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शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 600 अंक चढ़ा, खुलते ही इन स्टॉक्स ने मचाई हलचल

मुंबई  शेयर बाजार में जारी लंबी गिरावट पर सोमवार को ब्रेक लग गया और मार्केट के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स झटके में 600 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 150 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा था. मार्केट में आई इस तेजी के बीच Bajaj Finance, ITC, SBI जैसे शेयर गदर मचाते नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत धुआंधार तेजी के साथ हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 71,909 की तुलना में उछलकर 72,340 रुपये पर ओपन हुआ और फिर इसकी रफ्तार तेज होती चली गई. महज कुछ ही मिनटों में BSE Sensex 625 अंकों की तगड़ी उछाल के साथ 72,534 पर कारोबार करता नजर आया।  NSE Nifty ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपनी रफ्तार बढ़ाई. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 22,421 की तुलना में तेजी लेकर 22,532 पर ओपन हुआ और फिर अचानक इसमें तेजी बढ़ती चली गई और ये इंडेक्स 22,595 पर पहुंच गया।  8 हफ्तों से टूट रहा था शेयर बाजार गौरतलब है कि स्‍टॉक मार्केट ये तेजी लंबे समय के बाद लौटी है. करीब आठ सप्ताह से सेंसेक्स-निफ्टी भारी दबाव में कारोबार कर रहे थे. बाजार में दबाव विदेशी फंडों की बिकवाली और कच्‍चे तेल के दाम में उथल-पुथल के चलते देखने को मिला. यहां बता दें कि 25 सालों में ऐसा पहली बार देखने को मिला कि भारतीय शेयर बाजार लगातार 8 हफ्ते तक गिरा है।  बीते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन की परफॉर्मेंस देखें, तो सेंसेक्स-निफ्टी बड़ी गिरावट के साथ क्लोज हुए थे. BSE Sensex 570.59 अंक की गिरावट लेकर 71,909.70 के लेवल पर, जबकि NSE Nifty 198.50 अंक की गिरावट लेकर 22,421.95 पर क्लोज हुआ था।  आज इन शेयरों ने मचाया गदर अब बताते हैं शेयर मार्केट में लौटी तेजी के बीच खुलने के साथ ही गदर मचाने वाले स्टॉक्स के बारे में, तो BSE की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Bajaj Finance Share (4%), TCS Share (2.25%), ITC Share (1.70%), Reliance Share (1.40%) और SBI Share (1.25%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे।  मिडकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो Nykaa Share (5%), Persistent Share (4.20%), MPhasis Share (3.50%), Coforge Share (2.80%) उछलकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में TD Power Share (7%), तो Redington Share (4.50%) और KFintech Share (3.90%) की तेजी लिए हुए थे। 

शेयर बाजार में गिरावट के बीच FD बनी सहारा, स्मॉल फाइनेंस बैंक दे रहे 8.25% तक ब्याज

नई दिल्ली शेयर बाजार की स्थिति इस समय खस्ता हाल है। वहीं, गोल्ड मार्केट में भी उठा-पटक देखने को मिल रहा है। बीते सप्ताह सोने का रेट 150000 रुपये के नीचे आ गया था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि कहां इनवेस्टमेंट करना बेहतर रहेगा। मौजूदा परिस्थितियों में एफडी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। जहां रिटर्न की पूरी गारंटी है। एक स्मॉल फाइनेंस बैंक है जो एफडी पर 8.25 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रहा है। स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी रेट्स सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक की तरफ से 5 साल की एफडी पर 8.25 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक ने 8.10 प्रतिशत ब्याज 666 दिन की एफडी पर ऑफर किया जा रहा है। इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 3 साल 1 दिन और ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक 800 दिन की एफडी पर 8 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। प्राइवेट बैंकों में कितना मिल रहा रिटर्न एसबीएम बैंक इंडिया 18 महीने से अधिक और 2 साल से कम की एफडी पर 7.65 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। डीसीबी बैंक की तरफ से 24 महीने से 25 महीने से कम की एफडी पर 7.50 प्रतिशत ब्याज ऑफर कर रहा है। दिग्गज बैंक एचडीएफसी की बात करें तो 3 साल 1 दिन से 4 साल 7 महीने से कम की एफडी पर 6.50 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। आईसीआईसीआई बैंक 3 साल 1 दिन से 10 साल की एफडी पर 6.50 प्रतिशत ब्याज दे रहा है। एक्सिस बैंक की तरफ से भी अधिकतम 6.50 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। बैंक 3 साल की एफडी पर इतना ब्याज दे रहा है। सरकारी बैंकों का क्या है हाल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से 999 दिन की एफडी पर 6.85 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। पंजाब एंड सिंड बैंक की तरफ से 666 दिन की फिक्सड डिपॉजिट पर 6.85 प्रतिशत और बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से 555 दिन की फिक्सड डिपॉजिट पर 6.75 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 444 दिन की फिक्सड डिपॉजिट पर 6.45 प्रतिशत और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 555 दिन की एफडी 6.55 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है

किसानों के खाते में कब आएगी PM Kisan की 24वीं किस्त? अक्टूबर में भुगतान की चर्चा तेज

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए काम की खबर है। दरअसल, पीएम किसान की अगली किस्त को लेकर किसानों के बीच चर्चा तेज हो गई है। अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम किसान की 24वीं किस्त इसी महीने, अक्टूबर 2026 में जारी की जा सकती है। हालांकि, सरकार ने अभी तक किस्त जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख नहीं बताई है। इसलिए किसानों को फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। बता दें कि किस्त जारी होने पर एलिजिबल किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 2,000 रुपये भेजे जाएंगे। हर 4 महीने में जारी की जाती है किस्त पीएम किसान योजना के तहत एलिजिबल किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की किस्त दी जाती है। इस तरह किसानों को साल में कुल 6,000 रुपये की मदद मिलती है। किस्तें आमतौर पर अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च के बीच जारी होती हैं। ऐसे में 24वीं किस्त अक्टूबर में आने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले 23वीं किस्त जून में जारी की गई थी। इसी वजह से 24वीं किस्त के अक्टूबर के आसपास आने की उम्मीद की जा रही है। e-KYC पूरा करना है जरूरी बता दें कि किसानों के लिए e-KYC पूरा करना जरूरी है। e-KYC तीन तरीकों से की जा सकती है। किसान PM Kisan की वेबसाइट पर आधार और OTP के जरिए e-KYC कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी CSC या सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक e-KYC भी कराई जा सकती है। पीएम किसान मोबाइल ऐप और आधार फेस RD ऐप की मदद से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए भी घर बैठे e-KYC किया जा सकता है। बेनिफिशियरी लिस्ट में चेक करें अपना नाम किसान अपना नाम बेनिफिशियरी लिस्ट में चेक कर सकते हैं। इसके लिए PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Beneficiary List’ का ऑप्शनचुनना होगा। यहां राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी भरकर लिस्ट देखी जा सकती है। वहीं, ‘Know Your Status’ ऑप्शनके जरिए किसान अपनी किस्त और बेनिफिशियरी स्टेटस की जानकारी भी देख सकते हैं। इन किसानों को मिलता है लाभ पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए किसान आधिकारिक वेबसाइट पर ‘New Farmer Registration’ के जरिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए Aadhaar नंबर, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी देनी होती है। हालांकि, 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन के मालिक बने किसान और एक ही परिवार के एक से ज्यादा सदस्यों द्वारा योजना का लाभ लेने वाले मामले पात्र नहीं माने जाते हैं। किसानों को सलाह है कि किस्त आने से पहले अपना e-KYC और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लें।

Jio IPO को लेकर बड़ा अपडेट, इसी महीने आ सकता है अंबानी की कंपनी का IPO; जानें लिस्टिंग डेट

मुंबई  भारत के सबसे बड़े मोबाइल नेटवर्क देने वाली रिलायंस इंडस्‍ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपना आईपीओ लाने जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि JIO का आईपीओ इसी महीने लाने की तैयारी चल रही है. कंपनी के अंदर की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और विदेशी निवेशकों की ओर से पॉजिटिव रिस्‍पॉन्‍स मिल रहा है।  जियो का आईपीओ अबतक लिस्‍टेड कंपनियों की तुलना में काफी अधिक प्रीमियम वाला हो सकता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह IPO 21 से 23 अक्‍टूबर तक सब्सक्रिप्‍शन के लिए खुल सकता है, जिसमें एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलने की संभावना है. यह आईपीओ 28 अक्‍टूबर तक एक्‍सचेंजों पर लिस्‍ट हो सकता है।  जियो आईपीओ को लेकर बना है उत्‍साह मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सेबी के साथ नियामक प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और सभी आवश्यक अप्रूवल मिल चुके हैं. जियो ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के साथ निवेशक बैठकें आयोजित कीं, जिनकी प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है. वहीं दूसरी ओर, घरेलू निवेशकों की रुचि भी उम्‍मीदों से कहीं ज्‍यादा मजबूत हैं. रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि बाजार की स्थिति पर रोजाना बारीकी से नजर रखी जा रही है. निवेशकों ने कहा कि बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से शेयरों में उनकी रुचि पर कोई खास असर नहीं पड़ना चाहिए।  जून में ही फाइल हुआ था DRHP जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के सामने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था. सेबी ने 28 अगस्त को अपने बयान में जियो के आईपीओ आने का रास्‍ता साफ कर दिया था. यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्‍यू होगा।  अगले हफ्ते होगा वैल्‍यूवेशन पर फैसला आईपीओ में मिले पैसों से कंपनी लगभग 27,500 करोड़ रुपये के बकाया लोन का भुगतान करेगी. बाकी अमाउंट से कंपनी अपने बाकी उद्देश्‍यों को पूरा करेगी. हालांकि, अभी इस आईपीओ की वैल्‍यूएशन तय नहीं की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, कीमत पर निर्णय अगले सप्ताह लिया जाएगा।  जियो का कारोबार  निवेशक जियो को केवल एक दूरसंचार ऑपरेटर के बजाय एक डिजिटल सेवा कंपनी के रूप में देख रहे हैं, जिसमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में विकास के अवसर मौजूद हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलिकॉम कंपनी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के पास 31 मार्च तक 524.4 मिलियन ग्राहक थे, जिससे यह ग्राहक आधार के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है. इसके 268.5 मिलियन 5G ग्राहक थे और यह चीन के बाहर सबसे बड़ी 5G स्टैंडअलोन ऑपरेटर थी। 

महंगाई का दबाव बढ़ा तो महंगा होगा लोन! अक्टूबर में RBI कर सकता है 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर की मोनेटरी पॉलिसी बैठक में रेपो रेट बढ़ा सकता है। इकोनॉमिस्ट्स और बैंक अधिकारियों के एक सर्वे के मुताबिक, RBI रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो मौजूदा 5.25 प्रतिशत रेपो रेट बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो जाएगा। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार होगा जब RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा। बता दें कि अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों के लोन पर पड़ सकता है। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ने से EMI बढ़ सकती है। वहीं, बैंक FD और दूसरी जमा योजनाओं पर ब्याज बढ़ा सकते हैं, जिससे बचत करने वालों को फायदा हो सकता है। RBI का यह कदम महंगाई को काबू में रखने के लिए भी उठाया जा सकता है। अगर महंगाई कम होती है, तो लंबे समय में आम लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी पर कीमतों का दबाव कम हो सकता है। RBI के सामने दर बढ़ाने की चुनौती कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि महंगाई के बढ़ते जोखिम को देखते हुए RBI को ब्याज दरें बढ़ानी चाहिए। वहीं, कुछ इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि अभी तुरंत दर बढ़ाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इकोनॉमिक में मांग के कारण महंगाई बढ़ने के मजबूत संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसलिए अक्टूबर की बैठक में RBI के फैसले पर सभी की नजरें रहेंगी। आगे 2-3 बार बढ़ सकती हैं दरें सर्वे में शामिल कई एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगर महंगाई का दबाव बना रहता है, तो वित्त वर्ष 2026-27 में RBI रेपो रेट 2 से 3 बार बढ़ा सकता है। एनालिस्ट्स का यह भी मानना है कि RBI अपनी मौद्रिक नीति में पहले के नरम रुख को धीरे-धीरे बदल सकता है। GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ने की उम्मीद महंगाई के दबाव के बावजूद इकोनॉमिक की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि RBI FY2026-27 के GDP ग्रोथ अनुमान को बढ़ा सकता है। RBI ने अगस्त की मोनेटरी पॉलिसी में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.7 प्रतिशत GDP ग्रोथ का अनुमान लगाया था। कुछ विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इसे बढ़ाकर 7 प्रतिशत से ज्यादा किया जा सकता है। RBI के फैसले पर नजर कुल मिलाकर, अक्टूबर की मोनेटरी पॉलिसी बैठक में RBI के सामने महंगाई और आर्थिक विकास के बीच बैलेंस बनाने की चुनौती होगी। महंगा कच्चा तेल और बढ़ती महंगाई दर बढ़ाने के पक्ष में हैं, जबकि मजबूत आर्थिक गतिविधियां और मांग आधारित महंगाई का सीमित दबाव RBI को फिलहाल इंतजार करने का मौका देते हैं।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा: नवरात्र के शुभ मुहूर्त में 9 हजार से अधिक नए वाहनों की होगी बंपर डिलीवरी

नई दिल्ली नवरात्र में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के ऑटोमोबाइल बाजार में जोरदार तेजी आई है। शुभ मुहूर्त के 9 दिनों में 9,000 से अधिक नए वाहनों की डिलीवरी की तैयारी है। शुभ मुहूर्त में वाहन घर ले जाने के लिए लोगों ने पहले से बुकिंग करा रखी है। डीलरों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। नवमी पर डिलीवरी की मांग अधिक नए मॉडलों की लॉन्चिंग, त्योहारी छूट और शुभ दिनों में वाहन खरीदने की परंपरा से मांग बढ़ी है। नवरात्र 11 से 19 अक्तूबर तक हैं। इन दिनों में डिलीवरी के लिए बड़ी संख्या में वाहन बुक किए गए हैं। दोपहिया और चार पहिया वाहन डीलरों के अनुसार नवमी पर डिलीवरी की मांग अधिक है। ग्राहकों में उत्साह कर्मा हुंडई के मुख्य बिजनेस अधिकारी मोहम्मद इमरान ने बताया कि नवरात्र में कारों की बुकिंग को लेकर ग्राहकों में उत्साह है। दो शोरूम से 150 से अधिक कारों की डिलीवरी की तैयारी है। मॉडल और कीमत के आधार पर ग्राहकों का रुझान अलग-अलग है। इन कीमत की कारों पर फोकस सागर मोटर्स के जीएम सेल्स दीपक वर्मा ने बताया कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 5 शोरूम से 800 से अधिक वाहनों की डिलीवरी होगी। ग्राहक कम बजट वाली कारों पर टूट पड़ रहे हैं। आलम यह कि इस बार 10 लाख रुपये तक कीमत वाली कारों की बुकिंग सबसे ज्यादा है। मारुति, महिंद्रा समेत अन्य कंपनियों की 2,000 से अधिक कारों की डिलीवरी नवरात्र में होने की तैयारी है। रजिस्ट्रेशन की तैयारियां दोपहिया वाहन डीलरों के अनुसार, एक सामान्य डीलरशिप से नवरात्र के दौरान औसतन 50 से 150 वाहनों की डिलीवरी होने की उम्मीद है। मांग को देखते हुए कई डीलरशिप पर डिलीवरी और पंजीकरण की तैयारियां बढ़ा दी गई हैं। धनतेरस पर भी बंपर डिलीवरी की उम्मीद नवरात्र के बाद धनतेरस पर ऑटोमोबाइल बाजार में वाहनों की बिक्री और डिलीवरी बढ़ने की उम्मीद है। पितृपक्ष समाप्त होने के बाद त्योहारी सीजन में प्री-बुकिंग और एडवांस बुकिंग में भी तेजी आने की संभावना है। डीलरों और वाहन कंपनियों ने त्योहारी मांग को देखते हुए स्टॉक और डिलीवरी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। डिलीवरी की तैयारी पिछले साल से अधिक परिवहन विभाग के अनुसार, पिछले साल नवरात्र में 8,700 से अधिक वाहनों का पंजीकरण हुआ था। इनमें दोपहिया वाहनों की संख्या अधिक थी। इस बार डीलरशिप पर बुकिंग और डिलीवरी की तैयारियां पिछले साल से अधिक हैं। कुछ शोरूम का समय बढ़ाकर रात नौ बजे तक किया गया है। वाहनों की संख्या को देखते हुए आरटीओ और डीलरशिप ने पंजीकरण प्रक्रिया तेज करने की तैयारी की है।

6 अक्टूबर को मचेगा ऑटो धमाका! Honda, Skoda समेत 4 बाइक्स की एक साथ होगी लॉन्चिंग

 नई दिल्ली अक्टूबर का महीना लॉन्चेज के भरा होने वाला है. इस महीने कई बाइक और कारें लॉन्च होने वाली है. हालांकि, उसमें भी 6 अक्टूबर की तारीख ऐसी है, जिस दिन एक साथ कई प्रोडक्ट्स लॉन्च होने वाले हैं. 6 अक्टूबर को दो कारें और चार बाइक लॉन्च होने वाली है. इन सभी प्रोडक्ट्स के टीजर आने शुरू हो गए हैं।  सबसे पहले बात करते हैं उस प्रोडक्ट की जो रिवील हो चुका है. हम बात कर रहे हैं स्कोडा स्लाविया फेसलिफ्ट (Skoda Slavia Facelift) की, जो रिवील हो चुकी है. ये मार्केट में उपलब्ध एक पॉपुलर सेडान है. अपडेट के तहत इस कार में काफी कुछ नया मिलेगा।  स्लाविया फेसलिफ्ट में क्या होगा खास? नई स्कोडा स्लाविया में रिवाइज्ड फ्रंट एंड दिया जाएगा, जिसमें हेडलैम्प्स को अभी बदला गया है. इसमें कनेक्टिंग एलईडी बार, एलईडी डीआरएल्स, नए एलॉय व्हील्स, रिवाइज्ड टेल लैम्प्स, बंपर और कई दूसरे बदलाव देखने को मिलेंगे. कैबिन में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।  मुख्य अंतर 10.24 इंच का ड्राइवर डिस्प्ले है, जिस पर टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन मिलेगा. इसके अलावा कार में 10 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा. कार में पहले वाला ही 1.0 लीटर का टीएसआई और 1.5 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन मिलेगा. ये कार 6 अक्टूबर को लॉन्च होगी।  होंडा फेसलिफ्ट  दूसरा बड़ा लॉन्च होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट है. इस एसयूवी का अपडेटेड वर्जन 6 अक्टूबर को लॉन्च होगा. इस कार में कई डिजाइन बदलाव होंगे. इसमें ट्विक्ड हेडलैम्प्स, एलईडी डीआरएल्स, कनेक्टिंग एलईडी बार, एक रिवाइज्ड फ्रंट ग्रिल और बंपर मिलेगा. इसमें नए एलॉय व्हील्स और रिवाइज्ड टेल लैम्प्स मिलेंगे।  इंटीरियर की बात करें, तो एसयूवी में 10.25 इंच का इंफोटेनमेंट यूनिट मिलेगा. इसके अलावा 8 स्पीकर ऑडियो सिस्टम, एक वायरलेस चार्जर, 7 इंच का सेमी डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, रियर पार्किंग और कई दूसरे फीचर्स मिलेंगे. कार के इंजन डिपार्टमेंट में कोई बदलाव नहीं होगा।  चार बाइक्स होंगी लॉन्च  ट्रायम्फ (Triumph) ने एक टीजर जारी किया, जिसमें कंपनी ने चार नई मोटरसाइकिल को टीज किया है. ये बाइक्स 6 अक्टूबर को लॉन्च होने वाली है. कंपनी बोनविले 400 (Bonneville 400) को लॉन्च कर सकती है, जिसे कई बार टेस्ट करते हुए स्पॉट किया गया है।  ये बाइक रेट्रो मॉडर्न लुक के साथ आएगी. बोनविले 400 का सीधा मुकाबला रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 और बुलेट 350 के साथ होंडा सीबी 350 लाइनअप से होगा. इसके अलावा कंपनी स्ट्रीट ट्रिपल और दो टाइगर मॉडल लॉन्च होंगे। 

Gold Price Today: ग्लोबल बाजार में सोना 3.4% फिसला, भारत में 22 और 24 कैरेट के नए रेट जारी

मुंबई  सोने की कीमतों में इन दिनों एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिल रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत इस हफ्ते करीब 3.4% नीचे आ चुकी है, लेकिन भारत के कई बड़े शहरों में 3 अक्टूबर की सुबह सोने के भाव अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,50,460 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट ₹1,37,910 प्रति 10 ग्राम पर है।  मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में 3 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,50,290 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,37,760 प्रति 10 ग्राम पर रहा. बड़े शहरों में सोने के भाव में बहुत ज्यादा अंतर नहीं दिख रहा है, लेकिन दिल्ली समेत कुछ शहरों में रेट थोड़ा ऊपर है।  पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में भाव पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोना ₹1,50,290 प्रति 10 ग्राम पर रहा. वहीं 22 कैरेट का भाव ₹1,37,760 प्रति 10 ग्राम रहा।  अहमदाबाद और भोपाल में क्या भाव अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,50,360 प्रति 10 ग्राम रहा. 22 कैरेट सोना ₹1,37,810 प्रति 10 ग्राम पर रहा. भोपाल में भी 24 कैरेट सोना ₹1,50,360 और 22 कैरेट ₹1,37,810 प्रति 10 ग्राम रहा।  जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में रेट जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोना ₹1,50,460 प्रति 10 ग्राम पर रहा. वहीं 22 कैरेट का भाव ₹1,37,910 प्रति 10 ग्राम रहा।  ग्लोबल बाजार में सोना 3.4% नीचे अब अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर डालें तो यहां तस्वीर थोड़ी अलग है. 3 अक्टूबर की सुबह हाजिर सोना (Spot Gold) 4,140.06 डॉलर प्रति औंस पर रहा. इस हफ्ते अब तक इसकी वैश्विक कीमत करीब 3.4% गिर चुकी है. ग्लोबल बाजार में सोने पर दबाव है, लेकिन भारत में भाव अभी भी काफी ऊंचे हैं. इसकी वजह यह है कि घरेलू सोने की कीमत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय भाव से तय नहीं होती. डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट, आयात लागत, टैक्स और स्थानीय मांग जैसे कई दूसरे कारक भी घरेलू रेट को प्रभावित करते हैं।  HSBC ने घटाया सोने का अनुमान न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, HSBC ने 2026 और 2027 के लिए सोने की औसत कीमत के अपने अनुमान में कटौती की है. बैंक ने 2026 के लिए औसत कीमत का अनुमान 4,490 डॉलर प्रति औंस और 2027 के लिए 4,825 डॉलर प्रति औंस रखा है. HSBC का मानना है कि निकट भविष्य में सोने की कीमत पर और दबाव आ सकता है. हालांकि, अगर कीमतें नीचे आती हैं तो खरीदारी भी लौट सकती है।  HSBC के मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस या उससे नीचे आती है, तो केंद्रीय बैंकों की तरफ से सोने की खरीदारी फिर बढ़ सकती है. यानी बाजार के लिए 4,000 डॉलर का स्तर आगे महत्वपूर्ण रह सकता है. कीमत वहां तक जाती है या नहीं और अगर जाती है तो खरीदारी कितनी लौटती है, इस पर नजर रहेगी।  चांदी का क्या हाल है? सोने के साथ चांदी के भाव में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. 3 अक्टूबर की सुबह देश में चांदी का भाव ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम रहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी करीब 60.36 डॉलर प्रति औंस पर रही. इसी साल जनवरी में देश में चांदी ₹4 लाख प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी. मौजूदा भाव उस रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे है। 

विजय माल्या की मुश्किलें बरकरार, ₹10,270 करोड़ की वसूली के बाद भी ₹8,752 करोड़ बाकी

नई दिल्ली भगोड़ा कारोबारी विजय माल्या (Vijay Malya) फिर से एक बार चर्चा में हैं। इस बार भी वो अपनी कर्ज के बकाया राशि को लेकर सुर्खियों में हैं। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले कंसोर्टियम ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जानकारी दी है कि अगस्त तक विजय माल्या के ऊपर ₹8,752 का भुगतान बाकि था। इससे पहले माल्या ने दावा किया था कि देश की वित्तीय संस्थाओं ने उनसे सभी बकाया राशि वसूल कर ली है। बता दें, विजय माल्या इस समय भारत में नहीं है। कैसे आया यह मामला सामने बंद हो चुकी एयरलाइन और यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रुप के चेयरमैन रह चुके विजय माल्या ने 2020 में बॉम्बे हाई कोर्ट में एक अर्जी डाली। इसमें उन्होंने कोर्ट से अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को खत्म करने की अपील की थी। अपने बचाव में विजय माल्या की तरफ से कहा गया था कि उनके और लोन देने वाले संस्थाओं के बीच एसेट रिकवरी के बाद विवाद खत्म हो गया है। इसी मामले में कोर्ट में बकाया राशि से जुड़ी जानकारी सामने आई। कोर्ट की तरफ से मिले निर्देश के बाद बैंकों ने जो डॉक्यूमेंट्स जमा करवाए हैं, उसके अनुसार डेट रिकवरी ऑफिसर ने 10,270 करोड़ रुपये अस्थायी वसूले हैं। ट्रिब्यूनल में कार्यवाही शुरू होने से पहले 544.58 करोड़ रुपये वसूले गए थे। इस रिकवरी के बाद भी अब भी बड़ी राशि का भुगतान होना बाकी है। डॉक्यूमेंट्स के अनुसार जनवरी 2026 तक माल्या के ऊपर 8135.63 करोड़ रुपये की राशि बकाया थी। इसमें लीगल फीस और अन्य खर्चों को अगर जोड़ दिया जाए तो राशि 8756.86 करोड़ रुपये अगस्त के अंततक पहुंच जाती है। ईडी का क्या कहना है? प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 14132 करोड़ रुपये की कुल रिकवरी हो चुकी है। लेकि ईडी ने हाई कोर्ट से कहा है कि सिविल रिकवरी से PMLA एक्ट खत्म नहीं होते हैं। वहीं, विजय माल्या की दलील है कि अगर रिकवरी मूल कर्ज से ज्यादा हो जाए तो मामले को बंद कर देना चाहिए।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा उछाल, नायरा ने बढ़ाए दाम; जानें नया रेट

मुंबई  ग्लोबल टेंशन के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने लगे हैं। भारत की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दामों में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल में तीन रुपये प्रति लीटर की तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी की है। ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण बने नए दबाव के बीच यह ताजा बढ़ोतरी की गई है। मामले से जुड़े सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि देश भर में 7,108 पेट्रोल पंपों का संचालन करने वाली नायरा ने शनिवार के शुरुआती घंटों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी हैं। इस संबंध में टिप्पणी के लिए नायरा के प्रवक्ता को भेजा गया ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। बता दें कि इस साल की शुरुआत में जब ईरान संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई थी, तब अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में हुई वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने वाली नायरा पहली ईंधन खुदरा विक्रेता थी। कंपनी ने 26 मार्च को पेट्रोल की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन खुदरा कंपनियों ने मई में पंप कीमतों में वृद्धि करना शुरू किया था। नायरा ने बाद में अपनी मार्च की बढ़ोतरी को वापस ले लिया था। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर कंपनी ने एक जुलाई को पेट्रोल के दाम पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर घटा दिए थे। ईंधन बिक्री की सीमा पर सरकार को ऐतराज बता दें कि बीते कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री की सीमा की चर्चाएं चल रही हैं। इस बीच, सरकार ने ईंधन बिक्री पर किसी भी तरह की सीमा लगाने पर ऐतराज जताया है। हाल ही में पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि किसी को भी पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं है। मित्तल ने डीजल की बिक्री पर सीमा लगाए जाने की खबरों पर कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस मामले में सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने अपने कुछ पेट्रोल पंप पर डीजल की खरीद सीमित कर दी है। खुदरा और थोक डीजल की कीमतों में अंतर बढ़ने से कारखानों, दूरसंचार कंपनियों, होटल, अस्पताल और अन्य बड़े उपभोक्ता खुदरा पंप से अपेक्षाकृत सस्ता डीजल खरीदने लगे हैं। डीजल की खुदरा और थोक कीमतों में अंतर करीब 50 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इससे कुछ औद्योगिक उपभोक्ता खुदरा पंप से एक बार में 400-600 लीटर तक डीजल खरीद रहे हैं। इससे कुछ पेट्रोल पंप के भंडार पर दबाव बढ़ रहा है जबकि उनकी भंडारण क्षमता सीमित होती है और दोबारा आपूर्ति में कुछ दिन लग सकते हैं। ऐसी स्थिति में जियो-बीपी ने कुछ पंप पर एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 50 लीटर डीजल खरीदने की सीमा लगाई है जबकि नायरा एनर्जी के पंप पर यह सीमा 70 से 200 लीटर के बीच है।