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किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा! छत्तीसगढ़ में 7 सिंचाई योजनाओं के लिए ₹30.74 करोड़ स्वीकृत

छत्तीसगढ़- सात सिंचाई योजनाओं के लिए 30.74 करोड़ रूपए स्वीकृत किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा बलौदाबाजार-भाटापारा और रायपुर जिले के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को मिलेगा फायदा रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सात प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग नहरों के जीर्णाेद्धार, रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा।               जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलेवार स्वीकृत कार्यों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के बलौदा शाखा नहर (वितरक 11 एवं 12)में रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग एवं पक्के निर्माण कार्यों के लिए 4.99 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, इससे 339.05 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इसी प्रकार सोंढूर परियोजना (बेन्द्री वितरक नहर) के भाटापारा शाखा नहर के बेन्द्री वितरक नहर की रिमॉडलिंग व सीसी लाइनिंग के लिए 4.82 करोड़ मंजूर। इससे 355 हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा।              रायपुर जिला (धरसींवा विकासखंड) के भाटापारा शाखा नहर कार्य में महानदी परियोजना अंतर्गत विभिन्न सुधार कार्यों हेतु 4.20 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 14) के आर.डी. 2700 मीटर से 3500 मीटर तक नहर को ह्यूम पाइप के माध्यम से भूमिगत करने के लिए 4.90 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। मांढ़र ब्रांच केनाल सर्विस रोडरू आर.डी. 31600 मीटर से 32900 मीटर तक डामर रोड निर्माण के लिए 1.90 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 8 व माइनर 1) में भूमिगत पाइपलाइन तथा कंक्रीट व मुरमीकरण रोड निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 11।, 13, 14 व माइनर्स) महानदी परियोजना समूह के अंतर्गत जीर्णाेद्धार कार्यों के लिए 4.97 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।            जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जल प्रबंधन बेहतर होगा और अंतिम छोर (टेल एरिया) तक किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।

मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक बाजारों और नए निवेश की संभावनाओं का विस्तार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया भर के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है और मजबूत कनेक्टिविटी, विकसित औद्योगिक आधार तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को हर स्तर पर पूरा प्रशासनिक सहयोग मिलेगा और सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच पारंपरिक निवेश से आगे बढ़कर वैश्विक नवाचार, आर्थिक साझेदारी और नए अवसरों का सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक परिस्थितियां, आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित विकास आज निवेश की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में सतत और समावेशी भविष्य के लिए वैश्विक समृद्धि के नए निवेश मार्ग इस आयोजन की थीम बेहद प्रासंगिक है। भारत-यूएई संबंधों को नई आर्थिक ऊर्जा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध आज अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच बने गहरे विश्वास ने दोनों देशों के संबंधों को नई रणनीतिक और आर्थिक ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में लागू व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते सीईपीए ने व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सहयोग के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और वर्ष 2032 तक इसे 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उन्हें हर स्तर पर पूर्ण प्रशासनिक सहयोग और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपकी फाइलें सरकारी दफ्तरों की डेस्क पर इंतजार नहीं करेंगी, सरकार स्वयं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यूएई और दुनिया भर के निवेशकों को खाद्य प्रसंस्करण एवं एग्री-बिजनेस, टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स, फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा तथा डिजिटल अवसंरचना, डेटा सेंटर और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। कृषि और फूड प्रोसेसिंग में बड़ी संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं में अनेक समानताएं हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश यूएई और पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए विश्वसनीय और दीर्घकालिक आपूर्ति साझेदार बन सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन, गेहूं, दालों, मक्का, मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के साथ प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यूएई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए खाड़ी क्षेत्र एक बड़ा और स्थायी बाजार बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार से प्रदेश के कृषि उत्पादों को जोड़ने से किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज के बेहतर मूल्य मिल सकते हैं। इसके साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और फूड प्रोसेसिंग में निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे। चंदेरी-महेश्वरी से वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की समृद्ध वस्त्र परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि चंदेरी और महेश्वरी जैसी पारंपरिक पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और गारमेंट निर्माण से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन में महत्वपूर्ण स्थान बनाना है। उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीथमपुर, मंडीदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक केंद्र ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाईटेक विनिर्माण के मजबूत आधार बन चुके हैं। ऑप्टिकल फाइबर और उन्नत विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और मजबूत हुई है। एआईएम कांग्रेस से मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक म.प्र. की पहुंच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूएई केवल मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंचने का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी है। वहीं मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क, विकसित औद्योगिक क्षेत्र और बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के दौरान दुबई के बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में मध्यप्रदेश के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने से स्थानीय कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे। अरब संसद अध्यक्ष से भी हुई अहम चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से मुलाकात कर अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री … Read more

MP में निवेश के लिए ग्लोबल मंच पर CM मोहन यादव की पहल, इथियोपिया के राष्ट्रपति को GIS-2027 का आमंत्रण

दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात प्रवास के दौरान इथियोपिया के राष्ट्रपति महामहिम ताये अत्स्के सेलासी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ भारत-इथियोपिया आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और प्रदेश में वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर लगातार विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के उद्योग एवं व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के साथ साझेदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को निवेश, उद्योग और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारत-इथियोपिया आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर मुलाकात के दौरान भारत और इथियोपिया के बीच आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने तथा मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच निवेश एवं व्यावसायिक सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।  

मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर बड़ा कदम! CM मोहन यादव ने शेख सौद बिन सकर से की मुलाकात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से की मुलाकात मध्यप्रदेश और रास अल खैमाह के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दुबई प्रवास के दूसरे दिन संयुक्त अरब अमीरात की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण और प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न औद्योगिक और व्यवसायिक अवसरों की जानकारी दी।बैठक में मध्यप्रदेश और रस-अल-खैमा के बीच निवेश संवर्धन, औद्योगिक सहयोग, निवेशकों के संपर्क और बाजार पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा दोनों प्रमुखों के मध्य सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल डिवाइस, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों के बीच संस्थागत समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। निवेशकों को मध्यप्रदेश में भूमि की पहचान, आवश्यक अनुमतियों, अधोसंरचना से जुड़ी सुविधाओं और राज्य-स्तरीय नोडल सहयोग के माध्यम से समयबद्ध सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा हुई। रस-अल खैमा की कंपनियों एवं संस्थानों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की संयुक्त रूप से पहचान करने का प्रस्ताव रखा गया। रस-अल-खैमा विनिर्माण, सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्थापित केंद्र है। वहीं मध्यप्रदेश अपनी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि, स्थापित अधोसंरचना और सिंगल विंडो सुविधा के माध्यम से निवेशकों को भारतीय बाजार तक प्रभावी पहुंच उपलब्ध करता है। बैठक में दोनों पक्षों की पूरक क्षमताओं के आधार पर सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई।  

यूपी टेक्स-2026: लखनऊ में 8 और 9 सितंबर को जुटेंगे देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी और निर्माता

लखनऊ उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र को नई पहचान और गति देने की दिशा में योगी सरकार का प्रयास लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। इसी कड़ी में यूपी टेक्स-2026 का आयोजन 8 और 9 सितंबर 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे, जिसमें देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी एवं निर्माता हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के वस्त्र उद्योग की संभावनाओं, निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग योगी सरकार में लगातार उपलब्धियों की तरफ बढ़ रहा है। वर्ष 2017-18 से अब तक वस्त्रोद्योग क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2017’ तथा ‘उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022’ लागू की गई हैं। इन नीतियों के तहत नई वस्त्र इकाइयों तथा विस्तार/विविधीकरण करने वाली इकाइयों को लाभ पहुंचाते हुए 214 इकाइयों के पक्ष में ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी किए गए हैं। वहीं 157 इकाइयों को कुल 416.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है। 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ की मदद योगी सरकार ने हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों को स्वरोजगार और उत्पादन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना शुरू की। वित्तीय वर्ष 2023-24 से शुरू इस योजना के तहत अब तक 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से लाभान्वित किया जा चुका है। योजना में नए करघों की खरीद, कार्यशाला निर्माण और प्रशिक्षण आदि के लिए सहायता का प्रावधान है। अनुसूचित जाति के हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाने के लिए ‘झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना’ भी संचालित है। इसके तहत अब तक 4,039 बुनकरों को 77.45 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। 99,929 पावरलूम बुनकरों को बिजली दर में राहत पावरलूम बुनकरों को उत्पादन लागत में राहत देने के लिए ‘अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना’ के तहत भी बड़ा कदम उठाया गया है। योजना के अंतर्गत 99,929 पावरलूम विद्युत कनेक्शनधारक बुनकरों को लाभ पहुंचाने के लिए अब तक 3,446.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अनुमोदित की जा चुकी है। टेक्सटाइल पार्कों से बढ़ेगा निवेश और रोजगार प्रदेश में आधुनिक टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी सरकार का जोर है। लखनऊ-हरदोई की सीमा पर 1 हजार एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक अवस्थापना सुविधाओं से युक्त पीएम मित्र पार्क की स्थापना की जा रही है, जिसका बाउंड्री-वॉल निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके अलावा 3 अक्टूबर 2025 को ‘संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना’ घोषित की गई। इसके तहत वाराणसी, संत कबीर नगर, बरेली, बिजनौर और अमरोहा में टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं सीतापुर, रायबरेली, मऊ और कानपुर नगर में भी टेक्सटाइल पार्कों के लिए भूमि चिह्नित करने की कार्यवाही जारी है। नई योजनाओं से कौशल और बुनकरों की आय बढ़ाने पर जोर वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग ने दो नई योजनाएं भी शुरू की हैं। ‘उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना’ के जरिए प्रदेश में स्थापित होने वाली वस्त्र इकाइयों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित एवं कुशल श्रमिक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं ‘मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना’ के माध्यम से बुनकरों को समूह में संगठित कर सामूहिक उत्पादन के जरिए उनके कारोबार को आर्थिक मजबूती देने, आय बढ़ाने और विदेशी मुद्रा अर्जित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर 8 सितंबर को सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजन

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बुनियादी शिक्षा की मजबूत नींव बालवाटिका स्तर से ही तैयार करने की दिशा में सीखने को बच्चों के लिए सहज, आनंदमय और रचनात्मक अनुभव से जोड़ रही है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 8 सितंबर को प्रदेश के सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों एवं बालवाटिकाओं तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ गतिविधि आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य कहानी के माध्यम से बच्चों में सुनने, समझने, अपनी बात कहने, कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच को विकसित करना है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा श्रीमती मोनिका रानी के निर्देशों के क्रम में जारी कार्यक्रम में बालवाटिका के साथ डायट स्तर पर भी गतिविधियों के आयोजन और स्थानीय नवाचारों को शामिल करने पर जोर दिया गया है। नीतिगत रूप से यह पहल बालवाटिका स्तर पर सीखने की प्रक्रिया को बच्चों के अनुभव, संवाद और रचनात्मकता से जोड़ते हुए बुनियादी साक्षरता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कहानी बनेगी सीखने का सहज माध्यम को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों एवं बालवाटिकाओं में बालवाटिका हस्तपुस्तिका की दिवस योजना के अनुसार स्वागत समय और स्वतंत्र खेल गतिविधि के बाद कहानी सत्र में ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ गतिविधि कराई जाएगी। इसे बच्चों के सामाजिक एवं भावनात्मक विकास से जोड़ते हुए कहानी समय के सत्र में आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तर से उपलब्ध बिग बुक अथवा स्थानीय कहानी में से बच्चों की आयु के अनुरूप कहानी का चयन किया जाएगा। कहानी ऐसी होगी, जिससे बच्चों को नैतिक संदेश भी मिल सके। कहानी सुनाने के दौरान बच्चों की कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच को ध्यान में रखते हुए कहानी से जुड़े बंद एवं खुले छोर वाले प्रश्न पूछे जाएंगे और बच्चों को अपने उत्तर देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। डायट स्तर पर भी होगा विशेष आयोजन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में भी ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ गतिविधि आयोजित की जाएगी। स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए इसमें नवाचारी प्रयासों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। आसपास की बालवाटिकाओं के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एकेडमिक रिसोर्स पर्सन, बच्चों और अभिभावकों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया जा सकेगा। डायट स्तर पर कहानी पढ़ने का सत्र, कहानी के बाद बच्चों के साथ चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र तथा अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एकेडमिक रिसोर्स पर्सन की सहभागिता से कहानी वाचन जैसी गतिविधियां प्रस्तावित हैं। बच्चों को कागज एवं रंग उपलब्ध कराकर कहानी से प्रेरित चित्र बनाने के लिए प्रोत्साहित करने और उनके चित्रों को प्रदर्शित कर उनकी सराहना करने पर भी जोर दिया गया है। कहानी से आगे बढ़ेगी रचनात्मक अभिव्यक्ति गतिविधि के बाद बालवाटिका में बच्चों से कहानी के आधार पर चित्र बनाने, चित्र के बारे में अपनी बात बताने और कहानी से जुड़ी रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसर देने के निर्देश हैं। बच्चों द्वारा तैयार सामग्री को सुरक्षित रखने तथा उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है। सभी बालवाटिकाओं में गतिविधि सुनिश्चित करने के लिए प्रधानाध्यापक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और संबंधित शिक्षण सहयोगियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कोट: योगी सरकार बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत आधार देने के लिए सीखने को आनंद और रचनात्मकता से जोड़ रही है। ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ जैसी गतिविधियों से बालवाटिका के बच्चों में भाषा, कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति का विकास होगा। *संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश* कोट कहानी बच्चों के सीखने, सोचने और अपनी बात कहने का सहज माध्यम है। यह गतिविधि बालवाटिका में बच्चों की कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हुएव साक्षरता की मजबूत नींव तैयार करने में सहायक होगी। श्रीमती मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

राइजिंग राजस्थान को रफ्तार देने की तैयारी, 10 दिसंबर तक ज्यादा से ज्यादा निवेश प्रोजेक्ट्स धरातल पर लाने का लक्ष्य

जयपुर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री की मंशानुरूप आगामी 10 दिसंबर को प्रवासी राजस्थानी दिवस तक अधिकाधिक एमओयू ग्राउंड ब्रेकिंग के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी एवं समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए एमओयू की प्रगति एवं उनके क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी लेते हुए इनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निवेश परियोजनाओं से संबंधित आवश्यक प्रस्ताव एवं फाइलें शीघ्र प्रस्तुत की जाएं। साथ ही, संबंधित जिला कलक्टरों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा एवं राजस्व विभाग से अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने भूमि संबंधी प्रकरणों के त्वरित निस्तारण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि की पहचान एवं आवंटन से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो और परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग शिखर अग्रवाल ने विभागवार प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव विभिन्न चरणों में हैं। इनमें 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है उन्होंने कहा कि आगामी लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जिन प्रकरणों में स्वीकृति दी जानी है, उनमें अनावश्यक विलंब न हो और उन्हें शीघ्र अनुमोदित किया जाए। वहीं, जिन प्रकरणों में स्वीकृति संभव नहीं है, उनमें भी तत्काल निर्णय लेकर उन्हें लंबित न रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करते हुए अनावश्यक रूप से कोई प्रकरण लंबित नहीं रखा जाए। बैठक में विभागवार निर्धारित लक्ष्यों एवं उनके विरुद्ध अर्जित प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निवेश प्रस्तावों से जुड़े प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाई जाए।    

एक महीने से हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, हरियाणा सरकार ने 30 की नौकरी खत्म की; दर्ज है FIR

चंडीगढ़  हरियाणा में एक महीने से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के अलग-अलग शहरी निकायों में कार्यरत पे रोल और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से लगे 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इन कर्मचारियों के खिलाफ सफाई कार्य नहीं करने और काम कर रहे कर्मचारियों को भी काम करने से रोकने के आरोप में एफआइआर दर्ज है। हड़ताल लंबी खिंचने के साथ ही प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच मुख्य गतिरोध नियमितीकरण को लेकर है। प्रदेश सरकार कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें मान चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी विधानसभा में कहा है कि कर्मचारियों की 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं और अदालत में विचाराधीन मामलों में न्यायालय के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के दायरे में लाने की पेशकश की गई है। इसका मतलब पात्र कर्मचारियों को नौकरी में एक निश्चित सुरक्षा मिलेगी और उन्हें अचानक सेवा से बाहर किए जाने की आशंका कम होगी। सरकार के मुताबिक एचकेआरएन के तहत कर्मचारियों को व्यवस्थित और संस्थागत व्यवस्था देने का उद्देश्य भी ठेकेदारों और बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना है। एचकेआरएन में समान श्रेणी के काम के लिए मानकीकृत वेतन व्यवस्था लागू है और सरकार इसे कर्मचारी-केंद्रित व्यवस्था बता रही है। सरकार ने सेवा सुरक्षा को लेकर यह भी कहा है कि पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ देने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार 31 अगस्त तक सेवा सुरक्षा पोर्टल पर 62,497 आवेदन मिले थे, जिनमें से हजारों आवेदनों को संबंधित अधिकारियों की ओर से मंजूरी दी जा चुकी थी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अगले दो माह में कोई भी पात्र कर्मचारी सेवा सुरक्षा से वंचित नहीं रहेगा। दूसरी ओर, हड़ताली कर्मचारी सेवा सुरक्षा के बजाय नियमितीकरण की मांग पर अड़े हुए हैं। यही मुद्दा सरकार और कर्मचारियों के बीच समझौते में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। हाल के दिनों में हड़ताल के कारण गुरुग्राम समेत कई शहरों में कचरा उठाने और सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा है। गुरुग्राम में हड़ताल के 31वें दिन कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया और मंत्री के आवास की ओर मार्च किया। सरकार की ओर से 12 मांगें मान लिए जाने के बावजूद हड़ताल समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में 30 कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई से विवाद और बढ़ने के आसार हैं। अब सरकार का जोर सेवा सुरक्षा और मौजूदा रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने पर है, जबकि कर्मचारी नियमित सरकारी सेवा का दर्जा चाहते हैं। दोनों पक्षों के बीच इसी बिंदु पर गतिरोध बना हुआ है।

सपा सरकार में बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगेगी, अखिलेश यादव का बड़ा वादा

  लखनऊ   समाजवादी पार्टी, प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आज बिहार के समाजवादी नेता श्रद्धेय बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के शहादत दिवस पर कुशवाहा, शाक्य, मौर्य, सैनी समाज का सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।     इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई बहुत पुरानी है। भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी है। नकारात्मक राजनीति करती है। विपक्ष पर झूठे आरोप लगाती है। बदनाम करती है। भाजपा बाबा साहब का संविधान और कानून नहीं मानती है। बाबा साहब का संविधान बचाने और सामाजिक न्याय के लिए पीडीए सरकार बनाना जरूरी है। भाजपा के खिलाफ पीडीए ही विकल्प है। पीडीए की लड़ाई बड़ी है। पीडीए की एकजुटता से भाजपा घबराई है। तरह-तरह का षड्यंत्र कर रही है। भाजपा गरीबों, कमजोरों पर अन्याय कर रही है। उसका एजेण्डा नफरत फैलाना है। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी कभी दूसरे से नफरत नहीं करता है और दूसरे के साथ अन्याय नहीं करता है।     अखिलेश यादव ने कहा कि आज कार्यक्रम में सामाजिक न्याय की लड़ाई को लड़ने वाले बड़ी संख्या में लोग मौजूद है। सभी ने पीडीए समाज को और जोड़ने तथा पीडीए आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया। सबने मिलकर पीडीए सरकार बनाने और सामाजिक न्याय के राज की स्थापना का संकल्प लिया है जिससे सबको हक और सम्मान मिले। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी घोषित की जाएगी और सपा सरकार में लखनऊ के सबसे महत्वपूर्ण स्थान गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगाकर स्मारक बनाया जाएगा। यादव ने कहा कि श्रद्धेय बाबू जगदेव कुशवाहा ने अपना पूरा जीवन वंचित, शोषित तबके को न्याय दिलाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने में लगा दिया।     अखिलेष यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में प्रदेश में भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर, सारनाथ, सोनभद्र और अन्य में विश्वस्तीय इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर दुनिया से जोड़ने और सुविधाएं देने का काम होगा।     अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि कुशवाहा, शाक्य, मौर्या, सैनी समाज के लोग आबादी में ज्यादा हैं लेकिन संख्या कम बताई जाती है। इनकी गिनती होनी चाहिए। आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा, जो लोग सुरंग में रहकर आरक्षण के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, उनकी सुरंगवादी सोच को नहीं चलने दिया जाएगा।     समारोह की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने की। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा, नीरज मौर्य एवं देवेश शाक्य, विधायक ऊषा मौर्य, राम अवतार सैनी, पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा, कार्यक्रम संयोजक जयपाल सैनी, कार्यक्रम संचालक अवनीश कुशवाहा पूर्व विधायक, जगदीश कुशवाहा पूर्व सांसद, आलोक शाक्य, प्रवक्ता राज कुमार भाटी, डॉ. नवल किशोर शाक्य आदि ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभाग किया। प्रदेश अध्यक्ष छात्र सभा विनीत कुशवाहा, आरएस कुशवाहा, दीनानाथ कुशवाहा, अमरनाथ मौर्य, वैभव सैनी प्रदेश उपाध्यक्ष छात्र सभा शामिल रहे।        

पटना के 3 इलाकों का होगा कायाकल्प, हरियाली के साथ वेंडिंग जोन और बेहतर पब्लिक स्पेस की तैयारी

पटना राजधानी में खाली और कम उपयोग हो रहे स्थानों को अब हरित और मनोरंजक सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए तीन प्रमुख स्थानों पर अर्बन ग्रीन एंड रिक्रिएशनल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रस्ताव नगर निगम की ओर से तैयार किया गया है। इसमें पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक का मार्ग, गांधी मैदान व उसकी बाहरी परिधि और मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र शामिल है। प्रस्तावित योजना में हरियाली बढ़ाने के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए सुविधाएं विकसित करने तथा छोटे दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाने की परिकल्पना की गई है। अर्बन ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से तीनों क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के साथ पैदल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। साइकिल ट्रैक से साइकिल चलाने वालों को सुरक्षित जगह मिल सकेगी। वहीं, व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनने से छोटे दुकानदारों को तय स्थान मिलेगा और सड़क किनारे अव्यवस्थित दुकानें लगाने की समस्या कम हो सकती है पौधारोपण, लैंडस्केपिंग, बैठने की जगह और बेहतर रोशनी से इन क्षेत्रों की सुंदरता बढ़ने के साथ लोगों को अधिक सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक वातावरण उपलब्ध होगा। नगर निगम जल्द ही इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की दिशा में काम कर रहा है। पटेल गोलंबर-शेखपुरा मोड़ मार्ग होगा हरित पहले स्थल के रूप में पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक के मार्ग को विकसित करने का प्रस्ताव है। सड़क के किनारे व्यवस्थित फुटपाथ और साइकिल ट्रैक बनाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही सड़क के आसपास और डिवाइडर क्षेत्र में पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाई जाएगी। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ पर टैक्टाइल पथ प्रस्तावित है। इससे दृष्टिबाधित लोगों को भी आवाजाही में सुविधा होगी। सड़क किनारे आकर्षक लाइटें, पौधों की कतार और गमलों से क्षेत्र को बेहतर रूप देने की योजना है। इसके अलावा दीवारों पर बिहार की कला और संस्कृति से जुड़े चित्रों के माध्यम से इस मार्ग को आकर्षक बनाया जाएगा। एयरपोर्ट से शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्ग को हरित और व्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा। गांधी मैदान के चारों ओर विकसित होगा सार्वजनिक क्षेत्र दूसरे स्थल के रूप में गांधी मैदान की बाहरी परिधि को विकसित करने की योजना है। इसके गेट क्षेत्र समेत मैदान के आसपास के हिस्से को बेहतर सार्वजनिक स्थान के रूप में तैयार किया जागा। यहां चौड़े फुटपाथ, हरियाली, बैठने की जगह, स्ट्रीट लाइट और व्यवस्थित वेंडिंग कियोस्क प्रस्तावित हैं। चाय-नाश्ता, फल और अन्य सामान बेचने वाली दुकानों के लिए एक समान डिजाइन वाले कियोस्क लगाए जाएंगे। इससे दुकानदारों को निर्धारित स्थान मिलेगा और सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से दुकानें लगाने की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। गांधी मैदान के गेट क्षेत्र में ऑटो के लिए व्यवस्थित स्थान का भी प्रस्ताव है। कूड़ा प्रबंधन के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए जाएंगे। लोगों के बैठने के लिए बेंच, पौधों से सजे लैंडस्केप क्षेत्र और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था से मैदान के आसपास का क्षेत्र अधिक सुविधाजनक बनेगा। गांधी मैदान की आंतरिक परिधि में भी बढ़ेगी हरियाली गांधी मैदान की आंतरिक परिधि को बेहतर बनाने के लिए भी योजना बनाई है। इसमें पैदल पथ को व्यवस्थित करने, हरियाली बढ़ाने और लोगों के बैठने के लिए स्थान विकसित करने की तैयारी है। कुछ हिस्सों में अलग साइकिल ट्रैक भी प्रस्तावित है। मैदान के किनारे खुले स्थानों को केवल आने-जाने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें टहलने, बैठने और साइकिल चलाने के अनुकूल बनाया जाएगा। इससे गांधी मैदान के आसपास का क्षेत्र अधिक उपयोगी और सुविधाजनक सार्वजनिक स्थान बन सकेगा। मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के नीचे बदलेगा नजारा तीसरे स्थल के रूप में मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे की जगह को विकसित करने का प्रस्ताव है। फ्लाईओवर के पिलरों के बीच उपलब्ध स्थान में हरियाली, पैदल पथ और बैठने की सुविधा विकसित करने की तैयारी है। इसके साथ आकर्षक प्रकाश व्यवस्था भी प्रस्तावित है। यहां पौधों से सजे छोटे लैंडस्केप क्षेत्र बनाने की योजना है। पैदल यात्रियों के लिए टैक्टाइल पथ और कचरा डालने के लिए अलग-अलग डस्टबिन भी प्रस्तावित स्वरूप में शामिल हैं। इससे फ्लाईओवर के नीचे के स्थान को अधिक साफ-सुथरा और उपयोगी सार्वजनिक क्षेत्र बनाया जाएगा। ये जगह होंगे विकसित     पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट-शेखपुरा मोड़     गांधी मैदान व उसकी बाहरी परिधि     मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के नीचे