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जूते बचाने के लिए बुजुर्ग की पीठ पर चढ़ा पटवारी, वीडियो वायरल होते ही हुआ सस्पेंड

सीधी  जिले में एक पटवारी को जूतों की चिंता भारी पड़ गई और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। पूरा मामला जिले के माटा गांव का है जहां से एक पटवारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में पटवारी एक बुजुर्ग की पीठ पर लदकर नाला पार करते दिख रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद बवाल मचा और अब जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया है। जूते बच गए, पटवारी नहीं माटा गांव में बुजुर्ग व्यक्ति की पीठ पर सवार होकर पटवारी द्वारा पानी से भरे नाले को पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय ने माटा गांव पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं। वहीं मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोपद बनास प्रिया पाठक द्वारा पटवारी हल्का माटा नीलेश नामदेव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रथम दृष्टया असंवेदनशील एवं अपमानजनक व्यवहार पाए जाने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत यह कार्रवाई की गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बुजुर्ग की पीठ पर लदकर किया था नाला पार पूरा मामला माटा गांव से जुड़ा है, यहां रहने वाले ललवा केवट के घर और जमीन तक एक छोटे से नाले को पार कर ही जाना पड़ता है। पूरे साल इस नाले में थोड़ा बहुत पानी रहता है। करीब एक साल पहले किसान ललवा केवट की फसल और घर को जंगली जानवरों ने नुकसान पहुंचाया था। जंगली जानवरों के कारण हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए माटा गांव के पटवारी नीलेश नामदेव पहुंचे थे। जूते गीले न हों इस कारण नाले को पार करने के लिए पटवारी बुजुर्ग ललवा केवट की पीठ पर लद गए थे और नाला पार किया था। इसका वीडियो सामने आया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

शिक्षा विभाग का नया निर्देश: 25 लाख से कम राशि की निकासी DEO/DSE के स्तर से होगी

 रांची  समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलों में राशि की निकासी को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत अब 25 लाख रुपये से अधिक की राशि की निकासी उपायुक्त की स्वीकृति के बाद ही की जा सकेगी। वहीं, 25 लाख रुपये से कम की राशि की निकासी जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक के स्तर से की जा सकेगी समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए राशि उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में राशि की निकासी को लेकर जारी नए दिशा-निर्देश में वित्तीय प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। 25 लाख रुपये से अधिक की निकासी के लिए उपायुक्त की स्वीकृति अनिवार्य किए जाने से बड़ी राशि की निकासी उच्च स्तर की मंजूरी के बाद ही हो सकेगी। वहीं, इससे कम राशि की निकासी के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। दिशा-निर्देश में प्रखंड से लेकर राज्य स्तर तक निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नामित करने का प्रावधान भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस दिशा-निर्देश का उद्देश्य केंद्र समग्र शिक्षा अभियान के कार्यक्रमों में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। राशि की निकासी के लिए निर्धारित इस व्यवस्था से अभियान के तहत होने वाली वित्तीय प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए अपार संभावनाएं : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

यूपी टेक्स-2026 का भव्य समापन, योगी सरकार का वस्त्र उद्योग को नई रफ्तार देने पर जोर उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए अपार संभावनाएं : उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तकनीकी एवं रक्षा वस्त्रों के लिए उत्तर प्रदेश बन रहा प्रमुख गंतव्यः राकेश सचान लखनऊ उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख वस्त्र एवं परिधान विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों को यूपी टेक्स-2026 के जरिए नई मजबूती मिली है। लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय आयोजन का बुधवार को भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि रहे, जबकि हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान लेटर ऑफ कम्फर्ट, वित्तीय प्रोत्साहन राशि के चेक और औद्योगिक इकाइयों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। दूसरे दिन स्पोर्ट्स टेक्सटाइल्स, स्पोर्ट्स गुड्स, प्रोटेक्टिव एवं डिफेंस टेक्सटाइल्स, हस्तशिल्प निर्यात और टेक्सटाइल पॉलिसी-2027 पर महत्वपूर्ण सत्र हुए।  यूपी अपार संभावनाओं वाला प्रदेशः उपमुख्यमंत्री पाठक उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है और योगी सरकार के नेतृत्व में क्षेत्र आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने हथकरघा क्षेत्र को बाजार, संसाधन, सब्सिडी, प्रोत्साहन और सिंगल विंडो व्यवस्था के जरिए नई ताकत दी है।   तकनीकी और रक्षा वस्त्र उद्योग में यूपी बनेगा अग्रणी गंतव्यः मंत्री राकेश सचान हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि राज्य तकनीकी वस्त्र और रक्षा वस्त्र उद्योग के लिए देश का अग्रणी गंतव्य बनकर उभर रहा है। उन्होंने पूंजीगत अनुदान, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, प्रशिक्षण सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास सहयोग जैसी योजनाओं की जानकारी दी। स्पोर्ट्स टेक्सटाइल और स्पोर्ट्स गुड्स के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की क्षमता पर मंथन ‘गेम प्लान यूपी : भारत के स्पोर्ट्स टेक्सटाइल एवं स्पोर्ट्स गुड्स पावरहाउस का निर्माण’ विषय पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित हुआ। वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भास्कर कालरा ने तकनीकी वस्त्रों को तेजी से बढ़ता और उच्च मूल्य-वर्धित क्षेत्र बताया। विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश को स्पोर्ट्स, प्रोटेक्टिव और डिफेंस टेक्सटाइल्स का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए समर्पित क्लस्टर, उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाएं, आरएंडडी केंद्र और पूर्ण औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत बताई।

यूपी में बाढ़ से निपटने के लिए योगी सरकार अलर्ट, 21 हजार से ज्यादा लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू

योगी सरकार का बाढ़ राहत अभियान जारी, 21,333 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, अब तक जनहानि शून्य बाढ़ प्रभावितों को 8.58 लाख लंच पैकेट वितरित किए गए, स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 1,139 मेडिकल टीमें तैनात 2,304 नाव-मोटरबोट से जारी चलाया गया बचाव अभियान, राहत शरणालयों में मिला प्रभावितों को ठिकाना लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान को और तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रशासन की सक्रियता और लगातार निगरानी के बीच अब तक 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। वहीं अब तक पशुहानि और जनहानि शून्य दर्ज की गई है। वर्तमान में 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान के तहत बुधवार को ही 7,903 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अब तक कुल 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत दी गई है। जलभराव और दुर्गम क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए 2,304 नाव एवं मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा चुका है। 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक अभियान जारी है। अब तक 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बुधवार को भी 83,545 लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए। इसके साथ ही अब तक 1.38 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट वितरित किए गए हैं। राहत शरणालयों में 7,581 लोग ले रहे आश्रय प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में अब तक 1,343 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इनमें 7,581 लोग रह रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,139 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अब तक 7.09 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट व 2.88 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इससे प्रभावित परिवारों को संक्रमण और जलजनित बीमारियों से बचाने में मदद मिल रही है। प्रभावित जिले अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशांबी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

अधिकारियों को अरुण साव की दो टूक—सुबह मैदान में उतरें, समस्याएं देखें और मौके पर कराएं समाधान

रायपुर : सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की संपत्ति कर के भुगतान के लिए निकायों में ऑनलाइन व्यवस्था बनाने के दिए निर्देश, सभी कार्यों और योजनाओं की नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति अपनाने कहा जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश, अगले 50 वर्षों की जरूरत को देखते हुए बनाएं दीर्घकालिक योजना रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज राज्य के सभी नगर निगमों तथा जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही जवाबदेही से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की योजनाएं बनाने, जनसुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नागरिकों की कल्याणकारी संस्था है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और संचालक नीलेशकुमार क्षीरसागर भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : अरुण साव उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के काम तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी सक्रियता से काम करें। प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। उन्होंने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों के सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने और संपत्ति कर जमा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा निकायों में आनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि वे निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा निर्माणाधीन कार्यों की कड़ाई से निरीक्षण करें। उन्होंने सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए कार्य-पद्धति विकसित करने के निर्देश दिए।  उप मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और अतिक्रमणों का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं का अतिरिक्त भार निकाय पर पड़ता है। उन्होंने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर साफ-सफाई की व्यवस्था और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए। इससे कार्यों की मैदानी हकीकत पता चलने के साथ ही शहर की समस्याओं और लोगों के फीडबैक की भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरों की अधोसंरचना भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होनी चाहिए।  साव ने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक योजना बनाने पर जोर देते हुए शहरों के सभी घरों में पेयजल आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था तैयार करने को कहा। भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निकायों के अधिकारी ही शहर की छवि और विकास की दिशा तय करने वाले प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी हैं, इसलिए पूरी क्षमता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें। शहरों की व्यवस्था ऐसी हो कि नागरिकों को निकाय की मौजूदगी का अहसास हो : सोनमणि बोरा नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि नगरीय निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्यो और योजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का निर्बाध और सुचारू संचालन भी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और बढ़ती जनआकांक्षाओं के अनुरूप निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी ढंग से अमल करना होगा। शहरवासियों को निकाय की मौजूदगी का अहसास होना चाहिए। उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाना चाहिए।  प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि नगरीय निकायों का काम संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसका कार्यक्षेत्र बेहद व्यापक है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों में आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। निगम आयुक्त और सीएमओ शहरी विकास और कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने और 'अर्बन फारेस्ट' विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का गंभीरता और सक्रियता से पालन करने को कहा। उन्होंने सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी समयबद्ध तरीके से नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन सभी नालंदा परिसरों को शीघ्र शुरू करने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने फर्नीचर, आइटी सुविधाओं, किताबों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। सूडा के सीईओ सुमित अग्रवाल, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता रमेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे। इन कार्यों की हुई समीक्षा उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न राज्य प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, निकायों की टीम द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति … Read more

बरेली में टंकी गिरने की वजह आया सामने, नदी के तेज कटान से हुआ हादसा; निर्माण में नहीं थी लापरवाही

बरेली में टंकी गिरने का प्रमुख कारण नदी का तेज कटान, निर्माण में नहीं हुई कोई लापरवाही ओवरहेड टैंक गिरने पर सामने आई जल निगम ग्रामीण की रिपोर्ट निर्माण के वक्त 150 मीटर दूर थी किच्छा नदी, बाद में बदली धारा से पहुंचा नुकसान तीन मीटर गहरी नींव के आस-पास बह गई थी मिट्टी, तेज कटान से गिरी निर्माणाधीन टंकी जल निगम की रिपोर्ट में खुलासा, गुणवत्ता नहीं प्राकृतिक परिस्थितियां बनीं टंकी गिरने की वजह लखनऊ/बरेली शेरगढ़ विकासखंड के ग्राम बैरमनगर में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक गिरने की घटना के पीछे जल निगम (ग्रामीण) की रिपोर्ट में निर्माण गुणवत्ता की कमी नहीं, बल्कि अत्यधिक जलप्रवाह और किच्छा नदी के तेज कटान को प्रमुख कारण बताया गया है। विभाग की गहन रिपोर्ट के मुताबिक निर्माण के समय टैंक स्थल नदी से करीब 150 मीटर दूर था। साथ ही यह फ्लड जोन में भी शामिल नहीं था। मिट्टी का परीक्षण कराकर स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कराया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह अत्यधिक बारिश और संभवतः गौला बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलप्रवाह अचानक बढ़ा। इसके चलते नदी की धारा बदली और महज 3-4 दिनों में तेजी से कटान करते हुए पानी टैंक परिसर के किनारे तक पहुंच गया। जल निगम ने सुरक्षा के लिए सैंड बैग और पिचिंग की व्यवस्था की, लेकिन पानी का बहाव अधिक और गहरा होने के कारण कटान रोकने की स्थायी व्यवस्था तत्काल संभव नहीं हो सकी। नींव के आस-पास की मिट्टी बही तेज कटान से टैंक की करीब तीन मीटर गहरी नींव के आस-पास की मिट्टी बह गई, जिससे नींव का धरातलीय सहारा कमजोर हुआ और एक तरफ झुक गया। इसी वजह से 8 सितंबर को आंशिक रूप से निर्मित टैंक अस्थिर होकर नदी में गिर गया। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि निर्माण सामग्री व गुणवत्ता में कोई कमी नहीं थी। निर्माण के बाद नदी की धारा और तटरेखा में आया असामान्य बदलाव व प्राकृतिक परिस्थितियों से उत्पन्न तेज कटान इस घटना की प्रमुख वजह रही।

2030 तक बिहार में पलायन रोकने का दावा, बाढ़ और फरक्का बराज पर भी बोले सम्राट चौधरी

पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी आगे भी लागू रहेगी। इससे कोई समझौता नहीं होगा। भले ही इससे बिहार को सालाना 20 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन यह ऐतिहासिक फैसला बिहार की आधी आबादी के सम्मान से जुड़ा है। मुख्यमंत्री ने एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में राज्य में शराबबंदी, बाढ़, रोजगार, पलायन से लेकर कई राजनीतिक मु्द्दों पर बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के आग्रह पर राज्य में शराबबंदी लागू की थी। इसका सकारात्मक असर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में नेपाल से आने वाली कोसी और गंडक आदि के जरिए बाढ़ आती है। हाईलेवल डैम बनाने को लेकर डीपीआर की सहमति बनी है। अभी जो बाढ़ की स्थिति बनी है, उसके लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। नदियों के भीतरी इलाकों में रहने वाले 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया। सामुदायिक रसोई चलाकर उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2030 के पहले बिहार से पलायन रुक जाएगा। 2030 तक पढ़ाई से लेकर नौकरी तक की बेहतर व्यवस्था हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ 30 सालों से काम कर रहा हूं। वह मेरे पितातुल्य हैं। एक सवाल पर उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का नेता कौन होगा, यह पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करता है। यह पार्टी का आंतरिक मामला है। फरक्का बराज से बिहार को नुकसान मुख्यमंत्री ने कहा कि फरक्का बराज से बिहार को नुकसान है। इससे गंगा नदी में गाद जमा हो गयी है। इस कारण बक्सर के पास गंगा की चौड़ाई चार किमी, पटना में 11 किमी, बेगूसराय में 17 किमी और भागलपुर में 26 किमी हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि फरक्का जल संधि पर बिहार की ओर से यह आग्रह है कि हमें पीने, खेती करने और उद्योग के लिए किसी भी समय पानी लेने का अधिकार हो। इसके लिए हमने केंद्र सरकार से बात की है।

सेवा संकल्प अभियान’ के ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम पर विजय शर्मा की नजर, तैयारियों का लिया जायजा

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान- ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की वर्चुअल समीक्षा बस्तर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद और दुर्ग के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की चर्चा जिला, संभाग, नगरीय निकाय एवं विकासखंड मुख्यालयों में सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन की तैयारी के निर्देश रायपुर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने प्रभार वाले जिलों बस्तर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद एवं दुर्ग में आगामी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में संबंधित जिलों के विधायकगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, नोडल अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी शामिल हुए।          उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के प्रथम दिवस की संध्या पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके तहत जिला एवं संभाग मुख्यालयों में सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनभागीदारी और सामाजिक समरसता के साथ सेवा एवं संकल्प की भावना को मजबूत करने का अवसर होगा। जनप्रतिनिधियों के साथ स्थान का करें चयन          शर्मा ने कलेक्टरों एवं संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान का चयन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल ऐसा हो, जहां अधिक से अधिक नागरिक सुविधाजनक रूप से शामिल हो सकें और आयोजन गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। नगरीय निकाय एवं विकासखंड स्तर पर भी हो सामूहिक आयोजन          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ की भावना को जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखते हुए सभी जिलों के नगरीय निकायों एवं विकासखंड मुख्यालयों में भी सामूहिक रूप से एक निर्धारित स्थान पर दीप प्रज्वलित करने की पहल की जाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप देने पर जोर दिया। सामाजिक संगठनों और प्रशासन के समन्वय से सफल बनेगा अभियान        शर्मा ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के बीच सहभागिता एवं सेवा भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आयोजन की तैयारियां समय पर पूरी हों और कार्यक्रम का उद्देश्य एवं संदेश समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर समुचित समन्वय एवं प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य किया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री शर्मा ने जिलावार तैयारियों की जानकारी ली तथा आयोजन को सफल, गरिमापूर्ण एवं जनभागीदारीपूर्ण बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पं. गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को CM योगी ने किया याद, बोले- राष्ट्र निर्माण में भूमिका अविस्मरणीय

राष्ट्र निर्माण में पं. गोविंद बल्लभ पंत का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि   काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारियों की पैरवी करने वालों में प्रमुख थे पं. पंत   स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृह मंत्री तक निभाई महत्वपूर्ण भूमिका   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 139वीं जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकभवन प्रांगण में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पं. पंत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रख्यात अधिवक्ता और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत का देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों के लिए समर्पित किया।   मुख्यमंत्री योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन में पं. पंत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वर्ष 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन के बाद ब्रिटिश सरकार ने क्रांतिकारियों के विरुद्ध अभियोग दर्ज किया तो उनकी पैरवी करने वाले प्रमुख अधिवक्ताओं में पंडित गोविंद बल्लभ पंत भी शामिल थे। उन्होंने अधिवक्ता के रूप में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1937 में पं. पंत को संयुक्त प्रांत का प्रीमियर चुना गया। देश की स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1947 में वह उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने। उस समय वर्तमान उत्तराखंड भी उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।   उन्होंने कहा कि बाद में पं. गोविंद बल्लभ पंत ने राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 1954 में वह देश के गृह मंत्री बने और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के भीतर विभाजन की नींव डालने के प्रयासों का समाधान निकालने और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का व्यक्तित्व और कृतित्व वर्तमान तथा भावी पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता रहेगा। उनकी जयंती पर प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

बैगा जनजातीय परिवारों के साथ संवाद, अधिकारियों को योजनाओं के लाभ के त्वरित निराकरण के निर्देश

संभागायुक्त ने बालाघाट के पाथरी ग्राम में की रात्रि चौपाल बैगा जनजातीय परिवारों के साथ संवाद, अधिकारियों को योजनाओं के लाभ के त्वरित निराकरण के निर्देश जनजातीय छात्रावास का भी निरीक्षण: बच्चों से किया संवाद हेल्थ स्क्रीनिंग कैम्प व्यवस्थाओं का लिया जायजा वनाधिकार पट्टा के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही के वन विभाग को निर्देश विभागीय योजनाओं में प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही के दिए निर्देश बालाघाट संभागायुक्त धनंजय सिंह ने बालाघाट जिले अंतर्गत बैहर विकासखंड के बैगा जनजातीय बाहुल्य ग्राम पाथरी में रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, वनाधिकार पट्टा, आहार अनुदान, पेयजल, रोजगार एवं आजीविका सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की मैदानी स्थिति की समीक्षा की। संभागायुक्त सिंह ने कहा कि बैगा जनजाति को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिले और दूरस्थ क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। रात्रि चौपाल में संभागायुक्त द्वारा स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र की योजनाओं की विभागीय अधिकारियों से विस्तृत समीक्षा करते हुए उपस्थित ग्रामीण जनों से वस्तुस्थिति का जायजा लिया। मौसमी एवं वर्षाजनित संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं उपचार, दस्तक-सह-स्टॉप डायरिया अभियान, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की गई। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति एवं पोषण आहार वितरण, छात्रावासों और आश्रमों की व्यवस्थाओं तथा स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की स्थिति की जानकारी भी विस्तार से ली गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों और परिवारों के पोषण एवं स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए वर्षाजनित संक्रामक बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए प्रभावी रूप से त्वरित कार्यवाही की जावे। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण संबंधी कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली गई। विभागीय योजनाएं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, पेयजल स्रोतों के नियमित परीक्षण और क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने जनजातीय विभाग के अधिकारियों को आहार अनुदान योजना का लाभ सभी बैगा परिवारों को सुनिश्चित कराने एवं योजना अंतर्गत राशि समय पर हितग्राहियों तक मिलने के लिए प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त सिंह ने ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और आवास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। संबल पंजीयन एवं अनुग्रह सहायता के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। राजस्व विभाग से अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के प्रकरणों की जानकारी लेते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जाति प्रमाण-पत्र की प्रगति ली तथा खाद्य विभाग को मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना तथा उज्ज्वला योजना का लाभ ग्रामीणों को सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। वन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान वनाधिकार पट्टा और पशु हानि के मुआवजे की जानकारी ली। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड और उससे मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में भी विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले इस हेतु एसडीएम और विभागीय अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की सतत मॉनिटरिंग करें। छात्रावास का निरीक्षण, विद्यार्थियों की सुविधाओं का लिया जायजा रात्रि चौपाल से पहले संभागायुक्त सिंह ने पाथरी स्थित शासकीय सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर टीकाकरण, छात्रवृत्ति, ठहरने संबधी व्यवस्थाएं, भोजन व्यवस्था और शैक्षणिक गुणवत्ता का जायजा लिया।उन्होंने सभी विद्यार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीकाकरण की व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। पाथरी प्रवास के दौरान संभागायुक्त ने पंचायत भवन में आयोजित आयोजित हेल्थ कैंप स्क्रीनिंग का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और टीकाकरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वर्षाजनित बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए आवश्यक उपाय प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त धनंजय सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने विभाग की सभी शासकीय योजनाओं का सैचुरेशन मोड में शत प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करावें। इस दौरान कलेक्टर कुमार सत्यम, सीसीएफ गौरव चौधरी सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।