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चीन का सैन्य शक्ति प्रदर्शन! लड़ाकू विमानों और जहाजों से ताइवान को घेरा, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी

ताइवान ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि देश के चारों ओर चीन के 10 लड़ाकू विमान  और 10 नौसैनिक जहाज सक्रिय रूप से संचालित होते देखे गए हैं। इनमें से चार विमान ताइवान की “मीडियन लाइन” पार कर उसके उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में घुस गए। रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “आज सुबह 6 बजे (स्थानीय समयानुसार) तक 10 PLA विमानों और 10 PLAN जहाजों को ताइवान के आसपास देखा गया। ताइवान की सशस्त्र सेनाएं हालात की बारीकी से निगरानी कर रही हैं और आवश्यक कदम उठा रही हैं।”  इससे पहले शनिवार को ताइवान ने 18 चीनी विमानों, सात नौसैनिक जहाजों और एक सरकारी पोत की गतिविधियां दर्ज की थीं। वहीं शुक्रवार को 38 विमान और नौ जहाज ताइवान के आसपास देखे गए थे, जिनमें से 31 विमानों ने मीडियन लाइन पार की थी। यह “मीडियन लाइन” ताइवान जलडमरूमध्य में एक अनौपचारिक सीमा है, जिसे चीन ने हाल के वर्षों में बार-बार पार कर ताइवान पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। इन लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों ने ताइवान स्ट्रेट में तनाव और बढ़ा दिया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा-“बीजिंग जानता है कि अगर उसने ताइवान पर सैन्य कार्रवाई की तो परिणाम क्या होंगे।”सीबीएस को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने खुलासा किया कि उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई मुलाकात में यह विषय नहीं उठा, लेकिन उन्होंने कहा,“अगर कुछ होता है तो दुनिया देखेगी… मैं अपनी रणनीति नहीं बताऊंगा, लेकिन चीन जानता है कि नतीजे क्या होंगे।”

पाक-अफगानिस्तान में अमन की नई कोशिश: तुर्किए किनारे, नया इस्लामिक देश मैदान में

अफगानिस्तान पाकिस्तान और अफगानिस्तान तालिबान के बीच माहौल गरमाता ही जा रहा है। कतर और तुर्किए की मध्यस्थता में इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता विफल हो चुकी है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच एक बार फिर से हिंसा बढ़ने की आशंका है। इन तमाम उठा पटक के बीच अब दोनों का पड़ोसी ईरान मध्यस्थता का प्रस्ताव लेकर आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने काबुल और इस्लामाबाद के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने में मदद करने की पेशकश की है। आईआरएनए के मुताबिक, शनिवार रात में पाकिस्तानी विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से बातचीत के दौरान अरागची ने यह प्रस्ताव रखा। चर्चा के दौरान, ईरानी विदेश मंत्री ने ईरान और पाकिस्तान के बीच एक गहरी दोस्ती और ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए दोनों को साझा हितों से जुड़े दोस्त मुस्लिम राष्ट्र बताया। अफगानिस्तान तालिबान के साथ पाकिस्तान के बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर करते हुए अरागची ने मतभेदों को दूर करके बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने का आग्रह किया। अरागची ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच शांति पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी जरूरी है। इस बातचीत के दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भी अपने ईरानी समकक्ष को हालिया घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। इसमें उन्होंने इस्तांबुल में संपन्न हुई शांति वार्ता और अन्य कूटनीतिक प्रयासों के बारे में भी बताया, जिन पर दोनों देशों की सहमति नहीं बन पाई थी। हालांकि, डार ने यहां इस बात पर जोर दिया कि वह अफगानिस्तान के साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं। पाकिस्तान अफगानिस्तान विवाद इससे पहले, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर विवाद जारी है। पिछले महीने पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हवाई हमले कर दिए थे, जिसके बाद सीमा पर तनाव बढ़ गया था। अफगानिस्तान तालिबान की तरफ से किए गए हमले में पाकिस्तान के कई दर्जन जवान भी मारे गए थे। हालांकि, इसमें अफगानिस्तान के कई आम नागरिकों की भी जान गई थी। सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव के बीच तुर्किए की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच में एक संघर्षविराम हुआ, लेकिन यह लंबे समय तक नहीं चल सका। पाकिस्तान ने फिर से अफगानिस्तान पर हमला बोल दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच में इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता भी विफल हो गई, और दोनों देश एक-दूसरे को धमकी देते नजर आए। गौरतलब है कि पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता है कि अफगानिस्तान अपनी धरती पर पाकिस्तान के दुश्मनों को पनाह दे रहा है, हालांकि अफगानिस्तान लगातार इससे इनकार करता रहा है।  

बाबर आज़म का करिश्मा जारी: सबसे तेज़ 15,000 रन पूरे कर क्रिकेट में दर्ज कराया नाम

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी वनडे के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट में 15000 रन पूरे किए। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पाकिस्तान के पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं, लेकिन सबसे खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम पाकिस्तान के अन्य बल्लेबाजों के मुकाबले सबसे कम पारियों में हासिल किया है। बाबर के अलावा इंजमाम-उल-हक, यूनिस खान, मोहम्मद यूसुफ और जावेद मियांदाद पाकिस्तान के लिए ये कारनामा कर चुके हैं। बाबर आजम को उनकी निरंतरता और तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) में शानदार प्रदर्शन के लिए जाना जाता है। बाबर आजम ने ये कारनामा महज 370 पारियों में किया है, जबकि पाकिस्तान के बाकी चारों महान बल्लेबाजों को यह आंकड़ा छूने के लिए 400 से 550 के बीच पारियां खेलनी पड़ी थीं। बाबर आजम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में 32 गेंद में 27 रन की पारी खेली। हालांकि वह तीन रन लेने के प्रयास में रन आउट हो गए। 329 मैचों में बाबर ने 45.46 की औसत से 15004 रन बनाए हैं, जिसमें 31 शतक और 104 अर्धशतक शामिल हैं, उनका बेस्ट स्कोर 196 है। दक्षिण अफ्रीका को 37.5 ओवर में 143 रन के स्कोर पर समेटने के बाद पाकिस्तान ने 25.1 ओवर में तीन विकेट पर 144 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पहले ही ओवर में फखर जमान (शून्य) का विकेट गंवा दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आये बाबर आजम ने सैम अयूब के साथ दूसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़े। इसी दौरान 11वें ओवर में बाबर आजम (27) रनआउट होकर पवेलियन लौट गये। मोहम्मद रिजवान ने सैम अयूब के साथ 65 रनों की साझेदारी कर अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। 24वें ओवर की चौथी गेंद पर ब्योर्न फोर्टेन ने सैम अयूब का शिकार कर लिया। सैम अयूब ने 70 गेंदों में 11 चौके और एक छक्का लगाते हुए 77 रनों की शानदार पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका के लिए नांद्रे बर्गर और ब्योर्न फोर्टेन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। अबरार अहमद 'प्लेयर ऑफ द मैच' और क्विंटन डी कॉक को 'प्लेयर ऑफ द सीरीज से नवाजा गया। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने शनिवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। क्विंटन डी कॉक और लुआन-द्रे प्रेटोरियस ने पहले विकेट के लिए 72 रन जोड़े। 15वें ओवर में आगा सलमान ने लुआन-द्रे प्रेटोरियस (39) को आउटकर पाकिस्तान को पहली सफलता दिलाई। विकेट के रूप में दूसरे टोनी डीजॉर्जी (दो) भी सलमान का शिकार बने। 26वें ओवर में मोहम्मद नवाज ने क्विंटन डी कॉक (53) आउटकर दक्षिण अफ्रीका को तीसरा झटका दिया। इसके बाद पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण के आगे दक्षिण अफ्रीका का कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिक सका। दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 37.5 ओवर में 143 के स्कोर पर सिमट गई। कप्तान मैथ्यू ब्रीत्जके (16) और एन पीटर 16 रन बनाकर आउट हुये। पाकिस्तान के लिए अबरार अहमद ने 27 रन देकर चार विकेट लिये। शाहीन शाह अफरीदी, मोहम्मद नवाज और आगा सलमान को दो-दो विकेट मिले।  

Cold Alert जारी: तापमान में तेजी से गिरावट, इन राज्यों में रहे सावधान

नई दिल्ली  देशभर में ठंड की शुरुआत हो चुकी है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इस बीच, रविवार को मौसम विभाग ने बताया है कि 9 नवंबर को पूर्वी राजस्थान, 9-11 नवंबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड में शीतलहर चलने वाली है। इस तरह आने वाले दिनों में चार राज्यों में शीतलहर की चेतावनी है। इसके अलावा, अगले चार पांच दिनों के दौरान दक्षिण हरियाणा, उत्तर पश्चिम भारत और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में कुछ मैदानी इलाकों में रात का तापमान सामान्य से लगभग दो से चार डिग्री सेल्सियस तक कम होगा। 9, 12 और 13 नवंबर के दौरान तमिलनाडु, 9-10 नवंबर को केरल, माहे में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 9, 12, 13 नवंबर को तमिलनाडु, 9 और 10 नवंबर को केरल, माहे में अधिकांश जगहों पर बारिश होने की संभावना है।9-13 नवंबर के दौरान तमिलनाडु, 9, 10 नवंबर को केरल, माहे में बिजली के साथ छीटें पड़ने की संभावना है। वहीं, ठंड की बात करें तो 9 तारीख को पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों, 9-11 नवंबर के दौरान एमपी, छत्तीसगढ़, झारखंड में शीतलहर चलेगी। चार पांच दिनों में मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तर पश्चिम झारखंड, दक्षिण हरियाणा के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से चार से सात डिग्री कम रहेगा और उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र में लगभग दो से चार डिग्री सेल्सियस तक कम होगा। वहीं, अगले दो से तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में मिनिमम टेम्प्रेचर में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।  

अब फौज ही फैसला करेगी! आसिम मुनीर बने Supreme Commander, PM भी रहेंगे साइडलाइन?

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर का कद एक बार फिर बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक बहुचर्चित 27वां संविधान विधेयक पाकिस्तान की संसद में पास हो गया है। इसके तहत सेना प्रमुख के बेतहाशा ताकत मिल गई है। सेना प्रमुख आसिम मुनीर अब तीनों सेनाओं के प्रमुख होंगे। प्रस्ताव के मुताबिक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की अगुआई में ये सारे बदलाव लागू होंगे। इस नए कानून से सेना प्रमुख को सुपरपावर मिल जाएगी जो कि तख्तापलट को संवैधानिक मंजूरी देने के बराबर है।   इस विधेयक में संविधान के 243वें आर्टिकल में बदलाव किया गया है। यह आर्टिकल सशस्त्र बलों से जुड़ा हुआ है। इसके तहत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के मशविरे पर सेना प्रमुख और रक्षा बल प्रमुख की नियुक्ति करेंगे। सेना प्रमुख अब रक्षा बलों के प्रमुख भी होंगे। इसके अलावा रक्षा प्रमुख ही राष्ट्रीय सामरिक कमान के प्रमुख की नियुक्ति प्रधानमंत्री से सलाह करके करेंगे। बता दें कि आसिम मुनीर को पहले ही फील्ड मार्शल का पद दे दिया गया था। वहीं इस संविधान संशोधन विधेयक से इसे संवैधानिक मान्यता दे दी गई है। फील्ड मार्शल का पद और विशेषाधिकार आजीवन बने रहेंगे। इसके अलावा अब जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष का पद समाप्त कर दिया जाएगा। पाकिस्तान के कानून मंत्री ने बताया कि अब 27 नवंबर के बाद से सीजेसीएससी के पद पर नियुक्ति नहीं होगी। इसके अलावा इस कानून से सरकार को फील्ड मार्शल, मार्शल ऑफ एयर फोर्स और ऐडमिरल ऑफ फ्लीट के पद पर अधिकारियों के पदोन्नत करने का अधिकार भी मिल जाता है। पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर से परेशान होने के बाद पाकिस्तान ने ये बदलाव किए हैं। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने पिछले महीने कहा था कि भारत के हमलों में अमेरिकी एफ-16 विमान समेत कम से कम 12 पाकिस्तानी सैन्य विमान नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए। भारत का कहना है कि मई में भारतीय सेना द्वारा विभिन्न पाकिस्तानी सैन्य ढांचों पर बमबारी के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष समाप्त करने का अनुरोध किया था। संघर्ष के तुरंत बाद, पाकिस्तान सरकार ने सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को ‘फील्ड मार्शल’ के पद पर पदोन्नत कर दिया, जिससे वह देश के इतिहास में इस पद पर पदोन्नत होने वाले दूसरे शीर्ष सैन्य अधिकारी बन गये थे। ॉ इसके अलावा सेना का समन्वय ठीक करने के लिए उसने चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का पद सृजित करने की योजना बनाई थी। प्रधानमंत्री भी फील्ड मार्शल को हटा नहीं सकते बता दें कि फील्ड मार्शल का पद प्रधानमंत्री भी छीन नहीं सकते हैं। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सामरिक कमान के कमांडरों की नियुक्ति करेंगे जिससे पाकिस्तान के परमाणु कमान ढांचे पर सैन्य नियंत्रण स्थापित हो जाएगा। इसके अलावा फील्ड मार्शल पर महाभियोग लगाने या फिर उपाधि खत्म करने का अधिकार भी प्रधानमंत्री के पास नहीं होगा। रिटायरमेंट के बाद फील्ड मार्शल को और भी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

इतिहासिक क्षण: 79 साल बाद सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा पहुंचे अमेरिका

 वॉशिंगटन सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शरा अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा बेहद ऐतिहासिक है क्योंकि साल 1946 के बाद पहली बार कोई सीरियाई राष्ट्रपति अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर वॉशिंगटन पहुंचे हैं। सीरियाई राष्ट्रपति का अमेरिका दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा का नाम आतंकवादी सूची से एक दिन पहले ही हटाया है। सोमवार को होगी ट्रंप से मुलाकात सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा वॉशिंगटन में सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। इससे पहले जब मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब का दौरा किया था, उस वक्त सऊदी अरब के रियाद शहर में भी ट्रंप की अहमद अल शरा से मुलाकात हुई थी। सीरिया में अमेरिका के राजदूत टॉम बराक ने उम्मीद जताई कि अहमद अल शरा के इस अमेरिका दौरे पर सीरिया की सरकार, आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है। शरा का नाम आतंकवादी सूची से हटा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका, सीरियाई राजधानी दमिश्क के पास एक सैन्य अड्डा बनाने की योजना बना रहा है। इस सैन्य अड्डे का मकसद मानवीय सहायता के काम में समन्वय बताया जा रहा है। अमेरिका के विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि अहमद अल शरा को आतंकवादी सूची से हटा दिया गया है क्योंकि शरा ने सीरिया में लापता अमेरिकियों का पता लगाने और बचे हुए रसायनिक हथियारों को खत्म करने की सहमति दी है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अहमद अल शरा पर लगे प्रतिबंधों को हटा लिया था, जिसके बाद शरा ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया। ऐसा करने वाले भी शरा पहले सीरियाई राष्ट्रपति हैं। आतंकी संगठन अल कायदा से रहा है जुड़ाव अहमद अल शरा के पूर्व के संगठन हयात तहरीर अल-शाम (HTS) का खूंखार आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़ाव था। यही वजह थी कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शरा का नाम आतंकवादी सूची में डाला हुआ था। हालांकि बाद में शरा सक्रिय राजनीति में उतरे और बीते साल बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। सत्ता संभालने के बाद से, शरा और सीरिया के नए नेतृत्व ने खुद को अपने उग्रवादी अतीत से दूर कर सीरियाई लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक अधिक उदार छवि पेश करने की कोशिश की है।

इस्कॉन नाम का हक किसका? मुंबई-बेंगलुरु विवाद पर SC का बड़ा निर्णय

बेंगलुरु  बेंगलुरु इस्कॉन मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट की बेंच में मतभेद देखने को मिला है। दरअसल, इस्कॉन के मुंबई और बेंगलुरु गुटों के बीच मंदिर के नियंत्रण को लेकर लंबे समय से मुकदमा चल रहा है। एससी ने एक साल से अधिक समय तक इस पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन, मई में पीठासीन न्यायाधीश जस्टिस एएस ओका के रिटायरमेंट से ठीक पहले बेंगलुरु शाखा के पक्ष में फैसला सुनाया गया। जस्टिस ओका और एजी मसीह की पीठ ने मई 2011 में कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें बेंगलुरु मंदिर का नियंत्रण मुंबई शाखा को दिया गया था। एचसी ने अप्रैल 2009 के ट्रायल कोर्ट के उस डिक्री को रद्द कर दिया था जो बेंगलुरु गुट के पक्ष में था।  हाई कोर्ट के फैसले के 14 साल बाद और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 6 महीने बाद अब दोनों पक्ष लगभग शुरुआती स्थिति में वापस आ गए हैं। क्योंकि जस्टिस जेके माहेश्वरी और एजी मसीह की पीठ ने 16 मई के फैसले की समीक्षा के लिए मुंबई शाखा की याचिका पर विभाजित फैसला दिया है। जस्टिस माहेश्वरी ने पाया कि मुंबई ब्रांच ने फैसले की समीक्षा के लिए मामला बनाया है। अपने आदेश में उन्होंने कहा, 'समीक्षा याचिकाओं को खुली अदालत में सूचीबद्ध करने के आवेदनों को मंजूरी दी जाती है। पक्षकारों को नोटिस जारी किया जाए।' दोनों जजों की अलग-अलग राय जस्टिस माहेश्वरी मानते हैं कि मुंबई शाखा को खुली अदालत में अपना पक्ष रखने की अनुमति मिलनी चाहिए, जिसमें फैसले में चूक की ओर इशारा है। दूसरी ओर, जस्टिस मसीह ने कहा, 'समीक्षा याचिकाओं, समीक्षा के अधीन फैसले और उसके साथ संलग्न सामग्री की सावधानीपूर्वक जांच हुई है। मैं संतुष्ट हूं कि रिकॉर्ड पर कोई स्पष्ट त्रुटि नहीं है या समीक्षा याचिकाओं में कोई मेरिट नहीं है, जो आरोपित फैसले पर फिर से विचार करने की गारंटी दे। इसलिए समीक्षा याचिकाएं खारिज की जाती हैं।' पीठ ने कहा कि मतभेदों के चलते समीक्षा याचिकाओं को सीजेआई के समक्ष निर्देशों के लिए रखा जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए।  

भूकंप से कांपा जापान: 6.7 तीव्रता के झटकों के बाद इवाते में खतरे की घंटी

टोक्यो जापान के उत्तर-पूर्वी इलाके में शनिवार शाम 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके बाद अधिकारियों ने इवाते प्रीफेक्चर के तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार, यह भूकंप शाम 5 बजे के बाद इवाते के तट से दूर समुद्र में आया। झटके इवाते और पड़ोसी मियागी प्रीफेक्चर में तेज़ी से महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता जापान के 0 से 7 के भूकंपीय पैमाने पर 4 दर्ज की गई।  अधिकारियों ने तटीय इलाकों के लोगों से समुद्र तट से दूर रहने और ऊँचाई वाले स्थानों पर जाने की अपील की है। अभी तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन समुद्र के जलस्तर और आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले झटकों) पर नजर बनाए हुए है। ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, और स्थानीय प्रशासन ने अपने आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र  सक्रिय कर दिए हैं ताकि हालात का आकलन किया जा सके।  जापान, जो प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" क्षेत्र में स्थित है, अक्सर भूकंप और सुनामी का सामना करता है। इस भूकंप ने लोगों को 2011 के भयानक पूर्वी जापान भूकंप और सुनामी की याद दिला दी, जिसने भारी तबाही मचाई थी और फुकुशिमा परमाणु संकट को जन्म दिया था। फिलहाल, JMA इवाते के तटीय क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी रखते हुए भूकंप की गहराई और संभावित झटकों का विश्लेषण कर रही है।  

मौत को मात! डॉक्टरों ने कर दिखाया कमाल, महिला फिर लौटी जिंदगी में

नई दिल्ली  मरने के बाद सांसे थम जाती हैं, धड़कने रुक जाती हैं और रंगो में खून दौड़ना बंद होता है, तो शरीर धीरे-धीरे ठंडा पड़ने लगता है। लेकिन, एशिया में पहली बार दिल्ली के डॉक्टरों ने चमत्कार कर दिया है। डॉक्टरों ने 55 साल की मर चुकी महिला की रगो में फिर से खून का प्रवाह (ब्लड सर्कुलेशन) शुरू कर दिया। ऐसा महिला के अंगों को दान करने के लिए किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, मृत महिला के शरीर में फिर से ब्लड का प्रवाह द्वारका के HCMCT मणिपाल अस्पताल में किया गया। यह प्रोसीजर एशिया में अपनी तरह का पहला है, जहां अंगों को निकालने के लिए मौत के बाद ब्लड सर्कुलेशन फिर से शुरू किया गया। इस बीमारी से लड़ रही थीं गीता गीता चावला नामक महिला मोटर न्यूरॉन नामक बीमारी के कारण पैरालाइज़्ड थीं। इसलिए वह काफी समय से बिस्तर पर थीं। उन्हें 5 नवंबर को सांस लेने में काफी समस्या होने लगी, तो आनन-फानन में अस्पताल लाया गया। जैसे-जैसे उनकी हालत बिगड़ी, परिवार ने उन्हें लाइफ सपोर्ट पर न रखने का फैसला किया। अंतता उन्होंने 6 नवंबर को रात 8:43 बजे इस दुनिया को छोड़ दिया। मौत के बाद ब्लड सर्कुलेशन क्यों शुरू किया? गीता चावला की ख्वाहिश थी कि मरने के बाद उनके अंगों को दान कर दिया जाए। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए, मेडिकल टीम ने नॉर्मोथर्मिक रीजनल परफ्यूजन (NRP) नामक एक दुर्लभ और जटिल प्रोसीजर किया। एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजिनेटर (ECMO) का इस्तेमाल करके, डॉक्टरों ने उनके पेट के अंगों में ब्लड सर्कुलेशन को सफलतापूर्वक फिर से शुरू किया। ऐसा तब हुआ, जब उनका दिल धड़कना बंद हो गया था और ECG लाइन फ्लैट होने के पांच मिनट बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के चेयरमैन डॉ. श्रीकांत श्रीनिवासन ने कहा, "एशिया में यह पहली बार है कि दान के लिए अंगों को सुरक्षित रखने के लिए मौत के बाद सर्कुलेशन फिर से शुरू किया गया।" एशिया में पहली बार, दिल्ली के डॉक्टरों ने किया कमाल उन्होंने आगे कहा, "भारत में अंग दान आमतौर पर ब्रेन डेथ के बाद होता है, जब दिल अभी भी धड़क रहा होता है। सर्कुलेटरी डेथ के बाद दान (DCD) में, दिल धड़कना बंद हो जाता है, इसलिए समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। NRP का इस्तेमाल करके, हम लिवर और किडनी को सुरक्षित रूप से निकालने और अलॉट करने के लिए काफी देर तक जीवित रख पाए।" गीता ने दी कई लोगों को नई जिंदगी प्रोसीजर के बाद, नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) ने अंगों को तुरंत ट्रांसप्लांटेशन के लिए अलॉट कर दिया। चावला का लिवर इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) में 48 साल के एक व्यक्ति को ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि उनकी किडनी मैक्स हॉस्पिटल, साकेत में 63 और 58 साल के दो अन्य पुरुष मरीजों को दी गईं। उनकी कॉर्निया और त्वचा भी दान की गई, जिससे कई मरीजों को फायदा हुआ।  

ATS का बड़ा एक्शन: हथियार सप्लाई करते तीन संदिग्ध गिरफ्तार, देश में हमले की साजिश का खुलासा

अहमदाबाद / नई दिल्ली गुजरात में आतंकी साजिश रचने के आरोप में तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आतंक रोधी दस्ते (ATS) ने हथियार सप्लाई करते समय तीनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। देश में आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में पकड़े गए इन लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया पुलिस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये पिछले एक साल से गुजरात एटीएस के रडार पर थे। तीनों को हथियार सप्लाई करते हुए गिरफ्तार किया गया। ये देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमले करने की योजना बना रहे थे।'