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World Cup में दिखेगा भारतीय कनेक्शन, इन 4 भारतीय मूल के खिलाड़ियों को मिला बड़ा मौका

नई दिल्ली फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से हो रही है. भारत में फुटबॉल के इस महाकुंभ को लेकर फैंस में गजब का उत्साह है. फैंस का यह उत्साह तब और चरम पर पहुंच गया, जब अंतिम समय में हुए एक समझौते के बाद जी (Zee) ने भारत में मैचों के लाइव प्रसारण राइट्स मिलने का ऐलान किया. हालांकि, इसके बावजूद भारतीय फुटबॉल फैंस को इस बात की कसक जरूर रहती है कि आखिर उनकी नेशनल टीम फीफा विश्व कप में क्यों नहीं खेलती? इसके पीछे कई वजहें हैं, लेकिन फैंस के लिए एक खुशखबरी यह है कि फीफा विश्व कप में बेशक भारतीय टीम हिस्सा नहीं ले रही है, लेकिन इस बार भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग टीमों से खेलते हुए नजर आ सकते हैं।  फीफा विश्व कप 2026 में इस बार कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं. हालांकि, भारत में फ्रांस, अर्जेंटीना, ब्राजील और स्पेन जैसी चुनिंदा यूरोपीय व लैटिन अमेरिकी टीमों के समर्थक ज्यादा हैं. इस लिस्ट में अगर आप कतर जैसी टीम का नाम लेंगे, तो भारत में गिने-चुने लोग ही उसके सपोर्टर मिलेंगे. लेकिन इस बार भारत में खासकर मलयाली लोग कतर को जरूर सपोर्ट करेंगे. दरअसल, कतर की टीम में केरल का एक खिलाड़ी शामिल है, जिनका नाम तहसीन जमशीद है. तहसीन का जन्म दोहा में, कन्नूर जिले के रहने वाले मलयाली माता-पिता के यहां हुआ था।  शशि थरूर भी तहसीन को लेकर हैं उत्साहित 19 साल के विंगर तहसीन को विश्व कप के लिए कतर की प्रारंभिक टीम में शामिल किया गया था. अब केरल के फैंस को उम्मीद है कि तहसीन को संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए अंतिम टीम में भी जगह मिलेगी. यही वजह है कि कतर की टीम में तहसीन के नाम की चर्चा से लोगों में उत्साह भर गया है. तहसीन को फीफा विश्व कप में खेलते हुए देखने के लिए तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर भी उत्सुक हैं. बता दें कि तहसीन के पिता भी पूर्व फुटबॉलर रहे हैं और वह कतर के लिए अंडर-17 और अंडर-19 स्तर पर खेल चुके हैं।  न्यूजीलैंड के लिए मैदान पर उतरेंगे सरप्रीत सिंह तहसीन के अलावा सरप्रीत सिंह पर भी फुटबॉल फैंस की नजरें होंगी. 27 साल के सरप्रीत न्यूजीलैंड के लिए एक अटैकिंग मिडफील्डर के रूप में खेलेंगे. सरप्रीत का परिवार पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखता है. वह 2018 से न्यूजीलैंड की सीनियर टीम के लिए खेल रहे हैं और अब तक तीन गोल दाग चुके हैं।  सैमुअल मुतुसामी कांगो के लिए खेलेंगे तमिल मूल के खिलाड़ी सैमुअल मुतुसामी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की टीम में शामिल हैं. सैमुअल की मां कांगो की हैं, जबकि उनके पिता तमिल मूल के इंडो-गुआराडेलूपियन हैं. पेरिस में जन्मे 29 वर्षीय डिफेंसिव मिडफील्डर ने 2019 में कांगो के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. बता दें कि 2006 के बाद यह पहला विश्व कप होगा, जिसमें कोई भारतीय मूल का खिलाड़ी दिखाई देगा. आखिरी बार विकास धोरासू फ्रांस के लिए खेले थे. इसके अलावा भारतीय मूल के निशान वेलुपिल्ले ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल हैं. विंगर के रूप में वाले निशान के पिता तमिलनाडु से जुड़े एक मलेशियाई नागरिक हैं, जबकि उनकी मां एक एंग्लो-इंडियन हैं।   

हार्दिक पंड्या और रोहित शर्मा पर BCCI सख्त, फिटनेस टेस्ट के बाद ही होगा चयन

 नई द‍िल्ली  अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को अपनी फिटनेस साबित करनी होगी. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने साफ कर दिया है कि अंतिम एकादश में जगह से पहले उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से फिटनेस क्लियरेंस हासिल करना होगा।  हार्दिक पंड्या को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल तो किया गया है, लेकिन उनके नाम के साथ फिटनेस संबंधी शर्त भी जोड़ी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक हार्दिक 2 जून को बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और सीरीज शुरू होने से पहले वहां एक सप्ताह से अधिक समय बिताएंगे।  इस दौरान 32 वर्षीय ऑलराउंडर को फिटनेस ड्रिल, फिजिकल असेसमेंट से गुजरना होगा. सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उन्हें RTP (Return To Play) मंजूरी मिलेगी. इसके बाद ही अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी उपलब्धता पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।  हार्दिक के लिए यह फिटनेस टेस्ट इसलिए भी अहम है क्योंकि IPL 2026 में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हुए उन्हें पीठ में ऐंठन (Back Spasms) की समस्या हुई थी. इसी वजह से वह टूर्नामेंट के दौरान कुछ मुकाबलों में नहीं खेल पाए थे. उनका आखिरी वनडे मुकाबला ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ था।  रोहित शर्मा को भी CoE में रिपोर्ट करने का निर्देश सिर्फ हार्दिक ही नहीं, पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को भी BCCI ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिपोर्ट करने के लिए कहा है. रोहित IPL 2026 के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ रहे थे. इसी कारण अफगानिस्तान सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में उनके नाम के आगे भी फिटनेस संबंधी शर्त लगाई गई है।  हालांकि मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने ने हाल ही में दावा किया था कि रोहित पूरी तरह फिट हैं. जयवर्धने के मुताबिक रोहित को चोट से उबरने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था और मेडिकल टीम ने उन्हें 100 प्रतिशत फिट माना है।  उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि IPL में रोहित का इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल टीम की रणनीति का हिस्सा था, इसका उनकी फिटनेस से कोई संबंध नहीं था. जयवर्धने ने कहा कि मुंबई इंडियंस अपनी टीम की जरूरतों के हिसाब से फैसले लेती है और रोहित हमेशा टीम की मांग के अनुसार खुद को ढालते हैं।  भारत और अफगान‍िस्तान की वनडे सीरीज कब से है? भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 13 जून से धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में शुरू होगी. दूसरा मुकाबला 17 जून को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि तीसरा और अंतिम वनडे 20 जून को चेन्नई में आयोजित होगा।  अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा*, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या*, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे।  अब सबकी नजर हार्दिक पंड्या और रोहित शर्मा की फिटनेस रिपोर्ट पर रहेगी. अगर दोनों खिलाड़ियों को समय पर क्लियरेंस मिल जाती है तो अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की टीम और भी मजबूत नजर आएगी। 

BCCI के ऐलान से चर्चा में आकिब नबी, क्या अफगानिस्तान के खिलाफ मिलेगा डेब्यू का मौका?

 नई दिल्ली  अफगानिस्तान के खिलाफ 6 जून से मुल्लांपुर में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी भारतीय टीम के कैम्प से जुड़ गए हैं. हालांकि उन्हें अभी आधिकारिक टेस्ट स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक वह बैकअप खिलाड़ी के रूप में शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं।  आकिब नबी का टीम इंडिया कैम्प में शामिल होना इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि टेस्ट टीम के ऐलान के समय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमेटी को उनके नाम को लेकर ट्रोल होना पड़ा था. अजीत अगरकर की अगुआई वाली सेलेक्शन कमेटी ने जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के बाद आकिब की जगह गुरनूर बरार को मौका दिया था. इसके बाद कई क्रिकेट विशेषज्ञों और फैन्स ने नबी को नजरअंदाज किए जाने पर सवाल उठाए थे।  अब टीम इंडिया कैम्प में उनकी एंट्री को भविष्य की योजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. भले ही अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में उनका खेलना तय नहीं है, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन उनकी प्रगति पर करीबी नजर बनाए हुए है. श्रीलंका दौरे के लिए उनकी दावेदारी फिलहाल कमजोर मानी जा रही है, लेकिन अक्टूबर में न्यूजीलैंड दौरे पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार परिस्थितियों को देखते हुए वह चयनकर्ताओं के रडार पर हो सकते हैं।  आकिब नबी ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था. जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई और टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. नबी ने 10 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 60 विकेट चटकाए. इस दौरान उनका औसत सिर्फ 12.56 का रहा और उन्होंने सात बार पांच विकेट हॉल अपने नाम किए।  रणजी में धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें IPL 2026 मिनी ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा था. वह फ्रेंचाइजी के सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहे. द‍िल्ली ने उनको 8.40 करोड़ रुपए में खरीदा था.  हालांकि IPL में उनका पहला सीजन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. उन्होंने पांच मैच खेले लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके।  भारत की टेस्ट टीम फिलहाल शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले की तैयारी कर रही है. टीम में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।  आकिब नबी को भले ही अभी आधिकारिक तौर पर टेस्ट कैप नहीं मिली हो, लेकिन टीम इंडिया कैम्प में उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के लिए एक गंभीर विकल्प के रूप में देख रहे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या कश्मीर का यह तेज गेंदबाज जल्द ही भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की कर पाता है।  अफगानिस्तान के ख‍िलाफ कमात्र टेस्ट के लिए भारत की टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर) .

जीत के बाद आध्यात्मिक यात्रा पर विराट-अनुष्का, वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात

 वृंदावन आरसीबी बेंगलुरु के IPL 2026 का खिताब जीतने के बाद स्टार क्रिकेट खिलाड़ी विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन पहुंचे. यहां दोनों प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मिलने के लिए उनके आश्रम राधा केलि कुंज पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया. दरअसल, आईपीएल 2026 का खिताब जीतकर मैदान पर अपनी बादशाहत कायम रखने वाले भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली इस सफलता के बाद आध्यात्मिक ऊर्जा की तलाश में वृंदावन पहुंचे. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने के बाद विराट अपनी पत्नी और अभिनेत्री अनुष्‍का शर्मा (Anushka Sharma) के साथ मंगलवार को वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Maharaj) के आश्रम पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया।  दोनों ने वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम में प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की. सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में विराट और अनुष्का आश्रम से बाहर निकलते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि दोनों ने कुछ समय आश्रम में बिताया और आध्यात्मिक चर्चा के साथ गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया।  यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब RCB ने आईपीएल 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) को हराकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम किया है. जीत के जश्न के बीच विराट का वृंदावन पहुंचना क्रिकेट और अध्यात्म के अनूठे संगम के रूप में देखा जा रहा है. इससे पहले एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें विराट और अनुष्का आगरा एयरपोर्ट से बाहर निकलते दिखाई दिए. वहां से दोनों सीधे वृंदावन के लिए रवाना हुए।  विराट और अनुष्का पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से वृंदावन आते रहे हैं. दोनों कई बार प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद ले चुके हैं और सार्वजनिक मंचों पर आध्यात्मिकता के महत्व का जिक्र भी कर चुके हैं. क्रिकेट की चमक-दमक और फिल्मी दुनिया की व्यस्तताओं के बीच यह जोड़ी आध्यात्मिक साधना और धार्मिक आस्था को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानती है। 

फुटबॉल फैंस के लिए खुशखबरी! FIFA World Cup अब भारत में इस नए चैनल पर होगा टेलीकास्ट

मुंबई  FIFA World Cup 2026 की शुरुआत 11 जून से हो रही है, लेकिन 31 मई 2026 तक भारत में इस मेगा इवेंट के भारत में टेलीकास्ट पर संशय के बादल थे, लेकिन एक जून 2026 को आधिकारिक तौर पर भारत में इस फुटबॉल विश्व कप को ब्रॉडकास्टर मिल गया है। एक नए स्पोर्ट्स चैनल पर फुटबॉल विश्व कप के मैचों का प्रसारण होगा। जी एंटरटेनमेंट ने Unite8 Sports चैनल पर इन मैचों को टेलीकास्ट करने के लिए राइट्स खरीदे हैं। दरअसल, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड यानी ZEEL ने फीफा वर्ल्ड कप के राइट्स खरीद लिए हैं। नए लॉन्च हुए Unite8 Sports टीवी चैनल्स पर फुटबॉल विश्व कप के मैचों का प्रसारण होगा। वहीं, 48 टीमों वाले इस विशाल टूर्नामेंट की लाइव स्ट्रीमिंग आपको Zee5 पर देखने को मिलेगी। 11 जून से इस टूर्नामेंट की शुरुआत हो रही है, जिसकी मेजबानी यूएसए, मेक्सिको और कनाडा मिलकर कर रहे हैं। कंपनी ने इस बात की भी घोषणा की है कि वह भारतीय बाजार में 2026 ही नहीं, बल्कि 2030 फीफा विश्व कप, 2027 फीफा महिला विश्व कप और 2034 तक अन्य प्रमुख फीफा कार्यक्रमों का प्रसारण करेगी। इसमें डॉक्यू-सीरीज कंटेंट भी शामिल है। फीफा विश्व कप (पुरुष और महिला) के अलावा 'जेड' यू-17 विश्व कप, महिला यू-17 विश्व कप, यू-20 विश्व कप, महिला यू-20 विश्व कप, फुटसल विश्व कप, फुटसल महिला विश्व कप और इंटरकांटिनेंटल कप भी जी के नए स्पोर्ट्स चैनल्स पर दिखाया जाएगा। ZEEL के CEO पुनीत गोयनका ने कहा, "हम दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स में से एक को भारतीय दर्शकों के लिए लाने के लिए उत्साहित हैं। फुटबॉल अलग-अलग इलाकों और डेमोग्राफिक्स में फैला हुआ है और मीडिया राइट्स हासिल करने और खास स्पोर्ट्स चैनल लॉन्च करने में किया गया इन्वेस्टमेंट, इसके लंबे समय के पोटेंशियल में हमारे पक्के यकीन को दिखाता है।" आपको बता दें, फीफा को इसलिए भी जून के दूसरे सप्ताह से शुरू होने वाले विश्व कप के लिए भारत में ब्रॉडकास्टर नहीं मिला था, क्योंकि टाइमिंग एक सबसे बड़ी समस्या है। यही कारण है कि जियोहॉटस्टार और सोनी स्पोर्ट्स जैसे बड़े खिलाड़ी मीडिया राइट्स खरीदने से पीछे हट गए। इसके अलावा 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के लिए FIFA की 100 मिलियन डॉलर की भारी मांग ने बातचीत को और भी ज्यादा मुश्किल बना दिया। हालांकि, बाद में इस डिमांड को 60 मिलियन फीफा ने कर दिया था, लेकिन रिपोर्ट्स की मानें को सिर्फ $20 मिलियन का ऑफर ही उन्हें मिला, लेकिन पिछले जी के नए स्पोर्ट्स चैनल्स के आने से चीजें बदल गईं।

RCB बनी IPL चैंपियन तो खुल गया खजाना! ट्रॉफी के साथ मिले इतने करोड़ रुपये

अहमदाबाद   रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आईपीएल 2026 में इतिहास रचते हुए चैंपियन का ताज अपने सिर सजा लिया है. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से मात देकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा किया. पिछले सीजन आरसीबी ने फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी उठाई थी. अब रजत पाटीदार की इस टीम ने टाइटल को डिफेंड किया है. इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद चैंपियन बेंगलुरु पर पैसों की बारिश हुई. आइए जानते हैं आरसीबी को कितने करोड़ का इनाम मिला. साथ ही यह भी जानेंगे की रनरअप गुजरात टाइटंस और नौ टीमों की झोली में कितने करोड़ रुपये आए।  विजेता आरसीबी को मिले कितने करोड़? आईपीएल 2026 की चमचमाती ट्रॉफी उठाने के साथ ही चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ₹20 करोड़ की भारी-भरकम इनामी राशि दी गई. यह आरसीबी के इतिहास का एक और सुनहरा पन्ना है, जहां टीम ने न सिर्फ फैंस का दिल जीता, बल्कि लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का कारनामा किया. मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बाद आरसीबी इस उपलब्धि को नाम करने वाली टीम बनी है. फाइनल मुकाबला हारने के बावजूद उप-विजेता रही गुजरात टाइटंस खाली हाथ नहीं लौटी. शुभमन गिल की कप्तानी वाली इस टीम को ₹13 करोड़ रुपये मिले।  प्लेऑफ की बाकी टीमों पर भी बरसा पैसा BCCI ने सिर्फ फाइनल खेलने वाली टीमों को ही नहीं, बल्कि प्लेऑफ तक का सफर तय करने वाली बाकी दोनों टीमों को भी करोड़ों के इनाम से नवाजा. क्वालिफायर-2 में हारने वाली राजस्थान की टीम को ₹7 करोड़ मिले. एलिमिनेटर मैच में बाहर होने वाली हैदराबाद की टीम को ₹6.5 करोड़ की इनामी राशि मिली. बीसीसीआई ने आईपीएल 2026 के लिए कुल ₹46.5 करोड़ से ज्यादा का प्राइज पूल तैयार किया था, जो शीर्ष 4 टीमों के बीच बांटा गया. पांचवें से दसवें स्थान पर रहने वाली टीमों को कोई आधिकारिक प्राइज मनी नहीं मिलती है।  कैसे बंटता है यह पैसा? आईपीएल के नियमों के मुताबिक, जो भी प्राइज मनी टीम जीतती है, वह सीधे किसी एक की जेब में नहीं जाती. इसका एक तय गणित है. कुल इनामी राशि का आधा हिस्सा (जैसे आरसीबी के ₹20 करोड़ में से ₹10 करोड़) टीम के सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ में बराबर या उनके प्रदर्शन के आधार पर बांट दिया जाता है. बाकी का आधा हिस्सा फ्रेंचाइजी के मालिकों के खाते में जाता है।  पहले सीजन से 316 की बढ़ोतरी साल 2008 में जब आईपीएल का पहला सीजन खेला गया था, तब शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने खिताब जीता था और उन्हें सिर्फ ₹4.80 करोड़ मिले थे. आज 18 साल बाद 2026 में प्राइज मनी 316.67% बढ़कर ₹20 करोड़ हो चुकी है, जो दिखाता है कि यह लीग दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग क्यों है. इसके अलावा ऑरेंज कैप और पर्पल कैप जीतने वाले खिलाड़ियों को भी ₹10-10 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों के साथ-साथ अन्य व्यक्तिगत अवॉर्ड्स के रूप में करीब ₹1 करोड़ तक की अतिरिक्त राशि दी गई है। 

गुजरात टाइटन्स पर टूटा मुसीबतों का पहाड़! IPL फाइनल हारने के बाद टीम बस में लगी आग, मचा हड़कंप

 अहमदाबाद इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 फाइनल में रव‍िवार को मिली हार के बाद गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ एक बड़ा हादसा टल गया. टीम को लेकर होटल लौट रही बस में शॉर्ट सर्किट होने से वाहन बीच रास्ते खराब हो गया, जिसके बाद खिलाड़ियों और स्टाफ को तुरंत बस से बाहर निकालना पड़ा।  पीटीआई की र‍िपोर्ट के अनुसार, बस में तकनीकी खराबी आने के बाद अंदर धुआं फैलने लगा. स्थिति को देखते हुए टीम प्रबंधन और सुरक्षा कर्मियों ने खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ को सुरक्षित तरीके से बस से बाहर निकाला. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी खिलाड़ी या स्टाफ सदस्य घायल नहीं हुआ।  घटना के बाद पूरी टीम कुछ समय तक सड़क किनारे इंतजार करती रही. बाद में दूसरी बस की व्यवस्था की गई, जिसके जरिए खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को होटल पहुंचाया गया।  यह घटना गुजरात टाइटन्स के लिए पहले से ही निराशाजनक दिन के अंत में सामने आई. रविवार को खेले गए IPL 2026 फाइनल में टीम को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ पांच विकेट से हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के साथ गुजरात का खिताब जीतने का सपना भी टूट गया।  फाइनल से पहले भी गुजरात टाइटन्स का यात्रा कार्यक्रम काफी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण रहा. टीम ने 27 मई को धर्मशाला से मुल्लांपुर का सफर तय किया था, जहां 29 मई को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालिफायर-2 खेला गया।  इसके बाद 30 मई को अहमदाबाद लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन मुल्लांपुर में खराब मौसम के कारण टीम की उड़ान काफी देर तक प्रभावित रही. लगातार देरी के बाद गुजरात टाइटन्स का दल शनिवार देर शाम अपने घरेलू मैदान अहमदाबाद पहुंच सका था।  ऐसे में फाइनल में हार और फिर टीम बस में आई तकनीकी खराबी ने गुजरात टाइटन्स के लिए मुश्किलों से भरे एक लंबे और थकाऊ अभियान का निराशाजनक अंत कर दिया. हालांकि सबसे राहत भरी बात यह रही कि बस में धुआं फैलने के बावजूद सभी खिलाड़ी और स्टाफ पूरी तरह सुरक्षित रहे। 

IPL 2026 का नया सुपरस्टार! वैभव सूर्यवंशी ने 237 के स्ट्राइक रेट से बरपाया कहर, दिग्गजों के रिकॉर्ड खतरे में

अहमदाबाद      –776 रन, 237.30 का स्ट्राइक रेट और 72 छक्के… सूर्यवंशी ने ऐसे आंकड़े खड़े किए जो IPL इतिहास में पहले कभी नहीं दिखे.     -अभिषेक शर्मा, आंद्रे रसेल और एलेक्स हेल्स जैसे नामों वाले एलीट क्लब में सूर्यवंशी सबसे ऊपर नजर आए.     -16 गेंद की फिफ्टी, 36 गेंद का शतक और 29 गेंदों पर 97 रन… हर बड़ी पारी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गई.     -1000 IPL रन तक  440 गेंदों और 23 पारियों में यह मुकाम हासिल कर सूर्यवंशी ने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया.     -521 रन और 46 छक्के… पहले छह ओवर उनके लिए रन बरसाने का मंच बन गए.     -पावरप्ले में सूर्यवंशी ने अकेले CSK, RCB, KKR, GT और DC से ज्यादा छक्के जड़ दिए.     -हर 4.5 गेंद पर एक छक्का लगाकर सूर्यवंशी ने T20 हिटिंग के नए मानक तय किए.     -बुमराह, स्टार्क, कमिंस और हेजलवुड जैसे दिग्गज भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से नहीं बच सके.     -मोहसिन खान और सुनील नरेन उन चुनिंदा नामों में रहे जिनके खिलाफ वह खुलकर नहीं खेल सके.     – प्रफुल्ल  हिंगे की पहली गेंद पर आउट होने के बाद सूर्यवंशी ने अगली भिड़ंत में लगातार चार छक्के जड़कर हिसाब बराबर किया।  15 साल की उम्र में रिकॉर्डों का पहाड़ खड़ा करने वाले सूर्यवंशी के लिए यह सिर्फ शुरुआत मानी जा रही है. आने वाले द‍िनों में वो क्या करेंगे, इस पर अब अनुमान लगाना भी मुश्क‍िल है. ऊपर जो तथ्य बताए गए हैं, वो केवल वैभव की इस आईपीएल की हाइलाइट्स मात्र हैं. आईपीएल फाइनल में उननकी टीम भले नहीं जीती हो, लेकिन उन्होंने आईपीएल के कई ख‍िताबों को अपने नाम किए. वहीं जता द‍िया कि आने वाले द‍िनों में क्या करेंगे।   इंडियन प्रीमियर लीग के 19 साल के इतिहास में राजस्थान रॉयल्स युवा प्रतिभाओं को तराशने वाली सबसे सफल फ्रेंचाइजी रही है. रवींद्र जडेजा, संजू सैमसन, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी इसी मंच से निकले. लेकिन 2026 का सीजन इस सूची में एक ऐसे नाम को सबसे ऊपर ले आया, जिसकी उम्र अभी महज 15 साल है. वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ शानदार प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि T20 बल्लेबाजी की उन सीमाओं को भी तोड़ दिया, जिन्हें अब तक अछूता माना जाता था।  सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा. उन्होंने सिर्फ 327 गेंदों का सामना किया, जिनमें से 135 बार गेंद बाउंड्री के पार गई. इनमें 72 छक्के शामिल रहे. पूरे सीजन में उनके बल्ले से छह बार 50 से ज्यादा स्कोर निकले, जिनमें एक 36 गेंदों का शतक भी था. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उनकी चार फिफ्टी 16 गेंद या उससे कम में पूरी हुईं।  उनकी बल्लेबाजी का असर इस बात से भी समझा जा सकता है कि उनका स्ट्राइक रेट बाकी राजस्थान बल्लेबाजों से 87.03 ज्यादा रहा. IPL इतिहास में किसी सीजन में 300 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों के बीच यह सबसे बड़ा अंतर है।  IPL इतिहास के 18 सीजन में सिर्फ चार बल्लेबाज ही किसी एक सीजन में उनसे ज्यादा रन बना पाए हैं, लेकिन किसी का स्ट्राइक रेट उनके आसपास भी नहीं पहुंचा. T20 क्रिकेट के इतिहास में 500 से ज्यादा रन और 200 से अधिक स्ट्राइक रेट वाले बल्लेबाजों की सूची बेहद छोटी है. इसमें वैभव सूर्यवंशी सबसे ऊपर नजर आते हैं. उनके 776 रन इस विशेष क्लब में दूसरे नंबर पर मौजूद अभिषेक शर्मा के 563 रनों से 38 प्रतिशत ज्यादा हैं. इस सूची में आंद्रे रसेल और एलेक्स हेल्स जैसे नाम भी शामिल हैं।  अगर 300 से ज्यादा रन और 200 से ऊपर स्ट्राइक रेट वाले T20 टूर्नामेंटों को देखा जाए तो केवल अभिषेक शर्मा ने उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट दर्ज किया, लेकिन वह सिर्फ 304 रन ही बना सके थे. दूसरी तरफ सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में 230 से ज्यादा स्ट्राइक रेट बनाए रखते हुए 776 रन ठोक दिए।  2025 में अपने डेब्यू सीजन में प्रतिभा की झलक दिखाने वाले सूर्यवंशी के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि क्या वह दूसरे साल भी उसी स्तर का प्रदर्शन कर पाएंगे. उन्होंने इसका जवाब धमाकेदार अंदाज में दिया. राजस्थान रॉयल्स ने सीजन की शुरुआत लगातार चार जीतों से की और उसमें सूर्यवंशी की अहम भूमिका रही।  वह IPL इतिहास के पहले बल्लेबाज बने, जिन्होंने अपने शुरुआती दोनों सीजन में शतक लगाया. 2025 में गुजरात  टाइटन्स के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाने वाले सूर्यवंशी ने 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 36 गेंदों में सैकड़ा जड़ दिया।  वह IPL में दो शतक लगाने वाले पहले अनकैप्ड बल्लेबाज भी बने. इतना ही नहीं, उन्होंने यशस्वी जायसवाल के नाम दर्ज अनकैप्ड बल्लेबाज के सर्वाधिक रन बनाने के रिकॉर्ड को 151 रन के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया।  2026 में सूर्यवंशी ने चार बार 16 गेंद या उससे कम में अर्धशतक पूरा किया. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने अपने पूरे करियर में भी इतनी बार ऐसा नहीं किया है. इससे पहले  ट्रेव‍िस हेड और निकोलस पूरन ने 2024 में एक सीजन में दो-दो बार यह उपलब्धि हासिल की थी।  एलिमिनेटर में SRH के खिलाफ उनकी 16 गेंदों की फिफ्टी IPL प्लेऑफ इतिहास की संयुक्त रूप से सबसे तेज फिफ्टी रही. जयपुर में स्ट्राइक SRH के खिलाफ लगाया गया 36 गेंदों का शतक IPL इतिहास का तीसरा सबसे तेज शतक था. दिलचस्प बात यह है कि दूसरे नंबर पर भी उनका ही नाम दर्ज है. एलिमिनेटर में वह 29 गेंदों पर 97 रन बनाकर आउट हुए, नहीं तो सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड भी उनके नाम हो सकता था।  सीजन की आखिरी पारी में उन्होंने IPL में 1000 रन पूरे किए और ऐसा करने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए. सिर्फ 440 गेंदों में 1000 रन तक पहुंचकर उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जिनको यह उपलब्धि हासिल करने में 545 गेंदें लगी थीं. सूर्यवंशी ने केवल 23 पारियों में 1000 IPL रन पूरे किए, जो लीग के इतिहास में संयुक्त रूप से दूसरा सबसे तेज और किसी भारतीय बल्लेबाज का सबसे तेज रिकॉर्ड है।  पावरप्ले सूर्यवंशी का सबसे पसंदीदा शिकार क्षेत्र साबित हुआ. उनके 776 रनों में से … Read more

विराट कोहली के अर्धशतक के दम पर RCB ने लगातार दूसरी बार जीता IPL खिताब

नई दिल्ली गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद विराट कोहली के अर्धशतक के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। बेंगलुरु ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में 5 विकेट से जीत हासिल की। इसी के साथ बेंगलुरु आईपीएल इतिहास की तीसरी टीम बन गई है, जिन्होंने लगातार दो बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। आरसीबी से पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने 2010 और 2011 में ये कारनामा किया था। मुंबई इंडियंस ने 2019 और 2020 में अपनी ट्रॉफी को डिफेंड किया था। गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 155 रन बनाए थे। 156 रनों के लक्ष्य को रजत पाटीदार की अगुवाई वाली टीम ने 18 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। इसी के साथ उन्होंने फाइनल मैच को 5 विकेट से अपने नाम किया। बेंगलुरु ने की गुजरात के खिलाफ धारदार गेंदबाजी बेंगलुरु ने फाइनल में धारदार गेंदबाजी करते हुए शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस को 20 ओवर में आठ विकेट पर महज 155 रन पर रोक दिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की धीमी पिच पर आरसीबी के गेंदबाजों ने ऐसी सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की कि गुजरात के बल्लेबाज कभी भी लय हासिल नहीं कर सके। कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय किया और आरसीबी के गेंदबाजों ने उनकी रणनीति को एकदम सही साबित किया। जोश हेजलवुड (2/29) और भुवनेश्वर कुमार (2/37) की अगुवाई में तेज गेंदबाजों ने लगातार छोटी और शरीर की तरफ आती गेंदों का इस्तेमाल किया, जिससे गुजरात के बल्लेबाज खुलकर शॉट नहीं खेल सके। काली और लाल मिट्टी के मिश्रण वाली पिच बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं थी। गेंद बल्ले पर ठीक से नहीं आ रही थी और यही गुजरात की बल्लेबाजी में भी साफ दिखाई दिया। पूरी पारी के दौरान केवल वॉशिंगटन सुंदर ही ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने संघर्ष करते हुए अविजिति अर्धशतक लगाया। उन्होंने 37 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 50 रन बनाए, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। फाइनल में फेल गिल और सुदर्शन की जोड़ी गुजरात की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम को अपने दो सबसे सफल बल्लेबाजों कप्तान शुभमन गिल (10) और साई सुदर्शन (12) से बड़ी पारी की उम्मीद थी। दोनों खिलाड़ियों ने इस सीजन 700 से अधिक रन बनाए हैं, लेकिन फाइनल में वे प्रभाव छोड़ने में विफल रहे। गिल ने संभलकर शुरुआत की, लेकिन हेजलवुड की गेंद पर उनका शॉट बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर सीधा कप्तान रजत पाटीदार के हाथों में चला गया। इसके बाद साई सुदर्शन भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। उन्हें पहले डीआरएस के जरिए जीवनदान मिला, लेकिन भुवनेश्वर की उछाल लेती गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में वे विकेटकीपर जितेश शर्मा को कैच थमा बैठे। दोनों सलामी बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बाद गुजरात की पारी लड़खड़ा गई। पावरप्ले समाप्त होने तक टीम का स्कोर दो विकेट पर सिर्फ 45 रन था। इसके बाद जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन रन गति बढ़ाने में असफल रहे। गुजरात ने सुंदर के दम पर 155 रनों का स्कोर खड़ा किया। बेंगलुरु की ताबड़तोड़ शुरुआत 156 रनों के स्कोर का पीछा करने उतरी बेंगलुरु की टीम ने ताबड़तोड़ शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज के रूप में आरसीबी के लिए विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर क्रीज पर आए। दोनों ने टीम को तेज तर्रार शुरुआत दिलाई और टीम ने 3.3 ओवरों में ही 50 रन पूरे कर लिए। पहले विकेट के लिए दोनों बल्लेबाजों ने 62 रनों की साझेदारी की। गुजरात को मिले लगातार दो विकेट मोहम्मद सिराज ने वेंकटेश अय्यर को आउट कर गुजरात को पहली सफलता दिलाई। हालांकि, उस वक्त तक बेंगलुरु ने मुकाबले में पकड़ बना ली थी। सिराज ने अय्यर को 32 रनों के स्कोर पर मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके बाद उसके अगले ही ओवर में कगिसो रबाडा ने देवदत्त पडिक्कल को 1 रन के स्कोर पर अपना शिकार बना लिया। गुजरात ने लगातार दो विकेट से वापसी की लेकिन उन्होंने बल्ले से अधिक रन नहीं बनाए थे। राशिद खान ने दिया दोहरा झटका राशिद खान मुकाबले में 9वां ओवर डालने के लिए आए और उन्होंने कमाल की गेंदबाजी की। राशिद ने मात्र 3 रन खर्चे और 2 विकेट हासिल किए। उन्होंने पहले बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार को मैदान से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके बाद क्रुणाल पांड्या को भी अपना शिकार बनाया और गुजरात की मुकाबले में कुछ हद तक वापसी कराई। विराट कोहली ने जड़ा अर्धशतक बेंगलुरु ने शानदार शुरुआत के बाद भले ही लगातार विकेट गंवाए लेकिन विराट कोहली एक छोर पर क्रीज पर जमे रहे। उन्होंने 25 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया और गुजरात को मुकाबले में हावी होने का मौका नहीं दिया। उन्होंने 42 गेंदों पर नाबाद 75 रनों की पारी खेली। RCB ने लगातार दूसरी बार जीती ट्रॉफी बेंगलुरु ने 156 रनों के लक्ष्य को 5 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। इसी के साथ उन्होंने दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया है। बेंगलुरु के लिए विराट कोहली ने फाइनल में कमाल की बल्लेबाजी की और अपने आईपीएल करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाई। इसी के साथ उन्होंने बेंगलुरु को दूसरा खिताब भी दिलाया।  

वॉशिंगटन सुंदर के दमदार पचासे से गुजरात टाइटंस 156 रन तक पहुंची, RCB को मिला चुनौतीपूर्ण लक्ष्य

अहमदाबाद  फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी के सामने 156 रनों का लक्ष्य रखा है। खिताबी मुकाबले में गुजरात टाइटंस की ओर से वाशिंगटन सुंदर ने संघर्षभरी पारी खेली और 37 गेंदों में 50 रन बनाए। इसके अलावा कोई भी बैटर नहीं चला। GT- 155/8 (20 ओवर) फाइनल मुकाबले में RCB और GT की प्लेइंग XI रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग इलेवन): विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार। गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कैगिसो रबाडा, अरशद खान, मोहम्मद सिराज