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मंत्री का निर्देश- वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे स्थलों के लिए बनाएं आकर्षक टूर पैकेज 

आपदा में अवसर: यूपी सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई नई कार्ययोजना पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ की विशेष बैठक  'विजिट माय स्टेट' अभियान से यूपी पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, हेरिटेज स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग बढ़ाने पर जोर 'राष्ट्र प्रथम' के मंत्र के साथ यूपी पर्यटन की नई रणनीति, संग्रहालयों में दो माह तक फ्री एंट्री मंत्री का निर्देश- वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे स्थलों के लिए बनाएं आकर्षक टूर पैकेज  'आपदा में अवसर' हमारा मूल मंत्र, राष्ट्र प्रथम की भावना से पर्यटन को देंगे नया आयाम- जयवीर सिंह लखनऊ वैश्विक अनिश्चितताओं के मौजूदा दौर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के क्रम में  पर्यटन निदेशालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक हुई। मीटिंग में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को 'आपदा में अवसर' बताते हुए पर्यटन क्षेत्र को नई संभावनाओं से जोड़ने पर बल दिया। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में राज्य के हेरिटेज स्थलों, ईको साइट्स, किलों समेत अन्य स्थलों को डेस्टिनेशन वेडिंग के रूप में बढ़ावा देने तथा 'विजिट माई स्टेट' अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'पर्यटन विभाग 'राष्ट्र प्रथम' की भावना से काम करेगा। उन्होंने 'विजिट माय स्टेट' अभियान के तहत संग्रहालयों में आगामी दो माह तक निःशुल्क प्रवेश सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आकर्षक और अनुभवपरक टूर पैकेज तैयार करने हेतु टूर ऑपरेटर्स के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए।' सरकारी वाहनों का न्यूनतम उपयोग पर्यटन मंत्री ने कहा, 'प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्यों में मितव्ययिता, संसाधनों के समुचित उपयोग और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में अधिकारियों को सरकारी वाहनों के उपयोग को न्यूनतम रखने, आपसी समन्वय स्थापित कर एक ही वाहन से कार्यालय आने तथा विभागीय फ्लीट में शामिल गाड़ियों की संख्या कम करने के निर्देश दिए गए हैं।'  राही पर्यटक आवास में ठहरने पर दें छूट  मंत्री जयवीर सिंह ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित राही पर्यटक आवासों में पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की रियायत प्रदान कर घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी विदेश यात्राओं के बजाय उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों का भ्रमण करें। साथ ही, पर्यटकों को गोशालाओं, प्राचीन मंदिरों एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने हेतु विशेष पर्यटन व्यवस्थाएं विकसित किए जाने पर भी जोर दिया गया, जिससे आध्यात्मिक पर्यटन के साथ ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई गति मिल सके। साथ ही, पर्यटन महानिदेशक को निर्देश दिए कि वे रेस्टोरेंट एसोसिएशन से समन्वय स्थापित कर पर्यटकों को भोजन एवं अन्य सेवाओं पर विशेष छूट उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य करें। डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए स्थानीय स्थलों का हो चयन  पर्यटन मंत्री ने स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, कि नागरिक, वेडिंग प्लानर एवं आयोजनकर्ता डेस्टिनेशन वेडिंग सहित अन्य पारिवारिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए प्रदेश के भीतर उपलब्ध विरासत स्थलों को प्राथमिकता दें। उन्होंने पर्यटन विभाग को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के हेरिटेज स्थल, प्राचीन किले, ईको टूरिज्म साइट्स और सांस्कृतिक परिसर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। मंत्री ने मिर्जापुर स्थित ऐतिहासिक चुनार किला एवं राजधानी लखनऊ की छतर मंजिल को शीघ्र तैयार करने के भी निर्देश दिए। बिना अनुमति निदेशालय आने से बचें- अपर मुख्य सचिव   बैठक में अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, अनुशासित और प्रभावी बनाने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि 'विभिन्न जनपदों के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना निदेशालय आने से बचें। आवश्यक बैठकों एवं समन्वय कार्यों के लिए वर्चुअल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने ये भी कहा कि इस व्यवस्था से समय और संसाधनों की बचत के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।' बैठक में महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, निदेशक पर्यटन (इको टूरिज्म) पुष्प कुमार के०, यूपीएसटीडीसी एमडी आशीष कुमार सहित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना, तत्काल मुआवजा जारी करने के निर्देश

आंधी-बारिश से प्रदेश में हुए नुकसान का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना, तत्काल मुआवजा जारी करने के निर्देश सभी जिलों के डीएम को राहत कार्य प्राथमिकता पर रखने के लिए कहा मुआवजा राशि जारी करने और बचाव अभियान से जुड़े कार्य सोशल मीडिया पर करने होंगे अपडेट लखनऊ उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुए नुकसान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। बीते लगभग 24 घंटे में यूपी के कई जिलों में जनहानि, पशुहानि समेत कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर पीड़ितों की मदद और मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिलों को हर 3 घंटे में स्थिति का अपडेट देने के लिए कहा गया है। यूपी के बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई, उन्नाव समेत 19 जिलों में जनहानि, पशुहानि और फसल हानि की जानकारी सामने आई है। वहीं खराब मौसम की वजह से काफी संख्या में मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। वहीं जिलाधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को मौके पर जाकर तत्काल सर्वे पूरा कराने का निर्देश दिया है, ताकि संबंधित विभागों के साथ मिलकर मुआवजा जारी किया जा सके। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के डीएम को राहत कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए कहा है। साथ ही निर्देश दिया है कि मुआवजा राशि, बचाव अभियान समेत अन्य कार्यों को सोशल मीडिया पर अपडेट किया जाए। सभी जिलों को हर 3 घंटे में स्थिति का अपडेट भेजने के लिए भी कहा गया है।

सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने वालों की खैर नहीं, पंजाब सरकार सख्त कार्रवाई के मूड में

 चंडीगढ़ पंजाब में अब सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने की आजादी कानून के दायरे में कसकर तौली जाएगी।  इंस्टाग्राम रील, फेसबुक पोस्ट, यूट्यूब वीडियो या अन्य प्लेटफॉर्म पर अश्लील, भड़काऊ और गैरकानूनी कंटेंट डाल वायरल होने की चाह अब जेल पहुंचा देगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। पंजाब के डीजीपी ने राज्यभर के सभी पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट, शेयर या प्रसारित करने वालों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। यह आदेश पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने निर्णय लेने को कहा था पीपुल वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह के माध्यम से दाखिल प्रतिनिधित्व में कहा गया था कि सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा अश्लील और अवैध कंटेंट समाज, सार्वजनिक व्यवस्था और महिलाओं की गरिमा को प्रभावित कर रहा है। हाईकोर्ट ने 20 अप्रैल को राज्य सरकार और पुलिस को इस मुद्दे पर त्वरित निर्णय लेने को कहा था। डीजीपी कार्यालय ने कहा कि सोशल मीडिया की निगरानी होगी। जो भी अश्लील, अपमानजनक या कानून विरोधी सामग्री तैयार करेगा, अपलोड करेगा या वायरल करेगा, उसके खिलाफ तुरंत केस दर्ज किया जाएगा। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अब सिर्फ शिकायत का इंतजार नहीं करेंगे, बल्कि खुद ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित करेंगे। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये कंटेंट हटाने या ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पंजाब पुलिस ने विशेष रूप से उन पोस्ट और वीडियो पर नजर रखने को कहा है जो हिंसा भड़का सकते हैं, सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं या महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। इतना ही नहीं, संभावित उपद्रवियों के खिलाफ पहले से निवारक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने सभी जिलों को सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना अनुकरणीय राज्य

लीड्स 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को मिला ‘एग्जेम्प्लर’ अवार्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना अनुकरणीय राज्य लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा उत्तर प्रदेश नई दिल्ली/लखनऊ लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने देश में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स – लीड्स (LEADS) 2025* रैंकिंग में लैंडलॉक्ड राज्यों में सर्वोच्च “एग्जेम्प्लर (Exemplar)” पुरस्कार प्राप्त किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाला लैंडलॉक्ड (चारों ओर भूमि से घिरा) राज्य बनकर उभरा है। पिछले तीन साल (2022 से 2024) तक लगातार “अचीवर” रहने के बाद, इस साल शीर्ष पायदान पर राज्य की यह छलांग यहां के बेहतरीन कनेक्टिविटी नेटवर्क और प्रभावी नीतिगत सुधारों का सीधा परिणाम है। यह सम्मान बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित लीड्स 2025 रिपोर्ट एवं LEAPS (Logistics Excellence, Advancements & Performance Shield) 2025 पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने प्राप्त किया। वर्ष 2018 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईटी) द्वारा शुरू की गई ‘लीड्स' पहल राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क है। इस रैंकिंग में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाएं, नियामकीय व्यवस्था तथा परिचालन दक्षता जैसे महत्वपूर्ण मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ ने इस सफलता पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप लॉजिस्टिक्स सेक्टर को राज्य की 'वन ट्रिलियन डॉलर' अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाया गया है। 'उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति 2022' के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश का लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है। राज्य सरकार ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य एकीकृत एवं कुशल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है। इन पहलों से परिवहन लागत में कमी, अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन दक्षता में सुधार सुनिश्चित हो रहा है। उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग सुविधाओं, ग्रामीण गोदामों और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश एवं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बढ़ावा देकर लॉजिस्टिक्स विकास को गति दे रहा है। एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर और आगामी हवाई अड्डों के आसपास रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है।

पनामा पेपर मामले में राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ीं, जबलपुर हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई

जबलपुर  लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में आज एक बार फिर गुरुवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई जो कि दो दिन पहले हुई थी, उसमें कर्तिकेय सिंह चौहान ने जवाब देने के लिए समय मांगा था, जिसे कोर्ट ने मंजूर किया था। इससे पहले हुई सुनवाई में दोनों पक्षों राहुल गांधी और कार्तिकेय चौहान के वकीलों ने अपना-अपना पक्ष रखा था। दरअसल, भोपाल की विशेष अदालत में चल रहे मानहानि प्रकरण को MP हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ में चुनौती दी गई है। झाबुआ में चुनावी सभा में दिया था बयान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान के द्वारा दायर मानहानि परिवाद से जुड़ा है। एमपी-एमएलए कोर्ट भोपाल के विशेष मजिस्ट्रेट ने राहुल गांधी को समन जारी किया था। इसी समन और परिवाद को निरस्त कराने के लिए राहुल गांधी ने बीते दिनों मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और अजय गुप्ता ने पक्ष रखा था। कोर्ट को बताया गया कि परिवाद पूरी तरह निराधार हैं और लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। कार्तिकेय सिंह चौहान की और से कहा गया कि साल 2018 में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी ने झाबुआ की चुनावी सभा में भाषण दिया था। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान और कार्तिकेय का नाम लिया था। हालांकि इसके दूसरे दिन ही राहुल गांधी ने अपने बयान पर कहा था कि वे कन्फ्यूज हो गए थे। दरअसल वे छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह के बेटे का नाम लेना चाह रहे थे, लेकिन कार्तिकेय का नाम ले लिया। कार्तिकेय का दावा- इस बयान से उनकी छवि धूमिल हुई राहुल गांधी ने अपने बयान में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर हुई कार्रवाई का उदाहरण देते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश में ऐसी कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने दावा किया कि इस बयान से उनकी छवि धूमिल हुई और उन्होंने एमपीएमएलए कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया। इसी मामले में विशेष अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था, जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। अब इस मामले पर संभवता आज अंतिम सुनवाई हो सकती है, जिस पर कि सभी की नजर बनी हुई है।

बीएसएफ मुख्यालय धमाके का आरोपी दबोचा गया, जांच में गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया

जालंधर  जालंधर स्थित बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर 5 मई की रात हुए आईईडी ब्लास्ट मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों के अनुसार इस आतंकी साजिश के मुख्य संदिग्ध को दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के इनपुट पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई।  सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को इस मामले के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और उसके खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े मिले हैं। ब्लास्ट करवाने का मास्टरमाइंड पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी को बताया जा रहा है, जिसने सोशल मीडिया के जरिए पंजाब के युवकों से संपर्क साध रखा था। बस स्टैंड से पीछा कर दिल्ली में पकड़ा गया जानकारी के अनुसार, संदिग्ध आरोपी का जालंधर बस स्टैंड से ट्रैक करते हुए दिल्ली तक पीछा किया गया और आखिरकार उसे दबोच लिया गया। सुरक्षा एजेंसियां उससे लगातार गहन पूछताछ कर रही हैं। 17 युवकों को हिरासत में लिया जा चुका है वहीं दूसरी ओर, पंजाब में इस मामले को लेकर बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया। देर रात तक पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टीमें नकोदर, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, तरनतारन और होशियारपुर में छापेमारी और जांच करती रहीं। अब तक कुल 17 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ जा चुकी है। इनमें से अधिकतर युवक सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में बताए जा रहे हैं। जालंधर पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर नवांशहर से भी 3 युवकों को हिरासत में लिया है, जिनके तार इस ब्लास्ट से जुड़े होने का शक जताया जा रहा है। पूरे मामले को लेकर पंजाब में हाई अलर्ट जारी है और कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पांच मई की शाम को हुआ था धमाका जालंधर में ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पांच मई की शाम करीब 8:15 बजे बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास जबरदस्त धमाका हुआ था। एक एक्टिवा स्कूटी विस्फोट से उड़ गई। धमाके की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। विस्फोट इतना तेज था कि बीएसएफ हेडक्वार्टर की दीवारें तक हिल गईं।  इसके बाद जांच में खुलासा हुआ था कि सफेद टीशर्ट पहने आतंकी ने इस वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गया। विस्फोट स्थल से मात्र 10 कदम दूर पंजाब पुलिस का नाका लगा था, फिर भी हमलावर बड़े आराम से निकल गया। पुलिस को संदेह है कि इस वारदात को दो युवकों ने मिलकर अंजाम दिया है। डिलीवरी सिस्टम का किया गया था इस्तेमाल इस हमले की सबसे अहम कड़ी डिलीवरी सिस्टम का इस्तेमाल है। एक डिलीवरी एजेंट अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी के तहत बीएसएफ मुख्यालय पार्सल देने पहुंचा था। सुरक्षा नियमों के चलते उसे स्कूटी बाहर खड़ी करनी पड़ी। यह डिलीवरी बॉय जांच में साफ निकला है। पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी खंगाले तो सामने आया कि बीएसएफ के पास स्थित शराब के ठेके के करीब सफेद टीशर्ट पहने युवक गायब हो गया।  वह पहले हाथ में लिफाफा लेकर आता है और स्कूटी के पास रखकर तेजी से निकल जाता है। जांच में सामने आया है कि विस्फोट के लिए रिमोट का इस्तेमाल किया गया है। यह सटीक टाइमिंग बताती है कि हमलावर ने पहले से रेकी की थी।  

हाईकोर्ट में आज संजय पाठक की पेशी, जस्टिस को कॉल मामले ने पकड़ा तूल

भोपाल  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़े जस्टिस को कथित फोन लगाने के मामले में आज एक बार फिर अहम सुनवाई होगी। कोर्ट के निर्देश पर उन्हें अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। डिवीजन बेंच, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की अध्यक्षता में मामले की सुनवाई करेगी। कोर्ट ने पहले ही विधायक की व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग को खारिज कर दिया था। क्या है पूरा मामला? पूरा विवाद 1 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में बताया था कि एक विधायक द्वारा उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई थी। उस समय उनके समक्ष विधायक परिवार से जुड़े खनन मामले की सुनवाई चल रही थी। न्यायिक निष्पक्षता को देखते हुए जस्टिस मिश्रा ने स्वयं को उस केस से अलग कर लिया था। विधायक का पक्ष पिछली सुनवाई में संजय पाठक ने हलफनामे में कहा था कि नंबर गलती से डायल हो गया था और कॉल एक ही रिंग में काट दी गई थी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी है। गंभीर आरोपों की जांच कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर कोर्ट ने इसे न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए इसे प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना करार दिया था। इसके बाद कोर्ट ने विधायक के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई पर विचार शुरू किया और उन्हें नोटिस जारी किया। खनन विवाद से जुड़ा मामला यह पूरा प्रकरण विधायक परिवार से जुड़ी खनन कंपनियों पर कथित अवैध उत्खनन के आरोपों से संबंधित है, जिसकी सुनवाई पहले जस्टिस मिश्रा की बेंच कर रही थी। आज की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट इस मामले में अगला बड़ा कदम तय कर सकता है।

12वीं के मेधावी छात्रों को CM मान का सम्मान, टॉपर्स और पेरेंट्स से करेंगे मुलाकात

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मांन आज (14 मई) अपने सरकारी आवास चंडीगढ़ में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के 12वीं के टॉपर्स से मुलाकात करेंगे। पहले तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों और उनके परिवारों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री टॉपर्स को स्कॉलरशिप के चेक सौंपेंगे और विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को सम्मानित कर बधाई देंगे। बता दें कि बुधवार को पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से 12वीं का रिजल्ट जारी किया गया था, जिसमें तीन छात्राओं ने टॉप किया। 91.46 प्रतिशत रहा रिजल्ट जारी 12वीं के रिजल्ट में 2 लाख 65 हजार 417 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 2 लाख 42 हजार 755 छात्र पास हुए। बोर्ड का ओवरऑल रिजल्ट 91.46 प्रतिशत रहा। इस बार मानसा के गुरुकुल एकेडमी पब्लिक स्कूल की सुप्रीत कौर, लुधियाना के BCM पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की सुहानी चौहान और स्वतंत्र मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की दिव्यांशी ने 500 में से 500 अंक हासिल किए। तीनों छात्राओं ने पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। जिला वाइज पास प्रतिशत सूची अमृतसर-96.00% पठानकोट- 95.66% एसएएस नगर (मोहाली)- 95.62% गुरदासपुर- 95.36% कपूरथला- 95.31% फरीदकोट- 94.63% फिरोजपुर- 93.87% एसबीएस नगर (नवांशहर)- 93.86% होशियारपुर- 93.15% रूपनगर- 92.83% पटियाला- 91.40% तरनतारन- 91.22% मानसा- 90.54% मोगा- 90.34% बरनाला- 90.26% फतेहगढ़ साहिब- 90.16% जालंधर- 90.14% मलेरकोटला- 89.45% संगरूर- 88.76% बठिंडा- 88.19% फाजिल्का- 87.64% श्री मुक्तसर साहिब- 87.64% लुधियाना- 87.04%  

नगर निगम चुनाव: अकाली दल ने जारी की पहली लिस्ट, 44 प्रत्याशियों के नाम घोषित

चंडीगढ़  शिरोमणि अकाली दल ने 26 मई को होने वाले बठिंडा नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। बुधवार को पार्टी द्वारा जारी इस सूची में कुल 50 वार्डों में से 44 वार्डों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं, जबकि यह भी कहा गया है कि शेष 6 वार्डों के उम्मीदवारों के नाम भी जल्द ही घोषित किए जाएंगे। पार्टी के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति, जिसमें बठिंडा शहरी हल्का प्रभारी इकबाल सिंह बबली ढिल्लों, शहरी जिला अध्यक्ष सुशील कुमार गोल्डी और इंदरजीत सिंह बरार शामिल थे। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और सांसद हरसिमरत कौर बादल के साथ चर्चा के बाद यह सूची जारी की है। शिरोमणि अकाली दल के शहरी निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी इकबाल सिंह बबली ढिल्लों ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी नगर निगम चुनावों में पार्टी ने सबसे पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को पूरा भरोसा है कि पिछले 10 वर्षों से अकाली दल सरकार द्वारा किए गए कार्यों और विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए शहर के निवासी पार्टी को चुनावों में जनादेश देंगे। इस मौके पर, जिला प्रेस सचिव ओम प्रकाश शर्मा ने पहली सूची में शामिल उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की।

मान सरकार का बड़ा ऐलान: अग्निवीरों के लिए बनेगी आरक्षण नीति, कमेटी गठित

चंडीगढ़ अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीर के रूप में अपना सेवाकाल पूरा करने वाले युवाओं के पुनर्वास के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए पंजाब सरकार ने अग्निवीरों के लिए आरक्षण नीति तैयार करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सिविल एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जो सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने के लिए रूपरेखा तैयार करेगी।  आज यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को आरक्षण देने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि इस नीति को निर्धारित समय सीमा के भीतर अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि प्रशिक्षित एवं अनुशासित युवा पंजाब के सामाजिक और आर्थिक विकास का अभिन्न हिस्सा बन सकें। इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आरक्षण नीति की रूपरेखा को व्यापक दृष्टिकोण से तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि देश की सेवा करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों का उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके और उनके कौशल का उपयोग पंजाब की प्रगति के लिए किया जा सके।” मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में अग्निवीरों के आरक्षण और भर्ती संबंधी सिफारिशें तैयार करने तथा रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों विकास प्रताप, भावना गर्ग, सुमेर सिंह गुर्जर और एस.एस. श्रीवास्तव पर आधारित समिति का गठन किया है।   अग्निवीरों की क्षमता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सेवाओं का उपयोग पंजाब पुलिस, वन रक्षक, अग्निशमन सेवाओं, जेल विभाग, होमगार्ड, पेस्को तथा सरकार के कई अन्य विभागों में प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “अग्निवीरों के आरक्षण और चयन से संबंधित मानदंडों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए ताकि इन कुशल एवं अनुशासित युवाओं की सेवाओं का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब ने हमेशा देश की एकता और अखंडता की रक्षा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि देश का अन्नदाता होने के साथ-साथ पंजाब को देश की तलवार भुजा के रूप में भी जाना जाता है। पंजाब के लोगों को दुनिया भर में उनकी बहादुरी, मेहनत और उद्यमशीलता के लिए सम्मान प्राप्त है।” सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस तथा अग्निवीरों द्वारा देश की रक्षा में दिए गए अतुलनीय योगदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार पहले से ही ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह पहल सैनिकों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कदम अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने तथा देश सेवा के बाद उनके परिवारों को सहारा प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।