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‘उर्मिला फाइल्स’ विवाद में उबाल: पूर्व भाजपा विधायक ने पुष्कर धामी और दुष्यंत गौतम का लिया नाम, कहा— मजबूर हुआ तो जान दे दूंगा

हरिद्वार  अंकिता भंडारी केस से जुड़े वायरल-ऑडियो पर मुकदमे का सामना कर रहे भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने अब नया खुलासा किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि अभिनेत्री उर्मिला सनावर कांग्रेस के इशारे पर भाजपा नेताओं को बदनाम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के खेल में वह भाजपा नेता दुष्यंत गौतम, सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और स्वामी यतीश्वरानंद की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। अपनी बात रखते हुए वो भावुक हो गए। कहा कि मेरे पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। गुरुवार को हरिद्वार में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरेश राठौर ने आरोप लगाया कि उर्मिला सनावर कांग्रेस के इशारे पर उन्हें और भाजपा नेताओं को बदनाम कर रही है। कांग्रेस द्वारा पत्रकारवाताओं पर भी पूर्व विधायक ने सवाल खड़े किए। ज्ञात हो कि पिछले कुछ दिनों से उर्मिला सनावर स्वयं को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताकर उन पर कई आरोप लगा रही है। यही नहीं उर्मिला ने सोशल मीडिया पर अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भी भाजपा नेताओं को घेरा है। रायपुर सीट से विधायकी का प्रस्ताव मिला? गुरुवार को पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पत्रकारवार्ता कर कहा कि उर्मिला सनावर को कांग्रेस ने रायपुर देहरादून सुरक्षित सीट से प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव दिया है। वह कांग्रेस के हाथ में खेल कर भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सीएम पुष्कर सिंह धामी, स्वामी यतीश्वरानंद की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के नेताओं के संपर्क में है इसकी भी जांच हो। आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा पूर्व विधायक ने कहा कि उसके द्वारा किए जा रहे गलत फैब्रिकेटेड ऑडियो जारी कर रही है इससे वह बहुत परेशान हैं और आत्महत्या करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ को भी बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ जो मुकदमे दर्ज करवाए उसकी पुलिस जांच करें और उर्मिला को गिरफ्तार कर सजा दे। अपने परिवार, बच्चों को बचाना है। फैक्ट्री भी बेचनी पड़ी। कुछ ढाबा चलाने वाले रविदासाचार्य बने घूमकर समाज को बदनाम कर रहे हैं। फैक्ट्री बेचकर कैश दिया, कितना दिया यह नहीं बता पाए नेता पूर्व विधायक ने अभिनेत्री को लाखों रुपये कैश देने का आरोप लगाया। राठौर ने कहा कि पुलिस ने जब कार्रवाई नहीं की तो, उन्होंने फैक्ट्री बेचकर कैश उर्मिला को दिया। आरोप लगाया कि बार बार वह डिमांड करती है। कैश कितने दिया इस सवाल पर राठौर ने जवाब देते हुए कहा कि यह तो उर्मिला से ही पूछो।

SIR के बाद अब जनगणना पर फोकस, 2026 में हर घर तक पहुंचेगी सरकारी टीम

देहरादून  हिमालयी राज्य उत्तराखंड में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच जनगणना की तैयारी भी शुरू हो गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनगणना के लिए 19 विभिन्न श्रेणियों में मंडल, जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश दे दिए। मंडल स्तर पर संपूर्ण क्षेत्र के नोडल अफसर कमिश्नर होंगे। जबकि जिलों में नगर निगम क्षेत्रों को छोडकर बाकी पूरे क्षेत्र के प्रमुख जनगणना अधिकारी संबंधित जिले के डीएम होंगे।   सचिव-जनगणना दीपक कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ने जनगणना का कार्यक्रम जारी करते हुए अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके लिए अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। इसके तहत अगले वर्ष अप्रैल से सितंबर के बीच किसी एक महीने में 30 दिन तक प्रदेश भर में सघन अभियान चलाकर मकानों की गणना की जाएगी। सारी प्रक्रिया आधुनिक उपकरण की मदद से केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए साफ्टवेयर पर की जाएगी। कुमार ने बताया कि उत्तराखंड समेत सभी पर्वतीय राज्यों के एक महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। सचिव-जनगणना दीपक कुमार ने बताया कि जनगणना की तैयारी शुरू की जा रही है। 19 विभिन्न श्रेणियों में जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश कर दिए गए हैं। जल्द ही अधिकारियों और कार्मिकों के प्रशिक्षण शुरू किए जाएंगे। इसकी अधिसूचना भी जारी की जा रही है। 2027 में दस दिन तक होगी जनगणना की रिहर्सल मकानों की गणना के बाद फरवरी 2027 में किसी भी दस दिन तय कर जनगणना का अभियान चलाया जाएगा। इसमें पूर्व में मकानों की गणना का सत्यापन भी होगा। साथ ही इस अवधि में नए बने या छूटे भवनों को भी शामिल किया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार के स्तर पर जनगणना का अंतिम कार्यक्रम जारी होने पर विधिवत रूप से राष्ट्रीय स्तर पर अभियान शुरू कर दिया जाएगा। चकराता-हरिद्वार में जनगणना का एक पायलट चक्र पूरा जनगणना की विधिवत शुरूआत से पहले हर स्तर पर रिहर्सल शुरू हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड में चकराता में 22 गांवों में मकानों का सर्वेक्षण कर गणना की जा चुकी है। मैदानी जिलों में जनगणना के लिए हरिद्वार को चुना गया था। यहां हरिद्वार नगर निगम के एक वार्ड में मकानों का ब्योरा तैयार किया जा चुका है। नई जनगणना में सामने आएगी तस्वीर वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तराखंड की जनंसख्या महज 1.01 करोड़ आंकी गई थी। राज्य के विकास से जुड़ी योजनाएं, विभिन्न कल्याणकारी पेंशन, सब्सिड़ी आदि योजनाओं का आंकलन भी इसी के आधार पर किया जा रहा है। जबकि पिछले 14 साल में राज्य की जनसंख्या काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। प्रमाणिक संख्या आने से राज्य में विकास योजनाओं का आकार और लक्ष्य तय करना आसान हो जाएगा। वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान राज्य में कुल परिवार-घरों की संख्या को 19 से 20 लाख के करीब दर्ज किया गया था। हालिया कुछ वर्षों में उत्तराखंड में शहरीकरण तेजी से बढ़ा है।

नए साल में मौज ही मौज: 2026 में वीकेंड पर पड़ेंगे कई फेस्टिवल, मिलेंगी ज्यादा छुट्टियां

 नई दिल्ली नया साल 2026 आने में अब बस कुछ ही दिन रह गए हैं. पुराना साल खत्म होते ही सारी छुट्टियां खत्म हो जाएंगी और नए कैलेंडर में फिर से नई छुट्टियां और फेस्टिवल अपडेट हो जाएंगे. अब ऐसे में सबसे पहले ये देखना होता है कि वीकेंड यानी शनिवार और रविवार की छुट्टी के दिन नए साल में कौन-कौन से पर्व त्योहार पड़ रहे हैं. क्योंकि वीकेंड से एक दिन आगे या पीछे त्योहार होने से जहां छुट्टियां बढ़ जाती हैं. वहीं अगर साप्ताहिक अवकाश के दिन फेस्टिव हॉलिडे पड़ जाए तो मजा किरकिरा हो जाता है.  अगले साल 2026 में कई ऐसे त्योहार हैं, जो शनिवार और रविवार को मनाए जाएंगे. ऐसे में इनकी अलग से छुट्टी मिलने वाली नहीं है. ये हमारे साप्ताहिक अवकाश में ही समायोजित हो जाएंगे. अगले साल 8 ऐसे फेस्टिवल हैं जो शनिवार और रविवार के दिन आएंगे.     पहले महीने शनिवार-रविवार को नहीं है कोई फेस्टिवल 2026 में पहले महीने यानी जनवरी में कोई त्योहार या राष्ट्रीय पर्व शनिवार या रविवार को नहीं है. फरवरी में दो-दो हॉलिडे रविवार को आ रहे हैं. महीने के पहले ही दिन यानी 1 फरवरी रविवार को रविदास जयंती है. वहीं 15 फरवरी (रविवार) को महाशिवरात्रि है. ये है लिस्ट 1 फरवरी (रविवार ) – रविदास जयंती 15 फरवरी (रविवार)- महाशिवरात्रि 21 मार्च (शनिवार) को ईद (चांद नजर आने पर निर्भर करेगा) 5 अप्रैल (रविवार) – इस्टर डे 15 अगस्त (शनिवार) – स्वतंत्रता दिवस 17-20 अक्टूबर – दुर्गा पूजा इसमें रविवार और शनिवार  8 नवंबर (रविवार) दिवाली 15 नवंबर (रविवार) छठ पूजा मार्च में भी एक त्योहार ऐसा है जो शनिवार या रविवार को हो सकता है. 21 मार्च को शनिवार है और भारत में इस दिन ईद मनाए जाने की संभावना है. वैसे यह पूरी तरह से चांद के दिखाई देने पर निर्भर करता है.  इसी तरह 5 अप्रैल को रविवार के दिन इस्टर डे की छुट्टी रहेगी.  दिवाली और छठ भी रविवार को अगले साल 2026 में  15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस भी शनिवार के दिन है. इसी तरह अक्टूबर में 17 से 20 अक्टूबर तक चार दिन तक मनाए जाने वाले शारदीय नवरात्र यानी दुर्गापूजा के दौरान भी शनिवार और रविवार की छुट्टी आ जाएगी. इसके अलावा नवंबर में दो बड़े फेस्टिवाल दिवाली और छठ पूजा भी रविवार को ही है.

भारत-चीन संबंधों पर अमेरिकी रिपोर्ट से भड़का ड्रैगन, वॉशिंगटन को सुनाई खरी-खरी

बीजिंग  अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) की हालिया वार्षिक रिपोर्ट में चीन-भारत संबंधों का उल्लेख किए जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन संभवतः भारत के साथ एलएसी पर तनाव कम होने का लाभ उठाकर द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करना चाहता है तथा अमेरिका-भारत संबंधों को और अधिक मजबूत होने से रोकना चाहता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने गुरुवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि चीन अपनी राष्ट्रीय रक्षा नीति को लेकर पेंटागन की टिप्पणियों का पुरजोर विरोध करता है। लिन जियान ने स्पष्ट किया कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखता है। उन्होंने यह बयान एक सवाल के जवाब में दिया। उनसे पूछा गया कि क्या चीन विवादित सीमा क्षेत्रों में भारत के साथ तनाव कम होने का फायदा उठाकर अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते संबंधों को रोकने की कोशिश करेगा? इस पर प्रवक्ता ने कहा- चीन भारत के साथ संबंधों को स्थिर और दीर्घकालिक आधार पर विकसित करने पर जोर देता है। हम किसी तीसरे देश को निशाना नहीं बनाते। भारत के साथ रणनीतिक संबंध… चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार- चीन भारत के साथ रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य से संबंधों को देखता है और उन्हें संभालता है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि चीन भारत के साथ संवाद को मजबूत करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर, स्वस्थ तथा स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। यह बयान पेंटागन की 2025 की रिपोर्ट "मिलिट्री एंड सिक्योरिटी डेवलपमेंट्स इन्वॉल्विंग द पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना" के संदर्भ में आया है, जिसमें कहा गया है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव कम होने के बाद चीन भारत के साथ संबंधों को स्थिर करने का प्रयास कर रहा है, ताकि भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक गठजोड़ को गहराने से रोका जा सके। रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश को चीन के कोर इंटरेस्ट का हिस्सा बताया गया है, साथ ही पाकिस्तान के साथ चीन के बढ़ते सैन्य सहयोग का भी जिक्र है। अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार:     अक्टूबर 2024 में भारत-चीन के बीच एलएसी पर डिसएंगेजमेंट समझौता हुआ, जो तनाव कम करने की दिशा में कदम है।     लेकिन चीन इसे सामरिक रूप से इस्तेमाल कर भारत-अमेरिका संबंधों को सीमित करने की कोशिश कर रहा है।     चीन अरुणाचल प्रदेश को अपना कोर इंटरेस्ट मानता है, जो ताइवान और दक्षिण चीन सागर जैसे मुद्दों के समान है।     चीन ने पाकिस्तान को जे-10सी फाइटर जेट्स और अन्य हथियार सप्लाई किए हैं, जिससे भारत पर दो मोर्चों से दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत चीन के इरादों पर सतर्क है और दोनों देशों के बीच आपसी अविश्वास बना हुआ है, जो द्विपक्षीय संबंधों को सीमित करता है। चीन की रक्षा नीति पर विवाद चीन ने पेंटागन की रिपोर्ट को तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी रिपोर्ट चीन की रक्षा नीति को गलत तरीके से पेश करती है और अनावश्यक अटकलें लगाती है। चीन हमेशा से शांतिपूर्ण विकास और रक्षात्मक रक्षा नीति पर जोर देता रहा है। भारत-चीन संबंध हाल के महीनों में भारत और चीन के बीच सीमा तनाव में कमी आई है। अक्टूबर 2024 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन पर उच्चस्तरीय बातचीत शुरू की। डायरेक्ट फ्लाइट्स, वीजा सुविधा और कैलाश मानसरोवर यात्रा जैसे कदम उठाए गए हैं। हालांकि, पेंटागन रिपोर्ट के अनुसार, यह शांति सामरिक है न कि परिवर्तनकारी।

वीडियो विवाद के बाद बवाल: आसिम मुनीर के गुस्से का शिकार बना इमरान खान का पूर्व सलाहकार, लंदन में जानलेवा हमला

लंदन  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी और पूर्व जवाबदेही सलाहकार मिर्जा शहजाद अकबर पर ब्रिटेन के कैम्ब्रिज में उनके घर के पास नकाबपोश हमलावरों ने जानलेवा हमला किया। हमले में अकबर के चेहरे पर कई मुक्के मारे गए, जिससे उनकी नाक दो जगहों से टूट गई और जबड़े में हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया। वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे सुनियोजित हमला करार दिया। पार्टी के अनुसार, हमलावर मास्क, दस्ताने और ओवरकोट पहने हुए था जो पहले से प्लानिंग का संकेत देता है। पीटीआई का दावा है कि हमला पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के इशारे पर किया गया, क्योंकि अकबर उनकी कट्टर आलोचना करते रहे हैं। वायरल भाषण के बाद हमला हमला ऐसे समय हुआ जब अकबर का एक हालिया भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। लंदन में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर एक प्रदर्शन में अकबर ने मुनीर पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि मुनिर पिछले साढ़े तीन वर्षों से पाकिस्तान को डर और आतंक से चला रहे हैं। अकबर ने अपने भाषण में कहा- उन्होंने हमारे घरों पर हमला किया, हमारे प्रियजनों को अगवा किया, हमें और हमारे नेताओं को अगवा किया। हर तरह की ज्यादतियां कीं ताकि हममें डर पैदा हो। अगर वे सफल होते तो आज हम यहां बड़ी संख्या में न होते। अगर उनका डर फैल जाता तो अदियाला जेल के बाहर इमरान खान की तीन बहनें न बैठी होतीं। इसका मतलब है कि वे असफल हो चुके हैं। उन्होंने मुनीर पर व्यंग्य करते हुए कहा- डर और आतंक उस व्यक्ति में फैल गया है जो अभी भी अपनी यूनिफॉर्म के नीचे बुलेटप्रूफ जैकेट पहनता है। पीटीआई का कहना है कि यह हमला इसी भाषण का बदला है और इसे सिलसिलेवार दमन का मामला बताया जा रहा है। पार्टी ने ब्रिटिश पुलिस से पूरी जांच की मांग की है। प्रत्यर्पण की कोशिशें और पुराना हमला अकबर 2022 में इमरान खान की सरकार गिरने के बाद से ब्रिटेन में स्व-निर्वासन में रह रहे हैं। पाकिस्तान सरकार उन्हें विभिन्न मामलों में आरोपी मानती है और हाल ही में उनका प्रत्यर्पण मांग रही है। दिसंबर में पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ब्रिटिश अधिकारियों को प्रत्यर्पण दस्तावेज सौंपे थे, जिसमें नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी), फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) और अन्य जांचों के केस शामिल हैं। पाकिस्तानी अदालत ने अकबर को भगोड़ा घोषित किया है। यह अकबर पर ब्रिटेन में दूसरा हमला है। 2023 में हर्टफोर्डशायर में उनके घर पर एसिड अटैक हुआ था, जिसमें उनके चेहरे, सिर और बांह पर जलन के निशान पड़ गए थे। उस हमले के बाद उन्होंने पाकिस्तानी सरकार पर आरोप लगाए थे, लेकिन ब्रिटिश पुलिस जांच बंद कर चुकी है। अकबर के समर्थकों और पीटीआई ने इसे पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व द्वारा विदेशों में आलोचकों को निशाना बनाने का उदाहरण बताया है। मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है कि राजनीतिक असहमति को दबाने के लिए ट्रांसनेशनल दमन बढ़ रहा है। ब्रिटिश पुलिस ने हमले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज आदि सुरक्षित कर लिए हैं। अकबर ने हमले के बाद कहा कि वे घायल हैं लेकिन हतोत्साहित नहीं। वे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

भारतीय सेना की सोशल मीडिया पॉलिसी में बड़ा बदलाव, जवानों की इंस्टाग्राम पोस्टिंग पर रोक

नई दिल्ली  भारतीय सेना ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर अपनी नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब सेना के जवान और अधिकारी इंस्टाग्राम का उपयोग केवल देखने और निगरानी के उद्देश्य से कर सकेंगे। वे किसी भी प्रकार की पोस्ट नहीं कर पाएंगे और न ही किसी पोस्ट को लाइक या उस पर टिप्पणी कर सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, डिजिटल गतिविधियों को लेकर सेना के लिए पहले से लागू सभी अन्य नियम यथावत रहेंगे। सूत्रों ने बताया कि ये निर्देश सेना की सभी यूनिटों और विभागों को जारी कर दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सैनिकों को सोशल मीडिया पर मौजूद सामग्री को देखने, उससे अवगत रहने और सूचनाएं जुटाने की सीमित अनुमति देना है, ताकि वे फर्जी या भ्रामक कंटेंट को पहचान सकें। नई व्यवस्था के तहत, सैनिक यदि सोशल मीडिया पर किसी फर्जी, भ्रामक या संदिग्ध पोस्ट को देखते हैं तो वे उसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दे सकेंगे। इससे सूचना युद्ध और दुष्प्रचार के खिलाफ सेना की आंतरिक सतर्कता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। भारतीय सेना समय-समय पर फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी करती रही है। सुरक्षा कारणों से पहले इन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। हनी ट्रैप और सूचना लीक के चलते सख्ती इन सख्त नियमों की पृष्ठभूमि में ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिनमें विदेशी एजेंसियों द्वारा बिछाए गए ‘हनी ट्रैप’ में फंसकर कुछ सैनिकों से अनजाने में संवेदनशील जानकारियां लीक हो गई थीं। इसी को देखते हुए सोशल मीडिया पर नियंत्रण को आवश्यक माना गया। हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चाणक्य डिफेंस डायलॉग के दौरान सेना कर्मियों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर अपने विचार साझा किए थे। कार्यक्रम के दौरान उनसे पूछा गया कि जेनरेशन-Z के युवा सेना में आना चाहते हैं, लेकिन सेना और सोशल मीडिया के बीच एक विरोधाभास दिखाई देता है। इस पर जनरल द्विवेदी ने कहा, “यह वास्तव में एक चुनौती है। जब युवा कैडेट NDA आते हैं, तो सबसे पहले अपने कमरों में छिपे फोन ढूंढते हैं। उन्हें यह समझाने में तीन से छह महीने लगते हैं कि फोन के बिना भी जीवन है।” हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आज के दौर में स्मार्टफोन एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा, “मैं सैनिकों को स्मार्टफोन से कभी मना नहीं करता। हम अक्सर फील्ड में रहते हैं। बच्चे की स्कूल फीस भरनी हो, माता-पिता की तबीयत जाननी हो या पत्नी से बात करनी हो, ये सब फोन के जरिए ही संभव है।” सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने को लेकर सेना प्रमुख ने कहा कि ‘रिएक्ट करना’ और ‘रिस्पॉन्ड करना’ दो अलग बातें हैं। उन्होंने बताया, “रिएक्ट करना मतलब तुरंत जवाब देना, जबकि रिस्पॉन्ड करना मतलब सोच-समझकर जवाब देना। हम नहीं चाहते कि हमारे सैनिक जल्दबाजी में किसी बहस में उलझें। इसलिए उन्हें एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर सिर्फ देखने की अनुमति दी गई है, जवाब देने की नहीं।” पहले भी लग चुके हैं कड़े प्रतिबंध 2017 में तत्कालीन रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने संसद को बताया था कि ये दिशा-निर्देश सूचनाओं की सुरक्षा और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए बनाए गए हैं। 2019 तक सेना के जवान किसी भी सोशल मीडिया ग्रुप का हिस्सा नहीं बन सकते थे। 2020 में नियम और सख्त किए गए और सैनिकों को फेसबुक व इंस्टाग्राम समेत 89 मोबाइल ऐप्स हटाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, इसके बावजूद सेना ने कुछ प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, यूट्यूब, एक्स, लिंक्डइन, क्वोरा, टेलीग्राम और व्हाट्सऐ के सीमित इस्तेमाल की अनुमति दी, वह भी कड़े निगरानी तंत्र के तहत।  

जयंती विशेष: मीनार-ए-पाकिस्तान पर अटल की ऐतिहासिक पुकार, शांति और दोस्ती का सीधा संदेश

नई दिल्ली  आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जन्म जयंती है। हमारा देश आज अपने पूर्व प्रधानमंत्री को ही नहीं बल्कि एक प्रखर वक्ता और ओजस्वी कवि को भी याद कर रहा है। उनका पूरा जीवन जमीन से उठकर भारत की सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठने तक ही सीमित नहीं है। वह एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने दक्षिण एशिया में शांति के लिए एक नया प्रयास करने की कोशिश की थी। उनकी जन्म जयंती पर चलिए जानते हैं एक ऐसे ही किस्से को… आजादी के बाद से ही पाकिस्तान की सेना और उनके राजनेताओं के मन में एक बड़ा डर यह था कि भारत उन्हें अपने में समाहित कर लेना चाहता है। भारत की कथित दक्षिण पंथी पार्टी भाजपा को लेकर उनका यह डर और भी ज्यादा था। ऐसे में अटल बिहारी वाजपेयी जब थोड़ी मजबूती के साथ सत्ता में आए तो उन्होंने पाकिस्तान के इस डर को खत्म करने की कोशिश की। इसी कोशिश के तरह वह 1999 में अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान मीनार-ए-पाकिस्तान गए। यह वही जगह थी, जिसे पाकिस्तान की नींव माना जाता है। यहां पर खड़े होकर अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत और पाकिस्तान दोनों की जनता का एक साझा संदेश दिया। उन्होंने कहा था, "हम दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं" अटल का यह बयान केवल एक कूटनीतिक बयान नहीं था, बल्कि दोनों देशों की जनता के बीच में परस्पर भरोसे की अपील थी। उस समय पर उन्होंने साफ कर दिया कि भारत, पाकिस्तान की संप्रभुता का सम्मान करता है, लेकिन आतंक और हिंसा के रास्ते को स्वीकार नहीं किया जा सकता। दोनों देशों को साथ में आगे बढ़ने के लिए शांति और संवाद का रास्ता अपनाना होगा। मीनार-ए-पाकिस्तान पर जाकर जनता को संबोधित करना अटल बिहारी वाजपेयी के लिए एक राजनीतिक चुनौती थी। क्योंकि एक दक्षिण पंथी छवि वाले प्रधानमंत्री का उस दौर में वहां जाना आसान नहीं था। देश के भीतर भी अटल की इस यात्रा को लेकर सवाल उठे लेकिन वह अपने विश्वास पर कायम रहे। अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान से समझौता करने के कई प्रयास किए, लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। बस यात्रा को खत्म कर वापस आए अटल को कुछ महीनों बाद ही जानकारी मिली कि पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया है। इसके बाद दोनों देशों के संबंध लगातार खराब होते रहे। पाकिस्तान की सत्ता चाहें कितना भी चाह ले कि भारत के साथ संबंध मजबूत हों, शांति पूर्ण हों, लेकिन पाकिस्तानी सेना को यह रास नहीं आता है।  

भीषण सड़क हादसा कर्नाटक में, बस में आग लगने से 9 जिंदा जले

चित्रदुर्ग कर्नाटक के चित्रदुर्ग में बृहस्पतिवार तड़के भीषण सड़क हादसा हुआ. हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. यह हादसा उस वक्त हुआ जब एक लॉरी और एक प्राइवेट ट्रैवल बस के बीच जोरदार टक्कर हुई. टक्कर के बाद बस और लॉरी दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई. इस हादसे में बस पूरी तरह जल गई, जिससे कई यात्रियों की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार कर्नाटक में एक लॉरी एक प्राइवेट ट्रैवल्स बस से टकरा गई और उसमें आग लग गई. इस हादसे में बस पूरी तरह जल गई जिससे बस में सवार कई यात्रियों की मौत हो गई. यात्रियों को लेकर बस बेंगलुरु से शिवमोग्गा होते हुए गोकर्ण जा रही थी. हादसा हिरियुर गोरलाट्टू क्रॉस के जवनगोंडानहल्ली में हुआ. लॉरी से टकराने के बाद बस से अचानक आग की लपटें उठने लगी. जैसे ही यात्रियों ने भागने की कोशिश की आग ने सभी को अपनी चपेट में ले लिया. आग इतनी विकराल थी कि कई जिंदगियां समाप्त हो गईं. यह हादसा आज गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हुआ. इस हादसे पर अधिकारियों का कहना है कि लॉरी ड्राइवर समेत कम से कम 9 से यात्रियों की मौत हो गई. खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और बचाव अभियान चलाया गया. वहीं, यह भी जानकारी सामने आई है कि हादसे के समय बस में 30 यात्री सवार थे. हादसे के बारे में और अपडेट का इंतजार है. अधिकारी का बयान एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कुमारस्वामी बी.टी. का मीडिया को दिये बयान में कहा,'बेंगलुरु से गोकर्ण जा रही एक बस का एक्सीडेंट हो गया. एक लॉरी उल्टी दिशा से आ रही थी और बस से टकरा गई, जिससे यह एक्सीडेंट हुआ. लॉरी ड्राइवर की मौत हो गई और उसके शव को हॉस्पिटल के मॉर्चरी में रखवा दिया गया है. इस दुर्घटना में बुजुर्गों समेत 12 घायल लोगों को सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. 9 लोगों को तुमकुरु के सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि बस में 30 से ज्यादा पैसेंजर थे. यह लॉरी ड्राइवर की लापरवाही की वजह से हुआ. शवों की पहचान करने का काम किया जाना है.' बता दें कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में भी कुछ इसी तरह की दुर्घटना हुई थी.

टोरंटो में भयावह घटना: भारतीय महिला का शव घर में मिला, पार्टनर गफूर की तलाश जारी

टोरंटो  कनाडा के टोरंटो में एक भारतीय महिला की हत्या का मामला सामने आया है। भारतीय दूतावास ने इस मामले की पुष्टि करते हुए दुख जताया है। टोरंटो पुलिस ने महिला के पार्टनर अब्दुल गफूर की तलाश शुरू कर दी है। वह वारदात के बाद से फरार है। भारतीय दूतावास ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय युवा नागिरक हिमांशी खुराना की मौत दुखद है। यह सूचना परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है। इस घड़ी में हम सब उनके साथ हैं। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए भारतीय दूतावास हर संभव मदद करेगा। पुलिस ने पार्टनर के खिलाफ जारी किया वारंट     टोरंटो पुलिस को शुक्रवार देर रात जानकारी दी गई थी कि 30 वर्षीय हिमांशी खुराना मिल नहीं रही है। उससे किसी भी तरह का कॉन्टैक्ट नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पुलिस ने जांच शुरू की। 19 दिसंबर की रात उसकी तलाश शुरू हुई। 20 दिसंबर की सुबह उसका शव घर अंदर ही मिला।     पुलिस ने हिमांशी के पार्टनर अब्दुल गफूर के बारे में पता चला, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं था। उसको तलाश किया गया, लेकिन वह घटना के बाद से ही फरार था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। गफूरी की तलाश में जुटी पुलिस कनाडा पुलिस ने जानकारी दी कि पीड़िता और आरोपी रिलेशन में थे। उसकी हत्या के बाद से ही वह फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। अभी उसके खिलाफ फर्स्ट डिग्री वारंट जारी किया है। उसका गुनाह साबित होने पर गैर-जमानती आजीवन कारावास की सजा मिलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी का क्रिसमस संदेश: दया, उम्मीद और समाज में सामंजस्य का आग्रह

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोगों को क्रिसमस की हार्दिक बधाई दी. इस मौके पर शांति, दया और उम्मीद की कामना की. X पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने लिखा, "सभी को शांति, दया और उम्मीद से भरे क्रिसमस की शुभकामनाएं. ईसा मसीह की शिक्षाएं हमारे समाज में मेलजोल को मजबूत करें." PM के संदेश में ईसा मसीह की शिक्षाओं से जुड़े प्यार, सेवा और भाईचारे के हमेशा रहने वाले मूल्यों और सामाजिक मेलजोल और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने में उनकी अहमियत पर जोर दिया गया. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहाकि देश भर के शहरों को रोशनी, घंटियों और फूलों की मालाओं से सजाया गया है, क्योंकि लोग क्रिसमस की खुशी में डूबे हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली के कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में क्रिसमस की सुबह की प्रार्थना में हिस्सा लिया. PM नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, "दिल्ली में द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन में क्रिसमस की सुबह की सर्विस में शामिल हुआ. सर्विस में प्यार, शांति और दया का हमेशा रहने वाला संदेश दिखा. क्रिसमस की भावना हमारे समाज में मेलजोल और सद्भावना जगाए." प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने भी X पर एक पोस्ट शेयर करके अपनी शुभकामनाएं दीं. अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, "क्रिसमस के इस पावन मौके पर, मैं सभी देशवासियों, खासकर ईसाई समुदाय के भाइयों और बहनों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देती हूं. क्रिसमस, खुशी और उत्साह का त्योहार है, जो प्यार और दया का संदेश देता है. यह हमें प्रभु यीशु मसीह द्वारा मानवता की भलाई के लिए किए गए बलिदान की याद दिलाता है. यह पवित्र मौका हमें समाज में शांति, सद्भाव, बराबरी और सेवा के मूल्यों को और मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है. आइए हम यीशु मसीह के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लें और एक ऐसा समाज बनाने की दिशा में काम करें जो दया और आपसी सद्भाव को बढ़ावा दे." मार्केट के स्टोरफ्रंट को सांता क्लॉज की स्लेज, घंटियों, झालरों, सजावटी मालाओं, चमकते सितारों और क्रिसमस ट्री से सजाया गया है. देश त्योहार की भावना और खुशी से भरा हुआ है, क्योंकि हर कोई आने वाली छुट्टियों की तैयारी कर रहा है. क्रिसमस हर साल 25 दिसंबर को पड़ता है, और इसे खुशी, आनंद और दया के साथ मनाया जाता है. यह ईसा मसीह के जन्म की निशानी है और शांति, प्यार और मेलजोल का संदेश देता है. इस मौके पर, परिवार खाना खाने, तोहफों का लेनदेन करने, क्रिसमस कैरल गाने और ठंड के मौसम में गर्मी फैलाने के लिए इकट्ठा होते हैं. चर्च में खास प्रार्थना होती है, जिससे विश्वास और उम्मीद का माहौल बनता है. यह त्योहार दुनिया भर में बहुत जोश के साथ मनाया जाता है और ईसाइयों के लिए इसका खास महत्व है.