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West Asia संकट का असर: शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1353 अंक गिरा

मुंबई पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से वैश्विक बाजारों में गिरावट का माहौल देखने को मिल रहा है। इसके चलते सोमवार को घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की भावना पर भारी असर डाला। रुपया 53 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92.35 पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,352.74 अंक या 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ, लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। दिन भर में, यह सूचकांक 2,494.35 अंक या 3.16 प्रतिशत गिरकर 76,424.55 पर पहुंच गया। इसी क्रम में, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 422.40 अंक या 1.73 प्रतिशत गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 752.65 अंक या 3.07 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,697.80 पर पहुंच गया। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, इसके शेयरों में 5.23 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन और अदानी पोर्ट्स प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक को लाभ हुआ। क्यों गिरा बाजार? ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशकों की भावना पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार लगभग 3 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ खुले और सत्र के अंत में तेजी से नीचे बंद हुए। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिमों में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर धकेल दिया और भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा दिया, जिससे मुद्रास्फीति और बाहरी संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5.96 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 5.20 प्रतिशत गिर गया। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सत्र के मध्य में काफी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 12.34 प्रतिशत की उछाल आई और यह 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 6,971.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरकर 24,450.45 पर समाप्त हुआ। पिछले सप्ताह, बीएसई बेंचमार्क 2,368.29 अंक या 2.91 प्रतिशत गिर गया, और निफ्टी 728.2 अंक या 2.89 प्रतिशत गिर गया।

मिडिल ईस्ट संकट का असर, रुपया टूटा — डॉलर के मुकाबले 92.5 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर

नई दिल्ली भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 92.20 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन जल्दी ही गिरकर 92.528 तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 25% से ज्यादा उछलकर 118 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों में डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आयातकों और तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल सकता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के मुताबिक, डॉलर-रुपया जोड़ी फिलहाल अपने नए ऑल-टाइम हाई के आसपास 92.30-92.32 के दायरे में कारोबार कर रही है। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल और मजबूत डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। तकनीकी चार्ट के आधार पर फिलहाल ट्रेंड अमेरिकी डॉलर के पक्ष में मजबूत दिखाई दे रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और शेयर बाजार में भारी गिरावट ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ाया है। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 18 पैसे गिरकर 91.82 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। घेरलू शेयर बाजार में दिखी बड़ी गिरावट इधर डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.66% बढ़कर 99.64 पर पहुंच गया। वहीं घरेलू शेयर बाजार में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2,400 से ज्यादा अंक गिर गया, जबकि निफ्टी 708.75 अंक टूटकर 24,000 के नीचे पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि इस बीच एक सकारात्मक संकेत यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.885 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया।  

Ferrari 849 Testarossa हाइपरकार 14 मार्च को भारत में होगी लॉन्च, कीमत ₹10 करोड़ से ज्यादा

मुंबई  भारत में महंगी और उच्च प्रदर्शन वाली कारों के शौकीनों के लिए जल्द ही एक बड़ी पेशकश आने वाली है। इटली की प्रसिद्ध कार निर्माता कंपनी फेरारी अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa को भारतीय बाजार में 14 मार्च को लॉन्च करने जा रही है। यह कार कंपनी की अत्याधुनिक तकनीक और शानदार रफ्तार का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है। भारत में इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 10.37 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दमदार क्षमता और आकर्षक बनावट के कारण यह कार लग्जरी स्पोर्ट्स कार सेगमेंट में खास पहचान बना सकती है और अन्य प्रीमियम कारों को कड़ी टक्कर देने वाली है। शक्तिशाली इंजन और जबरदस्त रफ्तार Ferrari 849 Testarossa में उन्नत हाइब्रिड तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें 4 लीटर क्षमता वाला ट्विन-टर्बो V8 पेट्रोल इंजन दिया गया है, जिसके साथ तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जोड़ी गई हैं। इनमें से दो मोटर आगे के पहियों के पास और एक इंजन तथा गियरबॉक्स के बीच लगाई गई है। यह पेट्रोल इंजन अकेले लगभग 830 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करता है, जबकि तीनों इलेक्ट्रिक मोटरों के साथ मिलकर इस कार की कुल क्षमता लगभग 1050 हॉर्सपावर तक पहुंच जाती है। इसमें 8-स्पीड ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है, जो चारों पहियों तक ताकत पहुंचाता है। कंपनी के अनुसार यह कार केवल 2.3 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 330 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। सीमित दूरी तक केवल इलेक्ट्रिक शक्ति पर चलने की क्षमता इस कार में 7.45 kWh क्षमता की बैटरी भी दी गई है। इसकी मदद से Ferrari 849 Testarossa कुछ दूरी तक केवल इलेक्ट्रिक शक्ति पर भी चल सकती है। कंपनी के अनुसार यह कार केवल इलेक्ट्रिक मोड में लगभग 16 से 25 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है। इससे कार के प्रदर्शन के साथ-साथ ईंधन की खपत को भी संतुलित करने में मदद मिलती है। आकर्षक और दमदार बाहरी बनावट नई Ferrari 849 Testarossa को बेहद आकर्षक और आधुनिक रूप में तैयार किया गया है। कार के सामने की ओर एल-आकार की एलईडी हेडलाइट्स दी गई हैं, जो बोनट पर मौजूद चमकदार काली पट्टी से जुड़ी हुई दिखाई देती हैं। यह बनावट फेरारी के पुराने लोकप्रिय मॉडलों से प्रेरित मानी जा रही है। इसके आगे के हिस्से में बड़ा हवा प्रवेश मार्ग और उभरा हुआ फ्रंट लिप दिया गया है, जो कार को अधिक आक्रामक रूप देता है। साइड प्रोफाइल में बड़े अलॉय व्हील्स, काले रंग की छत और पीछे की ओर बड़े हवा प्रवेश मार्ग इसे बेहद स्पोर्टी रूप देते हैं। कार के पिछले हिस्से में दो भागों वाला टेल सेक्शन, पतली एलईडी टेललाइट्स, ऊपर की ओर लगाया गया दोहरी एग्जॉस्ट पाइप और बड़ा डिफ्यूजर देखने को मिलता है। चालक पर केंद्रित आधुनिक केबिन Ferrari 849 Testarossa का केबिन पूरी तरह चालक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें ऊंचा सेंटर कंसोल और पुल जैसी बनावट वाला डिवाइडर दिया गया है, जो दोनों स्पोर्ट्स सीटों को अलग करता है और अंदर बैठने पर एक खास स्पोर्टी अनुभव देता है। डैशबोर्ड में पारंपरिक टचस्क्रीन सिस्टम नहीं दिया गया है। इसके स्थान पर चालक के सामने लगभग 16 इंच का बड़ा डिजिटल डिस्प्ले मौजूद है, जिसमें वाहन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दिखाई देती है। साथ ही सामने बैठने वाले यात्री के लिए करीब 9 इंच की पतली स्क्रीन भी दी गई है। इसके अलावा इसमें वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto जैसी कनेक्टिविटी सुविधाएं तथा 7-स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम भी दिया गया है। Ferrari की यह नई कार अपनी तेज रफ्तार, दमदार क्षमता और आधुनिक तकनीक के कारण भारत के प्रीमियम स्पोर्ट्स कार बाजार में खास आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

रसोई गैस सप्लाई नियम बदला: अब 21 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली बुकिंग

नई दिल्ली   ईरान-इजराइल युद्ध और दुनियाभर में ईंधन की अनिश्चितता को देखते हुए घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति में बदलाव किया गया है। अब कोई भी घरेलू उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के 21 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेगा। 15 नहीं अब 21 दिन के अंदर ही मिलेगा सिलेंडर पहले यह अंतराल 15 दिन का था, लेकिन अस्थिर वैश्विक हालात को ध्यान में रखते हुए इसे बढ़ाकर 21 दिन कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि सभी घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने गैस एजेंसियों के सिस्टम (सॉफ्टवेयर) में बदलाव कर नई व्यवस्था लागू कर दी है। उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं होगी महावीर गैस एजेंसी के संचालक देव नारायण महतो ने बताया कि अब 21 दिन के अंतराल के बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं होगी। यह अस्थायी व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते।  

₹1,085 करोड़ फ्रॉड केस में अनिल अंबानी घिरे, PNB की शिकायत पर CBI ने दर्ज की नई FIR

 मुंबई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कारोबारी अनिल अंबानी (Anil Ambani) के खिलाफ आईपीसी की धारा-420 और 120बी के तहत एक नया मामला दर्ज किया है. यह एफआईआर पंजाब नेशनल बैंक के चीफ मैनेजर संतोषकृष्ण अन्नावरपू की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है. इस एफआईआर के मुताबिक, 2013 से 2017 के बीच अनिल अंबानी ने रिलायंस कम्‍युनिकेशंस (Reliance Communications) के अन्य तत्कालीन अधिकारियों के साथ मिलकर पीएनबी के साथ 1085 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. बैंक ने क्या लगाया आरोप ? पंजाब नेशनल बैंक का आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 1085 करोड़ रुपये का लोन इस मंशा से लिया कि उसे वापस नहीं किया जाएगा. पीएनबी ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने बैंक से लिए गए फंड को जानबूझकर दूसरी जगह डायवर्ट कर दिया. आरोप है कि अनिल कंपनी ने बैंक के पैसों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) किया. एफआईआर में रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और मझारी काकर समेत कुछ अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. FIR में कहा गया है कि आरोपियों ने PNB को 621.39 करोड़ रुपए और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जिसका अब PNB में विलय हो चुका है) को 463.80 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है. रिलायंस पावर कंपनी के 12 ठिकानों पर मारी ताबड़तोड़ रेड बता दें कि, इससे पहले शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की. ये छापेमारी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े लोगों के खिलाफ की गई. गौरतलब है कि इससे पहले 25 फरवरी ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल अंबानी की मुंबई के पाली हिल स्थित आवासीय संपत्ति ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था, जिसकी अनुमानित कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है. इसके साथ ही इस समूह से जुड़ी अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है.

मिडिल ईस्ट संकट के कारण कीमती धातुओं में बढ़त, सोना 1.70 लाख के करीब, चांदी 3 लाख तक पहुंची

मुंबई  मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के रूप में कीमती धातुओं (सोना-चांदी) में खरीदारी का रुख किया, जिससे इस सप्ताह भी सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, साथ ही व्यापक कमोडिटी बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी। हालांकि दिन के दौरान कुछ समय कीमतों में हल्की गिरावट और मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन कुल मिलाकर सोने और चांदी की कीमतों का रुझान अभी भी मजबूत और तेजी वाला बना हुआ है। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी जारी रही और कीमतें 1,65,000 रुपए के रेजिस्टेंस स्तर को पार कर 1,69,880 रुपए तक पहुंच गईं। हालांकि शुक्रवार को कारोबार के अंत में सोना लगभग स्थिर रहा और 1,61,675 रुपए पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से थोड़ा कम था। वहीं, एमसीएक्स पर 5 मई की डिलीवरी वाले सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी का रुख जारी रहा। चांदी की कीमत 2,85,000 रुपए के स्तर को पार कर लगभग 3,00,000 रुपए के करीब पहुंच गई। बाजार में इस दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, सोना और चांदी दोनों रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने के बाद इनमें हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण ब्रेकआउट स्तरों के आसपास ट्रेडरों की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन बाजार में अधिक अस्थिरता को देखते हुए जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। एक्सपर्ट के अनुसार, तकनीकी संकेतक बताते हैं कि सोने की कीमतों में तेजी का रुझान बना हुआ है। अगर सपोर्ट स्तर मजबूत रहता है तो सोना 1,70,000 रुपए तक पहुंच सकता है। हालांकि यदि कीमत 1,57,000 रुपए से नीचे जाती है, तो गिरावट बढ़कर 1,50,000 रुपए तक जा सकती है। एक्सपर्ट का कहना है कि 2,55,000 से 2,65,000 रुपए का दायरा चांदी के लिए मजबूत मांग क्षेत्र बन चुका है। यदि तेजी जारी रहती है तो कीमत 3,00,000 से 3,05,000 रुपए तक जा सकती है। लेकिन यदि कीमत 2,60,000 रुपए से नीचे आती है, तो कुछ समय के लिए बाजार में स्थिरता या हल्की गिरावट देखी जा सकती है। इस सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स मजबूत रहे और 5,158 से 5,181 डॉलर के दायरे में कारोबार करते दिखे, जो पिछले बंद स्तर 5,078 से 5,099 डॉलर से अधिक है। वहीं, कॉमेक्स सिल्वर फ्यूचर्स में भी अच्छी तेजी देखी गई और यह लगभग 84.31 डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसका उच्चतम स्तर 85.34 डॉलर और न्यूनतम स्तर 81.79 डॉलर रहा।

नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड फीचर; सिर्फ 999 यूनिट ही होंगी उपलब्ध

मुंबई  भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और कई नई कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। इसी कड़ी में जेलो इलेक्ट्रिक ने अपने फ्लैगशिप स्कूटर का विशेष संस्करण नाइट+ रानी एडिशन पेश किया है। यह एक लिमिटेड एडिशन मॉडल है जिसे खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बाजार में उतारा गया है। कंपनी ने इस स्कूटर की कुल बिक्री को केवल 999 यूनिट तक सीमित रखा है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 69,990 रुपये तय की गई है और इसकी बुकिंग कंपनी के अधिकृत डीलर नेटवर्क के माध्यम से शुरू हो चुकी है। यह स्कूटर केवल बेबी पिंक रंग में उपलब्ध कराया गया है, जो इसे अन्य मॉडलों से अलग पहचान देता है।  सिंगल चार्ज पर मिलेगी 100 किलोमीटर तक की रेंज नाइट+ रानी एडिशन तकनीकी रूप से उसी प्लेटफॉर्म पर आधारित है जिस पर अगस्त 2025 में लॉन्च हुआ नाइट+ मॉडल बनाया गया था। इसमें 1.8 kWh क्षमता की पोर्टेबल लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी दी गई है। कंपनी का दावा है कि एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद यह स्कूटर लगभग 100 किलोमीटर तक चल सकता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 1.5 kW क्षमता की मोटर लगाई गई है, जो इसे संतुलित प्रदर्शन देने में मदद करती है। इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। इस मॉडल की खास बात यह है कि इसमें हटाने योग्य बैटरी दी गई है, जिसे उपयोगकर्ता आसानी से निकालकर घर या किसी अन्य स्थान पर चार्ज कर सकते हैं। क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड जैसे आधुनिक फीचर नाइट+ रानी एडिशन में कई ऐसे आधुनिक फीचर दिए गए हैं जिन्हें कंपनी इस श्रेणी में खास मानती है। इसमें हिल होल्ड कंट्रोल की सुविधा दी गई है, जो ढलान या चढ़ाई पर स्कूटर को स्थिर रखने में मदद करती है। इसके अलावा क्रूज कंट्रोल फीचर भी मौजूद है, जिसकी मदद से लंबी दूरी तय करते समय रफ्तार को स्थिर बनाए रखना आसान हो जाता है। स्कूटर में फॉलो-मी-होम हेडलैंप भी दिया गया है, जो अंधेरे में वाहन पार्क करने या घर तक पहुंचने के दौरान अतिरिक्त रोशनी प्रदान करता है। इसके साथ ही मोबाइल चार्ज करने के लिए यूएसबी चार्जिंग पोर्ट भी लगाया गया है, जिससे यात्रा के दौरान उपयोगकर्ताओं को सुविधा मिलती है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का उद्देश्य कंपनी के अनुसार इस स्कूटर के रंग और डिजाइन को भारतीय संस्कृति में “रानी” शब्द के प्रतीकात्मक महत्व को ध्यान में रखकर चुना गया है। इसका उद्देश्य आत्मविश्वास और स्वतंत्र पहचान को दर्शाना है। कंपनी का कहना है कि इस मॉडल को बाजार में लाने का मकसद इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी है। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह स्कूटर सभी प्रकार के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी के पोर्टफोलियो में हैं कई मॉडल जेलो इलेक्ट्रिक, एसएलएसआर इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत काम करने वाली कंपनी है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने भारत के विभिन्न शहरों में अपने डीलर नेटवर्क को विस्तार देने पर ध्यान दिया है। वर्तमान समय में कंपनी के पोर्टफोलियो में कुल पांच मॉडल शामिल हैं और नाइट+ रानी एडिशन इसी श्रृंखला का एक विशेष संस्करण है, जिसे सीमित संख्या में ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराया गया है।

ईरान संघर्ष के बीच तेल की बढ़ती कीमतें: $120 प्रति बैरल तक जाने की संभावना

नई दिल्ली इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा का कहना है कि यदि ईरान संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक विस्तारित भू-राजनीतिक संकट वैश्विक आर्थिक गणनाओं को महत्वपूर्ण रूप से बाधित कर सकता है। एक विशेष बातचीत में शर्मा ने कहा कि तेल की कीमतें पहले ही एक छोटे समय में तेजी से बढ़ चुकी हैं। इस संघर्ष से पहले कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे थीं, लेकिन अब यह 90 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं।   ब्रेंट क्रूड का मूल्य 91.84 डॉलर प्रति बैरल शनिवार को ब्रेंट क्रूड का मूल्य 91.84 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियएट (डब्ल्यूटीआई) का मूल्य 89.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका था। शर्मा के अनुसार, पहले उम्मीद थी कि संघर्ष कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाएगा, लेकिन अब स्थिति अधिक अनिश्चित लग रही है। शर्मा ने बताया कि देश के बजट अनुमानों और रिजर्व बैंक की गणनाएं तेल की कीमतों को लगभग 70 डॉलर या उससे कम मानकर की गई थीं। यदि कीमतें स्थायी रूप से बढ़ती हैं तो नीति निर्माताओं को अपने अनुमानों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि से बढ़ेगी महंगाई हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से घरेलू मांग द्वारा संचालित होती है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि पर इस संकट के व्यापक प्रभाव को कम कर सकती है। लेकिन तेल की उच्च कीमतें व्यापार घाटा, चालू खाता घाटा और राजकोषीय घाटा को और बिगाड़ सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में 10 डॉलर की वृद्धि से खुदरा महंगाई में 0.2-0.4 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। एक दशक पहले भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल की कीमत 145-147 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी स्थिति फिर से नहीं आएगी। लेकिन यदि संघर्ष बढ़ता है, तो तेल के 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।  

FD करने वालों के लिए खुशखबरी! HDFC बैंक ने बढ़ाया ब्याज

नई दिल्ली सुरक्षित निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी लोगों की पसंदीदा स्कीम है। इसी को देखते हुए HDFC Bank ने अपनी कुछ एफडी योजनाओं पर ब्याज दर बढ़ा दी है। नई दरें 6 मार्च 2026 से लागू हो गई हैं और यह बदलाव 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल FD पर लागू होगा। इस अवधि की FD पर ज्यादा ब्याज बैंक ने 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम की एफडी पर ब्याज दर 0.10% बढ़ाई है। पहले सामान्य ग्राहकों को 6.40% ब्याज मिलता था, अब 6.50% मिलेगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 6.90% से बढ़कर 7% हो गई है। अन्य FD पर ब्याज दर नई व्यवस्था के बाद बैंक में सामान्य ग्राहकों को लगभग 2.75% से 6.50% तक ब्याज मिलेगा, जबकि सीनियर सिटीजन को 3.25% से 7% तक ब्याज मिल सकता है। निवेश से पहले ध्यान रखें FD को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन पैसा लगाने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना जरूरी है। साथ ही अपनी जरूरत और समय के हिसाब से ही FD की अवधि चुननी चाहिए, ताकि बेहतर रिटर्न मिल सके।