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पूर्व से उत्तर भारत तक नई रफ्तार: गोरखपुर–पानीपत 747 KM एक्सप्रेसवे से चमकेगा 100 से अधिक गांवों का भविष्य

गोरखपुर  पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए गोरखपुर-बस्ती मंडल के 133 गांवों में जमीन अधिग्रहित की जाएगी। यह एक्सप्रेसवे सिद्धार्थनगर के बांसी से प्रवेश करते हुए संतकबीरनगर के मेंहदावल, गोरखपुर के सदर एवं कैंपियरगंज होते हुए कुशीनगर के हाटा तक बनेगा। गोरखपुर मंडल में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 86.24 किमी होगी। एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण के लिए चारों जिलों के जिलाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, एनएचएआई ने पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए गोरखपुर-बस्ती मंडल में सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें बांसी के 37 गांवों में 16.69 किमी, मेंहदावल के 29 गांवों में 22.5 किमी, गोरखपुर तहसील सदर के 24 एवं कैंपियरगंज के 22 गांवों में 34.22 किमी एवं हाटा के 21 गांवों में 12.8 किमी सड़क की लंबाई होगी। 747 किमी लंबी है एक्सप्रेसवे पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे की लंबाई 747 किमी है, जो सिद्धार्थनगर से आगे बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ होते हुए आगे बनेगा। संतकबीरनगर के 20.25 किमी के बाद 280 मीटर का एरिया गोरखपुर का कवर होगा, इसके बाद 1.98 किमी एरिया संतकबीरनगर का कवर होगा। फिर इसके बाद गोरखपुर में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 34 किलोमीटर होगी। नयनसर के पास पानीपत एक्सप्रेसवे गोरखपुर सोनौली हाईवे को पार करेगा। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि पानीपत गोरखपुर एक्सप्रेसवे का एलाइन्मेंट तय हो गया है। गोरखपुर के 46 गांवों से होते हुए एक्सप्रेसवे आगे जाएगा। एनएचएआई के प्रस्ताव पर जल्द भूमि अधिग्रहण अधिकारी नामित कर दिया जाएगा। इन गांवों में होगा भू-अधिग्रहण कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर (पचवारा), लक्ष्मीपुर(भारीवैसी), मखनहा, ठकुरापार, भरोहिया, गंगापार, रामपुर कैथवलिया, बेलघाट बुजुर्ग, रमवापुर, दोनफा, भइयाराम, जरहद, नयनसर, हिरुआ, बढ़या, चकमाफी, भुइधरपुर, साखी, ताल कोमर, कानापार, नीबा, कंदरखावा। गोरखपुर सदर बढ़नी, फुलवरिया, सियारामपुर, महराजगंज, ठाकुरपुर नंबर एक, ठाकुरपुर नंबर दो, खुटहन खास, जंगल नाकिन, जंगल डुमरी नंबर एक, रामपुर खुर्द, भिस्वा, इस्मालपुर, रामपुर बुजुर्ग, मेंहदिया, जमुनिया, पोखर भिंडा उर्फ चकदहा, समस्तपुर उर्फ मुड़िला, कोटवा, खिरिया, आराजी बरवा, रामपुर थवईपार, गंभीरपुर कम्हरिया, परशुरामपुर, सोनराइच उर्फ बड़ा गांव। बांसी, सिद्धार्थनगर बंजारी, बिमौआ खुर्द तप्पा पचहर, पचमोहनी, कम्हरिया, बहादुरपुर, डोड़वार शुक्ल, जमोहनी, जमोहना, भावपुर, पिपरा भइया, भटुली, बरनवार, सोनवा माफी, सुहईरनपुरवा, मुड़िला हिर्दन, छपवा, बेलवा लगुनही, पड़िया बुजुर्ग, रोहुआ, महोखवा, बनकटा, कड़जा, बचलाखोर, अकोल्ही, परसा, ढुढ़नी, मझारिया तप्पा मजोरा, मंझरिया तप्पा हाटा, नगवा तप्पा हाटा, नगवा तप्पा कुदारन, सोनखर तप्पा कुदारन, सोनखर तप्पा चंवर, सोनवलिया तप्पा कुदारन, मिश्रौलिया तौफिर, सिरसिया तप्पा मजोरा, पिपरा शुक्ल। मेंहदावल, संतकबीरनगर बढ़या, फेउसा, परसा माफी, परसा शुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खजुरा खुर्द, नचनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिक्टौर माफी, कुंडवा, जमुवरिया खुर्द, जमुवरिया कला, रक्सा, भरवलिया मिश्र, कुसोना कला, जमोहरा, मुड़ली, डुमरिया बाबू, इंदरपुर, कौवाठोर, पिड़ारी कला, चितरुखिया। कुशीनगर, हाटा, रामपुर, अगया, होलिया, रामपुर माफी, मगडिहा, सिंदुरिया विशुनपुर, घोड़ादेउर, खुरहुरिया, बलुआ, तुर्कडिहा, बिंदुआर, सहजौली, सेंदुआर, मुंडेरा, खोट्ठा, सिहुलिया, टिकर, छपिया, बेलवा खुर्द, महुअवा, अहिरौली।  

कड़ाके की सर्दी में बड़ा फैसला, पहली से आठवीं तक सभी स्कूलों में छुट्टी

पटना बिहार में लगातार बढ़ रही ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं, ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए जहानाबाद जिला प्रशासन ने बड़ा  फैसला लिया है। जिले में कक्षा 1 से 10वीं तक के सभी स्कूल बंदकर दिए गए हैं। 27 दिसंबर तक बंद रहेंगे स्कूल बता दें कि यह आदेश 24 दिसंबर से प्रभावी होकर 24 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा। जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे द्वारा जारी पत्र के अनुसार, कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 वीं तक के सभी सरकारी स्कूल, निजी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 24 से 27 दिसंबर तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं, बाकी कक्षाएं सुबह 10 से 2 बजे तक चलेंगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। डीएम की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, भीषण ठंड की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। एहतियातन प्रशासन ने जिले के सभी निजी एवं सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर 27 दिसंबर तक रोक लगाने का आदेश जारी किया है। गौरतलब हो कि मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के 14 जिलों में शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है और अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड में अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।

झारखंड सरकार का बैंक ऑफ इंडिया से करार, कर्मचारियों को मिलेगा 2 करोड़ का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस

रांची झारखंड सरकार ने बैंक ऑफ इंडिया (BOI) के साथ अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन पैकेज को लेकर एक समझौते पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में वित्त विभाग और बैंक के बीच इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगी कई सुविधाएं समझौते के अनुसार, बैंक ऑफ इंडिया में खाता खोलने वाले सरकारी कर्मचारियों को दो करोड़ रुपये तक का दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा, बच्चों के लिए शैक्षणिक लाभ सहित कई सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मौके पर कहा, ‘‘ बैंक ऑफ इंडिया ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की जीवन सुरक्षा पर केंद्रित एक पैकेज तैयार कर बेहद संवेदनशील पहल की है। कर्मचारी चाहे स्थायी हों या संविदा पर, हर कोई चाहता है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वह अपना जीवन आराम एवं शांति से बिता सके।'' सोरेन ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण राज्य के अंतिम व्यक्ति को सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार चाहती है कि उसकी योजनाओं के लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचें। बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक सुब्रत कुमार ने कहा कि बैंक झारखंड में 494 शाखाओं का संचालन करता है, जिनमें 300 ग्रामीण, 97 अर्ध-शहरी एवं 97 शहरी क्षेत्रों में हैं। राज्य में बैंक के 264 एटीएम हैं। पैकेज का विवरण देते हुए बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के साथ वेतन समझौता तीन वर्गों स्थायी कर्मचारी, सरकारी पेरोल पर संविदा कर्मचारी एवं पेंशनभोगी के लिए किया गया है। तीनों वर्गों के लिए अलग-अलग सुविधाएं हैं। स्थायी कर्मचारियों के लिए इस पैकेज में दो करोड़ रुपये का हवाई दुर्घटना बीमा, एक करोड़ रुपये का सामान्य दुर्घटना बीमा, स्थायी अक्षमता की स्थिति में एक करोड़ रुपये और आंशिक अक्षमता के लिए 50 लाख रुपये का लाभ शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘ इसके अतिरिक्त हम 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस और 10 लाख रुपये का शैक्षणिक लाभ भी दे रहे हैं। '' उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों को 50 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा, स्थायी अक्षमता की स्थिति में 50 लाख रुपये और आंशिक अक्षमता के लिए 25 लाख रुपये का लाभ मिलेगा।

दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर मातम: संगरूर में कार की टक्कर से दो लोगों की जान गई

संगरूर  संगरूर जिले में नए बने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पास गांव झनेड़ी में एक स्विफ्ट कार ने पैदल चल रहे दो लोगों को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे दोनों लोगों की मौत हो गई, जबकि कार ड्राइवर घायल हो गया। सहायक सब इंस्पेक्टर जैबरा नंद ने बताया कि महेंदर कत्याल (53) निवासी कपिल कॉलोनी भवानीगढ़ और हरदयाल सिंह निवासी दीप कॉलोनी भवानीगढ़ गांव झनेड़ी के पास एक पोल्ट्री फार्म पर गए थे। जब वे दोनों पैदल भवानीगढ़ लौट रहे थे, तो दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के पास गांव झनेड़ी के पास सुनाम की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के कारण महेंदर कत्याल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हरदयाल सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दौरान कार ड्राइवर भूपिंदर सिंह घायल हो गया। पुलिस ने एक्सीडेंट में शामिल कार को कब्जे में ले लिया है और कार ड्राइवर के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है।

आमाबेड़ा हिंसा के विरोध में बस्तर बंद, पर्व के दौरान दुकानों को बंद कराने पर तनाव, प्रशासन की पहल से हालात सामान्य

जगदलपुर कांकेर जिले के आमाबेड़ा गांव में शव दफनाने को लेकर हुई धार्मिक हिंसा ने पूरे बस्तर संभाग में तनाव का माहौल बना दिया है. इस विवाद पर सर्व समाज ने कड़ा आक्रोश जताते हुए आज प्रदेश बंद का ऐलान किया है. सुबह बंद के दौरान नगर में मेन रोड स्थित दुकानों बंद कराने के दौरान तनाव और बवाल की स्थिति बनी, लेकिन बाद में व्यापारियों के दुकानें बंद करने से मामला शांत हो गया. बंद का असर आज सुबह से ही बस्तर मुख्यालय जगदलपुर में साफ नजर आया. सुबह से ही सर्व समाज के पदाधिकारी और विभिन्न समाजों के प्रमुख जगदलपुर शहर में भ्रमण कर बंद का जायजा लेते नजर आए. बाजार, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जिससे शहर की रफ्तार थमी हुई दिखाई दी. बंद को लेकर बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स ने समर्थन का ऐलान किया है, लेकिन व्यापारियों के एक वर्ग ने इस पर नाराजगी भी जाहिर की. खासकर जगदलपुर के मेन रोड क्षेत्र में कुछ व्यापारियों ने त्यौहार से ठीक एक दिन पहले बंद कराए जाने पर आपत्ति जताई. व्यापारियों का कहना था कि क्रिसमस त्यौहार के चलते इस समय व्यापार चरम पर रहता है, और बंद से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. इसी मुद्दे को लेकर मेन रोड में कुछ समय के लिए तनाव और बवाल की स्थिति भी बनी, हालांकि बाद में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और मामला शांत हुआ. आमाबेड़ा की घटना से पूरा समाज आहत विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी रवि ब्रह्मचारी ने बंद को लेकर कहा कि कांकेर की आमाबेड़ा घटना से पूरा समाज आहत है और बस्तर में 100 प्रतिशत बंद का असर देखने को मिल रहा है. उन्होंने मांग की कि अमाबेड़ा में हिंदुओं पर हमला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही एक विशेष जांच टीम गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जिन अधिकारियों की इसमें भूमिका रही है, उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाए.

ईडी ने इंदौर कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष को बनाया मुख्य आरोपी, 404 करोड़ के अवैध कारोबार में चार्जशीट दायर

इंदौर : शहर कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के मामले में ईडी ने कोर्ट में चार्जीशीट फाइल कर दी है. 2024 में ईडी ने कांग्रेस नेता विशाल अग्निहोत्री और उसके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी. इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय को तकरीबन 404.46 करोड़ रु की अवैध ट्रेडिंग का पता चला था. इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर मामले में विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री को मुख्य आरोपी बनाया है. अब इस पूरे मामले की स्पेशल कोर्ट के द्वारा सुनवाई की जाएगी. क्या है 404 करोड़ का ट्रेडिंग घपला? ईडी द्वारा शिकायत के आधार पर 2024 में विशाल अग्निहोत्री के खिलाफ बड़ी छापेमार कार्रवाई की थी. इस कार्रवाई में भारी मात्रा में कैश, रियल एस्टेट प्रॉपर्टी, करोड़ों की विदेशी घड़ियां व कारोबार से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे, जिन्हें अवैध कारोबार के पैसों से खरीदा गया था. ईडी को डिब्बा कारोबारी विशाल अग्निहोत्री की क्रिप्टो करेंसी से संबंधित खुफिया जानकारियां भी मिली थीं. जिसके बाद विशाल के सहयोगी तरुण श्रीवास्तव, श्रीनिवास रामासामी सहित अन्य आरोपियों के ठिकानों पर भी ईडी ने रेड मारी थी. छापेमार कार्रवाई के दौरान अवैध सट्टा संचालित करने, अवैध ट्रेडिंग, अवैध वेबसाइट्स चलाने व देश के बाहर अवैध व्यापार करने की भी जानकारियां ईडी की टीम को मिली. इसके बाद 404 करोड़ रुपए की अवैध ट्रेडिंग का राज खुला. कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाकर करोड़ों का अवैध कारोबार ईडी ने इस मामले में कई एंगल से जांच पड़ताल कर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट पेश कर दी है, जिसमें मुख्य आरोपी विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री उसके सहयोगी तरुण श्रीवास्तव और श्री निवास रामासामी को बनया गया है. चार्जशीट में भी ईडी ने इस बात का उल्लेख किया है कि विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के माध्यम से ही एक कमोडिटी एक्सचेंज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था और इसमें लोगों को ठगा जा रहा था. ईडी ने इस मामले में गोलू अग्निहोत्री और उसके सिंडिकेट के तकरीबन 58.39 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच किया है. कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाकर करोड़ों का अवैध कारोबार ईडी ने इस मामले में कई एंगल से जांच पड़ताल कर कोर्ट के समक्ष चार्जशीट पेश कर दी है, जिसमें मुख्य आरोपी विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री उसके सहयोगी तरुण श्रीवास्तव और श्री निवास रामासामी को बनया गया है. चार्जशीट में भी ईडी ने इस बात का उल्लेख किया है कि विशाल उर्फ गोलू अग्निहोत्री के माध्यम से ही एक कमोडिटी एक्सचेंज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था और इसमें लोगों को ठगा जा रहा था. ईडी ने इस मामले में गोलू अग्निहोत्री और उसके सिंडिकेट के तकरीबन 58.39 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच किया है. वहीं, आरोपियों द्वारा फर्जी तरीके से सिंडिकेट वी मनी, लोटस बुक, 8स्टॉक हाइट और 11 स्टार जैसे अवैध ऑनलाइन पोर्टल बनाए गए थे. इन अवैध प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जाात था, जिसमें करोड़ों का खेल हुआ. ईडी ने प्रेस रिलीज से दी जानकारी आरोपियों के तार इंदौर से अहमदाबाद, मुंबई, चैन्नई होते हुए दुबई से भी जुड़े बताए जा रहे हैं. इस पूरे मामले में ईडी आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कोर्ट में चार्ज शीट जारी कर दी है. ईडी ने प्रेस रिलीज जारी कर चार्जशीट और पूरी कार्रवाई की जानकारी मीडिया से साझा की है. जल्द ही स्पेशल कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई शुरू हो सकती है.

योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल श्रम शक्ति का नहीं बल्कि उद्यम शक्ति का केंद्र बनाना है

निधि योजना : उत्तर प्रदेश में महिला उद्यमिता को मिला रहा मजबूत आधार योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल श्रम शक्ति का नहीं बल्कि उद्यम शक्ति का केंद्र बनाना है टियर 2 और टियर 3 शहरों में उद्यमिता का हो रहा है विस्तार निधि योजना के अंतर्गत देश में कुल 714, उत्तर प्रदेश में 25 महिला स्टार्टअप्स को सीधी सहायता लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है। कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सरकार का फोकस नवाचार उद्यमिता और आत्मनिर्भरता पर है। इसी सोच के अनुरूप केंद्र सरकार की निधि योजना का प्रभाव उत्तर प्रदेश में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स खासकर महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए प्रदेश में एक सकारात्मक और भरोसेमंद वातावरण तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल श्रम शक्ति का नहीं बल्कि उद्यम शक्ति का केंद्र बनाना है। निधि कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2016 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य प्रारंभिक चरण के विज्ञान एवं तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को वित्तीय और संस्थागत सहायता देना है। योजना के अंतर्गत देश में कुल 714 महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स सहायता दी जा चुकी है। वर्ष 2017-18 में 23  महिला स्टार्टअप्स को सहायता मिली, वर्ष 2023-24 में 152,  2024-25 में 140 और वर्ष 2025-26 में 84  महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को समर्थन दिया गया।  महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी निधि कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर सहायता दी जा रही है। इस राष्ट्रीय पहल में उत्तर प्रदेश ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रदेश में 25  महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को निधि योजना के तहत वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्राप्त हुआ है। यह इस बात का संकेत है कि प्रदेश की महिलाएं अब केवल रोजगार की तलाश में नहीं हैं बल्कि रोजगार देने वाली उद्यमी बनने की दिशा में आगे कदम बढ़ा रही है। योगी सरकार की स्टार्टअप नीति और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं ने इस बदलाव को गति दी है। टीबीआई और आईटीबीआई से प्रदेश में नवाचार को मिला संबल उत्तर प्रदेश में निधि प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर (टीबीआई) और समावेशी प्रौद्योगिकी व्यापार इनक्यूबेटर (आईटीबीआई) की स्थापना योगी सरकार के विकास मॉडल की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। प्रदेश में 7 टीबीआई और आईटीबीआई स्थापित किए गए हैं, जो महिला स्टार्टअप्स के लिए मार्गदर्शन का केंद्र बन रहे हैं। इन इनक्यूबेटरों के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी सलाह, व्यवसायिक रणनीति, बौद्धिक संपदा अधिकार, कानूनी और नियामक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसका लाभ यह हुआ है कि छोटे शहरों और कस्बों की महिलाएं भी अब नवाचार आधारित उद्यम शुरू करने का साहस कर पा रही हैं, यह योगी आदित्यनाथ सरकार के विज़न से ही संभव हो पा रहा है।  टियर वन और टियर टू शहरों में हो रहा है उद्यमिता का विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन है कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे। इसी सोच के अंतर्गत टियर वन और टियर टू स्तर के शहरों में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई ऐसे जिले जो पहले उद्यमिता के मानचित्र पर नहीं थे, अब धीरे-धीरे स्टार्टअप गतिविधियों के केंद्र बन रहे हैं। निधि योजना से जुड़े इनक्यूबेटर इन क्षेत्रों में स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

शादी के 21 दिन बाद सीएम मोहन यादव के बेटे-बहू नर्मदा परिक्रमा पर, यात्रा ओंकारेश्वर से शुरू

 खंडवा  मध्य प्रदेश के खंडवा के ओंकारेश्वर से सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे और बहू ने नर्मदा परिक्रमा शुरू की हैं। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर नवविवाहित डॉ. अभिमन्यु यादव और उनकी पत्नी डॉ. इशिता ने मां नर्मदा की परिक्रमा का संकल्प लिया। परिक्रमा आरंभ करने से पूर्व दोनों ने संत विवेक गुरु से आशीर्वाद प्राप्त किया। परिजन के साथ भगवान के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की।  उज्जैन में हुआ था विवाह पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में डॉ. अभिमन्यु का विवाह खरगोन जिले की डॉ. इशिता से हुआ था। नवविवाहित जोड़ा अब सीधे आध्यात्मिक यात्रा पर निकल पड़ा है। पूरा परिवार साथ नर्मदा परिक्रमा में अभिमन्यु-इशिता के साथ उनकी बड़ी बहन डॉ. आकांक्षा यादव, जीजा जी और बड़े भाई वैभव यादव अपनी पत्नी के साथ शामिल हैं। पूरा परिवार मिलकर मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहा है। 15 दिन में पूरी होगी यात्रा – जानिए पूरा रूट ओंकारेश्वर से शुरू हुई यह नर्मदा परिक्रमा महेश्वर, बड़वानी, राजपीपला-गरुड़ेश्वर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र), भरूच होते हुए नर्मदा सागर संगम यानी खंभात की खाड़ी तक जाएगी। करीब 15 दिन में यात्रा पूरी होने की उम्मीद है। हाल ही में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव के पुत्र अभिमन्यु यादव का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह के बाद धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के क्रम में अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता यादव ने मां नर्मदा की परिक्रमा प्रारंभ करने का संकल्प लिया। जिसे पूरा करने के लिए नवदंपति रवाना हुए। यह यात्रा 15 दिन में पूरी होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री के बड़े बेटे-बहू और बेटी-दामाद भी साथ में मौजूद हैं। विवाह की कुछ खास बातें पिछले महीने 30 नवंबर को उज्जैन के सांवराखेड़ी में डॉ मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु और इशिता की शादी की रस्में सामूहिक सम्मेलन में संपन्न हुईं थीं। वरमाला के दौरान बाबा रामदेव ने मंत्र पढ़कर वरमाला की रस्म कराई थी। सामूहिक विवाह समारोह में अभिमन्यु इशिता के साथ 22 जोड़ों ने फेरे लिए थे सामूहिक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया राज्यपाल मंगुभाई पटेलए मंत्री तुलसी सिलावट कथावाचक पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी सहित कई हस्तियां पहुंची थीं। 

विनोद कुमार शुक्ल को नम आंखों से श्रद्धांजलि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पार्थिव शरीर को दिया कंधा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय विनोद कुमार शुक्ल के निवास पहुंचे और उनके अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन किया तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शुक्ल के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण अंतिम विदाई दी. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा असंख्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी से उपजे महान साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन से हिंदी साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति पहुँची है. उनकी रचनाएँ संवेदनशीलता, मानवीय सरोकारों और सरल किंतु गहन अभिव्यक्ति की अनुपम मिसाल हैं. विनोद कुमार शुक्ल जी के निवास पहुँचकर उनके अंतिम दर्शन किया। उन्हें सम्पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी। यह एक ऐसे सृजनशील व्यक्तित्व की अंतिम यात्रा थी, जिन्होंने साहित्य जगत को ऐसी अनमोल कृतियाँ दीं, जो साहित्य संसार की थाती है। उन्होंने कहा कि शुक्ल की लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की. उनका साहित्य न केवल पाठकों को गहराई से स्पर्श करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बना रहेगा. साहित्य जगत में उनका अवदान सदैव स्मरणीय रहेगा. शुक्ल को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई. इस अवसर पर कवि डॉ. कुमार विश्वास, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे.

त्रिपक्षीय समझौते से मजदूरों को बड़ी राहत, रांची नगर निगम देगा पहली बार बोनस

रांची झारखंड की राजधानी रांची नगर निगम के उप श्रमायुक्त अविनाश कृष्ण की उपस्थिति में मजदूरों के बोनस भुगतान को लेकर त्रिपक्षीय समझौता संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत पहली बार रांची नगर निगम में कार्यरत मजदूरों को बोनस का लाभ मिलेगा, जिसे श्रमिक हितों की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। त्रिपक्षीय समझौते पर मजदूर पक्ष की ओर से झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन, रांची के अध्यक्ष एवं प्राधिकृत प्रतिनिधि भवन सिंह तथा यूनियन के सचिव सुखनाथ लोहरा ने हस्ताक्षर किए। वहीं नियोक्ता पक्ष की ओर से मेसर्स स्वच्छता कॉरपोरेशन, बेंगलुरु के महाप्रबंधक राजशेखर रेड्डी और प्रोजेक्ट मैनेजर जी. गांधी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौता पूर्ण होने के बाद उप श्रमायुक्त अविनाश कृष्ण ने इसकी प्रमाणित प्रति दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई।         मजदूरों को दो किस्तों में मिलेगा बोनस भुगतान समझौते के अनुसार वर्ष 2024-25 के लिए बोनस भुगतान की व्यवस्था तय की गई है। दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में कार्यरत मजदूरों को 2000 रुपये प्रति कामगार की दर से बोनस दिया जाएगा। यह राशि दो किस्तों में मजदूरों को प्राप्त होगी, जो दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के वेतन के साथ भुगतान की जाएगी। वहीं फरवरी और मार्च 2025 में कार्यरत मजदूरों को 1000 रुपये बोनस दिया जाएगा, जिसका भुगतान दिसंबर 2025 के वेतन के साथ किया जाएगा।        मजदूरों ने समझौते का किया स्वागत इस अवसर पर झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि यूनियन के लंबे संघर्ष और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि रांची नगर निगम के मजदूरों को पहली बार बोनस का अधिकार मिलना मजदूर एकता की जीत है। भवन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यूनियन आगे भी मजदूरों के अन्य अधिकारों और सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखेगी। मजदूरों ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे आर्थिक राहत देने वाला कदम बताया है। श्रमिकों का कहना है कि बोनस मिलने से उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिलेगा, खासकर त्योहार और जरूरी खर्चों के समय। श्रमिक संगठनों का मानना है कि यह त्रिपक्षीय समझौता भविष्य में नगर निगम के अन्य श्रमिक अधिकारों, जैसे सामाजिक सुरक्षा और स्थायी लाभों की दिशा में भी एक मजबूत आधार तैयार करेगा।