निवेशकों ने भाग लिया. दावा है कि इन औद्योगिक परियोजनाओं से 1.93 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्य विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य भाजपा प्रमुख हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य लोग मौजूद थे. CM मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश को दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के अनुसार, ग्रोथ समिट मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ पेश करेगी. यह समिट सिर्फ निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है जिसमें उद्योग, शहरी विकास, पर्यटन, स्टार्टअप और रोजगार एक साथ आगे बढ़ते हैं.

कोल्ड वेव का असर: जानें अपने शहर का मौसम और सावधानियां

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के 12 जिलों में अगले तीन दिन ठंड का पूर्वानुमान जताते हुए ‘येलो अलर्ट' जारी किया। आईएमडी के बुलेटिन के अनुसार, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, रांची, खूंटी और बोकारो के लिए यह अलर्ट जारी किया गया है। इसके अनुसार, इन जिलों में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक ठंड का प्रभाव रहने की संभावना है। तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंचा भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, नौ जिलों में शीतलहर की स्थिति जारी है, जहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। बोकारो, कोडरमा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़ और सिमडेगा में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। 27 दिसंबर तक कड़ाके की ठंड का अलर्ट रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, ‘‘झारखंड के निचले क्षोभमंडल में उत्तर-पश्चिम से पश्चिम की ओर हवाएं चल रही हैं। उत्तर-पश्चिमी और मध्य के कुछ जिलों में ठंड का प्रभाव जारी रहने की संभावना है और यह स्थिति 27 दिसंबर तक बनी रह सकती है।'' उन्होंने बताया कि अगले तीन दिन में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आ सकती है, इसके बाद अगले दो दिन तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। अभिषेक आनंद ने कम दृश्यता के कारण सुबह के समय यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह भी दी।   गुमला में 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरा पारा बुलेटिन के अनुसार, गुमला में न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे कम रहा। इसके बाद डालटनगंज में 6.1 डिग्री और हजारीबाग व लोहरदगा में 7.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसमें कहा गया है कि रांची में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस, चाईबासा में 11.6 डिग्री और जमशेदपुर में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

नीरज के सवाल पर पीएम मोदी का मज़ेदार जवाब, टोहाना के बॉक्सर से बातचीत के दौरान हंसी से गूंजा मंच

टोहाना सांसद खेल महोत्सव के अंतिम दिन गांव समैन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव डांगरा के बॉक्सर नीरज से बातचीत की। नीरज ने कहा प्रधानमंत्री जी राम राम हम सबकी तरफ से, प्रधानमंत्री ने भी राम राम कहा।  उस दौरान नीरज ने पूछा और कैसे हो। प्रधानमंत्री ने कहा मैं तेरे जैसा ही हूँ। सुनकर सांसद बराला सहित सभी गणमान्य हंसने लगे। प्रधानमंत्री ने कहा नीरज तुम्हे लगा होगा कि मेरा नाम नीरज है मैं भी नीरज चोपड़ा बन जाऊं। नीरज ने कहा कि लंबे समय से बॉक्सिंग कर रहा हूं, उसका सपना देश के लिए ओलंपिक में पदक जीत कर लाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नीरज उनकी बात का प्रेशर मत लेना और खेलो। नीरज ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हमारे राज्यसभा सांसद सुभाष बराला जी के नेतृत्व में शानदार खेल हुए जिसमें घर से लेकर आना, खाना-पीने, रहने सहित घर छोड़कर जाने की सुविधा मिली। पूरा स्वाद आ गया। PM ने पूछा कि क्या आप खेल में ही करियर बनाना चाहते हैं। इस पर नीरज ने कहा कि जी, मैं चाहता हूं कि देश को ओलिम्पिक में गोल्ड मेडल लाकर दूं। पीएम बोले कि तो क्या आज मानकर जाऊं कि एक और हरियाणा का बॉक्सर देश को मेडल दिलाएगा। नीरज ने कहा कि जरूर। अगले या उससे अगले ओलिम्पिक में मेडल जीतकर आपको सौंप दूं जी, ये मेरी इच्छा है।

कांकेर घटना पर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान: धर्मांतरण बड़ा खतरा, कैंसर भी पीछे

रायपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज भिलाई में पंच दिवसीय हनुमंत कथा करने छत्तीसगढ़ पहुंचे. रायपुर एयर पोर्ट पर उतरते ही उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत में कैंस से बड़ा खतरा धर्मांतरण है. बता दें, भिलाई में आज से पंच दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान एक दिवसीय दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि हम भारत में एक संदेश देना चाहते हैं कि यदि भारत में बांगलादेश जैसी स्थिति नहीं चाहते, तो यही समया है, सही समय है. अगर हिन्दू एकजुट नहीं हुआ, तो वह दिन दूर नहीं… जो बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हुआ, वह भारत देश और छत्तीसगढ़ के चौक-चौराहों में देखा न जाए. पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कांकेर में धर्मांतरण पर मचे बवाल को लेकर भी बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कांकेर में जो हुआ, वह अच्छा नहीं हुआ. लेकिन हिंदुओं ने एकता दिखाई उसके लिए धन्यवाद !  उन्होंने आगे कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और उन्नति हो… भारत विश्व गुरु बने. अंत में उन्होंने कहा कि जबतक भारत हिन्दू राष्ट्र नहीं बन जाएगा, तब तक हम यात्रा करते रहेंगे.

मेयर चुनाव से पहले चंडीगढ़ में सियासी उलटफेर, AAP के दो पार्षद BJP में शामिल

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में अगले महीने होने वाले मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दो महिला पार्षदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। पार्षदों के नाम सुमन देवी और पूनम देवी है। जनवरी में मेयर के चुनाव होने हैं। चर्चा है कि अमित शाह के पंचकुला के दौरे के दौरान उनसे उनकी मुलाकात करवाई जा सकती है। बता दें कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आज कई इवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए पंचकूला में हैं। उनके दौरे से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को उन प्रोग्राम्स की आखिरी तैयारियों का रिव्यू किया जिनमें शाह हिस्सा लेने वाले हैं। सैनी ने संबंधित अधिकारियों को यह पक्का करने का निर्देश दिया कि सभी ज़रूरी इंतज़ाम पूरे हो जाएं। चंडीगढ़ मेयर पद पर है बीजेपी का कब्जा मौजूदा समय में बीजेपी की हरप्रीत कौर बबला चंडीगढ़ की मेयर हैं। बीजेपी को यह जीत क्रॉस वोटिंग के बाद मिली थी। उस समय कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन में मेयर चुनाव लड़ा था। दो काउंसलरों के पाला बदलने को चंडीगढ़ के लोकल पॉलिटिकल माहौल में एक बड़ी घटना के तौर पर देखा जा रहा है। साल 2024 के चुनाव में हुआ था विवाद साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का मेयर घोषित किया था और पिछले नतीजे को पलट दिया था जिसमें शुरू में BJP उम्मीदवार को विजेता घोषित किया गया था। यह फैसला पिछले साल 20 फरवरी को आया था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब मेयर चुनाव के पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह को कैमरे पर AAP-कांग्रेस गठबंधन के आठ बैलेट पेपर को अमान्य करते हुए देखा गया। 

सुरक्षित आज, सशक्त कल: राजस्थान पुलिस की पहल से छात्राओं को मिले आत्मरक्षा और साइबर सुरक्षा के गुर

जयपुर राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए एक विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसी कड़ी में IIS (मानित विश्वविद्यालय) के इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ़ गर्ल्स में आयोजित एनएसएस कैंप के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव का सघन प्रशिक्षण दिया गया। डरना नहीं, डटकर मुकाबला करना सीखें  कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कम्युनिटी पुलिसिंग सुनीता मीना ने छात्राओं को व्यावहारिक आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाईं। उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय अपनी शारीरिक क्षमताओं और आस-पास मौजूद संसाधनों का उपयोग कर कैसे सुरक्षित निकला जा सकता है। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाना रहा। ​साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी  वर्तमान दौर में बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए सत्र में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के जोखिम, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और साइबर बुलिंग जैसे खतरों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में राजस्थान पुलिस की हेल्पलाइन सेवाओं और राजकोप सिटीजन ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश  इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता मीना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवतियों की सुरक्षा केवल कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।   जिज्ञासाओं का समाधान और सकारात्मक पहल  कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवाद सत्र में छात्राओं ने सुरक्षा से जुड़े अपने सवाल पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कॉलेज प्रशासन और एनएसएस इकाई ने राजस्थान पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे छात्राओं के सर्वांगीण विकास और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल बताया।  

ED की रडार पर भूमाफिया रिजवान उर्फ राजा, टॉप-10 सूची में सबसे ऊपर, सरकार ने कसा शिकंजा

दरभंगा बिहार में नई सरकार के गठन के बाद भूमाफिया और बालू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी कड़ी में सरकार द्वारा जिन टॉप–10 भू माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने की सूची प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजी गई है, उसमें दरभंगा के रिजवान उर्फ राजा का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड के मोदामपुर एकमीघाट निवासी मोहम्मद रिजवान उर्फ राजा को प्रदेश का बड़ा भूमाफिया माना जा रहा है। वह फिलहाल पिछले दो वर्षों से जेल में बंद है। रिजवान पर जमीन के अवैध कारोबार और धोखाधड़ी से जुड़े करीब 32 आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। आरोप है कि रिजवान ने अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों से आलीशान मकान बनवाया है, जहां उसने अपने नाम के साथ जदयू के तीर निशान वाली बड़ी तस्वीर भी लगवा रखी है। इस मामले को लेकर इलाके में काफी चर्चा है। पीड़ित व्यवसायी ने लगाए गंभीर आरोप दरभंगा के बड़े व्यवसायी दिनेश दारुका ने सामने आकर रिजवान उर्फ राजा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, एक जमीन के सौदे में उन्होंने 60 लाख रुपये दिए थे, जबकि उस जमीन का कुल सौदा 5 करोड़ 60 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप है कि इसके बावजूद उसी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति से भी 1 करोड़ 40 लाख रुपये लिए गए। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। सरकार द्वारा संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद पीड़ितों में यह उम्मीद जगी है कि अदालत के फैसले के बाद उन्हें उनका पैसा वापस मिल सकता है। आरोपी के भाई ने आरोपों को बताया साजिश आरोपी के भाई शम्स तबरेज ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रिजवान के नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जो संपत्तियां दिखाई जा रही हैं, वे पूर्वजों की हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रिजवान उर्फ राजा जमीन के कारोबार में सक्रिय था, लेकिन उनका कहना है कि साफ-सुथरे कारोबार में भी कई बार झूठे आरोप लग जाते हैं। शम्स तबरेज ने कई मामलों को साजिश करार दिया। फिलहाल, राज्य सरकार की सख्ती और ED को भेजी गई सूची के बाद दरभंगा समेत पूरे बिहार में भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर माहौल गरमाया हुआ है।  

ग्वालियर में निवेश का बड़ा दिन: अमित शाह ने ₹2 लाख करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन-लोकार्पण किया

ग्वालियर  पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट निवेश से रोजगार’ का राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ने अटल जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यकम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने करीब 2 लाख करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग 1.93 लाख रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना जताई गई है। समिट के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर मेले का उद्घाटन किया और अटल संग्रहालय के नवीनीकरण कार्य को भी जनता को समर्पित किया। अधिकारियों के अनुसार समिट में करीब 25 हजार लाभार्थी तथा हजारों उद्यमी और निवेशक भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और औद्योगिक विकास को नई दिशा देना है।  अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमपी ग्रोथ समिट में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ग्वालियर व्यापार मेले और अटल म्यूजियम का शुभारंभ किया। इसके बाद मंच से 2 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण भी किया। इसमें 1655 औद्योगिक इकाइयां है। इस मौके पर अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को राजा साहब कहकर संबोधित किया। मंच से यह सुनकर पब्लिक ने खूब तालियां बजाई। आगे उन्होंने कहा कि ग्वालियर की धरती साधारण नहीं है। यही वह भूमि है जहां तानसेन का जन्म हुआ और ग्वालियर घराने के अनेक महान संगीतकारों ने अपनी साधना की। उन्होंने कहा कि इसी भूमि ने अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता को देश को दिया। यहीं से निकलकर अटल जी ने संघर्ष किया और आज पूरा देश उन्हें लाड़ करता है। शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश में देश की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी है। अटल जी से पहले आदिवासियों के लिए न तो कोई ठोस योजना थी और न ही कोई अलग विभाग, जिससे उनके विकास और उत्थान का कार्य हो सके। अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के कल्याण के लिए अलग आदिवासी विभाग का गठन किया और उनके अधिकारों को मजबूती दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह ग्रोथ समिट भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित की गई है। समारोह में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री एदल सिंह कंषाना, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग सहित अन्य कैबिनेट मंत्री मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। राज्य सरकार के अनुसार यह ग्रोथ समिट केवल निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें उद्योग, शहरी विकास, पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्टअप और रोजगार को एक साथ आगे बढ़ाने का समग्र विजन प्रस्तुत किया गया है। समिट के माध्यम से मध्यप्रदेश के विकास मॉडल को एक नए और व्यापक दृष्टिकोण के साथ देश और दुनिया के सामने रखा जा रहा है। ग्रॉथ समिट में देश के प्रमुख उद्योगपति ग्रोथ समिट में देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और औद्योगिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें गोदरेज इंडस्ट्रीज, गौतम सोलर, हीडलबर्ग सीमेंट, एलएनजे भीलवाड़ा समूह, जेके टायर, टोरेंट पावर, मैकेन फूड, एलिक्सर इंडस्ट्रीज, ग्रीनको, जुपिटर वैगन्स, डाबर इंडिया, वर्धमान समूह, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसे प्रमुख औद्योगिक समूह शामिल हैं। गृहमंत्री के कार्यक्रम के चलते शहर में 17 घंटे हाई अलर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा के कारण शहर 17 घंटे हाई अलर्ट पर है। जिन स्थानों पर गृहमंत्री का कार्यक्रम है, वहां सुरक्षा के खास प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा इतनी कड़ी है कि इन मार्गों पर कोई भी बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा।  

‘सुशासन दिवस’ पर मध्यप्रदेश पुलिस की अभिनव पहल

ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था से सायबर अपराध पर कसेगा शिकंजा ‘सुशासन दिवस’ पर मध्यप्रदेश पुलिस की अभिनव पहल डिजिटल युग में न्याय प्रक्रिया को मिली गति भोपाल पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाए जाने की परंपरा के अनुरूप, मध्यप्रदेश पुलिस ने सुशासन को सशक्त करने की दिशा में नवाचार के रूप में ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था प्रारंभ की है। यह व्यवस्था 01 लाख रुपये से अधिक की सायबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में लागू की गई है। ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सायबर सुरक्षित भारत’ विज़न के अनुरूप है, जिसका उल्लेख उन्होंने अक्टूबर 2024 में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देशभर में सायबर अपराध से निपटने के लिये ऐतिहासिक एवं तकनीक-आधारित कदम उठाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ई-जीरो एफआईआर प्रणाली के क्रियान्वयन से यह स्पष्ट होता है कि तकनीक के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को तेज और आम नागरिकों के लिए अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकता है। मध्यप्रदेश में लागू यह प्रणाली पुलिस को अपराधियों से एक कदम आगे रखने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। प्रदेश में बढ़ते सायबर अपराधों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तकनीक के दुरुपयोग से जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाले अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री का मानना है कि जिस प्रकार स्वच्छता को हमने अपनी संस्कृति बनाया है, उसी प्रकार सायबर स्वच्छता को भी जन-आंदोलन बनाना होगा। प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था का संचालन पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. साई मनोहर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस को अधिक तेज, तकनीक-सक्षम और नागरिक-केंद्रित बनाना है। सायबर वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी प्रहार सायबर वित्तीय धोखाधड़ी आज पुलिस के समक्ष एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। कई बार पीड़ित की जीवनभर की कमाई कुछ ही क्षणों में अपराधियों के हाथों में चली जाती है, जिससे वह स्वयं को असहाय महसूस करता है। इसी पीड़ा को समझते हुए गृह मंत्रालय द्वारा ‘ई-जीरो एफआईआर’ की अवधारणा लागू की गई है, ताकि तकनीक को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी हथियार बनाया जा सके। कानूनी आधार : BNSS और डिजिटल परिवर्तन जुलाई 2024 से लागू हुए नए आपराधिक कानून ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (बीएनएसएस) नागरिक-केंद्रित हैं। इनका मूल उद्देश्य ‘दंड नहीं, बल्कि न्याय’ पर फोकस रहना है। बीएनएसएस की धारा 173 के अंतर्गत ‘जीरो एफआईआर’ को कानूनी मान्यता प्रदान की गई है, जिससे नागरिक देश में कहीं से भी, किसी भी क्षेत्राधिकार में घटित अपराध के लिए, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ई-जीरो एफआईआर: एक क्रांतिकारी व्यवस्था ‘ई-जीरो एफआईआर’ सायबर वित्तीय धोखाधड़ी—विशेषकर ₹1 लाख से अधिक की हानि के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को अत्यंत तेज बनाती है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्राधिकार संबंधी बाधाओं को समाप्त कर जांच प्रक्रिया को तत्काल प्रारंभ करना है। यह प्रणाली तीन प्रमुख डिजिटल मंचों का एकीकरण करती है। नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी), I4सी (भारतीय सायबर अपराध समन्वय केंद्र) और क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस)। ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण की 5-चरणीय प्रक्रिया शिकायत दर्ज करना – पीड़ित 1930 हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत करता है। ₹1 लाख से अधिक की धोखाधड़ी होने पर डेटा सीधे भोपाल स्थित केंद्रीय सायबर पुलिस हब को भेजा जाता है। ऑटोमैटिक जनरेशन – सीसीटीएनएस सर्वर के माध्यम से शिकायत स्वतः ‘ई-जीरो एफआईआर’ में परिवर्तित हो जाती है। पीड़ित को तुरंत ‘ई-जीरो एफआईआर’ नंबर उपलब्ध कराया दिया जाता है। समीक्षा एवं हस्तांतरण – राज्य स्तरीय सायबर पुलिस स्टेशन द्वारा समीक्षा कर प्रकरण संबंधित क्षेत्रीय पुलिस स्टेशन को भेजा जाता है। नियमित एफआईआर में परिवर्तन – शिकायतकर्ता को 3 दिन के अंदर नजदीकी सायबर पुलिस स्टेशन में ‘ई-जीरो एफआईआर’ को नियमित एफआईआर में परिवर्तित कराना होता है। सायबर अपराध में ‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व सायबर अपराध में धोखाधड़ी के बाद के पहले 2 घंटे को ‘गोल्डन ऑवर’ माना जाता है। यदि पीड़ित तुरंत 1930 पर संपर्क करता है, तो I4C एवं बैंकों के सहयोग से अपराधी के खाते में राशि पहुंचने से पहले ही उसे फ्रीज किया जा सकता है। ई-जीरो एफआईआर के माध्यम से आईपी लॉग, ट्रांजैक्शन आईडी जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य तत्काल और कानूनी रूप से सुरक्षित किए जाते हैं। ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था के प्रमुख लाभ ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था देश में कहीं से भी कहीं भी हुई सायबर या वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराती है। इससे क्षेत्राधिकार संबंधी बाधाओं से मुक्ति मिलती है, केस की स्थिति ऑनलाइन देखने की सुविधा मिलती है, शीघ्र एफआईआर से बैंकिंग चैनल सक्रिय, हो जाते हैं, राशि वापसी की संभावना अधिक हो जाती है साथ ही पोर्टल पर सीधे स्क्रीनशॉट और रसीदें अपलोड करने की सुविधा मिलने से आवश्यक दस्तावेज हमेशा उपलब्ध बने रहते हैं।  

सेहत का सुधार: पंजाब सरकार ने 4 बड़े मेडिकल कॉलेजों में किया ₹69 करोड़ का निवेश

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री ने कहा कि 26.53 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर, 28.51 करोड़ रुपए सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला, 9.43 करोड़ रुपए डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एस.ए.एस. नगर (मोहाली) तथा 4.51 करोड़ रुपए पी.जी.आई. सैटेलाइट सेंटर, फिरोजपुर के लिए तुरंत दिए जाएं। उन्होंने कहा कि इन फंडों का उपयोग आधुनिक मशीनें एवं अन्य उपकरण खरीदने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों में विकास कार्यों के लिए किया जाए।  भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि हमारी सरकार पंजाब को विश्व भर में मेडिकल शिक्षा का गढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इससे इलाज एवं मेडिकल टेस्ट की सुविधाओं को और बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में यह कार्य समयबद्ध एवं उचित तरीके से पूरा किया जाए ताकि लोगों को इलाज की सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास रहा है कि इसने विश्व स्तरीय डॉक्टर पैदा किए हैं और आज भी राज्य में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा ले रहे हैं।  भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में मानक शिक्षा देना राज्य सरकार का फर्ज है ताकि मेडिकल शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को बड़े स्तर पर लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों का काया-कल्प करने का एकमात्र उद्देश्य लोगों की मानक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इन प्रमुख कॉलेजों में मानक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से आम आदमी की भलाई सुनिश्चित होगी। भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि राज्य सरकार इस जनकल्याणकारी कार्य के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।