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PM मोदी का बड़ा बयान: मस्कट से कहा, भारत की नीतियों के साथ बदला आर्थिक डीएनए

  मस्कट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे का आज दूसरा दिन है। आज पीएम मोदी की मौजूदगी में भारत-ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से 21वीं सदी में भारत-ओमान की साझेदारी में नया विश्वास और उत्साह का संचार होगा। भारत-ओमान बिजनेस फोरम को पीएम मोदी ने किया संबोधित पीएम मोदी ने भारत-ओमान बिजनेस फोरम के कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा, भारत-ओमान साझेदारी को ये सम्मेलन नई दिशा, नई गति देगा और दोनों देशों के संबंध नई बुलंदियों पर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, सभ्यता के आरंभ से ही हमारे पूर्वज एक दूसरे के साथ समुद्र के जरिए व्यापार करते रहे हैं। मांडवी और मस्कट के बीच अरब सागर एक मजबूत पुल बना। इस पुल ने हमारे रिश्तों को मजबूत किया और संस्कृति और अर्थव्यवस्था को ताकत दी। आज हम कह सकते हैं कि समुद्र की लहरें बदलती हैं, मौसम बदलते हैं, लेकिन भारत और ओमान की दोस्ती हर मौसम में मजबूत होती है। 'दोनों देशों के व्यापार को नई गति मिलेगी' प्रधानमंत्री ने कहा हमारा रिश्ता विश्वास की नींव पर बना है और समय के साथ गहराता चला गया है। हमारे कूटनीतिक संबंधों को 70 साल हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हम ऐतिहासिक फैसला ले रहे हैं, जिसकी गूंज आने वाले कई दशकों तक सुनाई देगी। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता 21वीं सदी में हमारी साझेदारी को नया विश्वास और नई ऊर्जा देगा। इससे व्यापार को नई गति मिलेगी और निवेश का भरोसा बनेगा।' पीएम मोदी ने कहा बीते 11 वर्षों में भारत ने न सिर्फ नीतियां ही नहीं बदली हैं बल्कि भारत ने अपना आर्थिक डीएन ही बदल दिया है। जीएसटी ने भारत को एकीकृत बाजार में बदल दिया है और दिवालिया संहिता से पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। 'हम भारतीय विविधता का सम्मान करते हैं' पीएम मोदी ने ओमान की राजधानी मस्कट में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हम एक परिवार की तरह इकट्ठा हुए हैं। भारत में विविधता है, जो हमारी संस्कृति का मजबूत आधार है। हमारे लिए हर दिन एक नया रंग लेकर आता है, हर मौसम एक नया उत्सव बन जाता है, हर परंपरा एक नई सोच के साथ आती है। यही कारण है, हम भारतीय कहीं भी जाएं, कहीं भी रहें, हम विविधता का सम्मान करते हैं। हम वहां की संस्कृति, वहां के नियम कायदों के साथ घुल मिल जाते हैं। ओमान में आज मैं यही होते हुए देख रहा हूं।' 'दिवाली का दीया हमारे घर को ही नहीं, पूरी दुनिया को रोशन करेगा' पीएम मोदी ने कहा, 'भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को हाल ही में एक और अद्भुत सम्मान मिला है। यूनेस्को ने दिवाली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया है। अब दिवाली का दीया हमारे घर को ही नहीं, पूरी दुनिया को रोशन करेगा। ये दुनियाभर में बसे प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। दिवाली की ये वैश्विक पहचान हमारी उस रोशनी की मान्यता है, जो आशा, सद्भाव और मानवता के संदेश को, उस प्रकाश को फैलाती है।' भारत-ओमान संबंधों की तारीफ की प्रधानमंत्री ने कहा, आज हम सब यहां भारत-ओमान 'मैत्री पर्व' भी मना रहे हैं। M मतलब Maritime Heritage (समुद्री विरासत), A का मतलब  Aspiration (आकांक्षा), I का मतलब Innovation (नवाचार), T का मतलब Trust and Technology (विश्वास और तकनीक), R का मतलब Respect (सम्मान) और I का मतलब Inclusive Growth (समावेशी विकास) है। ये मैत्री पर्व दोनों देशों की दोस्ती और हमारी साझा सांस्कृतिक और समृद्ध भविष्य का उत्सव है। भारत के तेज आर्थिक विकास का जिक्र किया पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ओमान के रिश्ते व्यापार से शुरू हुए और आज शिक्षा इन्हें मजबूत बना रही है। पीएम मोदी ने कहा कि ओमान के भारतीय स्कूलों में 46 हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और इनमें ओमान में रहने वाले अन्य समुदाय के लोग भी हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने भारत के तेज आर्थिक विकास का जिक्र किया और कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पीएम मोदी ने उनकी सरकार के कार्यकाल में आईआईटी, आईआईएम और एम्स की संख्या में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष मिशन की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि हम चांद के साथ दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाले पहले देश हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। इसके बाद पीएम मोदी ने भारत की कई अन्य उपलब्धियों का जिक्र किया। 

भारत के गणतंत्र दिवस पर यूरोप की बड़ी मौजूदगी, चीफ गेस्ट और FTA पर अहम बातचीत

 नई दिल्ली गणतंत्र दिवस 2026 भारत के लिए हर मायनों में ख़ास होने जा रहा है. चाहे कूटनीति हो या विश्व स्तर पर आर्थिक रिश्तों के लिहाज़ से. इस बार गणतंत्र दिवस 2026 में चीफ गेस्ट के तौर पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को आमंत्रित किया गया है. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा समारोह में शामिल होंगे.  माना जा रहा है कि जब ये दो शीर्ष नेता भारत आएंगे तो भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते और शिखर सम्मेलन भी आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है, जहां दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर ज़रूर चर्चाएं और संभावित समझौते पर फोकस रहेगा.  दोनों नेताओं का नई दिल्ली दौरा भारत और EU के बीच सबसे हाई लेवल पर एक नए रणनीतिक और आर्थिक तालमेल का संकेत देती हैं। गणतंत्र दिवस पर EU के टॉप नेताओं को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाना एक मजबूत प्रतीकात्मक महत्व रखता है। इसके साथ अपने राजनयिक और आर्थिक संबंधों को गहरा करने के नई दिल्ली के इरादे को दिखाता है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा ऐसे समय दिल्ली आ रहे हैं जब भारत-EU संबंधों में तेजी आई है। खासकर फरवरी 2025 में EU कमिश्नरों की भारत यात्रा के बाद दोनों काफी करीब आए हैं। यह दौरा व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने का रास्ता तैयार करेगा। भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने 8 दिसंबर को नई दिल्ली में लंबे समय से अटके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत फिर से शुरू की थी। इसमें दोनों पक्षों का लक्ष्य इस साल के आखिर तक दशक भर पुरानी बातचीत को खत्म करना है। यह बैठक एक अहम समय पर हो रही है, क्योंकि भारत और EU इस महत्वाकांक्षी समझौते में बची हुई कमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत में सामान और सेवाओं के व्यापार, निवेश नियमों, सरकारी खरीद और रेगुलेटरी स्टैंडर्ड, से जुड़े बाकी मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है। इसमें सैनिटरी और टेक्निकल जरूरतें शामिल हैं। कुछ मुख्य मुद्दे अभी भी बने हुए हैं, जिनमें EU का प्रस्तावित कार्बन टैक्स, ऑटोमोबाइल और स्टील के लिए मार्केट एक्सेस, मूल नियम और सेवाओं में रुकावटें शामिल हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। जबकि EU पक्ष का नेतृत्व यूरोपियन कमीशन में ट्रेड के डायरेक्टर-जनरल सबाइन वेयांड कर रही हैं। भारत ने EU के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) पर भी चिंता जताई है, जो 1 जनवरी से लागू होगा। यह स्टील, एल्यूमीनियम और अन्य कार्बन-इंटेंसिव सामानों के निर्यात पर उनके कार्बन फुटप्रिंट से जुड़े अतिरिक्त टैक्स लगाकर असर डाल सकता है। भारत और यूरोपीय संघ लंबे समय से एफटीए को लेकर चर्चा कर रही है. बिज़नेस, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे विषयों पर यह समझौता दोनों पक्षों के लिए स्ट्रैटेजिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है. अब गणतंत्र दिवस पर यूरोपियन यूनियन के दो शीर्ष नेताओं की मौजूदगी साफ़ इस बात की संकेत दे रही है कि यूरोपियन यूनियन भारत के साथ रिश्तों को महज़ कूटनीतिक लेवल पर नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी के नए लेवल पर ले जाना चाहते हैं. यूरोपीय संघ-भारत व्यापार वार्ता और गणतंत्र दिवस समारोह 2026 का एक ही समय के आसपास होने की वजह से यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण बन जाता है. राजनियक हलकों का मानना है कि भारत आर्थिक शक्तियों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को प्रायोरिटी दे रहा है. यह भारत की बैलेंस्ड और मल्टीलेटरल विदेश नीति का हिस्सा माना जा रहा है. इस साल यानि 2025 में भारत ने गणतंत्र दिवस में चीफ गेस्ट के तौर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हुए थे. राष्ट्रपति पद संभालने के बाद प्रबोवो की यह भारत की पहली यात्रा थी. 1950 के बाद यह चौथा मौका रहा जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए.  

भारत ने सिंधु पानी पर लगाया रोक, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने लिया अहम फैसला

नई दिल्ली पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को मिलने वाले सिंधु नदी का पानी रोक दिया है, जिसके बाद कई इलाकों में उसे सूखे जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा है. इस बीच अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के बाद पाकिस्तान में जल संकट और भी गंभीर हो सकता है.  तालिबान ने कुनार नदी का पानी नांगरहार क्षेत्र की ओर मोड़ने की योजना पर आगे बढ़ने का फैसला किया है. इस कदम से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में नदी के बहाव में भारी कमी आ सकती है. हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर काफी तनाव हो गया था, जिसमें दोनों देशों के कई सैनिक भी मारे गए.  तालिबान के आर्थिक आयोग के पास भेजा गया प्रस्ताव अफगानिस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय के आर्थिक आयोग की तकनीकी समिति की बैठक में कुनार नदी से नांगरहार स्थित दारुंता बांध में पानी मोड़ने के प्रस्ताव को चर्चा के बाद अनुमोदित कर अंतिम निर्णय के लिए आर्थिक आयोग को भेज दिया गया. एक बार लागू होने के बाद इस परियोजना से अफगानिस्तान के नंगरहार में कई कृषि भूमि को प्रभावित करने वाली जल की कमी का समाधान होने की उम्मीद है, लेकिन इससे पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में पानी के प्रवाह पर असर पड़ेगा. तालिबान के फैसले से PAK पर क्या होगा असर? करीब 500 किलोमीटर लंबी कुनार नदी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चित्राल जिले में स्थित हिंदू कुश पर्वतमाला से निकलती है. इसके बाद यह दक्षिण की ओर अफगानिस्तान में बहती है और कुनार और नंगरहार प्रांतों से होते हुए काबुल नदी में मिल जाती है. यह नदी पाकिस्तान में बहने वाली सबसे बड़ी नदियों में से एक है और सिंधु नदी की तरह, सिंचाई, पीने के पानी और जलविद्युत उत्पादन का एक प्रमुख स्रोत है, विशेष रूप से सुदूर खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र के लिए जो सीमा पार हिंसा का केंद्र रहा है. अगर अफगानिस्तान कुनार नदी पर बांध बनाता है तो इससे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और पनबिजली परियोजनाओं के लिए पानी तक पाकिस्तान की पहुंच बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना है, खासकर उन लोगों के लिए जो भारत द्वारा सिंधु नदी के जल आपूर्ति को प्रतिबंधित करने के कारण पहले से ही सूखे से जूझ रहे हैं. PAK-तालिबान के बीच नहीं कोई समझौता इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि दिल्ली के साथ सिंधु जल संधि (IWT) के विपरीत, इस्लामाबाद का काबुल के साथ इन जलक्षेत्रों के बंटवारे को लेकर कोई समझौता नहीं है, जिसका अर्थ है कि तालिबान को पीछे हटने के लिए मजबूर करने का तत्काल कोई उपाय नहीं है. तालिबान के इस कदम से पाकिस्तान-अफगानिस्तान हिंसा के फिर से भड़कने की आशंका बढ़ गई है. 

कोहरे का असर हवाई यातायात पर: AAI ने जारी की एडवाइजरी, इंडिगो फ्लाइट्स को लेकर नया अपडेट

नई दिल्ली भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने गुरुवार को उत्तर भारत में घने धुंध की स्थिति को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एएआई ने यात्रियों को कम दृश्यता और कई हवाई अड्डों पर उड़ानों में संभावित देरी के लिए सावधान किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक मौसम चेतावनी में एएआई ने कहा, लगातार धुंध उत्तर भारत के कई हवाई अड्डों को प्रभावित कर रही है। इससे दृश्यता कम हो रही है और उड़ानों में संभावित देरी हो सकती है। प्राधिकरण ने यात्रियों को हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन से जांचने और अतिरिक्त यात्रा समय लेने की सलाह दी। एएआई ने आगे कहा, यात्रियों से अनुरोध है कि हवाई अड्डा जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति अपनी एयरलाइन से जांच लें। हवाई अड्डे की आधिकारिक वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल पर अपडेट देखें। अपनी यात्रा योजना पहले से बनाएं और अतिरिक्त समय रखें। इंडिगो ने भी जारी की एडवाइजरी इसके अलावा, इंडिगो ने भी आज सुबह एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें कुछ गंतव्यों पर संभावित व्यवधानों की जानकारी दी गई। एयरलाइन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, रांची, पटना और वाराणसी में कम दृश्यता और धुंध के कारण उड़ान प्रभावित हो सकती हैं। एयरलाइन ने कहा कि वह मौसम की स्थिति पर करीब से नजर रख रही है। इंडिगो ने कहा, हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि आपको सुरक्षित और सुचारु रूप से गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। एयरलाइन ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे अपनी उड़ान की स्थिति नियमित रूप से वेबसाइट या एप के माध्यम से जांचते रहें। एडवाइजरी में आगे कहा गया, कृपया सुनिश्चित रहें कि हमारी टीम हर कदम पर आपकी सहायता के लिए मौजूद है और पूरा सहयोग प्रदान करेगी। हम साफ आसमान और नियमित उड़ानों की जल्द बहाली की उम्मीद करते हैं। आपके धैर्य और समझ के लिए धन्यवाद। इस बीच, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) ने भी आज सुबह 9:18 बजे एक ट्रैवल एडवाइजरी में कहा, 'दिल्ली हवाई अड्डे पर सभी उड़ान संचालन सामान्य हैं। हम अपने सभी यात्रियों को सुगम और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं देते हैं!' हवाई अड्डा के अधिकारियों ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे रियल टाइम अपडेट के लिए अपनी संबंधित एयरलाइन के संपर्क में रहें। दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब ये एडवाइजरी ऐसे समय में जारी की गई हैं, जब राजधानी दिल्ली में घना कोहरा छाया हुआ है और वायु गुणवत्ता अत्यंत खराब है, जिसके कारण सुबह के समय कम दृश्यता की समस्या पैदा हो रही है और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है।

‘जी राम जी’ बिल लोकसभा में पारित, सदन में हंगामा और कॉपी फाड़ने की घटना

नई दिल्ली संसद के मानसून सत्र का गुरुवार को 14वां दिन है. आज विकसित भारत जी राम जी बिल के लोकसभा से पारित होने की संभावना है. इस विधेयक पर बुधवार देर रात तक सदन में चर्चा चली थी. गुरुवार को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान चर्चा का जवाब दे रहे हैं. इस बीच विपक्षी सदस्य इस विधेयक का जमकर विरोध कर रहे हैं. उसका कहना है कि इस विधेयक में राज्यों पर बोझ बढ़ाया गया है. साथ ही खेती के सीजन में 60 दिनों तक काम न देने का प्रावधान मजदूर विरोधी है. इसको विपक्षी सदस्यों ने गुरुवार सुबह में संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन किया. लोकसभा से पास होने के बाद इस विधेयक को आज राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मनरेगा का नाम पहले पहले महात्मा गांधी के नाम पर नहीं रखा गया। वो तो पहले नरेगा थी। बाद में जब 2009 के चुनाव आए तब चुनाव और वोट के कारण महात्मा गांधी याद आए। बापू याद आए। तब उसमें जोड़ा गया महात्मा गांधी। इसके बाद सदन में 'VB-जी राम जी बिल' बिल ध्वनिमत से पास हो गया। इससे पहले विपक्ष ने इस बिल के विरोध में संसद परिसर में मार्च निकाला। इसमें विपक्ष के 50 से ज्यादा सांसदों ने हिस्सा लिया और VB-G-RAM-G बिल वापस लेने के नारे लगाए। इससे पहले बुधवार को लोकसभा में VB-G-RAM-G बिल पर 14 घंटे चर्चा हुई। कार्यवाही देर रात 1:35 बजे तक चली। इसमें 98 सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष ने मांग की कि प्रस्तावित कानून को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। यह 20 साल पुराने MGNREG एक्ट की जगह लेगा। शिवराज चौहान ने याद दिलाई गांधीगीरी विपक्ष के हंगामे को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस तरह जो आप बिल फाड़कर फेंक रहे हैं, वह महात्मा गांधी की अहिंसा की नीति के खिलाफ है। कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि यह विधेयक तो मनरेगा स्कीम को ही खत्म करने की साजिश है। विपक्षी सांसदों की ओर से बिल की कॉपी फाड़कर फेंके जाने पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आपको सदन में जनता के मुद्दे उठाने चाहिए, लेकिन हंगामा करने और बिल की कॉपी फाड़कर फेंकने से कोई मसला हल नहीं होता। लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्‍थगित लोकसभा में जैसे ही मनरेगा स्‍कीम का नाम बदने वाला बिल पास हुआ, वैसे ही विपक्षी दलों के सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया है। इससे पहले कुछ सांसद वेल तक आ गए और बिल की कॉपी को फाड़कर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह सिंह के ऊपर फेंक दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को पूरे दिन तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया है।  विपक्षी सांसदों ने फाड़ी बिल की कॉपी… विपक्षी सदस्यों ने सदन में कागज़ फाड़कर और नारे लगाकर कार्यवाही में बाधा डाली. इससे पहले, उन्होंने बिल वापस लेने की मांग करते हुए संसद परिसर के अंदर विरोध मार्च किया था. कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस कानून को गांधी का अपमान और ग्रामीण भारत में सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाने वाले काम के अधिकार पर हमला बताया. सीनियर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी मकर द्वार पर सांसदों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुईं. संसद में बुधवार की कार्रवाई की बड़ी बातें…     5 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूलों में एक भी स्टूडेंट नहीं- देशभर में 10.13 लाख सरकारी स्कूलों में से 5,149 में एक भी छात्र नहीं है। 2024-25 शैक्षणिक सत्र में जीरो नामांकन वाले इन स्कूलों में से 70% से ज्यादा तेलंगाना व पश्चिम बंगाल में हैं। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने संसद में दी है। शून्य या 10 से कम छात्रों वाले स्कूलों की संख्या में बीते दो साल में 24% की बढ़ोतरी हुई है।     43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच देशभर में बंद- केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा में बताया कि 43 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच को ब्लॉक कर दिया गया है। यह कार्रवाई उन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ की गई है, जो कानून द्वारा प्रतिबंधित कंटेंट प्रसारित कर रहे थे।

फिलीपींस के दवाओ शहर में छिपा आतंकी साजिद-नवीद, सस्ते होटल से रची साजिश

सिडनी     इस होटल के कमरे में दो पतले-पतले बेड है. एक आदमी बमुश्किल इस बेड पर सो पाए. आतंकी साजिद और नवीद अकरम के बिस्तर एकदम आस-पास लगे हैं. इस होटल के स्टाफ ने बताया कि जिस दिन ये दोनों इस होटल में आए और जिस दिन उन्होंने इस होटल को छोड़ा, हमने कभी उन्हें इस शहर को छोड़ते हुए नहीं देखा. क्योंकि हम उन्हें रोजाना होटल से जाते हुए और फिर लौटते हुए देखते थे.  फिलीपींस के दक्षिणी छोर में स्थित दवाओ शहर में मौजूद ये होटल 27 दिनों तक दो खूंखार आतंकी बाप-बेटे का ठिकाना रहा. ऑस्ट्रेलिया के अखबार 'द सिडनी मार्निंग हेराल्ड' उन 27 दिनों की कहानी पर रिपोर्ट जारी की है.  इस होटल का नाम जीवी होटल है. इसकी स्टाफ जेनेलिन सेसन ने बताया कि पिता और बेटे ने पिछले महीने 27 दिनों तक दावाओ सिटी हॉल और पुलिस हेडक्वार्टर के पास होटल में एक ही कमरा शेयर किया था. इन दोनों ने कमरा नंबर 315 बुक किया था. जिसमें 2 बेड हैं.  पहले एक हफ्ते की बुकिंग, फिर… फिलीपींस के इमिग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि साजिद और नवीद अकरम 1 नवंबर को फिलीपींस आए थे और 28 नवंबर को चले गए, उनका फाइनल डेस्टिनेशन दावाओ था. अधिकारियों का दावा है कि दोनों दवाओ से बाहर नहीं गए. इस होटल के अनुसार, 1 नवंबर को आने और शुरू में एक हफ़्ते के लिए बुकिंग करने के बाद उन्होंने तीन बार अपना स्टे एक और हफ़्ते के लिए बढ़ा दिया था. एक से दो घंटे के लिए ही जाते थे बाहर  होटल के कर्मचारी सेसन ने बताया कि वे एक बार में ज़्यादा से ज़्यादा एक से दो घंटे के लिए ही अपने कमरे से बाहर जाते थे.  फिलीपींस में ये होटल 22 डॉलर के दर से बुक किया जा सकता है. सेसन का कहना है कि इनका कोई CCTV फुटेज नहीं है क्योंकि उनकी रिकॉर्डिंग कैपेसिटी सिर्फ़ एक हफ़्ते की थी, हालांकि मिलिट्री अफ़सर आए थे और होटल का कंप्यूटर हार्ड ड्राइव ले गए हैं. फिलीपींस के फोन नंबर का इस्तेमाल नवीद अकरम ने होटल में रजिस्टर करते समय फिलीपींस का फोन नंबर इस्तेमाल किया था. इसका मतलब यह है कि इन्होंने लोकल सिम का इस्तेमाल किया था. होटल वर्कर के अनुसार आतंकी अकरम स्टाफ से ज़्यादा बात नहीं करते थे, उनके साथ कोई विज़िटर नहीं देखा गया, और उनके कमरे में फास्ट-फूड चेन जॉलीबी की रैपिंग मिली थी. सायसन ने लोकल न्यूज साइट मिंडा न्यूज़ को बताया, "हमें लगा कि शायद उनका शहर में कोई बिज़नेस है, क्योंकि वे बाहर जाते थे और फिर वापस आ जाते थे." 22 डॉलर में होटल की बुकिंग उन्होंने बताया कि उन दोनों के पास एक बड़ा सामान और एक बैकपैक था, और जब उन्होंने अपना स्टे बढ़ाया तो उन्होंने कैश में पेमेंट किया. दावाओ में GV होटल में कमरे सिर्फ $22 प्रति रात में ऑनलाइन बुक किए जा सकते हैं. यह होटल शहर के बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट के पास है.  दावाओ मिंडानाओ के दक्षिणी द्वीप का मुख्य शहर है, जहां इस्लामिक स्टेट ईस्ट एशिया (ISEA) सहित इस्लामी आतंकवादी समूहों की मौजूदगी रही है. ट्रेनिंग के कोई सबूत नहीं ऑस्ट्रेलिया की न्यू साउथ वेल्स पुलिस को नरसंहार के बाद अकरम की कार में घर पर बने इस्लामिक स्टेट के झंडे मिले हैं. लेकिन फिलीपींस के अधिकारियों ने कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उन्होंने देश में रहते हुए इस्लामी आतंकवादियों के साथ ट्रेनिंग ली थी. फिलीपींस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एडुआर्डो एनो ने एक बयान में कहा है कि सिर्फ एक मुलाकात से आतंकवादी ट्रेनिंग के आरोपों की पुष्टि नहीं होती है और उनके रुकने की अवधि इतनी नहीं थी कि कोई सार्थक या व्यवस्थित ट्रेनिंग हो सके." उन्होंने कहा है कि यहां पर 2017 से ISIS द्वारा ट्रेनिंग के कोई सबूत नहीं मिले हैं.  बॉन्डी अटैक का ताजा अपडेट बॉन्डी बीच पर 14 दिसंबर 2025 को हनुक्का समारोह के दौरान हुए आतंकवादी हमले में 15 निर्दोष लोग मारे गए हैं. इस हमले में आतंकी साजिद भी मारा गया है, जबकि उसका बेटा आतंकी नवीद गंभीर रूप से घायल था. नवीद का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा था. अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. 

अब लाइन नहीं, सिर्फ क्लिक! मोबाइल ऐप से होगी शराब की बुकिंग, ऐसे उठाएं फायदा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में रहने वाले शराब के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली सरकार अपनी नई आबकारी नीति के जरिए शराब की बिक्री और व्यवस्था में व्यापक और क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। इस नई नीति के तहत उपभोक्ताओं को अब अपने पसंदीदा ब्रांड की तलाश में एक दुकान से दूसरी दुकान भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए न केवल शराब के स्टॉक की जानकारी मिलेगी, बल्कि उपभोक्ता अपनी पसंदीदा बोतल को पहले से ‘रिजर्व’ भी कर सकेंगे। अंतिम चरण में नई आबकारी नीति का मसौदा दिल्ली की नई आबकारी नीति का मसौदा इस समय अपने अंतिम चरण में है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री परवेश वर्मा की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय समिति इस पर तेजी से काम कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नीति को जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा ताकि इससे जुड़े सभी हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां ली जा सकें। यह प्रक्रिया जनवरी तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। जनता और विशेषज्ञों से मिले सुझावों के आधार पर नीति में आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी और फिर उपराज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। अंतिम मंजूरी के बाद नई आबकारी नीति को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया जाएगा। पुरानी नीति फिलहाल लागू गौरतलब है कि सितंबर 2022 से दिल्ली में फिलहाल पुरानी आबकारी नीति ही लागू है, जिसे समय-समय पर विस्तार दिया जा रहा है। हाल ही में इसे तीन महीने के लिए फिर से बढ़ाया गया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि नई आबकारी नीति का मुख्य उद्देश्य एक फुलप्रूफ और पारदर्शी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिले, बल्कि दिल्ली सरकार के राजस्व में भी अधिकतम बढ़ोतरी हो सके। इसके लिए अन्य राज्यों की सफल नीतियों और कार्यप्रणालियों का भी अध्ययन किया गया है। मोबाइल ऐप की प्रमुख खूबियां नई आबकारी नीति के तहत प्रस्तावित मोबाइल ऐप उपभोक्ताओं के लिए कई सुविधाएं लेकर आएगा। ऐप के माध्यम से ग्राहक यह जान सकेंगे कि उनके नजदीकी सरकारी शराब ठेके पर कौन-कौन से ब्रांड उपलब्ध हैं। इसके अलावा उपभोक्ता अपनी पसंद की शराब को पहले से प्री-बुक कर सकेंगे। बुकिंग के बाद संबंधित दुकान उस बोतल को एक घंटे तक ग्राहक के लिए सुरक्षित रखेगी। यदि ग्राहक तय समय के भीतर दुकान पर नहीं पहुंचता है, तो वह बोतल फिर से आम बिक्री के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी। इस ऐप के जरिए सरकार को यह भी जानकारी मिलेगी कि कौन से ब्रांड सबसे ज्यादा सर्च किए जा रहे हैं। यदि किसी लोकप्रिय ब्रांड की मांग अधिक है लेकिन वह स्टॉक में नहीं है, तो मांग के आधार पर उसे दुकानों में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकेगी। इससे सप्लाई और डिमांड के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। शराब ठेकों पर भीड़ और अड्डेबाजी पर लगाम नई आबकारी नीति में शराब ठेकों के आसपास लगने वाली भीड़ और अड्डेबाजी को रोकने के लिए भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। अब दो शराब की दुकानों के बीच न्यूनतम 350 मीटर की दूरी अनिवार्य होगी। इसके अलावा स्कूलों और रिहायशी इलाकों के पास स्थित शराब की दुकानों को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल राजधानी में संचालित 700 से अधिक सरकारी शराब दुकानों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी, बल्कि मौजूदा दुकानों को ही व्यवस्थित किया जाएगा। ‘ब्रांड पुशिंग’ पर सख्ती अक्सर शिकायत मिलती रही है कि दुकानदार ग्राहकों पर किसी खास ब्रांड को खरीदने का दबाव बनाते हैं। नई आबकारी नीति में इस पर भी रोक लगाने की तैयारी है। अब दुकानदार किसी विशेष ब्रांड को प्रमोट या थोप नहीं सकेंगे। इसके अलावा मोबाइल ऐप में ही शिकायत दर्ज कराने का एक अलग सेक्शन होगा, जहां ग्राहक सीधे अपनी समस्या या शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं को न सिर्फ पारदर्शी व्यवस्था मिलेगी, बल्कि उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा सकेगी।  

भारत का सख्त फैसला: बांग्लादेश में अशांति के बीच ढाका का वीजा सेंटर बंद

ढाका बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत ने बुधवार को अपना भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (आईवीएसी) अस्थायी रूप से बंद कर दिया। यह केंद्र ढाका के जमुना फ्यूचर पार्क में स्थित है और राजधानी में सभी भारतीय वीजा सेवाओं का मुख्य, एकीकृत केंद्र माना जाता है। आईवीएसी ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए बुधवार को दोपहर 2 बजे के बाद केंद्र बंद कर दिया गया। केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों की आज आवेदन जमा करने की अपॉइंटमेंट थी, उनकी तारीख आगे के लिए पुनर्निर्धारित की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को किया था तलब इससे पहले नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब किया। मंत्रालय ने ढाका में भारतीय मिशन के आसपास कुछ कट्टरपंथी तत्वों द्वारा सुरक्षा माहौल बिगाड़ने की कथित योजनाओं पर गंभीर चिंता जताई। 'अंतरिम सरकार करे भारतीय मिशनों और कार्यालयों की सुरक्षा' विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अपने राजनयिक दायित्वों के तहत वहां स्थित भारतीय मिशनों और कार्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। साथ ही, बांग्लादेश में बिगड़ते सुरक्षा माहौल को लेकर भारत की कड़ी चिंता से भी दूत को अवगत कराया गया। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनयिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता बढ़ गई है। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अपने नागरिकों और मिशनों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारत की नई हाइपरसोनिक ताकत: 6100 KMPH स्पीड वाला हथियार दुश्मन मिसाइलों और जेट्स के लिए काल

बेंगलुरु  Pantsir-S1M Air Defence System: भारत की सीमा के एक तरफ पाकिस्‍तान तो दूसरी तरफ चीन जैसे देश हैं. अब तो बांग्‍लादेश भी दुश्‍मनों की लिस्‍ट में शामिल हो चुका है. ऐसे में पूरब से लेकर पश्चिम और उत्‍तर तक के बॉर्डर को अभेद्दय किला बनाना जरूरी हो गया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसकी आवश्‍यकता और भी बढ़ चुकी है. खासकर एयर थ्रेट से निपटने की की जरूरत पहले से कहीं ज्‍यादा महसूस की जाने लगी है. इंडियन एयरफोर्स, आर्मी और नेवी की ओर से लगातार इसको लेकर कदम उठाए जा रहे हैं. खासकर एयर डिफेंस सिस्‍टम को अपग्रेड करने के साथ ही उसे पहले के मुकाबले ज्‍यादा मजबूती दी जा रही है. स्‍वदेशी तकनीक के साथ ही इंपोर्टेड एयर डिफेंस सिस्‍टम पर भी भरोसा जताया जा रहा है. भारत ने रूस से S-400 के कुछ स्‍क्‍वाड्रन खरीदे हैं, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी क्षमता से दुश्‍मनों के हौसले को पस्‍त कर दिया. अब उससे ज्‍यादा ताकतवर S-500 एयर डिफेंस सिस्‍टम खरीद पर भी बातचीत शुरू होने के चर्चे हैं. इन सबके बीच, भारत और रूस एक और डिफेंस डील करने के करीब पहुंच गए हैं. य‍ह डील भी एयर डिफेंस से जुड़ा है, पर S-400 और S-500 एयर सिस्‍टम से अलग है. दरअसल भारत और रूस के बीच कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली Pantsir-S1M को लेकर एक अहम रक्षा सौदा होने की संभावना बन रही है. यह सौदा ऐसे समय पर चर्चा में है, जब भारतीय सेना अपने नए ट्रैक्ड एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म CADET (कैरीयर एयर डिफेंस ट्रैक्ड) सिस्टम को आगे बढ़ा रही है. सेना एक ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश में है, जिस पर अलग-अलग तरह के एयर डिफेंस हथियार लगाए जा सकें. इसी जरूरत के चलते रूस का पैंट्सिर सिस्टम एक बार फिर चर्चा में आया है. ‘इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग’ की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले भी इस सिस्टम के लिए टेंडर हुआ था, लेकिन वह किसी कारण से आगे नहीं बढ़ सका था. भारतीय सेना ने CADET को एक साझा और बहुउपयोगी ट्रैक्ड प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार करने की योजना बनाई है. इसके चुने जाने के बाद भविष्य में आने वाले कई एयर डिफेंस सिस्टम इसी प्लेटफॉर्म पर लगाए जा सकेंगे. इससे हथियारों की देखरेख, मरम्मत और आधुनिकीकरण आसान हो जाएगा. क्‍यों ब्रह्मोस का छोटा भाई है Pantsir-S1M? Pantsir-S1M में जिस मिसाइल का यूज किया जाता है, उसकी रेंज अधिकतम 30 किलोमीटर है, पर यह पूरी सटीकता से टारगेट को तबाह करता है. ठीक वैसे ही जैसे ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल दुश्‍मनों पर काल बनकर बरसता है. ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की रेंज कहीं ज्‍यादा है. Pantsir-S1M सिस्‍टम में इंटीग्रेट मिसाइ की रफ्तार कितनी होती है? Pantsir-S1M में जिस मिसाइल का इस्‍तेमाल किया जाता है, वह 4700 से 6100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अटैक करने में सक्षम है. रूस का सबसे ताकतवर एयर डिफेंस कौन सा है? रूस की प्रमुख वायु रक्षा प्रणालियों में लंबी दूरी की एस-400 ट्रायम्फ प्रणाली शामिल है, जिसका बड़े इलाकों की सुरक्षा के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा इससे भी ज्यादा उन्नत और नई पीढ़ी की एस-500 प्रोमेथियस प्रणाली है, जिसे बहुत ऊंचाई पर हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक खतरों को रोकने के लिए बनाया गया है. ये सिस्‍टम्‍स टोर जैसी कम दूरी की रक्षा प्रणालियों के साथ मिलकर कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था बनाती हैं. SHORAD क्‍या है? नॉर्थरॉप ग्रुम्मन की शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस (SHORAD) क्षमताएं अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाओं को मानव चालित और मानव रहित हवाई प्लेटफॉर्म तथा मिसाइल खतरों की व्यापक श्रेणी से सुरक्षा प्रदान करती हैं. ये क्षमताएं सेंसर, हथियार और कमांड एवं कंट्रोल प्रणालियों को एकीकृत करती हैं, जिससे मौजूदा और उभरते खतरों की पहचान, ट्रैकिंग, पुष्टि, मुकाबला और उन्हें निष्क्रिय करना संभव हो पाता है. क्‍या है CADET? CADET एक बॉक्सनुमा ट्रैक्ड वाहन होगा, जिसमें चार सैनिकों के बैठने और जरूरी उपकरणों के लिए पर्याप्त जगह होगी. इस पर रडार, मिसाइल लॉन्चर, तोपें, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम और भविष्य में नए मॉड्यूल लगाए जा सकेंगे. सेना इसे मैदानों, रेगिस्तानी इलाकों, अर्ध-शुष्क क्षेत्रों (Semi-Dry Zone) और करीब 5,000 मीटर की ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में तैनात करना चाहती है. पहले इस प्रोजेक्ट में दक्षिण कोरिया की कंपनी हनव्हा (Hanwha) को चुना गया था, लेकिन स्वदेशी सामग्री से जुड़े मुद्दों के कारण सौदा रद्द हो गया. बाद में रूस ने 2018 में भारत-रूस सैन्य तकनीकी सहयोग बैठक में खुद को अनुचित तरीके से बाहर किए जाने पर आपत्ति भी जताई थी. क्‍या है इसकी खासियत? अब रूस का पैंट्सिर-S1M सिस्टम नए रूप में फिर सामने आया है. इसके निर्यात संस्करण में नई मिसाइल शामिल है और इसकी मारक क्षमता 30 किलोमीटर तक बढ़ गई है. इसमें 12 सतह-से-हवा मिसाइलें और दो 30 मिमी की तोपें लगी होती हैं. यह सिस्टम ड्रोन, हेलीकॉप्टर, कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान, सटीक हथियारों और क्रूज मिसाइलों से निपटने में सक्षम है. इस बीच चीन ने भी अपने नए SWS2 ऑटोमेटेड एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को पेश किया है, जिससे क्षेत्र में वायु रक्षा को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है. ऐसे हालात में CADET प्लेटफॉर्म पर लगा पैंट्सिर-S1M भारत के लिए एक मजबूत और प्रभावी जवाब साबित हो सकता है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम भारतीय सेना को तुरंत वायु रक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा और कठिन सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत बनाएगा.

इतिहास रचने को तैयार कैप्टन जोया: नॉर्थ पोल के ऊपर उड़ान से पहले साझा किया उत्साह

नईदिल्ली  एअर इंडिया की महिला पायलटों की टीम नॉर्थ पोल के ऊपर से उड़ान भरकर जल्द ही इतिहास रचने जा रही है. इस टीम की अगुआई करेंगी कैप्टन जोया अग्रवाल जो अपनी इस नई यात्रा को लेकर बेहद रोमांचित हैं. कैप्टन जोया अग्रवाल ने कहा, "मैं इतिहास रचने का इंतजार कर रही हूं. मैं बेहद उत्साहित हूं!" इन शब्दों के साथ जोया उस विशेष क्लब का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं जो एक नया मकाम हासिल करने जा रही है. आसमान में अपने सपनों की उड़ान भरने वाली कैप्टन जोया अग्रवाल जल्द ही एक और उपलब्धि हासिल कर लेंगी, क्योंकि वे एक महिला पायलटों की टीम का नेतृत्व करेंगी. ये उड़ान अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर से चलेगी और उत्तरी ध्रुव से होते हुए नॉनस्टॉप बेंगलुरु पहुंचेगी. स्थानीय समय के मुताबिक ये यात्रा 9 जनवरी 2021 को रात 8.30 बजे शुरू होगी. "हम वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहे"  उड़ान भरने से कुछ घंटे पहले कैप्टन जोया ने कहा, "कल हम कई तरह के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं. इसके बारे में सोचकर मेरे रोंगटे खड़े हो रहे हैं." कॉकपिट में कैप्टन जोया के साथ कैप्टन थनमई पपागड़ी, कैप्टन आकांशा सोनावड़े और कैप्टन शिवानी मन्हास द्वारा शामिल होंगी. साथ ही एयर इंडिया में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (Flight Safety) कैप्टन निवेदिता भसीन भी इस फ्लाइट से यात्रा करेंगी. नॉर्थ पोल क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने के बारे में जोया कहती हैं, "हम पिछले साल ही ऐसा करने वाले थे, लेकिन दुर्भाग्य से खराब मौसम के चलते ऐसा नहीं हो सका. लंबे समय से ये बहुत से लोगों के लिए एक सपना है. हम उम्मीद कर रहे हैं कि कल हम इस सपने को एक हकीकत में बदल देंगे." जोया ने बताया, "ध्रुवीय उड़ान पहले भी भरी गई है, लेकिन यह पहली बार है जब हमारे पास चालक दल में सभी महिलाएं हैं. 'भारत की बेटियां' अमेरिका की सिलिकॉन वैली से भारत की सिलिकॉन वैली तक उड़ान भरेंगी!" जोया ने आगे कहा, "अब तक हम लंबी उड़ानों का संचालन करते रहे हैं, लेकिन वे उड़ानें अटलांटिक महासागर या प्रशांत महासागर के ऊपर से गुजरती हैं और वापस आ जाती हैं. ये उड़ान खासतौर से अलग है क्योंकि आप उत्तरी ध्रुव पर उड़ान भरेंगे. उत्तरी ध्रुव कितने लोगों ने देखा है? मैं खुद को भाग्यशाही मानती हूं कि मैं हवाई जहाज की कमान संभालूंगी और ऊपर से उत्तरी ध्रुव को देखते हुए दूसरी तरफ आऊंगी. यह उड़ान विमानन के इतिहास में एक नया अध्याय बनने जा रही है." ऐतिहासिक उड़ान की सभी सीटें बुक लगभग 17 घंटे की उड़ान के बारे में कैप्टन जोया कहती हैं कि यह उतनी ही तेज उड़ान है जितना की संभव है. उन्होंने कहा, "ये दुनिया के दो विपरीत बिंदुओं को जोड़ने के लिए संभव सबसे तेज रूट है. यह निश्चित रूप से दुनिया की सबसे लंबी उड़ानों में से एक है और तब भी इसमें अटलांटिक महासागर या प्रशांत क्षेत्र से होकर समान दूरी की उड़ान की तुलना में कम ईंधन का इस्तेमाल होने वाला है." इस ऐतिहासिक उड़ान के लिए एयर इंडिया का बोइंग 777-200LR विमान का इस्तेमाल किया जाना है जिसमें सीट क्षमता 238 की है. एयर इंडिया ने इंडिया टुडे को बताया कि ये सभी सीटें बुक हो चुकी हैं. कैप्टन जोया ने कहा, "बोइंग 777-200LR एक अहम हवाई जहाज है. अगर आप पृथ्वी ग्रह को देखते हैं और ग्लोब पर कोई दो बिंदु दिखाई देता है तो ये हवाई जहाज उन्हें जोड़ने में सक्षम है." कैप्टन जोया एक कुशल पायलट हैं जिन्हें 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरने का अनुभव है. इसके अलावा उन्हें बोइंग B777 विमान में 10 साल से ज्यादा कमांड का अनुभव है जिसमें 2,500 से ज्यादा फ्लाइंग आवर शामिल हैं. अपनी अब तक की यात्रा के बारे में जोया कहती हैं, "जब मैं एयर इंडिया में शामिल हुई, महिला पायलटों की संख्या मुट्ठी भर थी जिनमें से मैं भी एक थी. हर कोई मुझे एक बच्चे की तरह देखता था, लेकिन सब लोग बहुत मददगार थे. बहरहाल, यह एक पुरुष-प्रधान क्षेत्र है. खुद को एक महिला पायलट के रूप में नहीं, बल्कि एक पायलट के रूप में कड़ी मेहनत करनी होती है, क्योंकि यह एक बहुत ही जिम्मेदारी का काम है." "तब मां रो पड़ी थीं" जोया अपने माता-पिता की एकमात्र संतान हैं. वे याद करती हैं कि कैसे उनकी मां डर के मारे रो पड़ी थीं जब उन्होंने घर पर पहली बार ये बताया था कि वे पायलट बनना चाहती हैं. लेकिन जल्दी ही ये सब बदल गया. चेहरे पर मुस्कान लाते हुए जोया याद करती हैं, "मैं पिछले 8 वर्षों से उड़ान भर रही हूं और ये एक शानदार यात्रा है. 2013 में जब मैं कैप्टन बनी, तब मेरी मां फिर से रो पड़ीं लेकिन इस बार वे खुशी से रोई थीं." तो क्या युवा लड़कियों के लिए जोया का संदेश है कि वे अपनी इच्छाओं को आसमान में उड़ने दें? कैप्टन जोया कहती हैं, "एक महिला को सपने देखने और जो कुछ भी वह चाहती है उसे हासिल करने में सक्षम होना चाहिए. कोई भी सपना ऐसा नहीं है जो नामुमकिन हो."