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निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया आर्थिक सर्वे, बजट सत्र 2026 का मुख्य आकर्षण

नई दिल्ली  संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में भारत का आर्थिक सर्वे 2025-26 आज पेश किया. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. लोकसभा की कार्यवाही एक फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी – रविवार को केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी. यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां रिकॉर्ड बजट होगा. अमेरिकी टैरिफ और अस्थिर जियोपॉलिटिकल हालात के बीच आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए सुधार के कदम शामिल होने की उम्मीद है. यह सत्र दो हिस्सों में चलेगा. पहला सत्र 13 फरवरी को छुट्टी के लिए टाल दिया जाएगा और 9 मार्च को फिर से शुरू होगा. इस बजट सत्र में 65 दिनों में 30 बैठकें होंगी और यह 2 अप्रैल को खत्म होगा. इस सत्र के दौरान भी विपक्ष का सरकार को घेरने का प्लान है.  इसलिए सदनों की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसदों के हंगामा होने के आसार हैं. विपक्ष वीबी-जी राम जी कानून, एसआईआर, विदेश नीति और पर्यावरण से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयार है. सरकार ने अभी तक इस सेशन के लिए कोई नया बिल लिस्ट नहीं किया है. सरकार ने आर्थिक सर्वे में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) बाहरी मोर्चे पर अर्थव्यवस्था के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता और भारी टैरिफ (Tariffs) ने हमारे निर्यातकों और विनिर्माताओं (Manufacturers) पर दबाव डाला। लेकिन, भारत ने इस संकट को एक अवसर में बदल दिया। सरकार ने कहा कि महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से डिमांड को सपोर्ट मिला और अगले वित्त वर्ष में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता कायम है। आर्थिक सर्वे से पहले पीएम मोदी ने कहा कि देश का ध्यान स्वाभाविक रूप से बजट पर केंद्रित है। लेकिन इस सरकार की पहचान सुधार, क्रियान्वयन और परिवर्तन रही है। अब हमने 'सुधार एक्सप्रेस' को तेजी से आगे बढ़ा दिया है। इस 'सुधार एक्सप्रेस' को गति देने में सकारात्मक योगदान के लिए मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं। परिणामस्वरूप, 'सुधार एक्सप्रेस' रफ्तार पकड़ रही है।      व्यापार के मोर्चे पर भारत का कुल निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 825.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1) में यह 418.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. इसमें बढ़ोतरी का मुख्य कारण सेवा निर्यात में तेज़ वृद्धि और गैर-पेट्रोलियम, गैर-रत्न व आभूषण निर्यात में बनी मजबूत रफ्तार रही.     वित्त वर्ष 2025 में कुल आयात सालाना आधार पर 7.4 प्रतिशत बढ़कर 919.9 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया. वित्त वर्ष 2025 में देश का कुल व्यापार घाटा 94.7 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. खुदरा महंगाई (CPI) लगातार घटती रही है और 202526 में यह 1.7 प्रतिशत पर आ गई.     बजट से पहले जारी दस्तावेज सरकार के आत्मनिर्भरता और मजबूत नीतियों पर लगातार फोकस को दिखाता है. इसमें कहा गया है कि भारत को ऐसे क्षेत्रों में घरेलू क्षमता बढ़ानी होगी, जिससे देश रणनीतिक रूप से मजबूत बन सके. रणनीतिक मजबूती का मतलब है बाहरी झटकों से निपटने के लिए मजबूत आधार और सुरक्षा तैयार करना. निर्यात के मामले में, आईटी, जीसीसी और पेशेवर सेवाओं सहित सेवा निर्यात, वस्तुओं के निर्यात से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है.     भारत में कुल FDI निवेश मजबूत बना हुआ है. इक्विटी निवेश और नए प्रोजेक्ट्स (ग्रीनफील्ड) के चलते FDI स्थिर रहा है, जबकि पोर्टफोलियो निवेश में वैश्विक आर्थिक हालात के कारण उतार-चढ़ाव देखने को मिला है.   पहले से ज्यादा मजबूत हुई बैंकों की बैलेंस शीट आर्थिक सर्वे में सरकार ने कहा कि बैलेंस शीट की मजबूती दिखाती है कि भारतीय परिवारों, कंपनियों और बैंकों की वित्तीय स्थिति अब पहले से कहीं अधिक सेहतमंद है। कॉर्पोरेट और बैंकिंग सेक्टर की बैलेंस शीट अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हैं, जिससे निवेश बढ़ रहा है। इंफ्रा पर भारी निवेश, GDP के 4% तक पहुंचा आर्थिक सर्वे में सरकार ने कहा कि बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश, सरकार का पूंजीगत व्यय (Capex) अब GDP के 4% तक पहुंच गया है। इसमें फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क, रेलवे) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI, डिजिटल इंडिया) दोनों शामिल हैं। मुश्किल हालात में भी किए GST समेत कई बड़े सुधार आर्थिक सर्वे में सरकार ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बड़े रिफॉर्म्स को आगे बढ़ाया।  GST सुधार (Rationalisation): टैक्स ढांचे को और सरल बनाया गया। डिरेगुलेशन (Deregulation): व्यापार करने की बाधाओं को कम किया गया। कंप्लायंस का सरलीकरण: सभी क्षेत्रों में नियमों के पालन को आसान बनाया गया। MSP, DBT और फसल बीमा से किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस आर्थिक सर्वे 2025-26 में सरकार ने कहा है कि कृषि क्षेत्र ने अच्छा प्रदर्शन किया है और MSP, DBT और फसल बीमा और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस रहेगा। स्वदेशी निर्माण पर जोर, निर्माण लागत घटाने के लिए बनाई जाएंगी नीतियां सरकार ने आर्थिक सर्वे में स्वदेशी निर्माण पर जोर दिया उसे जरूरी व अनिवार्य बताया गया। सरकार ने कहा है कि निर्माण की लागत घटाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनाई जाएगी।  FY27 में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान भारत में यूरोपीय यूनियन के साथ हुई ट्रेड डील से लेबर मार्केट का विस्तार होगा। वित्त मंत्री ने कहा है कि FY27 में घरेलू मांग, निवेश में मजबूती रहने का अनुमान है।  अमेरिका से ट्रेड डील इसी साल संभव- वित्त मंत्री आर्थिक सर्वे के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील इसी साल संभव होगी और ट्रेड डील होने से व्यापारिक अनिश्चितताएं घटेंगी।  सरकार ने रियल GDP ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 रखा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इसमें सरकार ने रियल जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.8 से 7.2 के बीच रखा है। महंगाई दर का लक्ष्य अनुमान रेंज के अंदर है। सरकार ने कहा कि जीएसटी की दरें घटाने से जिमांड को सपोर्ट मिला लेकिन ग्लोबल ग्रोथ और स्थिरता को लेकर अनिश्चितता … Read more

UGC के विवादित नियम पर SC की रोक, जातिगत विवादों को रोकने की कोशिश

नई दिल्ली   सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा से जुड़े यूजीसी रेगुलेशन के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की. सीजेआई ने कहा कि रेगुलेशन में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं उनसे यह लगता है कि इस रेगुलेशन का दुरुपयोग किया जा सकता है. इसके साथ ही कोर्ट जाति भेदभाव की परिभाषा से जुड़े यूजीसी के नियम पर रोक लगा दी. कोर्ट ने जाति भेदभाव की परिभाषा से जुड़े नियम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किया. इस दौरान कोर्ट ने कहा, हम एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन में फ्री, बराबर और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल चाहते हैं. साथ ही कहा कि हम सिर्फ संवैधानिकता और वैधता की सीमा पर इसकी जांच कर रहे हैं. कोर्ट ने कहा, हम एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन में फ्री, बराबर और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल चाहते हैं. 2012 के नियम फिर से होंगे लागू चीफ जस्टिस ने आदेश देते हुए कहा कि 2012 के नियम फिर से लागू होंगे. शीर्ष अदालत ने कहा कि रेगुलेशन में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं उनसे यह लगता है कि इस रेगुलेशन का दुरुपयोग किया जा सकता है. जस्टिस बागची ने कहा कि हम समाज में एक निष्पक्ष और समावेशी माहौल बनाने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब 3 E पहले से मौजूद है, तो 2C  कैसे प्रासंगिक हो जाता है? कोर्ट की तीखी टिप्पणी गौरतलब है कि याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन ने सुनवाई के दौरान कहा कि वो हम UGC एक्ट की धारा 3( C) को चुनौती दे रहे हैं और ये असंवैधानिक है. सुनवाई के दौरान जहां चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी देश जातियों के जंजाल से नहीं निकल पाया है तो वहीं, जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने अमेरिका वाली स्थिति का जिक्र कर दिया. बागची ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि हम उस स्थिति तक नहीं पहुंचेंगे जहां अमेरिका की तरह अलग-अलग स्कूल हों जहां कभी अश्वेत और श्वेत बच्चों को अलग-अलग स्कूलों में पढ़ना पड़ता था. याचिकाकर्ता के वकील विष्णु शंकर जैन  – हम UGC एक्ट की धारा 3( C) को चुनौती दे रहे हैं  – ⁠ये असंवैधानिक है  – ⁠ये सिर्फ धारणा पर आधारित है कि सामान्य श्रेणी के छात्र भेदभाव करते हैं CJI सूर्य कांत – हम केवल प्रावधानों की कानूनी वैधता और संवैधानिकता की ही जांच कर रहे हैं विष्णु: सुप्रीम कोर्ट ने पहले जो भी आदेश दिया है ये उस भावना के खिलाफ है. इससे समाज में वैमनस्य बढ़ेगा. ये संविधान में दिए गए समानता के सिद्धांत के खिलाफ है. CJI सूर्य कांत की बड़ी टिप्पणी   – आजादी के 75 साल बाद भी  हम समाज को जातियों से मुक्त नहीं कर सके हैं याचिकाकर्ता की बड़ी मांग  याचिकाकर्ता ने यूजीसी के रेगुलेशन को रद्द किए जाने की मांग की और इस पर तुरंत रोक लगाए जाने की मांग की. याचिकाकर्ता ने कहा कि अगर हमें इजाजत मिले तो इससे बेहतर रेगुलेशन बनाकर दे सकते हैं. UGC पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणियां CJI सूर्य कांत ने कहा कि 75 साल बाद क्या हम एक वर्गहीन समाज बनने के लिए जो कुछ भी हासिल कर पाए हैं, क्या हम उससे पीछे जाते हुए प्रतिगामी समाज बनते जा रहे हैं? सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने समाज में बढ़ती वर्गीय और पहचान आधारित विभाजन की प्रवृत्तियों पर गंभीर चिंता जताई .रैगिंग पर टिप्पणी करते हुए CJI ने कहा कि रैगिंग में सबसे बुरा यह हो रहा है कि दक्षिण भारत या पूर्वोत्तर से आने वाले बच्चे अपनी संस्कृति लेकर आते हैं और जो लोग उस संस्कृति से परिचित नहीं होते, वे उन पर टिप्पणियां करने लगते हैं. इसपर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए CJI सूर्य कांत ने कहा कि  “भगवान के लिए! आज हमारे समाज में अंतर-जातीय शादियां भी हो रही हैं, हम खुद हॉस्टल में रहे हैं — जहां सभी लोग एक साथ रहते थे. चीफ जस्टिस ने कहा कि हम चाहते है कि कुछ कानूनविदों की कमेटी इसपर विचार करें.  UGC के नए नियम अस्पष्ट यूजीसी के नए नियम पर मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने चिंता जताते हुए कहा. इस तरह की स्थिति का शरारती तत्वों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने यूजीसी के नियमों का बचाव कर रहीं वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह से  टिप्पणी की. हम पीछे नहीं जा सकते CJI बोले, एक कमेटी बनाने पर हो विचार CJI ने SG तुषार मेहता से कहा कुछ प्रतिष्ठित लोगों की एक कमेटी बनाने पर विचार हो, जो इस पूरे मुद्दे की समीक्षा करे ताकि समाज बिना किसी तरह के विभाजन के साथ आगे बढ़ सके और सभी मिलकर विकास कर सकें क्या है विवाद यूजीसी को लेकर नया नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही बनाए गए थे. भेदभाव की शिकायतों की जांच और समता को बढ़ावा देने के लिए सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में समता समिति गठित करने को अनिवार्य करने वाले नए नियम 13 जनवरी को अधिसूचित किए गए थे. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 के तहत इन समितियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), दिव्यांगजन और महिलाओं के प्रतिनिधियों को शामिल करना अनिवार्य किया गया था. इसमें सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व पर कुछ भी नहीं कहा गया था. याचिका में कहा गया कि नए नियमों में जाति-आधारित भेदभाव को केवल एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के सदस्यों के खिलाफ भेदभाव तक सीमित कर दिया गया है. इन नियमों के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं, जहां छात्र समूह और संगठन इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, राजकीय सम्मान के बीच बेटों ने अंजाम दी अंतिम रस्म

मुंबई  महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का बुधवार को बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया. आज गुरुवार 29 जनवरी 2026 को बारामती के कटेवाड़ी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. जानकारी के मुताबिक सुबह 9 बजे के करीब उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई. बता दें, अजित पवार अगले महीने होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव के लिए चुनाव प्रचार करने जा रहे थे. सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर उन्होंने चार्टर प्लेन से उड़ान भरी और 8 बजकर 45 मिनट पर उनका प्लेन क्रैश हो गया. उनके साथ 5 लोगों की भी मौके पर ही मौत हो गई. सभी दिग्गजों ने अजित पवार के आसामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया है. वहीं, कुछ लोगों ने प्लेन क्रैश हादसे की जांच की भी बात कही हैं. इस पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस दुख के समय में किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए. डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन पर राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया है. दोनों बेटों ने दी मुखाग्नि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. दोनों बेटों ने अपने पिता को मुखाग्नि दी.  प्रधानमंत्री ने अजित पवार को जनता से जुड़े नेता बताते हुए कहा कि प्रशासनिक मामलों की उनकी गहरी समझ और कमजोर वर्गों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पवार परिवार के साथ खड़ी है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे की जांच के आदेश दिए और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे. शिंदे ने भावुक होते हुए कहा, ‘हम महाराष्ट्र की प्रगति के लिए एक टीम के रूप में काम कर रहे थे. उनके जाने से न सिर्फ टीम का एक अहम हिस्सा खो गया है, बल्कि मैंने अपने बड़े भाई को भी खो दिया है.’ एनसीपी (एसपी) सांसद और अजित पवार की चचेरी बहन सुप्रिया सुले भी परिवार के सदस्यों के साथ शोक में डूबी नजर आईं. अजित पवार ने विभिन्न सरकारों में उपमुख्यमंत्री के रूप में सेवा दी, जिनमें पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारें शामिल हैं. उन्होंने सांसद के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई और पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम योगदान दिया. एनसीपी ने दिल्ली स्थित अपने केंद्रीय कार्यालय में शोकसभा का आयोजन किया, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हादसे को अस्वाभाविक बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि छोटे विमान से यात्रा करने वाले नेताओं और उद्योगपतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे हादसों की गहन जांच जरूरी है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी घटना की उचित जांच की मांग की और सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. इस बीच शरद पवार ने लोगों से अपील की कि वे इस दुखद घटना को राजनीतिक रंग न दें. उन्होंने कहा कि यह एक दुर्घटना है और राजनीति को इसमें नहीं घसीटना चाहिए. एकनाथ शिंदे ने भी किसी साजिश की आशंका को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में राजनीति करना उचित नहीं है. अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक से आते थे. वह अपनी स्पष्टवादी शैली, तेज फैसलों और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने जाते थे. समर्थकों के बीच उनकी छवि एक ऐसे नेता की रही जो जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझता और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहता था. उनके अचानक निधन से न सिर्फ एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है. अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटों के पीछे छोड़ गए हैं. राज्यभर में उनके निधन पर शोक की लहर है और राजनीतिक, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है. गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें राज्य और केंद्र के कई वरिष्ठ नेता शामिल होने की संभावना है.

ठंड, बारिश और बर्फबारी का डबल अटैक, फरवरी की शुरुआत में कांपेगा उत्तर भारत, IMD की चेतावनी

नई दिल्ली उत्तर पश्चिम और मध्य भारत को फिलहाल ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग या IMD ने बुधवार के ऐसा पूर्वनुमान लगाया है। मौसम विभाग ने पंजाब और दिल्ली समेत कम से कम पांच राज्यों में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है। खास बात है कि कड़ाके की ठंड के बीच बुधवार को कई राज्यों में बारिश भी दर्ज की गई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Active Western Disturbance) के प्रभाव से हिमालयी इलाकों में बड़े लेवल पर बर्फबारी और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा स्थित गुरेज सेक्टर में आए बर्फीले तूफान की वजह से 100 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. मध्य प्रदेश के खरगोन में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं और चने की खड़ी फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है.  उत्तराखंड के टिहरी में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में 12 घंटों से जारी बारिश की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है. मौसम विभाग ने 30 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी है, जिससे आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और बिहार में घना कोहरा और शीत लहर जारी रहेगी. राजस्थान के कोटा जिले के रामगंजमंडी में बिजली लाइनों में फैले करंट की चपेट में आने से 24 साल के युवक करणदान की मौत हो गई, जिसकी अप्रैल में शादी होनी थी. बारिश और तेज हवा के आसार मौसम विभाग ने बताया कि 1 फरवरी को उत्तर पश्चिम भारत, उससे सटे मैदानी इलाकों में और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आंधी तूफान की संभावनाएं हैं। उस दौरान हवा 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है। राजस्थान में 31 जनवरी और 1 फरवरी को बारिश के आसार हैं। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगिट, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश में 1 फरवरी भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है। कोहरे और शीत लहर की मार IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू और कश्मीर, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, ओडिशा में 30 जनवरी तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छा सकता है। ऐसा ही मौसम हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 31 जनवरी को रह सकता है। उप हिमालयी पशअचिम बंगाल, सिक्किम, बिहार में 30 और 31 जनवरी को घना कोहरा छा सकता है। इधर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 31 जनवरी तक शीत लहर के आसार हैं। गुरेज से टिहरी तक बर्फबारी का असर हिमालय की पहाड़ियों पर कुदरत का कहर जारी है. बांदीपोरा के गुरेज में बर्फीले तूफान ने रिहाइशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जहां 100 घर इसकी चपेट में आए हैं. हालांकि, विषम परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना वहां 'स्नो क्रिकेट लीग' आयोजित कर युवाओं का उत्साह बढ़ा रही है.  उत्तराखंड के टिहरी में चिरबिटिया और कद्दूखाल जैसे इलाकों में बर्फबारी से लोग घरों में कैद हैं. गनीमत रही कि पांच दिनों से बंद घुत्तू–गंगी मार्ग को अब बहाल कर लिया गया है. ओलावृष्टि से 'सफेद' हुए खेत, किसान बेहाल मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की कसरावद तहसील में अचानक आए मौसम के बदलाव ने तबाही मचा दी है. दोगावां क्षेत्र में बड़े-बड़े ओलों के गिरने से गेहूं की बालियां टूट गईं और चने की फसल पूरी तरह झड़ गई. खेतों में लहलहाती फसलें अब जमीन पर बिछी हुई हैं. पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर किसानों को तुरंत मुआवजा देने और फसलों के सर्वे की मांग उठाई है. किसानों का कहना है कि इस आपदा ने उनकी आर्थिक कमर तोड़ दी है. कोटा में दर्दनाक हादसा… राजस्थान के कोटा में बारिश के दौरान बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई. रामगंजमंडी के कुम्भकोट कस्बे में बिजली की लाइनों से घरों में करंट फैल गया. इसकी चपेट में आने से युवक करणदान की मौके पर ही मौत हो गई. कितना रहेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है। हालांकि, इसके दो दिन बाद 2-4 डिग्री सेल्सियस बढ़ने के आसार हैं। गुजरात में अगले 2 दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। IMD का कहना है कि देश में कहीं और न्यूनतम तापमान में खास बदलाव के आसार नहीं हैं। ठंड के बीच बौछार उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बुधवार को बारिश हुई और उत्तरी भारत में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई, जिनमें जम्मू कश्मीर भी शामिल है, जहां भारी हिमपात के कारण पहले बंद किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से बहाल कर दिया गया था।

इकोनॉमिक सर्वे 2026: भारत की अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत? लाइव देखने का लिंक और पूरा विश्लेषण

नई दिल्‍ली संसद बजट सत्र का आज दूसरा दिन है और 29 जनवरी यानी आज इकोनॉमी सर्वे रिपोर्ट 2026 पेश होने जा रही है. यह रिपोर्ट भारत की इकोनॉमी का लेखा-जोखा दिखाएगी और यह बताएगी कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था कितनी मजबूत है. इसके तीन दिन बाद बजट पेश किया जाएगा.  इतिहास में यह पहली बार है कि केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह 9वां बजट होगा. इस बजट में सरकार भारत के विकास के लिए रोडमैप पेश करेगी. वहीं अलग-अलग कैटेगी और क्‍लास के लिए छूट का ऐलान भी किया जा सकता है.  आमतौर पर बजट से ठीक एक दिन पहले इकोनॉमिक सर्वे या आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है, लेकिन इस बार 3 दिन पहले ही यह काम किया जा रहा है. आर्थिक सर्वेक्षण 2026   इस साल 29 जनवरी, गुरुवार को सुबह 11 बजे पेश किया जा रहा है. संसद के दोनों सदनों में भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) इस सर्वेक्षण को पेश करेंगे.  क्‍या होता है इकोनॉमिक सर्वे?  आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) सरकार की वह रिपोर्ट होती है, जिसमें देश की आर्थिक स्थिति, चुनौतियों और आगे की दिशा के बारे में विस्‍तार से आकलन किया गया होता है.  इसमें विकास के संकेतकों, महंगाई के अनुमान और देश की नौकरियों, व्यापार और वित्तीय सेहत के बारे में भी जानकारी दी गई होती है. आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को हर साल केंद्रीय वित्त मंत्रालय की टीम तैयार करती है. इस रिपोर्ट को केंद्रीय बजट पेश होने के ठीक एक दिन पहले संसद में रखा जाता है.  बजट से पहले क्‍यों होता है इकोनॉमिक सर्वे आर्थिक सर्वेक्षण में देश के एक साल के दौरान किए गए काम और उससे होने वाले लाभ का लेखा-जोखा होता है. साथ ही देश की अर्थव्‍यवस्‍था किस तरीके से प्रदर्शन कर रही है, इसकी भी जानकारी होती है. इससे बजट का बेसलाइन और रोडमैप दिखाई देता है. इसमें  मौजूदा वित्त वर्ष की GDP ग्रोथ, महंगाई, रोजगार, निर्यात-आयात, राजकोषीय स्थिति, अलग-अलग सेक्टर (कृषि, उद्योग, सेवाएं) की हालत पर भी अपडेट जानकारी और डाटा होता है.  कबतक चलेगा बजट सत्र  इस साल संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण से की गई. केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस महीने की शुरुआत में एक पोस्ट में बताया था कि यह सत्र 2 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा.  कहां देख सकते हैं इकोनॉमिक सर्वे  आप यूट्यूब पर सरकार के Sansad TV चैनल या DoorDarshan TV चैनलों पर इकोनॉमिक सर्वे को लाइव देख सकते हैं. Union Budget की वेबसाइट (indiabudget.gov.in) पर भी इसकी जानकारी ली जा सकती है, वित्त मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज और प्रेस सूचना ब्यूरो (Press Information Bureau) के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर भी अपडेट दिखाई देगा. इसकी पीडीएफ भी पीआईबी की अधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती है . 

भारत-अमेरिका रिश्तों को नई रफ्तार: सिएटल में खुला भारतीय वाणिज्य दूतावास

वॉशिंगटन अमेरिका के सिएटल में भारत ने नए भारतीय वाणिज्य दूतावास आवेदन केंद्र (आईसीएसी) का ऐलान किया। भारतीय अधिकारियों ने पैसिफिक नॉर्थवेस्ट में रहने वाले भारतीय लोगों के लिए कॉन्सुलर सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए इंडियन कॉन्सुलर एप्लीकेशन सेंटर खोला है। अमेरिकी सांसद की तरफ से जारी एक आधिकारिक रिलीज में कहा गया कि 1015 सेकेंड एवेन्यू, सुइट 804, सिएटल, डब्ल्यूए 98104 में यह सेंटर अब सिएटल में भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ एक ही परिसर में स्थित है। आधिकारियों ने बताया कि इस कदम का मकसद इलाके में भारतीय नागरिकों और दूसरे आवेदकों के लिए सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना है। वीजा एप्लीकेशन सेंटर का उद्घाटन सरकारी और गैर-सरकारी गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में किया गया। इस इवेंट में सिएटल और आसपास के राज्यों से भारतीय अमेरिकी समुदाय के 300 से ज्यादा सदस्य शामिल हुए। सिएटल सेंटर कई तरह की सेवाओं के लिए एक ही जगह पर काम करेगा। इनमें भारतीय वीजा, पासपोर्ट, ओवरसीज भारत की नागरिकता (ओसीआई), भारतीय नागरिकता का त्याग, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम (जीईपी), और मिसलेनियस और अटेस्टेशन सेवा के लिए आवेदन शामिल हैं। सिएटल में इंडियन कॉन्सुलेट ने कहा कि फेडरल रिजर्व बिल्डिंग में कॉन्सुलेट के साथ आईसीएसी के नए को-लोकेटेड ऑफिस से ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ने और आवेदकों को आवेदन जमा करने और सवालों के जवाब देने के लिए वन-स्टॉप सुविधा मिलने की उम्मीद है। वीएफएस ग्लोबल अमेरिका में भारत के लिए वाणिज्य सेवा देता है। वीएफएस ने कहा कि नया सेंटर आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने और सेवा की डिलीवरी को बेहतर बनाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है। बढ़े हुए नेटवर्क के तहत आवेदक पर फोकस करने वाले कई बदलाव किए गए हैं। सेंटर अब शनिवार को खुले रहेंगे। रिटर्न कूरियर सर्विस स्टैंडर्ड सेवा फीस में शामिल है। फोटो, फोटोकॉपी और फॉर्म भरने जैसी सर्विस सेंटर के अंदर बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के उपलब्ध हैं। कंपनी ने कहा कि सिएटल की सुविधाएं नए जमाने के इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस हैं, जिसे कस्टमर की सुविधा पर फोकस करते हुए एक सुरक्षित, कुशल आवेदन का अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है। लॉन्च के मौके पर वीएफएस ग्लोबल में उत्तरी अमेरिका और कैरिबियन के प्रमुख अमित कुमार शर्मा ने कहा, "सिएटल और बड़ा पैसिफिक नॉर्थवेस्ट इलाका एक जीवंत और बढ़ते हुए भारतीय समुदाय का घर है। इस आईसीएसी का लॉन्च भारत सरकार के वाणिज्य सेवा को ज्यादा आसान और नागरिक केंद्रित बनाने के विजन को दिखाता है।" पूरे अमेरिका में फिलहाल 17 भारतीय वाणिज्य आवेदन सेंटर ऑपरेशनल हैं। नवंबर 2025 तक पूरे देश में 363,000 से ज्यादा वीजा एप्लीकेशन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी और अगस्त 2025 से लगभग 10,000 अलग-अलग वाणिज्य आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी।

अजीत पवार की मौत पर पीएम मोदी ने शरद पवार से की बातचीत, जताया दुख

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर NCP-SCP प्रमुख शरद पवार से बात की और शोक व्यक्त किया। महाराष्ट्र के बारामती में मंगलवार सुबह विमान हादसे में राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया। अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। इस खबर के सामने आते ही राज्य और देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। पीएम मोदी ने सुबह X पर पोस्ट कर लिखा था महाराष्ट्र के बारामती में हुए दुखद हवाई हादसे से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया। गहन दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के लिए शक्ति और साहस की प्रार्थना करता हूं। अजित पवार जी जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव रखने वाले लोगों के नेता थे। महाराष्ट्र के लोगों की सेवा में सबसे आगे रहने वाले एक मेहनती व्यक्तित्व के रूप में उनका व्यापक सम्मान किया जाता था। प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने का जुनून भी उल्लेखनीय था। उनका असामयिक निधन बेहद चौंकाने वाला और दुखद है।' उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ॐ शांति.

भारत-ब्राजील रिश्तों में बड़ा मोड़! राष्ट्रपति लूला की यात्रा से खुलेंगे सहयोग के नए दरवाज़े

नई दिल्ली ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने पुष्टि की है कि वह फरवरी में आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। भारत यात्रा के बाद वह अमेरिका जाएंगे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भारत और दक्षिण कोरिया की यात्राओं के बाद फरवरी में वॉशिंगटन में मुलाकात होगी, जिसकी तारीखें जल्द तय की जाएंगी। भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति लूला के नई दिल्ली में होने वाले एआई शिखर सम्मेलन में भी भाग लेने की संभावना है। इससे पहले इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई थी। दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा आने वाले वर्ष में इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि और जन-से-जन संपर्क सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सुधारित बहुपक्षवाद के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला को शीघ्र भारत आने का आमंत्रण भी दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2025 में ब्राजील का दौरा किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और यूपीआई, पारंपरिक चिकित्सा, योग, खेल, संस्कृति और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की थी। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने, भारत-मर्कोसुर प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट के विस्तार और अगले पांच वर्षों में व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा करते हुए, हाइड्रोकार्बन और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश की व्यापक संभावनाओं पर भी सहमति बनी। इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिज, नई और उभरती प्रौद्योगिकियां, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटर, डिजिटल सहयोग और मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।

पंजाब में होगी विशाल रैली, अमित शाह करेंगे जनसभा को संबोधित

चंडीगढ़ अगले महीने भारतीय जनता पार्टी के दो बड़े नेता पंजाब दौरे पर आएंगे। महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब पहुंचेंगे। अमित शाह मोगा में एक विशाल रैली को भी संबोधित करेंगे। 1 फरवरी को श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह डेरा सच्चखंड बल्लां में माथा टेकेंगे। इस संबंध में जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सांझा की। उन्होंने बताया कि 1 फरवरी को संसद में बजट सत्र होगा और उसके बाद प्रधानमंत्री सीधे पंजाब के लिए रवाना होंगे। उनके लगभग शाम चार बजे तक डेरा बल्लां पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का प्रकाश पर्व पूरे देश के लिए एक पवित्र दिन है और इस अवसर पर प्रधानमंत्री का डेरा बल्लां में नतमस्तक होना संगत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की वाणी और उनके संदेश समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। अगले वर्ष श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी फरवरी महीने के अंतिम सप्ताह में पंजाब का दौरा करेंगे। शाह मोगा में भाजपा द्वारा आयोजित की जाने वाली रैली को संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार अभी शाह के दौरे की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन यह निश्चित है कि उनका दौरा फरवरी के अंतिम सप्ताह में होगा। पार्टी के अंदरूनी स्तर पर कुछ नेताओं द्वारा अमित शाह की रैली को लेकर जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोर ग्रुप, प्रदेश पदाधिकारियों और जिला प्रधानों के साथ अभी तक इस रैली को लेकर कोई बैठक नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर कड़ा नियम: फ्रांस में अब 15 साल से कम उम्र वालों का प्रवेश बंद

फ्रांस फ्रांस ने बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देश की नेशनल असेंबली ने एक अहम विधेयक पारित किया है, जिसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अब टिकटॉक, इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। सरकार का कहना है कि यह फैसला बच्चों की मानसिक सेहत को बचाने, साइबर बुलिंग पर रोक लगाने और युवाओं में बढ़ती हिंसा व गलत व्यवहार की प्रवृत्तियों को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। उम्र सत्यापन अनिवार्य, नियम तोड़ने पर जुर्माना नए कानून के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की उम्र की सटीक जांच के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था लागू करनी होगी। अगर कंपनियां इसमें विफल रहती हैं तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में 13 से 15 वर्ष के बच्चों में डिप्रेशन और आत्महत्या के मामलों में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें सोशल मीडिया की भूमिका को एक बड़ा कारण माना गया है। राष्ट्रपति मैक्रोन का समर्थन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने इसे बच्चों और किशोरों की सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम बताया। मैक्रोन ने कहा कि युवा वर्ग को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के नकारात्मक प्रभाव से बचाना समय की मांग है और स्क्रीन टाइम को सीमित करना बेहद जरूरी हो गया है। संसद में भारी बहुमत से पास हुआ बिल यह विधेयक नेशनल असेंबली में रात भर चली लंबी बहस के बाद पारित किया गया। मतदान में 130 सांसदों ने इसके पक्ष में जबकि 21 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया। अब यह प्रस्ताव कानून बनने से पहले मंजूरी के लिए सीनेट में भेजा जाएगा। 2026 से लागू होंगे नए नियम सरकार की योजना है कि ये नए नियम सितंबर 2026 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से नए सोशल मीडिया खातों पर लागू किए जाएं। वहीं, जो मौजूदा खाते उम्र सीमा को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें साल के अंत तक बंद कर दिया जाएगा। यूरोपीय संघ की भूमिका भी अहम यूरोपीय आयोग ने कहा है कि इस कानून का प्रभावी क्रियान्वयन यूरोपीय संघ के नियमों और भरोसेमंद आयु-सत्यापन प्रणालियों पर निर्भर करेगा। इस कानून के तहत शैक्षणिक प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन शिक्षा सेवाएं और डिजिटल विश्वकोश को छूट दी गई है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और जानकारी तक पहुंच प्रभावित न हो।