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दुबई में सड़ रहे 1000 कंटेनर, केले, अंगूर, अनार और सब्जियों का भारी नुकसान भारत को

 नई दिल्‍ली मिडिल ईस्‍ट में संघर्ष के कारण महाराष्‍ट्र के किसानों और निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. एग्री प्रोडक्‍ट्स से जुड़े 800 से 1000 कंटेनर दुबई के जेबल अली बंदरगाह पर फंसे हुए हैं. 28 फरवरी से ही इनका कामकाज ठप है. कंटेनर अलग-अलग देशों या क्षेत्रों में एक्‍सपोर्ट नहीं हो पा रहे हैं, जिस कारण लाखों-करोड़ों के सामान खराब हो रहे हैं। दुबई का जेबेल अली पोर्ट मिडिल ईस्‍ट का एक प्रमुख बंदरगाह, जो खाड़ी क्षेत्र में कृषि उत्पादों के वितरण का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है. हालांकि, संघर्ष के कारण कामकाज पूरी तरह से ठप हो चुका है. इस कारण दुबई पहुंच चुके या भारत से आ रहे कई शिपमेंट बंदरगाह पर ही फंसे हुए हैं। निर्यातकों को भारी नुकसान फंसे हुए कंटेनरों में मुख्य रूप से केले, अंगूर, अनार, तरबूज, पत्तेदार सब्जियां और प्याज जैसे कम समय तक टिकने वाले कृषि उत्‍पाद हैं. यह महाराष्ट्र से निर्यात होने वाले प्रमुख उत्पाद भी हैं. कंटेनर फंस जाने के कारण ये खराब हो सकते हैं, जिसका मतलब है कि निर्यातकों को भारी नुकसान होगा. कंटेनर ऐसे समय में भी फंसे हैं जब खाड़ी देशों में रमजान के दौरान इन फलों, विशेष रूप से अंगूर और अनार की मांग चरम पर होती है. इसलिए कारोबार कम होने की भी आशंका है। घाटे में बेचना पड़ सकता है अंगूर वॉर के कारण कंटेनर तो फंसे ही हैं, जिससे मांग पूरी नहीं हो पा रही है. दूसरी ओर, खाड़ी देशों में फलों की मांग में परंपरागत रूप से वृद्धि देखी जाती है. वहीं किसान इस मौसमी बदलाव के अनुसार अपनी फसल की कटाई की योजना बनाते हैं. हालांकि, इस वर्ष संघर्ष के कारण निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बंदरगाहों पर मौजूद लगभग 5,000 से 6,000 टन अंगूर प्रभावित होने की आशंका है और खेतों में मौजूद निर्यात योग्य गुणवत्ता वाले 10,000 टन अंगूरों को अब स्थानीय स्तर पर घाटे में बेचना पड़ सकता है। बंदरगाह पर भीड़भाड़ के कारण और देरी  मुंबई के जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (JNPT) पर दुबई जाने वाले अंगूर के लगभग 80 कंटेनर अभी तक अनलोड नहीं किए गए हैं. नासिक से निर्यात के लिए आ रहे 200 से अधिक कंटेनर बंदरगाह के बाहर फंसे हुए हैं, जिससे भारी जाम लग गया है. स्थिति गंभीर है और निर्यातकों का कहना है कि जब तक जहाजरानी सर्विस फिर से शुरू नहीं हो जातीं, तब तक यह समस्या बनी रहेगी. इंडियन ग्रेप एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के निदेशक मधुकर क्षीरसागर के अनुसार, फंसे हुए हर कंटेनर से भारी नुकसान होता है, जिससे लाखों रुपये का वित्तीय नुकसान होता है। किसानों ने सरकार से अपील की किसान संगठन तत्काल सरकारी सहायता की मांग कर रहे हैं. महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के अध्यक्ष भरत दिघोले ने सरकार से प्रति क्विंटल 1,500 रुपये की सब्सिडी देने के साथ-साथ फंसे हुए कंटेनरों के लिए बंदरगाह शुल्क और विलंब शुल्क माफ करने का अनुरोध किया है. इसके अलावा, निर्यातकों की सहायता के लिए एक अस्थायी खरीद योजना शुरू करने की भी मांग की गई है, ताकि माल की निकासी होने तक उन्हें सहायता मिल सके। निर्यातकों ने खेप वापस मंगाई कुछ निर्यातकों ने पहले ही अपने माल को वापस मंगाना शुरू कर दिया है. प्रमुख निर्यातक प्रकाश गायकवाड़ ने बताया कि लंबे समय तक देरी के कारण उन्हें जेएनपीटी से केले और प्याज के कंटेनर वापस मंगाने पड़े, क्योंकि देरी से फसल खराब हो रही थी. नासिक सीमा शुल्क को भेजे गए प्याज के एक शिपमेंट को मंजूरी मिलने में चार दिन लग गए, तब तक पूरा माल खराब हो चुका था। कृषि आयात और निर्यात पर व्यापक प्रभाव इस रुकावट का असर खाड़ी देशों और ईरान से आयात पर भी पड़ा है. सेब, कीवी और खजूर जैसे उत्पादों से भरे लगभग 600-700 कंटेनर ईरानी बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं. फल व्यापारी सुयोग ज़ेदे के अनुसार, इन कंटेनरों का मूल्य काफी अधिक है, जिनमें कीवी के कंटेनरों का मूल्य 30-32 लाख रुपये और खजूर के कंटेनरों का मूल्य 45 लाख रुपये है। इसके अलावा, भारत के चीनी निर्यात अनिश्चितताओं का सामना कर रहे हैं. केंद्र ने इस सीजन में 20 लाख टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दी थी, लेकिन निर्यातकों का अनुमान है कि मौजूदा व्यवधानों के कारण केवल लगभग 5 लाख टन चीनी ही बाजार तक पहुंच पाएगी।

रॉयल एनफील्ड गुरिल्ला 450 का जल्द होगा लॉन्च, 450cc सेगमेंट में कंपनी की बड़ी रणनीति

मुंबई  भारतीय बाइक बाजार में अपनी मजबूत पहचान रखने वाली रॉयल एनफील्ड जल्द ही अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत करने जा रही है। खबर है कि कंपनी अपनी नई और दमदार बाइक गुरिल्ला 450 को मार्च 2026 के अंत तक लॉन्च कर सकती है। यह बाइक कंपनी की 450cc लाइनअप का सबसे किफायती मॉडल मानी जा रही है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि यह मॉडल कंपनी की बिक्री को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। नई बाइक को लेकर बाइक प्रेमियों में पहले से ही काफी उत्सुकता देखी जा रही है। 450cc सेगमेंट में पकड़ मजबूत करने की तैयारी रॉयल एनफील्ड लंबे समय से 350cc सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए हुए है। हालांकि 450cc श्रेणी में कंपनी को अभी उतनी सफलता नहीं मिली, जितनी उम्मीद की जा रही थी। यहां तक कि कंपनी की 650cc सीरीज की कुछ बाइक्स भी बिक्री के मामले में बेहतर प्रदर्शन करती नजर आई हैं। ऐसे में कंपनी अब गुरिल्ला 450 को अपडेटेड फीचर्स और बेहतर राइडिंग अनुभव के साथ पेश करने की तैयारी में है, ताकि इस सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत की जा सके। सस्पेंशन और राइड क्वालिटी में सुधार की संभावना हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नए अपडेट्स का खुलासा नहीं किया है, लेकिन ऑटो इंडस्ट्री में चर्चा है कि नए मॉडल में सस्पेंशन सेटअप को बेहतर बनाया जा सकता है। मौजूदा मॉडल में खराब सड़कों पर राइड थोड़ी सख्त महसूस होने की शिकायत कुछ राइडर्स ने की थी। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि नए वर्जन में बेहतर रियर सस्पेंशन दिया जा सकता है, जिससे राइडिंग अनुभव और आरामदायक हो सके। फ्रेश डिजाइन और नए कलर ऑप्शन नई गुरिल्ला 450 के साथ कुछ नए कलर ऑप्शन भी देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा अगर कंपनी इसमें अपसाइड डाउन (USD) फ्रंट फोर्क्स जैसे फीचर्स देती है, तो बाइक की हैंडलिंग और लुक दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे बाइक का रोडस्टर कैरेक्टर और ज्यादा मजबूत हो सकता है, खासकर लंबी दूरी की राइड के दौरान। दमदार इंजन और परफॉर्मेंस इंजन की बात करें तो 2026 गुरिल्ला 450 में कंपनी का भरोसेमंद Sherpa 450 इंजन ही मिलने की उम्मीद है। यह 452cc का सिंगल सिलेंडर, DOHC, 4-वॉल्व लिक्विड कूल्ड इंजन होगा, जो करीब 40 bhp की पावर और लगभग 40 Nm का टॉर्क जनरेट कर सकता है। इसके साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स, स्लिपर क्लच और इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल जैसे फीचर्स भी दिए जा सकते हैं। यह इंजन पहले से ही स्मूद परफॉर्मेंस और दमदार राइड के लिए जाना जाता है। क्या खरीदने से पहले इंतजार करना चाहिए? अगर आप रॉयल एनफील्ड गुरिल्ला 450 खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मार्च के अंत तक इंतजार करना समझदारी भरा फैसला हो सकता है। संभावना है कि नया मॉडल बेहतर फीचर्स और अपडेटेड सेटअप के साथ आए, जिससे राइडिंग अनुभव और भी बेहतर हो जाए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नया मॉडल 450cc सेगमेंट में कंपनी के लिए कितना बड़ा बदलाव साबित होता है।

युद्ध की आग से हिल रहा दुबई का रियल एस्टेट मार्केट, निवेशकों को चिंता

 दुबई सपनों की नगरी दुबई, जहां आसमान छूती कांच की इमारतें और समंदर की लहरों पर बसते आलीशान विला हर किसी को अपनी ओर खींचते हैं. आम इंसान के लिए यह एक ख्वाब है, तो रईसों और बॉलीवुड सितारों के लिए दूसरा घर, लेकिन युद्ध के साए में इसकी चमक फीकी पड़ती दिख रही है।   भीषण संघर्ष और मिसाइल हमलों ने यहां की रौनक को फीका करना शुरू कर दिया है. सवाल सिर्फ पर्यटन का नहीं, बल्कि उन अरबों रुपयों का है जो इस शहर की रियल एस्टेट में लगे हैं. क्या युद्ध की ये चिंगारी दुबई के चमकते भविष्य को झुलसा देगी. दुबई की उस 'सेफ हेवन' वाली छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस शहर को निवेश का सबसे सुरक्षित माना जाता था, क्या अब वहां के करोड़ों के निवेश पर युद्ध का साया मंडरा रहा है।  दुबई का रियल एस्टेट मार्केट पिछले कुछ समय से अपने सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहा था. साल 2025 इसके लिए ऐतिहासिक रहा, जहां 187 मिलियन डॉलर की रिकॉर्ड तोड़ प्रॉपर्टी सेल्स दर्ज की गई. यही नहीं दुनिया भर के हजारों नए करोड़पति अपनी संपत्ति और परिवार के साथ यूएई में शिफ्ट हुए. इसका मुख्य कारण यहां का वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा थी. दुबई की पूरी अर्थव्यवस्था उसकी सुरक्षा और स्थिरता पर टिकी है. लेकिन हाल ही में हुए ईरानी मिसाइल हमलों और क्षेत्र में बढ़ते युद्ध के माहौल ने इस 'सुरक्षित ठिकाने' वाली छवि को हिलाकर रख दिया है. निवेशकों के मन में अब यह डर बैठने लगा है कि क्या युद्ध की स्थिति में उनकी की संपत्ति सुरक्षित रहेगी।  दुबई का रियल एस्टेट मार्केट खतरे में भारतीय निवेशकों का बड़ा दांव दुबई के रियल एस्टेट की चमक में भारतीयों का बहुत बड़ा योगदान है. कुल ट्रांजैक्शंस का लगभग 25% से 30% हिस्सा भारतीय नागरिकों या एनआरआई (NRIs) का होता है. भारत के कई दिग्गज डेवलपर्स भी वहां बड़े पैमाने पर प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं. युद्ध के इस माहौल ने न केवल व्यक्तिगत निवेशकों, बल्कि इन बड़े भारतीय कॉर्पोरेट्स की चिंता भी बढ़ा दी है।  मार्केट में एक और बड़ी चिंता 'सप्लाई और डिमांड' के संतुलन को लेकर है. साल 2026 तक दुबई में लगभग 1.2 लाख नई रेजिडेंशियल यूनिट्स बाजार में आने वाली हैं. यह संख्या सामान्य वार्षिक आपूर्ति से दोगुनी है।  क्या पीछे हट रहे हैं विदेश खरीदार? अगर युद्ध के तनाव के कारण विदेशी खरीदार पीछे हटते हैं, तो मार्केट में घरों की बाढ़ आ जाएगी. विशेषज्ञों का अनुमान है कि मांग में कमी आने पर प्रॉपर्टी की कीमतें 3% से 7% तक गिर सकती हैं. तनाव का असर जमीन पर दिखने लगा है. इजराइल की स्ट्राइक के बाद से दुबई में प्रॉपर्टी देखने आने वालों की संख्या में भारी कमी आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुर्ज खलीफा जैसे प्रीमियम इलाकों में भी कुछ बड़े निवेशकों ने ऐन वक्त पर डील कैंसिल कर दी है और अपने हाथ खींच लिए हैं।  अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या डरा हुआ एचएनआई (HNI) निवेशक अपना पैसा दुबई से निकालकर भारत के उभरते लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट की ओर ले जाएगा? या फिर यह पूंजी सिंगापुर और लंदन जैसे पारंपरिक सुरक्षित बाजारों की ओर रुख करेगी. आने वाले कुछ महीने दुबई के भविष्य की दिशा तय करेंगे।  रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिन खरीदारों ने पहले ही दुबई में अपने घर बुक कर लिए हैं, वे अब सौदे की शर्तों पर फिर से बातचीत कर सकते हैं या भारी डिस्काउंट की मांग कर सकते हैं. वहीं, नए खरीदार फिलहाल 'देखो और इंतजार करो' (wait-and-watch) की नीति अपना रहे हैं, ताकि स्थिति पूरी तरह स्थिर होने के बाद ही कोई कदम उठा सकें. जानकारों का यह भी कहना है कि कुछ निवेशक अपना पैसा अब दुबई से हटाकर भारत के प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की ओर मोड़ सकते हैं।  विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर यह संघर्ष लंबा खींचता है, तो मार्केट में ट्रांजैक्शन वॉल्यूम, नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग और निवेशकों के भरोसे में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. आने वाले महीनों में मध्यम वर्ग के खरीदार ज्यादा आक्रामक तरीके से मोलभाव कर सकते हैं, जबकि डेवलपर्स नए प्रोजेक्ट्स को लॉन्च करने के फैसले को फिलहाल टाल सकते हैं. बड़े निवेशक (HNIs) भी अब बड़े निवेश करने से पहले समय और हालात का दोबारा आंकलन कर रहे हैं और नई प्रतिबद्धताओं को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं. अगर अनिश्चितता का यह दौर जारी रहा, तो कम से कम शॉर्ट-टर्म के लिए दुबई से भारत की ओर पूंजी का एक बड़ा पलायन देखने को मिल सकता है।   

बजट सत्र में राज्यपाल का संबोधन: गुलाब चंद कटारिया ने सरकार की उपलब्धियां बताईं, स्पीकर को भी दी नसीहत

चंडीगढ़ गवर्नर के अभिभाषण के दाैरान कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के बजट अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की और सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। वहीं गवर्नर के अभिभाषण के दाैरान कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के बजट अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की और सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। आये दिन हाल बिगड़ते जा रहे हैं और उस पर चर्चा करवाई जानी चाहिए। सभी कांग्रेस विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि राज्यपाल ने कहा कि आपको  अपनी बात रखने का उचित समय मिलेगा, लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी जारी रखी। राज्यपाल ने बजट अभिभाषण खत्म होने के बाद विधानसभा स्पीकर को सलाह दी कि सत्र की शुरुआत या अंत में राष्ट्रगीत वंदे मातरम का उच्चारण भी किया जाना चाहिए। स्पीकर ने इस पर भरोसा दिलाया। सत्र से पहले सीएम भगवंत मान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमान को पंजाब मंत्रिमंडल ने पारित कर दिया है। यह बजट रविवार को पेश किया जाएगा। इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह बजट प्रत्येक पंजाबी की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा और पंजाब को एक बार फिर रंगला पंजाब बनाने में सहायक होगा। विधानसभा में 7 मार्च को शनिवार के दिन अवकाश रहेगा। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सरकार अपना पांचवां बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं की जा सकती हैं। 9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी, जबकि 10 और 11 मार्च को विधायकों द्वारा बजट पर चर्चा की जाएगी। 12 मार्च को वैधानिक कार्य निपटाए जाएंगे। 13 से 15 मार्च तक प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। 16 मार्च को सत्र के अंतिम दिन विभिन्न विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे। अधूरे वादों और कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का प्रदर्शन विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक और नेता पंजाब भवन से विधानसभा तक रोष मार्च निकालेंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह सरकार को अधूरे चुनावी वादों, बढ़ते गैंगस्टरवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने जा रही है। खासतौर पर महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने के वादे को लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। कांग्रेस का दावा है कि 2022 में किए गए इस वादे के आधार पर सरकार को प्रत्येक महिला को चार साल के 48 हजार रुपये देने चाहिए। विपक्ष कथित फर्जी मुठभेड़ों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। प्रताप बाजवा की टिप्पणी के विरोध में मंत्री ईटीओ ने बजवाया बैंड कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में बैंड बाजा बजवाकर प्रदर्शन किया। कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंत्री पर बैंड बाजे से संबंधित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मंत्री ने एसएसपी अमृतसर को प्रताप बाजवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत भी दी है। फरवरी में अजनाला रैली के दौरान बाजवा ने कहा था कि मंत्री हरभजन ईटीओ बैंड बजाते थे लेकिन अब वह पंजाब का बैंड बजा रहा हैं। इस पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वड़िंग ने मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर अब मंत्री ईटीओ कहा कि यदि वे मेहनत के बूते जमीन से उठकर मंत्री पद तक पहुंचे हैं तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। दरअसल, ये बयान कांग्रेसियों की मानसिकता को दर्शाते हैं।

मध्य पूर्व संकट का असर: शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1,097 अंक लुढ़का; बैंकिंग स्टॉक्स दबाव में

मुंबई मध्य पूर्व में संघर्ष के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78,918.90 और निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,450.45 पर था। बाजार में गिरावट बैंकिंग शेयरों की तरफ से आई। निफ्टी बैंक 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,783.25 पर बंद हुआ। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.01 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.81 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 1.06 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 1.02 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 0.89 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.77 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.13 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.12 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.04 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में कम बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.69 प्रतिशत या 399.20 अंक की कमजोरी के साथ 57,393.35 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 39.90 अंक की गिरावट के साथ 16,498.90 पर था। सेंसेक्स पैक में बीईएल, सनफार्मा, एनटीपीसी, इन्फोसिस और एचसीएल टेक गेनर्स थे। आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट,एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, एलएंडटी, इंडिगो, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस और एचयूएल लूजर्स थे। बाजार में बड़ी गिरावट के पीछे बड़ा कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का जारी रहना है। युद्ध के लंबा चलने से अब एनर्जी की आपूर्ति को भी जोखिम पैदा हो गया है, जिससे निवेशकों के सेंटीमेंट पर नकारात्मक प्रभाव हुआ है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बनाने का काम कर रही है। एफआईआई ने गुरुवार को 3,752.52 करोड़ रुपए के इक्विटी की बिकवाली की थी। युद्ध के चलते कच्चे तेल में भी तेजी जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 80 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड का दाम 84 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

Mini Duster का डिफेंडर जैसा लुक, Thar और Jimny को मिलेगी कड़ी टक्कर

नई दिल्ली रेनो ने अपनी अपकमिंग SUV का नाम टीज कर दिया है. 10 मार्च को रेनो Bridger Concept को पेश किया जाएगा. इसे Mini Duster भी बताया जा रहा है. हालांकि, कंपनी ने अभी इसका डिजाइन पेश नहीं किया है, लेकिन कुछ रेंडर जरूर सामने आ रहे हैं. रेंडर्स को देखकर ऐसा लग रहा है कि कंपनी Mini Duster नहीं बल्कि डिफेंडर का छोटा वर्जन लेकर आ रही है। 17 मार्च को नई Duster को कंपनी लॉन्च करेगी, उससे पहले 10 मार्च को रेनो Bridger Concept को पेश करके ज्यादा बड़ा धमाका कर सकती है. ऑटो मोटो ने इसका एक रेंडर तैयार किया है, जो काफी हद तक रियल लाइफ जैसा है। रेनो ने जो तस्वीरें शेयर की थीं, उसमें कार के ऊपरी हिस्से की झलक दिख रही थी. भले ही रेनो ने सीमित डिटेल्स शेयर की हैं, लेकिन उससे कार के डिजाइन का एक अंदाजा लगाया जा सकता है। कैसा होगा कार का डिजाइन?  कार बॉक्सी डिजाइन के साथ आएगी और इसमें ऑफ-रोड फीचर्स दिए जा सकते हैं. इसमें फ्लैट रूफ मिलेगी, जिसके साथ हैवी ड्यूटी रूफ रेल्स होंगी. इसमें फ्लेयर्ड व्हील आर्च के साथ कन्वेंशनल डोर हैंडल्स दिए जा सकते हैं. रियर साइड में फ्लैट विंडस्क्रीन और टेलगेट मिलेगा. स्पेयर टायर को पीछे वाले गेट पर फिट किया जा सकता है, जिससे कार का लुक और भी बोल्ड होगा।  Renault Bridger का रेंडर ऑटो मोटो ने तैयार किया है. कौन-सा इंजन मिलेगा? Bridger को रेनो मिनी डस्टर की तरह प्रमोट कर रही है. संभव है कि कंपनी CMF-A+ प्लेटफॉर्म में कुछ बदलाव करके इसे तैयार कर सकती है. इसे ज्यादा रग्ड, लाइफस्टाइल फोकस्ड और Kiger के अल्टरनेटिव के तौर पर पेश किया जा सकता है. इसमें 1 लीटर का 3 सिलेंडर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया जा सकता है, जो रेनो काइगर में मिलता है। Renault Bridger को भारत में डिजाइन किया जाएगा. Thar और Jimny से होगा मुकाबला रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी इस कार को फ्रंट व्हील ड्राइव के साथ 4 व्हील ड्राइव में भी लॉन्च कर सकती है. इसके अलावा ADAS और दूसरे सेफ्टी फीचर्स भी दिए जा सकते हैं. रेनो इस कार को महिंद्रा की थार और मारुति की जिम्नी के मुकाबले में उतार सकती है। ये कार अगले साल के अंत तक लॉन्च हो सकती है. इसे भारत में डिजाइन किया जाएगा. भारत के अलावा Bridger को मुख्य रूप से अफ्रीका, मिडिल ईस्ट और लैटिन अमेरिका में बेचा जाएगा।

आज फिर बदले पेट्रोल-डीजल के दाम, जानिए आपके शहर में क्या है नया रेट

नई दिल्ली देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने आज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें अपडेट कर दी हैं। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ा दी है जिससे ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) अंतरराष्ट्रीय बाजार में $84 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसके बावजूद भारत में आज भी ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है। प्रमुख शहरों का आज का भाव (6 मार्च 2026) आज आपके शहर में एक लीटर पेट्रोल और डीजल के लिए आपको इतनी कीमत चुकानी होगी: शहर     पेट्रोल (₹/लीटर)     डीजल (₹/लीटर) नई दिल्ली     ₹94.77     ₹87.67 मुंबई     ₹103.50     ₹90.03 कोलकाता     ₹105.41     ₹92.02 चेन्नई     ₹101.06     ₹92.61 बेंगलुरु     ₹102.96     ₹90.99 लखनऊ     ₹94.57     ₹87.67 नोएडा     ₹94.90     ₹88.01 हैदराबाद     ₹107.50     ₹95.70 जयपुर     ₹105.11     ₹90.56 चंडीगढ़     ₹94.30     ₹82.45 पटना     ₹105.48     ₹91.72 वैश्विक तनाव और आपकी जेब मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उबाल आने का अंदेशा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में पेट्रोल की कीमतों में ₹2 से ₹3 तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि भारत ने अपनी रणनीति बदलते हुए रूस और अमेरिका से तेल आयात बढ़ा दिया है जिससे घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिल रही है। घर बैठे कैसे जानें सटीक रेट? हर शहर में वैट (VAT) और माल ढुलाई के कारण कीमतें अलग-अलग होती हैं। आप सिर्फ एक SMS से अपने क्षेत्र का भाव पता कर सकते हैं:     IOCL: 'RSP <पेट्रोल पंप कोड>' लिखकर 92249 92249 पर भेजें।     BPCL: 'RSP <पेट्रोल पंप कोड>' लिखकर 92231 12222 पर भेजें।     HPCL: 'HPPRICE <पेट्रोल पंप कोड>' लिखकर 92222 01122 पर भेजें।  

मिडिल ईस्ट के लिए इंडिगो की 17 नई फ्लाइट्स, यात्रियों को दी गई जरूरी एडवाइजरी

 नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइंस 6 मार्च 2026 को मिडिल ईस्ट के 8 अलग-अलग शहरों के लिए 17 उड़ानों का संचालन करेगी. एयरलाइन कुल 34 सेक्टरों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है, जिससे फंसे हुए यात्रियों को राहत मिल सके. एयरलाइंस मध्य पूर्व की तेजी से बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर परिचालन को सुरक्षित और चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का काम जारी है। यात्रियों की सुरक्षा का खयाल रखते हुए सिर्फ उन्हीं लोगों को यात्रा की अनुमति दी जा रही है, जिन्हें कंपनी ने सीधे इन्फॉर्म किया है. यह कदम क्षेत्र में हवाई सेवाओं को धीरे-धीरे सामान्य बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। एयरलाइन की टीमें रजिस्टर्स संपर्क जानकारियों के जरिए संबंधित ग्राहकों से सीधे संपर्क कर रही है। सुरक्षित बहाली के लिए सरकारी तालमेल इंडिगो ने कहा कि वह मध्य पूर्व और उसके आसपास के हालातों को लेकर बेहद सतर्क है. कंपनी सरकार और संबंधित विमानन अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है, जिससे उड़ानें पूरी तरह सुरक्षित वातावरण में संचालित की जा सकें. मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन को एक साथ शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। यात्रियों के लिए विशेष निर्देश एयरलाइंस ने यात्रियों से गुजारिश की है कि जब तक उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचित न किया जाए, वे हवाई अड्डे पर न पहुंचें. इंडिगो की टीमें केवल उन्हीं विशिष्ट उड़ानों के ग्राहकों से संपर्क कर रही हैं जिन्हें संचालित किया जा रहा है. यह निर्देश हवाई अड्डों पर भीड़ को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिया गया है. यात्री अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल पर आने वाले अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।    

ED ने मुंबई में अनिल अंबानी और रिलायंस पावर से जुड़ी 12 कंपनियों के ठिकानों पर मारी छापेमारी

मुंबई प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े कई व्यवसायों और अधिकारिक ठिकानों पर छापेमारी की. समाचार एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मुंबई में 10 से 12 जगहों पर एक साथ ये कार्रवाई की जा रही है. ED की करीब 15 विशेष टीमों ने तड़के सुबह ही रिलायंस पावर से जुड़े लोगों के दफ्तरों और घरों पर तलाशी शुरू कर दी थी। सूत्रों ने संकेत दिया है कि ये तलाशी रिलायंस पावर से जुड़े संदिग्ध फंड ट्रांसफर और लेनदेन की जांच का हिस्सा हैं. हालांकि, शुक्रवार की इन छापेमारी पर ED ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। बैंक धोखाधड़ी मामले में हो चुकी है कुर्की  इससे पहले, ED ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) के बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के पाली हिल स्थित आलीशान घर 'एबोड' (Abode) को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) किया था, जिसकी कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये आंकी गई है। पिछले महीने के अंत में, CBI ने भी बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर अनिल अंबानी के आवास और RCom के कार्यालयों की तलाशी ली थी। अनिल अंबानी की कंपनी पर क्या हैं आरोप? CBI की FIR के मुताबिक, रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बैंक ऑफ बड़ौदा को 2,220 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान पहुंचाया है. आरोप है कि कंपनी ने कर्ज के पैसों का गलत इस्तेमाल किया और फर्जी लेनदेन के जरिए पैसे इधर-उधर किए. साथ ही, कंपनी के खातों (Books of Accounts) में हेराफेरी कर अनियमितताओं को छिपाने की कोशिश की गई. फिलहाल, ED ने इन ताजा छापों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पिछले महीने हुई थी घर की जब्ती पिछले ही महीने फरवरी 2026 में, ईडी ने अनिल अंबानी पर बड़ी कर्रवाई की थी। जिसमें अनिल अंबानी के मुंबई स्थित घर, 'अबोड' अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था। इस घर की अनुमानित कीमत 3,500 करोड़ रुपये बताई जाती है। यह जब्ती रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले की लंबे समय से चल रही जांच के सिलसिले में की गई थी। इस जब्ती के साथ अंबानी ग्रुप की संपत्तियों की कुल जब्ती राशि 15,700 करोड़ रुपये से अधिक तक हो गई थी। क्या हैं आरोप आरोप है कि आरकॉम ने विभिन्न बैंकों जैसे एसबीआई, यस बैंक आदि से प्राप्त लोन की राशि को संबंधित संस्थाओं और विदेशी खातों में डायवर्ट किया गया। इसमें चीनी राज्य बैंकों से जुड़े 13,558 करोड़ रुपये के एक्सपोजर का भी जिक्र है। सीबीआई की 2019 की एफआईआर के आधार पर यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच चल रही है। ईडी ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मामले की जांच कर रही है।  

सेंसेक्स 500 अंक टूटा, निफ्टी 24,600 के पास, बाजार गिरने की वजह क्या है?

मुंबई शेयर बाजार में आज 6 मार्च को जोरदार गिरावट के साथ बाजार खुले हैं. सुबह 9:22 बजे पर सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 79,472 के करीब ट्रेड कर रहा और निफ्टी 169 अंक फिसलकर 24,607 पर कारोबार कर रहा है. बैंक निफ्टी में 14 में से 10 शेयर्स में गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार में आज 1021 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, 1011 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 195 शेयर बिना बदलाव के नजर आ रहे है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो निफ्टी टॉप गेनर्स हैं. वहीं, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी निफ्टी टॉप लूजर्स में शामिल रहे हैं।  बाजार में वोलैटिलिटी थोड़ी बढ़ी है, इंडिया VIX करीब 3.5% बढ़कर 18.48 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाता है. यह गिरावट पिछले सेशन की तेज रैली के बाद आई है, जब सेंसेक्स करीब 900 अंक उछला था और निफ्टी 285 अंक से ज्यादा चढ़ा था. कल 5 मार्च को मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ऑटो शेयरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली थी।  किन वजहों से शेयर बाजार लुढ़का? ग्लोबल बाजारों में रातोंरात माहौल सतर्क होता हुआ नजर आया है. अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जहां डॉव जोन्स 780 से ज्यादा अंक टूट गया. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर चिंता बढ़ गई. वहीं एशियाई बाजार भी शुक्रवार सुबह कमजोर कारोबार करते दिखे, और लंबे समय से जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्षेत्रीय बाजार छह साल की सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ते नजर आए. आज गिफ्ट निफ्टी 169.50 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,626.50 पर कारोबार करता दिखा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं थे कि शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट की शुरुआत कमजोर हो सकती है।  एनालिस्ट की राय जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिकी अमेरिकी ड‍िप्‍टी सेक्रेटरी के कमेंट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसमें संकेत मिला कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी हो सकती है. हालिया करेक्शन के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली. वहीं, गुरुवार को भारतीय रुपये की मजबूती के कारण आईटी शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हाल के दिनों में तेज बढ़त के बाद शुक्रवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है।