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पंजाब में अस्पताल सुरक्षा में बढ़ावा, 2 साल में 80 मारपीट के मामलों के बाद 23 जिलों में सुरक्षा प्रोजेक्ट शुरू

चंडीगढ़  स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों के अस्पतालों में सुरक्षा गार्ड तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में 200 सुरक्षा गार्डों को तैनात किया जाएगा जिसके लिए विभाग के नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक ने पंजाब एक्स सर्विसमैन कॉरपोरेशन (पेस्को) को पत्र लिख दिया है। इससे डॉक्टरों की एक बड़ी मांग पूरी हो गई है क्योंकि अस्पतालों में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के चलते वह सुरक्षा कर्मी तैनात करने की मांग कर रहे थे। विभाग ने पत्र में कहा है कि 31 मार्च-2026 तक सभी अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जानी है। सुरक्षा कर्मियों के वेतन पर आने वाले खर्चों की अदायगी पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के अधीन चलती स्कीम के तहत किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि तैनाती प्रक्रिया दौरान पंजाब सरकार की आरक्षण नीति की पालना की जाएगी। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में जिला अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके बाद दूसरे चारण में सब डिविजनल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इससे अब डॉक्टर बिना डरे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिन रात काम कर सकेंगे।  इस महीने के अंत तक सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। अगर यह प्रोजेक्ट कामयाब रहता है तो अन्य अस्पतालों में भी इसे लागू किया जाएगा। वहीं, इस फैसले से डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि इससे लोगों को काफी फायदा होगा। यह स्टाफ इमरजेंसी में तैनात रहेगा। हर 10वें दिन डॉक्टरों से मारपीट पंजाब के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ इमरजेंसी में मारपीट के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगर दो सालों की बात करें तो डॉक्टरों के साथ अस्पतालों में मारपीट के लगभग 80 केस आ चुके हैं। हर 10वें दिन एक केस आता है। डॉक्टरों की मानें तो यह स्थिति बॉर्डर एरिया के जिलों में ही नहीं बल्कि वीआईपी जिले मोहाली में भी आ चुकी है। वहीं, कई बार तो इस वजह से डॉक्टर अपना काम भी उचित तरीके से नहीं कर पाते हैं। उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सताने लगता है। सिक्योरिटी ऑडिट में मिली थी खामियां पिछले साल सितंबर में जब मोहाली के डेराबस्सी और जालंधर में डॉक्टरों से मारपीट हुई थी, उस समय डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया था। साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद यह फैसला लिया गया था कि सारे जिलों में गठित हेल्थ सिक्योरिटी बोर्ड की तरफ से मेडिकल संस्थानों का सिक्योरिटी ऑडिट किया जाएगा। वित्त विभाग से मंजूरी के बाद गार्ड तैनाती का फैसला साथ ही सारे अस्पतालों में उन स्थानों की पहचान करने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद सारे अस्पतालों में डार्क पॉइंट कवर किए गए थे। अधिकतर अस्पतालों की इमरजेंसी में कैमरे लगाए गए थे, लेकिन अभी तक गार्ड नहीं लग पाए थे क्योंकि इसमें फंड की कमी आ रही थी। इसके बाद वित्त विभाग से इस बारे में मंजूरी ली गई, जिसके बाद इनकी तैनाती का फैसला लिया गया है। 31 मार्च तक रहेगी तैनाती इन सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति 31 मार्च 2026 तक आउटसोर्स के माध्यम से की जाएगी। इनकी नियुक्ति में पंजाब सरकार की रिजर्वेशन पॉलिसी लागू रहेगी। इन मुलाजिमों को भुगतान पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉर्पोरेशन के अधीन चल रही स्कीम के तहत किया जाएगा। पीसीएमएस एसोसिएशन पंजाब के डॉ. अखिल सरीन ने कहा कि सरकार का यह अच्छा कदम है। इससे डॉक्टरों को अस्पताल में एक अच्छा माहौल मिलेगा। संस्थान- सिक्योरिटी गार्ड की संख्या     डीएच अमृतसर- 11     डीएच बरनाला- 7     डीएच बठिंडा- 11     डीएच फरीदकोट- 7     डीएच फतेहगढ़ साहिब- 7     डीएच फाजिल्का- 9     डीएच फिरोजपुर- 9     डीएच गुरदासपुर- 9     डीएच होशियारपुर- 9     डीएच जालंधर- 11     डीएच कपूरथला- 9     डीएच लुधियाना- 12     डीएच मालेरकोटला- 7     डीएच मानसा- 7     डीएच मोगा- 9     डीएच मुक्तसर साहिब- 9     डीएच पठानकोट- 7     डीएच एमकेएच पटियाला- 11     डीएच रूपनगर- 7     डीएच संगरूर- 9     डीएच मोहाली- 9     डीएच एसबीएस नगर- 7     डीएच तरनतारन- 7

मिशन शक्ति 5.0 : 22 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहनों की चेकिंग की

योगी सरकार की यूपी पुलिस ने साढ़े आठ लाख वाहनों को किया चेक, 9 हजार से अधिक वाहनों से हटाई काली फिल्म 22 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहनों की चेकिंग की 18,215 वाहनों का चालान किया गया, अपर पुलिस महानिदेशक से लेकर थाना प्रभारियों ने की फुट पैट्रोलिंग  लखनऊ योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए गाड़ियों की काली फिल्म हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। यह अभियान 22 सितंबर से प्रदेशभर में चलाया गया, जो वर्तमान में भी चल रहा है। वहीं 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक साढ़े आठ लाख से अधिक वाहनों की चेकिंग की गयी। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक, उप महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी द्वारा अपनी टीम के साथ फुट पैट्रोलिंग की गयी।  2,817 हूटर और 1,087 बत्तियां वाहनों से हटाई गईं मिशन शक्ति 5.0 अभियान की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों द्वारा सड़क पर गाड़ियों की जांच की गयी। इस दौरान गाड़ियों की काली फिल्म को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इस दौरान 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 8,50,182 वाहनों की चेकिंग की गयी। अब तक 9,488 काली फिल्में हटाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 2,817 हूटर और 1,087 बत्तियां भी हटाई गई हैं। यह कदम सड़क पर अपराधों को रोकने और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके साथ ही, गलत स्थान पर पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ 18,215 चालान भी किए गए हैं, ताकि ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और सड़क पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से वाहन पर शासकीय और जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है और 14,504 ऐसे मामले सामने आए हैं। अभियान के दौरान 3,38,305 व्यक्तियों को चेतावनी दी गयी।  263 स्टंटबाजों को किया गया गिरफ्तार एडीजी ने बताया कि वाहन नियमों का उल्लंघन करने पर 1,93,829 वाहनों का चालान किया गया है, जबकि 3,654 वाहनों को सीज भी किया गया है। कुल 251 पंजीकृत अभियोगों के साथ-साथ 450 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसके अलावा स्टंटबाजों के लिखाफ भी कड़ी कार्रवाई की गयी। इस दौरान 55,832 स्थानों की 21,324 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 5,26,184 वाहनों की चेकिंग की गयी। अभियान के दौरान 770 स्टंटबाजी के मुकदमे दर्ज किये गये जबकि 263 स्टंटबाजों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही 31,609 वाहनों का चालान और 1,388 वाहनों को सीज किया गया। वहीं, मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत पुलिस विभाग द्वारा फुट पैट्रोलिंग भी की गयी ताकि सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल से पुलिस विभाग ने महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने के लिए अपनी तैनाती सुनिश्चित की है। प्रदेश के 57,265 स्थानों पर फुट पैट्रोलिंग की गयी। इसमें अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिदेशक, उप महानिरीक्षक द्वारा 239 स्थानों, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक द्वारा 1,670 स्थानों, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी द्वारा 9,616 और थाना प्रभारी द्वारा अपनी टीम के साथ 45,837 स्थानों पर फुट पैट्रोलिंग की गयी। फुट पैट्रोलिंग के दौरान 7,44,482 व्यक्तियों की चेकिंग की गयी जबकि पीआरवी द्वारा 52,039 स्थानों की पैट्रोलिंग की गयी।   

मध्यप्रदेश: भावांतर योजना में अब तक 61,000+ किसानों का पंजीकरण, आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर

भोपाल  सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल है। मंडियों में अभी दर चार से साढ़े चार हजार रुपये के बीच है। किसानों को नुकसान न हो, इसके लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इसमें समर्थन मूल्य से कम दर पर उपज बिकती है तो अंतर की राशि सरकार देगी। यह सुविधा योजना में पंजीकृत किसानों को मिलेगी। अभी तक इसके लिए 61 हजार 970 किसानों ने ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराया है। भावांतर योजना के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 17 अक्टूबर तक होगा। भावांतर की अवधि 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की है। इस अवधि में पंजीकृत किसानों द्वारा मंडियों में उपज समर्थन मूल्य से कम पर बिकती है तो सरकार भावांतर देगी। योजना लागू करने का दायित्व जिला प्रशासन को सौंपा गया है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह धान और गेहूं का उचित मूल्य दिलाया गया, वैसे ही सोयाबीन उत्पादक किसानों की चिंता की गई है। धान, ज्वार, बाजरा उपार्जन के लिए 4.69 लाख पंजीयन उधर, समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए अभी तक 4.69 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। यह 10 अक्टूबर तक होगा। पिछले वर्ष 7.84 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि केवल पंजीकृत किसानों से ही उपार्जन किया जाएगा, इसलिए समय पर पंजीयन करा लें। 5328 रुपए प्रति क्विंटल है सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। प्रदेश सरकार किसानों को उनके उत्पादन का मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस तरह धान और गेहूं पर किसानों को उनके परिश्रम की कीमत दिलवाने का कार्य किया गया है, उसी तरह सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी लाभ दिलवाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें और हितग्राही को सीधा लाभ मिलना चाहिए। मात्र तीन दिन में ही 61,970 किसानों ने कराया पंजीयन भावांतर योजना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। भावांतर की अवधि 24 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ होकर 15 जनवरी 2026 तक रहेगी। पंजीकृत कृषक और उनके रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के माध्यम से होगी। भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज किसान के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। उलेखनीय है कि प्रदेश में सोयाबीन खरीफ भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत किसानों का पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर 3 से 17 अक्टूबर तक होगा। पंजीयन PACS /CSC/ MP किसान ऐप के माध्यम से कराए जाएंगे। योजना अंतर्गत सोयाबीन विक्रय अवधि दिनांक 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक रहेगी। किस जिले में कितने पंजीयन प्रदेश में सोयाबीन फसल के उपार्जन के लिए इंदौर जिले के 12 हजार 207, शाजापुर जिले के 11 हजार 731, उज्जैन जिले के 8 हजार 221, राजगढ़ जिले के 5 हजार 468, आगर मालवा जिले के 3540, देवास जिले के 2894, सीहोर जिले के 2331, विदिशा जिले के 2207, बड़वानी जिले के 1543, हरदा जिले के 1318, रतलाम जिले के 1241, खरगौन जिले के 1207, मंदसौर जिले के 999, दमोह जिले के 992, धार जिले के 899, रायसेन जिले के 801, सागर जिले के 799, बैतूल जिले के 748, नीमच जिले के 461, गुना जिले के 421, खंडवा जिले के 368, नरसिंहपुर जिले के 319, अशोक नगर जिले के 269, झाबुआ जिले के 215,‍छिंदवाड़ा जिले के 199, नर्मदापुरम जिले के 132, भोपाल जिले के 102, बुरहानपुर जिले के 75, शिवपुरी जिले के 49, उमरिया जिले के 44, अनूपपुर जिले के 41, छतरपुर जिले के 27, ग्वालियर जिले के 22, श्योपुर जिले के 20, बालाघाट जिले के 17, अलीराजपुर जिले के 16 किसानों ने पंजीयन कराया है।

तरणतारन सीट पर शिअद का कब्जा, आप के लिए बरकरार रखने की मुश्किलें बढ़ीं

चंडीगढ़  पंजाब का तरनतारन विधानसभा क्षेत्र कभी शिरोमणि अकाली दल का गढ़ रहा है मगर पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने यहां से शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि इस सीट से कांग्रेस भी एक बार जीत का स्वाद चख चुकी है। आप विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद अब यहां उपचुनाव करवाया जा रहा है। चुनावी बिगुल बज चुका है और 11 नवंबर को यहां उप चुनाव होंगे। जनादेश 14 नवंबर को आएगा। चुनावी घोषणा के बाद हलके में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों शिअद, आप, भाजपा व कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी पहले ही घोषित कर रखे हैं और सभी क्षेत्र में प्रचार भी कर रहे हैं। शिअद से अलग हुई पंथक पार्टी भी यहां अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। इसके लिए पार्टी ने एक कमेटी का गठन किया है, जो प्रत्याशी पर फैसला लेगी। बगावत के बाद यह पंथक दल इस सीट पर शिरोमणि अकाली दल के वोटबैंक में सेंधमारी कर मुश्किलें पैदा कर सकता है। उधर शिअद ने इस क्षेत्र में राजनीति और समाज सेवा से जुड़े आजाद ग्रुप को अपने साथ मिला लिया है। इस ग्रुप ने इलाके में अपने करीब 40 सरपंच और 7 पार्षद जितवाएं हैं। इसी ग्रुप से जुड़ीं प्राचार्य सुखविंदर कौर रंधावा को शिअद ने इस बार अपना प्रत्याशी बनाया है। सुखविंदर कौर के पति धर्मी फौजी रहे हैं। उनका भी क्षेत्र में अच्छा प्रभाव था। इसका भी फायदा सुखविंदर को मिल सकता है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने इस बार दलबदलू हरमीत सिंह संधू पर दांव खेला है। संधू 2002, 2007 व 2012 में विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दो बार शिअद से चुनाव जीता और एक बार निर्दलीय (2002) चुनाव जीता था। साल 2017 व 2022 में वे हार गए थे। क्षेत्र में अच्छा रसूख रखने वाले इसी संधू को आप ने अब अपने साथ मिला लिया है और उन्हीं पर दांव खेल दिया है। पंथक दल के बाद संधू भी शिअद के लिए दूसरी बड़ी चुनौती बन सकते हैं। कांग्रेस ने किसान नेता करणबीर सिंह बुर्ज को मैदान में उतारा है। साल 2017 में कांग्रेस के डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। अब पार्टी को बुर्ज से उम्मीदें हैं। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के करीबी माने जाते हैं और कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा ने तरनतारन के जिलाध्यक्ष हरजीत सिंह संधू को चुनावी समर में उतारा है। हरजीत पहले अकाली दल से जुड़े रहे हैं मगर साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली थी। क्षेत्र प्रभाव ठीक बताया जा रहा है और वे अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा के नजदीकी माने जाते हैं। सीट पर कब्जा काबिज रखना चाह रही आप तरनतारन सीट पर पहली बार साल 2022 में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी कश्मीर सिंह सोहल ने जीत दर्ज की थी। साल 2017 में आप ने करतार सिंह पहलवान पर दांव खेला था मगर वह कांग्रेस के धर्मबीर अग्निहोत्री से कड़े मुकाबले में हार गए थे। आप इस सीट पर अपना कब्जा काबिज रखना चाहती है। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री तरनतारन में एक कार्यक्रम के दौरान हरमीत सिंह संधू को आप का प्रत्याशी घोषित करके आए थे। सीएम ने तरनतारन की जनता से आह्वान किया था कि वे इस बार भी आप के प्रत्याशी को जितवा दें, उसके बाद वे देखेंगे कि तरनतारन में विकास की गति कैसे तेज होती है। उधर, उपचुनाव का रिकॉर्ड देखें तो आप के पक्ष में ही रहा। सूबे में हुए उपचुनाव में जालंधर वेस्ट विधानसभा चुनाव में आप के मोहिंदर भगत, डेरा बाबा नानक से गुरदीप सिंह रंधावा, चब्बेवाल से डाॅ. इशांक चब्बेवाल, गिद्दड़बाहा से डिंपी ढिल्लों, बरनाला से हरिंदर सिंह धारीवाल और लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा ने जीत दर्ज की थी। अब आप की निगाहें तरनतारन की सीट पर है।

AAP नेताओं की कार्रवाई: बरेली में पुलिस ने घर और दफ्तर पर रोका, संजय सिंह का विरोध जारी

लखनऊ आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राजधानी लखनऊ से बरेली जाने के लिए निकला तो कार्यालय गेट पर पुलिस से सामना हुआ। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें जाने से रोका। लेकिन, आप कार्यकर्ता जाने पर अड़े रहे। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान देखी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने आप नेता नदीम अशरफ और सरबजीत मक्कड़ को हाउस अरेस्ट किया। जबकि, इमरान लतीफ को गोमती नगर स्थित पार्टी कार्यालय पर रोक लिया गया। पार्टी नेताओं के बरेली जाने की सूचना पर पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। पार्टी कार्यालय पर सुबह से ही पुलिस तैनात हो गई। दूसरी तरफ पूर्व विधायक दिलीप पांडेय अपने दिल्ली आवास से दोपहर 2 बजे बरेली के लिए निकलेंगे। हालांकि, उनको भी पुलिस जाने देगी, इसकी कम संभावना है। वहीं पार्टी ने इस मामले में प्रदेश सरकार की नीति को दमनकारी बताते हुए, आगे भी अपना विरोध जारी रखने की घोषणा की है। नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट-सजंय सिंह आप कार्यकर्ताओं को कार्यालय और घर में रोका गया तो सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि 'न कोई आदेश है, न कोई कानून। यूपी पुलिस मनमानी तरीके से लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाना भी बंद कर रही है। बरेली के पीड़ितों से मिलने की भी इजाजत नहीं है। यहां नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट है।' सजंय सिंह ने आगे लिखा कि 'बौद्ध प्रांत के अध्यक्ष इमरान लतीफ, अयोध्या प्रांत के अध्यक्ष विनय पटेल और मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे, अभिषेक सिंह को पुलिस ने बिना किसी आदेश के रोका है। तानाशाही के खिलाफ AAP की आवाज को रोका नहीं जा सकता है।'   पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका बताते चलें कि बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के बाद सूबे में सियासत जारी है। इसको लेकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आप के प्रतिनिधिमंडल के बरेली जाने का एलान किया था। तय समय के अनुसार 7 अक्तूबर को कार्यकर्ता निकले। लेकिन, गोमती नगर के विवेकखंड स्थित कार्यालय के बाहर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इससे पहले कानून व्यवस्था का हवाला देकर सपा के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने बरेली जाने से रोक दिया था।  

महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सफाई कर्मचारी के साथ अप्रिय घटना पर 35-40 लाख देने की करेंगे व्यवस्था: सीएम योगी महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  बोले-आपकी सुरक्षा समाज की सुरक्षा, आपका सम्मान भगवान वाल्मीकि की विरासत का सम्मान महापुरुषों की परंपरा के भाग्य विधाता हैं महर्षि वाल्मीकिः सीएम योगी  स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में विदेशियों से कहा-तुम्हारी पहचान पहनावे से बनती है, लेकिन हमारी चरित्र से राम ने मर्यादा की लक्ष्मण रेखा का कभी उल्लंघन नहीं कियाः योगी सीएम की वाल्मीकि समाज से अपील- बच्चों को पढ़ाइए, स्कूल भेजिए, वे योग्य होंगे तो समाज में नेतृत्व प्रदान करेंगे सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक को तोड़ने की धमकी देने वालों से भाजपा ने कहा था कि यूपी की जनता तुम्हें तोड़कर रख देगीः मुख्यमंत्री   सपा पर हमलावर रहे सीएम,  बोले- इनके चेहरे दोहरे, यह हर कार्य को वोटबैंक की दृष्टि से देखते हैं समाजवादी पार्टी के गुंडे लालापुर के आश्रम पर कब्जा कर रहे थे, हमने कहा कि गुंडों का नाम नोट करो, इनके बाप-दादाओं ने जो प्रॉपर्टी जमा की है, उसे आश्रम के नाम पर करवा डालोः योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाल्मीकि समाज के लोगों से कहा कि आपकी सुरक्षा समाज की सुरक्षा है। आपका सम्मान भगवान वाल्मीकि की विरासत का सम्मान है। सीएम ने इस दौरान उन्हें खुशखबरी भी दी और कहा कि अभी बड़ा कार्य करने जा रहे हैं। सफाई, संविदा कर्मचारी को अब आउटसोर्सिंग कंपनी नहीं, बल्कि सरकार का कॉरपोरेशन सीधे अकाउंट में पैसा देगा। स्वच्छता कर्मियों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा का कवर भी देंगे। जब अकाउंट में कॉरपोरेशन से पैसा आएगा तो यह व्यवस्था करेंगे कि दुर्भाग्य से किसी सफाई कर्मचारी के साथ घटना-दुर्घटना हुई या वह आपदा की चपेट में आ गया तो बैंक से बात करेंगे कि बैंक के माध्यम से 35-40 लाख रुपये देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। यूपी के 80 हजार होमगार्ड को यह कवर दे दिया गया है। अब सफाई कर्मचारियों को इस व्यवस्था से जोड़ने जा रहे हैं।  सीएम योगी मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस समारोह में शामिल हुए। सीएम ने भगवान वाल्मीकि की जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। कार्यक्रम में लघु फिल्म भी दिखाई गई।  चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोककल्याण व राष्ट्र कल्याण का माध्यम बन सकता है सीएम योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारत के महापुरुषों की परंपरा के भाग्य विधाता हैं। तप और साधना से तपे हुए ऋषि को जब लेखनी चलानी थी, तब लोककल्याण व मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने और नई कृति की रचना के लिए उन्होंने हजारों वर्ष पहले देवर्षि नारद से प्रश्न किया कि चरित्र से युक्त कौन ऐसा व्यक्ति है, जिसके बारे में मैं कुछ लिख सकूं, क्योंकि महर्षि वाल्मीकि जानते थे कि चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोककल्याण व राष्ट्र कल्याण का माध्यम बन सकता है। स्वामी विवेकानंद जब शिकागो की धर्मसभा में गए तो उनकी वेशभूषा देख विदेशी हंस रहे थे। तब उन्होंने कहा कि तुम्हारी पहचान पहनावे से बनती है, लेकिन हमारे देश और हमारी पहचान चरित्र से बनती है। हमारे लिए चरित्र महान है।  भगवान वाल्मीकि का कृतज्ञ है मानव समाज सीएम योगी ने कहा कि वाल्मीकि रामायण लिखते समय उन्होंने पूरी कथा को राम पर आधारित किया। उन्होंने यह भी बताया कि राम को क्यों आधार बनाया, क्योंकि राम ही साक्षात धर्म हैं। मानव समाज भगवान वाल्मीकि का कृतज्ञ है। जब भी किसी भारतीय के मन में संदेह पैदा होता है तो महर्षि वाल्मीकि ने हर स्थिति में जो आदर्श रखा, वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम का था। उन्होंने राम के चरित्र को दिया, जो हर काल, देश, परिस्थिति में प्रासंगिक है। भाई-भाई, पिता-पुत्र, मां-बेटे, राजा-प्रजा में क्या रिश्ते होने चाहिए, उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम कहकर यह भाव भरा। राम ने मर्यादा की लक्ष्मण रेखा का कभी उल्लंघन नहीं किया।  भारत के देवतुल्य ऋषियों की परंपरा ने सभी कालखंड में समाज का किया मार्गदर्शन  सीएम योगी ने कहा कि भगवान वाल्मीकि की फोटो लगाकर आज हर देव मंदिर में अखंड रामायण पाठ चल रहा है। सीएम ने अपील की कि महर्षि वाल्मीकि का चित्र हर भारतीय के घर में होना चाहिए। भारत का हर कथावाचक सबसे पहली वंदना भगवान वाल्मीकि की करते हैं। वह जिस पीठ पर बैठते हैं, वह सबसे पवित्र व्यास पीठ कही जाती है। भारत के देवतुल्य ऋषियों की परंपरा ने सभी कालखंड में समाज का मार्गदर्शन किया। रामायण कालखंड में महर्षि वाल्मीकि, महाभारत कालखंड में महर्षि वेदव्यास, मध्यकाल में सद्गुरु रविदास और देश जब आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तो बाबा साहेब समाज का मार्गदर्शन करते दिखाई देते थे। सभी की दृष्टि एक है। पीएम मोदी इसे एक भारत-श्रेष्ठ भारत, सबका साथ और सबका विकास कहते हैं। सीएम ने कहा कि रामराज्य वही है, जहां जाति, मजहब, संप्रदाय के नाम पर भेदभाव न हो। आज यही कार्य भाजपा की डबल इंजन सरकार कर रही है। वोटबैंक के नाम पर जाति का सहारा लेने वालों पर हमलावर रहे सीएम  मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग राम को गाली देते हैं, वे भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं। भगवान वाल्मीकि का अपमान करने वाले भगवान राम का भी अपमान करते हैं। उन्होंने वोटबैंक के नाम पर जाति का सहारा लेने वालों पर हमला किया। सीएम ने कहा कि 2012 में जब सपा सरकार आई थी तो सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के स्मारक को तोड़ने की धमकी दी थी, तब भाजपा ने कहा था कि इन स्मारकों को तोड़ने वालों को यूपी की जनता तोड़कर रख देगी। आज यह लोग प्रत्येक प्रेसवार्ता में बाबा साहेब का स्मरण करते हैं, लेकिन तब सपा के मुख्यमंत्री ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहेब का नाम बदल दिया था। हमने फिर उसे बाबा साहेब के नाम पर रख दिया। लखनऊ का भाषा विश्वविद्यालय मान्यवर कांशीराम के नाम पर था, सपा ने उसे भी बदल दिया। सहारनपुर मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदल दिया। इनके दोहरे चेहरे हैं। यह हर कार्य को वोटबैंक की दृष्टि से देखते हैं।  लालापुर के आश्रम पर कब्जा कर रहे थे सपा के गुंडे सीएम ने कहा कि यह राम व कृष्ण का विरोध करते हैं। विपक्षी … Read more

सोयाबीन किसानों को नहीं होना पड़ेगा निराश, मुख्यमंत्री ने दिया भावांतर मूल्य का भरोसा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की मेहनत का सम्मान दिलाने के लिए उन्हें हर हाल में सोयाबीन फसल का उचित दाम दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भावान्तर योजना के अंतर्गत किसानों का पंजीयन 17 अक्टूबर 2025 तक जारी रहेगा। फसल बिक्री के 15 दिन के भीतर भावमें अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी।  

परिवार संग सलाम बने ‘राजवीर’, पं. धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में अपनाया सनातन धर्म

रायपुर राजधानी के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में चल रही हनुमंत कथा के तीसरे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाई। इस कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम परिवार ने हिंदू धर्म अपनाया। मुर्रा भट्टी के रहने वाले सलाम ने आज सनातन धर्म को अपना लिया। उन्होंने कहा कि मैं पहले भी पूजा-पाठ करता था लेकिन घर वाले मना करते थे। आज जब यहां घर वापसी का कार्यक्रम चल रहा था तो उन्होंने भी सनातन धर्म को अपनाने का सोचा और अब वे आज से सनातन धर्म को अपना लिया है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उनसे कहा कि आप एक शपथ पत्र बनाकर एक कॉपी कलेक्टर को जरुर दें, आपका सनातन धर्म में स्वागत है। गंगाजल पिलाया जाए और तिलक लगाकर स्वागत किया गया। आज से सलमान राजवीर के नाम से जाना और पहचाना जाएगा। अपने प्रवचन में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भववान कहते हैं जीवन में माया और भक्ति का पहरा है। तुम्हें खुद नाचना है तो माया को चुनो, अगर मुझे नचाना है तो भक्ति। भगवान की भक्ति को प्राप्त करोगे तो परमात्मा तुम्हारे सामने नृत्य करेंगे। अगर तुम भगवान की माया को पाओगे तो तुम्हें संसार में नाचना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि जो पति को पतन से बचाए वही पत्नी है। पहले के जमाने में पत्नियां अपने पतियों को पतन से बचाती थी लेकिन आज के जमाने में जो तुम्हें करना है शो करो। केंवट को देने के लिए जब रामजी के पास कुछ नहीं था तब सीता जी भगवान राम से कहती हैं कि आपके हाथ में कुछ नहीं है पर आपके दूसरे वाले हाथ मतलब हमारे हाथ में तो कुछ है उसे ही दे दो। आपका हाथ और हमारा हाथ दो नहीं है क्योंकि आपके हाथ पर हमारा हाथ हमारे पिताजी ने रख करके आपको दान किया हुआ है। अब जो कुछ भी हमारा है वह आपका है। माताओं की आदत होती है बचत करने की। दिव्य दरबार में पहली अर्जी लगी हर्ष की हनुमंत कथा के तीसरे दिन सोमवार को बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिव्य दरबार लगाया। दिव्य दरबार में पहली अर्जी हर्ष की लगी। लेकिन पहली सुनवाई शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारी की हुई। उन्होंने अपने पुत्रों से संबंधित समस्याएं बताई। पंडित जी ने कहा कि पहले छोटे पुत्र की समस्याएं सुलझाएंगे। इसके बाद बड़े पुत्र की। इसके बाद जिन लोगों की अर्जी लगी। उन्होंने अपनी समस्याएं बताई। जिन लोगों की अर्जी लगी उनमें बहुत सारे लोगों ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री से माइक से अपनी समस्याओं को सार्वजनिक नहीं करने का आग्रह किया। पंडित जी ने माइक हटाकर उनकी समस्याएं सुनी, उन्हें समाधान बताया। शुभम नाम के एक युवा पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पेंटिंग लेकर पहुंचा। उसकी भी अर्जी लगी। उन्होंने कहा कि गायक बनना चाहता हूं। उन्होंने भगवान रामजी का भजन भी सुनाया।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का भोपाल में कैंपस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फोरेंसिक के नए कोर्स हुए लॉन्च

भोपाल  एजुकेशन हब भोपाल को अब राष्ट्रीय सुरक्षा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलने जा रही है। राजधानी में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर (आरआरयू) का क्षेत्रीय कैंपस शुरू हो गया है। यह आरआरयू का छठा कैंपस है, जो फिलहाल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में संचालित हो रहा है। मध्य प्रदेश शासन द्वारा आरआरयू की स्थापना के लिए आरजीपीवी कैंपस में ही दस एकड़ भूमि आवंटित की गई है। यहां अगले दो-तीन साल में आरआरयू का अपना कैंपस होगा। दो कोर्सों की शुरुआत इसी सत्र से कर दी गई है और दो कोर्स अगले सत्र से शुरू होंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आरआरयू भोपाल केंद्र के संचालन और प्रशासनिक समन्वय के लिए आरजीपीवी के डिप्टी रजिस्ट्रार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। भोपाल में कैंपस की स्थापना के साथ ही सत्र 2025-2026 में चार वर्षीय बीटेक इन कंप्यूटर साइंस (साइबर सिक्योरिटी स्पेशलाइजेशन) और एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फोरेंसिक कोर्स का संचालन शुरू हो गया है। अगले सत्र से पीजी डिप्लोमा इन स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग और पीजी डिप्लोमा इन पुलिस साइंस एंड मैनेजमेंट कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में जेईई और अन्य मेरिट योग्यताओं के आधार पर प्रवेश होगा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीटेक इन कंप्यूटर साइंस को छोड़कर अन्य कोर्स में केवल 20- 20 सीटें रखी गई हैं। आरआरयू का क्षेत्रीय कैंपस शुरू होने से मध्य प्रदेश के युवाओं को सुनहरा अवसर मिलेगा, वे भारत की आंतरिक सुरक्षा में योगदान दे सकेंगे। साथ ही मप्र पुलिस व सुरक्षा बलों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सभी संस्थानों के अधिकारियों के स्किल डेवलपमेंट में भी यह सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सितंबर से शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत हो गई है। दो कोर्स में देशभर के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। -डॉ. राकेश सिंह कुंवर, निदेशक, आरआरयू भोपाल कैंपस।

महुआ में ओवैसी बोले – बिहार की सरकार है जुल्मी और अन्यायपूर्ण

वैशाली एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वैशाली जिले के महुआ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में बिहार की सियासी पार्टियों पर तीखा हमला किया और राज्य में दलित‑पिछड़ों के साथ होने वाले कथित अन्याय पर चिंता जताई। ओवैसी ने कहा कि बिहार में दलितों और वंचितों से इंसाफ छीना नहीं जा सकता और राज्य में चल रहे “आरएसएस एजेंडा” को विफल किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या तेजस्वी यादव ओवैसी को रोकना चाहते हैं या बीजेपी को सफल बनाना चाहते हैं—यह निर्णय महुआ विधानसभा क्षेत्र की जनता को खुद लेना होगा। जनसभा में उन्होंने महुआ थाने से जुड़े एक विवादस्पद मामले का भी ज़िक्र किया। ओवैसी ने कहा कि 5 सितंबर को थाने में बंद एक कैदी (पहचान: नाजिर/नासिर साह) को राजापाकर थाने की पुलिस ने कथित रूप से बेवजह उठाकर ले जाया और मारपीट की गई। उनके अनुसार कैदी तीन दिन बाद शव के रूप में वापस आया। ओवैसी ने इस घटना को बिहार में शासकीय दोहरे मानकों का उदाहरण बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मृतक का नाम नाजिर/नासिर साह था तो भी उसे न्याय और सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, लेकिन सरकार और प्रशासन की नाकाफी प्रतिक्रिया इस बात का सबूत है कि सिस्टम कमजोर है। ओवैसी ने पूछा कि पुलिस ने कैसे किसी व्यक्ति को तीन दिन तक थाने में रखकर उसका जीवन प्रभावित होने दिया और इसे किसने सही ठहराया। ओवैसी ने मुख्यमंत्री और डीजीपी से इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की मांग भी की। उन्होंने कहा कि कम से कम एसडीएम के नेतृत्व में एक स्वतंत्र जांच टीम गठित करके जिम्मेदारों की पहचान कर तत्काल सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यहाँ न्याय नहीं मिलता तो जनता को अपने वोट के जरिए अपनी आवाज़ उठानी पड़ेगी। सभा में ओवैसी ने जनता से अपील की कि वे पुलिस‑प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व से जवाबदेही मांगें और अपने अधिकारों के लिए संगठित रहें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर अधिकारी न्याय नहीं कर सकेंगे तो अल्लाह ही न्याय देगा—फिर भी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक है।