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मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित रायपुर  मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को अगस्त माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।               मुख्य सचिव ने कहा कि मंत्रालय में 10 बजे से पूर्व आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मुख्य सचिव ने कहा कि अटेंडेंस एवं ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रशंसा पत्र पाने में महिला अधिकारी अग्रणी है। मुख्य सचिव ने प्रशंसा पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्य सचिव ने बताया कि आगामी मूल्यांकन में 1 अप्रैल 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक की अवधि का संचयी (क्यूमुलेटिव) आकलन किया जाएगा। इसके लिए ई-ऑफिस एवं कार्यालयीन उपस्थिति के आधार पर मंत्रालय में स्कोरबोर्ड तैयार किया जाएगा। जिससे सभी अपने प्रदर्शन का आकलन कर बेहतर कार्य के लिए प्रेरित हो सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने में ई-ऑफिस की महत्वपूर्ण भूमिका है।  विभागीय श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन             ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागों में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग द्वितीय तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग तृतीय स्थान पर रहा। मुख्य सचिव ने संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी, सहायक अनुभाग अधिकारी, वरिष्ठ सचिवालय सहायक, कनिष्ठ सचिवालय सहायक तथा अन्य कर्मचारियों को भी ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए। संयुक्त सचिव श्रेणी में आदिम जाति विकास विभाग के भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के अनुपम त्रिवेदी द्वितीय तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के गजपाल सिंह सिकरवार तृतीय स्थान पर रहे।            उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के दूरदेशी राम सोन्टापर प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय तथा वाणिज्यिक कर (आबकारी एवं पंजीयन) विभाग के शिव कुमार सिंह तृतीय स्थान पर रहे।           अवर सचिव श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के कैलाश कुमार नेताम प्रथम, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अरूण कुमार मिश्रा द्वितीय पर तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के मगन लाल पवार तृतीय स्थान पर रहे।             अनुभाग अधिकारी श्रेणी में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मनीराम रात्रे प्रथम स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वीरेन्द्र कुमार द्वितीय स्थान पर तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिलाम्बर ओहोदर तृतीय स्थान पर रहे।            सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मोहम्मद शाहिर अंसारी प्रथम स्थान पर, श्रम विभाग के गोपाल प्रसाद चंद्रा द्वितीय स्थान पर तथा सामान्य प्रशासन विभाग-4 के जलेश राम तृतीय स्थान पर रहे।             वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मुकेश राम प्रधान प्रथम स्थान पर, आदिम जाति विकास विभाग की सुअंजू दत्ता द्वितीय स्थान पर तथा आदिम जाति विकास विभाग की सुप्रमिला यादव तृतीय स्थान पर रहीं।              कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के रामकुमार सिंह प्रथम स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रभु सिंह राठिया द्वितीय स्थान पर तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संदीप कुमार तारम तृतीय स्थान पर रहे।             टेक्निकल सेक्शन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के जगन्नाथ साहू प्रथम स्थान पर, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की श्रीमती माया देवांगन द्वितीय स्थान पर तथा आदिम जाति विकास विभाग के स्मीत कुमार गुप्ता तृतीय स्थान पर रहे।            समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए सहायक अनुभाग अधिकारी आलोक जोशी, सहायक अनुभाग अधिकारी अमृत टोप्पो, संयुक्त सचिव अनुपम त्रिवेद्वी, निज सचिव श्रीमती आराधना साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी बागेश कुमार धु्रव, सहायक ग्रेड-2 भूवनेश्वर साहू, उप सचिव श्रीमती क्लेमेनटिना लकड़ा, सहायक अनुभाग अधिकारी देवेन्द्र साहू, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव, निज सहायक दुष्यंत कुमार साहू, उप सचिव श्रीमती हेमिन बाघे, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती कांती सूर्यवंशी, सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा, सहायक अनुभाग अधिकारी सुमीरा, वरिष्ठ सचिवालय सहायक मेलू राम धु्रव, कनिष्ठ सचिवालय सहायक मोहन लाल यादव, अवर सचिव ओम प्रकाश पात्रे, सहायक अनुभाग अधिकारी पवन कुमार साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी पीयूष वैरागड़े, कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रदीप राय, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती प्रमिला यादव, भृत्य राज कुमार सोरी, अवर सचिव राजीव कुमार झड़े, वरिष्ठ सचिवालय सहायक राजेश कुमार टोप्पो, स्टेनोटायपिस्ट सुराखी सिदार, अनुभाग अधिकारी संदीप कुमार शेंडेे, सहायक अनुभाग अधिकारी संतोष महिलांग, अनुभाग अधिकारी शिव कुमार गोड़, वरिष्ठ सचिवालय सहायक सोहन लाल साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती सुधा शेंडे, अनुभाग अधिकारी सुनील मैत्री, अनुभाग अधिकारी सुसुनीता गौतम, भृत्य सुरेन्द्र कुमार साहू, कनिष्ठ सचिवालय सहायक विनित चंद्रवंशी, सहायक अनुभाग अधिकारी विनोद कुमार अथंकर को सम्मानित किया गया।             जून, जुलाई, अगस्त माह के ई-ऑफिस रैंकिंग में प्रथम स्थान पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, दूसरे स्थान पर आदिम जाति विकास विभाग तथा तीसरे स्थान पर गृह विभाग रहा। जून, जुलाई, अगस्त माह के ई-ऑफिस रैकिंग में प्रथम स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-1 के अवर सचिव कैलास कुमार नेताम, द्वितीय स्थान पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव दूरदेशी राम सोनटापर, तृतीय स्थान पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रभु सिंह राठिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव पूरन लाल साहू चौथे स्थान पर तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अरूण कुमार मिश्रा पांचवे स्थान पर रहें।             जून, जुलाई, अगस्त माह के अटेंडेंश रैंकिंग में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव, उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा, सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक मेलू राम धु्रव, सामान्य प्रशासन विभाग की स्टेनोटायपिस्ट सुराखी सिदार, विमानन विभाग की सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती सुधा शेंडे प्रथम स्थान पर रहें।

बिहटा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में तेजी, निर्माण गतिविधियों और अतिक्रमण की होगी समीक्षा

पटना बिहटा एयरपोर्ट से विमान परिचालन को लेकर आ रहीं कठिनाइयों को जल्द दूर किया जाएगा। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बुधवार को इससे जुड़ा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। बैठक में बिहटा एयरफोर्स स्टेशन की ओर से ग्रुप कैप्टन अश्विनी कुमार ने विमानों के सुचारू परिचालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को प्रस्तुत किया। 100 मीटर में निर्माण गत‍िव‍िध‍ियों की होगी समीक्षा इनमें बिहटा हवाई अड्डा के रनवे के एप्रोच फनल में अनधिकृत निर्माणों की पहचान, एयरफोर्स स्टेशन की बाहरी दीवार के शिखर से 100 मीटर के दायरे में निर्माण गतिविधियों की समीक्षा, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मानसूनी नालियों के अतिक्रमण एवं अवरोध का निराकरण आदि के मुद्दे शामिल रहे। इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन, बिहटा से सटी भूमि के आवंटन तथा रक्षा भूमि के म्यूटेशन में प्रशासनिक सहयोग और नवनिर्मित 33 केवी फीडर लाइन को एयरफोर्स स्टेशन के लिए समर्पित किए जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। समन्‍वय स्‍थाप‍ित कर पूरा करें काम प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बैठक में संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग प्रभाग) के. सुहिता अनुपम तथा विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि‍ करीब 1400 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्‍ट का काम अप्रैल 2027 तक पूरा करना है। इसके तहत दो मंज‍िला टर्मिनल, 10 विमानों के लि‍ए हैंगर, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है।  

शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना-मुख्यमंत्री

विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना-मुख्यमंत्री असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदी के लिए अब 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपए की मिलेगी सहायतामुख्यमंत्री 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित 100 श्रमिक दीदियों को मिली ई-रिक्शा की चाबी, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना श्रमिक परिवार की प्रतिभावान बेटी मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार श्रमिक बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने किया दोपहर का भोजन, आत्मीय संवाद कर जाना परिवार का हाल-चाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रज्ज्वलित किया ‘आशीर्वाद का दीया’ रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक, सड़कों और पुलों से लेकर सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों और अधोसंरचना के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति की हर तस्वीर में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है। छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 25 वर्षों में विकास के जो नए प्रतिमान स्थापित किए हैं, उनके पीछे हमारे मेहनतकश हाथों का बड़ा योगदान है। यही हाथ आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी साकार करेंगे। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के आराध्य हैं। वे हमें श्रम के सम्मान और अपने हुनर पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। सही मायनों में हमारे श्रमिक भाई-बहन ही विकसित छत्तीसगढ़ के विश्वकर्मा हैं। राज्य सरकार श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच स्पष्ट है कि विकास का लाभ उस श्रमिक तक भी पहुंचे, जिसके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है। श्रमिक को उसके परिश्रम का पूरा सम्मान मिले, उसे सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिले, परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बने और उसके बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें – इसी उद्देश्य के साथ सरकार श्रमिक कल्याण की योजनाओं को लगातार विस्तार दे रही है। श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की तीन बड़ी घोषणाएं मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिक भाई-बहनों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है। मुख्यमंत्री साय ने असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे परंपरागत रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, अपनी आय बढ़ाने और स्वरोजगार को अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर एक सशक्त श्रमिक परिवार का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है। 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की। उन्होंने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनके बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण तक जीवन के विभिन्न चरणों में ये योजनाएं श्रमिक परिवारों का संबल बन रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र के साथ श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संसाधनों की कमी किसी श्रमिक परिवार के प्रतिभावान बच्चे के सपनों की राह में बाधा न बने। श्रमिक का बच्चा भी देश के श्रेष्ठ विद्यालय में पढ़े, उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर जीवन में ऊंची उड़ान भरे – सरकार इसी संकल्प के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में … Read more

विश्वकर्मा जयंती पर कृष्णा गौर बोलीं- युवा पीढ़ी धर्म और गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ा रही

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनका अद्वितीय ज्ञान, कौशल और निर्माण क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है और उनकी जयंती हमें सृजन, परिश्रम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यमंत्री गौर विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोविंदपुरा क्षेत्र के बागसेवनिया स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा 'विकसित भारत' का संकल्प राज्यमंत्री गौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मोत्सव पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश में निर्माण और विकास की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री मोदी समाज के सभी वर्गों के कल्याण और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रताप बारे, प्रदीप पाठक, रामबाबू पाटीदार, सुरेंद्र पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

काशी में PM मोदी के जन्मदिन का खास आयोजन, योगी-राजनाथ समेत NDA नेताओं ने की पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर काशी में जुटे भाजपा और एनडीए के दिग्गज, बाबा विश्वनाथ से मांगा स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद   मुख्यमंत्री योगी, राजनाथ सिंह, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और पंकज चौधरी ने की विशेष पूजा-अर्चना   17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान, काशी में पूजन और सम्मान कार्यक्रम   मुख्यमंत्री योगी बोले- आज हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का दिन, प्रधानमंत्री मोदी काशी के सांसद भी   बटुकों, तीर्थ पुरोहितों और स्वच्छता प्रहरियों का सम्मान, अंगवस्त्रम, दक्षिणा और प्रसाद किया भेंट   बड़नगर से काशी पहुंचे बाइकर्स से मुख्यमंत्री योगी ने किया संवाद, प्रसाद का भी हुआ वितरण   वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार को काशी में भाजपा और एनडीए के दिग्गज जुटे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के अर्चक श्रीकांत शर्मा ने षोडशोपचार विधि से पूजन संपन्न कराया। सभी ने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। यह आयोजन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य का दिन है। भारत के प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर बाबा विश्वनाथ धाम में पूजन कर उनके स्वस्थ रहने की कामना की गई। यहां के पुरोहितों और आचार्यों का सम्मान किया गया। बड़नगर से काशी तक बाइक रैली में शामिल बाइकर्स से संवाद कर प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम में सेवा देने वाले सफाई कर्मचारियों का भी सम्मान किया गया।   17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसी अभियान के तहत काशी में विशेष पूजन-अर्चन, बटुकों और तीर्थ पुरोहितों के सम्मान, स्वच्छता प्रहरियों के नागरिक अभिनंदन और बड़नगर से काशी पहुंचे बाइकर्स से संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया।   बटुकों और तीर्थ पुरोहितों का सम्मान विशेष पूजन के बाद मंदिर परिसर में मंगलाचरण करने वाले बटुकों और तीर्थ पुरोहितों का सम्मान किया गया। उन्हें अंगवस्त्रम और दक्षिणा प्रदान की गई। विश्वनाथ धाम में सेवा देने वाले स्वच्छता प्रहरियों का भी नागरिक अभिनंदन किया गया। उन्हें प्रसाद, अंगवस्त्रम और दक्षिणा भेंट की गई। सम्मान और प्रसाद की सामग्री पर्यावरण अनुकूल जूट के झोलों में वितरित की गई।   प्रधानमंत्री आजीवन स्वस्थ रहें : राजनाथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर काशी में पूजा-अर्चना की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के आजीवन स्वस्थ रहने की कामना की, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।   देश को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व : नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाना खुशी और गर्व की बात है। देश को प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व है और उन्होंने देश को बहुत गौरव दिलाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 25 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।   कार्यक्रम में सेवा संकल्प यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक बीडी शर्मा और बनारस यात्रा के संयोजक जेपीएस राठौर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

रक्तदान को लेकर CM डॉ. यादव की अपील, बोले- इससे बच सकती है किसी की जिंदगी

रक्तदान है जीवन का सबसे बड़ा दान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 290 स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ भोपाल के शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में हुआ आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय, भोपाल में आयोजित 'सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम' के तहत रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदान करने वाले प्रतिभागियों की कुशलक्षेम पूछी तथा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदाताओं से भेंट कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसन्नता का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा के सम्मान में मध्यप्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 290 से अधिक स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए हैं। शिविरों में अब तक 6 हजार 744 यूनिट रक्तदान किया जा चुका है। इस संख्या में शाम तक लगातार बढ़ोत्तरी होगी। रक्तदान जीवन का सबसे बड़ा दान है, जिससे जरूरतमंदों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध होती है और अनेक जीवन बचाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर उनके स्वस्थ और शतायु जीवन की बाबा महाकाल से कामना करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय में मीडिया से चर्चा में यह जानकारी दी। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक, मेडिकल विद्यार्थी उपस्थित थे। 

दिल्ली PG हादसा: हाई कोर्ट ने कहा- लापरवाही और आपराधिक व्यवहार का नतीजा नजर आती है घटना

नई दिल्ली सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने से हुई सात लोगों की मौत के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने घटना को महज हादसा मानने से इनकार किया। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने बुधवार को कहा कि यह घटना लापरवाही और आपराधिक व्यवहार का नतीजा नजर आती है। कोर्ट ने स्टूडेंट्स के सुरक्षित आवास की लंबे समय से चली आ रही समस्या पर भी गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि छोटे शहरों से अपने करियर और बेहतर भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए सुरक्षित आवास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बेंच ने कहा कि राजधानी में छात्रों के आवास की समस्या पिछले 20 से 25 सालों से बनी हुई है। कोर्ट ने संकेत दिया कि घटना के बाद की गई कार्रवाई से इस मूल समस्या का समाधान नहीं होगा     सत्य निकेतन में इमारत को तोड़ने का काम जारी     12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर पास     आज भी कार्रवाई जारी रहने के हैं आसार सत्य निकेतन PG हादसे पर हाई कोर्ट में सुनवाई यह टिप्पणी दानवीर राठी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान आई। याचिका में सत्य निकेतन और दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के आसपास चल रहे PG आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच, स्वतंत्र जांच और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे व पुनर्वास की मांग की गई है। कोर्ट ने इससे पहले 7 सितंबर को MCD को घटना की उच्चस्तरीय जांच करने का निर्देश दिया था। 25 सितंबर को होगी इस मामले में सुनवाई यह मामला 6 सितंबर को सत्य निकेतन में बहुमंजिला लड़कों के PG बिल्डिंग के गिरने से जुड़ा है। हादसा मरम्मत कार्य के दौरान हुआ था। इसमें सात लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। मृतकों में स्टूडेंट्स और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर शामिल थे। हाई कोर्ट ने लंबित एक अन्य याचिका के साथ जोड़ते हुए 25 सितंबर को सुनवाई के लिए लगा दिया है। अवैध और खतरनाक इमारतों पर MCD का एक्शन जारी MCD का खतरनाक और अवैध रूप से बनी इमारतों के खिलाफ एक्शन बुधवार को भी जारी रहा। निगम ने सभी 12 जोनों में 46 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 11 संपत्तियों को सील किया। वहीं, बिल्डिंग बॉयलाज का उल्लंघन कर बनाई जा रही 12 इमारतों के खिलाफ तोड़फोड़ के ऑर्डर भी पास किए गए। MCD ने मंगलवार को भी 40 इमारतों में तोड़फोड़ की थी और 16 को सील किया था। MCD से मिली जानकारी के अनुसार, सत्य निकेतन में खतरनाक इमारत को तोड़ने का काम मैनुअल ऐक्शन की वजह से काम तेजी से नहीं हो पा रहा है। अवैध निर्माण पर MCD सख्त अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के तहत शाहदरा नॉर्थ जोन के कर्दमपुरी, शाहदरा के प्रसादी मोहल्ला, उस्मानपुर और न्यू उस्मानपुर में इमारतों के खिलाफ एक्शन लिया गया। वहीं, शाहदरा साउथ जोन के शास्त्री पार्क, सेंट्रल नॉर्थ जोन में स्वरूप नगर और रानी बाग सहित अन्य स्थानों पर भी तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई। MCD ने दोहराया कि अनाधिकृत निर्माण की इजाजत नहीं दी जाएगी।

यूपी में 2027 चुनाव का मंथन तेज, विनोद तावड़े गोरखपुर और प्रयागराज में करेंगे समीक्षा

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के चुनावी कुरुक्षेत्र में राजनीतिक सेनाएं मोर्चा संभालने लगी हैं। समाजवादी पार्टी जहां पीडीए एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रभावी नैरेटिव गढ़कर चुनावी अस्त्र को धार देने में जुटी है। वहीं भाजपा एक साथ तीन मोर्चों (अभियान, संगठनात्मक समीक्षा एवं छह क्षेत्रों में संघ के साथ समन्वय बैठकों) के सहारे चुनावी रथ हांक रही है। वहीं, पार्टी पर सहयोगी दलों को अपने पाले में रखने का दबाव है। दो बार लखनऊ और एक बार कानपुर में मैराथन मंथन करने के बाद अब प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े 17 और 18 सितंबर को गोरक्ष क्षेत्र में डेरा डालेंगे, वहीं 21 से 23 सितंबर तक प्रयागराज मथेंगे। भाजपा की रणनीति के मुताबिक राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और विनोद तावड़े एक माह की कसरत में सभी प्रशासनिक मंडलों एवं पार्टी की दृष्टि से गठित क्लस्टरों की समीक्षा कर रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को दे देंगे। इन बैठकों में बूथों का राजनीतिक प्रबंधन भी परखा जाएगा। बूथों पर जुटाए गए राजनीतिक समीकरणों एवं प्रभावी जातियों की समीक्षा होगी। गोरखपुर एवं प्रयागराज क्षेत्र में होने वाली बैठकों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि यहां पर वर्ष 2022 एवं 2024 के चुनाव में भाजपा कई सीटों पर हारी या संघर्ष करती नजर आई। यूपी में भी बिहार का फॉर्मूला दोहराएंगे विनोद तावड़े? 2027 में हैट्रिक लगाने को सरकार का मास्टरप्लान – will vinod tawde replicate the bihar formula in up too the governments … पिछले चुनाव में बीजेपी को लगा था झटका यहां का राजनीतिक गणित पहले सपा और बसपा के साथ रहा है, लेकिन 2014 से यह भाजपा के पाले में झुकता नजर आया। पिछले विधान सभा में भाजपा को झटका लगा। पार्टी नहीं संभली तो 2024 लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ा। गोरक्ष एवं प्रयाग के आसपास की सीटों पर कुर्मी, निषाद, राजभर, मौर्य, केवट, मल्लाह, प्रजापति समेत आधा दर्जन ओबीसी जातियों की बड़ी संख्या है। कई सीटों पर सवर्णों में आपसी द्वंद भाजपा के लिए चिंता का सबब बन रहा है। यूपी की राजनीति, बिहार से अलग भले ही तावड़े बिहार का चुनावी तानाबाना समझकर प्रभाव छोड़ने में सफल रहे, लेकिन यूपी की राजनीतिक चाल कई मायनों में बिहार से अलग है। अगर वह बड़ी संख्या में टिकट बदलने के संकल्प के साथ यूपी आए हैं तो पहले यहां का वातावरण समझना होगा। संगठन एवं कार्यकर्ताओं में नया भरोसा जगाना होगा।  

यूपी के अंबेडकरनगर में विकास कार्यों के नाम पर गड़बड़ी, 136 पंचायतों से होगी 13 करोड़ की वसूली

अंबेडकरनगर यूपी के अंबेडकरनगर में गांवों में विकास कार्य के लिए शासन स्तर से दी गई धनराशि में ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। कहीं बिना कार्य कराए धन निकाल लिया गया है तो कहीं आधा अधूरा कार्य पर ही धनराशि में हेराफेरी की गई है। सत्यापन के बाद ऐसी 136 ग्राम पंचायतों से कुल 13 करोड़ रुपए की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों पर ऐक्शन शुरू हो गया हे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपित सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। जबकि ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों के खिलाफ ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। ग्राम पंचायतों में विकास के बजट से कराए गए कार्यों की ऑडिट टीम के जांच दौरान अभिलेख न प्रस्तुत करने व कार्य के स्थलीय सत्यापन में अनियमितता पाई जाने पर आरोपित ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव से कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 ररुपए की वसूली की जाएगी। इसमें जिलाधिकारी स्तर से आरसी का अनुमोदन होने के उपरान्त पंचायती राज विभाग ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर से तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। कई रिटायर तो कई की मृत्यु भी हो चुकी यह अनियमितता वित्तीय वर्ष 211-12 से 2018-19 में ऑडिट के दौरान पायी गई थी। प्रकरण पुराना होने व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने में विलम्ब होने के चलते कई सचिवों और ग्राम प्रधान की मृत्यु भी हो चुकी है। जबकि कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं।अकबरपुर के सुबारपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान तीन प्रकरणों में 1881760 रुपए की अनियमितता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 940880 रुपए व तत्कालीन सचिव से 940880 रुपए की वसूली की जाएगी। अकबरपुर नैली में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान कुल 1163529 रुपए की अनियमिता पकड़ी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 581764 रुपए तथा तत्कालीन सचिव से 581764 रुपए की वसूली की जाएगी। वहीं रोशनगढ़ ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 में दो प्रकरणों में 1648294 रुपए की अनियमिता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 824147 व तत्कालीन सचिव से 824147 रुपए की वसूली की जाएगी। इसी तरह ऑडिट के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों में जनपद की कुल 136 ग्राम पंचायतों में कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपए के गबन का मामला पकड़ा गया है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी इस बारे में डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपित सचिवों व ग्राम प्रधानों से धन के रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी हो गया है। ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। गबन में जिन अरोपितों की मृत्यु हो चुकी है उनकी वसूली संभव नहीं होगी।  

सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त बिहान से जुड़कर हुनर को बनाया कारोबार का आधार, सिलाई से किराना और मुर्गी पालन से हैचरी तक कई गतिविधियों से सालाना 2 से 3 लाख रुपये की आय रायपुर,   गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंडी निवासी श्रीमती रानू कैवर्त की सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर श्रीमती रानू कैवर्त ने अपने हुनर, मेहनत और उपलब्ध संसाधनों को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ा और आज उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है। श्रीमती रानू कैवर्त शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह की सचिव हैं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का उपयोग करते हुए एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय कई आजीविका गतिविधियों को अपनाया। सिलाई कार्य, कपड़ों की दुकान, किराना स्टोर, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी जैसे कार्यों को उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया। इन प्रयासों ने न केवल उनकी आय के स्रोतों में विस्तार किया, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया। आज श्रीमती रानू कैवर्त अपनी मेहनत और बहुआयामी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से सालाना लगभग 2 से 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से महिलाओं को मिला नया अवसर श्रीमती रानू कैवर्त की सफलता को ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उस व्यापक पहल से जोड़कर देखा जा सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी है। केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका, वित्तीय समावेशन, कौशल, उद्यमिता और संस्थागत ऋण तक पहुंच के लिए सहायता दी जाती है। लखपति दीदी पहल इसी मिशन का एक परिणाम है, जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों को टिकाऊ आधार पर कम से कम एक लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका था और 3.46 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में सक्षम हुई थीं। छत्तीसगढ़ में भी लाखों महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत   2.79 लाख स्व-सहायता समूह सक्रिय थे और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही थीं। यह व्यवस्था महिलाओं को केवल समूह से जोड़ने तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को वित्तीय समावेशन, टिकाऊ आजीविका और सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा जाता है। केन्द्र सरकार की ओर से समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड जैसी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है, जिससे महिलाएं अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी और संस्थागत सहयोग प्राप्त कर सकें। एक नहीं, कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ी आय रानू कैवर्त की कहानी की खासियत यह है कि उन्होंने अपनी आय के लिए एक ही साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई गतिविधियों को जोड़ा। सिलाई और कपड़ों की दुकान से लेकर किराना व्यवसाय, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी तक के कार्यों ने उनके लिए आय के अलग-अलग अवसर तैयार किए हैं। रानू बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने का अवसर मिला। बिहान समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने अलग-अलग आजीविका गतिविधियां अपनाईं। उनके अनुसार, समूह से जुड़ने से उनमें अपने दम पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महतारी वंदन योजना से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल श्रीमती रानू कैवर्त को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी प्राप्त होती है। उनके अनुसार नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलता है और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। अपनी सफलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मिले अवसरों के लिए श्रीमती रानू कैवर्त ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। सेवा संकल्प अभियान में सामने आई आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी श्रीमती रानू कैवर्त की कहानी यह बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, मार्गदर्शन, वित्तीय एवं आजीविका संबंधी अवसर मिलते हैं और वे अपनी मेहनत व हुनर को व्यवसाय से जोड़ती हैं, तो परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई यह कहानी केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व्यवस्था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लखपति दीदी के संकल्प और राज्य में बिहान के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को मिल रहे सहयोग के बीच बने समन्वय की एक मिसाल है। रानू कैवर्त ने अपने हुनर और मेहनत को अवसर से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह बनाई है और अब गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।