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वक्फ संपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी चेतावनी—‘UMEED’ पर डेटा न अपलोड किया तो भुगतनी पड़ेगी सजा

नई दिल्ली  वक्फ की संपत्तियों की डीटेल 'UMEED' पोर्टल पर अपलोड करने की समय सीमा बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि वे संबंधित ट्राइब्यूनल में जाकर अपनी बात रखें। बता दें कि समय सीमा बढ़ाने वाली याचिकाओं में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोल्ड (AIMPLB) और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी की याचिका भी शामिल थी। वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 5 दिसंबर तक का समय दिया गया है। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति या संस्था को सजा भी हो सकती है।   इससे पहले 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को पूरी तरह से स्थगित करने से इनकार कर दिया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रावधानों पर रोक लगाई थी। नियमों के मुताबिक वक्फ संपत्ति ना अपलोड करने वालों को छह माह की सजा और 20 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जो लोग संपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज नहीं करवाएंगे उनकी संपत्ति का दर्जा खत्म कर दिया जाएगा और बाद में केवल वक्फ ट्राइब्यूनल के आदेश पर ही दोबारा पंजीकरण किया जा सकेगा।  

Maths के सवाल ने फंसा दिया 660 ट्रेनी IAS को, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया चुनौतीपूर्ण सवाल

 मसूरी रक्षामंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड के मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) पहुंचे. 100वें फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह में बोलते हुए उन्होंने वहां ट्रेनी IAS को संबोधित किया और इस दौरान एक गणित का सवाल पूछ लिया. सवाल सुनकर एक बार तो सभागार में मौजूद सभी ट्रेनी आईएएस चकित रह गए. सिविल सर्विसेज के एक दो अफसरों ने गलत जवाब दिया तो रक्षामंत्री ने कहा कि दोबारा कोशिश करने के लिए कहा.  दरअसल, राजनाथ सिंह ने पूछा, ''किसी व्यक्ति के पास इतना पैसा था कि उसने उसका आधा A को दे दिया. वन थर्ड B को दे दिया, जो बाकी अमाउंट 100 पैसा बचा था वो C को दे दिया. बताइए टोटल अमाउंट कितना था? कोई बता सकता है?''  रक्षामंत्री के सवाल पूछते ही सभागार में किसी की आवाज नहीं आई. फिर से उन्होंने एक प्रोफेसर की तरह सवाल को दोहराया. फिर एक ट्रेनी आईएएस ने जवाब दिया- 3000. यह सुनकर रक्षामंत्री ने मंद-मंद मुस्कुराते हुए सिर हिलाया और कहा कि गलत. फिर से कोशिश करिए.  इसके बाद सभागार में एक और आवाज सुनाई दी. जब एक ट्रेनी अधिकारी ने सही जवाब 'सिक्स हंड्रेड' बताया, तो रक्षा मंत्री ने खुद ही गणितीय तरीके से सवाल का समाधान समझाया.  राजनाथ ने बताया, कुल राशि को A मान लेते हैं.  राम (अ) को दी गई राशि= A/2  श्याम (ब) को दी गई राशि= A/3  दी गई कुल राशि= A/2 + A/3 = 5A/6 शेष बची राशि= A- 5A/6 = 100 इसका हल निकला: A = 600 आस्था और विश्वास का संदेशमैथ्स का समाधान बताने के बाद राजनाथ सिंह ने इस घटना को आस्था और विश्वास से जोड़ा और कहा, "मैथमेटिकल प्रॉब्लम! यानी इस विश्वास के आधार मैंने मान लिया A हो ही नहीं सकता, लेकिन मान लिया कि A है. कभी-कभी आस्था और विश्वास से भी बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है, होता है, हो नहीं सकता, होता है, होता रहेगा."  बता दें कि 19 सिविल सर्विसेज के 660 ऑफिसर ट्रेनी के साथ 100वां फाउंडेशन कोर्स इसी साल 25 अगस्त को LBSNAA मसूरी में शुरू हुआ था और14 हफ़्ते का यह कोर्स 28 नवंबर को खत्म हो गया.  

रेलवे ने बदली तत्काल टिकट प्रक्रिया: 1 दिसंबर से नया सिस्टम शुरू

नई दिल्ली 1 दिसंबर 2025 से भारतीय रेलवे, बैंकिंग और दूरसंचार सेक्टर में यात्रियों, ग्राहकों और कारोबारियों के लिए कई बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। रेलवे से लेकर बैंक और मोबाइल तक, इन नई नीतियों का मकसद सुरक्षा बढ़ाना, फर्जी गतिविधियों को रोकना और सेवा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है। रेलवे तत्काल टिकट पर OTP अनिवार्य भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब 1 दिसंबर से तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान OTP अनिवार्य होगा। शुरुआत मुंबई सेंट्रल-अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस से की जा रही है। टिकट बुक करते समय रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया OTP दर्ज किए बिना बुकिंग पूरी नहीं होगी। रेलवे का कहना है कि इससे फर्जी मोबाइल नंबर और अवैध बुकिंग पर रोक लगेगी, और सच में यात्रा करने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा। यह नया नियम IRCTC वेबसाइट, मोबाइल ऐप, कंप्यूटरीकृत रेलवे काउंटर और अधिकृत एजेंटों सभी पर लागू होगा। यात्री ध्यान दें: बुकिंग से पहले अपना मोबाइल नंबर अपडेट करना जरूरी है। OTP उसी नंबर पर आएगा, और बुकिंग के दौरान नंबर बदलना संभव नहीं होगा। SBI ATM और एमकैश में बदलाव 1 दिसंबर से SBI ATM ट्रांजैक्शन शुल्क में बदलाव होगा। वेतन खाताधारकों के लिए 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन होंगे, इसके बाद प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये शुल्क लगेगा। बचत खाताधारकों के लिए 5 मुफ्त लेन-देन की सीमा तय की गई है। साथ ही, SBI ने YONO Lite और Online SBI पर एमकैश सेवा बंद करने का निर्णय लिया है। अब ग्राहक UPI, IMPS, NEFT और RTGS के जरिए ही पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे। GST रिटर्न में कड़ी सख्ती GSTN ने घोषणा की है कि जिन व्यापारियों ने पिछले तीन या उससे अधिक वर्षों के रिटर्न नहीं भरे हैं, वे दिसंबर से आगे रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे। पुराने रिटर्न अपडेट करना जरूरी होगा, तभी आगे का टैक्स फाइलिंग संभव होगी। कॉलर का असली नाम अब स्क्रीन पर दूरसंचार विभाग 15 दिसंबर से CNAP लागू करेगा। इसके बाद कॉल आने पर कॉलर का वही नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा जो उसने KYC में दर्ज किया है। इस बदलाव से स्पैम और फर्जी कॉल्स पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं की सुरक्षा बढ़ेगी।

बैंकिंग काम न करें पेंडिंग: दिसंबर में 18 दिनों की छुट्टियाँ घोषित

नई दिल्ली दिसंबर का महीना शुरू होते ही बैंकों का छुट्टियों का कैलेंडर भी सामने आ गया है. इस बार पूरे देश में अलग-अलग राज्यों को मिलाकर कुल 18 दिन बैंक बंद रहेंगे. हर हफ्ते के 4 रविवार और दूसरे तथा चौथे शनिवार के अलावा कई राज्यों में अपनी-अपनी स्थानीय छुट्टियों की वजह से बैंकिंग कामकाज ठप रहेगा. अगर आप दिसंबर में कोई जरूरी बैंकिंग काम करने की सोच रहे हैं, तो पहले यह लिस्ट देख लेना बेहतर होगा. आरबीआई के कैलेंडर के हिसाब से अलग-अलग तारीखों पर अलग वजहों से बैंक बंद रहेंगे. कही उद्घाटन दिवस तो कही स्थानीय पर्व, कही क्रिसमस से जुडी छुट्टियां तो कही राज्य स्तरीय समारोह, इन सभी की वजह से कई शहरों में ब्रांचें नहीं खुलेंगी. नीचे दी गयी तारीखों की सूची देखकर आप अपने राज्य में किस दिन बैंक बंद मिलेगा, यह आराम से समझ सकते हैं. जानिए दिसंबर में बैंक कब-कब बैंक बंद रहेंगे 1 दिसंबर: अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में उद्घाटन दिवस और स्वदेशी आस्था दिवस पर बैंक बंद रहेंगे. 3 दिसंबर: गोवा में सेंट फ्रांसिस जेवियर पर्व की वजह से सभी बैंक बंद रहेंगे. 7 दिसंबर:रविवार होने के कारण पूरे देश में बैंकिंग कामकाज नहीं होगा. 12 दिसंबर: मेघालय में पा तोगन नेंगमिंजा संगमा पुण्यतिथि पर स्थानीय छुट्टी रहेगी. 13 दिसंबर: दूसरा शनिवार होने से सभी राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. 14 दिसंबर: रविवार है, इसलिए सभी जगह बैंक नहीं खुलेंगे. 18 दिसंबर: छत्तीसगढ और मेघालय में सोसो थाम पुण्यतिथि पर छुट्टी रहेगी. 19 दिसंबर: गोवा में गोवा मुक्ति दिवस के मौके पर बैंक बंद रहेंगे. 20 दिसंबर: सिक्किम में लोसूंग–नामसूंग पर्व की वजह से बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी. 21 दिसंबर: रविवार है, इसलिए पूरे देश के बैंक बंद रहेंगे. 22 दिसंबर: सिक्किम में लोसूंग–नामसूंग का दूसरा दिन भी बैंक बंद रहेंगे. 24 दिसंबर: मिजोरम, नागालैंड और मेघालय में क्रिसमस सेलिब्रेशन के कारण छुट्टी होगी. 25 दिसंबर: क्रिसमस पर पूरे देश में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी. 26 दिसंबर: मिजोरम, नागालैंड और मेघालय में क्रिसमस सेलिब्रेशन का दूसरा दिन भी छुट्टी रहेगी. 27 दिसंबर: चौथा शनिवार है, इसलिए सभी राज्यों में बैंक बंद रहेंगे. 28 दिसंबर: रविवार को सभी जगह बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी. 30 दिसंबर: मेघालय में यू कियांग नांगबाह दिवस पर स्थानीय छुट्टी रहेगी. 31 दिसंबर: मिजोरम और मणिपुर में नए साल के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे. बैंक बंद होने के बावजूद ऑनलाइन सेवाएं जैसे UPI, IMPS, NEFT, RTGS बिल्कुल पहले की तरह चलती रहेंगी. यानी पैसों का लेनदेन, बिल पेमेंट और बाकी डिजिटल कामों पर इन छुट्टियों का कोई असर नहीं पडेगा. एटीएम भी पूरे महीने चालू रहेंगे. दिसंबर में शेयर बाजार में भी कुल 9 दिन कामकाज बंद रहेगा. बीएसई के अनुसार हर रविवार और शनिवार के साथ-साथ 25 दिसंबर को क्रिसमस पर भी ट्रेडिंग नहीं होगी.

IMD का बड़ा अपडेट: 1 और 2 दिसंबर को इन राज्यों में होगी भारी बारिश

नई दिल्ली मानसून का सीज़न इस बार बेहद शानदार रहा, जिसने देशभर में न सिर्फ पानी की कमी को दूर किया, बल्कि तापमान को भी ठंडा रखकर लोगों को गर्मी से राहत दी। हालांकि अब मौसम ने करवट बदल ली है। साइक्लोन Ditwah के असर से देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 और 2 दिसंबर को विभिन्न राज्यों में भारी बारिश और तूफ़ानी हवा का अलर्ट जारी किया है। केरल में मौसम का मिज़ाज मानसून की पहली दस्तक हमेशा की तरह केरल में हुई थी और राज्य में बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 1 और 2 दिसंबर को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश होगी। लोगों को जलभराव और तेज़ हवाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु में भी बढ़ी सावधानी तमिलनाडु में मानसून के दौरान हुई अच्छी बारिश का असर अब भी महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने 1 और 2 दिसंबर को कई जिलों में जमकर बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान बिजली गिरने और 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज़ हवा चलने की चेतावनी भी दी गई है। अन्य प्रभावित राज्यों और क्षेत्र तटीय आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार, माहे, पुडुचेरी, यनम और रायलसीमा में भी 1 और 2 दिसंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। तेज़ हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राजस्थान और दिल्ली में ठंड बढ़ेगी राजस्थान और दिल्ली में मानसून के बाद कुछ दिनों तक हल्की बारिश रही। अब मौसम विभाग ने इन राज्यों में शीत लहर की संभावना जताई है। खासकर सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने की चेतावनी दी गई है।  IMD ने सभी प्रभावित राज्यों में जनता से आग्रह किया है कि वे भारी बारिश, तेज़ हवाओं और बिजली गिरने के संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहें। इसके अलावा, ड्राइविंग और बाहरी गतिविधियों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्स की मुश्किलें बढ़ीं, H-1B वीजा के मामलों में रिकॉर्ड कमी, टाटा की कंपनी टॉप-5 में

नई दिल्ली भारत की टॉप 7 आईटी कंपनियों को इस साल अमेरिका में नए H-1B वीजा सिर्फ 4,573 पेटिशन ही मिले हैं, जो 2015 से 70% कम और पिछले साल से भी 37% कम है. नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी की रिपोर्ट के मुताबिक नए कर्मचारियों के लिए टॉप-5 कंपनियों में सिर्फ टीसीएस ही भारतीय कंपनी बची है. पुराने कर्मचारियों का वीजा रिन्यू कराने में भी सिर्फ टीसीएस टॉप-5 में है, लेकिन उसका रिजेक्शन रेट भी बढ़कर 7% हो गया जो पिछले साल 4% था. ये बाकी कंपनियों से काफी ज्यादा है. मतलब अमेरिका में इंडियन आईटी वालों के लिए नया वीजा लेना अब पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी के बाद भारतीयों के H2-1B वीजा में एक साल में ही 40 फीसदी के करीब कमी आ गई है। यूएससीआईएस के आंकड़ों के मुताबिक 2015 से अब तक H-1B वीजा की मंजूरी मिलने में 70 फीसदी की कमी आई है। वहीं एक साल में ही यह 37 फीसदी कम हो गया। भारत की पांच सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में टीसीएस के ही सबसे ज्यादा कर्मचारियों को एच-1बी वीजा मिला है। वहीं भारत की कंपनियों को कुल 4.5 हजार एच-1बी वीजा ही जारी हो सके हैं जो कि इस दशक में सबसे कम हैं। टीसीएस का भी रेजेक्शन रेट 7 फीसदी तक बढ़ गया है। 2024 में टीसीएस के 4 फीसदी ऐप्लिकेशन ही रद्द हुए थे। इस साल टीसीएस के 5293 कर्मचारियों को अमेरिका में अपनी नौकरी जारी रखने की अनुमति मिली है। वहीं भारत से अमेरिका जाने वाले कर्मचारियों की बात करें तो इस साल टीसीएस के केवल 846 लोगों को ही एच-1बी वीजा दिया गया है। 2024 में यह संख्या 1452 थी। अमेरिका में भारत की टॉप आईटी कंपनियों में पहले नंबर पर टीसीएस है जिसका रिजेक्शन रेट 7 फीसदी है। इन्फोसिस का रिजेक्शन रेट 1 पर्सेंट, एचसीएल अमेरिका का 1 फीसदी, एलटीआई माइंडट्री का 1 फीसदी और विप्रो का 2 फीसदी है। अमेरिका में एच-1बी वीजा के मामले में ऐमजॉन, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल सबसे आगे हैं। टॉप एच-1बी वीजा पिटिशन वाली 25 कंपनियों में केवल तीन भारत की कंपनी हैं। टीसीएस के अलावा बाकी कंपनियों का रिजेक्शन रेट कम है। इसकी वजह है कि कंपनियां अब आवेदन ही कम करवा रही हैं। एलन मस्क ने भी ट्रंप को दिखा दिया आईना अमेरिका में एच-1बी वीजा की नीति को लकर एलन मस्क ने बड़ा बयान दिया।उन्होंने कहा कि भारतीयों से अमेरिका ने खूब फायदा कमाया है। मस्क ने कहा कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय अप्रवासियों की प्रतिभा ने अमेरिका को बहुत लाभ पहुंचाया।उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक कंपनियों में शीर्ष पदों पर भारतीय मूल के लोग हैं। बता दें कि बीते कुछ समय से ही ट्रंप और मस्क के रिश्तों में दरार पड़ गई है। इस बार चुनाव में मस्क ने ट्रंप का खुलकर साथ दिया था। इसके बाद वह सरकार का हिस्सा भी थे। हालांकि अनबन के अब वे एक दूसरे पर हमलावर नजर आते हैं। इस साल अमेरिका में पुराने कर्मचारियों का H-1B वीजा रिन्यू कराने का रिजेक्शन रेट सिर्फ 1.9% रहा. लेकिन भारतीय कंपनियों में सिर्फ टीसीएस ही मजबूत दिखी, उसने 5,293 पुराने वीजा रिन्यू करवाए. नए कर्मचारियों के लिए टीसीएस को सिर्फ 846 H-1B मिले जो पिछले साल के 1,452 और 2023 के 1,174 से काफी कम हैं, हालांकि उसका रिजेक्शन रेट सिर्फ 2% रहा. कुल मिलाकर भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका में नया स्टाफ भेजना अब पहले से बहुत कठिन हो गया है. TCS का 2% एप्लीकेशन रिजेक्शन अब ज्यादातर H-1B एप्लीकेशन पुराने कर्मचारियों का वीजा बढ़वाने के लिए ही आ रहे हैं और इनमें रिजेक्शन बहुत कम हो रहा है. इंफोसिस, विप्रो और एलटीआईमाइंडट्री जैसी बड़ी कंपनियों का तो सिर्फ 1-2% ही एप्लीकेशन खारिज हुआ है. लेकिन नए लोगों को भेजने वाले आवेदन इस साल जमकर रिजेक्ट हो रहे हैं. बड़ी कंपनियों की बात करें तो टीसीएस का सिर्फ 2% एप्लीकेशन रिजेक्शन हुआ, जबकि एचसीएल अमेरिका का 6%, एलटीआईमाइंडट्री का 5% और कैपजेमिनी का 4% रिजेक्ट हो गया है. इमिग्रेशन प्लेटफॉर्म बियॉन्ड बॉर्डर ने दी ये जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लॉ फर्म बीटीजी अडवाया की पार्टनर मान्सी सिंह कहती हैं कि कंपनियां अब नए लोग लाने की कोशिश कम है और जो पहले से अमेरिका में हैं उन्हें ग्रीन कार्ड की लंबी लाइन में रखने में ज्यादा ध्यान दे रही हैं, यानी H-1B अब नई स्किल लाने का रास्ता कम ले रही है और पुराने कर्मचारियों को रोककर रखने का जरिया ज्यादा बन गया है. बेसिक चेकिंग में एप्लीकेशन फंसे इस रिपोर्ट के अनुसार, इमिग्रेशन प्लेटफॉर्म बियॉन्ड बॉर्डर ने बताया कि पिछले चार साल से लगातार “सॉफ्टवेयर इंजीनियर” कैटेगरी में लेबर सर्टिफिकेशन स्टेज पर ही अप्रूवल कम होते जा रहे हैं, यानी वीजा देने से पहले वाली बेसिक चेकिंग में ही भारतीयों के एप्लीकेशन फंस रहे हैं. कंपनी की हेड ऑफ लीगल कामिला फसान्हा कहती हैं कि इतना ज्यादा रिजेक्शन शायद इसलिए हो रहा क्योंकि अमेरिका अब H-1B प्रोग्राम पर पहले से कहीं ज्यादा सख्त और लंबा हो गया है, खासकर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और टेक जॉब्स के लिए. अभी तो पक्का सबूत नहीं है लेकिन लग रहा है कि पूरा सिस्टम ही भारतीय आईटी वालों के खिलाफ हो गया है. H-1B वीजा भारतीयों के लिए अहम है क्योंकि अमेरिका में रहने वाले सारे भारतीय-अमेरिकी लोगों में से पूरा एक चौथाई हिस्सा इन्हीं H-1B वीजा वालों और उनके परिवारों का है. पहले ये वीजा भारतीय आईटी कंपनियों के लिए बहुत काम का था, टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो जैसी कंपनियां इससे अपने जूनियर और मिडिल लेवल इंजीनियरों को अमेरिकी क्लाइंट के पास काम करने भेजती थीं. अब भी अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी कंपनियां ज्यादातर नए भारतीय टैलेंट को अमेरिका बुलाने के लिए इसी H-1B रास्ते का इस्तेमाल करती हैं. ये वीजा भारतीय इंजीनियरों का अमेरिका जाने का सबसे बड़ा दरवाजा है.

मुंबई की हवा गंभीर स्तर पर, GRAP 4 नियमों के तहत पाबंदियां शुरू

 मुंबई राजधानी दिल्ली में पलूशन की समस्या सालों से चली आ रही है, लेकिन मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नै जैसे अन्य महानगरों में कमोबेश राहत रही है। अब यह राहत मुंबई भी खत्म होती दिख रही है। आर्थिक राजधानी में पलूशन का लेवल बढ़ने और हवा खराब होने के चलते पाबंदियां लगाई गई हैं। मुंबई में GRAP 4 की पाबंदियां लागू की गई हैं ताकि पलूशन पर कंट्रोल पाया जा सके। इस तरह मुंबई भी अब पलूशन के मामले में दिल्ली की कतार में आकर खड़ा हो गया है। मुंबई के कई इलाकों की हवा खराब और अत्यंत खराब की श्रेणी में आ गई है। इन इलाकों में मडगांव, देवनार, मलाड, बोरिवली ईस्ट, चकाला-अंधेरी ईस्ट, नेवी नगर, पोवई और मुलुंड शामिल हैं। इसके चलते बीएमसी ने तमाम निर्माण कार्यों और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगा दी है, जिनसे धूल उड़ती है। इसके अलावा दर्जनों साइट्स की मॉनिटरिंग की जा रही है। करीब 50 निर्माण स्थलों को नोटिस जारी किया है। इन पर अब काम रोकने या फिर पूरी तरह स्थगित करने के नोटिस लगे हैं। इसके अलावा लघु उद्योगों, बेकरीज और मार्बल कटिंग यूनिट्स को आदेश दिया गया है कि वे अपने कामकाज में इस बात का ध्यान रखें कि धूल कम उड़े। ऐसा ना होने पर उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जा सकता है। यही नहीं बीएमसी ने हर वार्ड में फ्लाइंग स्क्वॉड की भी नियुक्ति की है ताकि धूल पर नियंत्रण किया जाए और पलूशन पर पूरी निगरानी रहे। सबसे ज्यादा पलूशन वाले दुनिया के 10 शहरों में तीन भारत के समुद्र के किनारे होने और हवा की रफ्तार अमूमन दिल्ली जैसे शहरों के मुकाबले तेज होने के चलते मुंबई में पलूशन कम रहा है, लेकिन वहां भी समस्या बढ़ने से चिंताएं पैदा हुई हैं। इन पाबंदियों को लागू करने के बाद भी मुंबई का AQI 187 है, जो अनहेल्डी कैटिगरी में आता है। वहीं बेंगलुरु का AQI 118 है और कोलकाता में तो यह काफी ज्यादा बढ़कर 236 हो गया है। बता दें कि दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले 10 शहरों में तीन शहर भारत के ही हैं।

‘हताशा’ टिप्पणी पर सियासी तूफान, विपक्ष ने मोदी को याद दिलाई PM पद की मर्यादा

नई दिल्ली  संसद के शीतकालीन सत्र में सदन से बाहर ही पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए बयान पर हंगामा शुरू हो गया है। पीएम मोदी ने सदन में जाने से पहले मीडिया से बात की और विपक्ष से संवाद की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बिहार चुनाव के नतीजों की बात करते हुए हार की हताशा वाला तंज कस दिया था। पीएम मोदी ने कहा था कि मैं अपील करूंगा कि हार की हताशा से बाहर निकलकर संसद में कामकाज करने दिया जाए। उनका कहना था कि विपक्ष को हार की हताशा से उबरते हुए संसद में चर्चा करनी चाहिए और महत्वपूर्ण विषयों पर बात हो। इसे लेकर विपक्ष पूरी तरह हमलावर है।   आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि पीएम मोदी खुद किस हताशा में हैं। उन्होंने कहा, 'पीएम ने यदि इस तरह बोला है कि विपक्ष हार की हताशा में है तो फिर वे किस हताशा में हैं। आप के अंदर कौन सी हताशा है। चुनाव मौलिक मुद्दों पर ना लड़कर कट्टा, भैंस और मुजरा जैसी बातें कहीं। क्या यह प्राइम मिनिस्टर की गरिमा है।' यही नहीं केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका वाड्रा ने भी पीएम मोदी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दे उठाना कब से ड्रामा करना हो गया। उन्होंने कहा कि कई गंभीर मसले हैं। चुनाव की स्थिति, SIR और पलूशन बड़े मुद्दे हैं। इन मसलों पर बात होनी चाहिए। आखिर संसद किसलिए होती है। मुद्दे उठाना ड्रामा तो नहीं है। ड्रामा यह है कि चर्चा ही नहीं करने दिया जाता। लोकतंत्र की हद में रहकर जनता के मसले उठाना तो कोई ड्रामा नहीं है। कांग्रेस की ही सांसद नेता रेणुका चौधरी ने कहा कि आखिर कौन हमें समझा रहा है। जो सबसे बड़े ड्रामा मास्टर हैं। हमें उनसे सीखना है कि ड्रामा कैसे करना है और कब करना है। यह हमें नहीं आता। कपड़े बदलकर और कैमरे का ऐंगल बदलकर कैसे ड्रामा किया जाता है, हमें यह सीखना होगा। ऐसा लग रहा है कि विश्व गुरु अब मानसिक गुरु भी बन गए हैं। रेणुका चौधरी ने कहा कि हम लोग संसद में SIR का मसला जरूर उठाएंगे। हम लोग बहुत मजबूत हैं और किसी भी तरह की हताशा में नहीं हैं। सपा सांसद रामगोपाल यादव, अवधेश कुमार आदि ने भी संसद में SIR का मुद्दा उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक SIR पर बात नहीं हो जाती, हम किसी और मसले पर बात ही नहीं करेंगे।  

शीतकालीन सत्र में टकराव के आसार: विपक्ष SIR पर एकजुट, सरकार पेश करेगी दिवाला-बीमा सहित 14 बिल

नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र की आज से शुरुआत हो रही है. यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान संसद के दोनों सदनों की 15-15 बैठकें होंगी. विपक्षी दल एसआईआर, आंतरिक सुरक्षा और लेबर कोड पर चर्चा की मांग कर रहे हैं. दूसरी तरफ, सरकार चाहती है कि वंदे मातरम् पर चर्चा हो. शीतकालीन सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं. राष्ट्रनीति के लिए सकारात्मकता जरूरी- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रनीति के लिए सकारात्मकता जरूरी है. सदन हंगामे के लिए नहीं है. नारेबाजी के लिए पूरा देश खाली है. सदन में नकारात्मकता नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को सुझाव देने के लिए तैयार हूं, कि परफॉर्म कैसे किया जाता है. हार की हताशा सदन में ना निकालें. विपक्ष अपनी रणनीति बदले. विपक्ष भी अपना दायित्व निभाए. देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है. विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर निकल मजबूत मुद्दे उठाए- पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले कहा है कि भारत ने यह सिद्ध किया है कि डेमोक्रेसी कैन डिलीवर. उन्होंने कहा कि यह सत्र विकसित भारत के प्रयास में और ऊर्जा भरने का अवसर है. पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष पराजय की निराशा से बाहर निकलकर आए और मजबूत मुद्दे उठाए. उन्होंने कहा कि यह सत्र पराजय की हताशा या विजय के अहंकार का मैदान नहीं बनना चाहिए. नई पीढ़ी के सदस्यों को अनुभव का लाभ मिलना चाहिए. यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी होनी चाहिए. राष्ट्रनीति पर बात होनी चाहिए. आज सोमवार से संसद का शीत सत्र शुरू हो रहा है. इस सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है. संसद का यह सत्र बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के कुछ दिनों बाद हो रहा है. इस दौरान सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने के प्रावधान वाले विधेयक के साथ सुधारों से जुड़े अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएगी, जबकि विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है. इस सत्र के लिए कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं. संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सत्र के दौरान सदन में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए रविवार को संसद में राजनीतिक दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई. सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश करने के लिए कुल 10 विधेयकों को सूचीबद्ध किया है जिनमें निजी कंपनियों के लिए असैन्य परमाणु क्षेत्र को खोलने के प्रावधान वाला एक विधेयक भी शामिल है. परमाणु ऊर्जा विधेयक- 2025 भारत में परमाणु ऊर्जा के उपयोग और विनियमन को नियंत्रित करने के उद्देश्य लाया जा रहा है. सत्र शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी आज सुबह करीब 10 मीडिया को संबोधित करेंगे. वह सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में बताएंगे और सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील करेंगे. पीएम मोदी के बयान पर बोलीं प्रियंका- एसआईआर और पॉल्यूशन के मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं संसद सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी की ओर से दिए गए बयान पर प्रियंका गांधी ने कहा कि एसआईआर और पॉल्यूशन के मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं है. पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष को सदन में ड्रामा नहीं करना चाहिए.  सदन में पराजय की बौखलाहट निकालने का काम न करें- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि सदन में चुनाव का वार्मअप या फिर पराजय की बौखलाहट निकालने का काम नहीं करना चाहिए. कुछ दलों ने ये परिचय दिया है कि राज्य चुनाव से पहले सदन को इस्तेमाल करें. ऐसे दल अपने आपको बदलें. सांसदों को अभिव्यक्ति का अवसर दें. मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि राष्ट्र प्रगति की राह पर चल चुका है.  पहली बार चुने गए सांसदों को मौका मिले- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि सभी दलों के युवा सांसद जो पहली बार चुनकर आए हैं उनको बोलने का मौका मिलना चाहिए. उनके अनुभवों का फायदा देश को मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि संसद ड्रामे का केंद्र नहीं है. संसद से बाहर ड्राम करने की कई जगहें हैं. जो लोग बिहार में ड्रामा करके आए हैं उनको अन्य राज्यों में भी ड्रामा करने के मौका मिलेंगे.  कुछ दल पराजय भी नहीं पचा पा रहे- पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा कि ये शीत सत्र ऊर्जा भरने का काम करेगा. विपक्ष के कुछ दल पराजय को नहीं पचा रहे हैं. उनको सही मुद्दे उठाने चाहिए.  लोकतंत्र के बीच अर्थतंत्र को मजबूती से विश्वसाव और मजबूत हुआ- पीएम मोदी  प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के बीच अर्थतंत्र को मजबूती हमारा विश्वसाव और मजबूत हुआ है. इसने साबित किया है कि लोकतंत्र भी डिलिवरी कर सकता है. उन्होंने कहा कि विपक्ष के सार्थक चर्चा करनी चाहिए. उनको परायज की निराशा से बाहर निकलना चाहिए.   राष्ट्रगान के साथ संसद सत्र की शुरुआत संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ शुरू हो गई है. दोनों सदनों में राष्ट्रगान के साथ सत्र की शुरुआत के बाद लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने सदन के पांच पूर्व सदस्यों के निधन की सूचना दी और शोक व्यक्त किया. वहीं, राज्यसभा में जम्मू कश्मीर से उच्च सदन के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जा रही है. मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पर विपक्ष की बड़ी बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्ष की बड़ी बैठक चल रही है. इस बैठक में विपक्षी दलों के नेता संसद के दोनों सदनों में अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने पर मंथन कर रहे हैं. इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ साथ ही डीएमके की कनिमोझी, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, जॉन ब्रिटास, प्रेमचंद गुप्ता मौजूद हैं. 'सार्थक योगदान दें सभी सदस्य', स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पर किया पोस्ट शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. स्पीकर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि संसद राष्ट्र की अपेक्षाओं, जन आकांक्षाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति का सर्वोच्च मंच है. संसद का प्रत्येक सत्र हमें कर्तव्य-निष्ठा, संयम और लोककल्याण की उस प्रेरणा की ओर भी उन्मुख करता है, जो जनप्रतिनिधित्व की भावना को और … Read more

संसद का शीतकालीन सत्र गर्माने को तैयार: SIR पर घिरने की तैयारी, सरकार 14 अहम बिल लाने को तैयार

 नई दिल्ली संसद के शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा. संसद सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं. नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नई एफआईआर को लेकर कांग्रेस नाराज है. इसके अलावा देश में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया को लेकर घमासान मच सकता है.  देश के 12 राज्यों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने संसद में सरकार को घेरने का प्लान बनाया है. इसके अलावा दिल्ली आत्मघाती बम धमाके और दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की खराब स्थिति पर चर्चा की मांग कर सत्र को हंगामेदार बनाने के आसार जता दिए हैं. वहीं, सरकार इस सत्र में असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने समेत 14 विधेयकों के जरिये अपने सुधार के एजेंडे पर आगे बढ़ाने की तैयारी की है. सरकार ने कहा कि संसद की कार्यवाही अच्छी तरह चलनी चाहिए और वह गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी. सरकार 14 बिल कराएगी पास संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें होंगी. इस दौरान सरकार का फोकस 14 विधेयक पास कराने की है. सरकार दिवाला कानून, बीमा कानून, सिक्योरिटीज मार्केट, कॉर्पोरेट कानून, राष्ट्रीय राजमार्ग, उच्च शिक्षा आयोग, एटॉमिक एनर्जी, जीएसटी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सेस बिल संसद में पेश करेगी.  शीतकालीन सत्र के दौरान अनुदानों की अनुपूरक मांगों का पहला बैच भी प्रस्तुत किया जाएगा, उन पर चर्चा की जाएगी और मतदान होगा. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं सकारात्मक रूप से कह रहा हूं कि हम विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार हैं, संसद सबकी है, देश की है.  उन्होंने कहा कि संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक तरीका होता है. नियम होते हैं, परंपराएं होती हैं.' संसद की कार्यवाही अच्छी तरह चलनी चाहिए और सभी गतिरोध को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेंगे.  सरकार को संसद में घेरेगा विपक्ष शीतकालीन सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी विपक्ष ने कर ली है. एसआईआर प्रक्रिया के मुद्दे पर विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है. कांग्रेस से लेकर टीएमसी, समाजवादी पार्टी और DMK तक ने वोटर लिस्ट रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ संसद में सरकार के घेरने की तैयारी की है. विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा कराने की बात सरकार से की है. सोनिया गांधी के नेतृव में कांग्रेस की पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी ग्रुप की बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर में यह मांग उठाई कि एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा कराई जानी चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि एसआईआर में बीएलओ की आत्महत्या गंभीर मुद्दा है और इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर पिछड़े, दलित, वंचित गरीब वोटरों को लिस्ट से हटाकर बीजेपी अपनी मनमाफिक वोटर लिस्ट तैयार कर रही है. इसे मुद्दे को सांसद उठाना होगा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सभी सांसद अपने-अपने इलाकों के स्थानीय मुद्दों को सदन में उठाएं. उन्होंने आंतरिक सुरक्षा को एक बड़ा मुद्दा बताया और कहा कि दिल्ली में हुआ आतंकी हमला एक बड़ी चूक है. बैठक में उन्होंने कहा कि एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए सरकार पर दबाव बनाना होगा. कांग्रेस से लेकर सपा, टीएमसी सहित तमाम विपक्षी दलों ने एसआईआर के साथ ही दिल्ली में आतंकी हमले, की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. साथ ही उन्होंने वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और कुछ अन्य विषयों पर सत्र के दौरान चर्चा कराने का आग्रह किया. संसद सत्र में होगा टकराव शीतकालीन सत्र में सरकार का एक बड़ा फोकस नेशनल सॉन्ग, 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर प्रस्तावित चर्चा है. सरकार इस गीत पर चर्चा करान चाहती है. यह एक ऐसा टॉपिक जिसे पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में यह आरोप लगाकर फिर से उठाया कि कांग्रेस ने 1937 में कई लाइनें हटा दीं. एक ऐसा काम जिसने उनके अनुसार विभाजन के बीज बोए हैं.   सरकार ने साफ कर दिया है कि एसआईआर का मुद्दा संसद में नहीं उठाया जा सकता. सरकार का कहना है कि वोटर रोल में बदलाव चुनाव आयोगका एक रूटीन प्रोसेस है और इस पर संसद में बहस नहीं हो सकती. उसने इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव निकाय ने पहले ही कोर्ट के गाइडेंस के हिसाब से काम किया है. ऐसे में साफ है कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की संभावना है.