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मेरिट में आने वाले 7,500 से ज्यादा विद्यार्थियों को मिलेगी स्कूटी

भोपाल  प्रदेश के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव "मुख्यमंत्री स्कूटी योजना" अंतर्गत 19 सितंबर को भोपाल से मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का वितरण करेंगे। इससे विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की राह आसान होगी। साथ ही, कॉलेज आने-जाने में भी सहूलियत होगी। राज्य स्तरीय स्कूटी वितरण कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर, भोपाल में सुबह 10 बजे से होगा। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं में प्रथम प्रयास में ही 70% अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान आना जरूरी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना का लाभ स्कूल शिक्षा एवं जनजातीय कार्य विभाग के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत विद्यार्थी को दिया जाता है। योजना में सभी संकायों के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। 7,500 से अधिक विद्यार्थी होंगे लाभान्वित योजना अंतर्गत शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश के 7,500 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी का लाभ मिलेगा। योजना में अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक विद्यार्थियों को मिल चुका है लाभ मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश के 23,000 से अधिक पात्र विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के संचालन पर अब तक लगभग 246 करोड़ रूपये व्यय किए गए हैं। मुख्यमंत्री स्कूटी योजना मेधावी विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धि को प्रोत्साहित करने के साथ ही आगे की पढ़ाई के लिए सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने से शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ रहा है और उच्च शिक्षा की ओर उनकी भागीदारी को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।  

सीएम योगी का बड़ा संदेश: शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी, अनावश्यक शिकायत करने वालों पर भी हो कार्रवाई

लखनऊ राजधानी लखनऊ में गोमतीनगर स्थित लोक आयुक्त कार्यालय में उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस पर सोमवार को समारोह आयोजित किया गया। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने लोक आयुक्त प्रशासन की स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक आयुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्रा ने किया।इस दौरान संगठन की पांच दशक की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी में संगठन के गठन से लेकर अब तक की यात्रा, कार्यप्रणाली, शिकायतों की जांच और प्रमुख उपलब्धियों को क्रमवार प्रदर्शित किया गया। यहां बताते चलें कि लोक आयुक्त संगठन भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच में अहम भूमिका निभाता है। समारोह में लोक आयुक्त प्रशासन के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है किसी संस्था से जुड़ा जन विश्वास  इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत किसी संस्था से जुड़ा सामान्यजन का विश्वास है। गुड गवर्नेंस आमजन के विश्वास पर निर्भर करता है। उन्होंने सुशासन के लक्ष्यों को भी गिनाया। कहा कि किसी संस्था में सामान्य व्यक्ति बेझिझक आए और नियमानुसार परिणाम को समयबद्ध प्राप्त कर सके। यही हमारी कसौटी होती है। शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो। साथ ही अनावश्यक शिकायत करने वालों पर भी शिकंजा कसने का काम भी हो।   जनविश्वास पर खरा उतरना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी कसौटी  सीएम ने कहा कि संस्था के गठन मात्र से समस्या का समाधान नहीं होता। जन-विश्वास पर खरा उतरना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी कसौटी है। संविधान निर्माताओं ने भारत की व्यवस्था के लिए संसदीय लोकतंत्र दिया। यदि जनप्रतिनिधि ने विश्वास खोया तो सरकार गई।     अनावश्यक शिकायत करने वालों पर कसना होगा शिकंजा  सीएम ने आगे कहा कि आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, जनता दर्शन आदि के जरिये जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान कराया जाता है। हालांकि, कुछ लोग अनावश्यक शिकायत भी लेकर आते हैं, बताते हैं कि मेरी व्यक्तिगत समस्या नहीं है, लेकिन किसी के खिलाफ शिकायत करनी है। यदि हम प्रमाण मांगते हैं तो आनाकानी भी होती है।  एक अनुभव साझा करते हुए सीएम ने कहा कि एक सज्जन ने एक विद्यालय के खिलाफ शिकायत की। जांच में शिकायत झूठी निकली तो उन्होंने कहा कि पूरे जिले के विद्यालयों की जांच की जाए। ऐसी झूठी शिकायतों को खारिज किया जाना चाहिए। किसी संस्था को विश्वास के प्रतीक के रूप में स्थापित करने के लिए आवश्यक है कि अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति भी विश्वास व्यक्त करे कि मेरी समस्या का समाधान होगा। तकनीक के कारण अब पीडीएस की शिकायत नहीं  सीएम ने कहा कि लोक आयुक्त संगठन ने टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग किया है। 2017 में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) में सबसे अधिक शिकायत खाद्यान्न वितरण की आती थी। जनता दर्शन में 100 में से 60 शिकायतें पीडीएस की होती थी। इससे परेशान होकर लगातार हम बैठक करते थे, फिर हमने तकनीक का प्रयोग किया। ई-पॉस मशीन लगाकर उसे मुख्यालय पर स्क्रीन लगाकर जोड़ दिया। इसके बाद यदि 80 हजार राशन कोटे की दुकानों में किसी ने कुछ इधर-उधर किया तो तुरंत अलर्ट आ जाता है। इससे हेराफेरी की गुंजाइश शून्य हो गई। साढ़े 9 साल में 34 लाख राजस्व मामलों का निस्तारण सीएम ने राजस्व विभाग के मामलों का भी जिक्र किया। कहा कि 2017 में भूमि संबंधी विवाद, पैमाइश, वरासत, नामांतरण से जुड़े 34 लाख मामले लंबित थे। इससे अनावश्यक विवाद होते थे। केवल वरासत से जुड़े लगभग छह लाख मामले लंबित थे। सभी के निस्तारण की समयसीमा तय की गई। तय किया गया कि लैंड यूज की समस्या का समाधान 30 दिन में नहीं हुआ तो इसे डीम्ड मान लिया जाएगा, यानी गलत होने पर निस्तारण करने वाले की जवाबदेही तय होगी। साढ़े 9 साल में 34 लाख मामले का निस्तारण हुआ, लेकिन 9 साल में 9 लाख और मामले भी सामने आए। वरासत, पैमाइश आदि की समस्याओं का समाधान किया गया।  हर तहसील में दिया गया रोबोट  सीएम ने कहा कि पैमाइश में शिकायत मिली कि लेखपाल ने जरीब में थोड़ा इधर-उधर कर दिया है। अब इस समस्या का भी समाधान हो गया। इसके लिए हर तहसील में रोबोट दे दिया है। इतनी पारदर्शिता हुई कि एक इंच भी कोई इधर-उधर नहीं कर सकता। टेक्नोलॉजी दिलाएगी शिकायतों के अंबार से मुक्ति  सीएम ने कहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग कर शिकायतों के अंबार का समाधान निकाल सकते हैं। हो सकता है कि लोकसेवक को बचाने का प्रयास होता है, लेकिन शिकायत जब लोक आयुक्त संगठन के पास जाती है तो वह मेरिट के आधार पर समाधान निकालता है। कई बार जब व्यक्ति को ताकत मिलती है तो वह उदंडतापूर्ण व्यवहार करने लगता है, उस पर अंकुश जरूरी है।   यूपी में 14 सितंबर 1977 को गठित हुआ लोक आयुक्त संगठन  सीएम ने कहा कि आजादी के बाद लगा होगा कि आने वाले समय में नेतृत्व देने वाले लोग ही व्यवस्था में गदर मचा डालेंगे, तब इमरजेंसी के तत्काल बाद बनी पहली सरकार ने लोक आयुक्त संगठन के निर्माण की तरफ कदम बढ़ाए। उत्तर प्रदेश में लोक आयुक्त संगठन का विधिवत कार्य 14 सितंबर 1977 को प्रारंभ हुआ। उस समय न्यायमूर्ति विशंभर दयाल ने उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन को नेतृत्व प्रदान किया था। तबसे प्रारंभ हुई संगठन की यह यात्रा न्यायमूर्ति संजय मिश्र के नेतृत्व में नई पहचान, नई आभा के साथ जारी है। विश्वास ही लोकतंत्र की असली ताकत  सीएम ने कहा कि बहुत सारी समस्याओं के समाधान को व्यवस्थित रूप से बढ़ाया गया है। 2014 में सत्ता संभालने के बाद पीएम मोदी ने जनधन अकाउंट खोलने की बात की तो विपक्ष ने खिल्ली उड़ाई। आज जनधन अकाउंट की ताकत सबके सामने है। अब डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में धनराशि जाती है। विश्वास ही लोकतंत्र की असली ताकत है।  उन्होंने विधवा, निराश्रित, वृद्धजन की बेचारगी को बताते हुए 2017 के पहले मिलने वाली राशि में घूसखोरी का भी जिक्र करते हुए कहा कि अब यूपी में ऐसा नहीं है। सरकार डीबीटी के माध्यम से सीधे अकाउंट में 1.10 करोड़ लोगों को वार्षिक 12 हजार पेंशन दे रही है। व्यवस्था से बिचौलिए समाप्त कर दिए गए। इस दौरान लोक … Read more

अखिलेश यादव से भिड़े जयंत चौधरी, बोले- मैंने मुंह खोल दिया तो बहुत मुश्किल हो जाएगी

दिल्ली जयंत चौधरी और अखिलेश यादव में वार-पलटवार जारी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के बीच वार-पलटवार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में अखिलेश के बयान से जुड़े सवाल पर जयंत चौधरी भयानक रूप से भड़क गए। जयंत ने कहा कि अगर मैंने मुंह खोल दिया तो अखिलेश यादव को यहां भी खड़े नहीं हो पाएंगे। दरअसल, समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश ने राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख पर तंज कसते हुए कहा था, हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी वे हमें छोड़कर चले गए। जयंत चौधरी ने कहा जयंत चौधरी ने कहा कि यूपी में 403 विधानसभा सीटें हैं। यूपी में चुनाव है। जयंत ने ऐलान करते हुए कहा कि उत्तराखंड में भी चुनाव होंगे और हम वहां भी चुनाव लड़ेंगे। सभी सीटें पर एनडीए की संयुक्त लड़ाई है। हम सब एक हैं। जयंत चौधरी ने कहा कि एकजुट लड़ाई और एकमात्र कोशिश यह सुनिश्चित करना है कि विकास के रास्ते न रुके। जयंत चौधरी ने कहा कि किस पार्टी के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल होगा, इस बारे में बात करें तो राजनीतिक पार्टियां समय के साथ अपने चुनाव चिह्न बदलती रहती हैं। मैं अधिकार के साथ एनडीए की बातें करता हूं। मैं गंभीरता के कारण कुछ बातें नहीं कहना चाहता हूं अखिलेश यादव के बयान पर मीडिया के पूछे गए सवाल पर जयंत चौधरी भड़क गए। जयंत ने कहा कि जब हमारा उनके यानी समाजवादी पार्टी के साथ साझा था, तब बंद दरवाजों के पीछे हुई हर बात सार्वजनिक नहीं की गई थी। मैं गंभीरता के कारण कुछ बातें नहीं कहना चाहता हूं। अगर मैं खुलकर उन मामलों को बता दूं, तो यहां भी खड़े होने की भी जगह नहीं बचेगी। अखिलेश यादव आज जिस तरह के हल्केपन बातें कर रहे हैं। यह ठीक नहीं है। चौधरी चरण सिंह के सम्मान को विधानसभा सीटों की संख्या से नहीं मापा या तय किया जा सकता है। उनके प्रति सम्मान हर किसी के दिल में बसा है और हमेशा रहेगा, चाहे कोई कुछ भी दावा करे। भले ही राष्ट्रीय लोक दल को एक भी सीट न मिले, फिर भी चौधरी चरण सिंह का सम्मान और प्रतिष्ठा कभी कम नहीं होगी।   चवन्‍नी कोई मुद्दा नहीं, विकास का मुद्दा होना चाहिए अखिलेश यादव वाले बयान पर जयंत ने यह भी कहा कि राजनीति मुद्दों पर की जाती है। अखिलेश को नसीहत देते हुए जयंत ने कहा कि चवन्‍नी कोई मुद्दा नहीं है। विकास का मुद्दा होना चाहिए। आज सहारनपुर से दिल्‍ली जाने में केवल डेढ़ घंटे लगते हैं। पहले छह घंटे लगा करते थे।

फिल्म शूटिंग का नया हब बनेगा चंडीगढ़? प्रशासन ने निर्माताओं को दिया न्योता, सिंगल विंडो से मिलेगी ऑनलाइन अनुमति

चंडीगढ़  ‘सिटी ब्यूटीफुल’ अब सिर्फ फिल्मों के पर्दे पर नजर आने वाला शहर नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग का पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में प्रशासन कदम बढ़ा रहा है। यहां कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। अब देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को चंडीगढ़ की ओर आकर्षित करने के लिए प्रशासन ने फिल्म शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया को एक जगह लाया गया और बाद में इसे पूरी तरह ऑनलाइन भी कर दिया गया। प्रशासन की कोशिश अब केवल फिल्मों में चंडीगढ़ को दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि चंडीगढ़ को खुद एक ‘फिल्मिंग डेस्टिनेशन’ और सिनेमाई पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की है। इसी प्रयास के तहत चंडीगढ़ टूरिज्म ने पहली बार पिछले सप्ताह श्रीनगर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अाफ जम्मू एंड कश्मीर -2026 में हिस्सा लिया और देश-दुनिया के फिल्म निर्माताओं के सामने शहर की फिल्म शूटिंग क्षमता और खूबसूरती को पेश किया। चंडीगढ़ में इन फिल्मों की हो चुकी शूटिंग क्रम     फिल्म का नाम 1     धुरंधर 2     इंडियन-2 3     जट्ट एन जूलियट 4     कैरी ऑन जट्टा 5     द डिप्लोमैट 6     सैम बहादुर 7     शेरशाह 8     फ्लाइंग जट्ट 9     बेशरम 10     निक्का जैलदार 11     जर्सी 12     लाल सिंह चड्ढा 13     पिल 14     दोस्ताना 15     जीरो डार्क थर्टी 2004 से फिल्म निर्माताओं के लिए आसान रास्ता प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का भी विशेष फोकस है चंडीगढ़ ज्यादा से ज्यादा फिल्मों में दिखाई दे। चंडीगढ़ में फिल्म और टेलीविजन शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग का फिल्म फैसिलिटेशन सेल वर्ष 2004 से काम कर रहा है। पहले फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों से एनओसी लेनी पड़ती थी। इसे आसान बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने सिंगल विंडो व्यवस्था शुरू की, जिसके माध्यम से जरूरी अनुमतियां एक ही व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई जाने लगीं। इसके बाद शहर में हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों के साथ टीवी धारावाहिकों की शूटिंग में भी बढ़ोतरी हुई।1 अप्रैल 2022 से शूटिंग की अनुमति की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई। फिल्म निर्माता ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अनुमति प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ टूरिज्म की यह व्यवस्था शहर में ‘ईज ऑफ फिल्मिंग’ को मजबूत करने के साथ सिनेमाई पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश का अहम हिस्सा है। फिल्मों में चंडीगढ़ की अलग पहचान चंडीगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि एक ही शहर में आधुनिक वास्तुकला, सुनियोजित सेक्टर, चौड़ी सड़कें, हरियाली, विरासत स्थल, बाग और प्राकृतिक खूबसूरती के अलग-अलग दृश्य मिल जाते हैं। ली कार्बुजिए की वास्तुकला से लेकर सुखना झील, राॅक गार्डन, रोज गार्डन और कैपिटल कॉम्प्लेक्स तक शहर का हर हिस्सा कैमरे के लिए अलग पृष्ठभूमि उपलब्ध कराता है। चंडीगढ़ टूरिज्म ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जारी किए गए सिनेमैटिक टूरिज्म ब्रोशर में भी इन्हीं खूबियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। इसमें शहर की वास्तुकला, सुनियोजित शहरी ढांचे, सांस्कृतिक विरासत, बागों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को फिल्म शूटिंग के लिए संभावित लोकेशन के रूप में पेश किया गया है। पर्दे से पर्यटन तक का सफर प्रशासन अब फिल्मों में दिखाई देने वाली लोकेशनों को पर्यटन से जोड़ने की संभावनाएं भी तलाश रहा है। जिस जगह को दर्शक फिल्म में देखते हैं, उसे वास्तविक जीवन में देखने के लिए पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इस तरह फिल्म शूटिंग से शहर को प्रचार मिलने के साथ होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी फायदा मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहली बार चंडीगढ़ की दस्तक 7 से 10 सितंबर तक श्रीनगर, जम्मू और गुलमर्ग में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चंडीगढ़ की पहली भागीदारी इसी रणनीति का हिस्सा है। महोत्सव में 41 देशों की 135 फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। चंडीगढ़ टूरिज्म ने यहां फिल्म निर्माताओं, प्रोडक्शन हाउस और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को शहर में शूटिंग के लिए आमंत्रित किया। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव सैयद आबिद रशीद शाह का कहना है कि चंडीगढ़ की अलग पहचान और खूबसूरती को वैश्विक फिल्म समुदाय तक ले जाना उद्देश्य है। प्रशासन चाहता है कि फिल्म निर्माता चंडीगढ़ को केवल कहानी की पृष्ठभूमि के तौर पर नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण और सिनेमाई पर्यटन के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में देखें।यानी अब चंडीगढ़ की कहानी सिर्फ फिल्मों में नहीं होगी—प्रशासन चाहता है कि फिल्मों की अगली कहानी भी चंडीगढ़ में लिखी जाए।

किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जायेगा, की जा रही सख्त कार्रवाई

भोपाल  सागर जिले के बण्डा क्षेत्र में दूषित शराब के सेवन से बीमार हुए लोगों का हाल जानने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजन से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा चिकित्सकों से उपचार की स्थिति के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना से सरकार बेहद गंभीर है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री  राजपूत ने कहा कि दूषित शराब के सेवन से जिन लोगों की मृत्यु हुई है अथवा जो प्रभावित हुए हैं, उनके परिवारों को तीन दिन के अंदर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन पीड़ितों के पास संबल कार्ड नहीं है, उन्हें भी नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। तीन मरीजों की आंखों में गंभीर परेशानी, भोपाल एम्स भेजने की व्यवस्था : बीएमसी के निरीक्षण के दौरान मंत्री  राजपूत को सुनील विश्वकर्मा, सुल्तान सिंह, गोविंद अहिरवार नाम के तीन मरीजों की आंखों में अधिक परेशानी होने की जानकारी मिली। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल बेहतर उपचार के लिए तीनों मरीजों को भोपाल भेजने की व्यवस्था कराई। मंत्री ने दूरभाष पर भोपाल एम्स के चिकित्सकों से चर्चा कर मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की और उन्हें तत्काल भोपाल भेजा गया। मंत्री ने कहा कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और सरकार उपचार का पूरा ध्यान रखेगी। शराब माफिया पर कार्रवाई कर पुलिस-प्रशासन ने कमर तोड़ दी दूषित शराब मामले में पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई पर मंत्री  राजपूत ने संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और पुलिस तथा प्रशासन पूरी ताकत के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। सरकार पीड़ितों के साथ, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई मंत्री  राजपूत ने कहा कि इस दुखद घटना में जिन परिवारों ने अपने परिजन को खोया है, उनके प्रति सरकार की गहरी संवेदनाएं हैं। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को जिस भी प्रकार की मदद की आवश्यकता होगी, सरकार उसे उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी।  

Gold, Silver और Bronze श्रेणी में होंगे स्कूल प्रमाणित, अगले माह तक पूरी हो सकती है प्रक्रिया

रांची स्कूल प्रमाणीकरण कार्यक्रम के तहत इस बार 1,400 स्कूलों का मूल्यांकन किया गया है। इस क्रम में इन स्कूलों के 2.25 लाख बच्चों के शिक्षण स्तर का भी मूल्यांकन हुआ है। कार्यक्रम के तहत स्कूलों के नामांकन, प्रशिक्षण तथा मूल्यांकन का कार्य संपन्न हो चुका है। अब मूल्यांकन के बाद सामने आए तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इस आधार पर स्कूलों का प्रमाणीकरण होगा। प्रदर्शन के आधार पर स्कूलों को गोल्ड, सिल्वर तथा कांस्य श्रेणी में प्रमाणपत्र दिया जाएगा।झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन के अनुसार, राज्य के सभी 24 ज़िलों के नामांकित 1,400 सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन किया गया है। मूल्यांकन चरण पूरा होने के बाद कार्यक्रम अब अपने अगले चरण में जाएगा, जहां फ़ाइनल स्कोरिंग के लिए बच्चों के मूल्यांकन, स्कूल के माहौल, वहां उपलब्ध सुविधाएं और बच्चों तथा शिक्षकों की उपस्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के शिक्षण स्तर को बेहतर बनाना तथा नवाचार व बेहतर सुविधाओं के लिए विद्यालयों के बीच प्रतियोगिता को बढ़ाना है। अगले माह तक विद्यालयों के प्रमाणीकरण पूरा होने की संभावना है। बताते चलें कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष विद्यालयों का प्रमाणीकरण किया जाता है। बेहतर प्रदर्शन करनेवाले विद्यालयों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है, जिससे विद्यालयों की सुविधाएं और भी बेहतर की जाती हैं। गोल्ड श्रेणी प्राप्त करनेवाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाता है। स्कूलों के मूल्यांकन में वहां उपलब्ध सुविधाओं के अलावा साफ-सफाई, शौचालय और पेयजल की स्थिति, बिजली, इंटरनेट, कंप्यूटर आदि की उपलब्धता, सामुदायिक सहभागिता तथा बच्चों के परिणाम को भी देखा जाता है।

नन्ही कल्पनाओं में सजेगा विकास का दशक, योगी सरकार में बच्चों को मिलेगा ‘मेरे सपनों का भारत’ का मंच

लखनऊ योगी सरकार विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को देश की विकास यात्रा से जोड़ते हुए उन्हें अपने ‘सपनों के भारत’ को चित्र, पोस्टर और भाषण के माध्यम से अभिव्यक्त करने का मंच देने जा रही है। 11 सितंबर को बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्रियों की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संबंधित अधिकारियों को ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के प्रभावी आयोजन के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय स्तर से जिला स्तर तक प्रतियोगिताएं और प्रदर्शनी आयोजित होंगी।  इस पहल के माध्यम से बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर देने के साथ उन्हें देश की विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की अपनी कल्पनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। योगी सरकार की यह पहल विद्यालयों को प्रतिभा, कल्पना और राष्ट्र के भविष्य पर संवाद के जीवंत मंच के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चित्रों में दिखेगा विकास का दशक बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 17 से 26 सितंबर 2026 तक ‘मेरे सपनों का भारत चित्र सेवा’ प्रतियोगिता आयोजित होगी। विद्यार्थी पिछले 10 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में हुई उपलब्धियों को अपनी कल्पना और रचनात्मकता के रंगों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। विद्यालय स्तर पर अभिभावकों को भी आयोजन में आमंत्रित किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय से श्रेष्ठ पांच विद्यार्थियों के चित्र एवं पोस्टर चयनित कर जिला स्तर की प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समन्वय करते हुए नोडल अधिकारी नामित करेंगे। जिला स्तर पर दिखेगी प्रतिभा जिला स्तर पर 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र, ट्रॉफी/मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए भी 17 से 26 सितंबर तक ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता होगी। जिन विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 भी संचालित हैं, वहां चित्रकला एवं पोस्टर प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। सरकारी एवं निजी विद्यालयों में अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय से जिला स्तर तक आयोजन जिला स्तरीय कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 के श्रेष्ठ पांच चित्रकार विद्यार्थियों तथा कक्षा 9 से 12 के चयनित विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां शामिल होंगी। माध्यमिक स्तर पर जिला विद्यालय निरीक्षक नोडल अधिकारी की भूमिका निभाएंगे और आयोजन के लिए समन्वय बैठकें कराई जाएंगी। प्रतियोगिताओं के लिए ड्राइंग शीट, रंग एवं अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था अनुमन्य समग्र शिक्षा मदों से की जाएगी।

2027 से पहले अखिलेश का किसान कार्ड, मुफ्त इलाज से लेकर समय पर गन्ना भुगतान का ऐलान

लखनऊ अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार बनने पर किसानों को इलाज मुफ्त होगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर किसानों को गन्ना मूल्य 24 घंटे में भुगतान होगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले वादे पर वादे कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने अब किसानों से वादे किए हैं। सोमवार को अखिलेश यादव ने कहा कि कहा है कि सपा किसानों की अपनी पार्टी है। 2027 का विधानसभा चुनाव किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह चुनाव किसानों के भविष्य का चुनाव है।उन्होंने वादा किया कि सरकार बनने पर किसानों को गन्ना मूल्य 24 घंटे में भुगतान होगा। भरपूर बिजली दी जाएगी। खाद, बीज, पानी, सिंचाई की समुचित व्यवस्था होगी। किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। किसानों की फसलों का लाभकारी मूल्य दिया जाएगा। किसानों का इलाज मुफ्त होगा। उन्होंने कहा कि इथेनॉल का लाभ किसानों को मिलना चाहिए। समाजवादी पार्टी किसानों के साथ है अखिलेश से सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पश्चिमी यूपी के किसानों और कई खापों के चौधरियों ने भेंट की। इस मौके पर सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी मौजूद रहे। अखिलेश ने किसानों से बात करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों के साथ है। उन्होंने कहा कि किसान जब खाद मांगता है तो भाजपा सरकार लाठियां लेकर दौड़ाती है। भाजपा सरकार में किसानों की दुर्दशा हो गई। बिचौलिये हावी है। किसानों को फसलों का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार ने दस वर्षों में किसानों को धोखा दिया है। किसानों को कभी समय पर खाद-बीज नहीं मिल पाया। किसानों के हित में फैसले लिए जाएंगे उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में प्राथमिकता से गांवों का विकास होगा। किसानों के हित में फैसले लिए जाएंगे। समाजवादी पार्टी के लिए किसान सर्वोपरि है। समाजवादी पार्टी की पिछली सरकारों में किसानों के हित में बड़े-बड़े फैसले लिए थे। किसानों ने कहा कि उन्हें अखिलेश यादव पर भरोसा है। अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में उन्होंने खेती का बजट बढ़ाया था। सभी खाप के प्रतिनिधि किसानों के संकल्प लिया कि वे 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को बहुमत दिलाकर अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने के लिए एकजुट प्रयास करेंगे। इस अवसर पर बुढ़ाना मुजफ्फरनगर के चौधरी विरेंद्र प्रधान ने अखिलेश को हल भेंट किया। बागपत के किसानों ने अपने हुक्का के साथ भेंट की। इससे पहले बीते दिनों अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा था कि सपा सरकार बनने पर आउसोर्सिंग व्यवस्था खत्म होगी और पक्की नौकरी मिलेगी। लोकसभा चुनाव में भले ही सपा सभी 80 सीटें जीत लें, फिर ईवीएम का विरोध करेंगे। यह पहला विधानसभा चुनाव होगा जिसकी घोषणा होते ही भाजपा हार मान लेगी। चुनाव की तारीख आते ही जनता अपना फैसला बता देगी। सरकार चाहे जितना पैसा खर्च करे, चाहे जितना अपना पॉलिटिकल मेकअप करा ले जनता इन्हें हटा देगी।

पीड़ितों से खुद मिले सीएम योगी, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि सरकार हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता और शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने हर पात्र व्यक्ति को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने और जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हर पीड़ित के पास चलकर पहुंचे सीएम मुख्यमंत्री ‘जनता दर्शन’ में कुर्सियों पर बैठे हर पीड़ित के पास खुद चलकर गए। उनकी समस्याओं व शिकायतों को ध्यान से सुना। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। पुलिस से जुड़ीं शिकायतों पर सख्त हुए सीएम सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष कुछ पीड़ितों ने पुलिस से जुड़ी अलग-अलग शिकायतें बताईं। इस पर सीएम सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस आयुक्त, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी स्तर के अधिकारी ध्यान दें, किसी भी मामले में थाना, चौकी, बीट स्तर पर हीलाहवाली की शिकायत बर्दाश्त नहीं होगी। हर मामले में दोषियों पर नियमसंगत कार्रवाई सुनिश्चित करें। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। बच्चों का हाल जाना और चॉकलेट दीं मुख्यमंत्री ने ‘जनता दर्शन’ में अभिभावकों के साथ आए नन्हे-मुन्नों का हालचाल जाना। उनकी पढ़ाई और उनकी रुचि के बारे में भी पूछा। सीएम ने बच्चों से कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ो और अन्य गतिविधियों (खेल, संगीत, कला आदि) में भी हिस्सा लो। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट देते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।

बिहार की 8 MLC सीटों पर चुनावी बिगुल जल्द, 30 जिलों में पड़ेंगे वोट; PK ने बढ़ाई टेंशन

पटना  Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की चार स्‍नातक और चार श‍िक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव की आहट के साथ ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव भले आठ सीटों के लिए हो रहा है, लेक‍िन 30 ज‍िलों के मतदाता वि‍धान पर‍िषद सदस्‍य चुनने के लिए मतदान करेंगे। इन जिलों में करीब 150 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। वर्तमान विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अगले चार सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होने की संभावना है। प्रशांत क‍िशोर की एंट्री से रोचक मुकाबले के आसार इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बांकीपुर विधायक और जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर की सक्रियता ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। वहीं, राजद ने छह सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। राजद के इस कदम से महागठबंधन में सहयोगी कांग्रेस की नाराजगी की चर्चा भी तेज हो गई है। उधर, एनडीए के भीतर भी सब कुछ सहज नहीं दिख रहा है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का एलान कर दिया है। किन आठ सीटों पर होना है चुनाव? शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र     पटना- प्रो. नवल किशोर यादव, भाजपा     दरभंगा- डॉ. मदन मोहन झा, कांग्रेस     सारण- आफाक अहमद, निर्दलीय     तिरहुत- संजय कुमार सिंह, भाकपा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र     पटना- नीरज कुमार, जदयू     दरभंगा- सर्वेश कुमार, निर्दलीय     कोसी- एनके यादव, भाजपा     तिरहुत- बंशीधर व्रजवासी, निर्दलीय पटना से नीरज कुमार लगा चुके हैं हैट्रिक पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार का मुकाबला खास तौर पर दिलचस्प रहने की उम्मीद है। नीरज कुमार लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। वर्ष 2020 के चुनाव में उन्होंने राजद के आजाद गांधी को हराया था। अब उनके सामने अपनी सीट बचाने के साथ जीत का सिलसिला कायम रखने की चुनौती होगी। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना के अलावा नालंदा और नवादा जिले आते हैं। इस क्षेत्र में कुल 25 विधानसभा क्षेत्र हैं। देवेश चंद्र ठाकुर के सांसद बनने के बाद खाली हुई थी तिरहुत सीट तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव भी काफी महत्वपूर्ण होगा। यह सीट देवेश चंद्र ठाकुर के सांसद बनने के बाद खाली हुई थी। वर्ष 2024 में हुए उपचुनाव में निर्दलीय बंशीधर व्रजवासी ने जीत दर्ज की थी। अब उनके सामने दोबारा चुनाव जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती होगी। तिरहुत स्नातक क्षेत्र में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले आते हैं। इस क्षेत्र में कुल 28 विधानसभा क्षेत्र हैं। 14 जिलों में फैला है कोसी निर्वाचन क्षेत्र कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का दायरा सबसे बड़ा है। इसमें सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, भागलपुर और बांका समेत 14 जिले शामिल हैं। यहां कुल 64 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इस सीट से भाजपा के एनके यादव विधान पार्षद हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने राजद के नितेश कुमार को पराजित किया था। भाजपा के लिए इस सीट को बरकरार रखना चुनौती होगी, जबकि विपक्षी दल यहां सेंध लगाने की कोशिश करेंगे। दरभंगा में निर्दलीय सर्वेश कुमार के सामने चुनौती दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय सर्वेश कुमार वर्तमान विधान पार्षद हैं। उन्होंने पिछले चुनाव में जदयू के दिलीप कुमार चौधरी को हराया था। इस क्षेत्र में दरभंगा के अलावा मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय जिले आते हैं। कुल 37 विधानसभा क्षेत्र इसके दायरे में हैं। यहां भी दलों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज कर चुके सर्वेश कुमार के सामने इस बार राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की चुनौती होगी शिक्षक सीटों पर भी दिलचस्प होगा मुकाबला   शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना की सीट पर प्रो. नवल किशोर यादव लंबे समय से भाजपा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। करीब तीन दशक से इस सीट पर भाजपा का प्रभाव रहा है दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा विधान पार्षद हैं। वहीं सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय आफाक अहमद और तिरहुत से भाकपा के संजय कुमार सिंह वर्तमान सदस्य हैं। 2020 में 25 सितंबर को घोषित हुआ था चुनाव कार्यक्रम वर्ष 2020 में इन विधान परिषद सीटों के चुनाव की घोषणा 25 सितंबर को की गई थी। 28 सितंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और 5 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए गए थे। 6 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच हुई थी, जबकि 8 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तिथि थी। 22 अक्टूबर को मतदान हुआ और 12 नवंबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए गए थे।