पटना Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव की आहट के साथ ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव भले आठ सीटों के लिए हो रहा है, लेकिन 30 जिलों के मतदाता विधान परिषद सदस्य चुनने के लिए मतदान करेंगे। इन जिलों में करीब 150 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। वर्तमान विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अगले चार सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने की संभावना है। प्रशांत किशोर की एंट्री से रोचक मुकाबले के आसार इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बांकीपुर विधायक और जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर की सक्रियता ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। वहीं, राजद ने छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। राजद के इस कदम से महागठबंधन में सहयोगी कांग्रेस की नाराजगी की चर्चा भी तेज हो गई है। उधर, एनडीए के भीतर भी सब कुछ सहज नहीं दिख रहा है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का एलान कर दिया है। किन आठ सीटों पर होना है चुनाव? शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पटना- प्रो. नवल किशोर यादव, भाजपा दरभंगा- डॉ. मदन मोहन झा, कांग्रेस सारण- आफाक अहमद, निर्दलीय तिरहुत- संजय कुमार सिंह, भाकपा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पटना- नीरज कुमार, जदयू दरभंगा- सर्वेश कुमार, निर्दलीय कोसी- एनके यादव, भाजपा तिरहुत- बंशीधर व्रजवासी, निर्दलीय पटना से नीरज कुमार लगा चुके हैं हैट्रिक पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार का मुकाबला खास तौर पर दिलचस्प रहने की उम्मीद है। नीरज कुमार लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। वर्ष 2020 के चुनाव में उन्होंने राजद के आजाद गांधी को हराया था। अब उनके सामने अपनी सीट बचाने के साथ जीत का सिलसिला कायम रखने की चुनौती होगी। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना के अलावा नालंदा और नवादा जिले आते हैं। इस क्षेत्र में कुल 25 विधानसभा क्षेत्र हैं। देवेश चंद्र ठाकुर के सांसद बनने के बाद खाली हुई थी तिरहुत सीट तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव भी काफी महत्वपूर्ण होगा। यह सीट देवेश चंद्र ठाकुर के सांसद बनने के बाद खाली हुई थी। वर्ष 2024 में हुए उपचुनाव में निर्दलीय बंशीधर व्रजवासी ने जीत दर्ज की थी। अब उनके सामने दोबारा चुनाव जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती होगी। तिरहुत स्नातक क्षेत्र में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले आते हैं। इस क्षेत्र में कुल 28 विधानसभा क्षेत्र हैं। 14 जिलों में फैला है कोसी निर्वाचन क्षेत्र कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का दायरा सबसे बड़ा है। इसमें सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, भागलपुर और बांका समेत 14 जिले शामिल हैं। यहां कुल 64 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इस सीट से भाजपा के एनके यादव विधान पार्षद हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने राजद के नितेश कुमार को पराजित किया था। भाजपा के लिए इस सीट को बरकरार रखना चुनौती होगी, जबकि विपक्षी दल यहां सेंध लगाने की कोशिश करेंगे। दरभंगा में निर्दलीय सर्वेश कुमार के सामने चुनौती दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय सर्वेश कुमार वर्तमान विधान पार्षद हैं। उन्होंने पिछले चुनाव में जदयू के दिलीप कुमार चौधरी को हराया था। इस क्षेत्र में दरभंगा के अलावा मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय जिले आते हैं। कुल 37 विधानसभा क्षेत्र इसके दायरे में हैं। यहां भी दलों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज कर चुके सर्वेश कुमार के सामने इस बार राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की चुनौती होगी शिक्षक सीटों पर भी दिलचस्प होगा मुकाबला शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना की सीट पर प्रो. नवल किशोर यादव लंबे समय से भाजपा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। करीब तीन दशक से इस सीट पर भाजपा का प्रभाव रहा है दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा विधान पार्षद हैं। वहीं सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय आफाक अहमद और तिरहुत से भाकपा के संजय कुमार सिंह वर्तमान सदस्य हैं। 2020 में 25 सितंबर को घोषित हुआ था चुनाव कार्यक्रम वर्ष 2020 में इन विधान परिषद सीटों के चुनाव की घोषणा 25 सितंबर को की गई थी। 28 सितंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और 5 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए गए थे। 6 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच हुई थी, जबकि 8 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि थी। 22 अक्टूबर को मतदान हुआ और 12 नवंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए थे।