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दुनिया की जनसंख्या में शॉकिंग बढ़ोतरी, भारत का आंकड़ा सबसे हैरान करने वाला

 नई दिल्ली इतिहास, भूगोल की तरह ही जनसांख्यिकी भी एक रोचक विषय है। कैसे दुनिया की आबादी बढ़ी क्या कारण रहे और फिर किसी एक दौर में आकर इसमें कैसे ठहराव आता है और गिरावट की स्थिति नजर आने लगती है। यह दिलचस्प विषय रहा है। बीते कुछ समय से भारत में जनसंख्या के असंतुलन की बातें की जा रही हैं। इसके अलावा यह भी चिंता जताई जा रही है कि वर्ष 2100 के बाद से भारत में आबादी में तेजी से गिरावट आएगी। इसकी वजह है कि फिलहाल लोग परिवार बढ़ाने में पहले की पीढ़ियों की तुलना में कम रुचि ले रहे हैं। इसके बाद भी दुनिया की आबादी फिलहाल 8 अरब है और इस सदी के अंत तक आंकड़ा 11 अरब तक पहुंचने की बात की जा रही है। यह उच्चतम लेवल होगा और उसके बाद एक बार फिर से गिरावट का दौर शुरू होगा। इस बीच एक दिलचस्प तथ्य यह है कि भारत 1947 में जब आजाद हुआ था, तब उसकी आबादी 33 करोड़ ही थी। आज देश की जनसंख्या 1 अरब 40 करोड़ है। इस तरह अकेले भारत में ही आबादी एक अरब से ज्यादा बढ़ गई है। ऐसा ही पूरी दुनिया में 20वीं सदी में देखने को मिला। 1900 में दुनिया की आबादी 1 अरब 60 करोड़ ही थी, जो अब 4 गुना से ज्यादा तेजी से बढ़कर 8 अरब के पार है। दिलचस्प है कि वर्ष 1700 में तो पूरी दुनिया की आबादी ही 61 करोड़ थी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आबादी में इतनी तेजी से इजाफा इन 100 सालों में ही क्यों हुआ। वर्ष 1600 के मुकाबले 15 गुना बढ़ गई है आबादी यदि वर्ष 1600 से तुलना करें तो अब तक दुनिया की आबादी में 15 गुना का इजाफा हुआ है। आखिर 20वीं सदी में ही इतनी आबादी क्यों बढ़ी? इसका जवाब यह है कि मेडिकल की दुनिया में कई बड़े आविष्कार हुए हैं। इसके कारण मृत्यु दर में कमी आई है और जन्म दर बढ़ी है। शिशु मृत्यु दर भी कम हुई है और इसके चलते भी आबादी बढ़ी है। एशिया और अफ्रीका में तेज है आबादी बढ़ने की गति यही नहीं औद्योगिक विकास के कारण आय हेतु भी परिवारों में ज्यादा बच्चे पैदा करने का चलन शुरू हुआ। इसके अलावा औद्योगिक विकास से आय में इजाफा हुआ तो चिकित्सा क्षेत्र में कई रिसर्च हुए। कई जानलेवा रोगों से मुक्ति पाने में भी सरकारों को मदद मिली है। इसके कारण भी आबादी में इजाफा देखा गया है। हालांकि बीते 200 सालों में आबादी बढ़ने की गति अफ्रीका और एशिया की ज्यादा रही है। अब भी देखा जा रहा है कि दक्षिण एशिया, अफ्रीका जैसे इलाकों में आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन कई देशों में गिरावट की स्थिति है।

भयंकर हादसा: गंगास्नान कर लौट रहे दोस्तों की कार एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त

दादरी दादरी क्षेत्र में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार रात वैगन आर कार और ट्रक में टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में वैगन आर कार चालक सहित तीन की मौत हो गई, जबकि कार में सवार तीन अन्य लोग घायल हो गए। कार में कुल छह लोग सवार थे। ये सभी आपस में दोस्त थे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ित के स्वजन को सूचित कर मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी जोरदार थी की कार के परखच्चे उड़ गए। हाइड्रा की मदद से कार को ट्रक से अलग किया गया। वहीं घायलों को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने राहत व बचाव कार्य के अलावा अस्पताल में रक्तदान भी किया। पुलिस के अनुसार कोसीकलां मथुरा का रहने वाला कार चालक गौरव अपनी टैक्सी में पांच लोगों को लेकर हरिद्वार से फरीदाबाद लौट रहा था। वह बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े दस बजे दादरी क्षेत्र के बील अकबरपुर के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास पहुंचा तो वहीं सड़क किनारे खड़े ट्रक में कार की जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार की स्थिति देखकर हाइड्रा मंगाई और कार की बाडी को काटकर लोगों को बाहर निकाला। चालक गौरव समेत लोकेश निवासी हनुमान नगर खेड़ीपुल, गौतम निवासी जंवा छांयसा फरीदाबाद को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कोंडला होडल पलवल निवासी ललित की हालत गंभीर है। हरविंदर निवासी छांयसा फरीदाबाद हरियाणा, कुलदीप निवासी जंवा छायंसा फरीदाबाद घायल हैं। सभी का उपचार चल रहा है। घायलों की जान बचाने के लिए चार पुलिसकर्मियों ने रक्तदान भी किया। इधर, घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। ट्रक व कार को पुलिस ने कब्जे में ले लिया। दादरी कोतवाली प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि कार सवार हरिद्वार से गंगा स्नान कर फरीदाबाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान हादसा हुआ है। दो घायलों को शारदा अस्पताल व एक को फरीदाबाद में भर्ती कराया गया है। प्रथम दृष्टया जांच में वैगन आर कार खड़े ट्रक में पीछे से टकरा गई है। वास्तविक स्थिति का पता ट्रक चालक की गिरफ्तारी के बाद चलेगा। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।  

पाकिस्तान ने फिर जताई बातचीत की इच्छा, कश्मीर और आतंकवाद मुद्दा मुख्य

नई दिल्ली पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के साथ बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान न सिर्फ कश्मीर, बल्कि सभी लंबित मुद्दों पर भारत से बातचीत करने को तैयार है। इशाक डार ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ने कभी मध्यस्थता की मांग नहीं की, लेकिन अगर किसी तटस्थ जगह पर बातचीत का प्रस्ताव मिलता है तो वह तैयार हैं। भारत का दो टूक जवाब हालांकि, भारत ने कई बार यह साफ किया है कि पाकिस्तान से बातचीत सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की वापसी और आतंकवाद पर ही होगी। भारत ने कहा है कि कश्मीर पर किसी तरह की चर्चा नहीं होगी। इशाक डार ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें अमेरिका से भारत के साथ सीजफायर के लिए फोन आया था। उन्होंने साफ किया कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता है। बता दें, 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया था। यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई थी। चार दिनों तक चला संघर्ष भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए भारत के कई इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारत के डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के सभी ड्रोन और मिसाइल अटैक को नष्ट कर दिया था। लगातार चार दिनों तक दोनों देशों के बीच चले संघर्ष के बाद 10 मई को सीजफायर पर सहमति बनी थी। इशाक डार ने कहा कि यह समझौता अभी भी कायम है।

पूर्व NSA के घर हुई FBI रेड, भारत को लेकर ट्रंप की टिप्पणियों का मामला उजागर

नई दिल्ली अमेरिका में अचानक से राजनीतिक उथल-पुथल मच गया है। FBI ने पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत रह चुके जॉन बोल्टन के घर पर छापेमारी की है। मामला उनकी किताब 'The Room Where It Happened' में गुप्त सूचनाओं के खुलासे से जुड़ा बताया जा रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 7 बजे के करीब एफबीआई एजेंट्स ने मैरीलैंड के बेथेस्डा इलाके में बोल्टन के घर पर छापा मारा। FBI डायरेक्टर ने क्या कहा? यह कार्रवाई एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल के आदेश पर की गई है। छापे के बाद काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। एफबीआई एजेंट्स मिशन पर हैं।" बता दें, बोल्टन डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। लेकिन ट्रंप से मतभेद के बाद से वे लगातार उनकी नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। कब का है मामला? यह पूरा मामला बोल्टन की 2020 में आई किताब से जुड़ा है। किताब में ट्रंप प्रशासन के दौरान की कई गोपनीय बातें लिखी गई थीं। ट्रंप ने इसकी रिलीज रोकने की भी कोशिश की थी, लेकिन किताब छप गई थी। क्या है आरोप? सितंबर 2020 में ट्रंप सरकार के न्याय विभाग ने इस किताब को लेकर जांच शुरू की थी। अब इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए एफबीआई ने छापेमारी की है। बोल्टन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां सार्वजनिक कर दी। ट्रंप की आलोचना हाल ही में बोल्टन ने ट्रंप के उस बयान पर टिप्पणी की थी, जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया था। बोल्टन ने कहा था कि यह सिर्फ ट्रंप की आदत है कि वह हर चीज का श्रेय लेना चाहते हैं। इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है।  

केंद्र सरकार के फंड पर निशाना, पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर साधा वार

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर गए हैं और इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) सरकार पर जमकर निशाना साधा। जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल में विकास कार्यों के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है। चुनौती ये है कि बंगाल के लिए जो पैसा हम सीधे राज्य सरकार को भेजते हैं, उसमें से ज़्यादातर हिस्सा लूट लिया जाता है। वो पैसा TMC कैडर पर खर्च होता है, यही वजह है कि गरीब कल्याण की कई योजनाओं में बंगाल देश के दूसरे राज्यों से पीछे है। 'BJP ने हर प्रकार की मदद की' उन्होंने कहा, "बीते 11 वर्षों में केंद्र की BJP सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए लगातार हर प्रकार की मदद दी है। बंगाल में नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए जितना पैसा कांग्रेस की UPA सरकार ने अपने 10 साल में दिया था। उससे 3 गुना से ज्यादा पैसा हमारी भारत सरकार ने बंगाल को दिया है।" पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे के लिए भी बंगाल का बजट पहले की तुलना में तीन गुना बढ़ाया गया है। पश्चिम बंगाल आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है। इसलिए जब तक पश्चिम बंगाल का सामर्थ्य नहीं बढ़ेगा, तब तक विकसित भारत की यात्रा सफल नहीं हो पाएगी। क्योंकि BJP मानती है कि जब बंगाल का उदय होगा, तभी विकसित भारत बनेगा। पीएम मोदी ने दुर्गा पूजा पर की बात उन्होंने कहा, "मैं ऐसे समय में कोलकाता आया हूं जब दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई है। कोलकाता नए रंग में नई रौनक के साथ सज रहा है। आस्था और आनंद के पर्व के साथ जब विकास का पर्व भी जुड़ जाता है तो खुशी दोगुनी हो जाती है। यहां से कुछ ही दूरी पर मुझे कोलकाता मेट्रो और हाइवे से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास और लोकार्पण का अवसर मिला है।" पीएम ने कहा कि बीते 11 साल में यहां भारत सरकार द्वारा अनेक बड़े हाइवे प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं, बहुत सारे प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। जब 6 लेन का कोना एक्सप्रेस वे बनकर तैयार हो जाएगा, तो इससे पोर्ट की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।ये कनेक्टिविटी कोलकाता और पश्चिम बंगाल के बेहतर भविष्य की नींव को मजबूत करेगी। 'सरकार ने जनता की मांग पूरी की' उन्होंने कहा, "भारत सरकार पश्चिम बंगाल के विकास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। आज पश्चिम बंगाल देश के उन राज्यों में शामिल हो चुका है, जहां रेलवे का शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। लंबे समय से पुरुलिया से हावड़ा के बीच मेमू ट्रेन की मांग हो रही थी, भारत सरकार ने जनता की ये मांग भी पूरी कर दी है।"  

डेंगू की चपेट में बांग्लादेश, 24 घंटे में 5 लोगों की मृत्यु

ढाका बांग्लादेश में डेंगू से एक दिन में पांच लोगों की मौत हुई है, जो इस साल का सबसे बड़ा एक दिवसीय आंकड़ा है। देश के स्वास्थ्य महानिदेशालय के अनुसार, अब तक डेंगू से मरने वालों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में सुबह 8 बजे तक 311 नए मरीज सामने आए, जिससे इस साल डेंगू संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 27,782 हो गए हैं। साल 2024 में बांग्लादेश में डेंगू के एक लाख से ज्यादा मामले और 575 मौतें दर्ज की गई थीं, जबकि 2023 में डेंगू से 1,705 लोगों की जान गई थी, जो अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक आंकड़ा है। डेंगू एक वायरल बीमारी है जो एडीज मच्छरों के काटने से फैलती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, ग्रंथियों में सूजन, उल्टी और चकत्ते शामिल हैं। जून से सितंबर के बीच का मानसून काल बांग्लादेश में डेंगू का मुख्य मौसम माना जाता है। हाल के वर्षों में यह बीमारी देश में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस साल डेंगू के मामले और मौतें पिछले पांच सालों की समान अवधि की तुलना में कहीं ज्यादा हैं। डेंगू के मामले मई 2023 से तेजी से बढ़ने लगे थे और अब तक चरम पर नहीं पहुंचे हैं। देश के सभी 64 जिलों से मामले दर्ज किए गए हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र ढाका सिटी कॉर्पोरेशन है, जहां से कुल मामलों का 52.8 प्रतिशत और मौतों का 78.9 प्रतिशत सामने आया है। अन्य प्रभावित क्षेत्रों में चटगांव (13.2 प्रतिशत मामले, 9.2 प्रतिशत मौतें), ढाका डिवीजन (ढाका शहर को छोड़कर) (11.6 प्रतिशत मामले, 2.8 प्रतिशत मौतें) और बरिसाल डिवीजन (10.5 प्रतिशत मामले, 4.3 प्रतिशत मौतें) शामिल हैं। सिलहट डिवीजन में अब तक सबसे कम 560 मामले दर्ज हुए हैं और यहां किसी की मौत नहीं हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 अगस्त को गुजरात के दौरे पर, 1,400 करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाओं की देंगे सौगात

नई दिल्ली/गांधीनगर,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 अगस्त को गुजरात के दौरे पर रहेंगे, जहां वे 1,400 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजनाएं विशेष रूप से उत्तर गुजरात के महेसाणा, पाटन, बनासकांठा, गांधीनगर और अहमदाबाद जिलों को लाभान्वित करेंगी। यह रेलवे परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स दक्षता और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय योगदान देंगी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रेलवे की जो परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी उनमें 537 करोड़ रुपए की लागत से तैयार महेसाणा–पालनपुर रेल लाइन (65 किमी) का दोहरीकरण, 347 करोड़ रुपए की लागत से कलोल-कड़ी-कटोसन रोड रेल लाइन (37 किमी) का गेज कन्वर्जन और 520 करोड़ रुपए की लागत से बेचराजी-रणुंज रेल लाइन (40 किमी) का गेज कन्वर्जन शामिल है। ये रेलवे परियोजनाएं विशेष रूप से उत्तर गुजरात के महेसाणा, बनासकांठा और पाटण जिले को ब्रॉडगेज लाइन के माध्यम से सहज, सुरक्षित और निर्बाध संपर्क प्रदान करेंगी। इससे दैनिक यात्रियों, पर्यटकों और व्यवसायों के लिए आवागमन अधिक सरल और तेज होगा। साथ ही, क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। अतिरिक्त लाइन क्षमता के कारण अहमदाबाद-दिल्ली मार्ग पर तेज गति से ट्रेनों का संचालन संभव होगा। इससे अधिक यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा और मालगाड़ियों की गति एवं दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इस प्रकार यह परियोजनाएं गुजरात की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी। बेचराजी-रणुंज रेल लाइन का गेज कन्वर्जन नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान फॉर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के अनुरूप किया गया है। इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक लागत को कम करना और गुजरात राज्य की लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स रैंकिंग में और बेहतर सुधार लाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल उत्तर गुजरात की सामाजिक-आर्थिक प्रगति को और गति प्रदान करेगी। साथ ही, भारत के लॉजिस्टिक्स और रेलवे क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी कटोसन रोड और साबरमती के बीच यात्री ट्रेन सेवा कड़ी से एवं बेचराजी से कार-लोडेड मालगाड़ी सेवा का भी शुभारंभ करेंगे। कटोसन-साबरमती रोड नई ट्रेन सेवा न केवल पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। इसी तरह, बेचराजी से शुरू होने वाली कार-लोडेड मालगाड़ी राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों को मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इससे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इन दोनों रेल सेवाओं से क्षेत्र को पर्यावरण अनुकूल, टिकाऊ और उच्च गति वाला परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ये सभी रेलवे परियोजनाएं विकसित गुजरात से विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेंगी।  

रिपोर्ट में खुलासा: सिख यात्रियों के बीच फैलाने की कोशिश थी पाकिस्तान की भारत विरोधी नैरेटिव

इस्लामाबाद  पाकिस्तान की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां भारतीय सिख श्रद्धालुओं की आगामी पाकिस्तान यात्रा के दौरान रणनीतिक रूप से ‘भारत विरोधी नैरेटिव’ को आगे बढ़ाने की योजना बना रही हैं। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ‘खालसा वॉक्स’ में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया चर्चाओं में यह बात सामने आई कि 2 अगस्त को लाहौर के होटल गुलबर्ग में एक अंतर-एजेंसी बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा एजेंसियों, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (पीएसजीपीसी) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुद्वारों में भारत-विरोधी बैनर और नारे लगाने का सुझाव दिया था, लेकिन ईटीपीबी और पीएसजीपीसी ने इसका कड़ा विरोध किया। रिपोर्ट में कहा गया कि ईटीपीबी के एक अतिरिक्त सचिव ने चेतावनी दी कि यदि धार्मिक यात्राओं का राजनीतिकरण हुआ तो भारत ऐसे दौरे अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर सकता है, जिससे पहले से वित्तीय संकट झेल रहे बोर्ड को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। बताया गया कि 8 मई से करतारपुर कॉरिडोर बंद होने के कारण ईटीपीबी को हर महीने लगभग 7 करोड़ पाकिस्तानी रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, दो बड़े वार्षिक सिख तीर्थ यात्राओं के रद्द होने से स्थिति और बिगड़ गई है। अधिकारी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों को पूरी तरह राजनीति से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का कार्यक्रम पहले से ही कई सरकारी और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय में तैयार किया जाता है। हालांकि ईटीपीबी ने कहा कि वह संघीय निर्देशों का पालन करेगा, लेकिन धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखना उतना ही जरूरी है। इसके बावजूद, रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने श्रद्धालुओं के ठहरने के स्थानों के आसपास सेमिनार और बातचीत आयोजित कर ‘नकली नैरेटिव’ फैलाने की योजना बनाई है। इनमें "भारत में सिखों के साथ भेदभाव, भारत में गुरुद्वारों को निशाना बनाए जाने" जैसी बातें शामिल हैं। रिपोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि पाकिस्तान ऐतिहासिक शिकायतों, आर्थिक उपेक्षा की कथित धारणाओं और दुष्प्रचार का इस्तेमाल कर सिख प्रवासी समुदाय के एक हिस्से को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, धार्मिक यात्राओं को राजनीतिक एजेंडे से जोड़ना पाकिस्तान की एक सोची-समझी रणनीति है।  

कराची में बिजली संकट, 50 घंटे की कटौती पर नागरिकों ने किया विरोध

कराची  पाकिस्तान के कराची में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में 50 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने के बाद विभिन्न इलाकों में विरोध-प्रदर्शन किए गए। स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अमीराबाद, बुस्तान सोसायटी, यूनिवर्सिटी रोड, टीपू सुल्तान रोड, मोइनाबाद और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों ने बताया कि मंगलवार को दोपहर करीब 2:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) बिजली गुल हो गई। जिस दिन से शहर में भारी बारिश हुई थी, तब से बिजली सप्लाई अभी तक बहाल नहीं हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, पानी की आपूर्ति बंद होने से उनकी परेशानी और बढ़ गई। बिजली कटौती से परेशान लोगों ने के-इलेक्ट्रिक कार्यालय के बाहर धरना दिया और बार-बार की गई शिकायतों पर ध्यान न देने के लिए बिजली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मालिर में मेहरान डिपो मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे पीपुल्स बस सेवा ठप हो गई, जबकि लियाकत मार्केट की सड़कें बंद कर दी गईं, जिससे मॉडल कॉलोनी, जिन्ना एवेन्यू और आसपास की सड़कों पर भीषण जाम लग गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई तो वे शहर के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी अरब सागर में बने चक्रवाती तूफान के कारण गुरुवार शाम कराची के कई हिस्सों में बारिश हुई। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) के अनुसार, कराची के कई इलाकों में बारिश हुई, जिनमें गुलशन-ए-इकबाल, गुलशन-ए-मयमार, डालमिया रोड, ड्रिघ रोड, गुलिस्तान-ए-जौहर, एमए जिन्ना रोड, ओरंगी टाउन, हॉक्सबे और मुबारक गांव शामिल हैं। कराची में पिछले दो दिनों में मूसलाधार बारिश के बीच कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। शहर में ये मौतें डूबने, सड़क दुर्घटनाओं और बिजली का झटका लगने से हुईं। मौसम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि शहर के ऊपर एक बारिश लाने वाला मौसमी सिस्टम सक्रिय है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि देर रात तक इस सिस्टम के कमजोर होने की उम्मीद है और 27 अगस्त से एक और मानसून सिस्टम सिंध में प्रवेश कर सकता है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि 27 अगस्त को सिंध में मानसून सिस्टम के नए दौर के प्रवेश की उम्मीद है, जिससे कराची और सिंध के अन्य इलाकों में 30 अगस्त तक बारिश होगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अनुसार, जून के अंत में मानसून सीज़न शुरू होने के बाद से पाकिस्तान में बारिश से संबंधित 700 से ज़्यादा मौतें हुई हैं।

भारत-अमेरिका: राजदूत ने की नेताओं से बातचीत, व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर फोकस

वॉशिंगटन अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी नेताओं से लगातार हो रही मुलाकातों के तहत रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर बिल हेगर्टी से भेंट की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संवाद की प्रगति पर चर्चा की, जिसका उद्देश्य निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापारिक साझेदारी सुनिश्चित करना है। दोनों पक्षों ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते हाइड्रोकार्बन व्यापार पर भी विचार साझा किए। क्वात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज सीनेटर बिल हेगर्टी के साथ उपयोगी चर्चा हुई। भारत-अमेरिका साझेदारी के प्रति उनके निरंतर और मजबूत समर्थन के लिए आभारी हूं। निष्पक्ष और संतुलित व्यापारिक संबंधों पर जारी वार्ताओं की जानकारी दी। साथ ही, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हाइड्रोकार्बन व्यापार में वृद्धि पर भी विचार साझा किए।” भारतीय राजदूत ने डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ग्रेग लैंड्समैन से भी रचनात्मक बातचीत की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार संवाद और ऊर्जा सुरक्षा पर हालिया प्रगति से उन्हें अवगत कराया। गुरुवार को क्वात्रा ने हाउस आर्म्ड सर्विसेज डेमोक्रेट्स के रैंकिंग सदस्य एडम स्मिथ से भी बातचीत की। इस चर्चा में भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया घटनाक्रमों और व्यापार, ऊर्जा तथा रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर स्पष्ट विचार साझा किए। उन्होंने कहा, “प्रतिनिधि एडम स्मिथ के साथ रोचक चर्चा हुई। भारत-अमेरिका रिश्तों और आपसी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर उनके निरंतर समर्थन के लिए आभारी हूं।” इसके अलावा, क्वात्रा ने अमेरिकी सांसद जोश गॉथहाइमर से भी मुलाकात की, जो हाउस इंटेलिजेंस कमेटी की नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी और साइबर उपसमिति के रैंकिंग सदस्य हैं। इस बैठक में द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग, खासकर तेल और गैस व्यापार तथा संतुलित और निष्पक्ष व्यापारिक संबंधों पर विचार साझा किए गए। क्वात्रा की ये बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ बढ़ोतरी की घोषणा की। ट्रंप ने भारत के रूस से लगातार कच्चा तेल आयात करने को इसका मुख्य कारण बताया। इससे पहले 20 जुलाई को 25 प्रतिशत का एक और टैरिफ लागू हो चुका है। अमेरिकी कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक” करार दिया। मंत्रालय ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों और रणनीतिक स्वायत्तता का सम्मान किया जाना चाहिए।