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विद्यार्थियों के साथ धोखाधड़ी? HC ने ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया

चंडीगढ़ ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी पर ऑनर्स डिग्री के नाम पर कथित धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी, यूजीसी और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता निपुण गुप्ता ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय ने तीन वर्षीय एलएलबी ऑनर्स कोर्स का वादा किया था लेकिन कोर्स पूरा होने पर उसे केवल एलएलबी डिग्री दी गई। याचिकाकर्ता ने बताया कि उसने वर्ष 2022 में इस तीन वर्षीय लाॅ प्रोग्राम में प्रवेश लिया था। करीब 22 लाख की भारी-भरकम फीस अदा की। दाखिले के दौरान यूनिवर्सिटी की ओर जारी प्रॉस्पेक्टस, फीस शेड्यूल, ऑफर लेटर और यहां तक कि आईडी कार्ड पर भी कोर्स का नाम स्पष्ट रूप से एलएलबी ऑनर्स अंकित था। मई 2025 में कोर्स पूरा करने और जून 2025 में डिग्री मिलने पर छात्र को पता चला कि उसमें ऑनर्स शब्द पूरी तरह से गायब है। जब छात्र ने इस विसंगति को लेकर यूनिवर्सिटी से स्पष्टीकरण मांगा तो 8 सितंबर 2025 को जारी अपने लिखित जवाब में विश्वविद्यालय ने कहा कि दस्तावेजों में ऑनर्स का उल्लेख सिर्फ एक टाइपोग्राफिकल या क्लेरिकल एरर था। साथ ही यूनिवर्सिटी ने स्वीकार किया कि वह एलएलबी ऑनर्स डिग्री प्रदान करने के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है।   याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में दलील दी है कि यह न केवल भ्रामक बल्कि छात्रों के प्रति धोखाधड़ीपूर्ण आचरण है। ऑनर्स डिग्री का अर्थ अतिरिक्त अकादमिक गहराई और विशेषज्ञता से होता है जो विदेशों में उच्च शिक्षा (जैसे एलएलएम या डाॅक्टरेट) और पेशेवर अवसरों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देती है। छात्र ने कहा कि इस गलती ने उसके कॅरिअर को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। उसने अदालत से अनुरोध किया है कि या तो विश्वविद्यालय उसे संशोधित एलएलबी ऑनर्स डिग्री जारी करें या फिर मानसिक पीड़ा, आर्थिक हानि और कॅरिअर अवसरों के नुकसान के लिए 30 लाख मुआवजा दे। उसने अदालत से मांग की है कि इन संस्थाओं को ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी के कार्यों की गहन जांच करने और यदि दोष सिद्ध हो तो मान्यता या लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए। 

कलेक्टर ने किया जिला कोषालय का निरीक्षण

बिलासपुर, कलेक्टर संजय अग्रवाल ने  कलेक्टोरेट परिसर स्थित जिला कोषालय का अर्धवार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कोषालय की समस्त व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए डबल लॉक का भौतिक सत्यापन, संबंधित पंजियों का परीक्षण तथा स्टाम्प, टिकट, बिल पासिंग,पेंशन भुगतान एवं लेखा कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने कोषालय में अभिलेखों के सुरक्षित रखरखाव, दस्तावेजों के अद्यतन एवं वित्तीय अनुशासन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कार्य की पारदर्शिता, सटीकता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी बसंत गुलेरी , डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, सहायक कोषालय अधिकारी सुजीत कुमार पात्रे, खजांची  ज्ञानू भारद्वाज,  सुरेंद्र देवांगन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

पर्पल फेस्ट 2025 में मनोविकास केंद्र के 5 छात्र होंगे शामिल, कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला

9 से 12 अक्टूबर  तक गोवा में आयोजित पर्पल फेस्ट में करेंगे योगा प्रदर्शन रायपुर, मनोविकास केन्द्र बलौदाबाजार के 5 विद्यार्थियों का चयन प्रतिष्ठित पर्पल फेस्ट 2025 में भाग लेने के लिए हुआ है। यह आयोजन  9 से 12 अक्टूबर 2025 तक गोवा मे  किया जा रहा है।  फेस्ट में हिस्सा लेने  गोवा रवाना होने से पहले गुरुवार को कलेक्टर दीपक सोनी से चयनित बच्चों ने मुलाक़ात की। कलेक्टर श्री सोनी ने मनोविकास केंद्र के बच्चों का फेस्ट के लिए चयन होने पर जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्हें शुभकामनायें दी। मनोविकास केन्द्र  के नोडल अधिकारी आशा शुक्ला ने बताया कि केंद्र के छात्र  कुलदीप निर्मलकर, तुषार सेन पुष्कर कुमार साहू,लोकेश कुमार वर्मा एवं किशन यादव का चयन पर्पल फेस्ट 2025 में भाग लेने के लिए हुआ है। इनके साथ  योग शिक्षक श्री ललित कुमार साहू तथा केन्द्र प्रमुख श्री दुर्गा शंकर पटनायक भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।चयनित विद्यार्थी मनोविकास केन्द्र एवं बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 मिनट का योग प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे जो दिव्यांगजनों की क्षमताओं और समावेशन की भावना को उजागर करेगा। यह भागीदारी मनोविकास पहल और  जिला प्रशासन के लिए गर्व का क्षण होग़ा तथा इन विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय  स्तर पर पहचान और अनुभव प्रदान करेगी। पर्पल फेस्ट 2025 को दिव्यांगजनों की रचनात्मकता, प्रतिभा और सशक्तिकरण के एक जीवंत उत्सव के रूप में देखा जा रहा है। यह आयोजन भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग,गोवा सरकार के राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन कार्यालय, तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एवं संयुक्त राष्ट्र भारत के सहयोग से किया जा रहा है।पर्पल फेस्ट का उद्देश्य दिव्यांगजनों के समावेशन, पहुंच और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह महोत्सव समाज में जागरूकता फैलाने, उनकी प्रतिभाओं को प्रदर्शित करने और एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में कार्य करता है जहां प्रत्येक व्यक्ति को गरिमा और समान अवसरों के साथ जीवन जीने का अधिकार हो। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के विकास और पुनर्वास हेतु जिला प्रशासन द्वारा बलौदाबाजार में  सीएसआर मद  से मनोविकास केंद्र संचालित किया जा रहा  है। इस केंद्र में 45 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षा, चिकित्सा सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समग्र विकास की सुविधाएं प्रदान किया जा रहा है। यह केंद्र जनवरी 2025 से शुरू हुआ है और अल्प समय मे ही बेहतर परिणाम सामने आने लगा है। विशेष शिक्षा, थेरेपी सेवाएं व्यावसायिक प्रशिक्षण,मनोवैज्ञानिक परामर्श और खेल व सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित की जा राही हैं। साथ ही बच्चों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाता है।

कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान-संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान कृष्ण की स्मृतियों को संजोने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान-संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम मुख्यमंत्री डॉ. यादव यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए वर्चुअली शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा में शामिल सभी संतों, तीर्थ पुरोहित महासंघ, धर्म यात्रा महासंघ और विश्व हिंदू परिषद का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज उज्जैन एक अद्भुत क्षण का साक्षी बन रहा है। यात्रा में सम्मिलित सभी सहभागी उस मार्ग पर चलकर आए हैं, जिस पर हमारे आराध्य कृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए मथुरा से उज्जैन स्थित आचार्य सांदीपनी के आश्रम पधारे थे। संतगण को उस पावन मार्ग से गुजरने का अवसर मिला, जहां कृष्ण की चरणरज पड़ी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मथुरा से आरंभ कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा के उज्जैन में आयोजित समापन समारोह को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मथुरा से 5 अक्टूबर को आरंभ हुई यात्रा जयपुर, कोटा, झालावाड़ और आगरा होते हुए उज्जैन पहुंची थी। उज्जैन के समापन कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद  उमेशनाथ महाराज, विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री  गजेन्द्र सिंह, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  प्रयागनाथ चतुर्वेदी उपस्थित रहे। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी आश्रम गुरू-शिष्य परम्परा की अनादि महिमा का साक्षात प्रतीक है। जहां हर कण में कृष्ण की विनम्रता, बलराम की शक्ति और सुदामा की भक्ति समाई हुई है। हमारे गुरूकुल आदि काल से भारतीय ज्ञान परम्परा का अभिन्न अंग हैं। सांदीपनी आश्रम में भगवान कृष्ण ने शिक्षा पाई और संसार को गीता का उपदेश देकर योगीराज बने। हमारी सनातन संस्कृति का परम ज्ञान परमार्थ है। हमारी संस्कृति हमें समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए जीना सिखाती है। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर ग्रामवासियों की रक्षा की और कुरूक्षेत्र में अर्जुन को गीता के माध्यम से धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। उनका सारा जीवन समाज और धर्म की रक्षा के लिए था। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में बनेंगे वृंदावन गांव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृष्ण गुरूकुल शिक्षा यात्रा ज्ञान, संस्कार और भक्ति का अद्भुत संगम है। यह यात्रा नई पीढ़ी में नैतिकता, आत्मविकास और भारतीय संस्कृति का दीप प्रज्जवलित करने का प्रयास है। राज्य सरकार भगवान कृष्ण की स्मृतियों को संजोने का कार्य कर रही है। कृष्ण की शिक्षा स्थली उज्जैन, कृष्ण और सुदामा का मैत्री स्थल ग्राम नारायणा, रूक्मिणी वरण के स्थल धार जिले के अमझेरा और विनम्रता का संदेश देने वाले स्थल जानापाव (इंदौर) को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। कृष्ण पाथेय के मार्ग पर आने वाले वन, जल संरचनाओं और उद्यानों का भी संरक्षण किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वृंदावन गांव बनाने का निर्णय लिया गया है। राज्य में गीता जयंती भी मनाई जाएगी। सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ होगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में वेद-वेदान्त विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। अमझेरा में चित्रकला, मूर्तिकला और पारम्परिक नृत्य-संगीत कला की शिक्षा दी जाएगी तथा इसे कृष्ण-रूक्मणी लोक के नाम से जाना जाएगा। जानापाव में सुदर्शन लोक की स्थापना की जाएगी, जहां आयुध कौशल के साथ-साथ पारम्परिक और आधुनिक युद्ध शैली का ज्ञान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन अद्वितीय वैभव के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश में सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं रहने देगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान कृष्ण की शिक्षा परम्परा को जीवन में आत्मसात करने का आव्हान भी किया। उज्जैन में आयोजित समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संतगण की उपस्थित रही। इनमें महामण्डलेश्वर  शांतिस्वरूपानंद जी सरस्वती, महामण्डलेश्वर  आचार्य शेखर जी, महामण्डलेश्वर  शैलेषानंद जी गिरी, जूना अखाड़ा, महामण्डलेश्वर  ज्ञानदास जी महाराज निर्मोही अखाड़ा, महामण्डलेश्वर  भागवतानंद गिरी जी, अंवतिका पीठाधीश्वर,  रंगानाथाचार्य जी महाराज, महामण्डलेश्वर  मनीष महाराज ददुवा आश्रम तथा तिरूपतिधाम युवराज राघवेन्द्र जी प्रमुख है। इस अवसर पर धर्मयात्रा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष  प्रमोद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष  अशोक कोटवाणी, तीर्थ पुरोहित महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री  सुरेन्द्र चतुर्वेदी तथा प्रदेश अध्यक्ष  मनीष उपाध्याय और कांवड़ यात्रा संयोजक  रतनलाल अग्रवाल भी उपस्थित रहे।  

BBMB ने लिया ऐतिहासिक कदम, पौंग डैम की वजह से पंजाब में राहत की उम्मीद

हाजीपुर  भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के तहत आने वाले पौंग डैम प्रबंधन ने एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लेते हुए डैम से पानी की निकासी तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है। यह निर्णय उन सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और ब्यास दरिया के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो पिछले कुछ दिनों से जलस्तर बढ़ने से जूझ रहे थे। जानकारी के अनुसार गत माह हिमाचल में हुई भारी बरसात के कारण पौंग डैम की महाराणा प्रताप झील में जलस्तर बढ़ने से डैम प्रबधन द्वारा स्पिलवे तथा ट्रवाइनों द्वारा भारी मात्रा में पानी ब्यास दरिया में छोड़े जाने से ब्यास किनारे बसे पंजाब हिमाचल के लोगों को भारी मुश्किलों का समाना करना पड़ा था। हिमाचल और पंजाब में बारिश का प्रकोप कम होने से अभी डैम ने पानी छोड़ना कम किया ही था कि मौसम विभाग ने एक बार फिर से बारिश का हाई अलर्ट जारी कर दिया, जिस कारण डैम प्रबंधन को फिर पानी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इससे ब्यास दरिया किनारे लोगों की फिर चिंताएं बढ़ गई थीं, लेकिन बारिश कम होने के कारण पौंग डैम प्रबंधन ने पानी छोड़ना बंद कर दिया। यह कदम बारिश की कम होने और डैम में जलस्तर को संतोषजनक ढंग से नियंत्रित करने के बाद लिया गया है। डैम में जलस्तर अब नियंत्रण सीमा के भीतर है। निचले क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए डैम के फ्लड गेटों से पानी छोड़ना तुरंत बंद कर दिया है। जिससे सामान्य जनजीवन जल्द ही पटरी पर लौट सकेगा। 

JDU को झटका, वरिष्ठ नेता ने चुनाव से पहले RJD में की शामिल

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदलने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में जेडीयू को एक बड़ा झटका लगा है।  बिहार सरकार के पूर्व मंत्री लक्ष्मेश्वर राय ने जदयू से इस्तीफा देकर राजद का थामन लिया है। लक्ष्मेश्वर राय बिहार सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री रह चुके है। लक्ष्मेश्वर राय ने आज ही आरजेडी की सदस्यता ग्रहण की है। गौरतलब हो कि 2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू के टिकट पर लौकहा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रमोद प्रियदर्शी को हराया था। इसके बाद उन्हें बिहार सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री बनाया गया। बता दें कि कल 10 अक्टूबर से पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। गौरतलब है कि बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। वहीं अभी भी महागठबंधन और एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है।  

हाईकोर्ट ने माना पुलिस की यातना जिम्मेदार, युवक की मौत पर राज्य सरकार को मुआवजा देने का निर्देश

बिलासपुर पुलिस हिरासत में युवक की संदिग्ध मौत के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को मृतक के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा, जहां किसी व्यक्ति की मौत पुलिस हिरासत में होती है, वहां मृत्यु का कारण स्पष्ट करना राज्य की जिम्मेदारी है। ऐसा न करना जीवन और गरिमा के अधिकार का उल्लंघन है। मौत के हालात यह दिखाते हैं कि मृतक को अमानवीय यातना दी गई थी और यह मामला कस्टोडियल बर्बरता का उदाहरण है। पूरा मामला धमतरी जिले के अर्जुनी थाना का है। याचिकाकर्ता दुर्गा देवी कैठोलिया ने बताया कि उनके पति दुर्गेंद्र कैठोलिया को 29 मार्च 2025 को धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 31 मार्च को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां वे पूरी तरह स्वस्थ थे। शाम 5 बजे उन्हें फिर से थाने में रखा गया, जहां कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में थर्ड डिग्री टार्चर दिया, जिससे दुर्गेंद्र की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 24 चोटों का है जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 24 पूर्व-मृत्यु चोटों का जिक्र है। मौत का कारण दम घुटने से सांस न ले पाने को बताया गया। दूसरे दिन पुलिस ने परिवार को बताया कि दुर्गेंद्र बीमार पड़ गए थे और अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन बाद में पता चला कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। शव मिलने पर परिवार ने शरीर पर चोट के निशान देखकर हंगामा किया और उच्चाधिकारियों से शिकायत की। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सभी साक्ष्य साफ बताते हैं कि यह मौत पुलिस की यातना से हुई है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और सम्मान के अधिकार का सीधा उल्लंघन है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मौत के हालात यह दिखाते हैं कि मृतक को अमानवीय यातना दी गई थी। मृतक की पत्नी और माता-पिता को मुआवजा देने के निर्देश हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मृतक की पत्नी दुर्गा देवी को तीन लाख की राशि दी जाए, ताकि वह और उनके दो नाबालिग बच्चों की देखभाल कर सकें। मृतक के माता-पिता को प्रत्येक एक लाख दिए जाएं। यह भुगतान 8 हफ्ते के भीतर किया जाए अन्यथा राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगेगा।

10 Kg का ट्यूमर हटाकर जीवन बदल दिया: दिल्ली के डॉक्टरों की कमाल की सर्जरी

नई दिल्ली  दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों ने 19 साल की लड़की को नई जिन्दगी दी। लड़की के पेट में पांच साल से ट्यूमर बन रहा था। पेट में पल रही गांठ ने 10 किलोग्राम का आकार ग्रहण कर लिया था, जिसे सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक ऐतिहासिक सर्जरी के साथ समाप्त कर दिया। डॉक्टरों ने बताया, 30 x 20 x 20 सेमी माप और 10.1 किलोग्राम वजन वाले दुर्लभ रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर ने प्रमुख अंगों और वाहिकाओं को विस्थापित कर दिया था, जिससे सर्जिकल टीम के लिए गंभीर चुनौती पैदा हो गई थी। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी जटिलता के ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटा दिया। इस जटिल ऑपरेशन में एनेस्थिसियोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, सीटीवीएस विशेषज्ञ, ओटी और आईसीयू स्टाफ, और सहायक टीमें शामिल थीं। सभी विशेषज्ञों का एक ही लक्ष्य था कि मरीज के अंग अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं और ऑपरेशन के बाद शरीर सामान्य तरह से रिकवर करने लगे। डॉक्टरों ने बताया, एचडीयू वार्ड 24 में गहन देखभाल और निरंतर सहायता के बाद, मरीज को अच्छे स्वास्थ्य में छुट्टी दे दी गई। यह जटिल मामला सफदरजंग अस्पताल की विशेषज्ञता, टीमवर्क और जीवन रक्षक देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे एक युवती और उसके परिवार को भविष्य के लिए नई उम्मीद मिली है। निदेशक डॉ. संदीप बंसल, प्रिंसिपल डॉ. गीतिका खन्ना, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चारु बांबा और एचओडी एनेस्थीसिया डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व में, विशेषज्ञ सर्जिकल टीम—जिसका नेतृत्व सर्जरी यूनिट एस6 की प्रोफेसर डॉ. शिवानी बी परुथी ने इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाया है।  

कर्पूरी ठाकुर की पोती समेत 51 उम्मीदवारों को मिला जनसुराज से टिकट

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी खबर सामने आ रही है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें 51 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है। प्रीति किन्नर को गोपालगंज जिले की भोरे से टिकट, भोजपुरी गायक रितेश पांडे को करगहर से टिकट मिली है। इनके अलावा दरभंगा सदर विधानसभा सीट से आर.के. मिश्रा, सहरसा शहर विधानसभा सीट से किशोर मुन्ना, छपरा शहर विधानसभा सीट से पूर्व एडीजी जेपी सिंह, इमामगंज विधानसभा सीट से अजीत राम, कुम्हार विधानसभा सीट से केसी सिन्हा, मांझी विधानसभा सीट से वाईवी गिरि को टिकट दिया गया है। जानिए किन्हें मिला टिकट- 1.    वाल्मीकि नगर – डॉ. द्रिग नारायण प्रसाद 2.    लौरिया – सुनील कुमार 3.    हरसिद्धि (एससी) – अवधेश राम 4.    ढाका – डॉ. लाल बाबू प्रसाद 5.    सुरसंड – उषा किरण 6.    रून्नीसैदपुर – विजय कुमार साह 7.    बेनीपट्टी – मोहम्मद परवेज आलम 8.    निर्मली – राम प्रवेश कुमार यादव 9.    सिक्ती – राघिब बब्लू 10.    कोचाधामन – अबू अफ्फान फारुक़ी 11.    अमौर – अफरोज आलम 12.    बैसी – मोहम्मद शाहनवाज आलम 13.    प्राणपुर – कुणाल निषाद उर्फ सोनू सिंह 14.    आलमनगर – सुभोध कुमार सुमन 15.    सहरसा – किशोर कुमार मुन्ना 16.    सिमरी बख्तियारपुर – सुरेंद्र यादव 17.    महिषी – शमीम अख्तर 18.    दरभंगा ग्रामीण – शोएब खान 19.    दरभंगा- आर. के. मिश्रा 20.    कोटी – बिल्लू साहनी 21.    मीनापुर – तेज नारायण साहनी 22.    मुजफ्फरपुर – डॉ. अमित कुमार दास 23.    गोपालगंज – डॉ. शशि शेखर सिन्हा 24.    भोरे (एससी) – प्रीति किन्नर 25.    रघुनाथपुर – राहुल कीर्ति सिन्हा 26.    दरौंधा – सत्येंद्र कुमार यादव 27.    मांझी – यदुवंश गिरी 28.    बनियापुर – श्रवण कुमार महतो 29.    छपरा – जय प्रकाश सिंह 30.    परसा – मुसाहब महतो 31.    सोनपुर – चंदन लाल मेहता 32.    कल्याणपुर (एससी) – राम बालक पासवान 33.    मोरवा – जागृति ठाकुर 34.    मठियानी – डॉ. अरुण कुमार 35.    बेगूसराय – सुरेंद्र कुमार साहनी 36.    खगड़िया – जयंती पटेल 37.    बेलदौर – गजेन्दर कुमार सिंह (निषाद) 38.    परबत्ता – विनय कुमार वरुण 39.    पीरपैंती (एससी) – घनश्याम दास 40.    बेलहर – ब्रज किशोर पंडित 41.    अस्थावां – लता सिंह 42.    बिहारशरीफ – दिनेश कुमार 43.    नालंदा – कुमारी पूनम सिन्हा 44.    कुम्हरार – के. सी. सिन्हा 45.    आरा – डॉ. विजय कुमार गुप्ता 46.    चेनारी (एससी) – नेहा कुमारी (नटराज) 47.    करगहर – रितेश रंजन (पांडेय) 48.    गोह – सीता राम दुखारी 49.    नबीनगर- अर्चना चंद्रा 50.    इमामगंज (एससी) – डॉ. अजीत कुमार 51.    बोध गया (एससी) – लक्ष्मण मांझी

शहीदों के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, 1 करोड़ का सहायता चेक सौंपा

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड, रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पलामू जिला बल के शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता के परिजनों ने मुलाकात की। मौके पर मुख्यमंत्री सोरेन ने शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता के परिजनों को सम्मान राशि के रूप में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत निर्गत 1 करोड़ 10 लाख रुपए की वित्तीय सहायता राशि का चेक सौंपा। शहीद हुए दोनों आरक्षी जवानों के परिजनों के बैंक अकाउंट में 1 करोड़ 10 लाख – 1 करोड़ 10 लाख की सम्मान राशि क्रेडिट किए गए। मौके पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सोरेन ने शहीद जवान के परिजनों से सहानुभूति पूर्वक आत्मीयता के साथ बात-चीत की तथा उनकी पारिवारिक स्थिति की पूरी जानकारी ली। उन्होंने शहीद परिजनों के दर्द को बांटा। उन्होंने शहीद के परिजनों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि राज्य सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने दोनों शहीद आरक्षी जवान के मां, पिता, पत्नी, बच्चे, भाई सहित अन्य परिजनों से बात की तथा पीड़ित परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीद आरक्षी सुनील कुमार राम एवं संतन कुमार मेहता ने राज्यवासियों की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनकी शहादत को नमन करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शहीद परिवार की पीड़ा को गहराई से समझती है। झारखंड हमेशा अपने शहीदों का ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों के बेहतर समन्वय और प्रयास से आपको आज यह सम्मान राशि दी जा रही है। इस सम्मान राशि का बेहतर उपयोग करते हुए आप अपने बच्चों को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का कार्य करें ताकि उनके बेहतर भविष्य का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।