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जंग खत्म करो वरना… ट्रंप की पुतिन को खुली धमकी — यूक्रेन को मिल सकती हैं लंबी‑रेंज मिसाइलें

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को रूस को चेतावनी दी कि यदि वह यूक्रेन के साथ लंबे समय से जारी युद्ध को समाप्त नहीं करता है तो अमेरिका यूक्रेन को लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइल दे सकता है। ट्रंप ने इजराइल जाते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहूंगा कि अगर यह युद्ध नहीं समाप्त होता तो मैं उन्हें टॉमहॉक भेजूंगा। टॉमहॉक बेहतरीन हथियार है, बेहद आक्रामक हथियार…।'' ट्रंप ने पत्रकारों से कहा,‘‘ मैं उनसे कहूंगा कि अगर युद्ध समाप्त नहीं हुआ तो हम ऐसा कर सकते हैं।'' ट्रंप ने हालांकि कहा, ‘‘हो सकता है कि हम ऐसा न करें और ये भी हो सकता है कि हम ऐसा करें। मुझे लगता है कि यह बात रखनी चाहिए।'' ट्रंप की यह टिप्पणी रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन पर हुई बातचीत के बाद आई है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उस बातचीत में टॉमहॉक मिसाइल भेजने की संभावना का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘‘टॉमहॉक्स बेहद आक्रामकता भरा कदम है।'' ट्रंप ने ये बयान ऐसे वक्त दिए हैं जब रूस ने यूक्रेन के बिजली संयंत्रों पर रातों रात हमला किया और यह सर्दियों से पहले यूक्रेन की ऊर्जा संरचनाओं को ठप करने संबंधी उसके अभियान का ही हिस्सा है। रूस ने अमेरिका द्वारा यूक्रेन को टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दिए जाने की संभावना पर ‘‘बेहद चिंता'' व्यक्त की है। पुतिन पूर्व में कह चुके हैं कि अमेरिका द्वारा यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें दिए जाने से मॉस्को और वाशिंगटन के संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा। ट्रंप ने युद्ध के संबंध में कहा, ‘‘मुझे सचमुच लगता है कि अगर पुतिन इस मामले को सुलझा लेते हैं तो अच्छा है और अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह उनके लिए ही अच्छा नहीं होगा।''    

बारात लेकर जा रही बस खाई में गिरी, शादी का जश्न बदल गया हादसे में

हिमाचल  हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के लुहारघाट क्षेत्र में एक निजी बस के खाई में गिरने से बड़ा हादसा हो गया। यह बस रामशहर थाना क्षेत्र के तहत वैवाहिक समारोह में शामिल होने जा रहे 42 रिश्तेदारों को लेकर जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गई। विवाह की खुशियां मातम में बदलीं इस दुर्घटना में लगभग 10 यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर एम्स रेफर कर दिया गया है। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य जानकारी के अनुसार, बस रामशहर के जोबी गांव में एक विवाह कार्यक्रम के लिए जा रही थी। रास्ते में एक तीव्र ढलान और मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण बस फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी और पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पुलिस के पहुंचने से पहले ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस टीम को सूचना मिलते ही वे भी मौके पर पहुंच गई। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बिलासपुर एम्स भेजे गए घायल रामशहर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए एम्स बिलासपुर भेजा गया। इस हादसे में बस को भी काफी नुकसान हुआ है। डीएसपी नालागढ़ भीष्म ठाकुर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्होंने पुष्टि की कि गंभीर रूप से घायल यात्रियों का इलाज एम्स बिलासपुर में चल रहा है। हादसे के बाद अस्पताल की ओर दौड़े परिजन दुर्घटना की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। अपने प्रियजनों का हाल जानने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। यह हादसा बिलासपुर जिले की सीमा से लगे क्षेत्र में हुआ है। गौरतलब है कि पिछले दिनों बिलासपुर में ही पहाड़ दरकने से एक चलती बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस नए हादसे ने क्षेत्र में एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।  

बाढ़ की जिम्मेदारी भूटान पर, ममता बनर्जी ने मुआवजे की मांग की

कोलकाता  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि पड़ोसी देश भूटान से बहकर आने वाले पानी के कारण उत्तर बंगाल में बाढ़ आयी और उन्होंने भूटान से मुआवजे की मांग की। राहत एवं पुनर्वास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रही मुख्यमंत्री बनर्जी ने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में कहा कि भूटान से विभिन्न नदियों के माध्यम से बहकर आने वाले वर्षा जल के कारण यह क्षति हुई है। बनर्जी ने एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा, ‘‘भूटान से आने वाले पानी के कारण हमें नुकसान हुआ है हम चाहते हैं कि वे हमें मुआवजा दें।" उन्होंने कहा, ‘‘मैं पिछले कुछ समय से भारत-भूटान संयुक्त नदी आयोग के गठन पर जोर दे रही हूं और मेरी मांग है कि पश्चिम बंगाल को भी इसका हिस्सा बनाया जाए। हमारे दबाव में इस महीने की 16 तारीख को एक बैठक होनी है और हमारे अधिकारी उसमें शामिल होंगे।'' उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य को आपदाओं से निपटने के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता से वंचित रखा है। बनर्जी ने जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा के बामनडांगा क्षेत्र में कई राहत शिविरों का दौरा किया, जो चार अक्टूबर को हुई भारी बारिश के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। इससे इस क्षेत्र में बाढ़ आ गई थी और दार्जिलिंग तथा उसके निचले इलाकों के ऊपरी इलाकों में जान-माल की व्यापक क्षति हुई थी। पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में भूस्खलन और बाढ़ में कम से कम 32 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं। प्राकृतिक आपदा के बाद बनर्जी उत्तर बंगाल के अपने दूसरे दौरे पर हैं। वह शुक्रवार तक वहां रहेंगी। राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री बनर्जी पांच अक्टूबर से चार दिनों के लिए उत्तर बंगाल में थीं।    

महंगाई में बड़ी गिरावट, GST और बाजार ने मिलकर दी राहत — जानें किन चीज़ों के दाम घटे

नई दिल्ली आम आदमी को महंगाई (Inflation) के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है, सितंबर महीने में खुदरा महंगाई दर गिरकर 1.54 फीसदी पर पहुंच गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून-2017 के बाद खुदरा महंगाई दर सितंबर में सबसे कम रही. यानी करीब 99 महीने में सबसे कम महंगाई दर सितंबर महीने में दर्ज की गई है.  दरअसल, सितंबर 2025 में खाने-पीने की चीजें सस्ती होने से खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) लुढ़क कर 1.54 फीसदी पर पहुंच गई. इससे पहले अगस्त महीने में मामूली बढ़ोतरी के साथ खुदरा महंगाई दर 2.07% पर पहुंच गई थी, जबकि जुलाई- 2025 में खुदरा महंगाई दर 1.55 फीसदी दर्ज की गई थी. आंकड़ों को देखें तो खाद्य मुद्रास्फीति लगातार चौथे महीने निगेटिव रही है. खुदरा महंगाई के बास्केट में करीब 50% योगदान खाने-पीने की चीजों का होता है, जो कि महीने-दर-महीने के आधार पर सितंबर में माइनस 0.64% से घटकर माइनस 2.28% रह गई. वहीं सितंबर महीने में ग्रामीण महंगाई दर 1.69% से घटकर 1.07% हो गई है. जबकि शहरी महंगाई 2.47% से घटकर 2.04% पर आ गई.  महंगाई में गिरावट के पीछे GST का भी योगदान खुदरा महंगाई दर में गिरावट के पीछे GST रिफॉर्म का भी बड़ा योगदान रहा है, जीएसटी रेट में बदलाव और खाने-पीने की चीजों पर जीएसटी रेट में कटौती से भी सामान सस्ते हुए हैं. बता दें, 22 सितंबर से देश में जीएसटी रिफॉर्म को लागू हो गया है. इन सबके बीच खुदरा महंगाई अब भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 2-6% की आरामदायक सीमा के भीतर बनी हुई है. खुदरा महंगाई दर में बढ़ोतरी या गिरावट तब आती है, जब‍ फूड प्रोडक्‍ट्स खासकर आलू, प्‍याज, हरी सब्जियां, चावल, आटा और दाल वगैरह की कीमतें बढ़ती या घटती हैं. गौरतलब है कि RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बीते महीने कहा था कि वित्त वर्ष-26 की अंतिम तिमाही में मुद्रास्फीति में तेजी आने की संभावना है, खासकर सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण. वित्त वर्ष 26 के लिए RBI अब मुद्रास्फीति 3.1% रहने का अनुमान लगा रहा है, जो कि पहले 3.7% रहने का अनुमान लगाया गया था.  कैसे मापते हैं खुदरा महंगाई दर खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation Rate) एक आर्थिक संकेतक है, जो उपभोक्ता स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में औसत बढ़ोतरी को मापता है. भारत में यह आमतौर पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index – CPI) के आधार पर गणना की जाती है. CPI मुख्य तौर पर वस्तुओं और सेवाओं, जैसे खाद्य पदार्थ, ईंधन, कपड़े, आवास, स्वास्थ्य और परिवहन की कीमतों में बदलाव को ट्रैक करता है, जो सामान्य उपभोक्ता के दैनिक जीवन के लिए आवश्यक हैं. भारत में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) CPI डेटा जारी करता है. खुदरा महंगाई का आम आदमी पर असर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) महंगाई को काबू में करने के लिए रेपो रेट जैसे उपायों का उपयोग करता है. RBI का लक्ष्य खुदरा महंगाई को 4% (+/- 2%) के दायरे में रखना है. महंगाई बढ़ने से आम लोगों की क्रय शक्ति प्रभावित होती है. महंगाई दर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रिटर्न की वास्तविक वैल्यू को प्रभावित करती है.

17 साल बाद ऐतिहासिक क्षण! अमेरिका के राष्ट्रपति का इजराइल में भाषण और बंधकों की रिहाई

इजराइल  इजराइल और अमेरिका के संबंधों में  तब  ऐतिहासिक पल देखने को मिले जब   अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा में बंदी बनाए गए सभी जीवित इजराइली बंधकों की रिहाई के बाद उन्हें मिलने इजराइल पहुंचे। सबसे बड़ी बात यह है कि ट्रंप  इजराइल की संसद ‘कनेसट’ में भाषण देने जा रहे हैं। यह 17 सालों में पहला मौका है जब कोई सत्ता में मौजूद अमेरिकी राष्ट्रपति सीधे इजराइल की संसद के सामने भाषण देंगे। ट्रंप उसी समय  कनेसट पहुंचे जब गाजा में फंसे आखिरी इजराइली बंधकों को रिहा किया गया।  इस मौके को संघर्ष में मोड़ और परिवारों के पुनर्मिलन का क्षण माना जा रहा है। ट्रंप का यह दौरा अंतरराष्ट्रीय शांति व्यवस्था के लिए लंबे समय तक प्रयास करने का प्रतीक भी है। ट्रंप ने इजरायली नेसेट में एक साहसिक हस्तलिखित संदेश के साथ आधिकारिक अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए:"यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। एक महान और सुंदर दिन। एक नई शुरुआत।" संदेश पर येरूशलम में हस्ताक्षर किए गए, जिसमें नेतन्याहू उनके साथ खड़े थे, जब 20 बंधकों ने हमास की कैद से इजराइल की ओर अपनी यात्रा पूरी की।   हमास ने बचे हुए 13 इजराइली बंधकों को इजराइल में पहुंचाने के लिए सौंप दिया। इजराइली अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी बंधक सुरक्षित हैं और “खड़े होकर” यात्रा कर रहे हैं।रिहाई प्रक्रिया में रेड क्रॉस ने सहायता की, और IDF की टीमें उनकी आगमन पर स्वागत के लिए तैयार हैं। इससे पहले, आज कुल 20 इजराइली परिवारों अपने प्रियजनों से फिर से मिल पाएंगे। अमेरिकी शांति मिशन के सदस्य स्टीव विटकॉफ़ ने कहा-"मैंने कभी सोचा नहीं था कि यह दिन देख पाऊंगा।   यह जानकर दिल को बहुत राहत मिली कि इतने सारे परिवार आखिरकार अपने प्रियजनों से मिलेंगे।लेकिन इस खुशी के बीच, उनका दिल उन लोगों के लिए दुखी है, जिनके प्रियजन जीवित नहीं लौटेंगे। उनके शवों को लाना उनका सम्मान है और उनकी याद को हमेशा के लिए सम्मानित करेगा।मैं राष्ट्रपति ट्रंप के अदम्य साहस और नेतृत्व के लिए अत्यंत आभारी हूं। यह दिन उनके बिना संभव नहीं होता।"ट्रंप का भाषण न केवल बंधकों की रिहाई का जश्न है, बल्कि यह इजराइल और फिलिस्तीनी क्षेत्रों के लिए स्थायी शांति की दिशा में संकेत भी देता है। राजनीतिक विश्लेषक इसे पारंपरिक संघर्षों को कम करने और दीर्घकालीन शांति ढांचा बनाने का अवसर मान रहे हैं।

PM मोदी का किसानों को तोहफा, ₹35,000 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ, खेती में आत्मनिर्भरता पर ज़ोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित एक भव्य कृषि कार्यक्रम में देश भर के किसानों के साथ सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने किसान कल्याण और कृषि आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 35,440 करोड़ रुपए की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व सफलता हासिल करने वाले किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख योजनाओं, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना और दलहन में आत्मनिर्भर मिशन की घोषणा की। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना में 24,000 करोड़ रुपए का परिव्यय रखा गया है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि पद्धतियों में सुधार करना है। वहीं, दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन में 11,440 करोड़ रुपए के बजट के साथ यह मिशन देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है। इन योजनाओं के अलावा, प्रधानमंत्री ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। हरियाणा के हिसार जिले के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट किसान ने बताया कि वे काबुली चने की खेती के साथ-साथ मूल्य संवर्धन पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने 'दुगारी वाले' ब्रांड के नाम से चना, लहसुन और पापड़ जैसे उत्पाद बनाने के लिए 20 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया है। उनके उत्पाद जीएएम पोर्टल के माध्यम से सेना को भी बेचे जा रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने छोटे किसानों को समूह बनाकर खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसका एक सफल उदाहरण साझा करते हुए एक किसान ने बताया कि लगभग 1200 एकड़ भूमि पर अवशेष-मुक्त काबुली चने की खेती की जा रही है, जिससे बेहतर बाजार पहुंच और आय सुनिश्चित हुई है। गुजरात के अमरेली जिले के एक एफपीओ ने बताया कि कैसे 2 करोड़ रुपए के जमानत-मुक्त सरकारी ऋण ने उनके 1,700 किसानों के संगठन को सशक्त बनाया।एक किसान ने होटल में रूम बॉय के रूप में काम करने से लेकर 250 से अधिक गिर गायों की गौशाला के मालिक बनने तक की अपनी यात्रा साझा की, जिसमें पशुपालन मंत्रालय की 50 प्रतिशत सब्सिडी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के लाभार्थियों ने बताया कि कैसे इस योजना ने उन्हें नौकरी खोजने वाले से नौकरी देने वाला बना दिया है। कश्मीर के एक युवक ने मात्र दो वर्षों में 15 लाख रुपए का वार्षिक मुनाफा कमाया और 14 लोगों को रोजगार दिया। मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक युवा उद्यमी ने एरोपोनिक तकनीक से बिना मिट्टी के आलू के बीज उगाने की अपनी विधि का प्रदर्शन किया, जिसे प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में "जैन आलू" कहा। कश्मीरी सेब उत्पादकों ने बताया कि कैसे रेल कनेक्टिविटी ने उनके उत्पादों को दिल्ली तक पहुंचाना आसान और सस्ता बना दिया है। किसानों ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी योजनाओं से उन्हें बीज खरीदने और समय पर बुवाई करने में बहुत मदद मिली है। 6000 रुपए की वार्षिक सहायता हमारे लिए एक वरदान साबित हुई है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने बाजरा जैसे मोटे अनाजों (श्री अन्न) को पानी की कमी वाले क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा बताया और प्राकृतिक खेती को धीरे-धीरे अपनाने का सुझाव दिया। सत्र का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश भर के किसानों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनकी सफलता की कहानियां दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। किसानों ने भी प्रधानमंत्री से सीधे बात करने का अवसर मिलने पर भावुक कृतज्ञता व्यक्त की।

इस्लामाबाद में बेकाबू हालात: लाठीचार्ज और फायरिंग में कई पुलिसकर्मी घायल

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कार्यकर्ताओं के इस्लामाबाद मार्च को रोकने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और रेंजर्स के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़पें हुईं. लाहौर में हुई झड़पों में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और करीब 40 लोगों की मौत होने की खबर है. वहीं इस्लामाबाद में पाक सुरक्षा बलों ने अमेरिकी दूतावास के पास फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन की योजना बना रहे TLP नेताओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. लाठियां और गोलियां चलाईं। अमेरिकी दूतावास के पास हजारों पुलिसकर्मी तैनात वहीं स्थिति बिगड़ती देखकर इस्लामाबाद, लाहौल और रावलपिंडी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गईं हैं. इस्लामाबाद रेड जोन में हजारों सुरक्षाकर्मी बैरिकेड्स लगाकर तैनात कर दिए गए हैं. अमेरिकी दूतावास के आस-पास का इलाका अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को सतर्क रहने और प्रदर्शनकारियों से दूर रहने की चेतावनी दी है. बता दें कि पंजाब पुलिस ने बीते गुरुवार TLP प्रमुख साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार किया था, इसके बाद ही विरोध प्रदर्शन हिंसक होने लगे. क्यों हो रहा है पाकिस्तान में हिंसक विरोध प्रदर्शन? बता दें कि कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) गाजा में इजरायली सेना की कार्रवाई, हमले, नरसंहार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास को घेरने का ऐलान किया है, लेकिन पाक पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है. पुलिस के रोकने पर प्रदर्शनकारी हिंसक हो रहे हैं और प्रदर्शन का विस्तार पंजाबभर में करने की धमकी दे चुके हैं. शहबाज सरकार विवाद सुलझाने के लिए बातचीत करने का ऑफर दिया है, लेकन प्रदर्शनकारी नहीं मान रहे. हिंसा, गोलीबारी और पथराव के वीडियो वायरल हो रहे हैं.   कैसे हुई विरोध प्रदर्शनों और हिंसा की शुरुआत? बता दें कि गाजा में फिलिस्तीनियों के समर्थन में TLP ने लब्बैक या अक्सा मिलियन मार्च बुलाया. मार्च के तहत प्रदर्शनकारियों ने इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को घेराव करने की योजना बनाई. विरोध प्रदर्शन 9 अक्टूबर को लाहौर से शुरू हुआ, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का दमन करने के लिए TLP मुख्यालय पर रेड मारी तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. 10 अक्टूबर के प्रदर्शनकारी लाहौर से इस्लामाबाद की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन का दमन करने के लिए सड़कों को कंटेनर बिछाकर बंद कर दिया. साथ ही रावलपिंडी और इस्लामाबाद में धारा-144 लागू करके इंटरनेट बंद कर दिया. 11 और 12 अक्टूबर को लाहौर, मुरिदके और पंजाब के अन्य शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई, जिसमें करीब 10 लोग मारे गए. साद रिजवी (TLP) की हत्या होने का दावा भी किया गया है.  

अब भारत का खुद का नेविगेशन ऐप! Mappls लॉन्च, क्या Google Maps की होगी छुट्टी?

नई दिल्ली WhatsApp का स्वदेशी राइवल Arattai को माना जा रहा है. पिछले हफ्ते से लगातार ये ऐप सुर्खियों में बना हुआ है. अब बारी है स्वदेशी Google Maps राइवल Mappls की जो अमेरिकी Maps को टक्कर दे सकता है.  रेलवे और टेलीकॉम मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने अमेरिकी माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट X पर एक पोस्ट किया. इस पोस्ट के बाद से भारत की प्राइवेट कंपनी CE Info System के शेयर्स 10.7 फीसदी चढ़े. दरअसल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने X पर एक वीडियो पोस्ट किया है. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है 'स्वदेशी Mappls बाय MapmyIndia, Good features.. must try!'. वीडियो में कह रहे हैं कि वो Mappls की टीम से मिले हैं और इस मैप में कई खासियते हैं. Mappls की तारीफ करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ओवरब्रीज और अडरपास आता है तो वहां पे एक थ्री डायमेंशनल जंक्शन व्यू आता है. किसी बिल्डिंग में मल्टिपल फ्लोर्स हैं तो भी ये मैप बताता है कि किस शॉप में जाना है. लोगों को भी इसे ट्राई करना चाहिए.  रेलवे में यूज होगा स्वदेशी Mappls अश्विनी वैष्णव ने ये भी कहा है कि जल्दी ही रेलवे और Mappls के बीच MoU साइन किया जाएगा ताकि जितने भी अच्छे फीचर्स इस सर्विस में दिए गए हैं उसे यूज किया जा सके.  गौरतलब है कि Mapmyindia भारत की कंपनी है और इसकी पेरेंट कंपनी का नाम CE Info System है. अश्विनी वैष्णव वीडियो में Mapmyindia यूज करते हुए दिख रहे हैं. अश्विनी वैष्णव इस वीडियो में वो ऐपल कार प्ले में Mapmyindia यूद कर रहे हैं. इस दौरान वो इसकी खासियत भी बताते हुए दिख रहे हैं. यहां गूगल मैप्स की तरह ही रियल टाइन मेविगेशन देखा जा सकता है. स्वदेशी Arattai में इंटीग्रेट होगा MapmyIndia? X पर कई लोग पोस्ट करके लिख रहे हैं कि स्वदेशी WhatsApp राइवल Arattai में MapmyIndia को इंटीग्रेट करना चाहिए. एक X पोस्ट में MapmyIndia के डायरेक्टर रोहन वर्मा ने लिखा है कि वो भी चाहते हैं कि Aratti में इसे इंटीग्रेट किया जाए. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि कोई भी ऐप डेवेलपर Mappls API और SDK यूज करके इसे इंटीग्रेट कर सकता है. उन्होंनो पोस्ट में लिक भी शेयर किया है जहां इंटीग्रेशन के तरीकों के बारे में बताया गया है. कैसे काम करता है MapMyIndia का Mappls? CE Info सिस्टम की बात करें तो ये Mappls और Mapmyindia की पेरेंट कंपनी है. ये कंपनी लोकेशन बेस्ड iOT प्रोडक्ट्स और प्लेटफॉर्म्स बनाती है. कंपनी के मुताबिक Mappls भारत के लिए खासतौर पर बना है. इसमें आप बहुत ही लोकल लेवल पर लोकेशन और एड्रेस ढूंढ सकते हैं, जैसे किसी गली, मोहल्ले या गांव तक भी. इसमें Mappls Pin नाम की सुविधा है जिससे आप बहुत आसानी से किसी का सही पता शेयर कर सकते हैं. ये गूगल मैप्स पिन से इंस्पायर्ड है. Mappls के खास फीचर्स:     भारतीय सड़कों के लिए: इसमें स्पीड ब्रेकर, गड्ढे, टोल, रोडब्लॉक, लोकल लेन का नाम जैसे फीचर्स मिलते हैं.     RealView: 360° फोटो में भारत के खास जगहों की झलक देख सकते हैं.     भाषा: हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.     सेफ्टी: रोड सेफ्टी अलर्ट, मौसम, एयर क्वालिटी जैसी जानकारी.     ऑफलाइन मैप्स: बिना इंटरनेट के भी नेविगेशन. पहले ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड करना होता है.      प्राइवेसी: आपकी सारी जानकारी भारत में ही स्टोर होती है.        

मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे का लेटर: क्या कर्नाटक में RSS पर लगेगा बैन?

 बेंगलुरु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने 100 साल पूरे कर लिए हैं और उसका देश भर में जश्न मना रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने शताब्दी वर्ष से जुड़े एक आयोजन में हिस्सा लिया था और आरएसएस के सम्मान में डाक टिकट और सिक्का जारी किया था। लेकिन कर्नाटक में उसकी गतिविधियों पर बैन भी लगाया जा सकता है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक ने एक पत्र सिद्धारमैया सरकार को लिखा है, जिसमें संघ पर आरोप लगाया है कि वे संविधान से इतर गतिविधियां करते हैं। उनकी ओर से युवाओं और बच्चों को उकसाया जाता है ताकि देश की एकता और अखंडता पर खतरा पैदा हो। अब इस लेटर के आधार पर सिद्धारमैया ने राज्य की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश से कहा है कि वे पूरे मामले को समझें और उसकी जानकारी लेने के बाद जरूरी ऐक्शन लें। प्रियांक खरगे सिद्धारमैया की सरकार में आईटी मिनिस्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रियांक खरगे के प्रस्ताव पर भाजपा ने तीखा विरोध जाहिर किया है। भाजपा का कहना है कि अपनी असफलताओं से जनता का ध्यान खींचने के लिए सरकार चाहती है कि एक नया मुद्दा खड़ा हो जाए। इसके अलावा कांग्रेस में सीएम पद के लिए मची आंतरिक कलह को भी इसकी एक वजह बताया है। बता दें कि पिछले दिनों डीके शिवकुमार ने विधानसभा में आरएसएस की प्रार्थना की दो पंक्तियां सुनाई थीं और उसकी तारीफ की थी। प्रियांक खरगे ने पत्र में मांग की है कि आरएसएस की गतिविधियों पर बैन लगे। जैसे शाखा और बैठकों पर पाबंदी लगे। इसके अलावा सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगे। सरकारी स्कूल, सहायता प्राप्त स्कूल, खेल के मैदान आदि पर शाखाएं ना लगने दी जाएं। इसके अलावा सरकार के अंतर्गत आने वाले मंदिरों के इस्तेमाल पर भी रोक लगे। प्रियांक ने कहा कि आरएसएस अपनी गतिविधियों से नफरत के बीज बो रहा है। पुलिस से परमिशन के बिना ही आरएसएस के कार्यकर्ता लाठी लेकर चलते हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि संघ की बढ़ती लोकप्रियता कांग्रेस को पच नहीं रही है। अब वह असहिष्णु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऐसी पूरे देश में कोई घटना नहीं है, जब आरएसएस के लोगों ने कोई अनुशासनहीनता दिखाई हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तो लंबे समय से खिलाफ ही रही है, लेकिन आरएसएस की अपनी भूमिका है और देश रक्षा के लिए वह हमेशा तत्पर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट सख्त: करूर भगदड़ की होगी CBI जांच, एक्टर विजय पर आ सकता है कानूनी शिकंजा

करूर  तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को हुई भगदड़ की जांच सीबीआई करेगी. सोमवार 13 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से जांच कराने का आदेश दिया. इस भगदड़ में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलागा वेत्री कझागम (TVK) के रैली के दौरान 41 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे. कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नागरिकों का अधिकार है. पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पैनल गठित किया गया, जो CBI जांच की निगरानी करेगी. पूर्व जस्टिस होंगे कमिटी प्रमुख शीर्ष अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अजय रस्तोगी को उस कमिटी का प्रमुख नियुक्त किया है, जो CBI की जांच की निगरानी (मॉनिटरिंग) करेगी। इस कमेटी में तमिलनाडु कैडर के दो आईपीएस अधिकारी, जो तमिलनाडु के निवासी न हों, शामिल किए जा सकते हैं। CBI अधिकारी हर महीने जांच की प्रगति रिपोर्ट इस समिति को सौंपेंगे। SC ने मद्रास हाई कोर्ट की आलोचना सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट (चेन्नई बेंच) की भी आलोचना की कि उसने एक ऐसी याचिका पर विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दे दिया, जो वास्तव में केवल राजनीतिक रैलियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने की मांग कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से यह रिपोर्ट भी मांगी कि कैसे SOP से संबंधित याचिका को क्रिमिनल रिट याचिका के रूप में दर्ज किया गया। चेन्नई बेंच को खारिज कर देनी चाहिए याचिका सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि करूर मामला मदुरै बेंच के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए चेन्नई बेंच को इसे बिना मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के सुनवाई में नहीं लेना चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चेन्नई बेंच को यह याचिका खारिज कर देनी चाहिए थी। TVK ने कोर्ट के इस आदेश को दी चुनौती सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने यह अंतरिम आदेश TVK और अन्य पक्षों द्वारा दायर याचिका पर पारित किया। TVK ने 3 अक्टूबर को मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें SIT गठित की गई थी। पार्टी ने यह आपत्ति भी जताई थी कि SIT में केवल तमिलनाडु पुलिस अधिकारी ही शामिल किए गए, और हाई कोर्ट ने TVK और विजय के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणियां कीं। अन्य याचिकाओं में मदुरै बेंच के 3 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें जांच CBI को सौंपने से इनकार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट से किया सवाल सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मौखिक रूप से यह सवाल उठाया कि हाई कोर्ट ने यह आदेश कैसे पारित किया जब याचिका केवल SOP की मांग कर रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि जब AIADMK को उसी जगह रैली करने की अनुमति नहीं दी गई थी, तो TVK को कैसे दी गई, जबकि उस रास्ते को संकीर्ण (narrow passage) बताकर अनुमति से मना किया गया था। अदालत ने यह भी चिंता जताई कि 30 से 40 शवों का पोस्टमार्टम आधी रात को किया गया और सुबह 4 बजे अंतिम संस्कार कर दिया गया।