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Renault Duster 2026: 17 मार्च को बाजार में दस्तक, जानें नई Duster में क्या नया है

मुंबई   कार निर्माता कंपनी Renault India भारतीय बाजार में अपनी सबसे लोकप्रिय एसयूवी रही, Renault Duster को एक बार से लॉन्च करने वाली है. ताजा जानकारी के अनुसार भारत में इस एसयूवी को 17 मार्च, 2026 को उतारा जाएगा, जो अपने थर्ड-जेनरेशन अवतार में होगी. इंडिया-स्पेक Renault Duster को बीती 26 जनवरी, 2026 को पेश किया गया था. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसकी पिछली जनरेशन की बिक्री साल 2022 में बंद कर दी गई थी, जिसके बाद अब इस मिडसाइज़ SUV की वापसी हो रही है. नई Duster, कंपनी के लिए एक ज़रूरी मॉडल है, जिसके बारे में मैन्युफैक्चरर को उम्मीद है कि यह धीरे-धीरे भारत में बेस्टसेलिंग कारों की लिस्ट में वापस आ जाएगी. 2026 Renault Duster पावरट्रेन विकल्प इंजन की बात करें तो भारत में, Renault Duster दो टर्बो-पेट्रोल इंजन और एक स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल पावरट्रेन के ऑप्शन के साथ उतारा जाएगा. टर्बो-पेट्रोल इंजन में Renault Kiger में मिलने वाला छोटा 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन शामिल है, जो 100hp की पावर देता है. इसके अलावा, इसमें सेगमेंट-बेस्ट 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 163hp की पावर प्रदान करेगा. दोनों इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलेगा, लेकिन बड़े इंजन के साथ 6-स्पीड DCT ऑप्शन भी मिलेगा. इसके अलावा, साल 2026 की दिवाली के आस-पास एक नया 1.8-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन लाइनअप में शामिल किया जाएगा, जो 109hp की पावर प्रदान करेगा. यह 49hp इलेक्ट्रिक मोटर और 20hp हाइब्रिड स्टार्टर जनरेटर के साथ काम करता है, जो 1.4kWh (280V) बैटरी से चलता है. कंबाइंड सिस्टम आउटपुट 160hp पावर का है. 2026 Renault Duster का एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो इंडिया-स्पेसिफिक डस्टर का ओवरऑल लुक तीसरी जेनरेशन के ग्लोबल-स्पेसिफिक मॉडल जैसा ही है, लेकिन Renault ने इंडियन मॉडल में लोकल पसंद के हिसाब से कुछ बदलाव किए हैं. इस कार में एक है रीडिजाइन की गई हेडलाइट्स लगाई है, जिनमें आइब्रो के आकार की LED डे-टाइम रनिंग लैंप (DRLs) मिलती हैं, जो टर्न इंडिकेटर का भी काम करती हैं. कार के ग्रिल का डिज़ाइन भी अलग है और इसमें एक बड़ा Duster बैज दिया गया है, जिससे फ्रंट एंड से Renault लोगो को पूरी तरह हटा दिया गया है. इसके अलावा, फ्रंट बंपर में पहली जेनरेशन के मॉडल की तरह उभरा हुआ सिल्वर सराउंड दिया गया है, और बंपर के किनारों पर पिक्सेल के आकार की फॉग लैंप लगाई गई हैं. साइड प्रोफाइल की बात करें तो, नई Renault Duster में व्हील आर्च और बॉडी के निचले हिस्से पर रग्ड ब्लैक क्लैडिंग लगाई गई है. पीछे के दरवाज़े के हैंडल C-पिलर पर लगे हैं. कंपनी ने इस कार में फंक्शनल ब्लैक रूफ रेल्स दी हैं, जिनकी लोड उठाने की क्षमता 50kg है, साथ ही 18-इंच तक के ब्लैक अलॉय व्हील्स और 212mm का ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है. इंडिया-स्पेक मॉडल की कुछ खास डिटेल्स में फ्रंट फेंडर्स पर हिमालयन मोटिफ्स और बॉडी क्लैडिंग पर एक पीली पट्टी है, जिस पर ‘आइकॉनिक’ लिखा हुआ है. रियर प्रोफाइल की बात करें तो, पीछे ट्राई-एंगुलर टेल-लाइट्स एक LED लाइट बार से जोड़ी गई हैं, जो ग्लोबल-स्पेक मॉडल में नहीं है. कंपनी ने नई Renault Duster में रूफ-माउंटेड स्पॉइलर भी दिया है, और लाइसेंस प्लेट ब्रैकेट को एक यूनिक टेक्सचर्ड फिनिश दिया गया है. 2026 Renault Duster का इंटीरियर एक्सटीरियर की तरह ही, कंपनी ने कार के अंदर भी भारतीय ग्राहकों की पसंद का ख्याल रखा है और इसे भी यूरोपियन-स्पेक मॉडल से काफी अलग बनाया है. इंडिया-स्पेक Renault Duster में पूरी तरह से यूनिक डैशबोर्ड मिलता है, जिसमें डुअल-स्क्रीन सेटअप, प्रीमियम दिखने वाले ट्रिम इंसर्ट और सॉफ्ट-टच मटीरियल इस्तेमाल किया गया है. इसमें सिल्वर ट्रिम्स और कंट्रास्ट ग्रीन स्टिचिंग का भरपूर इस्तेमाल किया गया है, जो केबिन को और भी आकर्षक बनाते हैं. सबसे ज़रूरी बात, इसके इंटीरियर में डिजिटल और फिजिकल कंट्रोल्स के बीच अच्छा बैलेंस रखा गया है, जिसमें ज़रूरी गाड़ी के फंक्शन्स के लिए सेंटर कंसोल पर बटन्स का एक सेट है. 2026 Renault Duster के फीचर्स इसमें मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो नई Renault Duster में वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और Apple CarPlay के साथ 10.1-इंच का टचस्क्रीन, 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जर और डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल दिया गया है. इसमें पावर्ड टेलगेट और 6-वे पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स भी दी गई हैं. 2026 Renault Duster के सेफ्टी फीचर्स कार में सेफ्टी फीचर्स की भी भरमार दी गई है. कार में छह एयरबैग (स्टैंडर्ड), एक 360-डिग्री कैमरा, आगे और पीछे पार्किंग सेंसर, एक टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), लेवल-2 ADAS, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और चारों व्हील्स पर डिस्क ब्रेक लगाए गए हैं. खास बात यह भी है कि Renault Duster भारत में पहली Renault कार है, जिसमें ADAS सूट मिलता है. Renault ने जानकारी दी कि वह नई Duster के साथ पूरे 5-स्टार क्रैश सेफ्टी रेटिंग हासिल करने का लक्ष्य रखेगी और क्लास में सबसे अच्छी 7-साल/1,50,000 किमी की स्टैंडर्ड वारंटी देगी.

कीमती धातुओं में भूचाल: चांदी सस्ती, सोना लुढ़का और बाजार में हलचल

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) से लेकर शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) में गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही सुस्ती देखने को मिल रही है. बीते कारोबारी दिन तक तेज रफ्तार से भागती नजर आ रही चांदी, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर खुलने के साथ ही अचानक 5000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती (Silver Price Fall) हो गई, तो वहीं सोने का भाव भी धड़ाम (Gold Rate Fall) नजर आया. दूसरी ओर सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई, दोनों जोरदार तेजी के साथ खुले, लेकिन मिनटों में ये रफ्तार धीमी पड़ गई और रेड जोन में आ गए.  चांदी खुलते ही हुई इतनी सस्ती  कमोडिटी मार्केट में गुरुवार को सुस्ती देखने को मिल रही है. चांदी की अगर बात करें, तो MCX Silver Price अपने पिछले बंद भाव 2,78,364 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में ओपनिंग के साथ ही टूटकर 2,72,560 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इस हिसाब से 1 Kg Silver Price झटके में 5,804 रुपये कम हो गया. वहीं इस गिरावट के बाद अपने 29 जनवरी के हाई 4,20,048 रुपये से चांदी अभी भी 1,47,488 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती मिल रही है.  Gold Rate में भी आई नरमी चांदी के साथ ही सोना भी फिसला है. एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला वायदा सोना बीते कारोबारी दिन बुधवार को बंद 1,61,145 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने स्तर से फिसलकर 1,60,516 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ. मतलब अचानक 10 Gram 24 Karat Gold 629 रुपये सस्ता हो गया. अगर हाई से सोने की कीमत में आई गिरावट पर गौर करें, तो चांदी की तरह सोना भी बीते 29 जनवरी को ही 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लाइफ टाइम हाई पर पहुंचा था और वहां से अब तक ये कीमती पीली धातु 32,580 रुपये टूट चुकी है.  शेयर बाजार की बदली-बदली चाल सोना-चांदी की कीमतों में गुरुवार को जहां नरमी देखने को मिली है, तो वहीं शेयर बाजार की चाल भी बदली-बदली नजर आ रही है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ खुले और अगले ही पल रेड जोन में आ गए, इसके कुछ देर बाद फिर से ग्रीन जोन में ट्रेड करते दिखने लगे. BSE Sensex पिछले बंद 82,276 की तुलना में तेजी लेकर 82,418 के स्तर पर ओपन हुआ और फिर मिनटों में ही ये फिसलकर 82,244 के लेवल पर आ गया. इसके कुछ मिनटों बाद ही सेंसेक्स की चाल ने फिर कन्फ्यूज किया और 200 अंक चढ़ गया. ऐसा ही हाल NSE Nifty का भी दिखा. ये इंडेक्स पिछले बंद 25,482 के मुकाबले बढ़त लेकर 25,556 पर खुला और फिर 25,487 तक टूट गया. खबर लिखे जाने तक ये भी 50 अंक की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. 

Apple का नया आलीशान ऑफिस बेंगलुरु में, ₹2.84 करोड़ मासिक किराया

बेंगलुरु  Apple बेंगलुरु में 10 साल के लिए ऑफिस स्पेस लीज पर लेकर भारत में अपना विस्तार कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, दिग्गज टेक कंपनी ने 'एम्बेसी जेनिथ' (Embassy Zenith) नाम की कमर्शियल ऑफिस टावर में 1.21 लाख वर्ग फुट का वर्कस्पेस हासिल किया है, जिसका मासिक किराया 2.84 करोड़ रुपये है. इस विस्तार के बाद, एप्पल अब इस पूरी इमारत में कुल 3.89 लाख वर्ग फुट क्षेत्र का उपयोग कर रहा है. रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स फर्म 'प्रॉपस्टैक' (Propstack) द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, नया लीज समझौता सटीक रूप से 1,21,203 वर्ग फुट के चार्जेबल एरिया के लिए है. एप्पल ने पूरे 10 साल के लिए  ऑफिस लीज पर लिया है. इस जगह का कुल किराया लगभग 1,333 करोड़ रुपये होगा. यह ऑफिस स्पेस इमारत की ग्राउंड फ्लोर से लेकर चौथी मंजिल तक फैला हुआ है. 14.24 करोड़ की सिक्योरिटी जमा की यह प्रॉपर्टी मैक चार्ल्स (इंडिया) द्वारा लीज पर दी गई है और इस लीज की शुरुआत 25 सितंबर 2025 से हो चुकी है. आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, एप्पल पहले ही सिक्योरिटी डिपोजिट के रूप में 14.24 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुका है.  यह भी रिपोर्ट किया गया है कि 3 अप्रैल 2026 से किराए में हर साल 4.5% की वृद्धि होगी. समझौते में यह भी उल्लेख किया गया है कि एप्पल 2 अप्रैल 2030 से पहले इस लीज को समाप्त नहीं कर सकता है. इसके अलावा, एप्पल 123 पार्किंग स्लॉट के लिए अलग से मासिक शुल्क का भुगतान करेगा, जिसकी कीमत 11.07 लाख रुपये तय की गई है. हालांकि रियल एस्टेट डेटा एनालिटिक्स ने विस्तार के इस विवरण का खुलासा किया है, लेकिन एप्पल ने इस नए जोड़े गए स्पेस के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. फिर भी, कंपनी धीरे-धीरे अपने ऑफिस और रिटेल स्टोर नेटवर्क को बढ़ाकर भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, Rooh Afza को फ्रूट ड्रिंक माना, Hamdard को मिलेगी 4% VAT छूट

  नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज के लोकप्रिय ड्रिंक 'रूह अफ़ज़ा' (Rooh Afza) को लेकर बड़ा और अहम फैसला सुनाया. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि रूह अफ़ज़ा को फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट की कैटेगरी में रखा जाएगा और इस पर 12.5% के बजाय केवल 4% वैट लगेगा. यह फैसला उत्तर प्रदेश वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट, 2008 (यूपी वैट अधिनियम) के तहत कर निर्धारण से जुड़ा है. जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि कई राज्यों में रूह अफ़ज़ा को पहले से ही रियायती दर पर टैक्स के दायरे में रखा गया है, जिससे हमदर्द की दलील मजबूत होती है. पीठ ने यह भी माना कि उत्पाद को फ्रूड ड्रिंक मानने की व्याख्या 'न तो कृत्रिम थी और न ही अव्यावहारिक, बल्कि व्यावसायिक रूप से मान्य और वास्तविक' थी. अदालत ने कहा कि रूह अफ़ज़ा को अधिनियम की अनुसूची-II की प्रविष्टि 103 के तहत फ्रूट ड्रिंक/प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है. इसलिए संबंधित आकलन वर्ष के दौरान यह उत्पाद 4 प्रतिशत की रियायती वैट दर पर कर योग्य होगा. इस फैसले के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हमदर्द (वक्फ) लैबोरेटरीज की अपील स्वीकार कर ली और इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें रूह अफ़ज़ा को नॉन-फ्रूट और कृत्रिम तत्वों से तैयार ड्रिंक मानते हुए अधिक वैट लगाने की बात कही गई थी. असेसमेंट ईयर 2007-08 और 2008-09 के लिए, हमदर्द ने रूह अफ़ज़ा की बिक्री पर 4 प्रतिशत की कम दर से वैट का भुगतान किया, यह दावा करते हुए कि यह प्रोसेस्ड या प्रिजर्व्ड फ्रूट, फ्रूट स्क्वैश, फ्रूट ड्रिंक और फ्रूट जूस की श्रेणी में आता है. कर अधिकारियों ने इससे असहमति जताई और रूह अफ़ज़ा को नॉन-फ्रूट और कृत्रिम तत्वों से तैयार ड्रिंक माना जिस पर उच्च वैट लागू होता है. प्रथम अपीलीय प्राधिकरण और कमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल के समक्ष हमदर्द की अपीलें खारिज हो गईं. ट्रिब्यूनल ने माना कि आम बोलचाल और व्यावसायिक भाषा में, हमदर्द के इस उत्पाद को फ्रूट ड्रिंक के बजाय शरबत के रूप में समझा जाता है. जुलाई 2018 में, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हमदर्द द्वारा दायर रिव्यू पिटीशन याचिकाओं को खारिज कर दिया और ट्रिब्यूनल के निर्णय को बरकरार रखा. हमदर्द ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने कर अधिकारियों और हाई कोर्ट के तर्क को खारिज कर दिया और हमदर्द के पक्ष में फैसला सुनाया.

Gold Silver Rate Today: सोना शादी के सीजन में महंगा, चांदी खरीदने का सही समय

इंदौर  मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजार में बुधवार, 25 फरवरी 2026 की सुबह सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिला। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में सुबह-सुबह सोने के दाम बढ़े हुए नजर आए, जबकि चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शादी-ब्याह के सीजन में सोने की कीमतों में आई तेजी से ग्राहकों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, चांदी सस्ती होने से निवेशकों और आम खरीदारों को कुछ राहत मिली है। आज का सोने का भाव (Gold Rate Today) 22 कैरेट सोना 1 ग्राम: ₹14,880 (कल ₹14,840) 8 ग्राम: ₹1,19,040 (कल ₹1,18,720) 10 ग्राम: ₹1,48,800 (कल ₹1,48,400) 24 कैरेट सोना 1 ग्राम: ₹15,624 (कल ₹15,582) 8 ग्राम: ₹1,24,992 (कल ₹1,24,656) 10 ग्राम: ₹1,56,240 (कल ₹1,55,820) भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। आज का चांदी का भाव (Silver Rate Today) 1 ग्राम चांदी: ₹290 (कल ₹300) 1 किलो चांदी: ₹2,90,000 (कल ₹3,00,000) चांदी के दाम में 10 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट आई है, जिससे आज चांदी खरीदना फायदेमंद माना जा रहा है। खरीदारी से पहले ये जरूर जान लें सर्राफा बाजार में रोज़ाना दाम बदलते रहते हैं। शहर और ज्वैलर के हिसाब से रेट में थोड़ा फर्क हो सकता है। खरीदारी से पहले अपने नजदीकी ज्वैलर से ताजा भाव जरूर कन्फर्म करें। निवेश और शादी की खरीदारी करने वालों के लिए आज का दिन खास हो सकता है!

Royal Enfield की BS3 और BS4 बाइक्स के लिए आई E20 कंवर्जन किट, पुराने मॉडल्स को मिलेगा अपडेट

मुंबई  भारतीय मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी Royal Enfield ने पुरानी मोटरसाइकिलों के लिए E20 रेट्रोफिट किट पेश की है, जिससे 20 प्रतिशत इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल के साथ कम्पैटिबिलिटी की समस्याओं को ठीक किया जा सके. जानकारी के अनुसार यह किट BS3 और BS4 कार्बोरेटेड UCE मॉडल के लिए हैं, जिनमें Royal Enfield Classic 350, Bullet 350 और Thunderbird जैसे मॉडल शामिल हैं. 350cc और 500cc इंजन के लिए मिलेगी Royal Enfield की रेट्रो किट Royal Enfield ने पहले जानकारी दी थी कि साल 2020 में BS6 नॉर्म्स लागू होने के बाद से उसका पूरा पोर्टफोलियो E20-कम्प्लायंट रहा है. इसलिए, मौजूदा समय में जो कन्वर्ज़न किट बाजार में बेची जा रही है, वह BS3 और BS4 मोटरसाइकिलों के लिए है, खासकर उन 350cc UCE इंजनों के लिए जिनमें कार्बोरेटर का इस्तेमाल किया गया था. बता दें कि मौजूदा समय के फ्यूल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ने से इन मोटरसाइकिलों के रबर और कुछ मेटल पार्ट्स जल्दी घिसने की समस्या सामने आ रही है, और इसके लिए इस किट में रिप्लेसमेंट पार्ट्स शामिल हैं. इस किट में कंपनी ने एक O-रिंग, ट्यूब और सील दिए हैं, जो लंबे समय तक ज़्यादा रेसिस्टेंट होते हैं. कीमत की बात करें तो डीलरशिप से मिली जानकारी के अनुसार, BS4 मॉडल के लिए E20 कन्वर्ज़न किट को 1,700 रुपये की कीमत पर उतारा गया है. हालांकि कंपनी ने 500cc इंजन के लिए कोई खास किट पेश नहीं की है, लेकिन कंपनी ने लंबे समय में होने वाली रुकावटों से बचने के लिए कुछ फ्यूल सिस्टम पार्ट्स को अपग्रेड करने की सलाह दी है. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह किट ऑथराइज़्ड Royal Enfield सर्विस सेंटर पर उपलब्ध कराई गई है, हालांकि उपलब्धता को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं मिली है. अगर किसी ग्राहकों को अपनी BS3 और BS4 Royal Enfield बाइक्स में इस किट को लगवाना है, तो वह अपने नजदीकी Royal Enfield सर्विस सेंटर से संपर्क सकते हैं.

टैरिफ विवाद के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर नए सिरे से होगी चर्चा, सरकार ने बदला रुख

नई दिल्ली.  केंद्र सरकार अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर दोबारा विचार करने की योजना बना रही है. यूएस सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने टैरिफ को अवैध बताकर खत्म किए जाने के बाद अब भारत डील रीनेगोशिएट करने के लिए मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. मनीकंट्रोल ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से लिखा है कि सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हर पहलू को परख रही है इसलिए दोनों देशों के बीच अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पर बात भी टाल दी गई थी. वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका के टैरिफ सिस्टम में आए बदलावों के कारण मौजूदा डील के फायदे खत्म हो गए हैं, इसलिए अब भारत नई रणनीति के साथ बातचीत करने की तैयारी में है ताकि दूसरे देशों के मुकाबले बढ़त हासिल की जा सके. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत का यू टर्न सरकारी अधिकारी ने बताया कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बातचीत पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन सरकार सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है. एक अन्य सूत्र के अनुसार, भारत कुछ प्रावधानों पर नए सिरे से बातचीत करना चाहता है ताकि उसे दूसरे देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके. पहले 18 प्रतिशत टैरिफ रेट भारत को मामूली बढ़त देता था, लेकिन अब जब अमेरिका ने ग्लोबल टैरिफ 15 प्रतिशत कर दिया है, तो यह फायदा खत्म हो गया है. इसी वजह से सरकार उन सेक्टरों की पहचान कर रही है जहां ट्रेड डील के जरिए ज्यादा रियायत या छूट हासिल की जा सकती है. टली भारत अमेरिका ट्रेड मीटिंग, डील पर फिर से मंथन भारत और यूएस के अधिकारियों के बीच तीन दिन की ट्रेड मीटिंग 23 फरवरी से शुरू होने वाली थी, जिसमें अंतरिम ट्रेड डील की शर्तों को अंतिम रूप दिया जाना था. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी और दोनों देशों ने आगे व्यापक समझौते की दिशा में रोडमैप जारी किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, जिसने ट्रंप प्रशासन के रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध करार दिया, भारत सरकार अब पूरी बातचीत की समीक्षा कर रही है. 18 प्रतिशत से शून्य तक का खेल सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने रेसिप्रोकल टैरिफ को खत्म कर दिया, जिससे 18 प्रतिशत वाला प्रस्तावित रेट भी प्रभावी रूप से शून्य हो गया. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू किया, जिसे एक दिन बाद 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की गई. फिलहाल भारत के लगभग 55 प्रतिशत निर्यात पर 15 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 48.4 अरब डॉलर है. हालांकि, स्टील और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों पर सेक्शन 232 के तहत अलग से टैरिफ लागू है, जिसकी वैल्यू 8 से 9 अरब डॉलर के बीच है. 34 अरब डॉलर के निर्यात पर छूट का प्लान अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत करीब 34 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात को टैरिफ से छूट मिलने की संभावना है. ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत प्रस्तावित टैरिफ में फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम उपकरणों को छूट दी गई है और सिविल एविएशन प्रोडक्ट्स को नए कैटेगरी के रूप में जोड़ा गया है. इन छूटों पर बातचीत मार्च तक पूरी होनी थी, लेकिन अब इसे दोबारा समीक्षा के लिए खोल दिया गया है. छूट वाले सेक्टरों में फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम उपकरण, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और सिविल एविएशन कंपोनेंट्स शामिल हैं. भारत की बड़ी कमिटमेंट, अमेरिका से खरीद बढ़ाने का वादा यूएस इंडिया अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के फैक्टशीट के अनुसार, भारत अमेरिकी इंडस्ट्रियल गुड्स और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने की योजना बना रहा है. इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, फ्रेश और प्रोसेस्ड फ्रूट, सोयाबीन ऑयल, वाइन और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं. भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा एनर्जी, आईसीटी, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदने की भी मंशा जताई है.  

1 लाख 60 हजार के करीब पहुंची 24 कैरेट गोल्ड की कीमत, चांदी भी महंगी – देखें नए रेट

नई दिल्ली मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को सोना-चांदी के रेट्स में बढ़ोतरी देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोमवार, 23 फरवरी को 22 कैरेट सोने का भाव ₹144930 प्रति 10 ग्राम था, जो आज ₹146105 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. वहीं, सोमवार की तुलना में चांदी (999, प्रति 1 किलो) की कीमत भी आज 2 हजार 400 से ज्यादा महंगी हुई है. Gold-Silver Price Today 24 February 2026: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट   शुद्धता सोमवार शाम का रेट मंगलवार सुबह का रेट जानें कितना महंगा? सोना (प्रति 10 ग्राम) 999 (24 कैरेट) 158220 159503 ₹1283 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995 (23 कैरेट) 157586 158864 ₹1278 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916 (22 कैरेट) 144930 146105 ₹1175 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750 (18 कैरेट) 118665 119627 ₹962 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585 (14 कैरेट) 92559 93309 ₹750 महंगा चांदी (प्रति 1 किलो) 999 264075 266535 ₹2460 महंगी जानें सोमवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹158428 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹158220 प्रति 10 ग्राम जानें सोमवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹265550 प्रति किलो शाम का रेट: ₹264075 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं, लेकिन इनमें जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी की कीमत टैक्स समेत होने के कारण अधिक होती है. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित भाव शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं.

Stock Market Crash: अमेरिका में भूचाल, भारत में भी Sensex में 700 अंकों की गिरावट

मुंबई  अमेरिकी शेयर बाजार में मचे हाहाकार का असर भारतीय शेयर मार्केट पर भी देखने को मिला है. बीते कारोबारी दिन US Stock Market Crash हो गया था और डाउ जोंस 821 अंक फिसलकर बंद हुआ था. इस बीच एशियाई बाजारों से भारत के लिए मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे और जब सेंसेक्स-निफ्टी ने ओपनिंग की, तो BSE Sensex खुलने के साथ ही 700 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया. इसके अलावा NSE Nifty टूटकर 25,600 के नीचे कारोबार करता हुआ दिखा. बात करें, सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की तो बाजार में गिरावट से टेक शेयर पर दिखा, Infosys, TCS, HCL और Tech Mahindra जैसे स्टॉक्स धड़ाम नजर आए.  सेंसेक्स-निफ्टी अचानक क्रैश शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होने पर सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूटकर खुले. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,294.66 की तुलना में गिरावट लेकर 83,052 के लेवल पर खुला, लेकिन फिर कुछ ही मिनटों में Sensex करीब 717 अंक फिसलकर 83,577 पर ट्रेड करता नजर आया.  नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर चलता नजर आया. Nifty-50 ने अपने पिछले कारोबारी बंद 25,713 की तुलना में गिरावट के साथ 25,641 के लेवल पर ट्रेड शुरू किया था और फिर अचानक इसमें भी तेज गिरावट दिखाई देने लगी और ये 200 अंक से ज्यादा फिसलकर 25,507 के स्तर पर आ गया.  ताश के पत्तों की तरह बिखरे बड़े शेयर  शेयर बाजार में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के बीच जो शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए, उनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share (4%), Eternal Share (3.90%), Infosys Share (3.50%), Tech Mahindra Share (3.20%), TCS Share (3.10%), Bharti Airtel Share (3.05%) सबसे आगे रहे. खासतौर पर आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह ही क्रैश (IT Stock Crash) दिखाई दिए.  मिले-जुले आए थे विदेशी संकेत  बता दें कि Donald Trump के नए टैरिफ अटैक से दुनिया में फिर से टेंशन बढ़ची हुई नजर आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति के सख्त तेवरों से खुद US Stock Market भी सहमा दिखा. अमेरिका बाजार में सोमवार को आए क्रैश के बाद मंगलवार को भारत के लिए विदेशों से मिले-जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे था. दरअसल, जहां जापान का निक्केई इंडेक्स ग्रीन जोन में कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग, जर्मनी और ब्रिटेन का मार्केट गिरावट मं ट्रेड करता हुआ नजर आ रहा है.  ये भी बाजार में गिरावट का बड़ा कारण US Tariff से ग्लोबल टेंशन में इजाफे के साथ मिले-जुले कमजोर ग्लोबल संकेतों ने तो सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव डाला ही है, लेकिन अगर भारतीय शेयर बाजार में अचानक आई इस तेज गिरावट के पीछे के अन्य कारणों को देखें, तो घरेलू आईटी शेयरों में भारी बिकवाली को भी बड़ी वजह माना जा सकता है, क्योंकि मार्केट टूटने के बीच सबसे ज्यादा IT Stock Crash हुए हैं. 

घर बैठे एड्रेस अपडेट का नया नियम, एक सेल्फ डिक्लेरेशन से काम पूरा

नई दिल्ली अगर आपके मोबाइल पर बैंक की ओर से KYC अपडेट का मैसेज आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका मकसद आपकी बैंकिंग सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखना है। KYC यानी Know Your Customer वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए बैंक अपने ग्राहकों की पहचान की पुष्टि करते हैं। समय-समय पर इसे अपडेट करना जरूरी होता है, ताकि खाते से जुड़ी जानकारी सही बनी रहे। सिर्फ पता बदला है तो आसान है प्रक्रिया यदि आपकी अन्य जानकारी पहले जैसी ही है और केवल पता बदला है, तो आप सेल्फ डिक्लेरेशन देकर एड्रेस अपडेट करवा सकते हैं। इसके लिए भारी दस्तावेज जमा करने या लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ती। घर बैठे भी कर सकते हैं KYC आधार OTP आधारित e-KYC: ऑनलाइन माध्यम से आसानी से पूरा किया जा सकता है। वीडियो KYC: बैंक अधिकारी वीडियो कॉल के जरिए पहचान सत्यापित करते हैं। ब्रांच में दस्तावेज जमा: चाहें तो मान्य दस्तावेज की कॉपी शाखा में भी दे सकते हैं। सावधानी जरूरी KYC के नाम पर किसी अज्ञात लिंक या कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। हमेशा बैंक के आधिकारिक माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करें। Reserve Bank of India भी ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग के प्रति जागरूक करता रहता है। ‘आरबीआई कहता है’ जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि सतर्कता और सही जानकारी ही धोखाधड़ी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।