samacharsecretary.com

एक साल बाद फिर वही एशिया कप की कहानी, हरमनप्रीत कौर के मामले में BCCI ने नहीं माना नकवी का दबाव

 दुबई भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन चैम्पियन बनने के बाद भी हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिल सकी. रविवार (13 सितंबर) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में फाइनल खत्म होने के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर गतिरोध पैदा हो गया।  खिताबी मुकाबला खत्म होने से कुछ देर पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACB) के मौजूदा चेयरमैन और PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) प्रमुख मोहसिन नकवी स्टेडियम पहुंचे. नकवी विजेता भारतीय टीम को ट्रॉफी खुद सौंपना चाहते थे. लेकिन भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की ओर से इस पर सहमति नहीं बनी. इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह में देरी हुई और पर्दे के पीछे दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली. भारतीय पक्ष ने एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी दिलाने का विकल्प रखा था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ।  आखिर में मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम को रनरअप चेक सौंपा. उनके साथ खालिद अल जरूनी, श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के प्रमुख एरान विक्रमरत्ने, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के महासचिव मुबाशिर उस्मानी और टाइटल स्पॉन्सर DP World की प्रतिनिधि मंच पर मौजूद थीं. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला स्टेडियम में थे, लेकिन उन्होंने मंच साझा नहीं किया. दोनों ने मैदान पर भारतीय टीम से मुलाकात की. भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी और मेडल्स दिए बिना ही पुरस्कार वितरण समारोह खत्म हो गया।  2025 में भी इसी मैदान पर हुआ था 'तमाशा' इस मामले ने सितंबर 2025 के मेन्स एशिया कप की यादें ताजा कर दीं. तब सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ही पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन ट्रॉफी सौंपने को लेकर इसी तरह का गतिरोध सामने आया था. उस समय भी मोहसिन नकवी एसीसी प्रमुख थे और भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. करीब एक साल बाद महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया।  भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार से जब इस घटनाक्रम पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ किया कि टीम बीसीसीआई के रुख के साथ है. उन्होंने कहा कि भारत के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और टीम इस बात पर गर्व कर रही है कि उसने एशिया कप जीता. उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर भारत को चैम्पियन दिखाया गया था. मजूमदार ने दोहराया कि अब टीम का ध्यान अगले बड़े लक्ष्य यानी एशियन गेम्स पर है।  हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते  बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने विस्तार से बताया है कि भारतीय टीम ने यह फैसला क्यों लिया और आखिर बीसीसीआई की मांग क्या थी. देवजीत सैकिया ने स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए सबसे पहले भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि श्रीलंका को फाइनल में 72 रनax से हराने वाली टीम पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन रही. भारत ने पाकिस्तान को भी 55 रनों पर ऑलआउट कर एकतरफा जीत दर्ज की थी. सैकिया ने कहा कि सेमीफाइनल और फाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि अब टीम की नजर एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर है।  ट्रॉफी विवाद पर देवजीत सैकिया ने कहा कि भारतीय टीम का फैसला देश के लोगों की भावनाओं और पिछले साल मेन्स टीम द्वारा लिए गए रुख को ध्यान में रखकर किया गया. उन्होंने कहा कि भारत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हर औपचारिकता को स्वीकार करना जरूरी है।  उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोगों से ट्रॉफी स्वीकार करना मौजूदा परिस्थितियों में भारत के लिए स्वीकार्य नहीं है. देवजीत सैकिया ने यह भी याद दिलाया कि करीब एक साल पहले पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं मिली थी और बीसीसीआई अब तक उस ट्रॉफी को वापस पाने की कोशिश कर रहा है. उनके मुताबिक, जब मेन्स टीम के मामले में बोर्ड अपना रुख नहीं बदल रहा है तो महिला टीम के मामले में भी उससे अलग फैसला लेना संभव नहीं था।   'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा दुबई का मैदान दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम की जीत के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पिछले साल के विवाद की यादें ताजा कर दीं।  फाइनल खत्म होने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर मौजूद थे. हालांकि, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आई. नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनरअप चेक सौंपा और इसके बाद स्टेडियम से निकल गए।  पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी जब दुबई इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे, तभी दर्शकों की तरफ से 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे सुनाई दिए. यह वही नारा है, जो 2025 के मेन्स एशिया कप फाइनल के बाद हुए ट्रॉफी विवाद के दौरान नकवी को लेकर चर्चा में आया था। 

नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट लागू है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने तथा आरोपियों को प्रभावी ढंग से दोषसिद्ध कराने के उद्देश्य से आज कबीरधाम जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कवर्धा में राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज  अजय यादव, पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र कुमार यादव सहित राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क को पूरी ताकत से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विवेचना को इस स्तर तक प्रभावी बनाया जाए कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियों में भी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रकरण को मजबूत बनाया जाए। कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज  अजय यादव ने विवेचना अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं दोषसिद्धि के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐसे प्रकरणों में गवाहों की अनुपस्थिति अथवा अन्य चुनौतियों के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए एनडीपीएस के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके लोकेशन तथा संपर्कों की तस्दीक कर यह पता लगाया जाए कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और कहां तक पहुंचाया जाना था। उन्होंने कहा कि कार्रवाई को केवल सामने मौजूद आरोपी तक सीमित न रखते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना और तस्करी की चैन को समाप्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्य के उपयोग, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।  कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक  जितेंद्र कुमार यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई देश, समाज और युवाओं की सेवा उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश, समाज, नौजवानों और आने वाली पीढ़ी की सेवा है। नशे के अवैध कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां नशीले पदार्थों से संबंधित अवशेष अथवा गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां उसकी तस्दीक कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाए, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।  नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक अंतिम व्यक्ति तक कार्रवाई करें सुनिश्चित  उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, उनके लोकेशन, संपर्क, आवागमन तथा नशीले पदार्थ कहां से आए और कहां तक पहुंचाए जाने थे, इसकी गहन जानकारी जुटाई जाए। केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए तस्करी कराने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और मजबूत विवेचना के माध्यम से एनडीपीएस के मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाए। न्यायालय में दंड उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए प्रत्येक विवेचना अधिकारी के साक्ष्य संकलन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांजा तस्करी के स्रोतों की पहचान पर जोर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांजे की तस्करी के कई मामलों में अन्य राज्य से जुड़े स्रोत सामने आए हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांजे की अवैध खेती और तस्करी के स्रोतों की पहचान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई को रूटीन कार्य न मानते हुए मिशन के रूप में लेकर कार्य करें और अपने-अपने क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी सम्मानित कार्यशाला के दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

निगार सुल्ताना पर हो सकता है एक्शन? BCB ने बताया कब होगा कप्तानी पर फैसला

नई दिल्ली भारत के खिलाफ विमेंस एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में बांग्लादेशी कप्तान निगार सुल्ताना सुर्खियों में रही थीं. निगार ने टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर से हाथ नहीं मिलाया था. अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की ओर से इस मामले पर सफाई दी गई है. बीसीबी की महिला समिति के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू के मुताबिक यह निगार सुल्ताना का निजी फैसला था और बीसीबी का इस निर्णय में कोई रोल नहीं था. बाबू कहते हैं, 'बेशक, यह उनका अपना फैसला था. हमारा मानना है कि खेल दुनिया को एक साथ लाता है. हम सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सभी देशों के साथ दोस्ताना संबंध चाहते हैं. इसलिए उन्होंने जो किया, वह पूरी तरह उनका निजी फैसला था.' भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश के सामने 150 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी और उसे 40 रनों से हार का सामना करना पड़ा. अब बांग्लादेशी टीम का अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स 2026 है. बोर्ड ने इसी प्रतियोगिता के बाद टीम और कप्तानी को लेकर आगे की तस्वीर स्पष्ट करने के संकेत दिए हैं. क्या निगार पर एक्शन लेगा BCB? रफीकुल इस्लाम बाबू ने बताया कि निगार सुल्ताना के खिलाफ कदाचार से जुड़ी शिकायतें बोर्ड तक पहुंची हैं. हालांकि फिलहाल इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. बोर्ड पहले एशियन गेम्स में टीम के प्रदर्शन का आकलन करेगा और उसके बाद निगार की कप्तानी समेत दूसरे मामलों पर चर्चा होगी. रफीकुल इस्लाम बाबू ने कहा कि बांग्लादेशी टीम के प्रदर्शन और शिकायतों से जुड़े पूरे मामले पर बोर्ड अध्यक्ष के साथ चर्चा हो चुकी है. एशियन गेम्स 2026 के खत्म होने के बाद यह तय किया जाएगा कि आगे क्या कदम उठाया जाना चाहिए. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अपनी विमेंस टीम के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. रफीकुल इस्लाम बाबू ने माना कि बांग्लादेशी टीम को बड़ी टीमों के खिलाफ जीत हासिल करने में परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि विश्व कप में भी बांग्लादेश ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन छोटी गलतियों की वजह से टीम को हार झेलनी पड़ी. बोर्ड अब बांग्लादेशी टीम को ज्यादा मजबूत और प्रतिस्पर्धी बनाने पर काम कर रहा है. एशियन गेम्स के बाद टीम के प्रदर्शन, निगार सुल्ताना के खिलाफ मिली शिकायतों और कप्तानी को लेकर फैसला लिया जाएगा.

नेपाल का शानदार कमाल, UAE को 44 रन से हराकर दूसरी बार एशिया कप में पहुंचा

कुआलालंपुर एसीसी मेन्स प्रीमियर कप 2026 का फाइनल नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच खेला गया.  शनिवार को कुआलालंपुर के बयूमास क्रिकेट ओवल में आयोजित इस खिताबी मुकाबले में नेपाली टीम ने 44 रनों से जीत हासिल की. नेपाल ने यूएई को जीत के लिए 314 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 49.1 ओवर्स में 269 रनों पर सिमट गई. इस जीत के साथ ही नेपाल ने मेन्स एशिया कप 2027 के लिए क्वालिफाई कर लिया. नेपाल दूसरी बार एशिया कप में हिस्सा लेगा. इससे पहले नेपाल ने 2023 के संस्करण में भाग लिया था, जहां उसने भारत और पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज में मुकाबले खेले थे. 2027 के एशिया कप का मेजबान बांग्लादेश है और इसके मुकाबले ओडीआई फॉर्मेट में खेले जाएंगे. बांग्लादेश के अलावा भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान को इस टूर्नामेंट के लिए डायरेक्ट एंट्री मिली है. यूएई के लिए रनचेज में राहुल चोपड़ा ने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके. राहुल ने 105 बॉल पर नाबाद 100 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे. वहीं शोहैब खान ने 4 चौके और दो छक्के की सहायता से 57 बॉल पर 52 रनों की पारी खेली. करण केसी ने नेपाली टीम के लिए सबसे ज्यादा तीन विकेट झटके. वहीं ललित राजबंशी को दो सफलताएं मिलीं. कप्तान संदीप लामिछाने, दीपेंद्र सिंह ऐरी, रोहित पौडेल, गुलशन झा और बसीर अहमद ने एक-एक विकेट प्राप्त किया. आसिफ शेख का यादगार शतक मुकाबले में नेपाल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 313 रन बनाए थे. नेपाल की पारी के सबसे बड़े स्टार सलामी बल्लेबाज आसिफ शेख रहे, जिन्होंने शानदार शतक जमाया. आसिफ ने 106 गेंदों पर 102 रन की पारी खेली, जिसमें 8 चौके और चार छक्के शामिल रहे. उन्होंने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई. गुलशन झा ने तो तेजतर्रार अर्धशतक लगाया. गुलशन ने 4 छक्के और तीन चौके की मदद से 38 गेंदों पर 52 रन बनाए. अर्जुन कुमाल (43 रन) और रोहित कुमार पौडेल (40 रन) ने भी उपयोगी योगदान दिया. यूएई की ओर से अबरार अहमद सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट झटके. खुजैमा तनवीर ने 2 विकेट लिए, जबकि हैदर अली और आदिब उस्मानी को एक-एक सफलता मिली. नेपाल और यूएई इससे पहले 2023 में भी प्रीमियर कप के फाइनल में आमने-सामने आए थे, जहां नेपाल ने यूएई को 7 विकेट से हराकर खिताब जीता था. दोनों टीमों के बीच अब तक 20 वनडे मुकाबले खेले गए हैं. इनमें नेपाल ने 12 और यूएई ने 8 मैच जीते हैं. नेपाल और यूएई दोनों ही पहले से इमर्जिंग टीम्स एशिया कप के लिए क्वालीफाई कर चुके थे.

रणजी ट्रॉफी में सिराज की कप्तानी का नया अध्याय, हैदराबाद की कमान संभालेंगे स्टार पेसर

नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. सिराज को रणजी ट्रॉफी 2026-27 के लिए हैदराबाद टीम की कमान सौंपी गई है. हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन ने इस बात का ऐलान किया. सिराज जहां हैदराबाद के कप्तान होंगे, वहीं तेज गेंदबाज चामा मिलिंद उप-कप्तानी की जिम्मेदारी संभालेंगे. रणजी ट्रॉफी का आगामी सीजन 11 अक्टूबर से शुरू होगा, जहां हैदराबाद अपने पहले मुकाबले में त्रिपुरा का सामना करेगा. हैदराबाद को एलीट ग्रुप बी में रखा गया है. इस ग्रुप में सौराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम और त्रिपुरा की टीम्स भी शामिल हैं. ऐसे में सिराज के सामने कप्तानी के साथ-साथ अपनी गेंदबाजी लय को मजबूत बनाए रखने की चुनौती होगी. मोहम्मद सिराज हाल ही में श्रीलंका दौरे पर भारतीय टीम के लिए खेलते नजर आए थे, जहां उनकी बॉलिंग स्पीड में गिरावट देखने को मिली. आमतौर पर सिराज 140 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास गेंदबाजी करते हैं. लेकिन इस दौरे पर कई बार वो 130 KMPH से कम रफ्तार में गेंद डालते दिखाई दिए. दो टेस्ट मैचों में उन्होंने 44 ओवर्स की गेंदबाजी की और चार विकेट हासिल किए. मोहम्मद सिराज ने बाद में खुद इसकी वजह बताई. उनके मुताबिक करीब दो महीने के ब्रेक के बाद सीधे मुकाबले में उतरने से उनकी लय प्रभावित हुई. उन्होंने कहा कि वह ऐसे गेंदबाज हैं जिनके लिए रनअप और लय बेहद अहम हैं. रनअप में तालमेल बिगड़ने से उनकी गति पर भी असर पड़ा. साउथ जोन के लिए दिखाया जज्बा श्रीलंका दौरे के बाद मोहम्मद सिराज ने दलीप ट्रॉफी 2026-27 फाइनल में साउथ जोन के लिए खेला. तिलक वर्मा की कप्तानी वाली टीम के लिए खेलते वक्त उनके प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिले. चेन्नई की गर्मी में खेलने के दौरान सिराज को अपनी गेंदबाजी में वह लय वापस मिलती महसूस हुई, जिसकी उन्हें तलाश थी. उन्होंने कहा कि चेन्नई में चीजें सही जगह पर आने लगीं और इसके साथ गेंद की गति भी स्वाभाविक रूप से बढ़ी. मोहम्मद सिराज ने अपनी फिटनेस और गेंदबाजी की चुनौतियों के बीच एक बात को सबसे ऊपर रखा. उनका कहना है कि जब खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करता है तो परिस्थितियों का बहाना नहीं बनाया जा सकता. सिराज के मुताबिक उनके लिए यह जुनून का मामला है और देश के लिए खिलाड़ी को अपना हर संभव प्रयास करना चाहिए.

वैभव सूर्यवंशी की दावेदारी के बीच रहाणे बोले, टॉप-3 में बदलाव न करें

नई दिल्ली अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20I सीरीज से पहले टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर को लेकर बहस तेज हो गई है. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत की है, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे वैभव को फिलहाल टॉप-3 में जगह देने के पक्ष में नहीं हैं. अजिंक्य रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर साफ कहा कि भारत को आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने वाले टॉप-3 के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए. उनके मुताबिक अभी टीम के बल्लेबाजी क्रम के साथ प्रयोग करने की जरूरत नहीं है. रहाणे के मुताबिक अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन टॉप-3 बल्लेबाज होने चाहिए. अजिंक्य रहाणे ने कहा, 'मुझे लगता है कि टॉप-3 वही होना चाहिए, जो वर्ल्ड कप में खेला था.' रहाणे ने संजू सैमसन के मामले में भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि सैमसन ने टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और कुछ खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर करना सही नहीं था. रहाणे चाहते हैं कि विकेटकीपर बल्लेबाज को एक और मौका मिले. सैमसन को और मौका मिले: रहाणे अजिंक्य रहाणे ने आगे कहा, 'सैमसन ने अच्छा किया है, लेकिन दो या तीन खराब पारियों के बाद उन्हें बाहर कर दिया गया. मैं चाहता हूं कि उन्हें एक और मौका मिले. अभिषेक और ईशान ने भी हमारे लिए अच्छा किया है.' वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20I सीरीज में दो अर्धशतक लगाए और ''प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने. इसके बाद उनके टॉप ऑर्डर में शामिल होने की चर्चा और तेज हो गई है. हालांकि, अजिंक्य रहाणे का मानना है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उन्हें जल्दबाजी में किसी स्थापित खिलाड़ी की जगह नहीं दी जानी चाहिए. अजिंक्य रहाणे ने अपनी पसंद बताते हुए कहा, 'वैभव को अपने मौके मिलेंगे और उसका समय आएगा. लेकिन फिलहाल मुझे लगता है कि टॉप-3 सैमसन, अभिषेक और ईशान होने चाहिए.' वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के जरिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था. वो भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे. अब वह टीम में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में हैं. दूसरी ओर, जिम्बाब्वे सीरीज से आराम के बाद संजू सैमसन की वापसी ने टॉप ऑर्डर में प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है. अफगानिस्तान के ख‍िलाफ टी20I सीरीज के खिलाफ भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर.

अफगानिस्तान सीरीज से पहले टीम इंडिया की बढ़ी चिंता, ईशान किशन की चोट पर आया फिटनेस अपडेट

 नई दिल्ली भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20I सीरीज 13 सितंबर से शुरू हो रही है. इस सीरीज की शुरुआत से पहले भारतीय टीम की चिंता उस उस वक्त चिंता बढ़ गई, जब ईशान किशन नेट्स से पीठ में खिंचाव के बाद बाहर चले गए. टी20I सीरीज के तीनों मुकाबलें 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाने हैं. अब तेज गेंदबाज नवदीप सैनी ने ईशान किशन की फिटनेस को लेकर अपडेट शेयर किया है. ईशान ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ करीब एक घंटे तक बल्लेबाजी की. इस दौरान वह शानदार लय में नजर आए और कई बार गेंद को सीधे बाउंड्री के पार पहुंचाया. इसके बाद ईशान तेज गेंदबाजों के खिलाफ नेट्स में बल्लेबाजी करने पहुंचे. 'नेट बॉलर' बने नवदीप सैनी नेट्स में नवदीप सैनी भारतीय टीम की मदद के लिए नेट गेंदबाज की भूमिका निभा रहे थे. सैनी ने ईशान किशन को एक शॉर्ट गेंद डाली. ईशान ने गेंद से बचने के लिए नीचे झुकने की बजाय पीछे की ओर शरीर मोड़ा. इसी दौरान उन्हें पीठ में खिंचाव महसूस हुआ और वह असहज नजर आए. ईशान की स्थिति देखते ही फिजियो और टीम का सपोर्ट स्टाफ ईशान की ओर दौड़ा और उनकी जांच की. इसके बाद वह अपना अभ्यास बीच में छोड़कर नेट्स से बाहर चले गए. नवदीप ने ईशान को लेकर क्या कहा? ईशान किशन की चोट को लेकर चिंता बढ़ रही थी, लेकिन टीम इंडिया के लिए खेल चुके नवदीप सैनी ने बाद में स्थिति साफ की. द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में सैनी ने बताया कि उन्होंने ईशान से खुद उनकी स्थिति के बारे में पूछा था. सैनी के मुताबिक वह और ईशान लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं. इसी वजह से उन्होंने ईशान के खिलाफ शॉर्ट गेंद का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी. गेंद के बाद सैनी ने ईशान से पूछा कि वह कैसा महसूस कर रहे हैं, जिस पर विकेटकीपर बल्लेबाज ने उन्हें ठीक होने की बात कही. ईशान किशन हाल ही में दलीप ट्रॉफी 2026-27 फाइनल में शानदार प्रदर्शन करके लौटे हैं. उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 270 रन और दूसरी पारी में 80 रन बनाए थे. अफगानिस्तान के खिलाफ टी20I सीरीज से पहले टीम मैनेजमेंट के लिए उनका फॉर्म बेहद अहम है.

कप्तान ने अकेले लड़ी जंग, 47 रन और 4 विकेट के बाद भी पाकिस्तान को मिली हार

नई दिल्ली पाकिस्तानी टीम की कप्तान फातिमा सना के लिए विमेंस एशिया कप 2026 का सेमीफाइनल बेहद दर्दनाक रहा. टीम को फाइनल में पहुंचाने के लिए फातिमा ने बल्ले और गेंद दोनों से अपना सब कुछ झोंक दिया, लेकिन उनकी जांबाज कोशिश आखिरकार अधूरी रह गई. 11 सितंबर (शुक्रवार) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित मुकाबले में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराया और फाइनल में जगह बना ली. मुकाबला खत्म होने के बाद फातिमा खुद को रोक नहीं सकीं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 130/6 का स्कोर बनाया. टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और लगातार विकेट गिरने से पाकिस्तान दबाव में आ गया था. ऐसे समय में फातिमा सना ने कप्तानी पारी खेली. फातिमा ने 36 गेंदों पर नाबाद 47 रन बनाए. गर्मी के बीच उन्हें क्रैम्प्स की परेशानी भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक क्रीज पर डटी रहीं. तुबा हसन के साथ उन्होंने आखिरी चार ओवर्स में तेजी से रन जोड़कर पाकिस्तान को 130 रनों तक पहुंचाया. हर्षिता-कविशा ने पलट दिया मैच इसके बाद जब पाकिस्तान इस स्कोर का बचाव करने उतरा तो फातिमा सना ने गेंद से भी शानदार शुरुआत की. उन्होंने अपने पहले ही ओवर में लगातार गेंदों पर कप्तान चमारी अटापट्टू और संजना कविंदी को पवेलियन भेज दिया. एक समय श्रीलंका के चार विकेट 33 रन के स्कोर तक गिर चुके थे और पाकिस्तान के पक्ष में मुकाबला जाता दिखाई दे रहा था, लेकिन हर्षिता समरविक्रमा (36 रन) और कविशा दिलहारी (33 रन) ने 67 रनों की साझेदारी कर पूरी तस्वीर बदल दी. फातिमा सना ने एक बार फिर वापसी की और अपने तीसरे ओवर में दोनों बल्लेबाजों को चलता किया. उन्होंने पहले हर्षिता समरविक्रमा को आउट किया और फिर कविशा दिलहारी को एलबीडब्ल्यू कर मैच में अपना चौथा विकेट लिया. यहां से कौशानी नुत्यांगना (नाबाद 10 रन) और नीलाक्षिका सिल्वा (नाबाद 18 रन) ने जिम्मेदारी संभाली. नुत्यांगना ने फातिमा की गेंद पर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला छक्का लगाया, जबकि सिल्वा ने चौका जड़कर श्रीलंका को फाइनल में पहुंचा दिया. फातिमा सना ने इस मुकाबले में 47 रन की नाबाद पारी खेलने के साथ 4 विकेट भी लिए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया. लेकिन यह उपलब्धि भी टीम की हार का दर्द कम नहीं कर सकी. मैच खत्म होने के बाद फातिमा अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाईं. उनकी आंखों में आंसू थे और साफ दिख रहा था कि पाकिस्तान को फाइनल तक पहुंचाने के लिए उन्होंने आखिरी गेंद तक पूरी कोशिश की थी. उनकी यह तस्वीर विमेंस एशिया कप 2026 की सबसे भावुक तस्वीरों में से एक बन गई. पाकिस्तान की कप्तान ने मैच के बाद माना कि फील्डिंग में हुई गलतियों ने टीम को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने यह भी कहा कि 130 रनों का स्कोर बचाया जा सकता था, लेकिन टीम को अपनी बल्लेबाजी में भी सुधार करने की जरूरत है. श्रीलंका की विमेंस एशिया कप सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीसरी जीत रही. अब रविवार (13 सितंबर) को फाइनल में उसका सामना भारत से होगा.

नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में रोहित यादव रचेंगे इतिहास? एशियन गेम्स के टॉप-5 जैवलिन थ्रो रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारतीय जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव के पास एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रचने का मौका होगा. नीरज चोपड़ा के चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद भारत की जैवलिन थ्रो की जिम्मेदारी रोहित यादव और यशवीर सिंह के कंधों पर होगी. रोहित हाल के महीनों में शानदार फॉर्म में रहे हैं और उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 87.68 मीटर है. ऐसे में वह एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे बड़े थ्रो करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नीरज चोपड़ा और किशोर जेना के बाद अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।  नई दिल्ली में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में 81.10 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर शीर्ष स्थान हासिल करने वाले रोहित ने साफ किया कि वह एशियन गेम्स में किसी अतिरिक्त दबाव के साथ नहीं उतरेंगे. उनके मुताबिक भारत की ओर से जैवलिन थ्रो में हमेशा पदक की उम्मीद रहती है और वह देश के लिए मेडल जीतने की पूरी कोशिश करेंगे।  कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सातवें स्थान पर रहने वाले रोहित का मानना है कि उस प्रतियोगिता में उनकी लय सही नहीं थी. हालांकि अब उनकी तैयारी बेहतर है और वह जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने का लक्ष्य लेकर उतरेंगे।  रोहित यादव ने क्या कहा? नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में खेलने को लेकर रोहित यादव ने कहा, "कोई दबाव नहीं है. मैं वहाँ खुलकर खेलूँगा. बड़े कॉम्पिटिशन में हमेशा दबाव होता है. जैवलिन थ्रो में हमें हमेशा मेडल मिलता है और जब भी नीरज खेलते हैं तो ऐसी उम्मीद होती है. हम भी भारत के लिए मेडल जीतने की कोशिश करेंगे।  अपने लक्ष्य के बारे में बात करते हुए रोहित ने कहा, "हमारा लक्ष्य वही दोहराना है जो हमने पहले किया है. मैं किसी और चीज़ के बारे में नहीं सोच रहा हूं. रोहित ने यह भी स्वीकार किया कि नीरज चोपड़ा की सफलता ने भारतीय जैवलिन थ्रो का स्तर पूरी तरह बदल दिया है. उनके मुताबिक नीरज को ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और डायमंड लीग जैसे बड़े मंचों पर जीतते देखकर नई पीढ़ी को लगातार प्रेरणा मिलती है।  एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो के टॉप-5 ऑल टाइम बेस्ट रिकॉर्ड झाओ किंगगांग (चीन) – 89.15 मीटर, इंचियोन 2014 नीरज चोपड़ा (भारत) – 88.88 मीटर, हांगझोउ 2023 नीरज चोपड़ा (भारत) – 88.06 मीटर, जकार्ता 2018 किशोर जेना (भारत) – 87.54 मीटर, हांगझोउ 2023 काजुहिरो मिजोगुची (जापान) – 81.82 मीटर, बीजिंग 1990 रोहित यादव का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो 87.68 मीटर है. अगर वह एशियन गेम्स में अपने इस प्रदर्शन के करीब भी पहुंचते हैं, तो वह सीधे इस लिस्ट के चौथे स्थान से ऊपर पहुंच सकते हैं और एशियाई खेलों के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड कायम कर सकते हैं। 

भारत में पहली बार बदलेगा ड्रेसिंग रूम का रोल, अफगानिस्तान होगा ‘होम टीम’

नई दिल्ली भारत और अफगानिस्तान के बीच टी20I सीरीज 13 सितंबर से शुरू हो रही है. इस वाली तीन मैचों की सीरीज में एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले तीनों मुकाबलों के लिए टीम इंडिया को विजिटर्स ड्रेसिंग रूम दिया गया है. यानी भारत अपने ही देश में होने वाली सीरीज के दौरान घरेलू टीम के ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल नहीं करेगा. इसकी वजह मैदान नहीं, बल्कि सीरीज का आधिकारिक मेजबान है. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) इस सीरीज को होस्ट कर रहा है. इसलिए प्रशासनिक तौर पर अफगानिस्तान घरेलू टीम है और भारत को मेहमान टीम माना गया है. इसी व्यवस्था के तहत ड्रेसिंग रूम भी तय किए गए हैं. भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार होगा ऐसा अरुण जेटली स्टेडियम का होम टीम ड्रेसिंग रूम पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमन लांबा के नाम पर है. तीनों मुकाबलों में अफगानिस्तान की टीम इसी ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी. वहीं भारतीय टीम को प्रकाश भंडारी के नाम वाले विजिटर्स ड्रेसिंग रूम में जगह मिलेगी. सीरीज के दौरान यह व्यवस्था नहीं बदलेगी. क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय टीम अपने ही घर पर मेहमान टीम वाले ड्रेसिंग रूम का इस्तेमाल करेगी. अफगानिस्तान अक्सर अपने घरेलू अंतरराष्ट्रीय मुकाबले दूसरे देशों में आयोजित करता है. देश में इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों के कारण अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को विदेशी या न्यूट्रल वेन्यू का सहारा लेना पड़ता है. इसी वजह से अफगानिस्तान पहले भी भारत के नोएडा, देहरादून और लखनऊ जैसे मैदानों पर अपने घरेलू मुकाबले आयोजित कर चुका है. लेकिन भारत के खिलाफ भारत की जमीन पर किसी द्विपक्षीय सीरीज में पहली बार अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को आधिकारिक मेजबान का दर्जा मिला है. आमतौर पर जिस देश में सीरीज खेली जाती है, उसकी टीम को होम ड्रेसिंग रूम मिलता है. लेकिन इस सीरीज में प्रशासनिक मेजबानी अफगानिस्तान के पास होने के कारण व्यवस्था उलट गई है. इसका मतलब यह नहीं है कि भारत के लिए घरेलू परिस्थितियां बदल जाएंगी, लेकिन स्टेडियम के अंदर यह बदलाव जरूर साफ नजर आएगा. भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और यश ठाकुर.