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स्कूल में क्रूर सजा का मामला, सूरजपुर में बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार का वीडियो आया सामने

 अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां के एक स्कूल में एक मासूम बच्चे को अमानवीय तरीके से दंडित करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बच्चा केवल टी-शर्ट के सहारे पेड़ से लटका हुआ नज़र आता है, जबकि नीचे उसने सिर्फ अंडरवीयर पहना हुआ है. वह पूरी तरह से असहाय है और उसका हल्का शरीर हवा में इधर-उधर झूलता दिखाई देता है, जिसे देख हर कोई स्तब्ध है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चे को ऐसी क्रूर सजा किस कारण दी गई, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और आम लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चे के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और यह बाल अधिकारों का घोर उल्लंघन है. कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और अनुशासन के नाम पर गलत मानसिकता ऐसी घटनाओं को जन्म देती है. इधर जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि वीडियो की सत्यता, घटना का समय और इसमें शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम तैनात कर दी गई है. जांच में दोषी पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन या संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर बच्चों के प्रति स्कूलों में होने वाली अनुचित सजाओं के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है.  

एसएएफ का चर्चित ट्रैवल बिल घोटाला अब भी लंबित, आरक्षक की मौत का मामला मांग रहा न्याय

आरक्षक की जान तक लेने वाला एसएएफ का चर्चित ट्रैवल बिल घोटाला आज भी न्याय मांग रहा  एसएएफ की 6वीं बटालियन में आरक्षक ट्रैवल बिल घोटाले के पहले करोड़ों का मेडिकल बिल घोटाला भी हुआ था 6वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे के संरक्षण में बाबू सत्यम शर्मा का बड़ा खेल बिल लगाने वाला दोषी और आहरण स्वीकृत करने वाले निर्दोष अजब गजब खेल सतना आरक्षकों के करोड़ों के ट्रैवल बिल क्या महज आरक्षक फर्जीवाड़ा कर पास करवा सकता है।जब चिन्हित आरक्षकों के नाम पर लगातार लाखों के बिल लग रहे थे तब उसकी जांच करने वाला संबंधित शाखा का बाबू और पूरे मामले में आहरण के प्रभारी डीडीए अधिकारी इसमें दोष से कैसे बच सकते हैं।अजब गजब जांच जिसमें बिल की जांच करने वाला और बिल स्वीकृत कर उस पर दस्तखत करने वाला अधिकारी पाक साफ निर्दोष और महज बिल लगाने वाले 12 आरक्षक दोषी। जिस जोड़ी ने खेला पूरा खेल उसको कैसे क्लीनचिट जिनको इस पूरे मामले का सुपरविजन करना था,उस पर ही संबंधित शाखा के बाबू को शह देने और उसी की शह में ये करोड़ों के बिल लगने के गंभीर आरोप हैं।जानकारों की मानें तो असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे और बाबू सत्यम शर्मा दोनों छिंदवाड़ा के रहने वाले हैं और पूर्व से परिचित हैं।इनकी नजदीकियों को बटालियन में जानते सब हैं लेकिन कार्यवाही के डर से कोई बोलता कुछ भी नहीं बाबू विशेष पर असीम कृपा 6वीं बटालियन में जब पारदर्शिता बताते हुए सभी बाबुओं की टेबल रोटेशन के तहत कुर्सी बदली गई तब भी असिस्टेंट कमांडेंट सुबोध लोखंडे की असीम कृपा से सत्यम शर्मा को कोई चाह कर भी हिला नहीं पाया।सत्यम शर्मा ने उसी कुर्सी अपर बैठ कर पूरे खेल को अंजाम दिया लेकिन वो जांच में पाक साफ निकला महज इसलिए क्योंकि उस पर अपने कथित साहब सुबोध लोखंडे के इशारे पर पूरा खेल करने के आरोप हैं।जानकारों की मानें तो सुबोध लोखंडे और सत्यम शर्मा की कॉल डिटेल की पूरी CDR निकाली जाएगी तो पूरे मामले की पूरी सत्यता सामने आ जाएगी।जानकारों की मानें तो इनके बैंक अकाउंट्स के साथ साथ इनके चिन्हित रिश्तेदारों के बैंक अकाउंट्स को खंगालने की आवश्यकता है जिससे इस पूरे घोटाले का पर्दाफाश हो जाएगा मेडिकल बिल घोटाले में भी  सुबोध लोखंडे ही डीडीए थे 6वीं बटालियन में पूर्व के चर्चित मेडिकल बिल घोटाले के समय भी बटालियन में सुबोध लोखंडे ही बतौर डीडीए थे।उस समय भी पात्रता से अधिक के बिल लगाकर करोड़ों की राशि का आहरण किया गया था।दोनों ही घोटाले के तार आपस में जुड़े हैं क्योंकि इनके मुख्य कलाकार वही लोग हैं। कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी के मौन पर भी सवालिया निशान जानकारों की मानें तो 6वीं बटालियन के कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी का करीबी बन कर सुबोध लोखंडे पूरे कारनामों को अंजाम दे रहे है।अब जब पूरे मामले के कथित सूत्रधार सुबोध लोखंडे स्वयं उसी बटालियन में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट पदस्थ हैं तो उनके होते हुए किसी निष्पक्ष जांच की आशा करना ही बेमानी है।अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब दोनों घोटाले में इतने गंभीर सवाल उठ रहे हैं तो कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी सब जानकर मौन क्यों हैं।सिद्धार्थ चौधरी के मौन पर भी गंभीर सवालिया निशान उठ रहे हैं।अब देखना यह होगा कि विभाग के आला अधिकारी इस जुगल जोड़ी के कारनामों की जांच किसी जिम्मेदार अधिकारी से करवा कर करोड़ों के इन घोटालों का पर्दाफाश कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करेंगे या अन्य मामलों की तरफ छोटे लोगों पर कार्यवाही कर मामले का पटाक्षेप कर दिया जाएगा।

सुनवाई के दौरान वकील की आवाज बैठी, CJI का हल्का-फुल्का तंज— ‘दिल्ली की यही समस्या है’

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर पर चिंता लगातार बनी हुई है। अब आशंका जताई जा रही है कि राजधानी में राख का गुबार हालात और बिगाड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट में भी भारत के नए मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत भी ताजा स्थिति पर तंज कसते नजर आए। उन्होंने वकील के खांसने पर कहा कि पूरे दिल्ली का यही हाल है। CJI कांत ने सोमवार को ही पद भार संभाला है।   बार एंड बेंच के अनुसार, मंगलवार को अदालत में सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन एक केस पेश करने पहुंचे थे। इस दौरान वह अचानक गला साफ करने लगते हैं। वह न्यायाधीशों से कहते हैं, 'मुझे माफ कीजिएगा मीलॉर्ड, मेरी आवाज चली गई है।' इसपर सीजेआई ने जवाब दिया, 'हां अब दिल्ली के ऐसे ही हाल हैं।' दिल्ली प्रदूषण: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को घनी धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' बनी रही। इस बीच आशंका जताई जा रही है कि इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने के बाद उठा राख का गुबार क्षेत्र में प्रदूषण को और बढ़ा सकता है। इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित ढाल-ज्वालामुखी हायली गुब्बी रविवार को फट गया, जिससे राख का गुबार करीब 14 किलोमीटर (45,000 फुट) की ऊंचाई तक गया और लाल सागर की ओर पूर्व दिशा में फैलने लगा। मौसम विभाग ने क्या कहा IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राख के गुबार चीन की ओर बढ़ रहे हैं और मंगलवार शाम साढ़े सात बजे तक भारत से दूर चले जाएंगे। विभाग ने बताया कि पूर्वानुमान मॉडल के मुताबिक मंगलवार को गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा पर राख का कुछ प्रभाव देखा जा सकता है। दिल्ली का AQI केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी सुबह की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को 360 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले सोमवार को यह 382 दर्ज किया गया था। सीपीसीबी द्वारा विकसित समीर ऐप के अनुसार, रोहिणी निगरानी केन्द्र में वायु गुणवत्ता 416 दर्ज की गई जो 'गंभीर' की श्रेणी में आती है। अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता के ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बने रहने का अनुमान है।  

बाल विकास में बड़ी पहल: फिरोजपुर के 1261 आंगनबाड़ी केंद्रों में 13 हजार से ज्यादा बच्चे लाभान्वित

फिरोजपुर  जिला सामाजिक सुरक्षा और स्त्री बाल विकास विभाग फिरोजपुर की ओर से आंगनबाड़ी योजना के तहत जिले में कुल 1261 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जिला प्रोग्राम ऑफिसर रिचिका नंदा ने बताया कि इनमें से लगभग तीन सौ केंद्र अपनी इमारतों में चल रहे हैं, जबकि करीब पांच सौ साठ केंद्र प्राइमरी स्कूलों के साथ समन्वय कर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कई केंद्र किराये की इमारतों, पंचायत भवनों और सामुदायिक केंद्रों में चलाए जा रहे हैं, ताकि जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक सभी सेवाएं सुचारु रूप से पहुंच सकें। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों में गर्भवती महिलाओं, दूध पिलाने वाली माताओं और छह महीने से छह वर्ष तक के बच्चों को हर महीने पौष्टिक आहार दिया जाता है, ताकि देश का आने वाला भविष्य मजबूत और निरोगी बन सके। साथ ही, आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित टीकाकरण की सुविधा भी उपलब्ध है।   मातृ वंदना योजना से आर्थिक सहयोग रिचिका नंदा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहले बच्चे के जन्म पर प्रत्येक मां को पांच हजार रुपये और दूसरे बच्चे के रूप में बेटी होने पर छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। वर्तमान में जिले के करीब 13633 बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों से लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अनाथ बच्चों के लिए सहारा उन्होंने बताया कि अनाथ बच्चों के लिए भी सरकार पेंशन योजना चला रही है, जिसके तहत उनके पालन-पोषण से लेकर युवावस्था तक मासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। जिले में कई अनाथ बच्चे इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।

शहर में स्काईवॉक के काम के बीच, रायपुर में 27 नवंबर से वन-वे लागू

रायपुर  राजधानी के स्काई वॉक प्रोजेक्ट में अब काम और तेजी से आगे बढ़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा गर्डर और स्लैब लान्चिंग के अगले चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिसके लिए विभाग ने कलेक्टर को ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति हेतु पत्र भेजा था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एकांकी मार्ग के आदेश जारी कर दिए हैं।     सोमवार से आदेश लागू होते ही रात की पाली में गर्डर और स्लैब इंस्टालेशन का काम लगातार जारी रहेगा।     शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक तथा शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक एक माह तक वन-वे होगा।     पहले 15 दिन में शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर मार्ग वन वे होगा     अगले 15 दिन में शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक वन-वे होगा। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वन-वे किए जाने के लिए बंद मार्ग को एंट्री एवं एग्जिट पर पर्याप्त संख्या में रिफ्लेक्टिव बेरिकेट्स लगाकर बंद करेंगे। वाहनों को परिवर्तित करने एवं यातायात संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड्स की व्यवस्था करेंगे एवं बंद मार्ग के प्रारंभ एवं अंत में एकांकी मार्ग का सूचना बोर्ड लगाना होगा। समय सीमा पर काम करने आदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निर्माण के अगले चरण में गर्डर और स्लैब लान्चिंग की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए विभाग ने ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति के लिए कलेक्टर को पत्र भेजा था। जिस पर कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह चरण तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसमें 5 से 6 मीटर ऊंचाई पर भारी गर्डरों को क्रेन की मदद से स्थापित किया जाना है। ऐसे में सुरक्षा और यातायात दोनों की विशेष व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है। ट्रैफिक ब्लाक की अनुमति मिलते ही गर्डर लान्चिंग और स्लैब इंस्टालेशन का कार्य लगातार रात्रिकालीन पाली में जारी रहेगा, जिससे परियोजना समयसीमा के भीतर पूर्ण की जा सके। 16 गर्डर लगाना बांकी परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने बताया कि स्काईवॉक में कुल 63 स्टील गर्डर और 25 प्रीकास्ट स्लैब लगाए जाने हैं। इनमें से 47 गर्डर का इंस्टालेशन पूरा किया जा चुका है, जबकि 16 गर्डर शेष हैं। इसी प्रकार 25 में से 19 स्लैब लगाए जा चुके हैं, और शेष 6 स्लैब का लान्चिंग कार्य इसी चरण में किया जाएगा। गर्डर का निर्माण हो चुका है पूरा भिलाई स्थित वर्कशाप में गर्डर का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है। अब इन्हें हैवी ट्रांसपोर्टर और क्रेन सिस्टम के माध्यम से साइट पर लाकर फिटिंग की जा रही है। पीडब्ल्यूडी द्वारा भेजे गए पत्र में स्काईवॉक क्षेत्र में ट्रैफिक ब्लॉक की अवधि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रस्तावित की गई है। शास्त्री चौक में रोटेटरी और एस्केलेटर की योजना पीडब्ल्यूडी की योजना के अनुसार, स्काईवाक का सेंटर का हिस्सा शास्त्री चौक पर विकसित किया जा रहा है, जहां चारों दिशाओं से आवागमन के लिए 5 मीटर चौड़ी रोटेटरी बनाई जाएगी। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 12 स्थानों पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की योजना है। रात्रिकालीन कार्य और सुरक्षा व्यवस्था कार्य की प्रकृति को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय तय किया है, ताकि यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इस दौरान पुलिस और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त टीम स्थल पर मौजूद रहेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य अवधि के दौरान सुरक्षा बैरिकेड, सिग्नलिंग लाइट और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।  

सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल को चेताया, कहा- जहां केस, वहां कानूनी प्रक्रिया का पालन होगा

रायपुर  छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अपने बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाने पर अमित बघेल को राहत नहीं मिली है। 24 नवंबर को कोर्ट ने साफ कर दिया कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, आरोपी को वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। अमित बघेल की ओर से दर्ज सभी एफआईआर को क्लब करने की मांग पर कोर्ट ने कहा, आप अपनी ज़ुबान संभालकर रखें। राज्य पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए। बता दें कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार है, उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज है। अमित बघेल के वकील ने कहा- गुस्से में दिया था बयान बघेल की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान कहा था कि बयान स्वीकार्य नहीं थे, लेकिन गुस्से में दिए गए थे और किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच FIR दर्ज हैं, इसलिए अन्य राज्यों के मामले वहीं ट्रांसफर कर दिए जाएं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दलील मानने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी और आरोपी को हर राज्य में दर्ज FIR के तहत प्रक्रिया का सामना करना होगा। कई राज्यों में दर्जनभर से अधिक FIR बता दें कि अमित बघेल के खिलाफ कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु सहित कई राज्यों में दर्जनभर से अधिक FIR दर्ज हैं। विवादित बयान के बाद देशभर में सिंधी समाज ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। कई शहरों में बघेल का पुतला फूंका गया और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। समुदाय का आरोप है कि बघेल ने सिंधी समाज को ‘पाकिस्तानी’ कहकर अपमानित किया था।  अमित बघेल ने क्या कहा था ? छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज, सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर टिप्पणी की थी। अमित बघेल के बयान के बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेशभर और देशभर में प्रदर्शन किया। जानिए क्या है मूर्ति विवाद ? दरअसल, 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई। अगले दिन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली। हंगामे के बाद, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई। पुलिस ने अगले दिन सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी। अमित बघेल की विवादित टिप्पणी दरअसल, 27 अक्टूबर 2025 को अमित बघेल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अग्रसेन महाराज के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी। अमित ने कहा था कि कौन है अग्रसेन महराज। चोर है या झूठा है। पाकिस्तानी सिंधी क्या जानते हैं। मछली वाले भगवान के बारे में। उन्होंने हमारी छत्तीसगढ़ी महतारी के गर्दन को काटकर अपमान किया है।

MP में बदलती मौसम की तस्वीर: दिन में पारा गिरा, रात में ठंड बढ़ी, चक्रवात का असर जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर के महीने में ही कड़ाके की ठंड पड़ी है, हालांकि नवंबर के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है, क्योंकि साइक्लोनिक सर्कुलेशन यानि चक्रवात की वजह से मध्य प्रदेश में बादल छा रहे हैं, ऐसे में मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिला है, लगातार कई जिलों में सुबह के वक्त बादल छाए रहे, जिससे तापमान में बदलाव दिखा. हालांकि सुबह और रात के वक्त तापमान में गिरावट का दौर जारी है, जिससे ठंड का असर बना हुआ है. आलम यह है कि 84 साल बाद नवंबर के महीने में ही भोपाल में ठंड का रिकॉर्ड टूट गया, जबकि इंदौर में भी 25 साल बाद ठंड का रिकॉर्ड टूट गया है, वहीं मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर में कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा. इधर, साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की वजह से प्रदेश में बादल छा रहे हैं। लगातार तीसरे दिन भोपाल समेत कई जिलों में हल्के बादल रहे। इससे दिन में ठंडक बढ़ गई है। सोमवार को भोपाल में दिन का तापमान 26.4 डिग्री रहा। वहीं, बालाघाट के मलाजखंड में 25 डिग्री, रायसेन में 26.6 डिग्री, श्योपुर में 26.2 डिग्री, दतिया में 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक शर्मा ने बताया, बादलों की वजह से दिन के पारे में गिरावट हुई है, लेकिन रात का तापमान फिलहाल स्थिर रहेगा। पहाड़ों में बर्फबारी जल्दी, इसलिए शीतलहर चली बता दें कि प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था। आम तौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इस वजह से बर्फीली हवाओं से एमपी भी कांप उठा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, यहां रात का पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। वर्तमान में हवा की दिशा बदल गई है। इस वजह से प्रदेश में उत्तर से ठंडी हवा नहीं आ रही है। इसलिए पिछले 3 दिन से प्रदेश में कहीं भी शीतलहर नहीं चली। ऐसा ही मौसम अगले चार दिन और बना रहेगा। यानी, इस सप्ताह कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान नहीं है, लेकिन दिसंबर के पहले सप्ताह में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से शुरू हो जाएगा। ग्री पर आ गया। इंदौर में 12.8 डिग्री, ग्वालियर में 10.6 डिग्री, उज्जैन में 15 डिग्री और जबलपुर में 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। छतरपुर के नौगांव, नरसिंहपुर, राजगढ़ और रीवा में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। हालांकि, कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। भोपाल में पूरे दिन धुंध छा रही है। इससे 4 से 5 किलोमीटर के बाद कुछ भी देखना मुश्किल है, जबकि सुबह के समय विजिबिलिटी 1 से 2 किमी दर्ज की जा रही है। पचमढ़ी, नर्मदापुरम, रीवा, सतना, शाजापुर समेत कई जिलों में घना कोहरा छा रहा है। सुबह कोहरे का अलर्ट, इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह कोहरे की वजह से एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है।     ट्रैफिक – कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्‌टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

CM मोहन यादव का एलान: मध्य प्रदेश में पर्यटन उद्योग को मिलेगा विशेष दर्जा और आर्थिक छूट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पास प्राकृतिक सौंदर्य, विरासत और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत खजाना है, जिसे और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से पर्यटन क्षेत्र को राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों का लाभ मिल सकेगा। इससे पर्यटन निवेश को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग का दर्जा मिलने पर होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर टूरिज़्म, ट्रेवल सर्विसेज़ सहित पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों को विभिन्न प्रकार की सब्सिडी (अनुदान सहायता), कर रियायतें और अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध होंगे। इससे निजी निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा और पर्यटन ढाँचा और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में पर्यटन विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बीते दिनों पर्यटन विभाग के अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में ठोस और त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पर्यटन विकास से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि इस क्षेत्र में इंट्रेस्ट रखने वाले निवेशकों एवं उद्यमियों को सुगमता हो और मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के इस बड़े निर्णय से राज्य में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निवेशकों को राज्य की पर्यटन विकास नीति एवं प्रोत्साहन नियमों का भरपूर लाभ मिले।

DGP-IG सम्मेलन में सुरक्षा रणनीति तय, मॉडल-स्टेट के आधार पर गाइडलाइन तैयार, रिहर्सल 27 नवंबर

रायपुर  रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस तीन दिवसीय बैठक में शामिल होंगे। सम्मेलन से पहले 26 और 27 नवंबर को रिहर्सल रखी गई है। आज मंगलवार को SPG की टीम रायपुर पहुंच रही है, जो कार्यक्रम स्थल और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। इसके लिए नया रायपुर पूरी तरह सील रहेगा। उससे पहले सिविल लाइंस स्थित C-4 डायल 112 कंट्रोल रूम में अधिकारियों की बैठक होगी। सम्मेलन में देशभर के डीजीपी और आईजी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मसलों पर चर्चा करेंगे। साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति, ड्रग्स नियंत्रण और सीमा प्रबंधन प्रमुख एजेंडा होंगे। पहले दिन 2, दूसरे दिन 4 और तीसरे दिन 2 सत्र होंगे। अमित शाह तीनों दिन मौजूद रहेंगे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी दो दिन शामिल हो सकते हैं। सभी राज्य अपराध नियंत्रण और सुरक्षा उपायों पर प्रेजेंटेशन देंगे। एक मॉडल स्टेट के आधार पर कॉमन गाइडलाइन तैयार की जाएगी। उद्घाटन सत्र में अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थायी PMO के रूप में उपयोग होगा। VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड व्यवस्था वहीं पीएम मोदी और कई VVIP 28–29 नवंबर को रायपुर पहुंचेंगे. जिसके चलते VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड की व्यवस्था की गई है. अफसरों के लिए विशेष बस सेवा तैयार किया गया है. 27 नवंबर से एयरपोर्ट पर अफसरों और मेहमानों के स्वागत के खास इंतजाम होंगे. सुबह वीवीआईपी आगमन, शाम को वापसी, आम जनता की आवाजाही पर न्यूनतम असर रहेगा. रूट डायवर्जन, होटल व्यवस्था और उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए सभी विभाग अलर्ट पर है. कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य प्रेजेंटेशन देंगे कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य अपराध नियंत्रण संबंधी प्रयासों पर प्रजेंटेशन देंगे। एक मॉडल स्टेट चुनकर कॉमन गाइडलाइन जारी हो सकेगी। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थाई PMO बनेगा। 2024 में भुवनेश्वर में हुआ था सम्मेलन पिछले साल 2024 में DGP-IG कॉन्फ्रेंस ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। इसमें पीएम मोदी ने हिस्सा लिया था। छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ऐसे होगी ठहरने की व्यवस्था प्रधानमंत्री एम-1 केंद्रीय गृहमंत्री एम-11 में ठहरेंगे। नए सर्किट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनों केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के ठहरने की व्यवस्था की गई है। सर्किट हाउस में 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे बुक हैं। यहां 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी समेत 75 पुलिस अधिकारी ठहरेंगे। एक महीने में पीएम मोदी का दूसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक महीने में यह दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। इससे पहले, 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बच्चों से मुलाकात की। आदिवासी संग्रहालय का उद्घाटन किया और राज्योत्सव में हिस्सा लिया था। आज से SPG संभालेगी मोर्चा DGP-IG कॉन्फ्रेंस में SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कार्यक्रम स्थलों में तैनात होगी. SPG की टीम मंगलवार को रायपुर पहुंचेगी. कार्यक्रम से एसपीजी के अधिकारी कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करेंगे. कार्यक्रम के मद्देनजर नया रायपुर सील रहेगा.  कॉन्फ्रेंस में जुटेंगे साढ़े पांच सौ अफसर साथ ही रुकने वाले स्थानों की सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की जाएगी. राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल की 5 कंपनी को ड्यूटी में उपलब्ध कराया जाएगा. 28 से 30 नवंबर तक होने वाले सम्मेलन स्थल पर सीआरपीएफ के जवानों के साथ ही आईबी की टीम तैनात रहेगी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी के जिम्मे रहेगी. केंद्रीय फोर्स के जवान सहयोगी की भूमिका में रहेंगे. पिछले वर्ष 2024 में यह सम्मेलन ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए एक उपलब्धि मानी जा रही है। अतिथियों के ठहरने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री एम-1 और गृह मंत्री एम-11 में रुकेंगे। नए सर्किट हाउस में NSA अजीत डोभाल, डिप्टी NSA अनीश दयाल सिंह, IB चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के लिए 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे आरक्षित हैं, जहां 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी सहित 75 वरिष्ठ अधिकारी ठहरेंगे। प्रधानमंत्री मोदी एक महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इससे पहले वे 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सम्मेलन की सुरक्षा एडीजी दीपांशु काबरा और आईजी अमरेश मिश्रा की कमान में रहेगी। केंद्रीय फोर्स, इंटेलिजेंस एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इनके पास होगी। सम्मेलन में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी और आईजी प्रतिनिधि शामिल होंगे।  

धर्मध्वजा की स्थापना से गदगद CM योगी, अयोध्या में बोले नए युग की शुरुआत का संदेश

अयोध्या  राम नगरी अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हो गया. इस मौके पर मुख्य रूप से पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शामिल रहीं. ध्वजारोहण के बाद सीएम योगी बेहद खुश नजर आए. उन्होंने कार्यक्रम में आए हजारों लोगों को मंच से संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण एक नए युग का प्रारंभ है. सीएम योगी ने कहा कि यह मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और आत्मसम्मान का प्रतीक है. ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, 'नए युग का शुभारंभ' है अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस क्षण को 'नए युग का शुभारंभ' बताया. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान व आत्मगौरव का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने इस संघर्ष में योगदान देने वाले सभी संतों, योद्धाओं और श्रीरामभक्तों को नमन किया. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राम मंदिर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य-न्याय व राष्ट्रधर्म का प्रतीक है. यह उस सत्य का उद्घोष है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं. संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता उन्होंने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता. आज भारत विकास और विरासत का बेहतरीन समन्वय देख रहा है, जहां बिना भेदभाव के 80 करोड़ लोगों को राशन और 50 करोड़ को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है, जो रामराज्य की उद्घोषणा है. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, लेकिन आस्था अडिग रही. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या अब संघर्ष से निकलकर 'उत्सवों की वैश्विक राजधानी' बन रही है.  बकौल मुख्यमंत्री योगी- रामलला की नगरी अब आस्था, आधुनिकता व अर्थव्यवस्था के नए युग में प्रवेश कर चुकी है. महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ यह देश की पहली सोलर सिटी के रूप में भी विकसित हो रही है. धर्म की ज्योति कभी बुझती नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि ये ध्वज इस बात का प्रमाण है कि धर्म की ज्योति कभी बुझती नहीं और रामराज्य के सिद्धांत अमर हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब करोड़ों भारतीयों के मन में जो विश्वास जागा था, आज उसी विश्वास का प्रतीक ये भव्य राम मंदिर बनकर खड़ा है.