samacharsecretary.com

BJP ने हरियाणा निकाय चुनाव में कैसे मारी बाजी? कांग्रेस की हार के पीछे ये बड़ी वजहें

चंडीगढ़  हरियाणा नगर निकाय चुनावों में बीजेपी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। शहरी वोटरों के बीच संगठन की मजबूत रणनीति, बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ता और विकास के मुद्दों ने बीजेपी को बढ़त दिलाई। दूसरी ओर कांग्रेस अंदरूनी गुटबाजी, कमजोर चुनावी रणनीति और स्थानीय नेतृत्व की कमी से जूझती नजर आई। कई सीटों पर कांग्रेस मजबूत मुकाबला देने में भी असफल रही। बीजेपी ने अंबाला सिटी, सोनीपत और पंचकूला में जीत दर्ज की, जिससे शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत हुई। हुड्डा के गढ़ में भी बीजेपी ने मारी बाजी बीजेपी ने अन्य नगर निकाय चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया। इसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ सांपला नगर समिति में अध्यक्ष पद जीतना, रेवाड़ी और धारूहेरा में जीत हासिल करना शामिल है। पंचकूला में भाजपा के महापौर उम्मीदवार शाम लाल बंसल और 17 वार्ड उम्मीदवारों ने नगर निगम चुनावों में एकतरफा जीत दर्ज की। बीजेपी ने रेवाड़ी सोनीपत में भी मारी बाजी     रेवाड़ी नगर परिषद चुनावों में बीजेपी की उम्मीदवार विनीता पिप्पल ने 21,000 से अधिक वोटों के प्रभावशाली अंतर से अध्यक्ष पद जीता।     सोनीपत में बीजेपी ने नगर निगम के 22 वार्डों में से 16 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने शेष छह सीटें जीतीं।     बीजेपी उम्मीदवार राजीव जैन ने महापौर का चुनाव जीता।     बीजेपी उम्मीदवार अर्चना छिब्बर ने वार्ड संख्या 6 से जीत हासिल की, जबकि पार्टी ने अंबाला नगर निगम के 16 वार्डों में, कांग्रेस ने तीन वार्डों में और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक वार्ड में जीत दर्ज की। सीएम नायब सैनी ने किसे दिया जीत का श्रेय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नगर निगम चुनावों में विजयी सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनता ने इन चुनावों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में लगातार भाजपा सरकारें बन रही हैं। प्रधानमंत्री की नीतियों पर जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और कांग्रेस ने झूठ के जरिए जनता को गुमराह करना जारी रखा, लेकिन अब जनता ने उसका असली चेहरा पहचान लिया है। विज ने विजेताओं को दी बधाई हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने राज्य में हुए नगर निकाय चुनावों में विजयी बीजेपी के सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ बीजेपी उम्मीदवारों की नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लागू की जा रही विकास, सुशासन और कल्याणकारी नीतियों में जनता के विश्वास की जीत है। विज ने विशेष रूप से बीजेपी के विजयी महापौर उम्मीदवार अंबाला शहर से अक्षिता सैनी, सोनीपत से राजीव जैन और पंचकूला से श्यामलाल बंसल को बधाई दी और कहा कि जनता ने विकास और पारदर्शी प्रशासन के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है।

सफलता की कहानी: सुनीता जायसवाल को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी खुशी

सफलता की कहानी-सुनीता जायसवाल को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी मुस्कान प्रशासन की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई से हितग्राही ने जताया आभार रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। नगर पालिका भाटापारा के इतवारी राम यादव शासकीय विद्यालय में आयोजित शिविर में उस समय प्रशासन का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया, जब राशन कार्ड की समस्या लेकर पहुंची स्थानीय निवासी सुनीता जायसवाल का कार्य मिनटों में पूरा हो गया। संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान         सुनीता जायसवाल लंबे समय से राशन कार्ड की समस्या से जूझ रही थीं। शिविर में उनके आवेदन पर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और पात्रता की जांच कर मौके पर ही नया राशन कार्ड बनाकर सौंपा। हाथों-हाथ राशन कार्ड पाकर सुनीता भावुक हो गईं और उन्होंने त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया। एक ही छत के नीचे मिली सरकारी सेवाएं         सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है। इस शिविर की प्रमुख विशेषताएं रहीं। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से आवेदनों का मिलान और सत्यापन आसान हुआ। प्राप्त आवेदनों पर बिना किसी विलंब के पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की गई। सुनीता जायसवाल की तरह अन्य दर्जनों लोगों ने भी अपनी पेंशन, राजस्व और अन्य नागरिक सेवाओं का तत्काल लाभ प्राप्त किया।सरकार की यह पहल सचमुच सुशासन का प्रतीक है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा राशन कार्ड इतनी जल्दी बन जाएगा। अब मुझे दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। धरातल पर उतर रहा है सुशासन         हितग्राही सुनीता जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प को पूरा कर रही है। प्रशासन का यह समस्याओं को स्थल पर ही समाधान मॉडल जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।

ओबीसी प्रदेश स्त्री सम्मेलन अमरकंटक में. राजमणि पटेल

अनूपपुर  प्रदेश स्त्री सम्मेलन राष्ट्रीय ओबीसी संगम के आयोजन में एक दिवसीय ओबीसी का सम्मेलन अमरकंटक में आयोजित होने जा रहा है इस सम्मेलन में काफी संख्या में ओबीसी समाज के लोग पहुंचने की संभावना है प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल जी का आगमन होगा तथा प्रदेश के कई दिग्गज नेता इस कार्यक्रम में शिरकत लेंगे राजमणि पटेल जी से हुई वार्तालाप पर उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन अमरकंटक के संगम में आयोजित किया जा रहा है यह कार्यक्रम 16 एवं 17 में 2026 को आयोजित होने जा रहा है जिसमें ओबीसी समाज को एकत्रित करने एवं दिशा निर्देश देने के कार्यक्रम में राजमणि पटेल रीवा से अमरकंटक पहुंचेंगे जहां ओबीसी समाज के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे राजमणि पटेल ने कहा कि इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने

पंजाब में FCI कर्मचारी की चमकी किस्मत, ₹1 करोड़ जीतकर बोले- पहले उतारूंगा कर्ज

लुधियाना लुधियाना के रहने वाले रणधीर सिंह की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब मात्र 7 रुपए की लॉटरी ने उन्हें करोड़पति बना दिया। जो शख्स कल तक दो वक्त की रोटी के लिए एफसीआई (FCI) में पसीना बहाता था और कर्ज के बोझ तले दबा था आज वह करोड़ों का मालिक बन चुका है।  लाखोवाल गांव के रणधीर सिंह (40) रोजाना की तरह काम पर थे। इसी दौरान उन्होंने कोहड़ा स्थित गुप्ता लॉटरी से सिक्किम स्टेट लॉटरी की 7-7 रुपए वाली 4 बंडल टिकटें खरीदीं। रणधीर बताते हैं कि उन्होंने बस यूं ही अपनी किस्मत आजमाने के लिए ये टिकटें ली थीं। जैसे ही शाम 6 बजे ड्रॉ का परिणाम आया रणधीर को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने 1 करोड़ रुपए का पहला इनाम अपने नाम कर लिया था। 45 हजार से शुरू हुआ था सफर रणधीर के लिए लॉटरी का यह शौक नया नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में जब उन्होंने पहली बार हाथ आजमाया था तब उनकी 45 हजार रुपए की लॉटरी निकली थी। उस छोटी सी जीत ने उन्हें उम्मीद दी थी कि शायद कभी बड़ा बदलाव आए। तब से वह कभी-कभार अपनी किस्मत आजमा लिया करते थे। इस बार तो कुदरत ने उनके घर की गरीबी को हमेशा के लिए मिटाने का फैसला कर लिया था। बीमारी और कर्ज से मिलेगी मुक्ति लॉटरी जीतने के बाद रणधीर की आंखों में खुशी के साथ-साथ पुराने संघर्षों के आंसू भी थे। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए कहा कि मुझ पर काफी कर्ज है। अपनी और पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए मैंने लोगों से पैसे उधार लिए थे, जिन्हें चुकाना मुश्किल हो रहा था। अब सबसे पहले मैं अपना सारा कर्ज उतारूंगा। रणधीर के परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता भी हैं। अब तक वह संसाधनों की कमी के कारण उनकी वैसी सेवा नहीं कर पा रहे थे जैसी वह चाहते थे। हालांकि अब वह अपने माता-पिता को हर सुख-सुविधा देना चाहते हैं। बच्चों का भविष्य: मजदूर का बेटा मजदूर नहीं बनेगा रणधीर के दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी। उनका बेटा पढ़ाई में काफी होनहार है, जिसने कल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं की परीक्षा में 84% अंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की है। रणधीर का संकल्प है कि अब वह इन पैसों का सबसे बड़ा हिस्सा अपने बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च करेंगे। वह नहीं चाहते कि जो जिल्लत और मजदूरी उन्होंने झेली है वह उनके बच्चों को देखनी पड़े। एजेंसी पर जश्न का माहौल कल (13 मई) जब विजेता रणधीर सिंह लुधियाना की पूजा लॉटरी एजेंसी पर पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। एजेंसी के मालिकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी। पूरे इलाके में इस बात की चर्चा है कि कैसे एक साधारण मजदूर अपनी मेहनत और ऊपर वाले के आशीर्वाद से करोड़पति बन गया।  

मंत्री विश्वास सारंग ने किया श्रमदान, द्वारका नगर की बावड़ी सफाई अभियान में उतरे मैदान में

मंत्री विश्वास सारंग ने द्वारका नगर में बावड़ी की सफाई हेतु किया श्रमदान विद्युत संबंधी सेवाओं के शिविर का भी किया शुभारंभ भोपाल  सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नरेला विधानसभा के द्वारका नगर स्थित प्राचीन बावड़ी की सफाई हेतु श्रमदान किया एवं स्वच्छता मित्रों को किट वितरित कर उनका सम्मान एवं उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेशभर में जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन हेतु व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आगे उन्होंने कहा कि परंपरागत जल स्रोतों जैसे बावड़ी, कुएँ, तालाब एवं सरोवर हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं जिन्हें संरक्षित करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। मंत्री सारंग ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाते हुए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएँ। विद्युत संबंधी सेवाओं के शिविर का शुभारंभ मंत्री विश्वास सारंग ने नरेला विधानसभा के चाँदबड़ में संपर्क अभियान के तहत विद्युत संबंधी सेवा शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर में कनेक्शन संबंधी, बिल संबंधी, तकनीकि सेवाएं सहित मीटर व केवल सर्विस संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मंत्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की सरकार में जनता को सरकार के द्वार नहीं आना पड़ता बल्कि सरकार जनता के द्वार आकर समस्याओं का हल करती है। मंत्री सारंग ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में केवल बिजली के बिल आते थे बिजली नहीं वहीं बिजली के संकट से जूझने वाला मध्यप्रदेश आज भाजापा की सरकार में बिलजी आपूर्ति में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास और कल्याण सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री सारंग ने जानकारी देते हुए बताया कि संपर्क अभियान के तहत प्रत्येक माह विभिन्न क्षेत्रों में 8 विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिनके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन को सरल, सुलभ एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान उन नागरिकों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए जिनकी समस्याओं का समाधान 24 घंटे के भीतर किया गया। उक्त कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, रहवासियों सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

सांची दूध हुआ महंगा: नई कीमतें कल से लागू, प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी

भोपाल   मध्य प्रदेश सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के उत्पाद सांची ने भी दूघ के दाम में बढ़ोतरी करने का फैसला ले लिया है। अब प्रदेश के उपभोक्ताओं को दूध की सभी श्रेणियों के लिए 2 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त चुकाने होंगे। बता दें कि, नई कीमतें 15 मई से लागू कर दी जाएंगी। बता दें कि, नई कीमतें प्रभावी होने के बाद आज तक आप जिस आधे लीटर दूध के पैकेट को 35 रुपए में खरीद रहे हैं, वही पैकेट कल से आपको 36 रुपए में मिलेगा। जबकि 70 रुपए वाला एक लीटर दूध का पैकेट कल से 72 रुपए की दर से मिलेगा। ये है बढ़ोतरी का कारण इस संबंध में जानकारी देते हुए सांची के एमडी संजय गोवाणी का कहना है कि, उत्पादन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि, इससे पहले सांची ने दूध की कीमतों में मई 2025 को बढ़ोतरी की थी। फिर आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। रसोई गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच अब दूध के दामों में भी उछाल आ गया है। प्रदेश के लोकप्रिय ब्रांड सांची ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है, जो 15 मई 2026 से प्रभावी होंगी। उपभोक्ताओं को प्रति लीटर पर 2 रूपए बढ़े इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को प्रति लीटर दूध पर 2 रुपए अधिक चुकाने होंगे। अब तक 35 रुपये में मिलने वाला आधा लीटर दूध का पैकेट अब 36 रुपए का मिलेगा, जबकि 70 रुपए वाला एक लीटर दूध पैकेट अब 72 रुपए में मिलेगा। महीने के बजट पर असर सुबह की चाय से लेकर बच्चों के नाश्ते और घर की जरूरतों तक दूध हर परिवार की रोजमर्रा की जरूरत है। ऐसे में दाम बढ़ने का सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ेगा। भोपाल सहित प्रदेशभर के उपभोक्ताओं में दूध के बढ़े दाम को लेकर चिंता दिखाई दे रही है। पूरा घरेलू खर्च ही बढ़ा लोगों का कहना है कि पहले से ही गैस सिलेंडर, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े हुए हैं, ऐसे में दूध महंगा होने से घरेलू खर्च और बढ़ जाएगा। खास बातें -सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ सांची ने एक साल होते ही फिर बढ़ाए दूध के दाम -2 रूपए प्रति लीटर की दर से सभी श्रेणियों के दूध में बढ़ोतरी का फैसला -उत्पादन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया -15 मई यानी कल से उपभोक्ताओं के चुकाने होंगे नई दरों के दाम

साइकिल यात्रा में दिखा अनोखा अंदाज: विधायक कंचन तनवे के काफिले में चली ई-कार

खंडवा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल और डीजल बचाने के आह्वान का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। खंडवा में भाजपा नेताओं ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई पहल शुरू की है। एक ओर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने सप्ताह में दो दिन साइकिल से शहर भ्रमण करने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर खंडवा महापौर अमृता यादव ने अपने काफिले से डीजल-पेट्रोल वाहन हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल कर लिया है। हालांकि कांग्रेस ने भाजपा नेताओं की इस पहल को ‘सिर्फ दिखावा’ बताते हुए तीखा हमला बोला है। साइकिल से भाजपा कार्यालय और दादाजी मंदिर पहुंचीं विधायक खंडवा विधायक कंचन तनवे ने बुधवार को अपने निवास से साइकिल यात्रा शुरू की। वह साइकिल से भाजपा कार्यालय और बाद में दादाजी मंदिर दरबार पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील की गई है, जिसके बाद उन्होंने स्वयं से शुरुआत करने का निर्णय लिया है। विधायक ने बताया कि अब वह सप्ताह में कम से कम दो दिन शहर के कार्यक्रमों और भ्रमण के लिए साइकिल का उपयोग करेंगी। उनका मानना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी छोटी दूरी के लिए साइकिल या सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की। महापौर ने काफिले में शामिल की इलेक्ट्रॉनिक गाड़ी इधर खंडवा महापौर अमृता यादव ने भी ईंधन बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने काफिले से पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल किया है। महापौर का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक वाहन न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि इससे ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। महापौर ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि खुद इस दिशा में कदम बढ़ाएंगे तो आम जनता भी प्रेरित होगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं ताकि प्रदूषण और ईंधन खपत दोनों में कमी लाई जा सके।     विधायक कंचन तनवे सप्ताह में दो दिन साइकिल से निकलेंगी     महापौर अमृता यादव ने डीजल गाड़ियां हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल कर लिया     ईंधन और समय बचाने महापौर अब नगर निगम की MIC बैठक ऑनलाइन करेंगी     कांग्रेस ने भाजपा की 'राजनीतिक नौटंकी' करार दिया है     कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने दिखावा कर रही है MIC बैठक ऑनलाइन करने पर भी विचार महापौर अमृता यादव ने नगर निगम की MIC बैठकों को भी ऑनलाइन करने को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। उनका मानना है कि ऑनलाइन बैठकें होने से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की आवाजाही कम होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत हो सकेगी। साथ ही डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस ने साधा निशाना भाजपा नेताओं की इस पहल पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सब केवल “राजनीतिक नौटंकी” है। उनका आरोप है कि भाजपा नेता जनता के बीच दिखावा करने के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं, जबकि वास्तविक मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस का कहना है कि यदि भाजपा वास्तव में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है, तो उसे महंगाई, बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और शहर की बुनियादी समस्याओं पर भी ठोस कदम उठाने चाहिए। शहर में चर्चा का विषय बनी पहल फिलहाल विधायक की साइकिल यात्रा और महापौर की इलेक्ट्रॉनिक वाहन पहल शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे पर्यावरण संरक्षण की सकारात्मक शुरुआत मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल केवल प्रतीकात्मक रहती है या वास्तव में शहर में बड़े बदलाव की दिशा तय करती है।  

मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती पर बड़ा फैसला, 13 हजार उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट रद्द

जबलपुर   मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने  13 हजार 89 चयनित शिक्षकों की मेरिट लिस्ट रद्द कर दी है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में 5 प्रतिशत बोनस अंक विवाद पर जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने पूरी मेरिट लिस्ट को दोबारा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने गैर-आरसीआई अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने का भी आदेश दिया है। मध्यप्रदेश के 13 हजार 89 शिक्षकों को बुधवार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की कथित तौर पर बोनस अंक विवाद जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। बुधवार को सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने विवादित मेरिट लिस्ट को निरस्त कर दिया। साथ ही राज्य शासन और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को नए सिरे से मेरिट लिस्ट बनाने को कहा है। नई मेरिट लिस्ट बनने से दोबारा प्रक्रिया होगी और इसका असर मध्यप्रदेश के 13 हजार 89 चयनित शिक्षकों पर पड़ेगा। कौन है गैर-आरसीआई अभ्यर्थी, जिन्हें करेंगे बाहर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि जिनके पास आरसीआई (भारतीय पुनर्वास परिषद) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा नहीं है, उन्हें 5 प्रतिशत बोनस का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने ऐसे सभी अपात्रों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने के निर्देश राज्य शासन और कर्मचारी चयन मंडल को दिए हैं। कोर्ट का मानना है कि यदि गलत जानकारी देकर लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को बाद में सुधार का अवसर दिया जाएगा तो यह ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। कोर्ट ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए लिखा है कि यदि पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थियों को अपने अंक कम कराने या नहीं वाला विकल्प चुनने की अनुमति दी जाती है तो यह सीधे बेईमानी को बढ़ावा देने जैसा हो जाएगा। कहां से शुरू हुआ था विवाद नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया और अन्य उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसमें सवाल उठाते हुए कहा था कि भर्ती नियमों के मुताबिक केवल आरसीआई से मान्यता प्राप्त 'विशेष शिक्षा डिप्लोमा' धारकों को ही 5 फीसदी बोनस अंक का लाभ दिया जाना था, लेकिन मेरिट सूची में करीब 14984 अभ्यर्थियों ने स्वयं को इसी श्रेणी में दर्शाकर बोनस अंक हासिल कर लिए। जबकि आरसीआई के आंकड़े कहते हैं कि मध्यप्रदेश में केवल 2194 कार्मिक और 3077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। यही विवाद का कारण बना। हां लिखते ही मिल गए बोनस अंक याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया के वक्त अभ्यर्थियों से न तो आरसीआई रजिस्ट्रेशन नंबर मांगा गया और न ही प्रमाण-पत्र। सिर्फ ऑनलाइन आवेदन में हां लिख देने से ही साफ्टवेयर के जरिए सीधे 5 प्रतिशत बोनस अंक दे दिए गए थे। खास बात यह है कि लोक शिक्षण संचालनालय ने पांच माह पहले ही चेतावनी दे दी थी कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का बोनस के लिए हां लिखा जाना संदिग्ध है। हालांकि तभी कोई ठोस कदम उठा लिए जाते तो आज मेरिट लिस्ट विवादों में नहीं रहती। इस पूरे प्रकरण में याचिकाकर्ता की तरफ से आलोक वागरेचा और विशाल बघेल ने पक्ष रखा था।

MP Weather Alert: बुंदेलखंड और चंबल में लू का प्रकोप, छतरपुर में तपिश ने तोड़े रिकॉर्ड

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है. बीते बुधवार को छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. वहीं कुछ हिस्सों में शाम के समय हल्के बादल और तेज हवाएं चल सकती है।  मौसम विभाग के अनुसार आज इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम जिलों में तीव्र लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है साथ ही रात के समय तापमान में बढ़ोतरी देखने के मिलेगी. विभाग ने इन इलाकों में वॉर्म नाइट की चेतावनी भी दी है, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं हैं।  कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''पश्चिमी मध्य प्रदेश इस समय सबसे अधिक तप रहा है. बुधवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा. इसके अलावा धार में 45 डिग्री, उज्जैन में 44.7 डिग्री और गुना में 44.6 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया.'' अरुण शर्मा ने बताया कि, ''लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए रतलाम और आसपास के जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है।  मौसम विभाग ने 15 मई से 17 मई तक प्रदेश के कई जिलों में लू का असर और बढ़ने की चेतावनी जारी की है. इसके अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, सागर, अलीराजपुर, झाबुआ और धार में हीटवेव लोगों को परेशान करेगी. वहीं 16 और 17 मई को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में भी लू का दायरा फैलने की संभावना है. ऐसे में दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में येलो और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. रात में भी वार्म नाइट का अलर्ट जारी तेज धूप की वजह से अब सिर्फ दिन की तपिश ही नहीं, बल्कि रात की गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है. इंदौर, उज्जैन और धार में मौसम विभाग ने वार्म नाइट यानी गर्म रातों का अलर्ट जारी किया है. इन शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रात में भी बना हुआ है. इसका असर लोगों की नींद और स्वास्थ्य दोनों पर पड़ रहा है, क्योंकि रात में भी शरीर को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।  15 से नया विक्षोभ, लेकिन राहत नहीं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है. दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण शुष्क हवाओं को बढ़ावा दे रहा है, जिससे गर्मी और अधिक बढ़ रही है. हालांकि 15 मई के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन मध्य प्रदेश में इससे तत्काल राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।  सिवनी और जबलपुर में बारिश की संभावना एक ओर जहां पश्चिमी मध्य प्रदेश गर्मी से झुलस रहा है, वहीं पूर्वी हिस्सों में मौसम का अलग रूप में देखने को मिल रहा है. सिवनी और जबलपुर समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है. जबकि इससे पहले सिवनी में पिछले 24 घंटों के दौरान 6.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर कुछ राहत महसूस की गई।  इन जिलों में भी 44 के आसपास रहेगा तापमान इसके अलावा नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में भी लू चलने की संभावना जताई गई है. राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी बनी रहेगी. मौसम विभाग ने दतिया, श्योपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान जताया है।  मौसम विभाग की सलाह लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है. शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।  मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल से 10 मई तक पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण के असर से कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिला था. अब मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में गर्म और शुष्क हवाओं का असर बढ़ गया है. वर्तमान में लू और तेज गर्मी का दौर शुरू हो चुका है. हालांकि स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्के बादल या तेज हवाएं चल सकती हैं। 

बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि पर CM योगी ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेमौसम बारिश, आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि का लिया संज्ञान 24 घंटे में पीड़ितों को मुआवजा देने का दिया निर्देश सीएम योगी ने डीएम समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर जाने के लिए कहा   लखनऊ उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने से हुए नुकसान पर पीड़ितों को मुआवजा देने का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को राहत पहुंचाने का काम 24 घंटे के अंदर पूरा किया जाए। यूपी में अति वर्षा, आंधी और आकाशीय बिजली से जनहानि, पशुहानि और आर्थिकहानि पर सीएम योगी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त की। उन्होंने सभी जिलों के जिलाधिकारियों समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि इस काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से नुकसान का सर्वे कराकर शासन को भी अवगत कराने के लिए निर्देशित किया। सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन पूरा कर तुंरत मुआवजा देने के लिए कहा गया है।