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BJP का पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान, राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले – पिछली बार कम सीटें मिलीं, जुड़ाव बना रहा

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) में गठबंधन की अटकलों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विराम लगा दिया। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी। नितिन नबीन ने साफ कहा कि भाजपा पंजाब में इस चुनाव में नए स्वरूप में दिखेगी। पार्टी चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसमें किसी का सहयोग नहीं होगा। उन्होंने कहा- पंजाब का मिजाज हमेशा भाजपा के साथ रहा है और भाजपा पंजाब के मिजाज को समझती है। हमने कभी भी पंजाब के मूल्यों के साथ समझौता नहीं किया। हमें पंजाब में सीटें कम मिलीं, इसके बावजूद पंजाब से भाजपा का जुड़ाव हमेशा बना रहा। नितिन नबीन ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) अपने कृत्यों के कारण हारने वाली है। इसमें कोई दो राय नहीं है। पंजाब में जनाधार स्थापित करना निश्चित तौर पर हमारे लिए चुनौती रही है। हमने जनसंघ के समय से पंजाब में निरंतर काम किया और लोगों के साथ हमारा सीधा जुड़ाव है। पंजाब में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी BJP- अमित शाह भारतीय जनता पार्टी 2027 में अपनी सरकार बनाने जा रही है. मैं पंजाब की माताओं-बहनों और बुजुर्गों से आशीर्वाद मांगने आया हूं. आप हमको आशीर्वाद दीजिए, हमारी ताकत बढ़ाइए. अगर पंजाब को नशे से कोई मुक्त कर सकता है, तो केवल और केवल नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है. पंजाब को नशे से मुक्त करवाना है, तो डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाना है. भारतीय जनता पार्टी पंजाब में सरकार बनाने के लिए जी जान लगा देगी।  सुखबीर सिंह बादल बोले- हर पार्टी को फैसला लेना का हक वहीं भारतीय जनता पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने के ऐलान के साथ ही पंजाब में सियासत गरमा गई है. शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'मोस्ट वेलकम है. हर पार्टी को अपना फैसला लेने का हक है. हमारे लिए पंजाब पहले है और पंजाब के लोग पहले हैं। 

लुधियाना के स्कूलों में फिर बम की धमकी, पुलिस ने ईमेल के बाद अलर्ट जारी किया

लुधियाना लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। सुबह 9.15 पर मिली धमकी भरी ईमेल स्कूल के प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 9:15 बजे स्कूल को एक ईमेल के जरिए धमकी मिली। ईमेल में स्कूल को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। धमकी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने बिना देरी किए सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों को सूचित किया और करीब 2500 छात्रों को सुरक्षित घर भेज दिया। स्कूल की चेयरपर्सन अविनाश कौर वालिया ने बताया कि जब ई-मेल मिला, उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद थे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और एहतियात के तौर पर सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे स्कूल प्रबंधन को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि शहर के कई स्कूलों और रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जा सकता है। ई-मेल में यह भी कहा गया कि ‘ब्लैकआउट’ के कारण 23 और 24 अप्रैल को बड़े धमाके हो सकते हैं। धमकी के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने रेलवे लाइनों की भी बारीकी से जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से ई-मेल आईडी को ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर जगह निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि यह शरारत है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। स्टाफ और अभिभावकों में चिंता का माहौल प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि स्कूल में इस तरह की धमकी पहली बार मिली है, जिससे स्टाफ और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। स्कूल प्रबंधन ने धमकी भरे ईमेल की आईडी पुलिस को सौंप दी है, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। मामले की हर एंगल से जांच-पुलिस पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लिया गया है और हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा किया गया है।

मध्यप्रदेश सरकार कैंसर रोगियों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश सरकार कैंसर रोगियों को राहत दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव मुख्‍यमंत्री ने विराट हॉस्पिटल के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर का किया वर्चुअली उद्घाटन भोपाल मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कैंसर जैसी व्याधि व्यक्ति के साथ ही परिवार के लिए कठिनाई का कारण बनती है। मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कैंसर जैसे गंभीर रोगों से प्रभावितों को राहत दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश सरकार का यह दृष्टिकोण है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है, यही श्रेष्ठ मार्ग है। जबलपुर में 100 बिस्तर क्षमता के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर प्रारंभ होने से कैंसर रोगियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। अब इस क्षेत्र के लोगों को नागपुर जैसे नगरों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर के विराट हॉस्पिटल के विश्‍वात्‍मा इंस्‍टीट्यूट ऑफ रेडियो थैरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर का वर्चुअली उद्घाटन कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर 88 लाख रूपए की लागत से निर्मित ब्रम्‍हऋषि बाबरा पहुंच मार्ग का लोकार्पण किया गया। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने विराट हॉस्पिटल की संचालिका परम पूज्‍य साध्‍वी ज्ञानेश्‍वरी दीदी का अभिनंदन किया, जिन्होंने परोपकार के संकल्‍प के साथ इस प्रकल्प को मूर्त रूप दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शुभ कार्यों का संकल्‍प अभिव्यक्त और क्रियान्वित होता है तो हृदय अभिभूत हो जाता है और क्षेत्र में मध्‍यान्‍ह के सूर्य की भांति ऐसे कार्यों का तेज प्रकाश दिखाई देता है। उन्‍होंने इस नई सौगात के लिए सभी सहयोगियों को बधाई दी। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विराट हॉस्पिटल परिसर में विद्यालय और गौशाला का संचालन भी किया जा रहा है, जो सराहनीय है। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में बताया गया कि डॉ. अखिलेश गोमास्‍ता ने 14 अप्रैल 2013 को इस विराट हॉस्पिटल को प्रारंभ किया था। आज हॉस्पिटल का नई सुविधाओं के साथ उन्नयन हुआ है। इस अवसर पर राष्‍ट्रीय गौ सेवा प्रकोष्ठ के श्री फैज अहमद खान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में स्‍वामी राघवदेवाचार्य, महंत विनोदानंद, संत बालकदास जी के साथ अन्‍य पूज्‍य संतवृंद, राज्यसभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मिक, लोकसभा सदस्य श्री आशीष दुबे, श्री दर्शन सिंह, विधायक श्री नीरज सिंह, जबलपुर के महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्‍नू और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार  होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’ स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए  बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर   छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।   कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।    मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।  फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।  इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक … Read more

होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुचिता पर मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, नकल या अफवाह पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

होमगार्ड भर्ती परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि, नकल अथवा अफवाह पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री भीषण गर्मी में परीक्षार्थियों को राहत के निर्देश, हर केंद्र पर पानी, चिकित्सा और सुचारु यातायात व्यवस्था अनिवार्य स्मार्ट मीटर शिकायतों के समाधान के लिए सभी जिलों में हर फीडर पर लगेगा शिविर जातीय तनाव भड़काने की साजिशों पर कड़ी नजर, अराजक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री का निर्देश, औद्योगिक अशांति की कोशिशें नहीं होंगी बर्दाश्त, 30 अप्रैल से 2 मई के बीच विशेष सतर्कता की जरूरत मुख्यमंत्री का निर्देश, बारूद गोदामों व आतिशबाजी कारखानों का सभी जिलों में हो निरीक्षण, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य, पैनिक की जरूरत नहीं, सभी जिलाधिकारी स्वयं करें समीक्षा: मुख्यमंत्री बोले मुख्यमंत्री, स्मार्ट मीटर से जुड़ी आशंकाओं का होगा यथोचित समाधान, शीघ्र आएगी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  होमगार्ड स्वयंसेवक भर्ती परीक्षा, स्मार्ट मीटर से जुड़ी व्यवस्थाओं, पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता तथा प्रदेश की कानून-व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने 25, 26 एवं 27 अप्रैल को प्रस्तावित होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारियों, जनसुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती परीक्षा पहली बार पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से आयोजित की जा रही है, अतः सभी संबंधित अधिकारी विशेष सतर्कता बरतें। जिन जनपदों में हाल ही में नए जिलाधिकारी तैनात हुए हैं, वे संबंधित मंडलायुक्त तथा एडीजी/आईजी स्तर के अधिकारियों के साथ समुचित समन्वय सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता एवं गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। परीक्षा की निष्पक्षता भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखी जाए तथा अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 74 जनपदों में 41,424 होमगार्ड स्वयंसेवक पदों के लिए परीक्षा तीन दिनों में, दो पालियों में आयोजित की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी परीक्षा केंद्रों पर शीतल पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा परीक्षार्थियों को अनावश्यक रूप से धूप में प्रतीक्षा न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। जिला प्रशासन सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व भ्रमण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करे। कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जनपदों से ऐसे संकेत प्राप्त हुए हैं, जहां अराजक तत्वों द्वारा जातीय तनाव/संघर्ष भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारी अत्यंत सतर्क रहें और किसी भी स्थिति के उत्पन्न होने से पूर्व ही प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में औद्योगिक अशांति उत्पन्न करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यद्यपि वर्तमान में स्थिति सामान्य है, तथापि आगामी 30 अप्रैल से 02 मई के मध्य पुनः ऐसे प्रयास किए जाने की आशंका है। प्रदेश में औद्योगिक अशांति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और ऐसी कुत्सित कोशिशों को सख्ती से विफल किया जाएगा। भीषण गर्मी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने सभी बारूद गोदामों एवं आतिशबाजी कारखानों का विशेष निरीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को समाप्त किया जा सके तथा सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि आमजन में किसी प्रकार का अनावश्यक पैनिक न हो। आपूर्ति एवं वितरण पूरी तरह सामान्य है। इस संबंध में समय-समय पर जनसामान्य को अवगत कराया जाए। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक कर आपूर्ति एवं वितरण की समीक्षा करें। नेपाल सीमा से सटे जनपदों में कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट बिजली मीटर के संबंध में उठ रही आशंकाओं के समाधान हेतु विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त होगी। इस बीच, सभी जिलों में विद्युत वितरण निगम/पावर कॉर्पोरेशन द्वारा फीडर-वार एक सप्ताह के विशेष शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया जाए। इन शिविरों के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता भी सुनिश्चित की जाए।

एमपी में अगले पांच साल में बदलाव, 90 अफसर होंगे रिटायर, 32 सीनियर अफसर होंगे शामिल

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार के लिए सिविल सर्विस डे (21 अप्रैल) पर एक बड़ी चुनौती सामने आई है। प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस (IAS) के अफसरों की पहले से ही कमी है। ऊपर से अगले पांच साल में 90 और अनुभवी अफसर सेवानिवृत्त होने वाले हैं। एमपी कैडर में कुल 459 पद स्वीकृत हैं। इनमें से अभी सिर्फ 390 आईएएस काम कर रहे हैं। यानी 69 पद पहले से खाली पड़े हैं। अब जैसे-जैसे और अफसर रिटायर होंगे, यह संख्या और बढ़ेगी। 2027 में सबसे बड़ा झटका आंकड़े देखें तो 2026 में 14 आईएएस रिटायर होंगे। इसके बाद 2027 में सबसे ज्यादा 26 अफसर एक साथ सेवानिवृत्त होंगे। 2028 में 16, 2029 में 21 और 2030 में 13 अफसर रिटायर हो जाएंगे। इस तरह 2026 से 2030 के बीच कुल 90 आईएएस प्रदेश की सेवा से हट जाएंगे। 2027 इसलिए भी अहम है क्योंकि इस साल अपर मुख्य सचिव (एसीएस) स्तर के चार बड़े अफसर रिटायर हो रहे हैं। इनमें एसीएस जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा मई 2027 में, एसीएस स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल जनवरी 2027 में, एसीएस नवीकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव सितंबर 2027 में और एसीएस कुटीर एवं ग्रामोद्योग केसी गुप्ता अगस्त 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। ये चारों अफसर अपने-अपने विभागों में लंबे अनुभव के साथ काम कर रहे हैं। सीएम दफ्तर के करीबी अफसर भी जाएंगे मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार सिंह सितंबर 2027 में रिटायर होंगे। वहीं मुख्यमंत्री के ही एक और सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे नवंबर 2026 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ये दोनों अफसर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यप्रणाली से जुड़े हैं। प्रमुख अधिकारी और सेवानिवृत्ति का समय नाम पद सेवानिवृत्ति आईएएस अनुराग जैन मुख्य सचिव सितंबर 2026 आईएएस अशोक वर्णवाल एसीएस, स्वास्थ्य जनवरी 2027 आईएएस मनु श्रीवास्तव एसीएस, नवीकरणीय ऊर्जा सितंबर 2027 आईएएस कैलाश चंद गुप्ता एसीएस, कुटीर एवं ग्रामोद्योग अगस्त 2027 आईएएस उमाकांत उमराव प्रमुख सचिव, पशुपालन सितंबर 2026 आईएएस राजेश राजौरा एसीएस, जल संसाधन मई 2027 आईएएस आलोक कुमार सिंह सचिव, मुख्यमंत्री सितंबर 2027 आईएएस अलका उपाध्याय सचिव, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग मई 2026 आईएएस आशीष श्रीवास्तव सचिव, अंतरराज्यीय काउंसिल सचिवालय अगस्त 2026 आईएएस अरुणा गुप्ता सचिव, लोकायुक्त मप्र अक्टूबर 2026 आईएएस माल सिंह एमडी, एमपी खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड जून 2026 आईएएस सुरेश कुमार संभागायुक्त, चंबल संभाग सितंबर 2026 आईएएस चंद्रशेखर वालिम्बे सचिव, मुख्यमंत्री नवंबर 2026 आईएएस केदार सिंह कलेक्टर, शहडोल नवंबर 2026 आईएएस वीएल कांताराव सचिव, खनिज मंत्रालय दिसंबर 2027 आईएएस बाबू सिंह जामोद संभागायुक्त, रीवा संभाग मई 2027 आईएएस अनिल सुचारी संभागायुक्त, सागर सितंबर 2027 आईएएस मनीष सिंह आयुक्त, जनसंपर्क दिसंबर 2027 नए जिले बनाने की मांग, अफसर कहां से आएंगे? मध्यप्रदेश सरकार ने प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन कर दिया है। नए जिले, नए संभाग और नई जिला पंचायतें बनाने की मांग जोर पकड़ रही है। वहीं, सवाल यह है कि इन नई इकाइयों को चलाने के लिए अफसर कहां से आएंगे? जानकार बताते हैं कि प्रदेश की आबादी तेजी से बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं का दायरा भी लगातार फैल रहा है। ऐसे में आईएएस अफसरों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। पहले जहां ये अफसर सिर्फ नीति बनाने का काम करते थे, अब संचालनालयों में नीतियों को लागू करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर है। नगरीय विकास, स्वास्थ्य जैसे विभागों में आईएएस अफसर ही आयुक्त, संचालक और अपर संचालक की भूमिका निभा रहे हैं। यानी एक-एक अफसर कई जिम्मेदारियां संभाल रहा है। कैडर रिवीजन क्यों जरूरी? मध्यप्रदेश कैडर का आखिरी रिवीजन 2022 में हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि अब फिर से कैडर रिवीजन का समय आ गया है। जब तक केंद्र से नए आईएएस अफसरों का आवंटन नहीं बढ़ता, तब तक प्रदेश में प्रशासनिक दबाव बना रहेगा। कैडर रिवीजन (Cadre Revision) वह प्रक्रिया है जिसमें राज्य की जरूरत के आधार पर केंद्र सरकार आईएएस पदों की संख्या तय करती है। यह प्रदेश की बढ़ती जरूरतों के लिहाज से बेहद जरूरी कदम है। 32 सीनियर अफसर होंगे सेवा मुक्त नया साल 2026 मध्य प्रदेश की नौकरशाही और पुलिस महकमे के लिए बड़े बदलाव लेकर आने वाला है। मध्य प्रदेश कैडर के 16 आईपीएस और 16 आईएएस अधिकारी अगले वर्ष अपनी सेवाएं पूरी कर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इनमें पुलिस महानिदेशक से लेकर मुख्य सचिव, एडीजी, आईजी, कलेक्टर और संभागायुक्त स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों के बाहर जाने से शासन और पुलिस व्यवस्था में व्यापक फेरबदल तय माना जा रहा है। गृह विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रदेश के मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाणा भी 2026 में रिटायरमेंट की सूची में शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो साल होना जरूरी है, इसी कारण उनकी रिटायरमेंट तिथि बढ़ाई गई है।   डीजी से लेकर एसपी तक खाली होंगे पद वर्तमान सूची के मुताबिक 2026 में पुलिस विभाग से डीजी रैंक के 4 अधिकारी, एडीजी के 2, आईजी के 5, डीआईजी के 3 और एसपी रैंक के 2 अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे। इससे पुलिस मुख्यालय से लेकर रेंज और जिला स्तर तक कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हो जाएंगे। इसमें डीजीपी कैलाश मकवाना, अजय कुमार शर्मा, आलोक रंजन, सोनाली मिश्रा, संजीव समी, आशुतोष राय, ए साई मनोजर, संजय तिवारी, अंशुमान सिंह, अरविंद सक्सेना, हिमानी खन्ना, मिथिलेस शुक्ला, शशिकांत शुक्ला, महेश चंद्र जैन, सविता सोहाने और जगदीश डावर शामिल हैं।    आईएएस कैडर में भी बड़ा बदलाव सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सेवा में भी 2026 अहम रहने वाला है। 16 आईएएस अधिकारी अगले साल रिटायर होंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम मुख्य सचिव अनुराग जैन का है, जिनका कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को पूरा होगा। यदि केंद्र सरकार उन्हें दोबारा सेवा विस्तार नहीं देती है, तो राज्य को नया मुख्य सचिव चुनना पड़ेगा।  मुख्य सचिव के अलावा एसीएस स्तर की अलका उपाध्याय और आशीष श्रीवास्तव, चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार, शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी और शहडोल कलेक्टर केदार सिंह भी 2026 में रिटायरमेंट की सूची में हैं। इसके साथ ही शिक्षा, खनिज, राजस्व, आयुष और लोकायुक्त जैसे विभागों से जुड़े वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी सेवा से बाहर होंगे। यह आईएएस होंगे रिटार्यड  सितंबर में- मुख्य सचिव अनुराग जैन, अलका उपाध्याय, आशीष श्रीवास्तव, स्मिता भारद्वाज, उमाकांत उमराव, अरुणा गुप्ता, माल सिंह भयडिया, … Read more

यूपीएसआईएफएस में आयोजित होगी क्वांटम कम्प्यूटिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला

यूपीएसआईएफएस: क्वांटम कम्प्यूटिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला क्वांटम कंप्यूटर भारत में लाने का प्रयास कर रही योगी सरकार: प्रमुख सचिव आलोक कुमार भविष्य के युद्ध एआई, चिप्स से लड़े जाएंगे: डॉ. अजय चौधरी आज से यूपीएसआईएफएस की क्वांटम यात्रा शुरू: डॉ. जीके गोस्वामी लखनऊ  योगी सरकार के निर्देशन में यूपी पुलिस फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर (यूपीएसआईएफएस) लखनऊ में ‘क्वांटम कम्प्यूटिंग’ पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि क्वांटम कम्प्यूटिंग नवीन युग की शुरुआत है। उद्घाटन सत्र में प्रमुख अतिथि एवं नेशनल क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के चेयरमैन व एचसीएल के सह-संस्थापक डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि दुनिया अब यूनिपोलर (एकध्रुवीय) हो गई है, जहां हर देश अपनी तकनीक पर निर्भर है। ऐसे में भारत के लिए स्वदेशी तकनीक पर नियंत्रण अनिवार्य है। उन्होंने अमेरिका के सॉफ्टवेयर और चीन के हार्डवेयर प्रभुत्व का उदाहरण देते हुए चेताया कि भारत का डिजिटल ढांचा भी स्वदेश विकसित होना चाहिए। उन्होंने तकनीक को दोधारी तलवार बताते हुए कहा कि भविष्य के युद्ध एआई, ड्रोन और चिप्स के जरिए लड़े जाएंगे। उन्होंने स्वदेशी तकनीकी की सफलता के उदाहरण में ऑपरेशन सिंदूर का नाम लिया। स्वदेशी तकनीक ही भारत का भविष्य डॉ. अजय चौधरी ने साइबर शिक्षा और सुरक्षा को तुरंत क्वांटम आधारित बनाना जरूरी है। भारत की नेशनल क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) में तेज प्रगति क्वांटम कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन और सेंसिंग, आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वदेशी तकनीक ही भविष्य में भारत को वैश्विक नेतृत्व दिला सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार के अहम प्रसास इस दौरान उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अलोक कुमार ने क्वांटम एवं डीप टेक के लिए कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटरों से आगे हर तकनीक में स्वावलंबन जरूरी है। यही राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का मूल मंत्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनक्यूएम ने प्रारंभिक सफलताएं हासिल की हैं। अगले 2-3 वर्षों में 1000 क्यूबिट का लक्ष्य हासिल हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के इस क्षेत्र में प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में क्वांटम कंप्यूटर भारत लाने के लिए आईआईटी कानपुर से साझेदारी हुई है। नोएडा-एनसीआर में डीप टेक हब स्थापित होगा। डीप टेक स्टार्टअप्स को 30-40 करोड़ फंडिंग दी जाएगी। डेटा सेंटर नीति में नई प्रोत्साहन योजना बनाई जा रही है। साथ ही इस वर्ष एआई मिशन के लिए 225 करोड़ और उभरती तकनीकों से जुड़ी रिसर्च के लिए 100 करोड़ के फंड का प्रावधान किया गया है। क्वाटंम क्रांति की शुरूआत राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के सदस्य प्रो. अजय सिंह ने कहा कि फार्मा, बैंकिंग, फॉरेंसिक में क्वांटम क्रांति शुरू हो चुकी है। जापान के यूरो बैंक ने पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी से 2.2 अरब दस्तावेज सुरक्षित किए है। रोश, नोवार्टिस फार्मास्युटिकल कंपनियां क्वांटम कम्प्यूटिंग से दवा की खोज 10-15 साल से घटाकर 3-4 साल में कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय ने बैंकों को निर्देशित किया है कि एटीएम नेटवर्क, पेमेंट सिस्टम को क्वांटम सुरक्षित किया जाए। क्वांटम टेक लैब बेहद अहम रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के हेड स्पेशल प्रोजेक्ट्स राजन लूथरा ने सुझाव दिया कि यूपीएसआईएफएस क्वांटम सेफ्टी लिटरेसी स्थायी करें, क्वांटम टेक लैब वीडियो हब बनाएं। इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि डेटा सबसे मूल्यवान वस्तु है। अमेरिका की शक्ति डेटा प्रभुत्व से है और भारत का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (डीपीडीपी एक्ट 2023) इसी कारण बना है। बिना लीगल कंप्लायंस के प्रौद्योगिकी अविश्वसनीय है। साइबर सिक्योरिटी डेटा प्रोटेक्शन का मात्र एक डोमेन है। यह संस्थान विधि लैब टेक्नोलॉजी एकीकरण का एकमात्र व्यवस्थित संस्थान है। दशकों पुराना डाटा सुरक्षित करें आईआईआईटी हैदराबाद के निदेशक डॉ. संदीप शुक्ला ने कहा कि बैंक और सरकारों को क्रिप्टो इन्वेंटरी, रिस्क असेसमेंट और क्रिप्टो-एजाइल सिस्टम अपनाने की सलाह दी। कार्यशाला में आयोजित पैनल चर्चा में अतिथि वक्ता प्रो. अजय सिंह (राष्ट्रीय क्वांटम मिशन सदस्य) के संचालन में शीर्ष उद्यमियों ने अपनी यात्रा साझा की। डॉ. सुनील गुप्ता ने छात्रों को जुनून और प्रयोग की प्रेरणा दी। नीलेश धांडे ने 53 पेटेंट्स और पूर्वोत्तर राज्यों में डेटा सेंटर्स की उपलब्धि साझा की। मयंक वर्मा ने पैशन और पर्सिस्टेंस को सफलता का सूत्र बताया तथा डीप टेक को विज्ञान आधारित समाधान बताया। इस अवसर पर संस्थान के महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। पैनल में सम्मलित होने वाले समस्त अतिथि वक्तागणों को पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमराज मीना सहित उपनिदेशक जीतेन्द्र श्रीवास्तव, चिरंजीव मुखर्जी और अतुल यादव ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।  कार्यक्रम में संस्थान के फैकल्टी मेंबर डॉ. सपना शर्मा, डॉ. प्रीती मालिक, डॉ. शाश्य मिश्र, डॉ. हबीब-उर-रहमान, डॉ. मिमंषा जैशल, डॉ केके दुबे, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. नेहा माथुर, डॉ. स्नेह तिवारी, डॉ. अभिषेक उपाध्याय सहित जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार तिवारी उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में संसथान के छात्रों सहित एसएमएस कॉलेज, अंबालिका इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, टीएस मिश्र विश्वविद्यालय सहित चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया।

पहले चरण में ही 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी

“योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं” पश्चिम बंगाल में गरजे सीएम योगी- 4 मई को बंगाल में लहराएगा भगवा, शुरू होगी टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती पहले चरण में ही 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से, बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं बुआ-भतीजा मारे गए भाजपा कार्यकर्ता की मां का दर्द बांटा सीएम योगी ने, कहा- टीएमसी के गुंडों ने सुबोध की हत्या कर उसके जैसे हजारों कार्यकर्ता पैदा कर दिए मुख्यमंत्री की दो टूक- उर्दू वहां जाकर बोलो, जहां उर्दू में शिक्षा दी जाती है, बंगाल की धरती पर बांग्ला बोली जाएगी कोलकाता/नदिया/हावड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 मई को भगवा लहराएगा। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू होगी। उन्होंने इशारों में ममता व अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए कहा कि बुआ-भतीजा बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। कोलकाता का मेयर कहता है कि यहां ऊर्दू चलेगी। कोई माई का लाल बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। टीएमसी के लोग जान लें कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। सीएम योगी बुधवार को पश्चिम बंगाल के जोरासांको, चकदहा व उदयनारायणपुर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। बंगाल में उनका जादू लगातार सिर चढ़कर बोल रहा है। टीएमसी के गुंडों की अराजकता व धमकी के बावजूद हजारों की भीड़ चिलचिलाती धूप में सिर पर गमछा और छाता लिए सीएम योगी को देखने-सुनने के लिए उमड़ पड़ी। जनसभाओं में आए अधिसंख्य लोग हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।”  4 मई को बंगाल में लहराया जाएगा भगवा ध्वज  सीएम योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है। इसमें 80 फीसदी सीटें भाजपा जीतने जा रही हैं। जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो बंगाल में भगवा ध्वज लहराया जाएगा। बंगाल फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनकर अपनी पहचान स्थापित करेगा। हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना और कठमुल्लापन को बढ़ावा देने वालों को हर हाल में रोकना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र ने आपको जो ताकत दी है, अपने वोट के जरिए उसका सही इस्तेमाल कीजिए। बंगाल अब बदलाव के मुहाने पर खड़ा है। उत्तर प्रदेश की तरह डबल इंजन सरकार बनने पर बंगाल में भी विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा। ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म, विकास शुरू) सीएम योगी ने कहा कि ममता दीदी कहती है कि खेला होबे, मैं कहता हूं कि ममता दीदी ए बार खेला शेष, उन्नयन शुरू (इस बार खेल खत्म और विकास शुरू)। मोदी जी द्वारा विकास के लिए भेजे गए पैसे में बंगाल सरकार की डकैती बंद होगी। रामनवमी व दुर्गापूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास से होंगे। कोई इसमें बाधा बनेगा तो उसका खेला शुरू हो जाएगा। मतदाताओं की ताकत बंगाल को गुंडागर्दी से निजात दिलाएगी। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्त बांग्ला बनेगा। अब ऑन्धकार हटबे, सूरोज उठेबे, कोमोल खिलबे (अंधकार हटेगा, सूरज उगेगा, कमल खिलेगा। कश्मीर में जैसे धारा-370 हमेशा के लिए समाप्त की गई,  वैसे ही बंगाल को गुंडागर्दी व माफियागिरी का अड्डा बनाने वाली तृणमूल, कांग्रेस व कम्युनिस्टों का सफाया करना है। गुरुदेव व भारत माता की जगह टीएमसी के गुंडों ने लगाया ममता दीदी का फोटो सीएम योगी ने कहा कि भारत निर्माण में बंगाल की धऱा पर जन्मे महापुरुषों के तप, त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ का भी अतुलनीय योगदान रहा। बंगाल ने हर सम-विषम परिस्थितियों में भारत को संबल दिया। साहित्य के लिए पहले भारतीय के रूप में गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की गीतांजलि को नोबल पुरस्कार मिला। गुरुदेव के हैरिटेज परिसर में उनकी व भारत माता की प्रतिमा-फोटो लगनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर ममता दीदी का फोटो लगा दिया। यह भारतीयता व बंगाल की अस्मिता का अपमान है। बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही ज्ञान की धरा बंगाल सीएम योगी ने कहा, बंगाल की भूमि उर्वर व प्रचुर जल-संसाधनों वाली है। यहां के नौजवान प्रतिभाशाली, किसान मेहनतकश और उद्यमी-व्यापारी परिश्रमी-पुरुषार्थी हैं। कभी पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था, लेकिन पहले कांग्रेस ने इसे लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 वर्ष से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के सारे यत्न कर रहे हैं। ज्ञान की धरा बंगाल, बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही है। जो बंगाल कभी भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन हुआ करता था, वहां 10 वर्ष में 7000 से बड़े उद्योग, हजारों एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं। 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए। धान, मछली उत्पादन में गिरावट आई। आलू उत्पादक किसान मूल्य न मिलने से हताश है, फिर भी ममता दीदी के कानों में जू नहीं रेंग रही। टीएमसी सिर्फ टेरर, माफिया राज व करप्शन का पर्याय बन गई है। रामराज्य के नए युग में जी रहे यूपी के नागरिक  सीएम योगी ने बंगाल की दुर्दशा बताते हुए कहा कि यहां धड़ल्ले से गोहत्या हो रही है। भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है। वह दुर्गापूजा की अनुमति नहीं देतीं, शोभायात्रा प्रतिबंधित करती हैं। दुर्गापूजा के समय कर्फ्यू लगता है। टीएमसी के गुंडे व्यापारियों से टैक्स वसूलते हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही अराजकता, दंगा, कर्फ्यू व उपद्रव था। टीएमसी की सहयोगी सपा के लोग गुंडा टैक्स वसूलते थे। राम का नाम लेने पर गोली-डंडा चलता था, पर आज यूपी में उपद्रव नहीं हो सकता। अब वहां रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजन आदि का उत्सव होता है। यूपी के लोग रामराज्य के नए युग में जी रहे हैं। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। वहां कोई माफिया सिर उठाता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर हाइवे बना देता है, गरीबों के आवास बना देता है। बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले का यमराज के घर जाने का टिकट कट जाता है। गरीब की प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वाले के सात जन्मों का हिसाब-किताब एक साथ हो … Read more

दिल्ली में नया रूल: NO PUC, NO Fuel! पेट्रोल-डीजल और CNG की मिलेगी कमी

 नई दिल्ली  दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी चलाते हैं तो अब यह खबर सीधे आपसे जुड़ी है. क्योंकि सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पेट्रोल-डीजल लेने से पहले आपकी गाड़ी का ‘हेल्थ रिपोर्ट’ यानी PUC सर्टिफिकेट देखी जाएगी. नहीं है तो सीधा मना. कोई बहाना नहीं, कोई राहत नहीं. प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए सरकार अब सीधे आम लोगों की जिम्मेदारी तय कर रही है।  दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर अब सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब बिना वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा. सरकार का कहना है कि यह कदम एयर क्वॉलिटी सुधारने के लिए बेहद जरूरी है और अब इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  ‘No PUC, No Fuel’ नियम पर सख्ती बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘No PUC, No Fuel’ नियम को सख्ती से लागू किया जाए. दरअसल, यह नियम पिछले साल दिसंबर में शुरू की गई थी, लेकिन अब भी कई वाहन बिना वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट के सड़कों पर चल रहे हैं. सरकार का मानना है कि ऐसे वाहन प्रदूषण को तेजी से बढ़ा रहे हैं. नए आदेश के मुताबिक अब पेट्रोल पंप और गैस स्टेशनों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं वाहनों को फ्यूल दें जिनके पास वैलिड PUC सर्टिफिकेट हो. सभी पंपों को इस नियम का सख्ती से पालन करने को कहा गया है ताकि प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके।  पेट्रोल पंपों पर जाम की स्थिति दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर इस नए नियम की सख्ती का असर साफ तौर पर देखने को मिलने लगा है. पेट्रोल पंप बिना वैलिड पीयूसी के फ्यूल देने से इंकार कर रहे हैं, ऐसे में कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भारी भीड़ जमा होते देखी गई है. हालांकि सरकार ने इसकी तैयारी कर रखी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मामले को तत्काल निपटाया जा सके।  इस नियम को सख्ती से लागू कराने के लिए फूड एंड सप्लाई विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग, नगर निगम और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है. अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस नियम के पालन में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं होगी. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ वाहन जब्त करने और अधिकतम जुर्माना लगाने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे. सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है ताकि इस नियम का पूरी सख्ती से पालन हो।  रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है. इसमें वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील की है कि वे अपने PUC सर्टिफिकेट को समय-समय पर अपडेट रखें और स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली बनाने में सहयोग करें।  क्या बोलीं CM राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली में अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा. सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें. अब बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ प्रमाणपत्र वाले किसी भी वाहन को दिल्ली के फ्यूल स्टेशंस पर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी जैसे ईंधन उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे. वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाना समय की आवश्यकता है और हमारी सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। 

योगी सरकार में यूपी बन रहा देश का टैलेंट पावरहाउस

स्कूल से यूपीएससी तक नई उड़ान, योगी सरकार में ‘टैलेंट हब’ बना उत्तर प्रदेश  योगी सरकार में यूपी बन रहा देश का टैलेंट पावरहाउस  2017 के बाद संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल हस्तक्षेप और अवसरों के विस्तार से बदली तस्वीर  छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक दिख रहा असर – मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, मिर्जापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, कौशांबी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में सफल हुए उम्मीदवार – यूपीएससी से लेकर एनईईटी-जेईई तक बढ़ी पकड़, समाज के अंतिम पायदान तक अवसरों का विस्तार – वर्ष 2021 में श्रुति शर्मा, 2023 में आदित्य श्रीवास्तव और 2024 में शक्ति दुबे ने पाई यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक वन लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या का सबसे बड़ा राज्य नहीं, बल्कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में देश का उभरता हुआ टैलेंट पावरहाउस बन चुका है। स्कूलों की मजबूत होती बुनियाद से लेकर यूपीएससी, एनईईटी और जेईई जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में लगातार बढ़ती सफलता यह दर्शा रही है कि प्रदेश में शिक्षा अब पढ़ाई के साथ-साथ परिणाम और प्रतिस्पर्धा केंद्रित मॉडल में बदल चुकी है। वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार के संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल हस्तक्षेप और अवसरों के विस्तार ने इस परिवर्तन को गति दी है। स्कूलों के आधारभूत ढांचे, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल संसाधनों, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन जैसे क्षेत्रों में हुए ठोस सुधारों ने शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर से बदल दिया है। 2017 से 2026: सुधार, विस्तार और परिणाम से बनी नई शैक्षिक संस्कृति वर्ष 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन एक सतत और योजनाबद्ध प्रक्रिया के रूप में उभरकर सामने आया है। 2017 में अनुशासन और पारदर्शिता को केंद्र में रखकर सुधारों की नींव रखी गई, जिसे 2018 में इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण और कायाकल्प अभियानों ने जमीनी मजबूती दी। 2019 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का दायरा व्यापक हुआ, जबकि 2020 में कोविड काल ने डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता और उसकी भूमिका को निर्णायक बना दिया। इसके बाद 2021 से 2024 तक यूपीएससी, पीसीएस, बैंकिंग, रक्षा तथा एनईईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं में उत्तर प्रदेश की निरंतर और मजबूत उपस्थिति ने इस बदलाव को परिणामों के रूप में स्थापित किया। 2025 में छात्रवृत्ति, कोचिंग सहायता और उच्च शिक्षा सुधारों का प्रभाव और स्पष्ट हुआ, जबकि 2026 तक इन सभी प्रयासों का संचयी प्रभाव एक ऐसी नई शैक्षिक संस्कृति के रूप में सामने आया, जिसमें अवसरों का विस्तार, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा तीनों का संतुलित विकास दिखाई देता है। मजबूत बुनियाद से बदली तस्वीर ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली, फर्नीचर और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया, जिससे प्रारंभिक शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ और छात्रों की उपस्थिति तथा सीखने की गुणवत्ता में सुधार आया। इसके साथ ही डिजिटल शिक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम ने शिक्षा को पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है। अब छात्रों की प्रगति का आकलन डेटा के आधार पर किया जा रहा है, जिससे जवाबदेही और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बढ़ती पकड़ उत्तर प्रदेश के छात्रों ने हाल के वर्षों में यूपीएससी सहित विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2021 में श्रुति शर्मा, 2023 में आदित्य श्रीवास्तव और 2024 में शक्ति दुबे ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। इसके साथ ही यूपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, रक्षा सेवाओं के साथ-साथ एनईईटी और जेईई जैसी परीक्षाओं में भी प्रदेश के छात्र लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। छोटे जिलों से उभर रही नई प्रतिभा जहां पहले सफलता प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों तक सीमित थी, वहीं अब मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, मिर्जापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, अंबेडकरनगर और कौशांबी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में सफल उम्मीदवार सामने आ रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की प्रतिभा भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रही है। समाज के अंतिम पायदान पर हर वर्ग तक पहुंचा अवसर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन और मेंटोरशिप दी जा रही है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार से छात्रों को राज्य के भीतर ही बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे प्रतिभा का स्थानीय स्तर पर संरक्षण भी सुनिश्चित हुआ है।