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सर्दी और जुकाम का सीज़न शुरू, वायरल इंफेक्शन से सावधान रहें

नई दिल्ली  मौसम में बदलाव के चलते लोग वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे है। सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित लोग अस्पताल पहुंच रहे है। वहीं कुछ पेट दर्द व उल्टी की समस्या से भी परेशान होकर चिकित्सक के पास आ रहे है। चिकित्सक संतुलित भोजन के साथ ही गुनगना पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में इस दिनों नौ सौ से अधिक रोगियों का पंजीकरण हो रहा है। ओपीडी कक्ष के बाहर लाइन लगी रहती है। वहीं चिल्ड्रेन वार्ड भी फुल रह रहा है। तेज बुखार वाले बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल में 956 रोगियों का ओपीडी के लिए पंजीकरण किया गया था। ओपीडी कक्ष के बार रोगियों की लाइन लगी थी। इसमें अधिकांश खासी, जुकाम, पेट दर्द व बुखार से पीड़ित थे। ओपीडी कक्ष में बैठे आयुष चिकित्सक डा. वीके वर्मा ने कहा क इस समय अधिकांश वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। जिससे वह बीमार पड़ जा रहे है। लोगों को सेहत सही रखने के लिए संतुलित भोजन करना चाहिए। गुनगुने पानी को पीना चाहिए। फास्ट फूड व जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए। बच्चों को ठंडी चीजों को न खिलाएं। बताएं कि वह लगभग 100 रोगियों की सेहत की जांच किए है। वहीं, रोगियों को परामर्श देते डा. राम जी सोनी ने कहा कि बदलते मौसम के कारण लोग सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। डा. अखिलेश मद्धेशिया भी ओपीडी कक्ष में रोगियों को देख रहे थे। चिल्ड्रेन वार्ड में कुल 11 बच्चे भर्ती थे। इसमें से अधिकांश पेट दर्द व बुखार से पीड़ित थे। वहीं पीआइसीयू में तीन बच्चें भर्ती थे। जिन्हें तेज बुखार था। ऐसे करें बचाव संतुलित भोजन का सेवन करें गुनगुने पानी को पीये फास्ट व जंक फूड से परहेज बच्चों को ठंडी चीजें न खिलाएं

यासीन मलिक मामले पर BJP का रुख साफ, महबूबा मुफ्ती के बयान को बताया निराधार

श्रीनगर भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अशोक कौल ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती द्वारा गृह मंत्री से यासीन मलिक के मामले की समीक्षा की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस अनुरोध में कोई दम नहीं है। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कौल ने कहा, यासीन मलिक के अपहरण मामले में उनके परिवार के सदस्य ने उनकी पहचान की है। अब मानवीय आधार पर समीक्षा की मांग करने का क्या मतलब है? अगर ऐसा होता, तो उनकी पहचान ही नहीं होनी चाहिए थी। कानून अपना काम करेगा। उन्होंने मलिक से जुड़ी बातों पर आगे टिप्पणी करते हुए कहा, मुझे नहीं पता कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले व्यक्ति के दिमाग में क्या था। ये आंतरिक विवाद हैं। मलिक का दावा है कि कांग्रेस ने उन्हें पाकिस्तान भेजा था, जबकि दूसरे लोग कुछ और कहते हैं। कौल ने कहा, आखिरकार, उनके अपने परिवार ने ही उनकी पहचान की। उनके अपहरण की कहानियां तो चलती रहेंगी, लेकिन मैं कश्मीरियों से ऐसी कहानियों से दूर रहने का आग्रह करता हूँ। इन नेताओं का असली चेहरा सामने आ गया है, और आगे और भी खुलासे होंगे। कौल ने ऐतिहासिक घटनाओं का भी हवाला देते हुए कहा, नरसिंह राव को किसी को भेजना था, लेकिन उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को भेज दिया, जो उस समय विपक्ष के नेता थे। उन्हें भारत के लिए बोलने का अवसर मिला और उन्होंने विदेश में देश को बदनाम करने से इनकार कर दिया, जैसा कि कुछ पूर्व नेताओं ने भारत की छवि खराब करने के लिए विदेश में जाकर किया था।

सेमीकंडक्टर में नई क्रांति: ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में लॉन्च हुआ नया मिशन

नई दिल्ली  भारत ने अगली पीढ़ी की सेमीकंडक्टर तकनीक में ऐतिहासिक कदम रखा है। बेंगलुरु में ब्रिटिश कंपनी एआरएम (ARM) का नया डिजाइन ऑफिस 2 नैनोमीटर (nm) चिप तकनीक पर काम शुरू करेगा, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जो इस अत्याधुनिक तकनीक पर काम कर सकते हैं। यह कदम भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बेंगलुरु में बनेंगे 2nm चिप केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत अब 2nm चिप डिजाइन और निर्माण की दिशा में पूरी तरह तैयार है। बेंगलुरु में स्थापित एआरएम के नए डिजाइन सेंटर में ये अत्याधुनिक चिप डिजाइन किए जाएंगे। 16 सितंबर को मंत्री ने इस सेंटर का उद्घाटन किया, जो भारत की तकनीकी प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ता है। इससे पहले मई 2025 में नोएडा और बेंगलुरु में 3nm चिप डिजाइन सेंटर खोले जा चुके हैं। 2nm चिप क्या है और क्यों है खास? सेमीकंडक्टर चिप्स में लाखों ट्रांजिस्टर होते हैं, जो बिजली के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। ट्रांजिस्टर का आकार जितना छोटा होता है, चिप उतनी ही तेज और ऊर्जा-कुशल होती है। 2nm तकनीक के ट्रांजिस्टर अत्यंत छोटे होते हैं, जो स्मार्टफोन्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवाइसेज और सुपरकंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन प्रदान करते हैं। अब तक केवल ताइवान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, चीन और जापान ही इस तकनीक के करीब थे। भारत की इस क्षेत्र में एंट्री उसे वैश्विक तकनीकी नेताओं की कतार में लाकर खड़ा करती है। वर्तमान में फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स जैसे iPhone और सैमसंग गैलेक्सी में 3nm चिप वाले प्रोसेसर का उपयोग हो रहा है, लेकिन अगले एक-दो साल में 2nm चिप्स का इस्तेमाल शुरू हो सकता है। भारत के लिए क्यों जरूरी है 2nm चिप? वैश्विक सेमीकंडक्टर मार्केट का आकार 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें भारत 100-110 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है। 2nm तकनीक की दिशा में यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह भारत को वैश्विक चिप सप्लाई चेन में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करेगा, जिससे देश की तकनीकी और आर्थिक ताकत बढ़ेगी।   सेमीकंडक्टर मिशन के तहत तेजी से प्रगति भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 6 राज्यों में 10 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनमें कुल 1.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके लिए 76,000 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता भी आवंटित की गई है। पिछले 11 वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 6 गुना बढ़ी है, जिससे सेमीकंडक्टर की मांग में तेजी आई है। सरकार का लक्ष्य केवल असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।  

नवरात्रि पर माता चिंतपूर्णी मंदिर में सुरक्षा चौकसी, भीड़ को देखते हुए विशेष तैयारियां

हिमाचल  माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में शारदीय नवरात्र मेले को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। यह मेला 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा, जिसके लिए भक्तों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु कुछ खास नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों को जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी किया है। इन नियमों का रखना होगा ध्यान इन नियमों के तहत, मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात जवानों के अलावा किसी भी व्यक्ति को हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। नवरात्रों के दौरान ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, मंदिर न्यास (ट्रस्ट) को इसकी अनुमति होगी। इसके साथ ही, ब्रास बैंड, ढोल, और लंबे चिमटे जैसी चीजें भी मेले में लाने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई श्रद्धालु इन चीजों को अपने साथ लाता है, तो उन्हें पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर पर जमा करवाना होगा।   पर्यावरण को साफ रखने के उद्देश्य से पॉलीथीन के उपयोग पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके अलावा, सड़क के किनारे या खुले में लंगर लगाने की भी अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए आतिशबाजी पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नवरात्र के दौरान हिमाचल प्रदेश के अन्य शक्तिपीठों, जैसे श्रीनयना देवी, कांगड़ा के श्रीबज्रेश्वरी देवी मंदिर, श्रीज्वालाजी माता, श्री चामुंडा देवी मंदिर और वनखंडी स्थित श्री बगलामुखी माता मंदिर में भी विशेष तैयारियां चल रही हैं। इन मंदिरों को फूलों से सजाया जा रहा है, जिससे यहां का माहौल और भी भक्तिमय हो गया है। पर्ची लेना अनिवार्य होगा इन नियमों में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सभी श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए पंजीकरण काउंटर से पर्ची लेना अनिवार्य होगा। बिना पर्ची के कोई भी भक्त माता श्री चिंतपूर्णी जी के दर्शन नहीं कर पाएगा। यह व्यवस्था भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए की गई है। इन सभी नियमों का उद्देश्य यह है कि सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां के दर्शन कर सकें और मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।  

मोदी के लिए पुतिन का तोहफा: भारत के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स को मिली हरी झंडी, अंतरराष्ट्रीय महाशक्तियों की चिंता बढ़ी

रूस   रूस  के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनेभारत के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अपने  खास दोस्त प्रधानमंत्री को एक खास पेशकश की है। भारतीय और रूसी अधिकारियों ने असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत बड़े और छोटे न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के स्थानीयकरण (Localisation) में सहयोग  की पेशकश की है। यह घोषणा रूस के सरकारी परमाणु ऊर्जा निगम  रोसाटॉम  ने की। रोसाटॉम के महानिदेशक  एलेक्सी लिखाचोव  ने 15-20 सितंबर को वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के 69वें वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में यह प्रस्ताव रखा। भारत की औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं का भी मिलेगा फायदा विशेषज्ञों का कहना है कि यह सहयोग मोदी सरकार के ऊर्जा आत्मनिर्भरता और रणनीतिक सुरक्षा एजेंडे  को मजबूती देने वाला कदम है। साथ ही यह भारत-रूस दोस्ती  और दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी का भी प्रतीक है। विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों पक्षों ने तमिलनाडु के  कुडनकुलम एनपीपी  में चरण 2 और 3 के लिए निर्माणाधीन चार इकाइयों की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा, भारत में रूसी डिजाइन वाले बड़े और छोटे न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के क्रमिक निर्माण के लिए आगे के सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।कुडनकुलम एनपीपी के पहले चरण में पहले ही दो इकाइयां चालू हो चुकी हैं। इस सहयोग से भारत के  स्थानीय औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं का भी फायदा मिलेगा और देश को ऊर्जा सुरक्षा में मजबूती मिलेगी।   अमेरिका, चीन और पाकिस्तान पर असर विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम केवल ऊर्जा सहयोग तक सीमित नहीं है। अमेरिका, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए संदेश भी है । रूस के समर्थन से भारत के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर असर पड़ेगा। पाकिस्तान के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि न्यूक्लियर तकनीक में भारत की बढ़ती ताकत उसकी रणनीति को चुनौती दे सकती है। चीन और अमेरिका भी भारत की इस बढ़ती ऊर्जा क्षमताओं को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।

नई GST दरों के लागू होने से पहले बाजार में हड़कंप, रिटेलर्स कर रहे खरीदारी

मुंबई  जीएसटी की नई दरें सोमवार से लागू होने से पहले ही बाजार में उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों में कमी दिखने लगी है। आइसक्रीम से लेकर साबुन और शैंपू तक की चीजें दुकानों में सस्ते दामों पर उपलब्ध हो रही हैं। ब्रांड्स और रिटेलर्स लास्ट-मिनट स्टॉकिंग की रेस से बचने के साथ-साथ सकारात्मक उपभोक्ता रुझानों का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। रिटेलर्स अपनी दुकानों को एफएमसीजी उत्पादों से तेजी से भर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को तुरंत फायदा मिल सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस हफ्ते कहा था कि जीएसटी परिवर्तनों के बाद 12 प्रतिशत स्लैब वाले 99 प्रतिशत सामान अब 5 प्रतिशत स्लैब में आ जाएंगे। इसमें बटर, पनीर, मिठाइयां और नमकीन स्नैक्स जैसे उत्पाद शामिल हैं। बिस्किट्स, आइसक्रीम, साबुन और टूथपेस्ट जैसे कई उत्पादों पर भी 18 प्रतिशत की जगह अब 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। हालांकि नई टैक्स दरें सोमवार से प्रभावी होंगी, लेकिन कंपनियां पहले से ही टैक्स के अंतर को खुद वहन करके रिटेलर्स को उत्पाद भेज रही हैं। आइसक्रीम ब्रांड बास्किन रॉबिन्स के मालिक ग्रेविस फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ मोहित खट्टर ने कहा, "हमारे सारे बिल अब 5 प्रतिशत जीएसटी पर शिफ्ट हो चुके हैं।" पहले प्रोडक्टस दिखने का फायदा? इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, किराना उत्पाद निर्माताओं ने वितरकों और खुदरा दुकानों को चुनिंदा कम कीमत वाले उत्पाद भेजना शुरू कर दिया है। एक पर्सनल केयर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कम कीमत वाले हमारे कुछ बड़े पैक पहले से ही खुदरा विक्रेताओं के पास दिखाई दे रहे हैं, और हम हफ्ते के अंत तक इसे और बढ़ा देंगे। उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि 22 सितंबर की सुबह कम कीमत वाले हमारे उत्पाद दुकानों में उपलब्ध हों। इन उत्पादों का बिल नई जीएसटी दरों पर दिया जा रहा है, और हम कम से कम कुछ हद तक अंतर को माफ करने को तैयार हैं।" प्रॉक्टर एंड गैंबल (पीएंडजी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल), लॉरियल, आईटीसी और ब्रिटानिया जैसी प्रमुख कंपनियों ने अखबारों में विज्ञापनों या इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए नई कीमतों की घोषणा की है। पीएंडजी ने अपने हेड एंड शोल्डर्स और पैंटीन शैंपू ब्रांड, पैम्पर्स डायपर, जिलेट शेविंग क्रीम, ओल्ड स्पाइस डियोडोरेंट और विक्स डिकंजेस्टेंट की कीमतें कम कर दी हैं। वहीं, एचयूएल ने डव और क्लिनिक शैंपू, ब्रू कॉफी, किसान जैम, लक्स और लाइफबॉय साबुन की कीमतों में कटौती की है।   बिक्री में उछाल की उम्मीद क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स कंपनियां भी पहले कदम उठाने का लाभ उठाने के लिए विभिन्न श्रेणियों में बिक्री और छूट शुरू कर रही हैं। क्विक-डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमितेश झा ने कहा कि वे शनिवार से कई उत्पादों पर छूट देकर जीएसटी बचत का लाभ जल्दी उठा रहे हैं। त्वरित-वाणिज्य क्षेत्र में देर से आई कंपनी अमेजन नाउ अपने ऐप पर दैनिक आवश्यक वस्तुओं के लिए ‘25,000 रुपये की वार्षिक बचत’ अभियान चला रही है, साथ ही 200 रुपये तक का कैशबैक भी दे रही है। सरकार ने जीएसटी दरों को तीन मुख्य स्लैब में सरल बना दिया है: 5 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 40 प्रतिशत। जहां 5 प्रतिशत की दर अधिकांश दैनिक आवश्यक वस्तुओं और घरेलू सामानों पर लागू होगी, वहीं 18 प्रतिशत की दर अधिकांश अन्य उपभोक्ता उत्पादों और सेवाओं के लिए नया मानक बनेगी। लक्जरी वस्तुओं और ‘सिन’ श्रेणियों जैसे गैसयुक्त पेय और तंबाकू को 40 प्रतिशत के उच्चतम कर दायरे में रखा गया है। कंपनियां विभिन्न श्रेणियों में बिक्री सुधारने के लिए जीएसटी लाभों पर भारी निर्भर हैं, खासकर पांच तिमाहियों से चली आ रही मंदी के बाद, जब महंगाई से प्रभावित उपभोक्ताओं, विशेष रूप से शहरों में, ने या तो खपत कम कर दी थी या कम कीमत वाले पैक अपना लिए थे, जिससे बिक्री की मात्रा और मूल्य वृद्धि दोनों प्रभावित हुई थीं। उपभोग में बढ़ोतरी की संभावना सिंथॉल साबुन बनाने वाली कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक सुधीर सीतापति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उपभोग में थोड़ी नरमी रही है, लेकिन आयकर और जीएसटी उपायों के संयोजन से सभी क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "न केवल उन श्रेणियों को लाभ होगा जहां दरों में कमी की गई है, बल्कि उन श्रेणियों को भी लाभ होगा जहां जीएसटी में कमी नहीं की गई है, क्योंकि उपभोग और विवेकाधीन खर्चों पर कुल उपलब्ध खर्च बढ़ जाएगा।"  

महायुति पर सवाल: संजय राउत बोले, ज्यादातर विधायक illegitimate, जनता खोज रही जवाब

मुंबई  शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने वोट चोरी के मुद्दे पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसे-ऐसे लोग चुनकर आए हैं जिनका कुछ अता-पता नहीं। लोग उन्हें ढूंढ रहे हैं कि कौन विधायक है। मीडिया से बातचीत में राउत ने शनिवार को कहा, 'ये लोग वोट चोरी से महाराष्ट्र में विधायक बन गए। एकनाथ शिंदे, अजित पवार या फिर बीजेपी के 90 फीसदी विधायक तो वोट चोरी बने हुए हैं। वे घपला करके बने हैं। इसलिए जनता को उनके नाम भी नहीं मालूम हैं।' संजय राउत ने कहा कि वे आकर धमकियां देते हैं तो देने दो। उन्होंने कहा, 'बीजेपी का अब यह कल्चर बन गया है। कोई जयंत पाटिल के पिता जी के बारे में बोलता है तो कोई मुझे गाली देता है। मैंने जो सवाल पूछा है उसका जवाब मिलना चाहिए। लोकतंत्र में आलोचना की जा रही है।' राउत ने कहा कि घुसकर मारने की बात करोगे तो वापस नहीं जाओगे। दरअसल, महाराष्ट्र के भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने एनसीपी (एसपी) के नेता जयंत पाटिल और उनके माता-पिता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। भाजपा विधायक पडलकर की टिप्पणी से विवाद विपक्षी दल के अध्यक्ष शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन कर अपनी असहमति दर्ज कराई थी। पडलकर ने संबंधित टिप्पणी हाल में सांगली जिले में अपने विधानसभा क्षेत्र जत में रैली के दौरान की थी। इससे उत्पन्न विवाद के बीच फडणवीस ने भी आपत्ति व्यक्त की और विधायक को संयम बरतने की सलाह दी। टिप्पणी के विरोध में एनसीपी (एसपी) ने पाटिल के निर्वाचन क्षेत्र सांगली के ईश्वरपुर व ठाणे में भी प्रदर्शन किया और पडलकर का पुतला जलाया। पाटिल हाल तक NCP (एसपी) के प्रदेश प्रमुख थे और वह कई वर्षों तक मंत्री रहे हैं। वह दिवंगत राजाराम पाटिल के पुत्र हैं, जो कांग्रेस के दिग्गज नेता होने के साथ ही पश्चिमी महाराष्ट्र में सहकारिता क्षेत्र के अग्रदूतों में से एक थे।  

छात्रा की सोशल मीडिया पोस्ट पर HC ने कहा नहीं रद्द करेंगे केस, पढ़ाई और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस

मुंबई  ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित पोस्ट के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि छात्रा पढ़ने में अच्छी है, केवल इस आधार पर केस रद्द नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अखंड की बेंच ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि आरोपी एक मेधावी छात्रा है और उसने अपनी परीक्षाएं अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की है, इसका मतलब यह नहीं है कि उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द की जा सकती है। 19 वर्षीय छात्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ पोस्ट की थी। हाई कोर्ट ने आगे कहा कि केवल पोस्ट हटा लेना और माफी मांग लेना ही काफी नहीं है। अदालत पुणे की एक छात्रा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान शत्रुता पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए मई में उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया गया था। उसे गिरफ्तार किया गया था लेकिन बाद में उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उसे रिहा कर दिया गया था। शुक्रवार को छात्रा के वकील ने अदालत को बताया कि जमानत मिलने के बाद, वह परीक्षा में शामिल हुई और उसे अच्छे अंक मिले। हालांकि, बेंच ने कहा कि इसलिए कि वह एक मेधावी छात्रा है, प्राथमिकी रद्द करने का आधार नहीं हो सकता। छात्रा के वकील ने दलील दी कि पोस्ट के पीछे उसकी कोई बुरी मंशा नहीं थी और उसने तुरंत इसे हटा दिया और माफी मांग ली। हालांकि, अदालत ने कहा कि (पोस्ट को) हटाने से मामला और भी गंभीर और जटिल हो गया है। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद निर्धारित की और सरकारी वकील मनखुवर देशमुख को ‘केस डायरी’ पेश करने का निर्देश दिया। छात्रा ने 7 मई को, इंस्टाग्राम पर 'रिफॉर्मिस्तान' नाम के एक अकाउंट से एक पोस्ट को रीपोस्ट किया था, जिसमें भारत सरकार की आलोचना की गई थी। दो घंटे के भीतर, छात्रा को अपनी गलती का एहसास हुआ और कई धमकियां मिलने के बाद उसने पोस्ट हटा दिया।  

MMRDA का कड़ा कदम: अटल सेतु की खामियों पर ठेकेदार को 1 करोड़ का दंड, कांग्रेस ने उठाया सवाल

मुंबई  मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने नए खुले अटल सेतु पर सतही क्षति दिखाने वाला एक वीडियो वायरल होने के बाद ठेकेदार पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, जिसका आधिकारिक नाम अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु है, का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी, 2024 को किया था. 17,840 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित, 21.8 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत का सबसे लंबा समुद्री पुल और दुनिया का 12वां सबसे लंबा पुल है. नए खुले अटल सेतु पर सतही क्षति दिखाने वाला एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद एमएमआरडीए ने कार्रवाई की. कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना महाराष्ट्र कांग्रेस ने भी अपने एक्स पर अटल सेतु के गड्ढों का वायरल वीडियो पोस्ट करके बीजेपी पर निशाना साधा है. इसमें एक तस्वीर और वीडियो शेयर किया गया हैं. पहली जब पीएम मोदी ने इस अटल सेतु का उद्घाटन किया था और दूसरा अटल सेतु पर गड्ढों और टेम्पररी पैचिंग का वायरल वीडियो सामने आया जो किसी नागरिक ने निकाला था.   MMRDA का बयान मेट्रोपॉलिटन आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के निर्देश पर शुक्रवार को 22 किलोमीटर लंबे अटल सेतु (दोनों अप और डाउन कैरिजवे) का व्यापक निरीक्षण अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन आयुक्त एवं परियोजना प्रभारी विक्रम कुमार ने किया. निरीक्षण के दौरान एमएमआरडीए टीम ने पुष्टि की कि नवी मुंबई की ओर जाने वाले कैरिजवे के केवल सीमित 2 किलोमीटर हिस्से (किमी 14 से किमी 16 के बीच) पर कुछ पैचों में हल्की सतही क्षति देखी गई. इसका कारण मानसून के दौरान मौसम की चरम स्थिति और लगातार ट्रैफिक बताया गया. ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई एमएमआरडीए टीम ने इस प्रोजेक्ट के ठेकेदार को निर्देश दिया है कि प्रभावित हिस्से की री-सर्फेसिंग पांच दिनों के भीतर पूरी की जाए. यह स्पष्ट कर दिया गया कि अगर कार्य निर्धारित समय में पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. पहले से उठाए गए प्रवर्तन कदमों के तहत ठेकेदार पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है. उनकी डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP), जो जनवरी 2026 में खत्म होनी थी, उसे एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है. कड़ी निगरानी के लिए प्रतिबद्ध मानसून के बाद पूरी सड़क को घने बिटुमिनस मैकाडम (DBM) और डामर कंक्रीट (AC) का उपयोग कर, ठेकेदार के अपने खर्च पर स्थायी रूप से पुनर्निर्मित और फिर तैयार किया जाएगा. एमएमआरडीए टीम ने दोहराया कि अटल सेतु संरचनात्मक रूप से मजबूत और सुरक्षित है तथा नागरिकों को आश्वस्त किया कि एमएमआरडीए इस महत्वपूर्ण परियोजना की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए त्वरित कार्रवाई और कड़ी निगरानी के लिए प्रतिबद्ध है.  

साइबर अटैक से यूरोप की हवाई सेवा ठप: चेक-इन सिस्टम फेल, यात्रियों को भारी परेशानी

लंदन  लंदन, ब्रसेल्स और कई बड़े यूरोपीय एयरपोर्ट्स पर साइबर अटैक के चलते फ्लाइट्स में देरी का मामला सामने आया है. दुनियाभर के हवाई अड्डों और एयरलाइनों के लिए सिस्टम संचालित करने वाली कंपनी कॉलिन्स एयरोस्पेस ने साइबर हमले से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी की पुष्टि की.  हीथ्रो एयरपोर्ट ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तकनीकी समस्या को जल्द से जल्द हल करने का प्रयास किया जा रहा है. यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट स्थिति एयरलाइन से जांच लें और लंबी उड़ानों के लिए तीन घंटे पहले, घरेलू उड़ानों के लिए दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचें.  हीथ्रो एयरपोर्ट ने बताया कि चेक-इन क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है, ताकि यात्रियों की मदद की जा सके और व्यवधान को कम किया जा सके. एयरपोर्ट ने हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी है. बर्लिन और हीथ्रो एयरपोर्ट भी प्रभावित जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग एयरपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि उनके सेवा प्रदाता के सिस्टम पर साइबर हमला हुआ है। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर हवाई अड्डा प्रशासन ने अपने नेटवर्क कनेक्शन को अस्थायी रूप से काट दिया। वहीं लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे ने भी तकनीकी समस्या की बात कही है। हीथ्रो एयरपोर्ट के अनुसार, कॉलीन्स एयरोस्पेस कंपनी जो कई एयरलाइनों को चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम मुहैया कराती है। तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रही है। इसके कारण उड़ानों में देरी हो रही है। यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह सभी हवाई अड्डों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी उड़ानों का स्टेटस समय-समय पर ऑनलाइन जांचते रहें और आवश्यकतानुसार फ्लाइट के समय को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही हवाई अड्डा प्रबंधन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है और समस्या के समाधान के लिए काम जारी रखने का आश्वासन दिया। सुरक्षा और समाधान के प्रयास जारी साइबर हमलों के कारण प्रभावित हवाई अड्डों ने अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्त कर दिया है। कई जगह पर सिस्टम को अस्थायी रूप से ऑफलाइन कर दिया गया है। ताकि आगे के हमलों को रोका जा सके। विशेषज्ञ इस मामले की गंभीरता को लेकर अलर्ट मोड में हैं और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ब्रसेल्स एय़रपोर्ट ने बताया कि साइबर हमले के कारण स्वचालित चेक-इन और बोर्डिंग सेवाएं बंद हो गईं, जिसके चलते कर्मचारियों को मैन्युअल प्रक्रिया अपनानी पड़ी. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि इससे फ्लाइट्स पर गंभीर असर पड़ा है. इसके चलते कई फ्लाइट्स में देरी हुई और फ्लाइट्स को कैंसल करना पड़ा, जबकि सेवा प्रदाता समस्या को जल्द हल करने में जुटा है. शनिवार को एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी कि वे यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन से फ्लाइट्स की पुष्टि कर लें. इस साइबर हमले से कई जगह यात्री प्रभावित हुए.  वहीं, बर्लिन एयरपोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर सूचना दी कि यूरोपभर में काम करने वाले एक सिस्टम प्रदाता में तकनीकी दिक़्क़त के कारण चेक-इन में लंबा इंतज़ार हो रहा है. एयरपोर्ट ने कहा कि समस्या के समाधान पर काम किया जा रहा है.