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गुरु का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता, शिक्षक राष्ट्र निर्माण के सच्चे शिल्पकार-राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

रायपुर  समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को नमन करते हुए स्व. सोनचंद स्मृति फाउंडेशन के तत्वाधान में नगर भवन, बलौदाबाजार में गरिमामय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने जिले के 150 सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। ​गुरुजनों के मार्गदर्शन से ही संभव है सशक्त समाज का निर्माण  ​शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान को सर्वाेपरि बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं बांटते, बल्कि वे विद्यार्थियों में संस्कार रोपकर उनके व्यक्तित्व और भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। ​उन्होंने सभी गुरुजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि गुरुजनों का उपकार इतना महान है कि इसे कभी चुकाया नहीं जा सकता। जिन शिक्षकों का आज सम्मान हुआ है, उन्होंने अपने जीवन का स्वर्णिम समय भावी पीढ़ी को गढ़ने में समर्पित किया है। उनका यह योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।  कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा देने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

झरिया विस्थापितों को बड़ी राहत, बेलगड़िया में कमांड सेंटर से तुरंत सुलझेंगी समस्याएं

 धनबाद झरिया के अग्नि प्रभावित विस्थापितों के लिए बसाई गई झरिया विहार बेलगड़िया टाउनशिप की पूरी व्यवस्था अब एक जगह से मानिटर की जा सकेगी। झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (जेआरडीए) की ओर से बेलगड़िया में इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर विकसित किया जा रहा है। इस सेंटर के माध्यम से टाउनशिप के अलग-अलग फेज में रहने वाले विस्थापित परिवारों से जुड़ी सुविधाओं और समस्याओं की निगरानी की जाएगी। प्रशासन और जेआरडीए की कोशिश है कि विस्थापितों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए झरिया या धनबाद के दूसरे कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। इसको ध्यान में रखते हुए ही जेआरडीए के नए प्रशासनिक भवन के साथ-साथ यहां नया पुलिस आउटपोस्ट (टीओपी) भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि शिकायतों का तुरंत निपटारा हो सके। जिला प्रशासन के निर्देश पर जेआरडीए का पूरा कार्यालय इसी महीने के अंत तक बेलगड़िया में शिफ्ट हो जाएगा। इसके लिए बेलगड़िया में तीन प्रशासनिक ब्लाक तैयार किए गए हैं। करीब 50 प्रतिशत अधिकारी और कर्मचारी तथा कार्यालय पहले ही यहां शिफ्ट हो चुके हैं। शेष कार्यालयों को भी महीने के अंत तक स्थानांतरित करने की तैयारी है। अभी कार्यालय हीरापुर में चल रहा है। एक कमांड सेंटर से कई सुविधाओं पर नजर उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बेलगड़िया टाउनशिप के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां से टाउनशिप के अलग-अलग फेज में पानी, बिजली, सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित स्थिति की निगरानी की जा सकेगी। किसी इलाके में समस्या सामने आने पर संबंधित विभाग को तत्काल इसकी जानकारी देकर समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई जा सकेगी। कमांड सेंटर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विस्थापितों की समस्याओं को अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय के साथ देखा जा सकेगा। शिकायतों की निगरानी, उनके निष्पादन की स्थिति और लंबित मामलों पर भी नजर रखी जा सकेगी। इससे अधिकारियों को टाउनशिप की वास्तविक स्थिति की जानकारी एक ही स्थान से मिल सकेगी और शिकायतों के समाधान में तेजी आने की उम्मीद है। बीसीसीएल समेत तीन संस्थानों को मिलेगा कार्यालय बेलगड़िया के प्रशासनिक ब्लाक में जेआरडीए के अलावा बीसीसीएल, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) और वस्त्र मंत्रालय को भी कार्यालय के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विस्थापितों को पुनर्वास से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों तक स्थानीय स्तर पर पहुंच मिल सकेगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि पुनर्वास क्षेत्र में ही आवश्यक सरकारी सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। शिकायत निवारण केंद्र भी सक्रिय बेलगड़िया में विस्थापितों के लिए शिकायत निवारण केंद्र भी चालू है। यहां लोग सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक कार्य अवधि में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आफलाइन के साथ आनलाइन शिकायत की सुविधा भी उपलब्ध है। विस्थापित और पीड़ित परिजन jrdadhanbad.in के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ उसकी स्थिति भी मॉनिटर कर सकते हैं। आनलाइन शिकायत की सुविधा पिछले वर्ष 25 नवंबर से शुरू की गई थी। अब तक 3500 परिवार पहुंचे बेलगड़िया बेलगड़िया में अब तक करीब 3500 परिवारों को शिफ्ट किया जा चुका है। वर्ष 2008 से 2025 तक करीब 2800 परिवार यहां पुनर्वासित किए गए, जबकि संशोधित झरिया मास्टर प्लान आने के बाद जिला प्रशासन की पहल पर करीब 800 परिवारों को बेलगड़िया में शिफ्ट कराया गया है। जेआरडीए के अनुसार अभी कुल 13,872 परिवारों को यहां पुनर्वासित किया जाना है। इसके लिए प्रक्रिया जारी है। प्रशासन की कोशिश है कि पुनर्वास के साथ-साथ विस्थापितों को उनके नए आवासीय क्षेत्र में ही बेहतर नागरिक सुविधाएं और त्वरित शिकायत निवारण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर बनने से विस्थापितों को अपने काम के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। – आदित्य रंजन, उपायुक्त, धनबाद।

प्रतिभा खोज परीक्षा के परिणाम घोषित, 9 केंद्रों पर होगी जेईई-नीट की नि:शुल्क तैयारी

भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शाजापुर जिले की प्रतिभा खोज परीक्षा के अंतिम परिणाम घोषित करते हुए कहा कि प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों से परे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ‘प्रतिभा मंदिर परियोजना’ का विस्तार करते हुए अब जिले के 9 केंद्रों पर जेईई (JEE) एवं नीट (NEET) की नि:शुल्क तैयारी कराई जाएगी। मंत्री  परमार ने बताया कि प्रतिभा खोज परीक्षा में 1 हजार 751 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। इनमें कक्षा 9 आधारभूत तैयारी (फाउंडेशन) के 937, संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) के 347 तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के 467 विद्यार्थी शामिल हैं। चयनित विद्यार्थियों में 1 हजार 241 शासकीय एवं 510 निजी विद्यालयों के विद्यार्थी हैं। इनमें 1 हजार 207 हिंदी माध्यम और 544 अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी हैं तथा दिव्यांग श्रेणी के 5 विद्यार्थियों का भी चयन हुआ है। 17 सितंबर 2026 को सांदीपनि विद्यालय, गौलाना में परियोजना का भव्य शुभारंभ होगा। इस अवसर पर सभी चयनित विद्यार्थियों को अभिभावकों एवं संरक्षकों की उपस्थिति में प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा एवं कक्षाएं 18 सितंबर से प्रारंभ होंगी। मंत्री  परमार ने बताया कि विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी और उल्लेखनीय चयन को देखते हुए जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों शाजापुर, शुजालपुर एवं कालापीपल में प्रतिभा मंदिर केंद्रों की संख्या 3 से बढ़ाकर 9 की गई है। इनमें शुजालपुर, पोचानेर, गौलाना, अकोदिया एवं सुंदरसी के 5 सांदीपनि विद्यालय (सीएम राइज), शाजापुर का 1 उत्कृष्ट विद्यालय तथा कालापीपल, मोमन बड़ोदिया एवं पोलायकला के 3 महाविद्यालय शामिल हैं। मंत्री  परमार ने कहा कि प्रतिभा मंदिर परियोजना को समावेशी स्वरूप दिया गया है। शासकीय विद्यालयों के निर्धन एवं वंचित विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने के बाद सीटें रिक्त रहने पर निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी अवसर मिलेगा। चयनित निजी विद्यालय विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर अपने परिसर में भी प्रतिभा मंदिर स्थापित कर संचालित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त विश्वस्तरीय एवं नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के राष्ट्रीय संकल्प को मध्यप्रदेश में धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। यह प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं संकल्प के प्रति हमारा कार्य-समर्पण है। प्रतिभा मंदिर की कक्षाएं कोटा एवं नई दिल्ली स्थित प्रतिभा मंदिर स्टूडियो से ऑनलाइन संचालित होंगी। विषय-विशेषज्ञ शिक्षक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे तथा यूट्यूब (YouTube) चैनल एवं प्रतिभा धारा शिक्षण प्रबंधन प्रणाली (LMS) पोर्टल के माध्यम से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। स्क्रीन समय कम करने और अभ्यास को प्रभावी बनाने के लिए मुद्रित अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध होगी।  परमार ने कहा कि ‘प्रतिभा मंदिर’ केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का केंद्र नहीं, बल्कि संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर देने का माध्यम है।  

राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, अभी कमजोर रहेगा मानसून; 12 सितंबर से फिर बढ़ेगी बारिश

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर मौसम के मिजाज में बदलाव आ गया है। मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में आगामी 4-5 दिन कमजोर मानसून परिस्थितियां रहने तथा अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, आज भरतपुर, कोटा संभाग में छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह कमजोर मानसून परिस्थितियां दर्ज होने तथा अधिकांश स्थानों पर मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान बीकानेर संभाग के जिलों में दिन के समय अपेक्षाकृत तेज सतही हवाएं 20-25 KMPH चलने की संभावना है। मौसम विभाग के नए अपडेट के अनुसार पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में 12 सितंबर से एक और नया बारिश का दौर शुरू होने तथा पुनः बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। वेल मार्क लो प्रेशर एरिया कमजोर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अब कमजोर पड़ने लगी हैं। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार वेल मार्क लो प्रेशर एरिया कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है और वर्तमान में दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इसके असर से बीते 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हुई। वहीं सोमवार व मंगलवार से बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। प्रदेश में 1 जून से 6 सितंबर तक 313 MM बारिश दर्ज तीन दिन बारिश के दौर के बाद प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का करीब 81 फीसदी कोटा पूरा हो चुका है। 1 जून से 6 सितंबर तक 385.04 MM की तुलना में 313 MM बारिश हो चुकी है। अब कोटा पूरा होने में अभी भी 111 MM बारिश शेष है। इधर रविवार को अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीग, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, सवाईमाधोपुर और टोंक में मध्यम स्तर की बारिश हुई। इससे कई इलाकों में मौसम सुहाना हुआ। जयपुर का आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना राजस्थान के पश्चिमी जिलों में मानसून के कमजोर रहने और लगातार मौसम ड्राई रहने से गर्मी बरकरार है। रविवार को फलोदी में अधिकतम तापमान 38.6 ​डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर का दोपहर 3 बजे तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं आज जयपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहने की संभावना है।  

अवैध शराब प्रकरण के मृतकों एवं प्रभावितों के परिजनों से मिले, बंधाया ढांढस

भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बंडा क्षेत्र में अवैध शराब हादसे से प्रभावित गांवों का सघन दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि दुख की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने बंडा, शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती एवं पापेट पहुंचकर पीड़ित तथा मृतक परिवारों के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हृदय विदारक घटना है और प्रभावित परिवार कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने परिजन को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि शासन की ओर से नियमानुसार सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिजन द्वारा की गई मांग पर उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत तक पहुंचकर जड़ों को पूरी तरह समाप्त किया जाए, जिससे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। नशामुक्त समाज के लिए ग्रामीणों से की अपील उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए गांवों को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे परिवार और समाज को तबाह कर देती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए नशे की लत से दूर रहें। उन्होंने रेखांकित किया कि क्षेत्र में पूर्व में भी नशामुक्ति के लिए जनसहयोग से प्रयास हुए हैं; भविष्य में भी अवैध नशे के कारोबार पर पूर्ण विराम लगाने और इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शासन-प्रशासन पूरी कड़ाई और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दौरान बंडा विधायक  वीरेंद्र सिंह कलेक्टर मती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक  अनुराग सुजनिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जगदीश गोमे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे। 

लालकिला की रामलीला में फिल्मी सितारों का जलवा, रावण बनेंगे राजप्रेमी और नारद का किरदार निभाएंगे पेटल

नई दिल्ली रामलीलाओं की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। विभिन्न रामलीलाएं अपने यहां आयोजन को लेकर कई प्रयोग कर रही है। कहीं रावण दहन पर फोकस रहेगा, कहीं फिल्मी कलाकार मुख्य किरदार निभाएंगे। द्वारका सेक्टर-10 में इस साल रामलीला का 15वां आयोजन भव्य स्तर पर किया जाएगा। द्वारका श्री रामलीला सोसायटी की ओर से रविवार को सेक्टर-10 स्थित रामलीला मैदान में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में सोसायटी के चेयरमैन और मुख्य संरक्षक आकाश राजेश गहलोत समेत पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना और हवन किया। इस बार रामलीला का प्रमुख आकर्षण 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। आकाश राजेश गहलोत ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति को समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण पर्व है राजप्रेमी बनेंगे रावण, पेटल निभाएंगे नारद का किरदार लालकिला मैदान में इस बार होने वाली लव कुश रामलीला में फिल्म और टीवी जगत के चर्चित कलाकार अलग-अलग किरदार निभाएंगे। अभिनेता राजप्रेमी रावण जबकि पेटल कंवरजीत सिंह नारद मुनि की भूमिका में नजर आएंगे। अभिनेता और गायक शंकर साहनी केवट का किरदार निभाएंगे। 11 से 21 अक्टूबर तक होगी लव कुश रामलीला, 20 अक्टूबर को रावण दहन लव कुश रामलीला कमेटी के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने कहा कि रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा और 20 अक्टूबर को रावण दहन किया जाएगा। रामलीला के लिए 140 फुट लंबे, 60 फुट चौड़े और 45 फुट ऊंचे चार मंजिला मंच का निर्माण किया जा रहा है। इसे मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। वहीं, कमेटी चेयरमैन पवन गुप्ता ने बताया कि इस महीने की 20 सितंबर को भूमि पूजन होगा। उन्होंने साथ ही कहा कि इसमें केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों के साथ-साथ अन्य गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और यूपी के अटल आवासीय विद्यालय की सोच एक

वेंकटचलम (नेल्लोर) स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था को कमजोर किया। गांवों की आत्मनिर्भरता और स्थानीय संस्थाओं पर इसका असर पड़ा, लेकिन गांवों की आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई। स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय अलग राज्यों में होने के बावजूद समान सोच के साथ वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो ग्लोबल भी हो और रूटेड भी, आधुनिक तकनीक से लैस हो, लेकिन हृदय में भारत, संस्कृति पर गर्व, अपनी जड़ों का बोध, समाज के प्रति संवेदनशीलता और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना रखती हो। तकनीक भेदभाव नहीं करती और नए भारत ने गांव की ताकत को नई तकनीक से जोड़ दिया है। सीएम ने वेंकैया नायडू को उत्तर व दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सेतु बताया। मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों को बधाई दी। साथ ही ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि वेंकैया नायडू जी बहुआयामी व अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी हैं। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अपनी सरलता, सहजता और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता के बल पर पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई। सार्वजनिक जीवन में ऐसा विराट व्यक्तित्व मिलना दुर्लभ है, जो दल और विचारधारा की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को समान रूप से साथ लेकर चले और जिसकी सर्वत्र स्वीकार्यता हो। राज्यसभा सभापति के रूप में दायित्वों के निर्वहन में यही व्यापक स्वीकार्यता दिखाई देती थी। उनका योगदान राजनीति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने तेलुगु संस्कृति, खान-पान और वेश-भूषा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2001 में एक व्यक्ति ने शासन में रहकर समाज सेवा की यात्रा प्रारंभ की थी, आज वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। उसी वर्ष समाज सेवा की एक और यात्रा शुरू हुई, जो स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रूप में हम सबके सामने है। 25 वर्ष बाद दोनों यात्राओं का लक्ष्य एक ही है- विकसित भारत। जब सरकार और समाज दोनों की दिशा एक हो, दोनों का संकल्प एक हो और दोनों लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास करते हैं, तो अवश्य परिणाम आते हैं। भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव रहे हैं। सदियों तक गांव अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और संस्कृति के केंद्र रहे। वे उत्पादन, ज्ञान और जल संरक्षण के साथ ही कला-शिल्प के केंद्र रहे हैं तथा सामाजिक मूल्यों की मूल इकाई भी रहे हैं। कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार, स्थानीय संस्थाएं, सभी एक दूसरे से जुड़ी थीं। गांव की अर्थव्यवस्था एक सर्कुलर इकॉनमी थी। एक का उत्पादन दूसरे की आजीविका बनता था। विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर का असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा। गांव की आत्मनिर्भरता कम हुई। स्थानीय संस्थाएं कमजोर हुईं और ग्रामीण भारत की विकास यात्रा पर आघात हुआ। सीएम ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान चेतना की एक नई दिशा दी थी। उनका आह्वान था- 'बैक टू विलेज'। वे 'ग्राम स्वराज' के माध्यम से ऐसा गांव चाहते थे जो आत्मनिर्भर हो, स्वावलंबी हो, अपनी आवश्यकताओं के लिए सक्षम हो और अपने निर्णय स्वयं लेने में समर्थ हो। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वेंकैया नायडू जी ने 2001 में अपने आठ साथियों के साथ स्वर्ण भारत ट्रस्ट की शुरुआत की थी। ट्रस्ट ने स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर दंत एवं नेत्र चिकित्सा, पशु चिकित्सा से लेकर किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण से लेकर विद्यालयों एवं ब्रिज स्कूलों तक विभिन्न क्षेत्रों में अत्यंत सराहनीय कार्य किया है। इकोसिस्टम से बाहर बच्चों को वापस शिक्षा में लाना महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री ने कहा कि रेजिडेंशियल ब्रिज स्कूल के माध्यम से स्वर्ण भारत ट्रस्ट वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा, भोजन, पुस्तकें, ड्रेस और आवास की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। अक्षरा विद्यालय और स्वर्ण भारती विद्या मंदिर जैसे संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण व बीपीएल परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का भी अभिनव कार्य हो रहा है। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में भी श्रमिकों के बच्चों के लिए 18 मंडल मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता को खोने वाले बच्चों को भी इन विद्यालयों में शिक्षा व आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ये निःशुल्क आवासीय विद्यालय हैं, जहां आधी सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं। पुराने हुनर को दिया नया बाजार सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कोई न कोई पारंपरिक हुनर मौजूद है। वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी इसकी मिसाल हैं। पीढ़ियों से इस हुनर को आगे बढ़ाने वाले कारीगरों के पास आधुनिक डिजाइन, पूंजी और बाजार की कमी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की। हर जिले के एक प्रमुख उत्पाद को चिन्हित कर उसके कारीगरों को डिजाइन प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट, आसान बैंक ऋण तथा मार्केटिंग और एक्सपोर्ट का मंच उपलब्ध कराया गया। ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूल किट दिए गए। इसका परिणाम है कि इनका हुनर निर्यात तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में शामिल हो गया है। हमने कारीगर को नया हुनर नहीं सिखाया, बल्कि उसके पुराने हुनर को नया बाजार उपलब्ध कराया है। गांव की बेटियों को मिला गांव में रोजगार मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट की … Read more

राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, कई जिलों में छापेमारी और बड़ी बरामदगी

जयपुर आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशानुसार प्रदेश में निकाय चुनाव आदर्श आचार संहिता के तहत अवैध मदिरा निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय पर रोकथाम के लिए जारी निरोधात्मक गतिविधियों के तहत नाकाबंदी, गश्त, दबिश की प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देशन में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अन्य राज्य की शराब की तस्करी, अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन व विक्रय पर आबकारी निरोधक टीमों द्वारा प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। जयपुर में आचार संहिता की पालना के तहत नाकाबंदी में जीप कम्पास की तलाशी लेने पर एक कार्टन में 12 बोतल ब्लेक लेबल, 3 बोतल ऐब्सोल्यूट वोदका फोर सेल इन हरियाणा बरामद करते हुए अभियुक्त धीरज चैधरी एवं अनिल जैन को गिरफ्तार किया। चित्तौड़गढ़ में ईपीएफ टीम ने एक हजार लीटर वाॅश सहित 2 कच्ची भट्टियां नष्ट करते हुए 30 बोतल अवैध हथकड़ मदिरा जब्त की। हनुमानगढ़ के गंगागढ़, गंगाघाट, देबूघाट, मक्कासर आदि हथकड़ संवेदनशील क्षेत्रों में दबिश की कार्रवाई में 5 हजार लीटर वाॅश, 8 कच्ची भट्टियां नष्ट की गई। मौके से 65 लीटर हथकड़ मदिरा एवं देशी मदिरा के 39 पव्वे जब्त करते हुए अभियोग दर्ज किए। कोटा में आबकारी निरोधक दल ने दबिष देते हुए 1300 लीटर वाॅश सहित 2 कच्ची भट्टियां नष्ट करते हुए मौके से 59 लीटर अवैध हथकड़ शराब भी जब्त की। अलवर जिले में रविवार को आबकारी दल एवं आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में अलवर जंक्षन पर 662 पव्वे आईएमएफएल के फोर सेल इन चंडीगढ़ बरामद किए। जब्त मदिरा की अनुमानित कीमत एक लाख 8 हजार 550 रूपए आंकी गई है। इसी प्रकार प्रदेश में समस्त अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं आबकारी निरोधक दल द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही की जा रही है।

बस्ती से विदेश पहुंचा 25 हजार कुंतल शीरा, यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला ग्लोबल बाजार

लखनऊ  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब केवल स्थानीय और घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रह गई है। प्रदेश के कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। बस्ती से 25 हजार कुंतल शीरे का विदेश निर्यात इसका एक प्रमुख उदाहरण है। इससे करीब पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है। खास बात यह है कि शीरा अलग शुल्क वर्गीकरण में आता है, इसलिए इससे हुई विदेशी मुद्रा अर्जन की राशि प्रदेश के मुख्य आबकारी निर्यात आंकड़ों से अलग है।  उत्तर प्रदेश में गन्ने और अनाज जैसे कृषि उत्पादों से जुड़े उद्योगों को अब सिर्फ स्थानीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार भी उपलब्ध हो रहा है। इससे खेतों में तैयार होने वाले कच्चे माल के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और बाजार विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था का बड़ा नेटवर्क है। गन्ने से चीनी के साथ शीरा जैसे उप-उत्पाद भी तैयार होते हैं।  योगी सरकार की निर्यात नीति से बढ़ी वैश्विक पहुंच योगी सरकार की त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति 2026-29 का जोर प्रदेश की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहित करने पर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में प्रदेश के आबकारी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 45.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में राष्ट्रीय वृद्धि 18.3 फीसदी रही। अप्रैल-जून 2026 में यूपी का आबकारी निर्यात 127.8 लाख डॉलर तक पहुंचा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 87.9 लाख डॉलर था। यानी प्रदेश ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की। हालांकि, बस्ती के शीरे से मिली करीब पांच लाख डॉलर की विदेशी मुद्रा अलग शुल्क वर्गीकरण के कारण इन आंकड़ों से अतिरिक्त है। कृषि से लेकर लॉजिस्टिक्स तक जुड़ी पूरी चेन कृषि उत्पाद का विदेश पहुंचना केवल किसान और निर्यातक के बीच का कारोबार नहीं है। इसके पीछे प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और लॉजिस्टिक्स की पूरी श्रृंखला काम करती है। निर्यात बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है। फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक एक्सपोर्ट चेन हो रही तैयार आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि प्रदेश में निर्यात बढ़ने का असर केवल आबकारी इकाइयों तक सीमित नहीं है। उद्योग की पिछली कड़ी गन्ना, शीरा और अनाज जैसे कृषि उत्पादों से जुड़ी है, जबकि आगे कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे अनेक क्षेत्र जुड़े हैं। उत्पादन और निर्यात बढ़ने के साथ इन सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। इससे खेत से फैक्ट्री और फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक एक व्यापक एक्सपोर्ट चेन तैयार हो रही है।

किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा! छत्तीसगढ़ में 7 सिंचाई योजनाओं के लिए ₹30.74 करोड़ स्वीकृत

छत्तीसगढ़- सात सिंचाई योजनाओं के लिए 30.74 करोड़ रूपए स्वीकृत किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा बलौदाबाजार-भाटापारा और रायपुर जिले के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को मिलेगा फायदा रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सात प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग नहरों के जीर्णाेद्धार, रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा।               जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलेवार स्वीकृत कार्यों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के बलौदा शाखा नहर (वितरक 11 एवं 12)में रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग एवं पक्के निर्माण कार्यों के लिए 4.99 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, इससे 339.05 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इसी प्रकार सोंढूर परियोजना (बेन्द्री वितरक नहर) के भाटापारा शाखा नहर के बेन्द्री वितरक नहर की रिमॉडलिंग व सीसी लाइनिंग के लिए 4.82 करोड़ मंजूर। इससे 355 हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा।              रायपुर जिला (धरसींवा विकासखंड) के भाटापारा शाखा नहर कार्य में महानदी परियोजना अंतर्गत विभिन्न सुधार कार्यों हेतु 4.20 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 14) के आर.डी. 2700 मीटर से 3500 मीटर तक नहर को ह्यूम पाइप के माध्यम से भूमिगत करने के लिए 4.90 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। मांढ़र ब्रांच केनाल सर्विस रोडरू आर.डी. 31600 मीटर से 32900 मीटर तक डामर रोड निर्माण के लिए 1.90 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 8 व माइनर 1) में भूमिगत पाइपलाइन तथा कंक्रीट व मुरमीकरण रोड निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 11।, 13, 14 व माइनर्स) महानदी परियोजना समूह के अंतर्गत जीर्णाेद्धार कार्यों के लिए 4.97 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।            जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जल प्रबंधन बेहतर होगा और अंतिम छोर (टेल एरिया) तक किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।