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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को दे रही हैं नया आयाम

जीवन के हर चरण में महिलाओं की मददगार बनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को दे रही हैं नया आयाम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को जन्म से वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा करायी जा रही उपलब्ध लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक आर्थिक, सामाजिक तथा कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में व्यापक नीति-सुधार लागू किया है। राज्य सरकार ने ऐसे कार्यक्रमों का एक समग्र ढांचा विकसित किया है, जो बच्ची के जन्म से लेकर पोषण, आर्थिक स्वावलंबन, संपत्ति के स्वामित्व तथा वृद्धावस्था तक सुरक्षा और सहारा प्रदान करता है। वर्ष 2025 के बजट में बालिका कल्याण योजनाओं, विवाह सहायता तथा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटन किया गया है, जिससे महिला कल्याण की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास और प्राथमिकता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होती है। शिक्षा, पालन-पोषण तथा वित्तीय सहायता ने दी राहत उत्तर प्रदेश में समाज के सभी वर्गों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी का समग्र विकास हो सके। इस दृष्टि से, विशेष तौर पर बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेहद प्रभावी रही है, जिसने बालिकाओं की शिक्षा तथा पालन-पोषण में वित्तीय सहारा प्रदान कर लाखों परिवारों को राहत दी है। यह योजना जन्म से ही लड़कियों को अवसर प्रदान करने की नींव मजबूत करती है, जबकि सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान उपलब्ध कराती है। योगी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को बेटी के जन्म या विवाह को लेकर आर्थिक बोझ महसूस न हो। ऐसे में, इस कड़ी में प्रदेश सरकार की लोककल्याणकारी योजनाएं बड़ा सहारा बनकर उभर रही हैं। संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं को छूट का प्रावधान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संपत्ति स्वामित्व को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीकरण पर एक प्रतिशत स्टांप ड्यूटी छूट प्रदान की जा रही है, जिससे एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर लेन-देन लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। यह प्रावधान न केवल महिलाओं को संपत्ति की मालिक बनने के लिए प्रोत्साहित करता है, बल्कि उन्हें वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सम्मान भी प्रदान कर रहा है। योगी सरकार का मानना है कि महिलाएं जब आर्थिक रूप से स्वावलंबी होती हैं, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं। इसी उद्देश्य से आर्थिक नीतियों तथा भूमि-संपत्ति से जुड़े नियमों में महिलाओं के हित में सुधार किए गए हैं। पेंशन योजनाओं से वृद्धावस्था और दिव्यांग महिलाओं को सहारा जीवन चक्र के अंतिम चरण को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं से लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहारा मिलता है, जिससे जीवनयापन अधिक सम्मानजनक और सुरक्षित होता है। प्रदेश सरकार का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि जीवन के किसी भी चरण में महिलाएं असुरक्षित या उपेक्षित न महसूस करें। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के ये प्रयास महिलाओं को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक सुरक्षा, सुविधा और सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त नीतिगत ढांचा प्रस्तुत करते हैं। यह पूर्ण-चक्र समर्थन मॉडल उत्तर प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के नए मानक स्थापित करने वाले राज्यों में अग्रणी बना रहा है।

मुख्यमंत्री का निर्देश, क्रय केंद्रों की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, सुविधा गांव-कस्बों तक पहुंचेगी

क्रय केंद्र पर आने वाले हर अन्नदाता किसान का धान खरीदा जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, क्रय केंद्रों की संख्या 5000 तक बढ़ाई जाएगी, सुविधा गांव-कस्बों तक पहुंचेगी अब तक ₹1,984 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर, बोले मुख्यमंत्री, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं धान खरीद में अब तक 1.51 लाख किसानों से 9.02 लाख एमटी की खरीद अब तक ₹1,984 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर, बोले मुख्यमंत्री, भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं मिड-डे मील व आंगनबाड़ी में फोर्टिफाइड चावल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश खरीद केंद्रों पर मैनपावर बढ़ेगा, धान उठान व मिल-मैपिंग की प्रक्रिया और सरल होगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि धान क्रय केंद्र पर आने वाले हर अन्नदाता किसान का धान खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे उनके खाते में पहुंच जाए। सोमवार को धान खरीद की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि धान खरीद की गति तेज हो और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कॉमन धान का एमएसपी ₹2369 और ग्रेड-A का ₹2389 प्रति क्विंटल तय हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹69 अधिक है। अब तक 4,227 खरीद केंद्र संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5000 की जाए, ताकि किसानों को अपने गांव-कस्बे के निकट ही सुविधा उपलब्ध हो सके। अधिकारियों ने जानकारी दी कि 30 नवंबर तक 1,51,030 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और ₹1,984 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भुगतान में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एफआरके सप्लाई सुचारु रखने हेतु वेंडरों की संख्या बढ़ाई जाए और तकनीकी अड़चनों का तत्काल समाधान किया जाए। बैठक में बताया गया कि अब तक लगभग 2,130 मीट्रिक टन एफआरके गुणवत्ता परीक्षण में उत्तीर्ण हुआ है। मुख्यमंत्री ने खरीद केंद्रों पर आवश्यकता के अनुसार मैनपावर बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र पर भीड़ न लगे और किसानों को वापस न जाना पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने धान उठान, मिल-मैपिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर भी जोर दिया, ताकि खरीद सुचारु और निरंतर गति में बनी रहे। बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी जिले में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए और किसानों को दोनों वस्तु आसानी से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग स्टॉक और आपूर्ति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा में कफ सिरप कांड का विरोध, विपक्षी विधायक बच्चों के पुतले लेकर पहुंचे

भोपाल  मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक अपने हाथों में बच्चों के पुतले और 'पूतना' को लेकर पहुंचे। विपक्ष ने सरकार को ही पूतना बताया और बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस ने हंगामा किया। सत्र की कम अवधि को लेकर उठाए सवाल। कहा जब विधायक जनहित के मुद्दे उठा ही नहीं सकते हैं तो फिर सत्र बुलाने का क्या मतलब। आसंदी के सामने आकर की नारेबाजी। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति की आज बैठक है, उसमें इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। अध्यक्ष की व्यवस्था देने के बाद कांग्रेस के सदस्य अपने स्थान पर लौटे। बता दें सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 4 दिन ही विधानसभा की बैठकें होंगी। 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर स्थानीय अवकाश के कारण विधानसभा की भी छुट्‌टी रहेगी। सत्र में विपक्षी विधायक सीहोर की वीआईटी यूनिवर्सिटी में छात्रों को खराब भोजन-पानी मिलने के कारण हुए विवाद का मुद्दा जोर-शोर से उठाएंगे। अतिवृष्टि से नुकसान और मुआवजे का मुद्दा भी गूंजेगा। दिसंबर में सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक विधानसभा सचिवालय में 751 तारांकित और 746 अतारांकित प्रश्नों को मिलाकर 1497 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। ध्यानाकर्षण की 194, स्थगन प्रस्ताव की 06, अशासकीय संकल्प की 14, शून्यकाल की 52, नियम-139 की 02 सूचनाएं जबकि 15 याचिकाएं मिली हैं। 2 शासकीय विधेयक भी प्राप्त हुए हैं। विधानसभा सत्र में पेश होंगे ये दो विधेयक मध्य प्रदेश सरकार नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब तक पार्षद ही अध्यक्ष चुनते थे, लेकिन संशोधन के बाद अध्यक्ष को जनता सीधे चुनेगी। इसके साथ ही राइट टू रिकॉल की व्यवस्था भी लागू होगी। यानी जनता यदि अध्यक्ष के काम से नाखुश है तो वोट देकर उन्हें हटा भी सकेगी। मध्यप्रदेश सरकार ने व्यापार और दुकानों से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। पिछले हफ्ते हुई कैबिनेट की बैठक में दुकान एवं स्थापना (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 को स्वीकृति दी गई थी। अब रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। साथ ही, दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन के तहत दुकानदारों और कामगारों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश देना जरूरी होगा। दुकान खोलने और संचालन के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाएगी। सरकार का तर्क है कि यह व्यवस्था कामगारों के स्वास्थ्य, बेहतर कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। नई व्यवस्था में ये होगा     20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में बिना श्रम आयुक्त की अनुमति के निरीक्षण नहीं हो सकेगा।     इससे सूक्ष्म और लघु व्यापारियों को अनावश्यक कार्रवाई और दबाव से राहत मिलेगी।     सभी प्रक्रियाएं पोर्टल पर ही होंगी। रजिस्ट्रेशन, रिनुअल, संशोधन और बंद होने की सूचना भी डिजिटल हो जाएगी। बदलाव 7 दिन में अपडेट करना अनिवार्य दुकान एवं स्थापना (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 के मुताबिक, अब रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिकतम ₹2,500 होगा। कर्मचारियों की संख्या या अन्य प्रमुख बदलाव होने पर 7 दिन के भीतर पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी होगा। प्रतिष्ठान बंद होने पर 10 दिन के भीतर पोर्टल पर सूचना देना अनिवार्य होगा। सूचना दर्ज होते ही रजिस्ट्रेशन खुद ही हट जाएगा। श्रम विभाग के अनुसार संशोधन का उद्देश्य     प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाना।     व्यापार-मित्र वातावरण तैयार करना।     छोटे व्यापारियों तक स्व-प्रमाणन की सुविधा पहुंचाना।     निरीक्षण का अनावश्यक दबाव कम करना।     राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करना।  

CM मोहन यादव ने किया अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आगाज, महोत्सव का पूरा शेड्यूल और खास संदेश

उज्जैन   मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित दशहरा मैदान में सोमवार सुबह अंतरराष्‍ट्रीय गीता महोत्सव शुरू हुआ. 1 से 3 दिसंबर तक आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम डॉ मोहन यादव ने किया. इस खास मौके पर सीएम ने कहा कि गीता से प्रेक्टिकल ज्ञान मिलता है. यह किताब हर बच्चे के पास होना चाहिए. गीता महोत्सव का शुभारंभ दशहरे मैदान पर आयोजित गीता महोत्सव के कार्यक्रम में सुबह करीब 9 बजे सीएम यादव मंच पर पहुंचे. उन्होंने पंडितो द्वारा किए गए गीता श्लोक का पाठ के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया है. इस दौरान संत रंगनाथाचार्य महाराज का स्वागत किया गया. इस मौके पर सीएम ने गीता और श्रीकृष्ण का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री कृष्ण और सुदामा ने एक साथ शिक्षा ग्रहण की…इससे पता चलता है कि आमिर गरीब का कोई भेद भाव नहीं था. ये विद्यार्धियों के लिए सबक है. गीता महोत्सव पर क्या बोले सीएम मोहन 1 दिसंबर को सुबह करीब 9 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव कृष्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम के स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने संत रंगनाथाचार्य महाराज का स्वागत किया। इसके बाद पंडितों द्वारा गीता श्लोकों का पाठ किया गया, जिससे एक दिव्य माहौल बना।  मुख्यमंत्री यादव ने अपने संबोधन में गीता और श्री कृष्ण के आदर्शों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गीता न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि यह जीवन जीने की कला भी सिखाती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गीता को हर बच्चे की पढ़ाई में शामिल करना चाहिए, क्योंकि गीता से प्राप्त ज्ञान वास्तविक और प्रैक्टिकल होता है। उन्होंने कृष्ण और सुदामा के साझा शिक्षा अनुभव का उल्लेख किया। साथ ही यह संदेश दिया कि गीता में अमीर-गरीब का कोई भेदभाव नहीं है। तीन दिनों तक चलने वाले आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव के आयोजन में संस्कृति विभाग, जनसंपर्क विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन का संयुक्त रूप से योगदान रहेगा। इस दौरान गीता प्रेमी श्रीमद भगवद गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ करेंगे। इसके अलावा श्री कृष्ण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। हर बस्ते में हो गीता सीएम मोहन ने आगे कहा कि गीता एक पवित्र ग्रंथ है, जिसको हमने पाठ्यक्रम में महत्ता दी है. गीता वो किताब है जिससे प्रेक्टिकल ज्ञान मिलता है. यह हर बच्चे के बस्ते में होना चाहिए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु संत, स्कूली बच्चे और बटुक शामिल हुए. सीएम ने कहा दोपहर में भोपाल में गीता महोत्सव में शामिल होना है और शाम को इंदौर में गीता भवन की सौगात मिलेगी. शाम को जय श्री कृष्ण नाट्य  तीन दिवसीय गीता महोत्सव के चलते सोमवार आज शाम दशहरा मैदान पर बॉलीवुड एक्टर पुनीत इस्‍सर के निर्देशन में जय श्री कृष्‍ण-गीता सार नृत्‍य-नाट्य होगा. मंगलवार शाम नई दिल्‍ली की कलाकार वैष्‍ण्‍वी शर्मा प्रस्तुति देगी और मोहित शेवानी के निर्देशन में कृष्‍णायन नाट्य का मंचन होगा. बुधवार शाम विश्‍ववंदनीय नाट्य के साथ सलाउद्दीन पाशा द्वारा गीता ऑन व्‍हील्‍स नाट्य का मंचन किया जाएगा. महोत्‍सव में माधव दर्शनम-लघु चित्र शैलियों में चित्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी. गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि गीता जयंती आज से मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की कला सिखाती है. यह महोत्सव समाज में ज्ञान, कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बनाने का माध्यम बनेगा. पहले दिन – 1 दिसंबर 2025 महोत्सव की शुरुआत प्रसिद्ध कलाकार पुणीत इस्सर के निर्देशन में 'जय श्री कृष्ण – गीता सार' नृत्य-नाट्य के मंचन से हुई। दूसरे दिन – 2 दिसंबर 2025 दूसरे दिन, नई दिल्ली की कलाकार वैष्णवी शर्मा द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद, मोहित शेवानी के निर्देशन में 'कृष्णायन नाट्य' का मंचन होगा। तीसरे दिन – 3 दिसंबर 2025 अंतिम दिन, सलाउद्दीन पाशा द्वारा 'गीता ऑन व्हील्स' नाट्य का मंचन होगा, और साथ ही 'माधव दर्शनम' नामक चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। गीता: केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य समाज में ज्ञान, अनुशासन, कर्तव्य और सकारात्मकता का वातावरण बनाना है। इंदौर में गीता भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इंदौर में गीता भवन-गोपाल मंदिर का उद्घाटन करेंगे। साथ ही, 16 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा की जाएगी। इन विजेताओं को 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस पर पुरस्कार दिए जाएंगे।

NIA ने डॉ. शाहीन व परवेज के घर मारी छापेमारी, भाई-पिता के अलावा घर से बरामद हुई ये चीजें

लखनऊ  दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में एनआईए की टीम ने लखनऊ में बड़ी कार्रवाई की है. आतंकवादी महिला डॉक्टर शाहीन और उसके भाई परवेज के घर टीम ने तलाशी अभियान चलाया. कार्रवाई के दौरान शाहीन के पिता और भाई सुएब से पूछताछ की गई. कैसरबाग के खंडारी बाजार और लालबाग, मारियांव इलाके में स्थित उनके घरों में सर्च ऑपरेशन किया गया और तमाम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोबाइल कब्जे में लिए गए. लखनऊ के मड़ियांव में छानबीन सूत्रों के अनुसार, एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम सुबह करीब सात बजे मड़ियांव के मुत्तकीपुर इलाके में डॉ. परवेज के घर पहुंची। सुरक्षा घेरा बनाकर घर के भीतर टीम ने कई घंटे तक तलाशी ली। इस दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। छापेमारी के दौरान डॉक्टर परवेज घर पर मौजूद नहीं थे। टीम ने घर के अन्य सदस्यों से पूछताछ की और कई अहम दस्तावेज़ व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य कब्जे में लिए। एटीएस को घर के बाहर खड़ी सफेद रंग की आल्टो कार और अंदर से स्प्लेंडर बाइक बरामद मिली। कार के शीशे पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, गुड़म्बा का गेट पास चिपका मिला। घर से कुछ कंप्यूटर उपकरण, मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त किए गए हैं। पड़ोसियों ने बताया, अकेला रहता था टीम ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। पड़ोसियों ने बताया कि डॉ. परवेज ज्यादा मेलजोल नहीं रखते थे और घर पर बहुत कम ही दिखते थे। एटीएस ने आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले, लेकिन किसी संदिग्ध की फुटेज नहीं मिली। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 50 वर्षीय डॉ. परवेज खुद को इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से जुड़ा बताते थे। हालांकि, डॉ. परवेज वहां प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थे या किसी अन्य भूमिका में, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। एजेंसियां अब यूनिवर्सिटी प्रशासन से भी संपर्क कर उनके रिकॉर्ड और संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं। मिला आतंकी मॉड्यूल का लिंक यह पूरा मामला फरीदाबाद में पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा बताया जा रहा है। दरअसल, 30 अक्टूबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद से एमबीबीएस छात्र डॉ. मुजम्मिल अहमद को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। उसके किराए के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक, एके-47 राइफल और कई मैगजीन बरामद हुई थीं। पूछताछ में मुजम्मिल ने अपनी गर्लफ्रेंड डॉ. शाहीन शाहिद का नाम बताया, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। शाहीन की कार की डिक्की से हथियार मिले थे। जांच में सामने आया कि शाहीन का लखनऊ से पुराना संबंध है। उसके दादा-दादी लालबाग इलाके में रहते थे। इसी कड़ी में एजेंसियों को डॉक्टर परवेज का नाम मिला, जो कथित तौर पर इस नेटवर्क से संपर्क में थे। दिल्ली ब्लास्ट से हड़कंप सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी आई-20 कार में हुए विस्फोट से राजधानी दहल गई। धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 से अधिक लोग घायल हुए। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी छह गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए और करीब 20 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कार दरियागंज की ओर जा रही थी, जब ट्रैफिक सिग्नल पर यह धमाका हुआ। मौके से बरामद रासायनिक अवशेषों में वही विस्फोटक सामग्री पाई गई, जो फरीदाबाद से बरामद आरडीएक्स से मेल खा रही है। सहारनपुर से भी जुड़ा तार इस आतंकी नेटवर्क का सिरा सहारनपुर के डॉ. आदिल से भी जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। डॉ. आदिल की निशानदेही पर ही डॉ. मुजम्मिल को पकड़ा गया था। अब जांच एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि क्या इन तीनों डॉक्टरों आदिल, मुजम्मिल और परवेज के बीच कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। डॉ. परवेज की तलाश जारी एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि छापेमारी में बरामद दस्तावेजों की जांच चल रही है। इनमें कुछ बैंक लेन-देन और ऑनलाइन संचार से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले हैं। फिलहाल डॉ. परवेज फरार हैं और उनकी तलाश कई राज्यों में जारी है। डॉ. शाहीना को लेकर बड़े दावे डॉ. शाहीना को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि डॉ. शाहीन आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग की हेड है। उसका लखनऊ के लालबाग इलाके में घर है। डॉ. शाहीन लोक सेवा आयोग से चयनित होकर कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बनी थीं। इसके बाद वह वर्ष 2013 में ये बिना किसी को बताए कॉलेज से गायब हो गई। डॉ. शाहीन की शादी जफर हयात नाम के व्यक्ति से हुई थी। वर्ष 2015 में शाहीन ने तलाक ले लिया। वर्ष 2021 में संस्थान ने डॉ. शाहीना को बर्खास्त कर दिया। अभी वह फरीदाबाद के अलफलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी हुई थी।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी, पाक हैंडलर ने तैयार किया 6 हमलों का प्लान, पकड़ में आया नेटवर्क

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देशभर छह स्थानों पर ग्रेनेड हमले की साजिश का भंडाफोड़ किया है। पकड़े गए आरोपी आईएसआई समर्थित पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी के इशारे पर दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे। तीन संदिग्धों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि इनके निशाने पर तीन राज्यों के छह संवेदनशील स्थान थे। यह मॉड्यूल दिल्ली के अलावा पंजाब और यूपी के कई सार्वजनिक स्थानों पर ग्रेनेड से हमला कर बड़ी तबाही मचाने की फिराक में था। स्पेशल सेल ने इन संदिग्धों से मिले मोबाइल, चैट और वीडियो क्लिपिंग की जांच में छह संभावित टारगेट की पहचान की है। इनमें तीन स्थान पंजाब से जुड़े बताए जा रहे हैं, जबकि दो यूपी और एक दिल्ली में है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक संदिग्धों ने इन स्थानों की रेकी कर रूट मैप, वीडियो और तस्वीरें भट्टी को भेजी थीं। इस खुलासे के बाद तीनों राज्यों में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया के जरिए भर्ती जांच में पता चला है कि पाकिस्तान में बैठा शहजाद भट्टी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल के जरिए भारतीय युवाओं को निशाने पर लेता था। उनकी आर्थिक जरूरतों और बेरोजगारी का फायदा उठाकर उन्हें गैंगस्टर से लेकर आतंकी गतिविधियों तक में झोंक दिया जाता था। भट्टी और उसके साथी पहले युवाओं को पैसे कमाने का झांसा देते, फिर छोटे-छोटे काम देकर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करते थे। इसके बाद उन्हें टारगेट की रेकी, हथियारों की डिलीवरी, ठिकानों की तलाश और हमले की योजना का हिस्सा बनाया जाता था। पकड़े गए युवकों ने स्वीकार किया कि भट्टी सोशल मीडिया ऐप्स, ऑडियो कॉल और एन्क्रिप्टेड चैट के जरिए लगातार संपर्क में रहता था। वह भारत में अपनी मौजूदगी के बिना ग्राउंड ऑपरेटर्स के जरिए पूरे मॉड्यूल को नियंत्रित करता था। पुलिस का मानना है कि यह एक पूरी तरह विदेशी संचालित आतंकी मॉड्यूल है, जिसका उद्देश्य भारत में अस्थिरता फैलाना था। छह स्थानों की तस्वीरें, रूटमैप और वीडियो बरामद स्पेशल सेल को जांच में छह संदिग्ध स्थानों की फोटो और वीडियो क्लिप मिली हैं। इनमें भीड़भाड़ वाले बाजार, पुलिस स्टेशन, प्रशासनिक भवन और वह स्थल शामिल हैं जहां सुरक्षा बलों की नियमित आवाजाही रहती है। जांच एजेंसियां इन सभी डाटा को फोरेंसिक तरीके से विश्लेषित कर रही हैं। इन सुरागों के आधार पर दिल्ली, पंजाब और यूपी पुलिस ने दर्जनों छापेमार टीमें बनाई हैं। दिल्ली से लेकर गुरदासपुर, अमृतसर, बिजनौर और नोएडा तक कई ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मॉड्यूल के दो से तीन सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। गिरोह के और लिंक तलाशे जा रहे पूछताछ में सामने आया है कि भट्टी पंजाब के गैंगस्टरों से लेकर पाकिस्तान में बैठे आईएसआई समर्थित नेटवर्क से सीधे जुड़ा हुआ है। वह अपने साथियों के जरिए फंडिंग, हथियार सप्लाई और नए युवाओं की भर्ती का काम संभालता था। जांच एजेंसियों ने भट्टी के दो अन्य संपर्कों की पहचान कर ली है, जिन्हें जल्द ही पंजाब पुलिस के साथ साझा किया जाएगा। वहीं दिल्ली और यूपी में भी इस नेटवर्क से जुड़े कुछ लोकल लिंक तलाशे जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह मॉड्यूल छोटी रकम के बदले युवाओं को आतंकी गतिविधियों में उतारने वाला बेहद खतरनाक तंत्र है। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ग्रेनेड हमला कर दहशत फैलाना और देश को अस्थिर करना था। गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमले की तैयारी में था हरगुनप्रीत फिरोजपुर के कोहाला गांव का रहने वाला हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत 12वीं पास है। वह अपने एक दोस्त के जरिए भट्टी के संपर्क में आया। पैसों के लोभ में वह गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमले के लिए तैयार हो गया। वह साथी मोहन के साथ गुरदासपुर पहुंचा और विकास से ग्रेनेड व हथियार लेकर रेकी की। 25 नवंबर की शाम उसने सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका, जबकि उसका साथी मोटरसाइकिल चलाता रहा। पुलिस का मानना है कि इस हमले के जरिए मॉड्यूल अपनी सक्रियता साबित करना चाहता था, ताकि भट्टी को पाकिस्तान से और फंडिंग मिल सके। आसिफ ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी के संपर्क में आया था उत्तर प्रदेश के बिजनौर के मच्छमार गांव का रहने वाला 5वीं कक्षा पास आसिफ उर्फ आरिश करीब ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए भट्टी के संपर्क में आया। भट्टी ने पहले उसे ग्राउंड ऑपरेटर्स के वीडियो भेजे, फिर पंजाब में ग्रेनेड फेंकने का टास्क दिया। आसिफ को लोकेशन मैप, टारगेट की तस्वीरें और रूट प्लान भेजा गया। वह विकास से भी जोड़ा गया था। कुछ दिनों पहले भट्टी ने उसे ‘अगले निर्देश’ का इंतजार करने को कहा था। पुलिस मान रही है कि उसकी भूमिका यूपी और दिल्ली में टारगेट चुनने से लेकर विस्फोटक पहुंचाने तक की हो सकती थी। मध्य प्रदेश के दतिया का रहने वाला 24 वर्षीय विकास प्रजापति उर्फ बेटू इंद्रगढ़ की अनाज मंडी में मजदूरी करता था। इंस्टा पर भट्टी की गैंगस्टर वाली छवि से प्रभावित होकर वह उससे जुड़ गया। भट्टी ने वीडियो कॉल पर उसे पार्सल खोलने का तरीका सिखाया, जिसमें ग्रेनेड भरा था। विकास को डिलीवरी कन्फर्मेशन के बदले नकद और हथियार दिए गए। उसने गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन और अमृतसर टाउन हॉल पुलिस स्टेशन की रेकी कर वीडियो भट्टी को भेजे। भट्टी ने विकास से कहा था कि वह ग्रेनेड हरगुनप्रीत और उसके साथी तक पहुंचाए और ऑपरेशन के लिए मोटरसाइकिल की व्यवस्था करे।

बिहार पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह पकड़ा, बक्सर में 18 आरोपी हिरासत में

बक्सर  बिहार के बक्सर के नगर थाना क्षेत्र में  पुलिस ने एक साइबर फ्रॉड के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 18 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया गया कि इस गिरोह के लोगों के कई जिलों में तार जुड़े हुए हैं। पुलिस अब अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी कर रही है। बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि पीपी रोड के आईसीआईसीआई बैंक के पीछे एक घर में कई युवक किराए के घर से ऑनलाइन ठगी का काम कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने वहां छापेमारी की और 18 युवकों को गिरफ्तार किया है।  उन्होंने बताया कि यहां से पुलिस ने मौके पर से 64 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के नौ पासबुक और 82 एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों के 25 सिम कार्ड सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला कि इन गैजेट्स का इस्तेमाल साइबर ठगी, कॉलिंग फ्रॉड और ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए किया जाता था। गिरफ्तार किए गए युवक बिहार और झारखंड के अलावा कई अन्य राज्यों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छापेमारी के बाद पुलिस की एक टीम सभी गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है। दावा किया जा रहा है कि यह गिरोह बड़ा है और इनके तार बिहार के अन्य जिलों के अलावा अन्य राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। आरोप है कि इस गिरोह का संचालन मुख्य रूप से कैमूर जिले के रहने वाले अजित कुमार जायसवाल और अमन जायसवाल कर रहे थे, जो विभिन्न राज्यों से लोगों को बुलाकर उनसे साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन गेम, सट्टा तथा ऑनलाइन पैसों की हेराफेरी करते थे। कई खाते भी फेक तौर पर बनाए गए थे। यह गिरोह पिछले काफी दिनों से चल रहा था। इन पर और तकनीकी अनुसंधान किए जा रहे हैं। -आईएएनएस

प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आमजन की समस्याओं के समाधान पर निगरानी रखें जनपदों में तैनात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  दो पीड़ितों ने अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग की, मुख्यमंत्री ने जल्द सहायता उपलब्ध कराने का दिया निर्देश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को किया दुलार, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने को कहा  लखनऊ ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर से आए हर पीड़ित से स्वयं मुलाकात की, उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याओं के निदान का आश्वासन किया। मुख्यमंत्री ने जनपद में तैनात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ितों की समस्याओं के स्थानीय स्तर पर समाधान पर विशेष जोर रहे। पुलिस से जुड़े मामलों में निष्पक्षता व पारदर्शिता पूर्वक कार्रवाई पर अधिकारी विशेष ध्यान दें।  42 से अधिक फरियादियों ने सीएम के समक्ष रखी अपनी फरियाद  ‘जनता दर्शन’ में 42 से अधिक फरियादी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हर एक से मिलकर उनकी समस्याएं जानीं और उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। ‘जनता दर्शन’ में जमीनी विवाद, राजस्व व पुलिस से संबंधित भी कई मामले आए। इस पर सीएम ने निर्देश दिया कि पुलिस कार्रवाई निष्पक्षता व पारदर्शिता से सुनिश्चित की जाए। पुलिस आयुक्त, एडीजी, एसएसपी व एसपी जनता की समस्याओं की निगरानी रखें और प्रमुखता से उसके निस्तारण पर ध्यान दें।   हर पीड़ित की मदद के लिए खड़ी है हमारी सरकार  दो पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री ने दोनों फरियादियों को मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित की मदद के लिए खड़ी है। चिकित्सा के लिए नियमित रूप से पीड़ितों को आर्थिक मदद की जा रही है। आप भी एस्टिमेट बनवाकर उपलब्ध कराएं, सरकार मदद करेगी।  बच्चों को किया अपनत्व भरा दुलार  ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ कुछ बच्चे भी आए। मुख्यमंत्री ने उन बच्चों को अपनत्व से दुलारा-पुचकारा, फिर उन्हें चॉकलेट दी। सीएम योगी आदित्यनाथ जी ने कुछ बच्चों का हालचाल भी जाना। सीएम ने उन्हें मन लगाकर पढ़ने और खूब नाम करने का आशीर्वाद दिया।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का साजा CHC का निरीक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं की ली समीक्षा

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साजा का किया निरीक्षण रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार  को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, साजा का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपचार ले रहे मरीजों एवं उनके परिजनों से चर्चा की और उनसे मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग और सेवाओं के विस्तार का सकारात्मक परिणाम आज स्वास्थ्य संस्थानों में दिखाई दे रहा है। मरीजों को समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। निरीक्षण के दौरान मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की और जहां आवश्यक हो, वहां स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं अस्पताल प्रबंधन को दिए।

मध्यप्रदेश पुलिस का बड़ा एक्शन: अवैध शराब तस्करी पर कसा शिकंजा

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई पांच जिलों से कुल 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब जब्त भोपाल पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा विगत दिनों की गई समीक्षा बैठक में जिलों को अत्यधिक सजग और सक्रिय रहने के निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस होने, पेट्रोलिंग को पूर्णतः प्रभावी और सतत रखने, निरीक्षण नियमित और गंभीरता से करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। पुलिस की निरंतर और सटीक कार्यवाहियों के परिणामस्वरूप राज्य के भोपाल, देवास, मंदसौर, छतरपुर और अनूपपुर जिलों से लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अवैध शराब, वाहन और अन्य सामग्रियां जब्त की गई हैं। *जिलों द्वारा की गई प्रमुख कार्रवाई-* *भोपाल-* थाना खजूरी सड़क पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए 1200 पेटी अंग्रेजी शराब से भरे ट्रक सहित कुल 1 करोड़ 60 लाख 42 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। यह कार्रवाई शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क पर महत्वपूर्ण प्रहार मानी जा रही है *देवास-* पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। सोनकच्छ प्रगति नगर बायपास पर वाहन चैकिंग के दौरान ट्रक को रोककर उसमें भरी 85 लाख 35 हजार 440 रूपए की 675 पेटी, कुल 5936.4 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब तथा करीब 20 लाख रूपए का ट्रक जप्त किया है। आरोपी ट्रक में बाहर की ओर भूसे की बोरियां रखकर भीतर शराब की पेटियाँ छिपाकर परिवहन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक रावत पिता सज्जन रावत तथा लालु रावत पिता मुकाम रावत दोनों निवासी ग्राम आम्बुआ, जिला अलीराजपुर शामिल हैं। *मंदसौर-* थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक ट्रक कंटेनर में भरी 120 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जप्त की। ट्रक में शराब को भरकर लोहे के पलंग की फर्जी बिल्टी के माध्यम से ले जाया जा रहा था। जब्‍त की गई संपत्ति  की कीमत लगभग 20 लाख रूपए है।  *छतरपुर-* थाना बमनौरा पुलिस ने ग्राम डोंगरपुर में अवैध शराब के संग्रह स्थल पर छापा मारकर 20 पेटी (180 लीटर) अवैध शराब लगभग 90 हजार रूपए,  बरामद की है। *अनूपपुर*- जिले की कोतवाली पुलिस ने 62.55 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब और बिना नंबर की स्कूटी सहित 54 हजार 210 रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।  आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार इन जिलों की कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 2 करोड़ 87 लाख रूपए से अधिक की अवैध शराब एवं वाहन जब्त किए हैं। इन कार्रवाइयों में पुलिस ने तस्करों को भी गिरफ्तार किया है तथा आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अवैध शराब के निर्माण, परिवहन या विक्रय में संलिप्त किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस नशे के अवैध व्यापार एवं संबद्ध आपराधिक गतिविधियों के विरुद्ध अपने सतत, दृढ़ एवं निर्णायक अभियान को जारी रखेगी, ताकि राज्य में शांति, सुरक्षा एवं सामाजिक स्वास्थ्य को और अधिक सशक्त किया जा सके।