samacharsecretary.com

अमृत हरित महाअभियान में नगरीय क्षेत्रों में 35.59 लाख पौधे लगाये गये

अधिकारी एवं विशेषज्ञ कर रहे है स्थल निरीक्षण अमृत मित्रों का प्रशिक्षण जारी भोपाल  मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय में 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से अब तक 35 लाख 59 हजार पौधे लगाये जा चुके हैं। लगाये गये पौधों की सुरक्षा के लिये प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने अमृत हरित महाअभियान में सघन पौध रोपण के लिये जनभागीदारी की पहल की थी। इस महाअभियान में एक पेड़ माँ के नाम और वूमेन फॉर ट्रीज जैसे कार्यक्रम शामिल थे। जल संरक्षण एवं प्रशिक्षण के कार्य जारी विभाग द्वारा हरित क्षेत्र विकास के अंतर्गत पौध रोपण के बाद उनकी सुरक्षा की गतिविधियों की समीक्षा के लिये अधिकारियों और विशेषज्ञों के द्वारा स्थल निरीक्षण और सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी जा रही है। प्रदेश में 1123 महिला अमृत मित्रों को पौधो की निगरानी की जिम्मेदारी सौपी गयी है। इनकी संख्या बढ़ाने के लिये महिला स्व-सहायता समूह की अन्य महिलाओं को भी चयन के बाद प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था की गई है। अब तक सांची, औबेदुल्लागंज,मंडीदीप, उज्जैन, बदनावर, पीथमपुर, महू, इंदौर, देवास, दतिया सहित कई अन्य नगरीय निकायों में स्थल निरीक्षण और प्रशिक्षण का कार्य किया जा चुका है। सागर, ग्वालियर, मुरैना, रायसेन, विदिशा, भिंड और दतिया जिलों में वॉटर टेस्टिंग और पौध रोपण की समीक्षा के लिये निगरानी कार्यक्रम तैयार कर लिये गये है। जल संरचनाओं का जीर्णोंद्वार देवास एवं धार जिलों में जल संरचनाओं के जीर्णोंद्वार के उल्लेखनीय कार्य किये गये है। जल संरचनाओं के संरक्षण के लिये नागरिकों एवं युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। प्रदेश में अमृत मित्र महिला समूहों को पौध रोपण के संरक्षण और पार्कों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौपी गयी है।  

राज्यपाल पटेल ने कहा- गौरव दिवस का आयोजन सभी जिलों में हो

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय कल्याण के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी समुदाय को उपलब्ध कराने के प्रयासों पर विशेष बल दिया जाये। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के सभी जिलों में गौरव दिवस का आयोजन किया जाए। राज्यपाल श्री पटेल शुक्रवार को राजभवन में गृह, जेल, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में चर्चा कर रहे थे। बैठक का आयोजन 2 सत्रों में किया गया था। प्रथम सत्र में राज्यपाल ने गृह, जेल और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की। द्वितीय सत्र में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जन-मन योजना की समीक्षा की। जनजातीय गौरव दिवस पर भी रिहा होंगे बंदी राज्यपाल श्री पटेल ने अच्छा आचरण करने पर बंदियों को रिहा करने के वर्ष में नियत 4 अवसरों में देश में पहली बार 15 नवम्बर जनजातीय गौरव दिवस को शामिल करने की राज्य सरकार की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि जेल विभाग मुक्त बंदियों के लिये सामाजिक स्वीकार्यता और आश्रित परिवारों के पुनर्वास प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिये समाज कल्याण विभाग के साथ दायित्वों की नीतिगत व्यवस्था तैयार करें। उन्होंने अनुसूचित जाति, जनजाति आकस्मिकता राहत योजना के प्रावधानों पर तत्काल कार्यवाही की व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग कर फास्ट-ट्रेक प्रक्रिया में प्रकरणों के निराकरण के प्रयास करने के लिये कहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री जन-मन आवास योजना के घरों में प्रकाश आदि की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा है। राज्यपाल श्री पटेल को बताया गया कि वर्ष 2025 के दौरान 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस और 2 अक्टूबर के अवसर पर कुल 523 बंदियों को रिहा किया है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 29 बंदियों जिसमें 8 अनुसूचित जनजाति वर्ग के बंदियों को रिहा किया जाना प्रस्तावित है। अनुसूचित जनजाति के विरूद्ध चिन्हित प्रकरणों को वापस लेने के लिये शासन द्वारा तय किया गया है कि जिन प्रकरणों में अतिक्रमण हटा लिया गया है, वह सभी मामले वापस ले लिये जायेंगे। अनुसूचित जनजातीय वर्ग के व्यक्तियों के विरूद्ध 3 मार्च 2009 की स्थिति में वन अपराध के पंजीबद्ध कुल 87 हजार 549 प्रकरण शासन द्वारा वापस लिये गये हैं। विगत 10 वर्षों में दर्ज 35 हजार 807 प्रकरणों में से 28 हजार 645 निराकृत हो गये हैं। न्यायालय में 4 हजार 396 प्रकरण विचाराधीन हैं। बैठक में बताया गया कि पेसा एक्ट के तहत गठित 492 ग्राम सभाओं के साथ ही 735 ग्राम सभा के लिये नये आवेदन प्राप्त हुए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, महानिदेशक जेल श्री वरूण कपूर, विशेष महानिदेशक जेल श्री जी. अखितो सेमा और वन, गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  

जन सुराज में होगा धमाका! ज्योति सिंह ने प्रशांत किशोर से किया विचार विमर्श

पटना  भोजपुरी गायक और अभिनेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह (Jyoti Singh) ने शुक्रवार को जनसुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) से शेखपुरा स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी, हालांकि ज्योति सिंह ने साफ किया कि उनका उद्देश्य चुनावी राजनीति से जुड़ा नहीं है। मैं यहां किसी चुनाव में भाग लेने या टिकट के लिए नहीं आई हूं- PK प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ज्योति सिंह ने कहा, “मैं यहां किसी चुनाव में भाग लेने या टिकट के लिए नहीं आई हूं। मेरे साथ जो अन्याय हुआ है, वह किसी और महिला के साथ न हो। मैं उन सभी महिलाओं की आवाज बनना चाहती हूं जो अन्याय का सामना कर रही हैं।” उन्होंने कहा कि वह समाज में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए काम करना चाहती हैं और इसी उद्देश्य से प्रशांत किशोर से मिलने आई थीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि ज्योति सिंह उनसे दो साल पहले भी कुछ साथियों के साथ मिली थीं और उस समय भी उन्होंने अपने पारिवारिक मामलों में किसी हस्तक्षेप की बात नहीं की थी। उन्होंने स्पष्ट किया, “जनसुराज पार्टी किसी व्यक्ति विशेष के लिए अपने नियमों में बदलाव नहीं करती। आरा क्षेत्र से पहले ही डॉ. विजय गुप्ता पार्टी उम्मीदवार घोषित किए जा चुके हैं, और इसमें अब कोई परिवर्तन नहीं होगा।” राजनीतिक विश्लेषक अशोक मिश्रा का मानना है कि यह मुलाकात सामाजिक मुद्दों पर संवाद का प्रयास हो सकता है, लेकिन चुनावी दृष्टि से इसका तत्काल कोई प्रभाव नहीं दिखता। भाषा कैलाश पवनेश रंजन  

छत्तीसगढ़ का गौरव: कुपोषण मुक्त अभियान में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ को देशभर में सराहना

रायपुर छत्तीसगढ़ के नवगठित आकांक्षी जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी ने कुपोषण प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट और नवाचारी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा आयोजित “नीति फॉर स्टेट्स-यूज़ केस चौलेंज” में जिले को स्वास्थ्य एवं पोषण विषय के अंतर्गत कुपोषण प्रबंधन श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है.             इस उपलब्धि के लिए जिले की कलेक्टर तुलिका प्रजापति (भा.प्र.से.) को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (लबसना) में आयोजित समारोह में नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रमण्यम द्वारा सम्मानित किया गया. यह सम्मान जिले की नवाचारी पहल “सैम/मैम इन चिल्ड्रन” को दिया गया है, जिसके माध्यम से गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार और निगरानी के लिए सामुदायिक आधारित सशक्त मॉडल विकसित किया गया. सितंबर 2024 में प्रारंभ हुए “हमर स्वस्थ लइका” अभियान के तहत संवर्धित टेक होम राशन के प्रयोग से बच्चों की पोषण स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. इस पहल से बच्चों की रिकवरी दर 56 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत तक पहुंच गई है.             इसके अतिरिक्त, साप्ताहिक माता-पिता बैठकों के माध्यम से पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर बल दिया गया, वहीं बच्चों की साप्ताहिक प्रगति की डिजिटल निगरानी के लिए “समर्थ्य ऐप” का प्रयोग किया गया. डाइट कैलेंडर और पालक कार्ड जैसे उपकरणों से परिवारों में खाद्य विविधता और भोजन की आवृत्ति पर निगरानी रखी जा रही है. इस सफलता में जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, एम्स रायपुर (राज्य उत्कृष्टता केंद्र) तथा एबीस ग्रुप राजनांदगांव की संयुक्त भूमिका रही. कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने संकल्पित            मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि “यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की पोषण सुधार नीतियों के सफल क्रियान्वयन का प्रमाण है. राज्य सरकार ऐसी नवाचारी पहलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.”            महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी जिले की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि  “कुपोषण के खिलाफ यह नवाचारी प्रयास अनुकरणीय है. महिला एवं बाल विकास विभाग ऐसी सफल पहलों को राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की दिशा में कार्य करेगा, ताकि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन मिल सके. राज्य में ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए इस प्रकार की पहलें प्रेरणास्रोत बनेंगी.”

करवा चौथ बना मातम का दिन: सुहाग की लंबी उम्र के व्रत के बाद टूटी जिंदगी

गुना केंट थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक तेज रफ्तार जीप ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार पत्नी की मौत हो गई। पति दीपक कुशवाह को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल से भोपाल रेफर किया गया था, लेकिन उसकी गुना से ब्यावरा के बीच रास्ते में मौत गई। अनियंत्रित जीप पेड़ से टकरा गई, जिससे पेड़ तक उखड़ गया। वहीं जीप सवार पांच लोग भी घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   घटना के प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि सुबह एक तेज रफ्तार जीप ने जेल रोड पर आकाशवाणी के समीप पहुंची, तभी आगे बाइक दिखते ही चालक ने ब्रेक लगा दिए, जिससे जीप घिसटते हुए बाइक में भिड़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पति-पत्नी उछलकर लगभग 20 फीट दूर जा गिरे। इस हादसे में पत्नी प्रियंका कुशवाह की मौत हो गई जबकि पति दीपक कुशवाह गंभीर रूप से घायल हो गया। इधर, अनियंत्रित जीप एक पेड़ से टकरा गई।   पेड़ जड़ से ही उखड़ गया गति का अंदाजा इसी बात से लगता है कि पेड़ जड़ से उखड़ गया। इस हादसे में जीप चला रहा सचिन खटीक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि कार में बैठे शुभम धाकड़, अश्विन रघुवंशी, मोहित धाकड़ और रिहान खान को भी चोटें पहुंची हैं। सभी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने आटोरिक्शा रोकने की कोशिश की, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इधर, सूचना पर मौके पर पहुंची एम्बुलेंस से सभी घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। इस संबंध में कैंट थाना पुलिस ने बताया कि जीप एमपी08-सीए-6598 किसी गप्पू यादव के नाम है, जिसे उक्त युवक मांगकर लाए थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पत्नी का था करवा चौथ का व्रत, हाथों में सजी थी मेहंदी बताया गया है कि बूढ़े बालाजी क्षेत्र के रहने वाले दीपक कुशवाह शुक्रवार सुबह पत्नी प्रियंका कुशवाह को आंगनबाड़ी के किसी काम से लेकर जा रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। पत्नी प्रियंका का आज करवा चौथ का व्रत था। उसके हाथों में मेहंदी सजी हुई थी।

ग्रामसभा का प्रस्ताव पारित: मतांतरण करने पर काटे जाएंगे योजनाओं से लाभ

छकतला (आलीराजपुर) मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के आदिवासी बहुल क्षेत्र सोंडवा में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर नई चेतना उभरती दिखाई दे रही है। ग्राम पंचायत आकड़िया के अंतर्गत आने वाले ग्राम चिलकदा में गुरुवार को अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभाओं को विशेष अधिकार देने वाले पेसा अधिनियम के तहत विशेष ग्रामसभा आयोजित की गई, जिसमें ऐतिहासिक और निर्णायक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो आदिवासी परिवार अपनी मूल संस्कृति और परंपरा को छोड़कर ईसाई धर्म अपना चुके हैं, वे अब गांव की सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें शासन की योजनाओं से मिलने वाले लाभों से भी वंचित रखा जाएगा।   ग्रामसभा के दौरान उपस्थित ग्रामीणजन। इन योजनाओं और सुविधाओं का नहीं मिलेगा लाभ     सर्वसम्मति से जो प्रस्ताव पारित हुआ, उनमें कहा गया है कि ईसाई धर्म अपना चुके परिवारों के अंत्येष्टि संस्कार भी भील समाज के श्मशान घाट पर नहीं किए जाएंगे।     विवाह में गांव से किसी प्रकार की सहायता या सहयोग नहीं मिलेगा। उनके साथ भील समाज के परिवार वैवाहिक संबंध नहीं जोड़ेंगे।     आदिवासी जाति के आधार पर मिलने वाली शासन की योजनाओं से वंचित रखा जाएगा।     ग्रामसभा क्षेत्र में बाहरी ईसाई पादरियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।     यदि कोई मतांतरित परिवार घर वापसी करता है, तो ग्रामसभा उसका ससम्मान स्वागत करेगी।     जो परिवार प्रस्ताव को नहीं मानेगा, उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। आदिवासी संस्कृति को बचाने की पहल पेसा जिला समन्वयक प्रवीण चौहान ने बताया कि इस अधिनियम का उद्देश्य आदिवासियों को स्थानीय स्वशासन, पारंपरिक व्यवस्था और सांस्कृतिक संरक्षण का अधिकार देना है। ग्रामसभा प्रस्ताव अपने हक में पारित कर सकती है। जबकि जिला पंचायत सीईओ प्रखर सिंह ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को मानने के लिए स्वतंत्र है। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर निर्णय ले सकती है, यह उसका अधिकार है लेकिन प्रशासन किसी को शासन की योजनाओं से सिर्फ धर्म के आधार पर वंचित नहीं रख सकता। शिकायत मिलने पर उचित कार्यवाही की जाएगी।

हाईकोर्ट का फैसला: पत्नी की आत्महत्या के मामले में पति निर्दोष, निचली अदालत ने ठहराया था दोषी

बिलासपुर पत्नी की आत्महत्या मामले में हाईकोर्ट ने पति को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने निचली अदालत की सजा को निरस्त करते किया। कोर्ट ने कहा, अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाया या उसके साथ ऐसी क्रूरता की, जिससे वह आत्महत्या करने को मजबूर हुई। पूरा मामला धमतरी जिले के सिहावा थाना क्षेत्र का है। पवन प्रजापति की पत्नी बसंती बाई की 6 दिसंबर 2019 को घर में आग लगने से मृत्यु हो गई थी। आरोपी ने खुद पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी पत्नी आग में जल गई है। जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल से जले हुए कपड़े, टायर के टुकड़े, माचिस, मिट्टी तेल की बोतल और अन्य सामान जब्त किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टर ने बताया कि मृतका के शरीर के महत्वपूर्ण अंग 3 से 4 डिग्री तक जले थे और मौत का कारण जलने से हुई दम घुटने को बताया गया। ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी पांच साल की सजा मर्ग जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण) और 498-ए (पत्नी के प्रति क्रूरता) के तहत मामला दर्ज किया। आरोप था कि पति पवन शराब पीकर पत्नी से मारपीट करता था और यह कहकर ताना मारता था कि वह केवल बेटियां ही जन्म देती है। ट्रायल कोर्ट ने दिसंबर 2021 में आरोपित को दोषी पाते हुए 5 साल की सजा (धारा 306) और एक साल की सजा (धारा 498ए) सुनाई थी। पत्नी ने कभी नहीं की थी पुलिस में शिकायत हाईकोर्ट में आरोपी के वकील डीएन प्रजापति ने दलील दी कि अभियोजन का पूरा मामला केवल यह कहता है कि पवन शराब पीकर पत्नी से झगड़ा करता था, पर ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि उसने जानबूझकर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाया या मारपीट की वजह से उसने आत्महत्या की। उसकी पत्नी ने कभी पुलिस में शिकायत नहीं की और उनकी बेटियां या परिजनों ने भी ऐसा कुछ नहीं कहा कि घर में गंभीर हिंसा होती थी। राज्य सरकार की ओर से पैनल लायर ने कहा कि पवन का व्यवहार क्रूर था और उसकी वजह से बसंती मानसिक रूप से परेशान रहती थी, जिससे उसने आत्महत्या कर ली। बैठक में पवन ने पत्नी को न सताने का किया था वादा कोर्ट ने मामले की पूरी गवाही, मेडिकल रिपोर्ट और सामाजिक साक्ष्य का विश्लेषण करते हुए कहा कि मृतका की दोनों बेटियों और भाभी ने स्पष्ट कहा कि पति-पत्नी में झगड़े नहीं होते थे। मृतका के भाइयों ने कहा कि कभी-कभी शराब पीने के बाद पवन पत्नी को मारता था, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसा कितनी बार हुआ। पड़ोसी या स्थानीय गवाह, जो सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, उन्हें पेश नहीं किया गया। समाज की बैठक में पवन ने पत्नी को न सताने का वादा किया था, पर यह भी एक सामान्य पारिवारिक विवाद की तरह था, न कि गंभीर क्रूरता जैसा। ‘कभी-कभी झगड़ा करना क्रूरता की श्रेणी में नहीं आता’ अदालत ने कहा कि केवल शराब पीना और कभी-कभी झगड़ा करना क्रूरता या आत्महत्या के लिए उकसाने की श्रेणी में नहीं आता। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में केवल सामान्य आरोपों या घरेलू मतभेदों के आधार पर व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में टीम लखनऊ के योद्धाओं को किया गया सम्मानित

टीम लखनऊ ने पंजाब और हिमांचल प्रदेश के बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद करके लखनऊ का नाम किया रोशन मुश्किल में पड़े इंसानों की मदद करना एक बहुत बड़ी इबादत है:मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली  लखनऊ पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद साहब (स.अ.व.) ने अल्लाह की मख़लूक़ (प्राणियों) के साथ अच्छा बर्ताव करने और ज़रूरतमंदों की मदद करने की तालीम दी है। इसलिए, मुश्किल में पड़े इंसानों की मदद करना एक बहुत बड़ी इबादत है।यह बात लखनऊ के शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने उस अवसर पर कही जब टीम लखनऊ ने पंजाब और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित लोगों की सेवा के पश्चात लौटकर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया में अपने राहत अभियान की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर मौलाना खालिद रशीद साहब ने टीम लखनऊ के सभी सदस्यों मुर्तज़ा अली, क़ुदरत उल्ला ख़ान, जुबैर अहमद,अब्दुल वहीद,जशबीर गांधी और वामिक ख़ान का शाल और फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया और उनकी सेवाओं की भूरी-भूरी प्रशंसा की।इस अवसर पर टीम लखनऊ के लीडर ने इस अभियान में मदद करने वाले सभी संस्थाओं का शुक्रिया अदा किया। टीम लखनऊ के मीडिया प्रभारी अब्दुल वहीद ने बताया कि पंजाब में टीम लखनऊ ने सेना के सहयोग से एक सप्ताह तक लगभग 30 टन राहत सामग्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बांटी जबकि टीम लखनऊ के जांबाज योद्धा हिमांचल प्रदेश की दुर्गम पहाड़ियों की चोटी तक सेना की मदद से लगभग 10 टन राहत सामग्री जरूरतमंदों के बीच पहुंचाया।पंजाब और हिमांचल प्रदेश में लगातार 12 दिनों तक बाढ़ पीड़ितों की ऐतिहासिक मदद करने वाली टीम में मुर्तुजा अली)टीम लीडर,अब्दुल वहीद (संस्थापक सदस्य),जुबैर अहमद(संस्थापक सदस्य),कुदरत उल्ला खान(संस्थापक सदस्य),जशबीर गांधी(संस्थापक सदस्य),वामिक खान(संस्थापक सदस्य),शाहबाज खान(सदस्य), एडविन( सदस्य),निहिल(सदस्य), इरफान शेख(सदस्य)आदि प्रमुख थे।

कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान शुरू, उमंग सिंघार बोले – युवाओं को मिलेगा नेतृत्व का अवसर

बिलासपुर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष व केंद्रीय पर्यवेक्षक उमंग सिंघार छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि नई सोच के साथ आगे लड़ाई लड़ेंगे. जिन्हें चुनाव लड़ना है, उन्हें पहले पद छोड़ना पड़ेगा. चुनाव नहीं लड़ने वाला संगठन में काम करेगा. संगठन सृजन की यही क्राइटेरिया है. दरअसल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि 2028 के चुनाव के लिए संगठन मजबूती के साथ खड़ा रहेगा. नया जोश, नया नेतृत्व, नई सोच जरूरी है. संगठन में नई पीढ़ी को अवसर दिया जाएगा. उद्योगपतियों के लिए काम कर रही सरकार : उमंग सिंघार उमंग सिंघार ने छत्तीसगढ़ और एमपी की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि यहां की सरकार बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है. आम लोगों के लिए काम नहीं कर रही है. आम जनता में बोझ डाला जा रहा है. लोग भारी बिजली बिल आने से परेशान हैं. स्मार्ट मीटर का रिमोट विदेशी कंपनियों के हाथ में है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्या उद्योगपति के खदानों के लिए शाह लगातार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं.

कैबिनेट का बड़ा फैसला : साय सरकार ने तय की धान की कीमत ₹3100 प्रति क्विंटल, 7 दिन में मिलेगा भुगतान

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के किसानों से खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य में 25 लाख से अधिक किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से होगी धान खरीदी 15 नवम्बर से प्रारंभ धान के व्यपवर्तन एवं पुर्नचक्रण को रोकने की चौकस व्यवस्था व धान खरीदी हेतु मजबूत प्रशासनिक ढांचा अधिक पारदर्शिता के साथ किसानों को किया जाएगा समय से भुगतान (6 से 7 दिन के भीतर) टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से होगी ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था। किसानों का मिलेगी सोसायटियों में लंबी कतारों से मुक्ति राज्य शासन के द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ प्रदेश के किसानो से दिनांक 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी करने का निर्णय लिया गया है। उक्त अवधि में 25 लाख किसानो से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक धान की खरीदी की जावेगी। धान खरीदी में पारदर्शिता को बढावा देने इस वर्ष ई-केवाईसी के माध्यम से, भारत सरकार कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन को अनिवार्य किया गया है, जिससे किसान की सहीं पहचान हो एवं डुप्लीकेशन/दोहराव न हो। पंजीयन 31 अक्टूबर 2025 तक कराया जा सकता है। डिजीटल क्राप सर्वे के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर रकबे का सर्वे कराया गया है जिसके फलस्वरूप धान के रकबे का ऑनलाईन निर्धारण डिजीटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। प्रदेश के 20,000 ग्रामों में दिनांक 02 अक्टूबर से डिजीटल क्राप सर्वे एवं मैन्यूअल गिरदावरी के डेटा को ग्रामसभा में पठन-पाठन कराया जा रहा है। किसानों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु टोकन तुहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन की व्यवस्था की गई है इसके तहत किसान स्वयं अपने सुविधा अनुसार दिनों में धान विक्रय किये जाने हेतु टोकन काट सकेगें। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक आधारित धान की खरीदी की जावेगी। 2739 खरीदी केन्द्रो के माध्यम से धान खरीदी किये जाने हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। समितियों को खरीद विपणन वर्ष 2025-26 में शून्य सुखत आने पर 05 रूपये प्रति क्विंटल के मान से प्रोत्साहन दिया जायेगा। धान खरीदी हेतु आवश्यकतानुसार नये एवं पुराने जूट बारदाने की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है। खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2025-26 हेतु केन्द्रीय पूल में 73 लाख मीट्रिक टन चावल का लक्ष्य दिया गया है। प्रदेश में धान की रिसाईकलिंग रोके जाने एवं बेहतर मॉनिटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने हेतु पहली बार इंटिग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्द्रोल सेंटर मार्कफेड कार्यालय में स्थापित किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। धान खरीदी केन्द्रो में बेहतर एवं सुगम व्यवस्था हेतु कलेक्टर द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को खरीदी केन्द्र प्रभारी बनाने का निर्णय लिया गया है। सीमावर्ती राज्यों से खरीदी केन्द्रो धान की आवक रोके जाने हेतु विशेष चेकिंग दल जिलेस्तर पर गठित किये जाने के निर्देश दिये गये है। धान के परिवहन व्यवस्था अंतर्गत मितव्ययता को सुनिश्चित किये जाने हेतु धान के उठाव व परिवहन, भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।