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हिमाचल के हरिपुरधार में प्राइवेट बस खाई में गिरी, 7 लोग मरे, 50 घायल

 सिरमौर  सिरमौर जिले के हरिपुरधार में निजी बस हादसे में नौ के करीब लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को घटनास्थल से निकाला जा रहा है। वहीं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। ये बस कुपवी से शिमला जा रही थी। जो हरिपुरधार के पास खाई में गिर गई। जानकारी के अनुसार बस में 30 से 35 लोग सवार थे। स्थानीय लोग हादसे में घायलों को बाहर सड़क तक लेकर आ रहे हैं। घटना के बाद मौके पर चीखों पुकार मची है। हादसा इतना भयानक था कि बस के परखच्चे उड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई बस शिमला से कुपवी की ओर जा रही थी. दुर्घटना हरिपुरधार बाजार पहुंचने से पहले उस समय हुई, जब बस अचानक अनियंत्रित होकर खाई में लुढ़क गई. बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. इसके साथ ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं. घायलों को खाई से निकालकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया जा रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किए जाने की तैयारी है. दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.  दरअसल, हरिपुरधार बाजार से ठीक पहले यह बस खाई में गिरी है. हालांकि, हादसे के पीछे की वजह पता नहीं चल पाई है. घटना के बाद लोगों की भीड़ मौके की तरफ भागी और लोगों को हादसे का शिकार बस से निकाला. अहम बात है कि बस के परखच्चे उड़ गए हैं. बताया जा रहा है कि बस खचाखच्च भरी हुई थी. फिलहाल, घायलों की संख्या का पता नहीं चल पाया है. लेकिन उन्हें हरिपुरधार अस्पताल में भर्ती किया गया है. डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सिरमौर जिला के हरिपुरधार में सोलन से हरिपुरधार जा रही निजी बस के गहरी खाई में गिरने से 7 लोगों के दुःखद निधन एवं कई यात्रियों के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. इस भीषण हादसे में दिवंगत आत्माओं को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करतें हैं. सुक्खू सरकार में मंत्री और सिरमौर के शिलाई से विधायक हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. हादसे के कारणों का पता नहीं चला है. पांच लोगों को रेफर किया है. जिला प्रशासन में अलर्ट है. नाहन, संगड़ाह और ददाहू अस्पतालों में अलर्ट भेजा गया है. हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बस हादसा. उधर, रेणुका जी से कांग्रेस विधायक और मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया किया कि अभी-अभी एक अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है कि हरिपुरधार में जीत कोच बस का एक गंभीर सड़क हादसा हो गया है। यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और इससे हम सभी व्यथित हैं. उन्होंने बताया कि एसपी और डीसी से बात की है. वह कहते हैं कि बस में 60 से अधिक लोग सवार थे. प्रशासन को फौरी राहत देने के लिए भी कहा है और घायलों का इलाज मुफ्त किया जाएगा. कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विनम्र अपील: विधायक उन्होंने बताया कि मेरी हरिपुरधार ज़ोन के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विनम्र अपील है कि वे तुरंत घटनास्थल पर पहुँचकर प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत एवं बचाव कार्य में पूरा सहयोग करें. इस कठिन घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़ा होना हमारा नैतिक दायित्व है, ईश्वर से प्रार्थना है कि सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले। इस दुख की घड़ी में कांग्रेस परिवार पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ पीड़ितों के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि वह कांगड़ा दौरे पर पालमपुर पहुंचे थे. लेकिन अब अपने विधानसभा क्षेत्र लौट रहे हैं.  केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत कई नेताओं ने जताया दुख हादसे को लेकर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद राजीव भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर एवं सांसद सुरेश कश्यप ने गहरा शोक व्यक्त किया है. प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शोक संदेश में कहा कि अनेक लोगों की असमय मृत्यु होना अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और हृदयविदारक है, डॉ. बिंदल ने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश के लिए गहरे शोक का विषय है.  

145 मौतों के बाद सरकार का कदम – स्लीपर कोच बसों के लिए सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू

नई दिल्ली पिछले 6 महीनों में देश भर में स्लीपर कोच बसों की अलग-अलग दुर्घटनाओं में तकरीबन 145 लोगों की जान चली गई. स्लीपर कोच बसों में लगातार हो रही आग की घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है. जिसके तहत अब स्लीपर कोच बसों का निर्माण केवल मान्यता प्राप्त कंपनियां ही करेंगी. इसके अलावा मौजूदा बसों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की गई है. पिछले छह महीनों में स्लीपर बसों में होने वाल भयानक एक्सीडेंट में 145 लोगों की मौत के बाद सरकार ने सुरक्षा नियमों को और मजबूत कर दिया है. इसका मकसद लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षित रखना है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नए नियमों की घोषणा करते हुए कहा कि, "अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल वही ऑटोमोबाइल कंपनियां या निर्माता कर सकेंगे, जिन्हें केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त हो.  नए नियम के तहत स्थानीय और मैनुअल बॉडी बिल्डर्स को स्लीपर बस बनाने की अनुमति नहीं होगी. सरकार का मानना है कि इससे मैन्युफैक्चरिंग क्वॉलिटी और सेफ्टी लेवल में बड़ा सुधार होगा. ऐसा देखा जाता है कि, ट्रैवेल एजेंसियां लोकल बॉडी मेकर्स से अपने मन माफिक बसों का निर्माण कराती हैं, जिसमें सेफ्टी स्टैंडर्ड पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता है.   मौजूदा स्लीपर बसों में लगेंगे जरूरी सेफ्टी फीचर्स सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि देश में चल रही सभी मौजूदा स्लीपर बसों को अनिवार्य रूप से नए सेफ्टी डिवाइसेज से लैस किया जाए. इनमें फायर डिटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी लाइटिंग, ड्राइवर को नींद का अलर्ट देने वाला सिस्टम यानी ADAS, इमरजेंसी एग्जिट और सेफ्टी हैमर शामिल हैं. सरकार का मानना है कि, ये सेफ्टी फीचर्स और डिवाइसेज किसी भी आपात स्थिति में बड़े मददगार साबित होंगे. AIS-052 और नए बस बॉडी कोड का पालन जरूरी नए नियमों के अनुसार सभी स्लीपर बसों को AIS-052 बस बॉडी कोड और मॉडिफाइड बस बॉडी कोड का पालन करना अनिवार्य होगा. यह मॉडिफाइड कोड 1 सितंबर 2025 से लागू हो चुका है. इसके बिना किसी भी स्लीपर बस को ऑपरेट नहीं किया जा सकेगा. यानी ऐसी बसें जो इस कोड का पालन नहीं करती हैं वो सड़कों पर नहीं दिखेंगी. बड़े फैसलों पर एक नज़र     स्लीपर बसों का निर्माण अब केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां या केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त निर्माता ही कर सकेंगे.     स्थानीय और मैनुअल बॉडी बिल्डर्स को अब स्लीपर बस बनाने की अनुमति नहीं होगी.     देश में चल रही सभी मौजूदा स्लीपर बसों में जरूरी सेफ्टी फीचर्स लगाना अनिवार्य होगा. मौजूदा स्लीपर बसों में देना होगा ये फीचर     फायर डिटेक्शन सिस्टम     इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम     ड्राइवर की नींद का अलर्ट देने वाला सिस्टम      एडवांस ड्राइवर असिस्टें सिसटम (ADAS)     इमरजेंसी एग्जिट और सेफ्टी हैमर क्या है AIS-052 बस बॉडी कोड AIS-052 यानी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड-052 भारत का आधिकारिक बस बॉडी सेफ़्टी और डिजाइन कोड है. इसमें बस के मैन्युफैक्चरिंग, स्ट्रक्चर और सेफ्टी से जुड़े जरूरी स्टैंडर्ड तय किए गए हैं. चाहे बस फैक्ट्री में बनी हो या कोच बिल्ट हो, रजिस्ट्रेशन और सड़क पर चलने से पहले इन नियमों का पालन जरूरी होता है. यह स्टैंडर्ड केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है. सरकार का कहना है कि इन कड़े कदमों का उद्देश्य भविष्य में होने वाली दुखद घटनाओं को रोकना और लंबी दूरी की स्लीपर कोच सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा को काफी बेहतर बनाना है. नए नियमों से स्लीपर बसों की क्वॉलिटी और भरोसे में भी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है.

ग्रीनलैंड विवाद बढ़ने पर डेनमार्क का गंभीर संदेश, ‘घुसपैठ पर गोली चलाएंगे’ – अमेरिका को चेतावनी

कोपेनहेगन वेनेजुएला पर अमेरिका के अटैक के बाद मेक्सिको भी सुर्खियों में हैं. ऐसे में डेनमार्क ने बयान जारी करते हुए अपना रुख साफ किया है. डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अगर कोई डेनिश इलाके में घुसपैठ करता है, तो सैनिक तुरंत जंग शुरू करेंगे और अपने कमांडरों के आदेश का इंतज़ार किए बिना गोली चला देंगे.  डेनमार्क ने यह  बात तब कही है, जब अमेरिका ग्रीनलैंड पर मिलिट्री कार्रवाई करने के बारे में सोच रहा है. मंत्रालय ने स्थानीय अखबार बर्लिंगस्के (Berlingske) को बताया कि 1952 (कोल्ड वॉर) का निर्देश साफ तौर पर कहता है कि अगर कोई विदेशी सेना डेनिश इलाके को धमकी देती है, तो सैनिकों को आदेश का इंतज़ार किए बिना पहले गोली चलानी होगी. यह निर्देश अप्रैल 1940 में तब बनाया गया था, जब नाज़ी जर्मनी ने डेनमार्क पर हमला किया था, जिससे इस स्कैंडिनेवियाई देश में कम्युनिकेशन सिस्टम आंशिक रूप से ठप हो गया था, और यह आज तक लागू है. कब माना जाएगा हमला? ग्रीनलैंड में डेनमार्क की मिलिट्री अथॉरिटी जॉइंट आर्कटिक कमांड यह तय करेगी कि द्वीप पर किस चीज़ को हमला माना जा सकता है. यह बयान तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नज़रें ग्रीनलैंड पर टिकी हुई हैं, जिसकी देखरेख डेनमार्क करता है, और उन्होंने बार-बार धमकी दी है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वे इस स्वायत्त ज़मीन पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा कर लेंगे. ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी और चीनी जहाज़ों की मौजूदगी की वजह से यह आर्कटिक इलाका अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है. हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने बार-बार कहा है कि यह इलाका बिक्री के लिए नहीं है. डेनिश प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने इस हफ़्ते चेतावनी दी थी कि ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की कोई भी मिलिट्री कोशिश NATO के खत्म होने की वजह बनेगी. उन्होंने डेनिश ब्रॉडकास्टर TV2 से कहा, "अगर यूनाइटेड स्टेट्स किसी दूसरे NATO देश पर मिलिट्री हमला करने का फैसला करता है, तो सब कुछ रुक जाएगा." 'दुनिया की रक्षा के लिए अहम…' अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए ग्रीनलैंड पर अमेरिकी रुख को सही ठहराया और कहा कि डेनमार्क यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त काम करने में फेल रहा है कि आर्कटिक इलाका 'विश्व सुरक्षा के लिए एक आधार के रूप में काम कर सके.'  उन्होंने कहा, "यूरोप राष्ट्रपति और पूरे प्रशासन द्वारा दिए गए मूलभूत तर्क का सामना करने में फेल रहा है. ग्रीनलैंड न केवल अमेरिका की, बल्कि दुनिया की सुरक्षा के लिए भी अहम है." जेडी वेंस ने मिसाइल रक्षा में इस क्षेत्र की भूमिका पर ज़ोर दिया.

ED बनाम ममता बनर्जी: CBI जांच को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा, आज अहम सुनवाई

कोलकाता प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसके जरिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की सीबीआई जांच का अनुरोध किया है। ED ने राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC तथा उसके निदेशक के खिलाफ कोलकाता में की गई छापेमारी के दौरान कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। याचिका में उसने यह भी अनुरोध किया है कि तलाशी के दौरान जिन सभी डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों को 'अवैध और जबरन' तरीके से हटा लिया गया था। इन्हें तुरंत जब्त कर सील किया जाए, फॉरेंसिक रूप से सुरक्षित रखा जाये और फिर ED को सौंपा जाए। उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई किए जाने की उम्मीद है। कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले के तहत गुरुवार को आई-पैक के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय और इसके संस्थापक तथा निदेशकों में से एक प्रतीक जैन के आवास पर तलाश अभियान चलाया गया। राज्य और दिल्ली में भी कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई थी। ED ने गुरुवार को एक प्रेस बयान में आरोप लगाया था कि बनर्जी छापेमारी के दौरान कोलकाता के लाउडन रोड स्थित जैन के आवास पर आईं और 'महत्वपूर्ण सबूत ले गईं' और आई-पैक के कार्यालय में भी उन्होंने ऐसा ही किया। ED ने याचिका में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कोयले की कथित चोरी से प्राप्त हवाला राशि के लगभग 20 करोड़ रुपये आई-पैक तक पहुंचे। यह संगठन 2021 से टीएमसी और राज्य सरकार को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसमें कहा गया है, 'जांच के दौरान मिले ठोस सबूतों से पता चलता है कि हवाला चैनलों के माध्यम से आई-पैक को कम से कम 20 करोड़ रुपये की आपराधिक आय हस्तांतरित की गई थी।' याचिका में कहा गया है, 'जांच को जारी रखते हुए और अपराध से प्राप्त धनराशि और उसके उपयोग का पता लगाने के लिए, कोयला तस्करी मामले के संबंध में आई-पैक और कुछ अन्य संस्थाओं के खिलाफ तलाश अभियान शुरू किया गया था।' इसमें कहा गया, 'पीएमएलए के तहत जारी तलाशी अभियान में हस्तक्षेप न करने के लिए (ED अधिकारियों द्वारा) स्पष्ट अनुरोध किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ने परिसर में प्रवेश किया।' याचिका में कहा गया है, 'कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए, सुश्री ममता बनर्जी ने पुलिसकर्मियों की सहायता से अधिकृत अधिकारी के कब्जे से सभी डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेजों को जबरन अपने कब्जे में ले लिया और दोपहर लगभग 12:15 बजे परिसर से चली गईं।' ED ने कहा कि उसके अधिकारियों को 'अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन नहीं करने दिया गया और उनके कामकाज में बाधा डाली गई।' एजेंसी ने उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वह जब्त किये गये डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों तक किसी भी प्रकार की पहुंच बनाये जाने, इन्हें मिटाने या छेड़छाड़ को रोकने के लिए अंतरिम आदेश पारित करे।  

बंगाल की खाड़ी पर दबाव से बढ़ेगी ठिठुरन, उत्तर भारत में शीतलहर का अलर्ट – कब मिलेगी राहत?

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो हफ्तों के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण भारत के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं उत्तर और मध्य भारत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। बंगाल की खाड़ी में साल का पहला गहरा दबाव बन गया है। वर्तमान में यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है और इसके 9 जनवरी की शाम या रात तक श्रीलंका के तट को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु में 9 और 10 जनवरी को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में भी 10 जनवरी को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों विशेषकर गंगा के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और ठंड का प्रकोप जारी है। आईएमडी ने बताया है कि पंजाब, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 9 जनवरी तक 'बेहद घना कोहरा' छाए रहने का अनुमान है। इसके बाद भी 15 जनवरी तक रुक-रुक कर कोहरा बना रहेगा। बिहार, हरियाणा और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के क्या संकेत, बढ़ेगी ठिठुरन या मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर का मौसम अचानक बदला है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम से लेकर गाजियाबाद में शुक्रवार की सुबह हल्की बारिश हुई. दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के बीच यह बारिश हुई है. इसका मतलब है कि तापमान में और गिरावट आएगी. इससे सर्दी का सितम और बढ़ सकता है. आईएमडी यानी इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में ठंड का मौसम जारी रहा और पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. इसके साथ ही एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश भी हुई. बारिश इतनी तेज जरूर थी कि लोगों को भिंगो दे.दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के बीच हुई बारिश मौसम में बड़े बदलाव के संकेत हैं. आमतौर पर जनवरी में दिल्ली-एनसीआर में बारिश नहीं होती. जी हां, जनवरी में दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश कम देखने को मिलती है, मगर जब पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होता है, तब ठंड के साथ बारिश के हालात बनते हैं. मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है. आज दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग ने आज सुबह ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया था. मौसम विभाग ने बताया था कि अगले 2 घंटे में दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की और रुक-रुक कर बारिश/बूंदाबांदी होगी. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में मुण्डका, पश्चिम विहार, राजौरी गार्डन, बुद्धा जयंती पार्क, राष्ट्रपति भवन, राजीव चौक, जाफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, दिल्ली कैंट, पालम और IGI एयरपोर्ट वाले इलाके में बारिश हुई. वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश देखी गई. हालांकि, इस दौरान कोहरा भी छाया रहा. इन राज्यों में शीतलहर की चेतावनी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 से 11 जनवरी के दौरान शीतलहर चलने की प्रबल संभावना है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी 9 और 10 जनवरी को कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। उत्तराखंड में 10 जनवरी और मेघालय में 9 जनवरी को पाला पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के दूसरे उत्तरार्ध में भी ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है। पूर्वी और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। देश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और बारिश सामान्य से कम होने का अनुमान है।

हजार लीटर बकरी का खून इंसानी ब्लड बैग में पाया गया, रेड से खुला बड़ा मामला; कहां का है ये घटना?

हैदराबाद तेलंगाना के हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर रेड के दौरान कुछ ऐसा मिला है, जिसे देख अधिकारी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक यहां ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की रेड में अधिकारियों को लगभग 1,000 लीटर जानवरों का खून मिला है। यह खून बकरियों और भेड़ों से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया था और इंसानों का खून रखने के लिए बने ब्लड बैग में पैक किया गया था। Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर यह रेड की थी। इस दौरान उन्होंने इंसानों के इस्तेमाल के लिए बने ब्लड बैग में जानवरों का खून भरा हुआ देख सीनियर अधिकारी भी हैरान रह गए। बकरी के खून के अलावा परिसर में खून की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ अत्याधुनिक मशीनें भी मिली हैं। रेड टीम को एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग भी मिले। ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, एक्सपेरिमेंट या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था। फर्म का मालिक फिलहाल फरार है।

भारतीय परिवारों का 55% लोन खपत के लिए, संपत्ति सृजन में नहीं हो रही वृद्धि

इंदौर  भारतीय परिवारों पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है। लोग लाइफस्टाइल खर्चों के लिए जमकर कर्ज ले रहे हैं। पर्सनल लोन अब मोबाइल पर एक क्लिक से ही मिल जाता है। नौकरीपेशा लोगों को बैंक प्री अप्रूव्ड पर्सनल लोन ऑफर कर देते हैं। कार लोन भी प्री-अप्रूव्ड ही मिल जाता है। लोन लेना आसान होन से लोगों पर कर्ज तेजी से बढ़ रहा है। कर्ज मार्च 2025 के आखिर तक बढ़कर, जीडीपी के 41.3% पर पहुंच गया है। यह 5 साल के औसत 38.3% से काफी ज्यादा है और पिछले तीन साल से लगातार बढ़ रहा है। खपत से जुड़ा कर्ज तेजी से बढ़ रहा परिवारों के कर्ज में हुई वृद्धि में खपत से जुड़े कर्ज ने अहम भूमिका निभाई है। यानी भारतीय परिवार संपत्ति सृजन के लिए नहीं, बल्कि अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए ज्यादातर कर्ज ले रहे हैं। RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के अनुसार, कर्ज में बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय लोगों पर कर्ज ज्यादातर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम है। भारतीय परिवारों की उधारी में ज्यादातर गैर-आवास खुदरा ऋण यानी क्रेडिट कार्ड कर्ज, पर्सनल लोन और ऑटो लोन आदि शामिल हैं। इन कर्जों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा परिवारों की कुल उधारी में पर्सनल लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड कर्ज की हिस्सेदारी 55.3% है। इसकी हिस्सेदारी पिछले 5 साल में लगातार बढ़ी है। 2020 में इसकी हिस्सेदारी 43% थी। खपत से लोन की वृद्धि दर लगातार होम लोन, कृषि और बिजनेस लोन को पीछे छोड़ रही है। यानी भारतीय परिवारों की ओर से लिए गए लोन में खपत के मकसद से लिए गए कर्ज का हिस्सा सबसे ज्यादा है। उसके बाद संपत्ति सृजन और उत्पादन के उद्देश्य का स्थान आता है। कुल कर्ज में होम लोन की हिस्सेदारी 28.6% और कृषि व बिजनेस लोन की हिस्सेदारी 16.1% है। क्या है ग्रॉस डिस्पोजेबल इनकम? ग्रॉस डिस्पोजेबल इनकम (GDI) का मतलब वह आय है, जो देश के निवासियों के पास सही मायने में खर्च करने या बचाने के लिए उपलब्ध है। कर्ज के साथ बचत भी बढ़ी रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवारों की वित्तीय बचत वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में सुधर कर जीडीपी का 7.6%, हो गई है। लोगों को बढ़ती महंगाई से थोड़ी राहत मिलने के कारण भारतीय परिवारों की बचत में इजाफा हुआ है, जो 2022-23 में कई वर्षों के निचले स्तर पर आ गई थी। परिवारों की देनदारियां बढ़ने के बावजूद घरेलू सकल वित्तीय बचत बढ़कर 11.2% हो गई।

राजनीतिक उथल-पुथल के साये में बांग्लादेश: 2025 में बढ़ा क्राइम ग्राफ, कमजोर तबके पर सबसे ज्यादा मार

ढाका 2025 में बांग्लादेश का क्राइम रेट खतरनाक स्तर पर पहुंचा। इस दौर में महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा अत्याचार सहना पड़ा, जबकि हत्या, डकैती और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को आंकड़ों के हवाले से ये जानकारी दी। विश्लेषकों के मुताबिक, अपराध में बढ़ोतरी कानून-व्यवस्था की चुनौतियों का नतीजा है। तख्ता पलट के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार सामान्य माहौल स्थापित करने में नाकाम रही है। पुलिस क्राइम के आंकड़ों का हवाला देते हुए, बांग्लादेश के बांग्ला अखबार 'बोनिक बार्ता' ने बताया कि 2025 में रेस्क्यू से जुड़े मामलों समेत कुल 1,81,737 केस रजिस्टर किए गए, जिनमें से कुछ 2024 की घटनाओं से जुड़े थे। आंकड़ों से पता चला कि सबसे ज्यादा मामले महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा से जुड़े थे। पिछले साल, पुलिस ने पूरे बांग्लादेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के 21,936 केस पंजीकृत किए, इसके बाद 12,740 चोरी और 3,785 मर्डर के मामले दर्ज किए गए। डकैती की घटनाओं में भी इजाफा हुआ, पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक डकैती के 1,935 केस रजिस्टर किए गए। इसके अलावा, पूरे देश में 702 लूट के मामले, स्पीडी ट्रायल एक्ट के तहत 988 मामले, दंगों के 66, अपहरण के 1,101 मामले, पुलिस पर हमले के 601 मामले और 81,738 दूसरे मामले दर्ज किए गए। पिछले साल साढ़े चार साल की रोजा मणि की हत्या के बाद पूरे बांग्लादेश में जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था। बच्ची का शव 13 मई 2025 को बिजॉय सरानी ओवरपास के पास तेजकुनीपारा में कूड़े के ढेर में मिला था, उसके एक दिन पहले वह ढाका स्थित तेजगांव इलाके से लापता हो गई थी। रोजा मणि मामले के अलावा, पिछले साल राजधानी में बच्चों के साथ बदसलूकी के कम से कम 1,000 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि देश भर के शैक्षिक संस्थानों और काम की जगहों से भी ऐसी घटनाएं सामने आईं। ढाका यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च में एसोसिएट प्रोफेसर और क्रिमिनोलॉजिस्ट तौहिदुल हक ने बोनिक बार्ता से कहा, "2025 में, हमने क्राइम के आंकड़ों में कुछ डरावने पहलू देखे। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं होने के कारण अपराध बढ़ा है। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है।" उन्होंने आगे कहा, "देश में राजनीतिक बदलाव के बाद बिगड़ी लॉ एंड ऑर्डर का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है। इसके अलावा, गंभीर क्राइम कैटेगरी में टारगेट किलिंग और मॉब लिंचिंग शामिल हैं। इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए, हमें कानून को ठीक से लागू करना होगा।" यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश बढ़ती हिंसा और बिगड़ती लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति से जूझ रहा है।

बेलगावी शुगर मिल में बड़ा हादसा, बॉयलर विस्फोट में 6 श्रमिकों की जान गई

बेलगावी कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक दुखद हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। बैलहोंगल तालुका के मारकुंबी गांव स्थित इनामदार शुगर फैक्ट्री में बॉयलर में विस्फोट हो गया, जिसमें अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है। शुरुआती रिपोर्टों में तीन मौतें बताई गई थीं। लेकिन, इलाज के दौरान तीन और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। यह हादसा दोपहर करीब ढाई बजे हुआ, जब फैक्ट्री के नंबर एक कंपार्टमेंट में दीवार की मरम्मत और रखरखाव का काम चल रहा था। अचानक वाल्व फेल होने से गर्म गुड़ का रस बाहर निकला और आसपास खड़े मजदूरों पर गिर गया, जिससे उन्हें गंभीर जलन हुई। पुलिस के अनुसार, यह एक पुरस्कार विजेता चीनी मिल है, जो विक्रम इनामदार, प्रभाकर कोरे और विजय मेटागुडी की साझेदारी में चल रही है। मृतकों में अक्षय चोपाडे (45 साल), दीपक मन्नोली (31 साल), सुदर्शन बनोशी (25 साल), भरतेश सरवाडे (27 साल), गुरु तम्मनावर (26 साल) और मंजुनाथ कजागार (28 साल) शामिल हैं। पहले अक्षय, दीपक और सुदर्शन की मौत हुई, जबकि अन्य घायलों की बाद में मौत हो गई। घायल मजदूरों को तुरंत बैलहोंगल सरकारी अस्पताल और बेलगावी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए और मातम छा गया। दो शवों का पोस्टमॉर्टम एक निजी अस्पताल में शुरू हो चुका है। परिजनों का गुस्सा फैक्ट्री प्रबंधन पर है, क्योंकि हादसे के कई घंटे बीत जाने के बावजूद मालिकों की तरफ से कोई मुआवजे का ऐलान नहीं हुआ है और न ही कोई संवेदना व्यक्त की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेलगावी ग्रामीण एसपी ने घटना की पुष्टि की और कहा कि लापरवाही की आशंका पर गहन जांच की जा रही है। फैक्ट्री का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है।

दीपू दास हत्याकांड: बांग्लादेश पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा, पहले से रची गई थी पूरी योजना

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों एक हिंदू गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सरेआम जला दिया गया। इस मामले ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा और तमाम जगह यूनुस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए। ऐसे में बांग्लादेश की पुलिस को कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा है। पुलिस ने दीपू दास मामले के मुख्य आरोपी यासीन अराफात को गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया के अनुसार, यासीन अराफात पूर्व टीचर रहा है और माना जा रहा है कि उसी ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की और फिर उसे अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, दीपू दास की हत्या के बाद, अराफात कथित तौर पर उस इलाके से भाग गया और छिप गया था। इसके बाद गुरुवार को उसकी गिरफ्तारी हुई। पुलिस के मुताबिक, यासीन ने ही दीपू चंद्र दास पर हुए भीड़ के हमले की साजिश रची। लोगों को इकट्ठा होने और दास को निशाना बनाने के लिए उकसाया। पिछले महीने 18 दिसंबर को बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास पर ईशनिंदा का आरोप लगा था। इसके बाद उसे फैक्ट्री से निकाल दिया गया। गुस्साई भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला और फिर एक चौराहे पर उसके शव को टांगकर सरेआम पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस ने यह भी बताया कि अराफात ने सिर्फ भीड़ को उकसाया ही नहीं, बल्कि खुद जाकर उसे खींचा और पेड़ से बांधकर उसमें आग लगा दी। वह उसी इलाके का रहने वाला है और एक मस्जिद में पढ़ाता था। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पिछले कुछ समय में दीपू चंद्र के अलावा भी कई हिंदुओं की हत्या हुई है। इसमें पांच जनवरी को मोनी चक्रवर्ती की भी हत्या शामिल है। इसके अलावा, पांच जनवरी को ही एक अखबार के एडिटर राणा प्रताप की भी अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी थी। उससे पहले, खोकन चंद्र दास को मार डाला गया था। कई दिनों तक अस्पताल में इलाज करवाने के बाद उनकी जान चली गई थी। उससे कुछ दिन पहले ही अमृत मंडल को भी भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।