samacharsecretary.com

दूसरी बड़ी विमान घटना: अजित पवार प्लेन के बाद Air India की उड़ान में खौफनाक झटके

मुंबई महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान हादसे में मौत की खबर के बाद देशभर में दहशत का माहौल है। इसी बीच राजस्थान की राजधानी जयपुर से भी एक गंभीर घटना सामने आई है। बुधवार को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के एक विमान की पहली लैंडिंग असफल हो गई, जिससे विमान में बैठे यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि, पायलट की सूझबूझ से दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। यह विमान दिल्ली से जयपुर के लिए रवाना हुआ था और दोपहर लगभग 1 बजे जयपुर पहुंचा। 1:05 बजे पायलट ने रनवे पर लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन किसी तकनीकी या अन्य कारण से विमान रनवे को छूते ही दोबारा हवा में चला गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराने लगे। इसके बाद विमान करीब 10 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाता रहा। दूसरे प्रयास में विमान को सुरक्षित तरीके से रनवे पर उतार लिया गया, जिसके बाद यात्रियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली। विमान में मौजूद थे कांग्रेस के बड़े नेता इस विमान में पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे। एयरपोर्ट पर पहले से ही राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई वरिष्ठ नेता उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। जब पहली बार विमान की लैंडिंग फेल होने की खबर मिली, तो एयरपोर्ट पर मौजूद कांग्रेस नेताओं में भी चिंता और बेचैनी साफ नजर आई। लेकिन विमान के सुरक्षित उतरते ही सभी ने राहत महसूस की। एयरपोर्ट प्रशासन में मचा हड़कंप इस घटना के बाद जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन कारणों से पहली लैंडिंग के दौरान विमान को वापस उड़ान भरनी पड़ी। अधिकारियों का कहना है कि अगर पायलट ने समय रहते सही फैसला नहीं लिया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। अजित पवार हादसे से जुड़ा संदर्भ गौरतलब है कि इसी दिन सुबह महाराष्ट्र के पुणे स्थित बारामती एयरपोर्ट पर भी एक बड़ा हादसा हुआ था। वहां लैंडिंग के दौरान अजित पवार का चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई थी। बताया गया कि रनवे साफ नजर नहीं आने के कारण पायलट ने पहले विमान को ऊपर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन दोबारा लैंडिंग के दौरान विमान क्रैश हो गया।

नए भारत की नई उड़ान : राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद नितिन नवीन ने गिनाईं उपलब्धियां

नई दिल्ली संसद के बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संयुक्त सदनों को संबोधित करने के साथ हुई। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत विकास के नए आयाम लिख रहा है। नितिन नवीन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "दोनों सदनों में अभिभाषण पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्पष्ट रूप से बढ़ते हुए भारत की तस्वीर को बयां किया है। किस प्रकार भारत विकास के नए आयाम लिख रहा है। पीएम मोदी की सरकार किसान, मजदूर, युवा हर वर्ग की चिंता कर रही है।" उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती आर्थिक शक्ति बन रहा है। जिस प्रकार से आज चावल उत्पादन में भारत 150 मिलियन टन से आगे बढ़कर विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक केंद्र बन गया, उसी प्रकार से मछली उत्पादन में भी हम दुनिया के दूसरे नंबर के देश बन गए हैं। कहीं न कहीं ये ग्रोथ हमें स्पष्ट रूप से इंडिकेट करता है कि भारत विकास के पथ पर किस प्रकार से आगे बढ़ रहा है।" राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आधारभूत संरचना का ग्रोथ देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही हम मेडिकल सर्विसेज और हेल्थ एजुकेशन को प्रमोट कर रहे हैं। यह भारत के बढ़ते हुए विकास का मापदंड बन रहा है। साथ ही लुक ईस्ट के हमारे संकल्प को भी राष्ट्रपति ने दोहराया है कि हम ईस्ट के विकास के प्रति संकल्पित हैं। हमारे जितने भी राज्य ईस्ट में हैं, चाहे वह नॉर्थ ईस्ट हो, बिहार, बंगाल, ओडिशा या झारखंड, इन सभी राज्यों के ग्रोथ से भारत का विकास ग्रोथ बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने भारत के बढ़ते विकास को पूरी तरह से संबोधित किया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ''पिछले 11 सालों में हमारी सरकार ने पीएम मोदी के नेतृत्व में गरीबी हटाने की योजनाओं के जरिए गरीबों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए जिस तरह से काम किया है, उन सभी बातों का जिक्र राष्ट्रपति ने किया।" उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्र में किस तरीके से हम लोगों ने विकास किया है, वह सब लोग जान रहे हैं। पिछले 11 सालों में हमारी सरकार अच्छा काम कर रही है। इसमें कोई दो राय नहीं है। हमारी सरकार ने गरीब कल्याण की योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर चिराग पासवान ने कहा, "ये कुछ ऐसी बातें हैं जिन पर यकीन नहीं होता कि ऐसा सच में हुआ है। अजीत पवार न सिर्फ जमीन से जुड़े नेता थे, बल्कि अपने विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ थी। उनका जाना न सिर्फ महाराष्ट्र के लिए, बल्कि देश की राजनीति के लिए भी एक बहुत बड़ी क्षति है। मेरी पार्टी की ओर से मैं उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि पूरे परिवार को दुख की इस घड़ी से उबरने की शक्ति दे।"

प्लेन क्रैश के कुछ मिनट पहले पायलट की चेतावनी उजागर, रनवे गायब होने की दहशत

बारामती महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया। दिग्गज नेता लियरजेट 45 नामक प्रावइेट जेट से जा रहे थे, जोकि लैंडिंग से पहले क्रैश हो गया और हादसे में सवार सभी पांच लोगों की जान चली गई। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत देशभर के तमाम नेताओं ने दुख जताया है। प्लेन ने पहली बार लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन उसे गो-अराउंड करके दोबारा आना पड़ा था। पहली बार में पायलट ने कहा था कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है, लेकिन बाद में गो-अराउंड के बाद रनवे दिख गया था।   विमान हादसा आज सुबह 8.46 बजे हुआ। सुबह 8.18 मिनट पर प्लेन ने बारामती एयरपोर्ट से संपर्क स्थापित किया था। यह दिल्ली स्थित वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी का जेट प्लेन था, जिसे अजित पवार इस्तेमाल कर रहे थे। सुबह लगभग 8.10 मिनट पर मुंबई से प्लेन ने उड़ान भरी। मुंबई और बारामती के बीच की दूरी लगभग 256 किलोमीटर है और विमान को 45 मिनट का समय लगता है। बारामती एयरपोर्ट से विमान लगभग 56 किलोमीटर की दूरी पर था, जब उससे संपर्क किया गया। प्लेन को पुणे द्वारा कंट्रोल लोकल एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को दे दिया गया। इसके बाद विमान को उड़ा रहीं कैप्टन शंभवी पाठक को स्थानीय मौसम की जानकारी दी गई। पायलट ने हवाओं और विजिबिलिटी के बारे में पूछा और उन्हें बताया गया कि हवाएं शांत हैं और विजिबिलिटी तीन हजार मीटर है। इसके बाद विमान ने रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर रिपोर्ट किया और कहा कि उन्हें रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बाद, उन्होंने गो-अराउंड किया। 'रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा' गो-अराउंड एक स्टैंडर्ड प्रोसीजर है, जिसके तहत पायलट जब सफल लैंड नहीं कर पाता है तो वह दोबारा हवा में उड़कर, वापस चक्कर लगाकर लैंडिंग की कोशिश करता है। एविएशन सेक्टर में यह कोई विफलता नहीं, बल्कि इसे सेफ्टी उपाय माना जाता है। गो-अराउंड के बाद, विमान से उसकी स्थिति के बारे में पूछा गया और पायलट ने रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर रिपोर्ट किया। उनसे रनवे दिखने पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया। उन्होंने जवाब दिया रनवे अभी दिखाई नहीं दे रहा है, जब रनवे दिखेगा तो कॉल करेंगे। कुछ सेकंड बाद उन्होंने बताया कि रनवे दिखाई दे रहा है। विमान को 08.43 बजे पर रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई, हालांकि, उन्होंने लैंडिंग क्लीयरेंस का रीडबैक नहीं दिया। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ भयावह मंजर रिपोर्ट की मानें तो सुबह 8.43 मिनट पर प्लेन साइलेंट हो गया था, यानी कि उसने सिग्नल भेजना बंद कर दिया था। इस दौरान विमान की गति लगभग 237 किलोमीटर प्रति घंटे की थी। प्लेन भी जमीन से लगभग एक किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसके बाद सुबह 8.46 बजे एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर ही विमान क्रैश हो गया। घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी में हादसे के बाद धुएं का गुबार उठता हुआ दिखाई दे रहा है। बता दें कि कंपनी के पास इस फ्लीट में सात लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट (एक दुर्घटनाग्रस्त), पांच Embraer 135BJ एयरक्राफ्ट, चार King Air B200 एयरक्राफ्ट और एक Pilatus PC-12 एयरक्राफ्ट शामिल हैं। पिछला रेगुलेटरी ऑडिट डीजीसीए द्वारा फरवरी 2025 के महीने में किया गया था और कोई लेवल-I फाइंडिंग जारी नहीं की गई थी।  

शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का संदेश: आर्य वैद्यशाला ने आयुर्वेद को दिया नया जीवन

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केरल स्थित आर्य वैद्यशाला चैरिटेबल अस्पताल के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को सहेजने, संरक्षित करने और आगे बढ़ाने में आर्य वैद्यशाला का महत्वपूर्ण योगदान है। आर्य वैद्यशाला के संस्थापक वैद्यरत्नम पी एस वरियर को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आयुर्वेद के प्रति उनका दृष्टिकोण और लोक कल्याण के लिए उनका समर्पण आज भी हमें प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "केरला की आर्य वैद्यशाला, भारत की उस उपचार परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जिसने सदियों से मानवता की सेवा की है। भारत में आयुर्वेद किसी एक काल या एक क्षेत्र में सीमित नहीं रहा। हर दौर में इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति ने जीवन को समझने, संतुलन बनाने और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाने का रास्ता दिखाया है। आज आर्य वैद्यशाला 600 से अधिक आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण करती है, देश के अलग-अलग क्षेत्रों में संस्था के अस्पताल आयुर्वेदिक तरीके से मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिनमें दुनिया के 60 से अधिक देशों के मरीज शामिल होते हैं।" उन्होंने कहा कि आर्य वैद्यशाला ने ये भरोसा अपने काम से बनाया है। जब लोग कष्ट में होते हैं, तो आप सभी उनके लिए बहुत बड़ी उम्मीद बनते हैं। पीएम मोदी ने कहा, "आर्य वैद्यशाला के लिए सेवा सिर्फ एक विचार नहीं है। ये भावना उनके कार्य, दृष्टिकोण और संस्था में भी दिखाई देती है। संस्था का चैरिटेबल हॉस्पिटल पिछले 100 वर्षों से निरंतर लोगों की सेवा में जुटा है। इसमें अस्पताल से जुड़े सभी लोगों का योगदान है।" इस कार्य के लिए पीएम मोदी ने अस्पताल के वैद्य, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य सभी लोगों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सरकार की पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय तक प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को साइलो में देखा जाता रहा। पिछले 10-11 सालों में इस अप्रोच में बड़ा बदलाव हुआ है। अब स्वास्थ्य सेवाओं को होलिस्टिक नजरिए से देखा जा रहा है। आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथिक, सिद्ध और योग, इन सबको हम एक छाता के नीचे लाए हैं, और इसके लिए विशेष तौर पर आयुष मंत्रालय बनाया गया है। नेशनल आयुष मिशन के तहत 12 हजार से अधिक आयुष वेलनेस सेंटर्स खोले गए। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की नीतियों का स्पष्ट प्रभाव आयुष सेक्टर पर दिखाई दिया है। आयुष विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ा है और इसका विस्तार हुआ है। भारतीय पारंपरिक वेलनेस को दुनिया तक पहुंचाने के लिए सरकार ने आयुष निर्यात संवर्धन परिषद की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि आयुष प्रोडक्ट और सेना को वैश्विक बाजारों में बढ़ावा मिल सके। साल 2014 में भारत से लगभग 3 हजार करोड़ रुपए के आयुष और हर्बल प्रॉडक्ट्स एक्सपोर्ट होते थे। वहीं अब भारत से 6500 करोड़ रुपए के आयुष और हर्बल प्रॉडक्ट्स एक्सपोर्ट होने लगे हैं। इसका बहुत बड़ा फायदा देश के किसानों को भी हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से भारत में सदियों से इलाज का काम होता रहा है, लेकिन ये भी दुर्भाग्य रहा है कि हमें देश में और ज्यादातर विदेशों में लोगों को आयुर्वेद का महत्व समझाना पड़ता है। इसकी एक बड़ी वजह एविडेंस बेस्ड रिसर्च और रिसर्च पेपरों की कमी है। जब साइंस के सिद्धांतों पर आयुर्वेदिक पद्धति को परखा जाता है, तो लोगों का भरोसा और मजबूत होता है। उन्होंने आह्वान किया कि हमें बदलते समय के अनुसार, आयुर्वेद में आधुनिक टेक्नॉलजी और एआई का उपयोग भी बढ़ाना चाहिए। बीमारी की संभावनाओं का पता लगाने और अलग-अलग पद्धितियों से इलाज के लिए काफी कुछ इनोवेटिव किया जा सकता है।

900 किलोमीटर की पदयात्रा कर हेमंत सूर्यवंशी पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह से मिलने, MLA ने किया स्वागत

मुंबई महाराष्ट्र के हेमंत सूर्यवंशी ने प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की एक अनोखी मिसाल पेश की है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रति अपने स्नेह और सम्मान के चलते हेमंत सूर्यवंशी उज्जैन (मध्य प्रदेश) से उत्तर प्रदेश के विश्नोहरपुर तक करीब 900 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर पहुंचे। बृजभूषण के बड़े बेटे विधायक प्रतीक भूषण सिह ने हेमंत का जोरदार स्वागत किया। उनकी यह यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।   हेमंत सूर्यवंशी मूल रूप से महाराष्ट्र के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने 8 जनवरी को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के जन्मदिन के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए और उनके दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की। इसके बाद उन्होंने पैदल ही गोंडा के विश्नोहरपुर की ओर अपनी यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान हेमंत सूर्यवंशी लगातार पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की तस्वीर अपने साथ रखे रहे। उन्होंने बताया कि इसी तस्वीर के कारण उन्हें रास्ते भर लोगों का भरपूर सहयोग, सम्मान और आतिथ्य मिलता रहा। कई स्थानों पर लोगों ने उनके ठहरने, भोजन और आराम की व्यवस्था की, जिससे उनकी लंबी और कठिन यात्रा अपेक्षाकृत सहज हो सकी। करीब एक हजार किलोमीटर की यह पदयात्रा पूरी कर जब हेमंत सूर्यवंशी विश्नोहरपुर पहुंचे, तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। बृजभूषण के बड़े बेटे विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने हेमंत सूर्यवंशी का स्वागत करते हुए उनके समर्पण और भावनात्मक लगाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में इस तरह का समर्पण और श्रद्धा दुर्लभ है। हेमंत सूर्यवंशी की इस यात्रा को लोग प्रेम, विश्वास और आस्था का प्रतीक मान रहे हैं। उनकी पदयात्रा यह संदेश देती है कि सच्चा सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव किसी भी दूरी को छोटा बना सकता है। क्षेत्र में उनकी इस अनोखी पहल की हर ओर सराहना हो रही है।  

साइंटिफिक रिपोर्ट ने खोला राज! सबरीमाला में चोरी नहीं बदले पैनल, रासायनिक तरीके से गायब हुआ सोना

तिरुवनंतपुरम सबरीमाला सोना चोरी मामले में नई वैज्ञानिक जांच ने कई अहम सवालों पर विराम लगा दिया है। इसरो के वैज्ञानिक परीक्षणों में पुष्टि हुई है कि गर्भगृह (संनिधानम) के दरवाजे के पैनल बदले नहीं गए थे, बल्कि तांबे की चादरों पर चढ़ी सोने की परत को रासायनिक प्रक्रिया के जरिए उतारा गया था। ये निष्कर्ष विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपे गए हैं और बुधवार को केरल हाईकोर्ट के समक्ष भी रखे गए। इससे गर्भगृह के ढांचे को पूरी तरह बदलने या अंतरराष्ट्रीय गिरोहों को सौंपे जाने जैसी अटकलों को खारिज कर दिया गया है। इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के वैज्ञानिकों ने विस्तृत सामग्री विश्लेषण के बाद अदालत को बताया कि सबरीमाला में लगे दरवाजों के पैनल मूल तांबे की चादरें ही हैं। जांच में यह भी साफ हुआ कि चोरी किया गया हिस्सा ठोस सोना नहीं था, बल्कि तांबे के ऊपर चढ़ी सोने की परत थी, जिसे पहले ठोस सोने के पैनल समझा जा रहा था। वैज्ञानिकों के अनुसार, गर्भगृह के दरवाजे का लकड़ी का ढांचा, जिसे स्थानीय भाषा में ‘कट्टिल’ कहा जाता है, वह भी पूरी तरह मूल पाया गया है। हालांकि, जिन चादरों को हटाकर बाद में दोबारा लगाया गया था, उनके नमूनों में सोने की मात्रा में स्पष्ट कमी पाई गई है। इससे यह साबित होता है कि तांबे को नुकसान पहुंचाए बिना सोने को अलग किया गया। पैनलों पर दिखाई देने वाले बदलावों को लेकर उठी शंकाओं पर वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि ये परिवर्तन रासायनिक प्रतिक्रियाओं के कारण हुए हैं, न कि पैनल बदलने की वजह से। सोना निकालने में इस्तेमाल होने वाला पारा (मरकरी) और अन्य रासायनिक घोल चादरों की सतह की रासायनिक संरचना को प्रभावित करते हैं, जिससे रंग और बनावट में फर्क नजर आता है। वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि मूल चादरों को हटाकर नई चादरें लगाई गई हों। एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया है कि जांच अभी जारी है और पुराने गर्भगृह दरवाजे से लिए गए नमूनों का तुलनात्मक विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी परीक्षणों को शामिल करते हुए अंतिम संयुक्त रिपोर्ट जल्द ही सौंप दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह वैज्ञानिक गवाही जांच की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी और अब जांच का फोकस सोना निकालने की प्रक्रिया और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान पर केंद्रित होगा।

बौद्ध बनकर अल्पसंख्यक कोटा लेने की कोशिश, सुप्रीम कोर्ट नाराज़— CJI की तीखी टिप्पणी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बौद्ध धर्म अपनाने वाले हिंदू अपर कास्ट युवक के अल्पसंख्यक आरक्षण की मांग करने पर कड़ी फटकार लगाई। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने इसे नया तरीके का फ्रॉड करार दिया। अदालती सुनवाइयों को रिपोर्ट करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच के अनुसार, निखिल कुमार पूनिया ने याचिका दायर कर अल्पसंख्यक उम्मीदवार के आधार पर एडमिशन की मांग की। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि आप कौन से पूनिया हैं? आप किस अल्पसंख्यक समुदाय से हैं? सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ''मैं आपसे सीधे-सीधे पूछता हूं, आप कौन से पूनिया हैं?'' इस पर निखिल के वकील ने जवाब दिया कि जाट पूनिया हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि तब कैसे अल्पसंख्यक हुए? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसने (निखिल) बौद्ध धर्म अपना लिया है और यह उसका अधिकार है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने फटकार लगाते हुए कहा कि वाओ, यह तो नया तरीके का फ्रॉड है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को सख्त आदेश दिया। उसने कहा कि राज्य उसे अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट जारी करने के लिए गाइडलाइंस की जानकारी दे और बताए कि क्या ऊंची जाति के जनरल कैटेगरी के उम्मीदवार बौद्ध धर्म अपनाने के बाद अल्पसंख्यक सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं। कोर्ट ने हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी से जवाब मांगा है।

जेब में Aadhaar, लाइन से छुटकारा! नया Aadhaar App लॉन्च — घर बैठे अपडेट और वेरिफिकेशन आसान

नई दिल्ली आज आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा बदलाव आया है। UIDAI ने नया Aadhaar App लॉन्च कर दिया है, जो पुराने mAadhaar ऐप से कहीं अधिक उपयोगी है। यह ऐप 28 जनवरी 2026 से पूरे देश में उपलब्ध हो गया है। स्क्रीन पर सिर्फ फिजिकल कार्ड देखने के बजाय, अब आप अपने मोबाइल फोन में पूरा डिजिटल Aadhaar ID रख सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप मोबाइल नंबर और पता जैसे डिटेल्स को भी घर बैठे अपडेट कर सकेंगे, बिना Enrollment Center का चक्कर लगाए।   New Aadhaar App के 5 मुख्य फीचर्स और फायदे 1. अब फिजिकल Aadhaar कार्ड रखने की जरूरत खत्म नए Aadhaar App की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब आपको आधार कार्ड की फोटो कॉपी, PVC कार्ड या प्रिंटआउट साथ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस ऐप में आपका पूरा Aadhaar डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित तरीके से मौजूद रहेगा। जहां भी पहचान दिखाने की जरूरत हो बैंक, होटल, एयरपोर्ट, सरकारी दफ्तर वहां आप सीधे मोबाइल से Aadhaar दिखा सकते हैं। इससे आधार खोने, फटने या गलत इस्तेमाल का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। 2. Face Authentication से होगी पहचान, OTP की झंझट खत्म नया Aadhaar App Face Authentication सपोर्ट करता है। यानी अब सिर्फ मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। आप अपने चेहरे से ही पहचान वेरिफिकेशन कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पास हमेशा OTP लेने के लिए फोन उपलब्ध नहीं रहता। 3. QR कोड से तुरंत वेरिफिकेशन नए ऐप में QR-code आधारित वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। इसका मतलब यह है कि: किसी को Aadhaar की फोटो कॉपी देने की जरूरत नहीं, सामने वाला सिर्फ QR स्कैन करके आपकी पहचान जांच सकता है, डेटा में छेड़छाड़ की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। यह फीचर होटल चेक-इन, इवेंट एंट्री, ऑफिस वेरिफिकेशन और किराए के मकान जैसे मामलों में बहुत काम आएगा। 4. एक ऐप में परिवार के कई Aadhaar (Multi-Profile Support) नया Aadhaar App Multi-Profile फीचर के साथ आता है। यानी: माता-पिता, बच्चे, परिवार के बुजुर्ग सदस्य। सबका Aadhaar एक ही ऐप में सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे अलग-अलग फोन या डॉक्यूमेंट संभालने की परेशानी खत्म हो जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के आधार मैनेज करना अब बेहद आसान होगा। 5. घर बैठे Aadhaar डिटेल अपडेट करने की सुविधा नए Aadhaar App में कई जरूरी अपडेट्स अब घर बैठे किए जा सकेंगे, जैसे: मोबाइल नंबर, पता (Address)। इससे अब Aadhaar Center के चक्कर, लंबी लाइनें और समय की बर्बादी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यह फीचर खासतौर पर कामकाजी लोगों और ग्रामीण इलाकों के लिए राहत लेकर आया है। Aadhaar फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक QR वेरिफिकेशन, फेस ऑथेंटिकेशन और सिलेक्टिव शेयरिंग जैसे फीचर्स की वजह से: फर्जी Aadhaar इस्तेमाल करना मुश्किल होगा, फोटो कॉपी के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, पहचान चोरी के मामलों में कमी आएगी, यानी नया Aadhaar App सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच भी है।

राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और 4 करोड़ घर गरीबों के लिए — देश के सपनों की दिशा

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के मकान बनाए हैं और बीते एक वर्ष में गरीबों को 32 लाख नए घर मिले हैं। मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया और बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। उन्होंने कहा कि उज्‍ज्‍वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मिले हैं और पिछले वर्ष भी यह अभियान तेजी से आगे बढ़ा है।   उन्होंने कहा, ‘पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंक से मदद दी जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत भी रेहड़ी-फुटपाथ पर काम करने वाले 72 लाख लोगों को 16 हज़ार करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है।’ इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का भी अपने अभिभाषण में जिक्र किया। राष्ट्रपति ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके साथ ही कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। संसद के बजट सत्र की शुरुआत में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘भारत ने सिद्ध किया है कि शक्ति का प्रयोग उत्तरदायित्व और विवेक के साथ किया जा सकता है। ऑपरेशन सिंदूर से विश्व ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। हमारे देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्‍वस्‍त कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।’ पहले 25 करोड़ को मिला था सामाजिक सुरक्षा कवच, अब 95 लाख उन्होंने संसद की संयुक्त बैठक में अपने चौथे अभिभाषण में कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। हंगामे पर बरसी भाजपा, संसद में तार-तार हुई मर्यादा मुर्मू के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस समेत विपक्ष के सांसदों की ओर से हंगामा जारी रहा। इसे लेकर भाजपा ने कहा कि आज फिर कांग्रेस पार्टी के नेताओं और विपक्ष ने संसदीय मर्यादा को तार-तार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। नड्डा ने कहा, 'राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में अभिभाषण में जब वंदे मातरम के 150वां साल मनाये जाने का जिक्र करते हुये बंगाल की धरती से स्वतंत्रता के उद्घोष और अमर मनीषी बंकिम बाबू के कृतित्व को याद कर नमन कर रहीं थीं, तभी अराजकतावादी कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हंगामा कर दिया और नारे लगाना शुरू कर दिया। ऐसा कर के उन्होंने राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और बंकिम चंद्र का भी अपमान किया। इस दृश्य को पूरे देश ने देखा है।' आखिर कांग्रेस और विपक्ष को वंदे मातरम से इतनी नफरत क्यों? नड्डा ने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि वंदे मातरम्, बंकिम बाबू और पश्चिम बंगाल की धरती से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन को इतनी नफरत क्यों है, आश्चर्य की बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस भी विपक्षी हंगामे में साझेदार बन रही थी। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने संसद की गरिमा को जिस तरह ठेस पहुंचाया है। वह अति निंदनीय है। इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाए वो कम है। इन लोगो को संसद और देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।  

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस त्रासदी ने न केवल एक लोकप्रिय जननेता को छीन लिया, बल्कि उन दर्दनाक हादसों की कड़वी यादें भी ताजा कर दीं, जिनमें पहले भी देश ने अपने कई राजनीतिक दिग्गजों और प्रमुख हस्तियों को असमय खोया है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता पवार (66) और अन्य लोगों को ले जा रहा विमान पुणे के बारामती में उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जब वह उतर रहा था।   होमी भाभा- 1966 भारत के अग्रणी परमाणु भौतिकी वैज्ञानिक होमी जहांगीर भाभा की मृत्यु 24 जनवरी 1966 को ‘एयर इंडिया’ की उड़ान 101 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। जिनेवा एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ हुए गलत संचार की वजह से विमान ‘स्विस आल्प्स’ पहाड़ के मोंट ब्लांक में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   संजय गांधी- 1980 कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की 23 जून 1980 को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वह सफदरजंग हवाई अड्डे के पास ‘दिल्ली फ्लाइंग क्लब’ के विमान में हवाई करतब दिखा रहे थे, तभी विमान अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   माधवराव सिंधिया-2001 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नागर विमानन मंत्री माधवराव सिंधिया की मृत्यु 30 सितंबर 2001 को कानपुर में राजनीतिक रैली के लिए जा रहे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण हुई। उत्तर प्रदेश में खराब मौसम के कारण 10 लोगों की बैठने की क्षमता वाला निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।   जी एम सी बालयोगी-2002 लोकसभा अध्यक्ष रहे एवं तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी एम सी बालयोगी की मृत्यु तीन मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। वह पश्चिम गोदावरी जिले के भीमवरम से आ रहे थे, जब उनका निजी हेलीकॉप्टर आंध प्रदेश के कृष्णा जिले के कैकलुरु के पास एक तालाब में गिर गया। सिप्रियन सांगा-2004 मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री किप्रियन सांगा और 9 अन्य लोग 22 सितंबर 2004 को गुवाहाटी से शिलॉन्ग जा रहे पवन हंस हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त के कारण मारे गए थे। यह हेलीकॉप्टर राज्य की राजधानी से केवल 20 किमी दूर बारापानी झील के पास दुर्घटना का शिकार हुआ। के एस सौम्या- 2004 दक्षिण भारत की लोकप्रिय अभिनेत्री सौंदर्या (के एस सौम्या) की मृत्यु 17 अप्रैल 2004 को विमान दुर्घटना में हुई जब वह अपने भाई के साथ बेंगलुरु से करीमनगर जा रही थीं। ओ पी जिंदल और सुरेंद्र सिंह-2005 उद्योगपति और हरियाणा के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश जिंदल और कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की 2005 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई जब उनका हेलीकॉप्टर दिल्ली से चंडीगढ़ जाते समय उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दुर्घटना का शिकार हो गया। वाई एस रेड्डी-2009 दो सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजसेखर रेड्डी (वाईएसआर) का हेलीकॉप्टर ‘बेल 430’ खराब मौसम के कारण नल्लमाला जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे उनकी मृत्यु हो गई। दोरजी खांडू-2011 अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू और चार अन्य लोगों को 30 अप्रैल 2011 को तवांग से ईटानगर जा रहे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण जान गंवानी पड़ी। सीडीएस जनरल बिपिन रावत-2021 भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत की मृत्यु आठ दिसंबर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई। यह दुर्घटना तमिलनाडु के कूनूर के पास हुई, जब वह सुलूर से वेलिंगटन जा रहे थे। विजय रुपाणी-2025 गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की मृत्यु 12 जून 2025 को अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हुई। इस हादसे में बोइंग ‘787-8 ड्रीमलाइनर’ (एआई171) में सवार 242 यात्री और चालक दल में से एक को छोड़कर सभी की मौत हो गई, जबकि जमीन पर भी कई एमबीबीएस छात्रों समेत 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।