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मानसून का असर: भोपाल मंडल से गुजरने वाली जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन की समय सारिणी में बदलाव

मानसून के दौरान भोपाल मंडल होकर होकर संचालित जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन की समय सारिणी कोंकण रेलवे में रहेगी परिवर्तित भोपाल  पश्चिम मध्य रेल से प्रारम्भ/टर्मिनेट होने वाली गाड़ी संख्या 02198/02197 जबलपुर-कोयंबटूर-जबलपुर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन का मानसून के दौरान कोंकण रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले स्टेशनों के समय सारिणी में आंशिक परिवर्तन किया गया है। इस परिवर्तित मानसून समय सारिणी का संचालन दिनांक 19 जून 2026 से प्रत्येक शुक्रवार को जबलपुर से तथा दिनांक 15 जून 2026 से प्रत्येक सोमवार को कोयंबटूर से किया जायेगा।  मानसून के दौरान यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में जबलपुर, नरसिंहपुर, गाडरवाड़ा, पिपरिया, इटारसी, हरदा, खण्डवा, भुसावल, नासिक रोड, पनवेल एवं रोहा स्टेशनों की समय सारिणी यथावत रहेगी यानि कोई बदलाव नहीं रहेगा। लेकिन कोंकण रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले दोनों दिशाओं के खेड़, चिपलुन, रत्‍नागिरी, कणकवली, कुडाल, थीवम, मडगाव जंक्शन, कारवार, कुमटा, मूकाम्बिका रोड, कुन्दापुरा, उडुपी, मुल्की, मंगलुरु जंक्शन, कासरगोड, कन्नूर, वडकरा, कोजीकोड, तिरूर, शोरनूर जंक्शन, पालक्काड जंक्शन (पालघाट) एवं कोयंबटूर जंक्शन रेलवे स्टेशनों के समय सारिणी में आंशिक परिवर्तन किया गया है।  उल्लेखनीय है की गाड़ी सांख्य 02198 जबलपुर-कोयंबटूर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन दिनांक 19 जून 2026 से 16 अक्टूबर 2026 तक (18 ट्रिप)  प्रत्येक शुक्रवार को जबलपुर से रात्रि 23:50 बजे प्रस्थान करेगी। मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन रविवार को शाम 17:10 बजे कोयंबटूर जंक्शन  स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी सांख्य 02197 कोयंबटूर-जबलपुर साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन दिनांक 15 जून 2026 से 19 अक्टूबर 2026 तक (19 ट्रिप) प्रत्येक सोमवार को कोयंबटूर से दोपहर 15:10 बजे प्रस्थान करेगी। मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन बुधवार को सुबह 08:45 बजे जबलपुर स्टेशन पहुंचेगी।  उपर्युक्त स्पेशल ट्रेन के परिवर्तित समय एवं ठहराव की विस्तृत जानकारी के लिए, कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in  पर जाएँ या एनटीईएस/रेलवन  ऐप पर अवलोकन कर सकते हैं।   

यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की तैयारी तेज, अधिकारियों को 2027 तक काम पूरा करने के निर्देश

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने यमुना नदी की स्वच्छता और जल गुणवत्ता में सुधार के लिए बड़े स्तर पर चल रहे प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यमुना एक्शन प्लान के तहत चल रहे और प्रस्तावित सभी सीवेज ट्रीटमेंट, औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं को 31 दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा किया जाए। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए रस्तोगी ने कहा कि राज्य सरकार यमुना और उसकी सहायक नालियों के प्रदूषण को कम करने तथा पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को दिए निर्देश उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की समय-सीमा का सख्ती से पालन करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 425 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) से अधिक सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता और 150 एमएलडी से अधिक औद्योगिक अपशिष्ट उपचार क्षमता बढ़ाने वाली कई परियोजनाएं मंजूरी, टेंडरिंग और निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यमुना में प्रदूषित जल के प्रवाह को काफी हद तक रोका जा सकेगा। क्या है सरकार की योजना     31 दिसंबर 2027 तक सभी यमुना एक्शन प्लान परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य।     425 एमएलडी से अधिक नई सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता जोड़ी जाएगी।     150 एमएलडी से अधिक औद्योगिक अपशिष्ट उपचार क्षमता विकसित होगी।     पानीपत, करनाल और सोनीपत में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी।     यमुना और सहायक नालियों में प्रदूषण कम करने पर सरकार का फोकस। कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। इनमें पानीपत के जट्टल रोड स्थित 10 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उन्नयन, करनाल के ग्रामीण क्षेत्रों में छह माइक्रो-एसटीपी की स्थापना, सोनीपत के नाथूपुर और कुंडली में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की योजना तथा रथधना एसटीपी के विस्तार की परियोजना शामिल हैं। इसके अलावा मुंगेशपुर नाले से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार के उपायों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि यमुना की सफाई केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सतत विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।

मध्य प्रदेश पर्यटन का बढ़ा मान, कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित

एमपी टूरिज्म को "कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता" पुरस्कार मुंबई में 10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 में किया गया सम्मानित पर्यटन विकास निगम की प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अद्वितीय टीम वर्क का परिणाम : प्रबंध संचालक यादव भोपाल मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने इवेंट, एक्जीबिशन और माइस के प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुंबई के सिडको एक्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित '10वें डेसेनियल एक्जीबिशन एक्सीलेंस अवार्ड्स (EEA) 2026' में एमपी टूरिज्म को "कॉन्फ्रेंस मैनेजमेंट में उत्कृष्टता" (Excellence in Conference Management) का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार देश के इवेंट, एक्जीबिशन और माइस (MICE – मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेसिंग एंड एक्जीबिशन) सेक्टर के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक दिलीप कुमार यादव ने टीम के साथ यह पुरस्कार ग्रहण किया।  प्रबंध संचालक यादव ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार पर्यटन विकास निगम की प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और अद्वितीय टीम वर्क का परिणाम है। मध्यप्रदेश पर्यटन लगातार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, आतिथ्य सेवाओं और आयोजन क्षमताओं को विश्वस्तरीय बना रहा है। राज्य में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर्स, बेहतरीन कनेक्टिविटी और बेमिसाल मेहमाननवाज़ी के कारण अब देश-विदेश के बड़े कॉर्पोरेट घराने और संगठन मध्यप्रदेश का रुख कर रहे हैं। महाप्रबंधक इवेंट्स विवेक जूड ने कहा कि पर्यटन निगम को यह राष्ट्रीय पुरस्कार राज्य में 20 से भी ज्यादा राष्ट्रीय और राज्य महत्व के बड़े सम्मेलनों के सफल प्रबंधन के लिए दिया गया है। निगम ने अपनी टीम के उत्कृष्ट प्रबंधन से MP Growth Summit 2025, MP Tech Growth Summit 2025, Regional AI Impact Summit 2025, Regional Industry and Employment Summit और Madhya Pradesh Mining Conclave जैसे बेहद महत्वपूर्ण और हाई-इम्पैक्ट सम्मेलनों का कुशलतापूर्वक संचालन किया है। यह राष्ट्रीय पुरस्कार न केवल पर्यटन निगम की कुशल प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह 'अतुल्य भारत का दिल' मध्यप्रदेश को बिजनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक अग्रणी ग्लोबल हब बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। भविष्य में इससे राज्य में आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और ज्ञान-आधारित बड़े आयोजनों को और अधिक गति मिलेगी।  

मध्य प्रदेश में बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी; इंदौर-उज्जैन में खिली रहेगी धूप

भोपाल  दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में अनुमान है कि मध्य प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच एंटर हो सकता है। इससे पहले प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। तेज आंधी, बारिश के साथ ओले भी गिर रहे हैं। शुक्रवार को श्योपुर में आंधी ने तबाही मचाई। अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच पानी गिर गया। सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। तापमान में गिरावट देखने को मिली। हालांकि, जून की बारिश में प्रदेश पिछड़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में औसत से 55% कम जबकि पश्चिमी हिस्से- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 2% बारिश ज्यादा हुई है। 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रह सकता है। इंदौर-उज्जैन संभाग में धूप का असर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा। इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बुरहानपुर, देवास, आगर-मालवा और शाजापुर समेत कई जिलों में तेज धूप निकलने के आसार हैं। बारिश के आंकड़ों में अभी भी पीछे प्रदेश हालांकि प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है, लेकिन जून महीने में प्रदेश का कुल वर्षा रिकॉर्ड अभी सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की कमी सबसे ज्यादा बनी हुई है। कई जिलों में तापमान सामान्य रहा फिलहाल, प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन बारिश और बादलों की वजह से आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है. मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है. इसके अलावा लोगों को सलाह दी गई है कि तेज आंधी, बिजली गिरने और बारिश के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहें।  कई जिलों में गरज-चमक के आसार मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, शाजापुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, रीवा, सतना, शहडोल, दमोह, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, सागर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है. आईएमडी के अनुसार, दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है।  बारिश से लुढ़का तापमान प्री-मानसून बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। रीवा में 7.3 डिग्री, सतना में 6.6 डिग्री और ग्वालियर में 5.8 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है और अगले तीन से पांच दिनों में मध्य प्रदेश में इसकी एंट्री हो सकती है। मानसून के आगमन के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।  आज भिंड-दतिया में तेज आंधी मौसम विभाग के मुताबिक, भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर में बारिश के साथ तेज आंधी चल सकती है। जिसकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की संभावना है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर रहेगा। वहीं, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर में तेज धूप खिली रहेगी।  

स्कूल खुलने से पहले खास तैयारी: ड्रॉपआउट बच्चों की वापसी पर फोकस, छात्रों को मिलेंगी फ्री किताबें और यूनिफॉर्म

रायपुर  छत्तीसगढ़ में गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल 16 जून से ही खुलेंगे। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी किया है। सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 16 जून 2026 से पढ़ाई शुरू होगी। आदेश के मुताबिक, प्रदेश में 20 अप्रैल से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया था। छुट्टियां खत्म होने के बाद नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 का नियमित संचालन 16 जून से शुरू किया जाएगा। इससे पहले गर्मी के कारण स्कूल खुलने में देरी की अटकलें लगाई जा रही थी। स्कूल खुलने के साथ ही एडमिशन फेस्ट होगा। तिलक लगाकर बच्चों का स्वागत किया जाएगा। नए बच्चों के एडमिशन के लिए गांवों-शहरों में मुनादी की जाएगी। पात्र विद्यार्थियों को फ्री किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल बांटी जाएगी। साथ ही ड्रॉपआउट बच्चों को वापस लाने स्पेशल प्लान तैयार किया गया है। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स का सम्मान किया जाएगा। वहीं प्राइवेट स्कूलों को तय शेड्यूल के अनुसार फ्री किताबें दी जाएगी। किताबों का वितरण 12 डिपो (6 स्थायी और 6 अस्थायी) के जरिए किया जाएगा। स्कूलों में मनाया जाएगा एडमिशन फेस्ट 16 जून से शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को इसकी तैयारी के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। विभाग का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करना, पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को वापस स्कूल से जोड़ना और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना है। निर्देशों के अनुसार, स्कूल खुलने से पहले परिसर, कक्षाओं और भवनों की साफ-सफाई और आवश्यक मरम्मत का काम पूरा किया जाएगा। शाला प्रवेश उत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए बैनर, पोस्टर, रैली और मुनादी का उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समितियों और अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को लाने स्पेशल प्लान विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची लेकर पहली कक्षा में प्रवेश की तैयारी करने और पांचवीं पास विद्यार्थियों का छठवीं कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षकों के पेंडिंग मामलों के निराकरण और आगामी 3 महीनों की पढ़ाई की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। शाला प्रवेश उत्सव के दौरान पात्र विद्यार्थियों को फ्री किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल बांटी जाएगी। बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा। वहीं पहली बार स्कूल आने वाले बच्चों का विशेष स्वागत किया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों को तय शेड्यूल के अनुसार मिलेंगी फ्री किताबें नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश के गैर अनुदान प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को कक्षा 1 से 10वीं तक की हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की मुफ्त पाठ्यपुस्तकें तय कार्यक्रम के अनुसार दी जाएंगी। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर वितरण योजना तैयार की है। निगम के अनुसार, किताबों का वितरण 12 डिपो (6 स्थायी और 6 अस्थायी) के माध्यम से किया जाएगा। स्कूलों को निर्धारित तारीख पर अपने प्रतिनिधि को भेजकर किताबें लेनी होंगी। यदि कोई स्कूल तय दिन नहीं पहुंच पाता है, तो उसे बाद में भी किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्थायी डिपो में रिजर्व डे भी रखा गया विभाग ने बताया कि किसी तकनीकी या अन्य कारण से वितरण प्रभावित होने पर स्कूलों को टोकन नंबर दिया जाएगा और अगले दिन प्राथमिकता के आधार पर किताबें दी जाएंगी। अस्थायी डिपो में इसके लिए रिजर्व डे भी रखा गया है। सुबह 10 बजे से दी जाएगी किताबें भीड़ से बचने के लिए स्कूल संचालक डिपो प्रभारी से संपर्क कर अलग समय निर्धारित कर सकते हैं। किताबों का वितरण हर दिन सुबह 10 बजे से शुरू होगा। जरूरत पड़ने पर रविवार और सरकारी अवकाश के दिन भी किताबें दी जाएगी। पाठ्यपुस्तक निगम ने कहा है कि किताबों का वितरण डीपीआई की उपलब्ध कराई गई छात्र संख्या और ऑनलाइन दर्ज आंकड़ों के आधार पर होगा। यदि किसी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या में बदलाव हुआ है, तो इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को देनी होगी।

पंजाब की राजनीति में हलचल: केजरीवाल बोले- नवंबर में हो सकते हैं चुनाव, बताया AAP का मुख्यमंत्री उम्मीदवार

चंडीगढ़  दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 के बजाय इस साल नवंबर में हो सकते हैं। वहीं केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के सीएम कैंडिडेट के नाम की घोषणा भी कर दी है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान को पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर भी पेश किया और कहा हमें उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाना है। केजरीवाल ने बठिंडा में मुख्यमंत्री भगवंत मान, आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा सहित अन्य नेताओं के साथ रोड शो को संबोधित किया। उन्होंने पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी के शानदार प्रदर्शन के लिए लोगों का आभार जताया। बता दें कि बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के चार पार्षद बरनाला, मोगा, बटाला और बठिंडा नगर निगमों के महापौर निर्वाचित हुए। केजरीवाल ने कहीं ये बातें     केजरीवाल ने कहा कि मुझे बताया गया है कि चुनाव फरवरी 2027 के बजाय नवंबर 2026 में होंगे। ऐसे में अब केवल चार महीने बचे हैं। हमें अभी से काम में जुट जाना चाहिए और भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।’     केजरीवाल ने नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के लिए लोगों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों की कुल 1,977 वार्ड सीटों में से 958 पर जीत दर्ज की है।     केजरीवाल ने दावा किया कि पंजाब में आप चार साल से सरकार चला रही है और लोग इसके शासन से खुश हैं।’ क्या बोले भगवंत मान वहीं सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहाकि पंजाब के लोगों को यह जानना चाहिए कि हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस ने मिलकर मुकाबला किया था। इन दलों ने अपने संसाधन साझा किए, रणनीतियों में तालमेल बिठाया और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ पर्दे के पीछे एकजुट होकर अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि ईमानदार सरकार से ये दल घबराए हुए थे, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था कि यदि ‘आप’ की जनसेवा की यात्रा इसी तरह जारी रही, तो भ्रष्टाचार की उनकी दुकानें हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी। लेकिन पंजाब की राजनीतिक रूप से जागरूक और दूरदर्शी जनता ने इस गठजोड़ की हकीकत को समझ लिया और ‘आप’ के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया।  

भजनलाल सरकार का फैसला: SSO ID से पेंशन वेरिफिकेशन हुआ आसान

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने पेंशन से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं. पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसलों के बाद, अब 'राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1996' में संशोधन के आधिकारिक आदेश शनिवार को जारी कर दिए गए हैं. राज्यपाल की मंजूरी मिलने के साथ ही नई अधिसूचना भी लागू हो गई है. आइए जानते हैं कि ये बदलाव क्या हैं और आपको इनका सीधा फायदा कैसे मिलेगा. चेहरा दिखाकर जमा होगा 'जीवन प्रमाण पत्र' अब पेंशनरों को अपना जीवितता प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने के लिए दफ्तरों या बैंकों की लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा. सरकार ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को मंजूरी दे दी है. इसका मतलब है कि अब पेंशनर नई तकनीक की मदद से सिर्फ अपना चेहरा स्कैन करके आसानी से अपना जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे. SSO ID के जरिए वेरिफिकेशन हुआ आसान पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को भी पहले से काफी सरल कर दिया गया है. नए नियम के तहत, अब चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) से ऊपर के कर्मचारी अपनी एसएसओ आईडी (SSO ID) का उपयोग कर सकेंगे. वे इसके जरिए ई-साइन (e-Sign) करके पेंशनरों के जीवन प्रमाण पत्र को तुरंत प्रमाणित कर सकते हैं. दिव्यांग बच्चों की आजीवन पेंशन से जुड़े नियमों में बदलाव सरकार ने दिव्यांगों को मिलने वाली आजीवन पारिवारिक पेंशन के प्रावधानों में भी जरूरी संशोधन किए हैं. नए नियमों के मुताबिक, अब दिव्यांगता का प्रमाण पत्र किसी सक्षम प्राधिकारी या विशेषज्ञों के मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया हुआ ही पूरी तरह से मान्य होगा. अगर दिव्यांगता परमानेंट है, तो यह प्रमाण पत्र जिंदगी में सिर्फ एक बार ही प्रस्तुत करना होगा. लेकिन, अगर अस्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हर 3 साल के बाद नया प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा.

पार्सल-ओटीपी के नाम पर ठगी की कोशिश, कॉल पर गाली-गलौज और धमकी का मामला

पटना   बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को फोन पर अपशब्द कहने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने वाले शातिर बदमाश के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पटना साइबर थाने की पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर धमकी देने वाले मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है। मिली जानकारी के मुताबिक, जिस मोबाइल फोन से उपमुख्यमंत्री को धमकी भरे कॉल किए गए थे, पुलिस ने उसे शेखपुरा के एक घर में छापेमारी कर जब्त कर लिया है। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही धमकी देने वाला शातिर आरोपी फिलहाल फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पार्सल और ओटीपी के नाम पर ठगी का प्रयास यह पूरी घटना सरकारी महकमे से लेकर आम जनता के बीच भारी चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, बदमाशों द्वारा सीधे सूबे के उपमुख्यमंत्री से ही पार्सल के नाम पर साइबर ठगी करने का प्रयास किया गया था। घटना वाले दिन डिप्टी सीएम को एक अनजान नंबर से कॉल आया और कॉलर ने उनसे कहा कि आपकी एक पार्सल बुकिंग आई है। जब उन्होंने साफ लहजे में कहा कि उनका कोई पार्सल बुक नहीं है और यह कहकर कॉल काट दिया, तो बदमाश ने उन्हें दोबारा फोन घुमा दिया। इस बार कॉलर ने बेहद शातिर अंदाज में कहा कि आपके नंबर पर एक ओटीपी गया है, उसे जल्दी दीजिए। जब डिप्टी सीएम ने फिर से मना कर दिया, तो अपराधी अपना आपा खो बैठा और फोन पर ही उनके साथ बदतमीजी व गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दे डाली। साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने शुरू की जांच इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री के निजी सचिव वीरेंद्र कुमार ने बिना कोई वक्त गंवाए पटना के साइबर थाने में एक लिखित शिकायत देकर आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद हरकत में आई साइबर पुलिस की टीम ने जब मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया, तो उसके तार सीधे शेखपुरा जिले से जुड़े मिले। मामले की पुष्टि करते हुए साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि जब्त किए गए मोबाइल फोन की कड़ाई से तकनीकी छानबीन की जा रही है। शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस मोबाइल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर लोगों से ऑनलाइन साइबर ठगी करने के लिए किया जा रहा था। डीएसपी ने साफ कहा है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे सिंडिकेट और इसकी असली सच्चाई का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सकेगा।

जोरहाट एयरबेस हादसा: AN-32 विमान दुर्घटना में भोजपुर के अग्निवीर दानिश आलम शहीद

 कोईलवर (आरा)  असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायु सेना का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कायमनगर गांव निवासी अग्निवीरवायु दानिश आलम वीरगति को प्राप्त हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि दुर्घटना में वायु सेना के दो अधिकारियों और दो अग्निवीरवायु समेत कुल पांच जवानों की मौत हुई है। 22 वर्षीय दानिश आलम, मोहम्मद फारूक आलम और अख्तरी बेगम के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता गीधा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। बचपन से ही देश सेवा का था सपना परिवार में दो बड़ी बहनें शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। स्वजनों ने बताया कि दानिश का बचपन से ही सैनिक बनकर देश सेवा करने का सपना था। अग्निवीरवायु में चयन के बाद उन्होंने 29 जून 2025 को बिहटा एयर फोर्स स्टेशन में योगदान दिया था। इसके बाद तीन जुलाई को प्रशिक्षण के लिए बेलगांव (कर्नाटक) भेजे गए थे। पिछले वर्ष अक्टूबर से वे जोरहाट में तैनात थे। परिवार के अनुसार, दानिश 23 मई को छुट्टी लेकर घर आए थे और 30 मई को वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। अब उनके शहीद होने की खबर से पूरा परिवार सदमे में है। 30 मई को ही ड्यूटी पर लौटे थे दानिश भारतीय वायु सेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत भी वीरगति को प्राप्त हुए हैं। दानिश की शहादत की खबर मिलते ही कायमनगर गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग और रिश्तेदार लगातार उनके घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।

जापानी मियाजाकी आम की खेती पूर्वांचल में, 2 लाख रुपये किलो तक पहुंची कीमत

लखनऊ  यूपी के पूर्वांचल की धरती पर अब दुनिया का सबसे महंगा आम उगेगा। आजमगढ़ में जापान के प्रसिद्ध मियाजाकी आम का मदर प्लांट तैयार हो रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र लैदौरा इस आम के पेड़ से कलम तैयार करने में जुटा है। ऐसे में दो लाख रुपये किलो वाला मियाजाकी आम जिले की पहचान बनेगा। वहीं सोनभद्र में भी एक व्यक्ति ने अपने बाग में मियाजाकी आम का पौधा लगाया है। जापान का प्रसिद्ध मियाजाकी आम दुनिया का सबसे महंगा आम है। स्वाद और खुशबू में लाजवाब होने के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जापानी मियाजाकी आम की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। स्थानीय बाजार में भी इसकी कीमत 70 हजार रुपये से दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक रहती है। कृषि विज्ञान केंद्र लैदौरा में मियाजाकी आम के पौधे तैयार किए गए हैं। इनका प्रयोग मदर प्लांट के रूप में किया जा रहा है। उद्यान वैज्ञानिक मदर प्लांट के पौधों से कलम तैयार कर मियाजाकी आम के पौधे लोगों को मुहैया कराएंगे। कलम से तैयार पौधे तीन से पांच साल में फल देने लगेंगे जबकि बीज वाले पौधे लगाने पर फल आने में करीब 10 साल का समय लग जाता है। लाल-जामुनी और हरे रंग का मिश्रण है खासियत मियाजाकी की पैदावार सोनभद्र के छपका गांव में भी हो रही है। गहरा लाल-जामुनी और हरे रंग का मिश्रण इस आम की खासियत होती है। वरिष्ठ अधिवक्ता उमेशधर दुबे ने पिछले साल 15 अगस्त को इसका पौधा लगाया था। इसका छिलका चमकदार होता है और स्वाद में बहुत मीठा होता है। कब लगा सकते हैं पौधे लैदौरा के प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि दुनिया के सबसे महंगे आम जापानी मियाजाकी का पौधा तैयार किया गया है। पुणे की नर्सरी से लाकर इसे लगाया गया है। इसका प्रयोग मदर प्लांट के तौर पर किया जाएगा। कलम से तैयार पौधों को लगाने का सही समय जुलाई से सितंबर तक होता है। पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में है नर्सरी अभी तक पश्चिम बंगाल के कोलकाता की एग्रो नर्सरी, ग्रीनरी नर्सरी ठाकुरनगर और महाराष्ट्र के पुणे स्थित नर्सरी ही इस जापानी मियाजाकी आम के पौधे उपलब्ध कराती हैं। जापानी मियाजाकी आम का एक पौधा 1500 से 5000 रुपये तक में मिलता है। मध्य प्रदेश के जबलपुर और ओडिशा में भी इसकी खेती होने लगी है। आजमगढ़ के चार ब्लॉकों रानी की सराय, मिर्जापुर, अहरौला और पवई में प्रमुखता से आम की खेती होती है। इन चार ब्लॉकों के करीब 12 प्रतिशत क्षेत्रफल में आम के बाग मौजूद हैं।