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स्टेशन पर हत्या, 12 घंटे में गिरफ्तारी: CCTV, मोबाइल लोकेशन से ऐसे पहुंची पुलिस कातिल तक

मुंबई मुंबई की भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों में एक बार फिर हिंसा की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मालाड रेलवे स्टेशन पर 27 वर्षीय ओमकार शिंदे को एक कॉलेज प्रोफेसर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित आलोक सिंह विले पार्ले के एक प्रमुख कॉलेज में प्रोफेसर थे। यह वारदात शनिवार को प्लेटफॉर्म 1 और 2 पर हुई, जिसने शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को हैरान कर दिया।   पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी और पीड़ित एक ही लोकल ट्रेन में सवार थे। मालाड स्टेशन के नजदीक पहुंचते ही ट्रेन के गेट से उतरने या चढ़ने को लेकर विवाद शुरू हो गया। मुंबई में इस तरह का झगड़ा रोजमर्रा की बात है, लेकिन अबकी बार यह घातक साबित हुआ। विवाद तेजी से भड़क गया और प्लेटफॉर्म पर उतरते ही शिंदे ने आपा खो दिया। उसने जेब से तेज धार वाला चाकू निकाला और अलोक सिंह के पेट में कई बार वार कर दिया। सिंह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े, जबकि हमलावर स्टेशन की भीड़ में फौरन गायब हो गया। पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा बोरिवली जीआरपी ने तुरंत जांच शुरू की और स्टेशन के CCTV कैमरों की मदद ली। फुटेज में सफेद शर्ट और नीली जींस पहने एक व्यक्ति को हमले के तुरंत बाद फुट ओवरब्रिज से भागते हुए देखा गया। इस दृश्य और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी का पीछा किया और उसे वसई इलाके से गिरफ्तार कर लिया। घटना की वजह ट्रेन के गेट को लेकर हुआ विवाद बताई जा रही है, लेकिन हमले की क्रूरता को देखते हुए पुलिस इसे मामूली बात नहीं मान रही। इसे लेकर आगे की जांच चल रही है।  

अमेरिका–ईरान टेंशन चरम पर: ट्रंप की चेतावनी के बाद सुरक्षित ठिकाने पर खामेनेई, भारत का नाम क्यों लिया?

वाशिंगटन ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इस बीच खबर आ रही है कि ईरानी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अमेरिका के संभावित हमले के खतरे को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई तेहरान में अंडरग्राउंड हो गए हैं। वह किसी बंकर में छिप गए हैं। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, खामेनेई को एक ऐसी सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है जिसमें कई आपस में जुड़ी सुरंगें और आधुनिक सुरक्षा उपकरण हैं।   उनके भूमिगत होने के दौरान उनके तीसरे बेटे मसूद खामेनेई कार्यालय का दैनिक कामकाज संभाल रहे हैं और सरकार के साथ संचार के मुख्य माध्यम बने हुए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने चेतावनी दी है कि सर्वोच्च नेता पर किसी भी तरह का हमला पूरे देश के खिलाफ पूर्ण युद्ध माना जाएगा। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि एक अमेरिकी 'अर्माडा' (जंगी बेड़ा) ईरान की ओर बढ़ रहा है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और कई विध्वंसक पोत वर्तमान में हिंद महासागर में तैनात हैं। ट्रंप ने एयर फोर्स वन पर संवाददाताओं से कहा, "हम ईरान की ओर फोर्स भेज रहे हैं। बस जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके सख्त रुख की वजह से ईरान ने लगभग 840 लोगों को फांसी देने का फैसला टाल दिया है। भारत को ईरान का धन्यवाद तनाव के बीच, ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में ईरान के खिलाफ लाए गए एक राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव के विरोध में भारत ने मतदान किया। भारत ने चीन और पाकिस्तान के साथ मिलकर इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया, जो ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसा की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग कर रहा था। भारत का यह वोट प्रस्तावों के खिलाफ उसकी पुरानी नीति का हिस्सा माना जा रहा है। ईरान में दिसंबर के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में भारी हिंसा हुई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और UN विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान 5,000 से 20,000 के बीच लोग मारे गए हो सकते हैं। 8 जनवरी 2026 को ईरान ने अपने इतिहास का सबसे लंबा और व्यापक इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया, जिससे देश का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग कट गया था।  

पर्यटन नगरी बनी मुसीबत नगरी: मनाली में 15 KM ट्रैफिक जाम, ठप हुई बिजली-पानी व्यवस्था

मनाली पिछले 48 घंटों में पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी से हिमाचल प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मनाली के पास 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। बिजली और पानी सप्लाई डिस्टर्ब है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां फंसे हुए हैं। उन्हें गाड़ियों में ही रात बितानी पड़ी। हिमाचल प्रदेश में ताजा बर्फबारी ने लंबे समय से चले आ रहे सूखे को तो खत्म कर दिया, लेकिन इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। खासकर शिमला और मनाली में बुरा हाल है। गणतंत्र दिवस के लंबे सप्ताहांत के दौरान फिसलन भरी सड़कों और भारी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही के कारण भीषण ट्रैफिक जाम हो गया। 600 से अधिक पर्यटक फंसे मनाली के पास 600 से अधिक पर्यटक फंस गए। ट्रैफिक ठप होने से इनमें से कई को रात अपनी गाड़ियों में ही बितानी पड़ी। दिल्ली के एक पर्यटक अक्षय ने बताया कि हम तीन घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे और फिर हमने पैदल चलकर मनाली जाने का फैसला किया, जो लगभग 7 किलोमीटर की दूरी थी। एक अन्य पर्यटक तृषा ने कहा कि हमें रात अपनी गाड़ी में ही बितानी पड़ी और हमने मैगी खाकर गुजारा किया क्योंकि हमारे पास अपना पोर्टेबल सिलेंडर था। 20 KM के लिए 10-15 हजार रुपए मांग रहे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बंद होने से पर्यटकों ने निजी टैक्सी चालकों पर अधिक किराया वसूलने का आरोप भी लगाया। दिल्ली के एक पर्यटक लक्षित ने बताया कि टैक्सी चालक मनाली और पटलीकुहाल के बीच 20 किलोमीटर की यात्रा के लिए 10000 से 15000 रुपए मांग रहे हैं। सैकड़ों सड़कें अवरुद्ध राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, राज्य भर में दो राष्ट्रीय राजमार्गों- एनएच-3 (कोक्सर-दारचा) और एनएच-505 (ग्रामफू-बताल) सहित 683 सड़कें अवरुद्ध रहीं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि बर्फ हटाने के लिए भारी मशीनरी तैनात की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी इलाकों में सड़कों से बर्फ हटाने के लिए जेसीबी और पोक्लेन मशीनें लगातार लगी हुई हैं। ऊंचे इलाकों में 2.5 से 3 फीट तक बर्फ गिरी है, जबकि उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 4 फीट तक बर्फ दर्ज की गई है, जिससे सड़कों से बर्फ हटाने में समय लग रहा है। बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित भारी बर्फबारी से बिजली और पानी की आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रभावित वितरण ट्रांसफार्मरों (डीटीआर) की संख्या बढ़कर 5775 हो गई, जबकि 126 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुईं। शिमला जिले के बड़े हिस्से में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं रही। कई ग्रामीण इलाकों में बिजली बहाल होने में पांच से छह दिन लग सकते हैं। 1200 से अधिक मार्गों पर बस सेवाएं निलंबित कर दी गईं। सबसे अधिक प्रभावित जिले सबसे अधिक प्रभावित जिलों में लाहौल-स्पीति, मंडी, चंबा, कुल्लू और सिरमौर शामिल हैं। अकेले लाहौल-स्पीति में ही 290 सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जबकि कोक्सर-रोहतांग दर्रा, दरचा-सरचू और ग्रामफू-बताल जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक मार्ग बंद रहे। अटल सुरंग से होकर जाने वाला मनाली-लाहौल मार्ग भी बंद रहा। व्यवधानों के बावजूद पर्यटकों की संख्या में वृद्धि बाधाओं के बावजूद बर्फबारी के कारण पर्यटकों के आगमन में भारी वृद्धि हुई है। शिमला में होटलों की ऑक्यूपेंसी 70-80 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। शिमला होटल्स एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंदर सेठ ने कहा कि पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन लंबे समय तक बिजली कटौती चिंता का विषय बनी हुई है। हम पर्यटकों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं। मनाली में होटल मालिकों को उम्मीद है कि सड़कें खुलने के बाद ऑक्यूपेंसी 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।

गणतंत्र दिवस पर 982 कर्मियों को मिलेगा वीरता और सेवा मेडल, CBI अधिकारी भी सम्मानित

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड और सेवा मेडल की घोषणा की है। इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े कुल 982 कर्मियों को उनके बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें 125 वीरता पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा 45 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों को मिले हैं। इसके बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात 35 और पूर्वोत्तर भारत में तैनात 5 कर्मियों को वीरता पदक दिया गया है। फायर ब्रिगेड के 4 जवानों को भी जान जोखिम में डालकर किए गए काम के लिए यह सम्मान मिला है। आरजी कर केस की जांच करने वाले CBI अधिकारी को सम्मान इन 982 पुरस्कारों में 101 प्रेसिडेंट मेडल और 756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 33 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31, उत्तर प्रदेश पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 मेडल दिए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में केवल CRPF को 12 वीरता पदक मिले हैं। वहीं CBI के 31 अधिकारियों को प्रेसिडेंट और मेरिटोरियस मेडल से सम्मानित किया गया है। इनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस की जांच करने वाले CBI के जॉइंट डायरेक्टर वी. चंद्रशेखर भी शामिल हैं। उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच में अहम भूमिका निभाई थी। किसे कितने मेडल मिले     125 वीरता पदक: 121 पुलिस कर्मी और 4 फायर ब्रिगेड कर्मी     101 प्रेसिडेंट मेडल: 89 पुलिस, 5 फायर ब्रिगेड, 3 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 4 करेक्शनल सर्विस     756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल: 664 पुलिस, 34 फायर ब्रिगेड, 33 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 25 करेक्शनल सर्विस जानिए इन अवॉर्ड्स का मतलब वीरता पदक उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान-माल बचाई हो या अपराध रोकने में असाधारण साहस दिखाया हो। प्रेसिडेंट सेवा मेडल लंबे समय तक बेहतरीन और अनुकरणीय सेवा के लिए दिया जाता है। मेरिटोरियस सर्विस मेडल ईमानदारी और निष्ठा के साथ की गई उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।  

अब WhatsApp पर मिलेगा पंचायत सेवा का पूरा अनुभव, सरकार ने लॉन्च किया PANCHAM

नई दिल्ली  डिजिटल इंडिया की मुहिम अब शहर की तंग गलियों से होते हुए गांव-गांव तक तेजी से पहुंच रही है. पंचायत के चक्कर, फाइलों की देरी और जानकारी की कमी के कारण ग्रामीणों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था, इसी समस्या को दूर करते हुए सरकार ने ग्रामीणों को बड़ा तोहफा दे दिया है. अब ग्राम पंचायत से जुड़े कई काम घर बैठे ही WhatsApp के माध्यम से हो सकेंगे. इसके लिए सरकार ने PANCHAM नाम का खास चैटबॉट लॉन्च कर दिया है जो ग्रामीणों को पंचायत सर्विस, नई योजनाओं और जरूरी जानकारियों से सीधे जोड़ने का काम करेगा. आइए जानते हैं कि क्या है PANCHAM और कैसे काम करता है, साथ ही यह भी जानेंगे कि इससे गांव वालों को क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं? भारत सरकार की केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए जानकारी दी कि पंचम नाम का चैटबॉट लॉन्च कर दिया गया है. इस चैटबॉट के पीछे का मकसद देश की पंचायत व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत बनाना है. पंचम को पंचायतों के लिए एक भरोसेमंद डिजिटल सहयोगी के रूप में देखा जा रहा है जो प्रशासनिक कार्यों में मदद देने के साथ साथ जरूरी दिशा-निर्देश और सूचनाएं सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह चैटबॉट पहली बार केंद्र सरकार को देशभर के 30 लाख से ज्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों से सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का भी काम करेगा. इससे पंचायत स्तर पर जानकारी का आदान-प्रदान तेज और ज्यादा प्रभावी होने की उम्मीद है.     PANCHAM एक WhatsApp-आधारित डिजिटल टूल, जो पंचायत से जुड़ी जानकारी सीधे और तुरंत उपलब्ध कराने समर्थ होगा। इसके माध्यम से योजनाओं के अपडेट, प्रशिक्षण सामग्री, सर्वे और पंचायत सेवाओं से जुड़ी जानकारी अब कुछ ही पलों में आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। WhatsApp पर इसलिए हुआ लॉन्च PANCHAM चैटबॉट को अभी WhatsApp प्लेटफॉर्म पर शुरू किया गया है, जिससे पंचायत से जुड़े प्रतिनिधि और अधिकारी इसे आसानी से यूज कर सकें. भारत में ज्यादा यूजर्स WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं इसलिए इस चैटबॉट को चलाने में किसी तरह की समस्या नहीं होगी. इसका इंटरफेस बहुत ही नार्मल है जिससे यूजर को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी और चैटिंग जैसा एक्सपीरियंस मिलेगा. सबसे बड़ी बात यह है कि पंचम के लिए किसी नए ऐप को डाउनलोड या सीखने की जरूरत नहीं है. WhatsApp के जरिए ही पंचायत से जुड़े काम, जानकारी और सहायता पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएगी. इस काम में करेगा मदद सरकार ने पंचम चैटबॉट को ई-ग्राम स्वराज प्लेटफॉर्म से कनेक्ट किया है और यह पंचायत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के आधार पर काम करता है. इसके जरिए ई-ग्राम स्वराज, एलजीडी, जीपीडीपी और पंचायती राज मंत्रालय की बड़ी योजनाओं और पहलों से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी. फिलहाल यह चैटबॉट एआई चैटबॉट्स की तरह जवाब खुद से नहीं बनाएगा बल्कि इसमें पहले से मौजूद और प्रमाणित जानकारी ही दी जाएगी. हालांकि इसमें मौजूद डेटा को समय-समय पर अपडेट किया जाता रहेगा. जिससे आम लोग भी पंचम के जरिए पंचायत सेवाओं, प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी सरल तरीके से हासिल कर सकेंगे. 

मन की बात में बोले पीएम मोदी: ‘भारत के युवा हैं दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप्स इकोसिस्टम के हीरो’

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. यह 2026 में पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का पहला एपिसोड है. देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग बेहद इनोवेटिव हैं और समस्याओं का समाधान खुद ढूंढ लेते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थानीय लोगों द्वारा की गई पर्यावरण संरक्षण की सफल पहलों का जिक्र कर जन-भागीदारी की ताकत पर जोर दिया. पीएम मोदी ने तमसा नदी के पुनरुद्धार की कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली तमसा नदी कभी स्थानीय लोगों के जीवन की धुरी थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसकी धारा रुक गई थी. लेकिन, आजमगढ़ के लोगों ने एकजुट होकर नदी की सफाई अभियान चलाया, किनारों पर पेड़ लगाए और नदी को नया जीवन दिया. इसी तरह, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में लंबे समय से सूखे की समस्या थी. यहां 'अनंत निरु संकल्प प्रोजेक्ट' के तहत स्थानीय लोगों ने करीब 10 जलाशयों को साफ किया और पुनर्जीवित किया. पीएम मोदी ने कहा कि इससे न केवल जल संरक्षण हुआ, बल्कि ग्रीन कवर भी बढ़ा और पूरा इकोसिस्टम निखर उठा. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आजमगढ़ हो या अनंतपुर, ये देखकर खुशी होती है कि लोग एकजुट होकर संकल्प लेते हैं. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने जोर दिया कि ऐसी छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव लाती हैं और पर्यावरण संरक्षण में जन-भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है. पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं. दुनिया भर में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं. देश के लोग जहां भी हैं, वे अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर रहे हैं और उसे आगे बढ़ा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं. इन स्कूलों में तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ ही अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है. इसके अलावा, यहां तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी बहुत फोकस रहता है.  'स्टार्टअप इंडिया' के हीरो हमारे युवा साथी हैं: पीएम मोदी इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की प्रशंसा भी की. 'स्टार्टअप इंडिया' के 10 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप इकोसिस्टम' बन चुका है. 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दस साल पहले जनवरी 2016 में हमने एक महत्वपूर्ण सफर शुरू किया. तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही ये एक छोटा क्यों ना हो, लेकिन ये युवा पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है. यह 'स्टार्टअप इंडिया' की यात्रा है और इस अद्भुत यात्रा के 'हीरो' हमारे युवा साथी हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप्स इकोसिस्टम' बना. ये 'स्टार्टअप्स इकोसिस्टम' लीक से हटकर हैं. वे ऐसे सेक्टर में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करते हुए दिखेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सेल्यूट करता हूं, जो किसी-न-किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं. पीएम मोदी ने 'मन की बात' के माध्यम से देशवासियों, खासकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. भारत पर दुनिया की नजरें हैं. ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है. वह जिम्मेदारी है गुणवत्ता पर जोर देने की. इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें. उन्होंने आगे कहा कि हम सबका एक ही मंत्र हो, 'गुणवत्ता, गुणवत्ता और सिर्फ गुणवत्ता. हम जो भी उत्पादन कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें. हमारे टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स, यहां तक ​​कि पैकेजिंग भी, भारतीय उत्पाद का मतलब 'उच्च गुणवत्ता' होना चाहिए. 

पद्म पुरस्कार 2026 के विजेताओं की सूची जारी, इन नायकों को मिलेगा सम्मान

 नई दिल्ली     नई दिल्ली पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा हो गई है और इसे लेकर एक शुरुआती सूची भी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, यह प्रारंभिक सूची ऐसे नायकों की है, जिन्हें इस साल पद्म पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की तैयारी है. हालांकि पूरी और आधिकारिक सूची सरकार की ओर से शाम को जारी की जाएगी. सूत्रों के अनुसार, इस शुरुआती सूची में साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, कला और जनकल्याण से जुड़े कई नाम शामिल हैं. इनमें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए अंके गौड़ा के अलावा ब्रजलाल भट्ट, बुधरी ताती, भगवान दास रायकवार, धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या, डॉ. श्याम सुंदर, चरण हेम्ब्रम और के. पाजनिवेल जैसे नाम शामिल हैं. सूची में शामिल ये प्रमुख नाम सूत्रों के मुताबिक, पद्म श्री 2026 के लिए जिन नामों की चर्चा है, उनमें तमिलनाडु से डॉ. पुन्नियामूर्ति नटेसन, राजस्थान से गफरुद्दीन मेवाती, महाराष्ट्र से डॉ. आर्मिडा फर्नांडिस और भिकल्या लाडक्या ढिंडा, उत्तर प्रदेश से चिरंजी लाल यादव, तेलंगाना से डॉ. कुमारस्वामी थंगराज और जम्मू-कश्मीर से डॉ. पद्मा गुरमेट शामिल हैं. पद्म पुरस्कार 2026 की पूरी और अंतिम सूची भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर शाम को जारी की जाएगी. यहां देखें पूरी लिस्ट: अंके गौड़ा आर्मिडा फर्नांडिस भगवान दास रायकवार भिकल्या लाडक्या ढिंडा बृजलाल भट्ट बुधरी ताती चरण हेम्ब्रम चिरंजी लाल यादव धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या गफरुद्दीन मेवाती जोगी हैली वार इंदरजीत सिंह सिद्धू के. पाजनिवेल कैलाश चंद्र पंत खेम राज सुंद्रियाल कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी कुमारस्वामी थंगराज महेंद्र कुमार मिश्रा मीर हाजीभाई कासंभाई मोहन नगर नरेश चंद्र देव वर्मा निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला नूरुद्दीन अहमद ओथुवार तिरुथानी स्वामिनाथन पद्मा गुरमेट पोखिला लेकथेपी पुन्नियामूर्ति नटेसन आर. कृष्णन रघुपत सिंह रघुवीर तुकाराम खेड़कर राजस्थापति कालीअप्पा गौंडर रामा रेड्डी मामिडी रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले एस. जी. सुशीला अम्मा सांग्युसांग एस. पोंगेनर शफी शौक श्रीरंग देवबा लाड श्याम सुंदर सिमांचल पात्रो सुरेश हनगावड़ी तगा राम भील तेची गुबिन तिरुवारूर भक्तवत्सलम विश्व बंधु युमनाम जात्रा सिंह

माइनस 48 डिग्री ठंड और बर्फ की सुनामी, अमेरिका के 18 राज्य जूझ रहे अंधेरे में

न्यूयॉर्क: अमेरिका इन दिनों मानो किसी हॉलीवुड डिजास्टर फिल्म का सेट बना हुआ है, जहां आसमान से गिरती बर्फ, सड़कों पर जमी मोटी आइस की परत और हवा में सिहरन का ऐसा आतंक कि 13,000 से ज्यादा उड़ानें आसमान में उड़ने से पहले ही ठंड की कैद में थम गईं. यह बर्फीला तूफान न सिर्फ पेड़ों को ताश के पत्तों की तरह गिरा दे रहा है बल्कि बत्ती भी गुल कर दे रहा है, जिस वजह से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है. तूफान का असर इतना भयंकर है कि करोड़ों अमेरिकियों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी जमाकर रख दे रहा है. अमेरिका में बर्फीले तूफान से तबाही अमेरिका में एक विशाल और खतरनाक विंटर स्टॉर्म ने तबाही मचानी शुरू कर दी है. शनिवार को तूफान ने बिजली, ट्रांसपोर्ट सिस्टम सबकुछ ठप कर दिया. यहां तक कि हजारों उड़ानें रद्द कर दी गईं और कई राज्यों में बिजली गुल हो गई. मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 2,300 मील से ज्यादा क्षेत्र में फैला है और इसका असर 180 मिलियन से अधिक लोगों पर पड़ रहा है, यानी अमेरिका की आधी आबादी से ज्यादा. राष्ट्रपति ट्रंप ने किया इमरजेंसी का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तक 1 दर्जन राज्यों के लिए इमरजेंसी की घोषणा को मंजूरी दे दी थी और आगे भी और राज्यों के लिए इसकी घोषणा होने की उम्मीद है। गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने बताया कि संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने कई राज्यों में आवश्यक सामग्री, कर्मचारी और खोज एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं। नोएम ने कहा कि हम बस यही अपील करते हैं कि सभी लोग समझदारी दिखाएं और अगर संभव हो तो घर पर ही रहें। बर्फ, बारिश से नहीं बची कोई जगह नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में तापमान बेहद कम रहेगा और बर्फ जल्दी नहीं पिघलेगी. जिससे राहत और बहाली के कार्यों में देरी होगी. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार तक कम से कम दर्जनभर राज्यों में आपातकाल की मंजूरी दे दी है. FEMA ने कई राज्यों में राहत सामग्री, खोज व बचाव दल और अतिरिक्त स्टाफ पहले ही तैनात कर दिया है. होमलैंड सिक्योरिटी की सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कृपया घर पर रहें, अनावश्यक यात्रा बिल्कुल न करें. टेक्सास, लुइजियाना में पावर बत्ती गुल, पेड़‑तार टूटकर गिरे पावरआउटेज.us के अनुसार शनिवार तक तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में 120,000 से ज्यादा घरों में बिजली कट गई. टेक्सास और लुइजियाना में ही लगभग 50,000 लोग प्रभावित हुए. टेक्सास के शेल्बी काउंटी में बर्फ के भार से पेड़ टूटे और बिजली की लाइनें गिर गईं. 13,000 उड़ानें रद्द – महामारी के बाद सबसे खराब स्थिति FlightAware के अनुसार शनिवार और रविवार को मिलाकर 13,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं. यह संख्या कोविड‑19 महामारी के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा रद्द उड़ानों में से है. सबसे ज्यादा प्रभावित एयरपोर्ट:     ओक्लाहोमा सिटी — शनिवार की सभी उड़ानें रद्द, रविवार सुबह की उड़ानें भी बंद     डलास–फोर्ट वर्थ — 700 से ज्यादा उड़ानें रद्द     शिकागो, अटलांटा, नैशविल, शार्लोट — भारी व्यवधान     वॉशिंगटन D.C. — रविवार की लगभग सभी उड़ानें पहले ही रद्द कर दी गईं पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में अलर्ट: “48 घंटे घर से न निकलें” जॉर्जिया में अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोग 48 घंटे तक घरों में रहें. राज्य के प्रमुख मौसम विज्ञानी विल लैंक्सटन ने कहा कि यह दशक का सबसे बड़ा आइस स्टॉर्म हो सकता है… बर्फ जैसा नहीं, आइस सबसे खतरनाक होती है. राज्य में हाईवे पर नमक‑पानी (brine) डालने का काम रात भर चलता रहा, लेकिन अधिकारी बोले कि इस दौरान सड़कों को सुरक्षित रखना बहुत मुश्किल होगा. उत्तर‑पूर्व में एक फुट से ज्यादा बर्फ की भविष्यवाणी तूफान अब उत्तर‑पूर्व की ओर बढ़ रहा है. न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरन ममदानी ने कहा कि इस मौसम में कृपया बाहर न निकलें… कोई जोखिम न लें. गर्म कपड़े पहनें और घर पर ही रहें.     टेक्सस में पारा –24°C तक गिरा- अमेरिका के कई राज्यों में रिकॉर्ड‑तोड़ ठंड दर्ज की गई, जिसमें टेक्सस में विंड चिल माइनस 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.     कई राज्यों में इमरजेंसी का ऐलान- राष्ट्रपति और गवर्नर्स ने हालात को देखते हुए दर्जनभर से अधिक राज्यों में आपातकाल घोषित किया.     14 करोड़ से ज्यादा अमेरिकी तूफान की चपेट में- लगभग 140 मिलियन (14 करोड़) लोग इस बर्फीले तूफान और आइस‑स्टॉर्म के मार्ग में हैं.     9,000 से अधिक फ्लाइटें रद्द- देशभर में 13000 उड़ानें रद्द हुईं, कुछ एयरपोर्ट्स पर सभी उड़ानें बंद करनी पड़ीं     आइस स्टॉर्म का असर तूफान जैसा- बिजली गुल, कई राज्यों में 68,000 से अधिक पावर आउटेज दर्ज हुए, सबसे ज्यादा प्रभावित टेक्सस और लुइजियाना.     सड़कों पर खतरनाक स्थिति- राजमार्ग बंद, बर्फीली सड़कें, गिरते पेड़ और आइस के कारण कई राज्यों में रोड शटडाउन करना पड़ा.     पूर्वोत्तर में 30 सेमी तक बर्फबारी- वॉशिंगटन D.C. से बोस्टन तक 1 फुट (30 सेंटीमीटर) तक बर्फ गिरने की भविष्यवाणी     स्कूल–चर्च–इवेंट्स बंद- कई शहरों में स्कूल, चर्च सर्विसेज, म्यूज़िक शोज़ और परेड रद्द या ऑनलाइन कर दिए गए मिडवेस्ट में –40°C तक की ठंड, प्रदर्शनकारी भी जमे मिडवेस्ट के कई राज्यों में तापमान माइनस 40°C तक गिर गया, जहां 10 मिनट में ही फ्रॉस्टबाइट हो सकता है. विस्कॉन्सिन के राइनलैंडर में –38°C तापमान दर्ज हुआ, जो 30 वर्षों में सबसे कम है. मिनियापोलिस में ICE के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग –21°C में भी सड़कों पर डटे रहे. स्कूल और कार्यक्रम रद्द, चर्च ऑनलाइन, परेड बंद फिलाडेल्फिया और ह्यूस्टन में सोमवार को स्कूल बंद किए गए. UNC Chapel Hill और University of Mississippi ने भी क्लास कैंसिल कर दी. नैशविल में Grand Ole Opry शो बिना दर्शकों के हुआ. जबकि लुइजियाना में मार्डी ग्रास परेड रद्द कर दी गई. यह तूफान इतना अनोखा क्यों है? NOAA के मौसम विज्ञानी जॉश वीस के अनुसार, यह तूफान दो कारणों से एकदम अलग है, क्योंकि इसका दायरा बहुत विशाल है, ये तूफान 2,000 मील से ज्यादा के एरिया को चपेट में लेगा. सिर्फ … Read more

यूक्रेन में बर्फीली ठंड, माइनस 10 डिग्री तापमान में 12 लाख लोग परेशान, रूसी हमले का असर

कीव  यूक्रेन पर रूस के हमले लगातार और भी घातक होते जा रहे हैं. शनिवार तड़के रूस ने यूक्रेन के एनर्जी सिस्टम पर एक और बड़े पैमाने पर हमला किया, जिससे राजधानी कीव समेत देश के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं. इस हमले के बाद पूरे यूक्रेन में करीब 12 लाख संपत्तियां बिजली से वंचित हो गईं, जबकि तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है. यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने बताया कि राजधानी कीव में देर रात तक 3,200 से ज्यादा इमारतों में हीटिंग की व्यवस्था ठप हो गई है. सुबह यह संख्या करीब 6,000 थी, जिसे इमरजेंसी मरम्मत के जरिए कुछ हद तक कम किया गया. उन्होंने कहा कि राजधानी में 160 से ज्यादा आपातकालीन टीमें हीटिंग सिस्टम बहाल करने में जुटी हुई हैं. ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहाल ने बताया कि सिर्फ कीव में ही 8 लाख से ज्यादा घरों में अब भी बिजली नहीं है. वहीं, राजधानी के उत्तर में स्थित चेर्निहिव क्षेत्र में करीब 4 लाख लोग अंधेरे में हैं. उन्होंने कहा कि "दुश्मन" के लगातार हमलों के कारण स्थिति को स्थिर करना बेहद मुश्किल हो गया है. यूक्रेन के कई हिस्से में हीटिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त इन हमलों का असर आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिख रहा है. पहले से ही कई इलाकों में केंद्रीय हीटिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त था, जिससे अपार्टमेंट पहले ही ठंडे हो चुके थे. अब नए हमलों ने हालात और खराब कर दिए हैं. यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेन्को ने कहा कि रूस ने राजधानी कीव के साथ-साथ देश के उत्तर और पूर्व के चार अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाया. उन्होंने बताया कि सरकार तेजी से क्षतिग्रस्त बिजली संयंत्रों की मरम्मत कर रही है, बिजली आयात बढ़ाया जा रहा है और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को भी जोड़ा जा रहा है. रूसी हमले में शख्स की मौत, 30 घायल इस बीच कीव के मेयर विताली क्लिच्को ने बताया कि राजधानी में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खारकीव में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है. गौरतलब है कि ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच संयुक्त अरब अमीरात में बातचीत चल रही है. हालांकि दो दिन की वार्ता के बाद भी किसी समझौते के संकेत नहीं मिले हैं और अगले सप्ताह फिर बातचीत होने की संभावना है.

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज माह के आखिरी रविवार को मन की बात कर रहे हैं. यह संस्करण इस साल का पहला है. इस दौरान उन्होंने कहा, 'यह साल 2026 की पहली 'मन की बात' है. कल, 26 जनवरी को हम अपना गणतंत्र दिवस मनाएंगे. हमारा संविधान इसी दिन लागू हुआ था. यह दिन, 26 जनवरी, हमें हमारे संविधान बनाने वालों को श्रद्धांजलि देने का मौका देता है.' पीएम मोदी ने कहा, 'जैसे हम जन्मदिन मनाते हैं और विश करते हैं, वैसे ही जब भी कोई नौजवान पहली बार वोटर बने, तो पूरे मोहल्ले, गांव या शहर को एक साथ आकर उन्हें बधाई देनी चाहिए और मिठाई बांटनी चाहिए. इससे वोटिंग के बारे में अवेयरनेस बढ़ेगी और यह एहसास और मजबूत होगा कि वोटर होना कितना जरूरी है.' स्टार्ट-अप से जुड़े युवाओं को पीएम मोदी का सलाम उन्होंने आगे कहा, 'एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी, आप नाम लीजिए, और आपको उस सेक्टर में कोई न कोई इंडियन स्टार्ट-अप काम करता हुआ मिल जाएगा. मैं अपने उन सभी युवा दोस्तों को सलाम करता हूं जो किसी न किसी स्टार्ट-अप से जुड़े हैं, या अपना खुद का स्टार्ट-अप शुरू करना चाहते हैं. आइए हम जो कुछ भी बनाते हैं उसकी क्वालिटी को बेहतर बनाने का संकल्प लें. चाहे वह हमारा टेक्सटाइल हो, टेक्नोलॉजी हो, इलेक्ट्रॉनिक्स हो, या पैकेजिंग हो, इंडियन प्रोडक्ट का मतलब 'टॉप क्वालिटी' होना चाहिए. आइए हम एक्सीलेंस को अपना बेंचमार्क बनाएं.' भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बना मन की बात के 130वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, 'आजकल मैं सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प ट्रेंड देख रहा हूँ. लोग साल 2016 की अपनी यादें ताजा कर रहे हैं. इसी भावना के साथ, आज मैं भी अपनी एक याद आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ. दस साल पहले, जनवरी 2016 में, हमने एक बड़ा सफर शुरू किया था. हमें तब एहसास हुआ था कि भले ही यह छोटा हो, लेकिन यह देश के भविष्य और युवा पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है. आज, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन गया है. ये स्टार्ट-अप लीक से हटकर है. वे ऐसे सेक्टर में काम कर रहे हैं जिनके बारे में 10 साल पहले सोचा भी नहीं जा सकता था.' कोशिशों से फिर से जीवित हुई नदी पीएम मोदी ने प्रदूषण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,'तमसा नदी, जो अयोध्या से होकर गंगा में मिलती है, कभी इस इलाके के लोगों के लिए जीवन की धुरी थी लेकिन, प्रदूषण की वजह से इसका बिना रुकावट वाला बहाव रुक गया था. यहां के लोगों ने इसे नया जीवन देने के लिए एक कैंपेन शुरू किया और सभी की कोशिशों से नदी फिर से जिंदा हो गई.' आंध्र में जिंदा हुए 10 से अधिक तालाब प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'आंध्र प्रदेश का अनंतपुर एक ऐसा इलाका है जो बहुत ज्यादा सूखे से जूझ रहा है. यहां की मिट्टी लाल और रेतीली है, जिसकी वजह से लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है. यहां (अनंतपुर) कई इलाकों में लंबे समय तक बारिश नहीं होती है. इस समस्या को दूर करने के लिए, स्थानीय लोगों ने तालाबों को साफ करने का फैसला किया. प्रशासन की मदद से, 'अनंत नीरू संरक्षणम प्रोजेक्ट' शुरू किया गया. 10 से ज्यादा तालाबों को फिर से जिंदा किया गया है. साथ ही, 7000 से ज़्यादा पेड़ लगाए गए हैं.' जेन जी में 'भजन क्लबिंग' पॉपुलर पीएम मोदी ने कहा, 'भजन और कीर्तन सदियों से हमारी संस्कृति की आत्मा रहे हैं. आज के युवाओं ने भक्ति की भावना को अपने अनुभवों और लाइफस्टाइल में शामिल कर लिया है. देश भर के अलग-अलग शहरों में बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हो रहे हैं. स्टेज सजा हुआ है. पूरी धूमधाम है, और माहौल किसी कॉन्सर्ट से कम नहीं है लेकिन वहां जो गाया जा रहा है वह भजन है. इस ट्रेंड को आजकल 'भजन क्लबिंग' कहा जा रहा है, और यह खासकर Gen Z के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है.' मलेशिया में भारतीय पर जोर मोदी ने कहा, 'भारतीय त्योहार दुनिया के हर कोने में बड़े जोश और खुशी के साथ मनाए जाते हैं. भारतीय मूल के हमारे भाई-बहन, हर तरह की सांस्कृतिक चमक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. मलेशिया में हमारी भारतीय कम्युनिटी भी इस मामले में बहुत अच्छा काम कर रही है. मलेशिया में 500 से अधिक तमिल स्कूल हैं. तमिल भाषा पढ़ाने के अलावा, दूसरे सब्जेक्ट भी तमिल में पढ़ाए जाते हैं. इसके अलावा, तेलुगु और पंजाबी के साथ-साथ दूसरी भारतीय भाषाओं पर भी बहुत ध्यान दिया जाता है. भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने में एक सोसाइटी का बड़ा रोल है. इसका नाम है 'मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसाइटी'. पिछले महीने, मलेशिया में 'लाल पाद साड़ी' आइकॉनिक वॉक ऑर्गनाइज की गई थी. इस साड़ी का हमारे बंगाल के कल्चर से एक खास कनेक्शन रहा है. इस इवेंट ने सबसे ज्यादा लोगों द्वारा यह साड़ी पहनने का रिकॉर्ड बनाया, जिसे मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया.' चांदनकी गांव की अनोखी कम्युनिटी किचन पीएम मोदी ने कहा, 'गुजरात के बेहराजी में चांदनकी गांव की परंपरा अनोखी है. यहां के लोग, खासकर बुजुर्ग, अपने घरों में खाना नहीं बनाते हैं. इसकी वजह गांव का शानदार कम्युनिटी किचन है. पूरे गांव के लिए खाना इसी कम्युनिटी किचन में बनता है, और लोग एक साथ बैठकर खाते हैं. यह परंपरा पिछले 15 सालों से चली आ रही है. यह पहल न सिर्फ लोगों को जोड़ती है, बल्कि परिवार की भावना भी बढ़ाती है.'