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UP पुलिस में 912 युवाओं को मिली नौकरी, लोकभवन में CM योगी ने सौंपे नियुक्ति पत्र

लखनऊ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज 912 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटें। रविवार को कार्यक्रम राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित किया गया। सीएम योगी ने पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इन अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस में नौकरी मिली है। इस कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत अन्य मौजूद रहे। चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं। नियुक्ति पत्र पाने वाले चयनित युवा यूपी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे। इस दौरान सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी। हर जगह भाई-भतीजावाद हावी था। भर्ती में बिना शामिल हुए भी नौकरी मिल जाती थी। 2017 के बाद हमारी सरकार ने इसमें बदलाव किया। ग्रुप सी और डी पर हमने साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर दी। पहले साक्षात्कार में खेल कर दिया जाता था। हमने इस चरण को ही खत्म कर दिया। सारे पद पहले जैसे ही हैं, सिर्फ काम करने का तरीका बदला है। पहले हर दूसरे दिन दंगे होते थे। महीनो-महीनो कर्फ्यू रहता था। मुजफ्फरनगर में तो छह महीने दंगे होते रहे। कोसीकलां से शुरू होता था दंगा। माफिया का काफिला आने पर ज्यूडिशरी के अधिकारियों का भी काफिला रोक दिया जाता था। पहले माफिया निकलता था। आज भला कोई असलहा लहरा सकता है, आज कोई त्योहारों के पहले दंगा कर सकता है। सीएम योगी ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि 66 करोड़ श्रद्धालु आए। लोग उनसे बोलते थे कुछ तो गलत बोलिए, वो लोग कहते थे खाक कुछ बोले, इतनी अच्छी व्यवस्था है। 2017 से पहले जिनके पास क्षमता थी, वो यूपी से बाहर बेटियों को रखते थे। जिनके पास क्षमता नहीं होती थी, वो घर में ही रखते थे। आज कोई शोहदा बेटी को छेड़ नहीं सकता। उसको अंजाम पता है। यदि वह ऐसी हरकत करता है तो वह अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन कर रहा है। आज यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है। लोग कहते हैं कि अब दंगा नहीं होता है। सीएम ने सपा पर तंज कसा कि आज हम दंगों की मॉक ड्रिल कराते हैं, ताकि लोग भूल न जाएं। सीएम योगी ने अंत में ये भी कहा कि यूपी सरकार अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां देगी। सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी उन राज्यों में शामिल है जो कह सकता है कि वह रेवेन्यू सरप्लस है। हमने 9.5 साल में 9.5 लाख युवाओं को नौकरी दी है। आज यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है।

राजस्थान में बढ़ रहा मधुमक्खी पालन, भरतपुर-टोंक में बनेंगे एक्सीलेंस सेंटर; निर्यात को मिलेगी रफ्तार

जयपुर राजस्थान में शहद अब सिर्फ मिठास नहीं, रोजगार और निर्यात का जरिया भी बन रहा है। देश-दुनिया में बढ़ती मांग के बीच राजस्थान में मधुमक्खी पालन तेजी से विस्तार ले रहा है। इसी संभावना को देखते हुए सरकार भरतपुर और टोंक में 17.5 करोड़ रुपए की लागत से मधुमक्खी एक्सीलेंस सेंटर तैयार कर रही है। यहां युवाओं को प्रशिक्षण, कॉलोनी व बॉक्स निर्माण, शहद की एक्सपोर्ट क्वालिटी तैयार करने और गुणवत्ता जांच जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। राजस्थान में 2.52 लाख से ज्यादा मधुमक्खी कॉलोनियां पंजीकृत हैं। देशभर में 16 हजार 788 पालक और संस्थाएं पंजीकृत हैं, जबकि कॉलोनियों की संख्या 24,92,101 है। ऐसे में मधुमक्खी पालन का दायरा अब छत्ते और शहद के उत्पादन से आगे बढ़ रहा है। युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण भी दोनों एक्सीलेंस सेंटर में पालन से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ कॉलोनी और बॉक्स तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक युवाओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा भी होगी। तैयार शहद की प्रोसेसिंग और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था भी यहीं होगी, ताकि उत्पाद घरेलू के साथ विदेशी बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके। अक्टूबर-नवंबर में कॉलोनी तैयार करने के अनुकूल मौसम को देखते हुए उद्यान विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग 5 हजार कॉलोनी बॉक्स के साथ किट भी वितरित करेगा। बढ़ता बाजार, राजस्थान के लिए अवसर देश में शहद उत्पादन 2014-15 के 80,530 मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 1,51,690 मीट्रिक टन हो गया। इसी अवधि में निर्यात 29,600 मीट्रिक टन से बढ़कर 1,14,570.19 मीट्रिक टन पहुंच गया। भारत प्राकृतिक शहद के निर्यात में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। राजस्थान में शुरुआत भरतपुर, कोटा और श्रीगंगानगर तक सीमित थी, लेकिन अब 25 जिलों में मधुमक्खी पालन हो रहा है। सरसों में फूल आने के समय मधुमक्खियां छोड़ने से उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ता है। एक नजर में राजस्थान पंजीकृत मधुमक्खी पालक/संस्थाएं – 1197 पंजीकृत मधुमक्खी कॉलोनियां – 2,52,179 देश में हिस्सेदारी – करीब 10 फीसदी स्वीकृत परियोजनाएं – 584 राज्य के टॉप जिले जिला – कॉलोनियों की संख्या भरतपुर – 1,22,600 अलवर – 35,740 हनुमानगढ़ – 25,547 गंगानगर – 11,577 जहां फूल, वहीं मधुमक्खियों का डेरा मधुमक्खियां मौसम के साथ ठिकाना बदलती हैं। राजस्थान में पालक सालभर फूलों की उपलब्धता के अनुसार कॉलोनियां एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। नवंबर से जनवरी तक सरसों के खेत इनका प्रमुख ठिकाना रहते हैं। फरवरी-मार्च में धनिया और जंगली बबूल के फूलों के बीच पहुंचती हैं। अप्रेल-मई में रंजका और बरसीम के खेतों में इनका डेरा रहता है। 15 मई से जून तक फर्रुखाबाद और कन्रोज क्षेत्रों में मक्का-बाजरा के फूलों के बीच कॉलोनियां पहुंचती हैं। जुलाई से सितंबर तक भरतपुर-करौली के आसपास तिल और बाजरा के फूलों पर मधुमक्खियां मंडराती हैं। अक्टूबर में इनका कारवां ग्वालियर-शिवपुरी क्षेत्र में अजवाइन के खेतों तक पहुंच जाता है। कुछ पालक उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक कॉलोनियां लेकर जाते हैं। अभी भी राज्य की मधुमक्खियां भ्रमण पर हैं।

31 अक्टूबर से चंडीगढ़ में रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप, खिलाड़ियों को मिलेगा नेशनल तक पहुंचने का मौका

चंडीगढ़. शहर में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 48वीं चंडीगढ़ स्टेट रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएसएफआई) के तत्वावधान में होने वाली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मंच भी होगी। चैंपियनशिप को 64वीं नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2026-27 के लिए क्वालीफाइंग प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया जा रहा है। स्टेट चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन का अवसर मिलेगा। 64वीं नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन 5 से 15 दिसंबर तक कर्नाटक में किया जाएगा। ऐसे में चंडीगढ़ स्टेट चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। प्रतियोगिता में खिलाड़ी अपनी गति, तकनीक और खेल कौशल का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर की टीम में जगह बनाने का प्रयास करेंगे। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन के अनुसार, राज्य चैंपियनशिप का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने के साथ प्रतिभावान स्केटर्स की पहचान करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

सीधी में धर्म परिवर्तन का मामला, 3 लोगों पर FIR; प्रचार सामग्री बरामद

सीधी. धर्म परिवर्तन को लेकर मिली शिकायत के बाद बहरी थाना पुलिस ने जांच तेज करते हुए तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस टीम शिकायत की तस्दीक के लिए मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राजेन्द्र बहादुर सिंह, राजपति सिंह और गिब्सन थोमस के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 एवं 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया। बतादें कि मामला आज 19 सितंबर का है। फरियादी ने बहरी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीनों लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था। शिकायत मिलते ही बहरी थाना प्रभारी राजेश पाण्डेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की और जांच के दौरान पुलिस ने मौके से प्रचार-प्रसार में इस्तेमाल की जा रही सामग्री जब्त की। पुलिस ने जब्त सामग्री और मौके से मिले तथ्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं और मामले में अन्य कोई व्यक्ति या गतिविधि सामने आती है या नहीं। हरी थाना प्रभारी राजेश पाण्डेय ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

दुर्ग में अवैध कीटनाशक का कारोबार पकड़ा, बनाने और बेचने वाले आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग. जिले में फिर अवैध कीटनाशक निर्माण का मामला पकड़ में आया आया है। कृषि विभाग की टीम ने दुर्ग के गंजपारा में अवैध कीटनाशक निर्माण के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। महीने भर पहले ग्राम अमलेश्वर में भी करोड़ों के कीटनाशक का अवैध भंडारण पकड़ा गया था इसमें अवैध निर्माण की आशंका को लेकर विभाग ने मामले में नोटिस भी जारी किया था। उपसंचालक कृषि संदीप कोई के अनुसार कृषि विभाग की टीम ने जांच के दौरान बिना स्रोत लाइसेंस के एक कृषि केन्द्र में कीटनाशकों का विक्रय करना पाया था। इस पर उक्त कीटनाशक कहां से क्रय किया इसका पता लगाने विभाग की टीम लगाई तो पता चला निर्माणकर्ता इसकी रायपुर से विक्रय कर बिल में डोंगरगढ़ से मार्केटिंग करने का उल्लेख था। बाद में विभाग ने तह तक जाकर जांच की तो पता चला उक्त कीटनाशक का अवैध रूप से निर्माण गंजपारा दुर्ग में किया जा रहा है। कृषि विभाग की टीम द्वारा मामले में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यहां यह बताना लाजिमी है पूर्व में भी विभाग की काईवाई रायपुर नाका क्षेत्र अवैध कीटनाशक निर्माण को लेकर कार्रवाई हुई थी। वहीं 8 एवं 9 अगस्त को पाटन विकासखंड के ग्राम अमलेश्वर में कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के कीटनाशकों एवं जैव उत्प्रेरकों के अवैध भंडारण और विक्रय का मामला पकड़ा था। दो दिनों तक चली कार्रवाई में दो कंपनियों के अलग- अलग गोदामों से 50 से अधिक प्रकार के करीब 9 हजार 50 लीटर कीटनाशक तथा 4 हजार 56 किलो जैव उत्प्रेरक एवं संबंधित सामग्री जब्त की गई थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में अवसान तिथि के बाद की सामग्री, खाली कंटेनर, इस्तेमाल किए गए बोरे और 34 बोरी खाली रैपर भी बरामद हुए थे। उपसंचालक कृषि का कहना कि विभाग की टीम लगातार जांच की कार्रवाई कर रही है।

सूर्य घर योजना का बढ़ा लाभ, कैथल में 1,765 अंत्योदय परिवारों समेत 8,896 उपभोक्ता जुड़े

कैथल  प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आमजन के लिए आर्थिक राहत और ऊर्जा संरक्षण का प्रभावी माध्यम बन रही है। जिले में योजना को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 8 हजार 896 उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित कर इस योजना का लाभ उठाया है। इनमें 1765 अंत्योदय परिवार शामिल हैं। इस योजना से लोगों को बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है। योजना के तहत यदि कोई उपभोक्ता सोलर सिस्टम लगाने के लिए शुरुआत में पैसे नहीं है तो सरकार बैंकों के माध्यम से बिना किसी गारंटी या प्रापर्टी के न्यूनतम ब्याज दरों पर ऋण की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। निगम के अनुसार दो किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल प्रतिदिन लगभग 8 से 10 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। इस प्रकार एक माह में करीब 300 यूनिट तक बिजली उत्पादन संभव है, जो एक मध्यमवर्गीय परिवार की सामान्य मासिक बिजली खपत के लिए काफी हद तक पर्याप्त हो सकता है। इससे परिवारों के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। काफी फायदा हुआ है गांव बालू निवासी सतीश कुमार ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर पर सौर ऊर्जा पैनल लगवाया है। उन्हें केंद्र सरकार के साथ-साथ हरियाणा सरकार की ओर से भी सब्सिडी मिली। सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके बिजली बिल में काफी कमी आई है और अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। किसे कितनी मिलती है सब्सिडी बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने पात्रता और आय वर्ग के अनुसार सब्सिडी दी जाती है। अंत्योदय परिवार यानी जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है और वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट तक है, उन्हें दो किलोवाट तक का सोलर पैनल लगवाने पर केंद्र सरकार की ओर से 60 हजार रुपये तथा हरियाणा सरकार की ओर से 50 हजार रुपये, यानी कुल 1.10 लाख रुपये का अनुदान मिल सकता है। जिन परिवारों की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक है और बिजली खपत 2,400 यूनिट तक है, उन्हें दो किलोवाट तक के सोलर पैनल पर केंद्र सरकार से 60 हजार रुपये तथा हरियाणा सरकार से 20 हजार रुपये, यानी कुल 80 हजार रुपये का अनुदान मिल सकता है। तीन लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से एक किलोवाट पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा तीन किलोवाट तक 78 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है। पर्यावरण और जेब दोनों के लिए हितकारी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा संरक्षण और आम जनमानस को बिजली बिलों के भारी-भरकम बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए बहुत ही बेहतरीन योजना है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिल रही है बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि सब्सिडी की प्रक्रिया पारदर्शी हो और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिले।  

बच्चे को मिला सहभागिता का अधिकार बच्चे की इच्छा बनी आयोग की प्राथमिकता

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने 16 सितंबर 2026 को कवर्धा प्रवास के दौरान शासकीय बालक गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बाल गृह में निवासरत एक बालक का जन्मदिन होने की जानकारी मिली। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालक के साथ उसका जन्मदिन मनाया तथा उससे संवाद कर उसकी इच्छा और आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान बालक से जन्मदिन पर मिलने वाले उपहार के संबंध में पूछे जाने पर उसने संकोच एवं उत्साह के साथ साइकिल की इच्छा व्यक्त की। बालक की इच्छा को ध्यान में रखते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने उसे आश्वस्त किया कि उसकी पसंद के अनुसार साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग की अध्यक्ष द्वारा किए गए आश्वासन के अनुरूप दो दिन के भीतर बोड़ला कवर्धा के बाल विकास परियोजना अधिकारी  श्री नमन शर्मा द्वारा बालक को साथ लेकर उसकी पसंद की साइकिल का चयन कराया गया तथा साइकिल बालक को बालक गृह में उपलब्ध कराई गई।साइकिल प्राप्त होने के पश्चात आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालक से दूरभाष के माध्यम से संवाद किया। बातचीत के दौरान बालक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बाल अधिकारों में बच्चों की सहभागिता का महत्वपूर्ण स्थान है। बच्चों की बात सुनना, उनकी भावनाओं एवं इच्छाओं को महत्व देना तथा उनकी राय का सम्मान करना बाल अधिकार संरक्षण की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि बाल गृहों में निवासरत बच्चों को संरक्षण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व, भावनात्मक आवश्यकताओं और सहभागिता के अधिकार को भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

करमटोली में मिलेगा झारखंडी व्यंजनों का स्वाद, 51 डिसमिल जमीन पर फूड मार्केट की तैयारी

रांची करमटोली तालाब के समीप अतिक्रमण मुक्त कराई गई 51 डिसमिल सरकारी भूमि अब शहरवासियों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन सकती है। रांची नगर निगम इस जमीन पर सामान्य बाजार के बजाय झारखंडी व्यंजनों पर आधारित विशेष वेंडर्स फूड मार्केट विकसित करने की तैयारी में है। यहां लोगों को एक ही स्थान पर झारखंड के पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद उपलब्ध कराने की योजना है। भविष्य में इसे नाइट मार्केट के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। वार्ड संख्या 19 में स्थित इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद निगम की ओर से बाउंड्री वाल का निर्माण कराया गया है। शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं के साथ स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने जमीन और आसपास के क्षेत्र की उपयोगिता को देखते हुए अधिकारियों को विशेष वेंडिंग जोन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। सामान्य बाजार नहीं, झारखंडी खान-पान की पहचान बनेगी नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित बाजार को सामान्य वेंडिंग जोन की तरह विकसित करने के बजाय झारखंडी फूड मार्केट के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जाए। इसका उद्देश्य स्थानीय खान-पान और झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के साथ वेंडरों को व्यवस्थित और स्थायी व्यवसायिक स्थान उपलब्ध कराना है। पाथवे और पार्किंग समेत होंगी सुविधाएं नगर आयुक्त ने अभियंताओं को बाजार का ऐसा डिजाइन तैयार करने को कहा है, जिसमें लोगों की सुविधा और स्थल की सुंदरता दोनों का ध्यान रखा जाए। प्रस्तावित योजना में सुव्यवस्थित पाथवे, पार्किंग स्थल, शेड, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा पूरे परिसर को आकर्षक बनाने के लिए झारखंड की कला और संस्कृति से जुड़ी चित्रकारी भी कराई जाएगी। अधिकारियों को स्थल का ऐसा स्वरूप विकसित करने को कहा गया है, जो स्थानीय संस्कृति की झलक प्रस्तुत करे और लोगों के लिए सुविधाजनक भी हो। नगर आयुक्त ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल वेंडरों को दुकान लगाने की जगह देना नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवस्थित और सम्मानजनक व्यवसायिक स्थान उपलब्ध कराना भी है। वेंडिंग जोन विकसित होने से स्थानीय वेंडरों को रोजगार और आय का स्थायी माध्यम मिल सकेगा। नाइट मार्केट की भी संभावना नगर निगम भविष्य में करमटोली के इस प्रस्तावित फूड मार्केट को नाइट मार्केट के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी तलाश रहा है। यदि योजना मूर्त रूप लेती है तो शाम के बाद भी यहां लोग झारखंडी व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ क्षेत्र में गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं।  

52 सालों की रिसर्च में बड़ा खुलासा, पंजाब-हरियाणा में सामान्य से ज्यादा बढ़ रहा तापमान

अमृतसर. पंजाब और हरियाणा के मौसम में आ रहे अप्रत्याशित बदलावों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए 52 वर्षों (1971 से 2022) के व्यापक अध्ययन के अनुसार, पंजाब और हरियाणा अत्यधिक गर्मी, भीषण लू और उमस भरे वातावरण के सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं। पीयर-रिव्यू जर्नल 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लाइमेटोलॉजी' में प्रकाशित इस शोध में सात अलग-अलग मौसमी संकेतकों को मिलाकर तैयार किए गए 'क्लाइमेट एक्सट्रीम्स इंडेक्स' के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। यह अध्ययन 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लाइमेटोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। इसे मुख्य लेखक थोटा मोहन हैं उनके साथ एम. राजीवन, स्मृतिश्री लेंका, के. निरंजन कुमार, पी. रोहिणी और ओ.पी. श्रीजीत ने इसे तैयार किया है। थोटा मोहन खुद राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF) नोएडा, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पुणे और एट्रिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरु से संबद्धित हैं। इस शोध में 1971 से 2022 तक के IMD के ग्रिडेड वर्षा और तापमान आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, जिसकी प्रवृत्तियों की पुष्टि मान-केंडल (Mann-Kendall) विधि से की गई है। 2000 के बाद बढ़ा अत्यधिक गर्मी का दायरा अध्ययन के तथ्य बताते हैं कि वर्ष 2000 के बाद से पंजाब और हरियाणा में अत्यधिक गर्मी से प्रभावित भू-भाग का दायरा बढ़कर 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत या उससे अधिक हो गया है। इससे पहले के दशकों में यह दायरा बेहद कम हुआ करता था। अध्ययन के अनुसार, दिन का तापमान, ह्यूमिड हीट (उमस भरी गर्मी) और एक्सेस हीट फैक्टर (लू की गंभीरता) जैसे संकेतकों में देश के किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में पंजाब और हरियाणा में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। सघन सिंचाई और भूजल का बदला समीकरण वैज्ञानिकों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों में सघन सिंचाई भी गर्मी के पैटर्न को प्रभावित कर रही है। मानसूनी या प्री-मानसून समय में जब सिंचाई का पानी कम पड़ता है, तो भूमि-सतह का अत्यधिक गर्म होना और हवा में मौजूद नमी मिलकर उमस भरी गर्मी को कई गुना बढ़ा देती है।इसके अलावा, घटती मृदा नमी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से यह गर्मी लंबे समय तक बनी रहती है। रात के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी से बढ़ा जोखिम आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि पंजाब और हरियाणा में केवल दिन का ही नहीं, बल्कि रात का न्यूनतम तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। रात के समय में पर्याप्त शीतलन न होने के कारण मानव शरीर को गर्मी से राहत नहीं मिल पाती, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो रही हैं। इसके साथ ही, लगातार शुष्क रहने वाले दिनों (CDD) की संख्या में बढ़ोतरी ने कृषि, फसल चक्र और भूजल स्तर पर भी बुरा असर डाला है। विशेषज्ञों की चेतावनी: तत्काल कदम उठाने जरूरी शोधकर्ताओं का मानना है कि पंजाब और हरियाणा में स्थानीय चरम मौसमी घटनाओं का दायरा जिस तेजी से व्यापक हो रहा है, उसे रोकने के लिए अब क्षेत्र-विशिष्ट अनुकूलन रणनीतियां अपनानी होंगी। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र, जल प्रबंधन, कृषि नीतियों और बुनियादी ढांचे में तुरंत सुधार की जरूरत है। वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि क्लाइमेट एक्सट्रीम्स इंडेक्स का उपयोग हर साल परिचालन उपकरण के रूप में किया जाना चाहिए ताकि बढ़ते मौसमी जोखिमों की समय रहते निगरानी की जा सके। 1971–2022 के डेटा के अनुसार बदलावों के मुख्य कारण:- अधिकतम तापमान में वृद्धि: उत्तर-पश्चिम भारत में दिन के तापमान में सबसे तेज सकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की गई है, जिससे अत्यधिक गर्मी के दिन बढ़ रहे हैं। लू और हीट स्ट्रेस की अधिकता: हीट इंडेक्स और एक्सेस हीट फैक्टर में मजबूत बढ़ोतरी के कारण क्षेत्र में लगातार और तीव्र हीटवेव आ रही हैं। सूखे और शुष्क दिनों में बढ़ोतरी: लगातार शुष्क दिनों की संख्या और मानकीकृत वर्षा-वाष्पोत्सर्जन सूचकांक में वृद्धि से क्षेत्र में सूखे जैसी स्थितियां और भू-जल तनाव बढ़ रहा है। रात के तापमान में बदलाव: न्यूनतम तापमान के रुख और आर्द्रता में बदलाव के कारण रात के समय की गर्मी और ठंड के पेटर्न प्रभावित हो रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ में अस्थिरता: पश्चिमी विक्षोभों के पैटर्न में बदलाव और मानसून ब्रेक स्पेल बढ़ने के कारण वर्षा का वितरण अनियमित हो रहा है। मिट्टी की नमी और भूमि-सतह का गर्म होना: शुष्क जलवायु स्थितियों के साथ मिट्टी की नमी में कमी और भूमि-सतह के अधिक गर्म होने से स्थानीय मौसम में चरम स्थिति बन रही है। सिंचाई और कृषि का प्रभाव: गहन सिंचाई के कारण वायुमंडलीय आर्द्रता और स्थानीय ऊर्जा संतुलन प्रभावित होता है, जिससे तापमान और हीट स्ट्रेस के स्तर में बदलाव आता है।

भोपाल में सरेराह मर्डर से सनसनी, बाइक पर जा रहे युवक को सिर में मारी गोली

भोपाल. निशातपुरा थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रविवार सुबह दिनदहाडे चलती बाइक पर युवक को उसके ही दोस्त ने पिस्टल से सिर में गोली मार दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपित के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक 21 वर्षीय ताशी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता है, और प्राइवेट काम करता है। वह सुबह अपने दोस्त अलीम उर्फ अल्लू व एक अन्य साथी के साथ मछली पकड़ने के लिए जा रहा था। अलीम पीछे वाली सीट पर बैठा हुआ था, जबकि मृतक ताशी बीच और उसका तीसरा साथी बाइक चल रहा था। तभी रास्ते में अलीम ने अपना पास रखी पिस्टल उसके सिर में लगाकर गोली चला दी। गोली चलते ही तीनों बाइक से नीचे गिर गए। हमले में ताशी की मौके पर ही मौत हो गई।