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LPG की भारी किल्लत से हाहाकार: सप्लाई ठप, 50 हजार की जरूरत के मुकाबले सिर्फ 1 हजार सिलेंडर उपलब्ध

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बेंगलुरु में कमर्शियल एलपीजी की गंभीर कमी को लेकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में उन्होंने बताया कि शहर में होटल, रेस्तरां, कैटरिंग सेवाओं और पीजी आवासों की दैनिक मांग लगभग 50 हजार सिलेंडर की है, लेकिन 1,000 सिलेंडर प्रतिदिन ही मिल पा रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हालिया निर्देश के कारण घरेलू LPG को प्राथमिकता देने से कमर्शियल सप्लाई में भारी कमी आई है। इससे बेंगलुरु के कई व्यवसाय प्रभावित हुए हैं और कुछ होटल-रेस्तरां पहले ही बंद होने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के कदम उठाए जाने का जिक्र किया, लेकिन मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर अभी बहुत बड़ा है। यह संकट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से जुड़ा हुआ है, जहां ईरान और अन्य देशों के बीच तनाव बढ़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का अहम रास्ता है, जिसके बंद होने से भारत में एलपीजी आयात प्रभावित हुआ है। भारतीय ध्वज वाले 2 एलपीजी जहाज एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी ने सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य पार किया और 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंचे। फिर भी, स्थानीय स्तर पर कमर्शियल उपयोगकर्ताओं को राहत नहीं मिल पाई है। बेंगलुरु के होटल एसोसिएशन और अन्य संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो सैकड़ों दुकानें बंद हो सकती हैं, जिससे लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। LPG संकट कितना गंभीर कर्नाटक सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं, जिसमें कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के आदेश शामिल हैं। राज्य ने होटलों को बिजली या वैकल्पिक ईंधन पर स्विच करने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में केंद्र से कमर्शियल और ऑटो एलपीजी के लिए तत्काल अतिरिक्त आवंटन की मांग की है। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु जैसे महानगर में कमर्शियल LPG पर निर्भरता बहुत अधिक है और इसकी कमी से शहर की खाद्य सेवा व्यवस्था ठप हो सकती है। केंद्र सरकार ने प्रभावित निर्यातकों के लिए 497 करोड़ रुपये की राहत पैकेज की घोषणा की है और वैश्विक साझेदारों से ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। यह संकट न केवल बेंगलुरु बल्कि पूरे कर्नाटक में व्यवसायों, रोजगार और दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राज्य सरकार आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन केंद्र से तत्काल समर्थन जरूरी है। अगर स्थिति सुधरती नहीं तो होटल, रेस्तरां और अन्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर बंदी हो सकती है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित होगा। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल से इस समस्या का जल्द समाधान निकालने की जरूरत है।

युद्ध तनाव के बीच भारत सक्रिय: पीएम मोदी ने खाड़ी देशों से साधा संपर्क, होर्मुज पर जताई चिंता

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच शांति बहाल करने को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से फोन पर बातचीत की। इन वार्ताओं में पीएम मोदी ने भारत की स्थिति स्पष्ट की, जिसमें बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देकर तनाव कम करने व शांति-स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया गया। उन्होंने ऊर्जा ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की, क्योंकि ऐसे हमले क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाते हैं और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। प्रधानमंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवागमन के महत्व पर बल दिया। ओमान के सुल्तान से बातचीत में उन्होंने ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा दोहराई। साथ ही, भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग में इन बातचीतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इन 5 विश्व नेताओं से पश्चिम एशिया के संघर्ष पर भारत का रुख रखा, जिसमें डी-एस्केलेशन के लिए संवाद और कूटनीति को सबसे जरूरी बताया। ऊर्जा ढांचे पर हमलों को अस्वीकार्य करार देते हुए कहा गया कि ऐसे कदम एनर्जी सप्लाई को और अस्थिर बनाते हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित नौवहन सभी नेताओं ने समर्थन दिया, क्योंकि यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम है। ये प्रयास भारत की सक्रिय भूमिका को दर्शाते हैं, जहां वह संघर्ष को रोकने और शांति बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ तालमेल कर रहा है। सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी इस बीच, पश्चिम एशिया में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। संयुक्त सचिव (गल्फ) असीम महाजन ने बताया कि 18 मार्च को रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की दुखद सूचना मिली है। मंत्रालय ने शोक व्यक्त किया और परिवार से गहरा संवेदना जताई। भारतीय मिशन रियाद में परिवार के संपर्क में है और शव को भारत लाने के लिए सऊदी अधिकारियों से समन्वय कर रहा है। कुल 6 भारतीय नागरिक विभिन्न घटनाओं में मारे गए हैं, जबकि एक लापता है। सऊदी अरब, ओमान, इराक और यूएई में भारतीय मिशन लापता व्यक्ति की तलाश व मृतकों के शवों को लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं। इसके अलावा, समुद्री हमलों से प्रभावित भारतीय चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित वापसी हो रही है। एमटी सफेसी विष्णु के 15 भारतीय क्रू सदस्यों को इराक से बचाया गया, जो कल सऊदी अरब से भारत लौटने वाले हैं। इसी तरह, एमवी एमकेडी व्योम पर 16 और एमटी स्काईलाइट पर 8 भारतीय नाविकों सहित 24 को ओमान से बचाकर पहले ही भारत पहुंचाया जा चुका है। ये घटनाएं क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती हैं, जहां भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। विदेश मंत्रालय लगातार निगरानी और तालमेल में लगा हुआ है।  

डिजिटल स्ट्राइक: ऑनलाइन बेटिंग के 300 प्लेटफॉर्म ब्लॉक, सरकार सख्त

नई दिल्ली ऑनलाइन जुआ और सट्टा खिलाने वाली वेबसाइट्स पर भारत सरकार ने एक बार फिर डिजिटल स्ट्राइक कर दी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, और अपनी ताजा कार्रवाई में लगभग 300 वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है। सरकार ने उन प्लेटफॉर्म पर शिकंजा कसा है जो ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग, कसीनो-स्टाइल गेमिंग और पीयर-टू-पीयर सट्टेबाजी सिस्टम जैसी कई तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल थे। इससे पहले जनवरी में, केंद्र सरकार ने 242 अवैध सट्टेबाजी और जुआ खिलाने वाली वेबसाइट्स को ब्लॉक किया था। सरकार के एक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई कई तरह के गैर-कानूनी प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाकर की गई, जिनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग वेबसाइट्स, स्लॉट्स, रूलेट और लाइव डीलर टेबल्स जैसे गेम्स देने वाले वर्चुअल कसीनो, और पीयर-टू-पीयर मार्केटप्लेस के तौर पर काम करने वाले बेटिंग एक्सचेंज शामिल हैं। अधिकारियों ने सट्टा और मटका जुआ नेटवर्क्स के साथ-साथ असली पैसों वाले कार्ड और कसीनो गेमिंग एप्लीकेशन्स के खिलाफ भी कार्रवाई की। यह कार्रवाई, अवैध ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर अंकुश लगाने और लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी तथा लत के जोखिमों से बचाने के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। अब तक 8,400 ऐसी वेबसाइट्स और ऐप हुए ब्लॉक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने अब तक लगभग 8,400 ऐसी वेबसाइट्स और एप्लिकेशन को ब्लॉक कर दिया है। इनमें से एक बड़ा हिस्सा, लगभग 4,900 प्लेटफॉर्म्स को ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम लागू होने के बाद हटाया गया; इस अधिनियम ने डिजिटल गेमिंग और सट्टेबाजी की गतिविधियों को रेगुलेट करने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत किया। यह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिसके तहत अधिकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कड़ी नजर रखेंगे और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेंगे। सरकार ने यूजर्स से यह भी आग्रह किया है कि वे सतर्क रहें और किसी भी अनाधिकृत सट्टेबाजी या जुआ खिलाने वाली सर्विस से दूर रहें।  

सोशल मीडिया का भ्रम! रील्स देखकर कपल ने सोचा सुप्रीम कोर्ट में कर सकते हैं शादी

नई दिल्ली यूपी-बिहार में अपने घरों से भागकर दिल्ली पहुंचे एक प्रेमी जोड़े (कपल) को सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित राहत देने से इनकार करते हुए हाई कोर्ट जाने के लिए कहा। दरअसल, कपल ऑनर किलिंग के डर से अपने घर से भागकर दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। दोनों ने सोशल मीडिया पर रील्स देखी थी कि ऐसे कपल सुप्रीम कोर्ट में शादी कर सकते हैं और फिर उन्हें सीजेआई के घर भी ले जाया जाता है। कोर्ट की पार्किंग में एक वकील को यह कपल दिखाई दिया, जिसके बाद पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। लाइव लॉ के अनुसार, वकील हरविंदर चौधरी कपल की सुनवाई के लिए सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट की पार्किंग में कपल मिला। लड़की बिहार से है, जबकि लड़का यूपी से ताल्लुक रखता है। दोनों को अपने परिजनों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि लड़की को ज्यादा धमकी मिल रही है और कहा जा रहा है कि उसे मारकर पेड़ से लटका दिया जाएगा। वकील ने कहा कि जब यह कपल अपनी सुरक्षा के लिए तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचा तो वहां उसकी मदद करने के बजाए, उसे हिरासत में लेने की कोशिश हुई। वकील ने कहा, ''मैं उन्हें दो अन्य लॉयर्स के साथ पुलिस स्टेशन पहुंची। वहां पर मुझे हैरानी हुई। मैं कहना नहीं चाहती, क्योंकि यह व्यवस्था के प्रति काफी हल्का और गैर जिम्मेदाराना होगा, लेकिन पुलिस ने हमें हिरासत में लेने की कोशिश की। इस पर मैंने उनसे खुद को हिरासत में लेने के लिए कहा, क्योंकि मैं एक कम उम्र की लड़की को पुलिस थाने में अकेला नहीं छोड़ सकती।'' इसके बाद सीजेआई ने पूछा कि आखिर यह कपल दिल्ली आया ही क्यों, इस पर वकील ने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर रील्स देखी थीं। उन्हें लगा कि सुप्रीम कोर्ट में शादी होती है और सीजेआई के घर जाया जाता है। मुझे यह स्ट्रेंज एटिट्यूड लगा, क्योंकि सोशल मीडिया की वजह से। इस पर सीजेआई ने कपल को आर्टिकल 226 के तहत हाई कोर्ट जाने के लिए कहा।

NCERT विवाद में सरकार की एंट्री: विशेषज्ञ समिति गठित, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी की सुनवाई

नई दिल्ली राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की कक्षा 8 की किताब में न्यायपालिका से जुड़े चेप्टर को फिर से लिखने के लिए तीन सदस्यों वाली एक विशेषज्ञ समिति का गठन हुआ है। शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया कि तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल, जस्टिस इंदु मल्होत्रा ​​और जस्टिस अनिरुद्ध बोस को शामिल किया गया है। सरकार ने ये फैसला एनसीईआरटी की किताब के उस हिस्से पर हुए विवाद के बाद उठाया है, जिसमें 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' का जिक्र था। कमेटी के गठन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपनी तरफ से शुरू की गई सुनवाई को खत्म कर दिया। गौरतलब है कि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने हाल ही में कक्षा 8 के लिए सामाजिक विज्ञान की पुस्तक "एक्सप्लोरिंग सोसाइटीः इंडिया एंड बियॉन्ड" (भाग-2) प्रकाशित की थी। इस पुस्तक में "हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका" शीर्षक से एक पाठ शामिल था। इसमें न्याय व्यवस्था पर विवादित पाठ्य सामग्री थी। यही कारण रहा कि इस अध्याय को लेकर विभिन्न पक्षों से आपत्तियां सामने आईं। स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने इस पर आपत्ति जताई थी। सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने के बाद एनसीईआरटी ने गलती मानते हुए चैप्टर को वापस ले लिया था। एनसीईआरटी के निदेशक और परिषद के सदस्यों ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि इस अध्याय के कारण उत्पन्न स्थिति के लिए वे बिना किसी शर्त और बिना किसी स्पष्टीकरण के सार्वजनिक रूप से क्षमा चाहते हैं। एनसीईआरटी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि विवादित अध्याय वाली पूरी पुस्तक को वापस ले लिया गया है। यह पुस्तक कहीं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। परिषद ने कहा कि अध्याय के कारण उत्पन्न असुविधा के लिए उन्हें खेद है और वे सभी संबंधित पक्षों की समझदारी की सराहना करते हैं। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि दोबारा लिखा गया चैप्टर तब तक प्रकाशित नहीं किया जाएगा, जब तक डोमेन एक्सपर्ट कमेटी इसकी समीक्षा नहीं कर लेती। इसके बाद, कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को डोमेन एक्सपर्ट कमेटी के गठन का आदेश दिया था।

‘मोहम्मद’ दीपक को पुलिस सुरक्षा देने की मांग पर HC की नाराजगी, सोशल मीडिया एक्टिविटी पर उठाए सवाल

देहरादून उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कोटद्वार मामले में दीपक कुमार उर्फ ‘मोहम्मद’ दीपक की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके व्यवहार और मांगों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने दीपक के खिलाफ दर्फ एफआईआर को रद्द करने से इनकार करते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जैसी अपील को दबाव बनाने की रणनीति बताया। कोर्ट ने दीपक को फटकार लगाते हुए पूछा कि एक आरोपी पुलिस सुरक्षा कैसे मांग सकता है। कोर्ट ने कहा, इस तरह की मांगों का मकसद जांच को प्रभावित करना और पूरे मामले को सनसनीखेज बनाना है। कोर्ट ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब याचिकाकर्ता खुद एक संदिग्ध आरोपी है तो पुलिस सुरक्षा मांगने के पीछे उसका क्या मतलब है। 26 जनवरी की एक घटना को लेकर मोहम्मद दीपक के खिलाफ दंगा करने, चोट पहुंचाने और शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कोटद्वार में एक मुस्लिम दुकानदार, वकील अहमद के अपनी दुकान का नाम 'बाबा' रखे जाने पर बजरंग दल के सदस्यों ने आपत्ति जताई थी और मोहम्मद दीपक ने इसका विरोध किया था। इस दौरान बजरंग दल के सदस्यों के साथ दीपक का झगड़ा भी हुआ जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ। उस दौरान जब दीपक से उनका नाम पूछा गया, तो उन्होंने खुद को 'मोहम्मद दीपक' बताया था। कोर्ट ने दीपक की मांगों पर क्यों उठाए सवाल? बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस राकेश थपलिया ने याचिका की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि दीपक कुमार खुद इस मामले में एक संदिग्ध आरोपी हैं। ऐसे में यह समझ से परे है कि वह पुलिस सुरक्षा की मांग कैसे कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि दीपक सोशल मीडिया के जरिए इस मामले को बेफिजूल में तूल दे रहे हैं। जज ने तीखे लहजे में कहा, आप पर कौन दबाव डाल रहा है? आप सोशल मीडिया पर प्रवचन दे रहे हैं और मामले को सनसनीखेज बना रहे हैं। दीपक ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए जांच अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने कहा कि एक आरोपी का ऐसी मांग करना न केवल गलत है, बल्कि यह जांच एजेंसी के मनोबल पर असर डालने जैसा है। सोशल मीडिया पर कमेंट करने पर रोक हाई कोर्ट ने दीपक को सोशल मीडिया पर कमेंट करने से भी रोक दिया है। जस्टिस राकेश थपलियाल साफ किया कि सोशल मीडिया पर चल रही बयानबाजी पुलिस की जांच में बाधा डाल सकती है। कोर्ट ने राज्य सरकार की उस दलील पर भी कड़ी नाराजगी जताई जिसमें कहा गया था कि दीपक कुमार जांच में सहयोग करने के बजाय सोशल मीडिया पर व्यस्त हैं। कोर्ट ने दीपक कुमार के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार करते हुए पुलिस को अपनी जांच जारी रखने का निर्देश दिया। हालांकि, अदालत ने पुलिस को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि वे 'अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य' मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें, क्योंकि इस मामले में सजा सात साल से कम है।

अवैध कॉल सेंटर पर ED की रेड: बंगाल में 16 जगहों पर छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति सीज

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में अवैध कॉल सेंटर केस में बड़ी कार्रवाई की है। कोलकाता जोनल ऑफिस ने 16 मार्च 2026 को राज्य के विभिन्न शहरों, कोलकाता, हावड़ा, सिलीगुड़ी और दुर्गापुर, में कुल 16 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। ये छापेमारी टेक्नोसोलिस इन्फॉर्मेटिक्स लिमिटेड, सुराश्री कर, सुभाजीत चक्रवर्ती और उनके सहयोगियों से जुड़ी हैं। तलाशी के दौरान ईडी ने महत्वपूर्ण जब्तियां कीं। इनमें 2.5 करोड़ रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), सोने के सिक्के, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े रिकॉर्ड, आपत्तिजनक दस्तावेज और कई डिजिटल डिवाइस शामिल हैं। इसके अलावा, जांच में कई अचल संपत्तियों की पहचान हुई, जिनमें जमीन, होटल और रिसॉर्ट आदि हैं। इनकी अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। ये संपत्तियां कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।  ईडी ने दो बांग्लादेशी पासपोर्ट और चार लग्जरी वाहन भी जब्त किए, जिनमें एक मर्सिडीज कार शामिल है। सिलीगुड़ी के एक स्थान से 88 विभिन्न ब्रांड की शराब की बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें पश्चिम बंगाल आबकारी विभाग को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई राज्य में 2026 के विधानसभा चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने के प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है, क्योंकि अवैध गतिविधियां राजनीतिक फंडिंग या प्रभाव से जुड़ी हो सकती हैं। यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आईपीसी 1860 और भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। आरोपी एक बड़े अवैध कॉल सेंटर नेटवर्क चला रहे थे, जिसमें मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिकों को टारगेट किया जाता था। वे फर्जी तरीके से लोगों को ठगते थे, जैसे तकनीकी सहायता या अन्य सेवाओं के नाम पर, और फिर उनके बैंक खातों से पैसे निकालते थे। इस धोखाधड़ी से कमाया गया पैसा गैर-कानूनी चैनलों से भारत लाया जाता था। पीएमएलए के तहत जांच में सामने आया कि टेक्नोसोलिस इन्फॉर्मेटिक्स लिमिटेड और स्वर्गीय दिबांगकर धारा, सुराश्री कर, सुभाजीत चक्रवर्ती सहित अन्य कंपनियों के नाम पर कई बैंक खाते खोले गए थे। इन खातों का इस्तेमाल विदेशी मुद्रा प्राप्त करने और 'अपराध से प्राप्त धन' को लॉन्डर करने के लिए किया जाता था। ये कंपनियां अवैध कॉल सेंटर के संचालन से जुड़ी हुई हैं। ईडी के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ सख्त रुख का हिस्सा है। छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डिवाइस की जांच से और अधिक खुलासे होने की संभावना है। आगे की जांच जारी है, जिसमें और गिरफ्तारियां और जब्तियां हो सकती हैं।

अमेरिका का बड़ा कदम: USS त्रिपोली पहुंचा मिडिल ईस्ट, क्या जंग की आहट तेज?

ईरान ईरान युद्ध का आज 21वां दिन है। एक तरफ इजरायली और अमेरिकी सेना ईरान पर मिसाइलें और बंकर बस्टर बम गिरा रहीं हैं, वहीं ईरान भी इजरायल और अमेरिका को कड़ा जवाब दे रहा है। ईरान ने एक दिन पहले ही इजरायल की हाइफा रिफायनरी पर बड़ा हमला किया है और अमेरिकी फाइटर जेट F-35 को भी मिसाइल से निशाना बनाया है। 20 दिनों की जंग में अब तक अमेरिका के तीन F-35 फाइटर जेट और 6 KC ट्रैंकर नष्ट हो चुके हैं। इस बीच, अमेरिका ने ईरान युद्ध के खात्मे की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में तीन युद्धपोत भेजे हैं। इनमें उभयचर युद्धपोत ‘USS Tripoli' और USS Boxer भी शामिल है। इस तरह अमेरिका 4000 नए सैनिकों की तैनाती खाड़ी देशों के करीब करने जा रहा है, जो ईरान से जंग लड़ेंगे। अमेरिका जिन युद्धपोतों को मिडिल-ईस्ट में भेज रहा है, वे आधुनिक मिसाइलों से लैस हैं। इनके अलावा उन पर F-35 फाइटर जेट भी तैनात हैं। माना जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के पास बढ़े तनाव को कम करने और उसे ईरानी कब्जे से उसे मुक्त कराने के लिए अमेरिका ने ये कदम बढ़ाया है। सैटेलाइट तस्वीरों में USS Tripoli को दक्षिण चीन सागर से गुजरते हुए देखा गया है। उसके साथ दो एस्कॉर्ट शिप भी देखे गए हैं। इस युद्धपोत के 22-23 मार्च के आस-पास युद्ध क्षेत्र में प्रवेश करने की उम्मीद है। क्या है USS त्रिपोली? यूएसएस त्रिपोली (USS Tripoli – LHA-7) अमेरिका-श्रेणी का दूसरा उभयचर हमलावर जहाज है, जिसे विशेष रूप से हवाई हमलों और मरीन सैनिकों को तैनात करने के लिए विकसित किया गया है। यह करीब 2500 सैनिक ले जाने में सक्षम है। फिलहाल इस पर 2000 नौसैनिक तैनात हैं। USS Tripoli की लंबाई करीब 844 फीट और वजन 45,000–50,000 टन के बीच है। इस पर F-35B लाइटनिंग II जैसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर जेट, MV-22 Osprey (ऑस्प्)रे और विभिन्न प्रकार के अटैक हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं। इसका मुख्य काम समुद्री मार्गों की सुरक्षा करना और जरूरत पड़ने पर जमीनी हमले के लिए सैनिकों को तैयार रखना है। इसमें लैंडिंग क्राफ़्ट के लिए "वेल डेक" नहीं है। इस डिज़ाइन की वजह से इसमें एक बड़ा हैंगर, ज़्यादा एविएशन फ़्यूल और विमानों के रखरखाव के लिए अधिक जगह मिल पाती है। अपने साथ MEU जवान ले जा रहा USS Tripoli अपने साथ 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट (MEU) के जवानों को ले जा रहा है। यह एक रैपिड-रिस्पॉन्स फ़ोर्स है जिसमें जापान के ओकिनावा में तैनात लगभग 2,200 मरीन और नौसेना के नाविक शामिल हैं। MEU में जमीनी और हवाई, दोनों तरह की लड़ाकू इकाइयाँ शामिल हैं। Fox News की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन USS Tripoli ARG को 31वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट (MEU) के साथ तैनात कर रहा है, जो उसके अपने स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है। ईरान के लिए सख्त संदेश न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय पश्चिम एशिया में 50,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। तीनों युद्धपोत खासकर USS त्रिपोली के आने से इस क्षेत्र में पहले से मौजूद अमेरिकी सेना की बड़ी टुकड़ी और बड़ी हो जाएगी और ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ने वाला है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में अमेरिका तेजी से जवाब देने की तैयारी कर रहा है क्योंकि हॉर्मुज़ जैसे अहम तेल मार्ग को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है। अमेरिका का हालिया कदम ईरान को सख्त संदेश भी माना जा रहा है। ऐसे में US ने तीन नए युद्धपोतों को भेजकर साफ संकेत दिए हैं कि वह ईरान के खिलाफ हर तरह के ऑप्शन (हवाई, समुद्री और जमीन पर) तैयार रखना चाहता है।  

भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाता पकड़ा गया पाकिस्तान, ईरानी जहाज डूबने पर खुली पोल

नई दिल्ली श्रीलंका के तट के पास ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना पर अमेरिका के हमले और फिर इसके डूबने को लेकर पाकिस्तान ने अलग ही प्रोपेगैंडा शुरू कर दिया था। पाकिस्तान आधारित नेटवर्क ने सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ जाल बिछाया और बदनाम करने की कोशिश की। उसका कहना था कि भारत ने ही अमेरिका को ऐसी जानकारी दी थी जिससे उसने ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया। हालांकि जब इस पूरे मामले को खंगाला गया तो सारी बातें सामने आ गईं। पाकिस्तानी आईएसआई और उससे जुड़े लोगों ने ही इस तरह की झूठी जानकारी का अभियान शुरू किया था। 4 मार्च को श्रीलंका के तट पर अमेरिका ने IRIS देना पर हमला कर दिया था। इसके बाद यह शिप डूब गया। अब इसके बाद सोशल मीडिया पर एक नैरेटिव गढ़ा गया कि भारत ने ही अमेरिका को संवेदनशील जानकारियां दीं। बाद में पता लगाया गया तो यही जानकारी मिली कि यह केवल झूठ जानकारी थी और पाकिस्तान के सोशल मीडिया हैंडल से ही इस तरह की बातें की जा रही थीं। OSINT ग्रुप ने पता लगाया कि 4 मार्च को ही @TacticalTribun नाम के अकाउंट से इस तरह की पोस्ट शेयर की गई थी। इसके बाद ऐसे अकाउंट्स से इस बात को आगे बढ़ाया गया जिनमें से 40 फीसदी पाकिस्तानी थे। इसके अलावा ये ऐसे लोग थे जो कि किसी ना किसी तरह पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। 100 अकाउंट से लगभग 500 पोस्ट इस तरह की की गईं। पूरी कोशिश की गई कि इस बात को वायरल करवा दिया जाए। ओपेन सोर्स इंटेलिजेंस असेसमेंट के मुताबिक घटना के तीन से 6 घंटे के अंदर ही इस तरह की जानकारी शेयर करने वाले लोग ऐक्टिव हो गए थे। इसके बाद हैश टैग शुरू किया गया और 80 यूजर इसे फैलाने में लग गए। इसके बाद आईआरआईएस देना की तस्वीरों के साथ पोस्ट शेयरिंग शुरू हो गई। एनालिस्ट्स् ने बताया कि इस अफवाह को फैलाने के लिे पाकिस्तान के लगभग 40 फीसदी अकाउंट, प्रो ईरान 15 फीसदी, प्रो फिलिस्तीन 12 फीसदी और एंटी वार कम्युनिटी के 8 फीसदी अकाउंट के इस्तेमाल किया गया। इसमें से बहुत सारे फर्जी अकाउंट भी थे। इस मामले के जानकार लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर कई एआई वीडियो जारी करके भी झूठ फैलाने की कोशिश की गई। क्या है श्रीलंका का स्टैंड श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने संसद को बताया कि सरकार ने मार्च की शुरुआत में अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को देश के दक्षिण-पूर्व स्थित मत्ताला अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। सरकार ने मार्च की शुरुआत में अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को देश के दक्षिण-पूर्व स्थित मत्ताला अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। चार मार्च को अमेरिका ने द्वीप के दक्षिणी तटीय शहर गाले के निकट ईरान के 'आईआरआईएस देना' पोत को निशाना बनाया, जिसमें 84 नाविकों की मौत हो गई, जबकि 32 को बचा लिया गया। यह पोत भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित नौसैनिक बेड़े की समीक्षा में भाग लेने के बाद स्वदेश लौट रहा था। दो दिन बाद ईरान का एक अन्य पोत 'आईआरआईएस बुशहर' 219 नाविकों के साथ कोलंबो बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति चाहता था। श्रीलंका ने उसे कोलंबो तट के बाहर लंगर डालने के बाद पूर्वी बंदरगाह त्रिंकोमाली की ओर जाने को कहा। पोत के 204 नाविकों को फिलहाल कोलंबो के निकट नौसैनिक प्रतिष्ठान में ठहराया गया है।  

सरकार का दावा, देश में घरेलू LPG और कच्चे तेल का है पर्याप्त भंडार

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित हुई है. जिसके दुनिया में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं. भारत में भी इसका असर दिखने लगा है. हालांकि, सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि आज की स्थिति के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्चतम क्षमता पर संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि घरेलू LPG उत्पादन जारी है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, देशभर में किसी भी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) पर ड्राय-आउट की कोई सूचना नहीं है. प्राकृतिक गैस के संबंध में, सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जहां संभव हो, वे पीएनजी (PNG) पर शिफ्ट करें. इस संबंध में राज्य सरकारों को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है. पैनिक बुकिंग में कमी आई… सुजाता शर्मा ने कहा कि शीर्ष 15 गैस क्षेत्रों में लगभग 13,700 से अधिक कनेक्शन दिए गए हैं और लगभग 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हुए हैं. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग लगभग 93% है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से की जा रही है. पैनिक बुकिंग में कमी आई है और कल लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग प्राप्त हुईं. उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है. वाणिज्यिक एलपीजी के लिए लगभग 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी किए हैं और पिछले एक सप्ताह में लगभग 11,300 टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है. सभी राज्यों के पास पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है. खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी 22 भारतीय जहाज सुरक्षित वहीं, संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पोत, पत्तन एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हमारे सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, जिनकी निगरानी डीजी शिपिंग द्वारा लगातार की जा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में 24×7 हेल्पलाइन, संचार केंद्र और कंट्रोल रूम को लगभग 125 कॉल और 200 से अधिक ईमेल प्राप्त हुए, जिनका समय पर जवाब दिया गया. इसके अलावा, पिछले 24 घंटों में 25 भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से वापस लाया गया है. सिन्हा ने बताया कि न्यू मंगलौर पोर्ट ने क्रूड (Crude) और LPG से संबंधित कार्गो जहाजों के लिए वेवर (छूट) प्रदान करने हेतु एक सर्कुलर जारी किया है, जो 14 मार्च से 31 मार्च तक मान्य है. इसके अलावा, लगभग 3,500 वर्ग मीटर का अतिरिक्त कवर शेड और 76,000 वर्ग मीटर का ओपन यार्ड अतिरिक्त भंडारण क्षमता के लिए निर्धारित (ईयरमार्क) किया गया है. पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्रालय का बयान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से बात की. उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत का पक्ष रखा और बातचीत, तनाव कम करने और शांति पर जोर दिया. उन्होंने ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की, जबकि सभी पक्षों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन और लगातार तालमेल के लिए अपना समर्थन दोहराया. उन्होंने त्योहारों की शुभकामनाएं भी दीं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में मिले सहयोग की सराहना की. जायसवाल ने कहा कि मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ भी इसी तरह की चर्चाएं हुईं, जिसमें स्थिरता, सामान और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन और लगातार तालमेल के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई. ईरान में फंसे 913 भारतीयों को वापस लाया गया उन्होंने कहा कि भारत खाड़ी देशों से लोगों को निकालने के अपने प्रयास जारी रखे हुए है; अब तक आर्मीनिया और अजरबैजान के रास्ते 913 फंसे हुए भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है. विदेश मंत्रालय के कंट्रोल रूम ने कई कॉल संभाले हैं, जो मुख्य रूप से व्यापारिक जहाजों से संबंधित थे. सरकार लगातार सक्रिय है और भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर नजर रख रही है.