samacharsecretary.com

फिक्स्ड डिपॉजिट में बड़ा बदलाव संभव, RBI के प्रस्ताव से ग्राहकों को मिल सकता है ज्यादा ब्याज

 नई दिल्‍ली भारतीय रिजर्व बैंक ने एक ड्राफ्ट नियम प्रस्‍तावित किया है. इसके तहत अब आपके फिक्‍स डिपॉजिट और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्‍याज को अधिक लचीलापन बनाया जाएगा. बैंक मनमाने तरीके से ब्‍याज दर नहीं दे सकते हैं और पहले से ही उन्‍हें अपने वेबसाइट पर ब्‍याज दरों के बारे में जानकारी देनी होगी. अगर ये नियम लागू होते हैं तो FD निवेशकों के लिए अलग-अलग बैंकों की ब्‍याज दरों की तुलना करना आसान हो जाएगा।  RBI ने इन ड्रॉफ्ट नियम को सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया है. इनका उद्देश्य बैंकों को रुपये में मिले बड़े डिपॉजिट्स की ब्याज दर तय करने की अधिक स्वतंत्रता देना और जमा ब्याज दरों के खुलासे में एकरूपता लाना है. 20 जून तक अपनी राय दे सकते हैं।  इस नियम से क्या बदलने वाला है? इन प्रस्तावित नियमों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पारदर्शिता लाना है. RBI ने प्रस्ताव दिया है कि सभी बैंक हर कारोबारी दिन शुरू होने से पहले अपनी वेबसाइट पर जमा योजनाओं की ब्याज दरें दिखा सकते हैं. इस नियम के अनुसार, जमा पर देय ब्याज दरें बैंक की वेबसाइट पर कारोबारी दिन शुरू होने से पहले घोषित ब्याज दरों के अनुसार ही होंगी।  इसका मतलब है कि बैंक FD और अन्य जमा योजनाओं की ब्याज दरें पहले से सार्वजनिक करेंगे, जिससे ग्राहकों को अलग-अलग बैंकों की योजनाओं की तुलना करने में आसानी होगी. यह कदम ब्याज दरों को लेकर अस्पष्टता कम करेगा और FD में निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए अधिक स्पष्टता लाएगा।  बल्क डिपॉजिट क्या होते हैं? प्रस्तावित बदलाव मुख्य रूप से बल्क डिपॉजिट से जुड़े हैं. बल्क डिपॉजिट वे बड़ी राशि वाले जमा होते हैं, जो व्यक्ति, कंपनियां, संस्थान और हाई नेटवर्थ (HNI) ग्राहक बैंकों में जमा करते हैं. नए मसौदे के तहत बैंक अपनी फंडिंग जरूरतों और नकदी की स्थिति के आधार पर इन बड़े जमाओं पर अलग-अलग ब्याज दरें दे सकेंगे।  RBI के अनुसार, बैंकों को बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दरें देने की स्वतंत्रता होगी. अगर किसी बैंक को अधिक धन जुटाने की जरूरत होगी, तो वह बड़े जमाकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए ज्यादा ब्याज दर दे सकता है. वहीं पर्याप्त नकदी वाले बैंक कम ब्याज दर भी दे सकते हैं।  FD निवेशकों पर इसका क्या असर होगा? सामान्य रिटेल FD निवेशकों पर इसका तत्काल प्रभाव सीमित हो सकता है क्योंकि प्रस्ताव सीधे तौर पर रिटेल FD नियमों में बदलाव नहीं करता है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इसका असर पूरे डिपॉजिट मार्केट पर पड़ सकता है।  सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) श्वेता शास्त्री के अनुसार, पहले लगभग सभी बैंकों की FD दरें एक जैसी होती थीं, लेकिन आगे चलकर जमा राशि, अवधि और बैंक की फंडिंग जरूरत के आधार पर ब्याज दरों में उल्लेखनीय अंतर दिखाई दे सकता है. उनका सुझाव है कि FD रिन्यू कराने से पहले निवेशकों को अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करनी चाहिए और बड़ी राशि जमा करने की स्थिति में बेहतर ब्याज दर के लिए बैंक से बातचीत भी करनी चाहिए. हालांकि केवल सबसे ऊंची ब्याज दर को देखकर निवेश नहीं करना चाहिए।  एफडी में निवेश से पहले देखें ये चीजें      समय से पहले FD तोड़ने पर लगने वाला जुर्माना      स्वीप-इन FD सुविधा     जरूरत पड़ने पर धन की उपलब्धता      ब्याज भुगतान का विकल्प (मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर)     वर्तमान FD ब्याज दरें कौन दे रहा एफडी पर ज्‍यादा रिटर्न      सुर्वोदय स्‍माल फाइनेंस बैंक – 8.10% तक     उत्‍कर्ष स्‍माल फाइनेंस बैंक – 8.10% तक     जाना स्‍माल फाइनेंस बैंक – 7.77% तक  

BYD का बड़ा दांव, Seal U हाइब्रिड से मिलेगी 1200KM तक की ड्राइविंग रेंज

 नई दिल्ली चीनी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी बीवाईडी (BYD) ने भारत में अपनी नई हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को पेश कर दिया है. कंपनी ने डीएम-आई सुपर प्लग-इन हाइब्रिड ईवी (DM-i Super Plug-in Hybrid EV) को इंट्रोड्यूस किया है. इस टेक्नोलॉजी के साथ पहली कार कंपनी बीवाईडी सील यू (BYD Seal U) को लॉन्च करेगी।  ये ब्रांड की पहली कार होगी, जो प्लग-इन हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के साथ भारत में आएगी. अब तक भारत में कंपनी ने सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों को लॉन्च किया है, लेकिन अब ब्रांड का फोकस हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर भी है. रिपोर्ट्स की मानें, तो हाइब्रिड कार को कंपनी इस साल के अंत तक लॉन्च कर सकती है।  बैटरी और इंजन दोनों मिलेंगे बात करें डीएम-आई सुपर प्लग-इन हाइब्रिड ईवी टेक्नोलॉजी की, तो इसमें बैटरी-मोटर के साथ एक इंजन भी मिलेगा. हालांकि, ये टेक्नोलॉजी कार को ईवी मोड में चलाने पर फोकस करेगी. कार में 1.5 लीटर का डायरेक्ट इंजेक्शन, टर्बो पेट्रोल इंजन मिलेगा. इसमें डुअल इलेक्ट्रिक मोटर और 18.3kWh की बैटरी दी जाएगी।  बीवाईडी का दावा है कि कार में दुनिया की बेस्ट थर्मल एफिशिएंसी मिलेगी. कंपनी की मानें, तो कार 4.8 लीटर पेट्रोल में 100 किलोमीटर का सफर करेगी. वहीं इलेक्ट्रिक मोटर 97.5 फीसदी की इफिशिएंकी के साथ आएगा. दोनों को मिला दें, तो कार फुल टैंक और फुल चार्ज में 1200 किलोमीटर तक का सफर कर सकती है।  कैसे काम करेगी टेक्नोलॉजी? जब बैटरी पूरी तरह से चार्ज होगी तो कार ईवी मोड में चलेगी. इस मोड में कार 70 किलोमीटर तक चल सकती है. सामान्य स्थिति में कार का पेट्रोल इंजन एक पावर जनरेटर की तरह काम करेगा, जो कार को ईवी मोड में चलने में मदद करेगा. वहीं ज्यादा पावर लोड होने पर इंजन सीधे कार को पावर देना शुरू कर देगा।  ये पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटिक होगी. यानी ये कार प्योर ईवी, सीरीज हाइब्रिड और पैरेलल हाइब्रिड मोड में ऑटोमेटिक स्विच करेगी, जिससे ड्राइवर को मोड्स मैन्युअली बदलने नहीं पड़ेंगे. दूसरी ईवी कारों की तरह ही इसमें भी वी2एल कैपेबिलिटी मिलेगी. इसका मतलब है कि कार का इंजन ना सिर्फ कार को पावर देगा बल्कि इससे तमाम इलेक्ट्रिक अप्लायंस भी चल सकेंगे। 

Crude Oil Price Alert: तेल बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका, Fitch की रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल

 नई दिल्ली वेस्ट एशिया तनाव के चलते दुनिया को डराने वाले कच्चे तेल की कीमतें क्रैश हो सकती हैं. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि फिच रेटिंग्स ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि वैश्विक तेल बाजार दुनिया की कुल तेल-गैस जरूरत के 20% को पूरा करने के लिए जरूरी होर्मुज स्ट्रेट पर बारीकी से नजर रख रहा है।  एजेंसी ने लंबे समय से बंद Hormuz Strait के जुलाई 2026 के अंत तक फिर से खुलने का अनुमान जताया है और उम्मीद जताते हुए कहा है कि ऐसा होने पर Oil-Gas सप्लाई चेन में रुकावट खत्म होते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी।   70 डॉलर पर आ जाएगा कच्चा तेल! Fitch Ratings की एक रिपोर्ट में होर्मुज स्ट्रेट के जुलाई 2026 के अंत तक फिर से खुलने के सवाल पर कहा है कि इसका जवाब संभवतः हां है. एजेंसी के ऑयल आउटलुक के मुताबिक, वैश्विक तेल खपत के लगभग पांचवें हिस्से को संभालने वाला यह स्ट्रेटिजिक समुद्री रूट 5 महीने की क्लोजिंग बंद के बाद फिर से खुलेगा।  फिच के मुताबिक, ऐसा होने पर कच्चे तेल की कीमतों में आने वाली तेज गिरावट का जिक्र करते हुए एजेंसी ने कहा कि जुलाई में होर्मुज ओपन होने के बाद सितंबर से ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Oil Price) गिरकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है।  तेजी से बहाल होगी ऑयल सप्लाई फिच ने अपनी रिपोर्ट में तर्क देते हुए कहा है कि कच्चे तेल की कीमतों में मौजूदा उछाल मुख्य रूप से उत्पादन क्षमता में स्थायी कमी के बजाय सप्लाई चेन में आई रुकावट से जुड़ा है. एजेंसी का मानना ​​है कि युद्ध की वजह से क्षेत्रीय तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है, जिससे शिपिंग रूट्स सामान्य होने पर मिडिल ईस्ट में प्रोडक्शन भी तेजी से बहाल हो सकता है।  Fitch के अनुमानों पर नजर डालें, तो ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत मई-जुलाई के दौरान 100-110 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद है, जबकि अगस्त में यह घटकर करीब 80 डॉलर पर आ जाएगी और सितंबर में Brent Crude Price  70 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकता है।  'अनिश्चितता अभी कम नहीं हुई' ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने तेल की कीमतें क्रैश (Crude Oil Price Crash) होने का अनुमान जताने के साथ ही कहा है कि अनिश्चितता का स्तर अभी भी काफी ऊंचा बना हुआ है. अगर होर्मुज उम्मीद से पहले खुल जाता हैं, तो तेल की कीमतें गिरेंगी, लेकिन अगर लंबे समय तक व्यवधान रहता है, तो कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रह सकता है. इससे भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख आयातकों के लिए ऊर्जा लागत में वृद्धि होगी और महंगाई का खतरा बढ़ेगा। 

BMW ने दिया झटका, 1 जुलाई से भारत में महंगी होंगी लग्जरी कारें

 नई दिल्ली कारों की कीमतें लगातार बढ़ रही है. अलग-अलग ब्रांड्स अपनी गाड़ियों की कीमतों को समय-समय पर 2026 में बढ़ा चुके हैं. अब बीएमडब्लू (BMW) ने अपनी कारों की कीमतों में इजाफे का ऐलान किया है. 1 जुलाई से कंपनी की कारें महंगी होने वाली है. इनकी कीमतों में 2 फीसदी इजाफा किया गया है।  ये बीएमडब्लू और मिनी रेंज की सभी कारों पर लागू होंगी. गाड़ियों की कीमतों में इस इजाफे की वजह रुपये की गिरती कीमत और लॉजिस्टिक के बढ़ते दाम हैं. जिसकी वजह से कंपनी 1 जुलाई से अपनी गाड़ियों की कीमत 2 फीसदी बढ़ा रही है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स।  क्यों महंगी हुई बीएमडब्लू कारें? बीएमडब्लू ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ, हरदीप सिंह बरार ने बताया, 'जबरदस्त डिमांड और बेहतरीन प्रोडक्ट रेंज होने की वजह से लग्जरी मोबिलिटी स्पेस में बीएमडब्लू ग्रुप इंडिया नई माइलस्टोन बना रही है. मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियों के बीच अपने प्रीमियम स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए हम अपने पोर्टफोलियो की कीमतें 2 फीसदी बढ़ा रहे हैं।  कंपनी कई कारों को भारत में लोकली तैयार करती है. भारत में प्रोड्यूस होने वाली कारों की लिस्ट में बीएमडब्लू 2 सीरीज कूपे, बीएमडब्लू 3 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, बीएमडब्लू 5 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, बीएमडब्लू 7 सीरीज, बीएमडब्लू एक्स1, एक्स 3, एक्स 5, एक्स 7, बीएमडब्लू एम340आई और बीएमडब्लू आईएक्स1 लॉन्ग व्हीलबेस शामिल हैं।  इसके अलावा कंपनी की बीएमडब्लू आई5 एम60, बीएमडब्लू आई7, बीएमडब्लू आई7 एम70, बीएमडब्लू आईएक्स, बीएमडब्लू एम440आई कन्वर्टिबल, बीएमडब्लू एम2 कूपे, बीएमडब्लू एम4 कंपटीशन, बीएमडब्लू एम5 और बीएमडब्लू एक्सएम भारत में सीबीयू के तौर पर मिलती हैं।  फ्री सर्विस ऑफर कर रही कंपनी हाल में ही कंपनी ने समर सर्विस कैंपेन 2026 का ऐलान किया था. इसके तहत कंपनी कई सारी सर्विसेस कॉम्प्लिमेंटरी ऑफर कर रही थी. इसमें एयर कंडीशनिंग फिल्टर की जांच, एयर फिल्टर और टायर कंडीशन शामिल हैं. वहीं नॉन-इलेक्ट्रिक मॉडल्स के लिए कंपनी फ्री बैटरी चेकअप भी ऑफर कर रही है।  कंपनी ये इंस्पेक्शन किसी भी फॉल्ट को पहले पकड़ने के लिए कर रही है, जिससे कंज्यूमर्स को परेशानी का सामना ना करना पड़े. बेसिक चेक के साथ कंपनी सर्विस पर डिस्काउंट भी दे रही है. कंज्यूमर्स 10 फीसदी की छूट एसी फुमिगेशन सर्विस पर दे रही है. वहीं एयर कंडीशनिंग रिपेयरिंग पर कंपनी 25 फीसदी तक की छूट लेबर चार्ज पर दे रही है। 

Stock Market Bounce Back: बाजार में आई जबरदस्त रिकवरी, टाटा से इंडिगो तक निवेशकों की चांदी

मुंबई  शेयर बाजार में जारी गिरावट पर ब्रेक लगा नजर आ रहा है और सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स-निफ्टी ने उबरते हुए तेज शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 74000 के पार खुला, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी 23,200 के पार निकलकर कारोबार शुरू किया. इस तेजी के बीच बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल 30 कंपनियों में से 25 के शेयर तेजी के साथ ग्रीन जोन में ट्रेड करते हुए नजर आए. सबसे ज्यादा तेजी टाटा की कंपनी Trent और IndiGo के शेयर में दिखी।  सेंसेक्स-निफ्टी की धांसू शुरुआत  मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से पॉजिटिव संकेत मिल रहे थे और कारोबार की शुरुआत भी धांसू हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,524 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ उछला और 74,035 के लेवल पर खुला. एनएसई निफ्टी ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ग्रीन जोन में ओपनिंग की. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स पिछले बंद 23,123 के मुकाबले खुलते ही 23,259 पर पहुंच गया।  इन 10 शेयरों में जोरदार तेजी शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयर छलांग लगाते हुए नजर आए. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में Trent Share (2.50%), ICICI Bank Share (2%), Axis Bank Share (1.75%) और IndiGo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था।  तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल IDFC First Bank Share (3.50%), TI India Share (2.80%), Nykaa Share (2.30%), Bharat Forge Share (2.10%) और Yes Bank Share (2%) की उछाल में नजर आए. स्मॉलकैप कैटेगरी में देखें, तो सबसे तेज उछाल Radington Share  में आई और ये 3 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था।  शेयर बाजार में तेजी का बड़ा कारण Stock Market में अचानक आई इस तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट को माना जा सकता है, जिससे महंगाई का जोखिम कम हुआ है और निवेशकों को सेंटीमेंट सुधरा है।  दरअसर, बीते कारोबारी दिन सोमवार को ईरान-इजरायल संघर्ष बढ़ने के बीच Crude Oil Price में आग लगी हुई नजर आई थी और ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 फीसदी के आसपास उछलकर 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी, लेकिन फिर एक दम से तेल की दाम गिर गए और खबर लिखे जाने तक Brent Crude Price 93 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा था।  इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों में तेजी के चलते भी निवेशकों की धारणा में बदलाव देखने को मिला. जापान का निक्केई से लेकर साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स तक खुलने के साथ ही तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। 

100% इथेनॉल पर दौड़ेगी मारुति की नई कार, देश को मिलेगी पहली E100 फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक

नई दिल्ली  मारुति सुजुकी इस साल पर्यावरण दिवस के मौके पर फ्लेक्स फ्यूल से चलने वाली गाड़ी पेश करने वाली है। उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल फ्यूल की तरफ बढ़ने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस घोषणा से संकेत मिलता है कि Maruti Suzuki 5 जून 2025 को एक ऐसी फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ी को सामने ला सकती है या प्रदर्शित कर सकती है जो इथेनॉल के हाई-ब्लेंड्स यानी E-100 तक पर चलने में सक्षम होगी। भारत की पहली ऐसी गाड़ीः ध्यान देने वाली बात यह है कि वर्तमान में भारत में एक भी फ्लेक्स-फ्यूल 4-व्हीलर गाड़ी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। जल्द ही लॉन्च होने वाली Maruti Suzuki की यह फ्लेक्स फ्यूल गाड़ी देश की पहली ऐसी 4-व्हीलर होगी जो E100 तक पर चलने में सक्षम होगी। इसके लिए इसमें खास तौर पर तैयार किए गए फ्यूल स्टोरेज, डिलीवरी और इग्निशन सिस्टम दिए जाएंगे। E100 के लिए बदलावः आने वाली Maruti Suzuki E100 फ्लेक्स फ्यूल गाड़ी में E85 प्रोटोटाइप के मुकाबले कई और बदलाव किए गए हैं जिससे इसे E100 ईंधन के अनुकूल बनाया जा सके। बता दें कि इथेनॉल में नमी सोखने की ज्यादा क्षमता होती है। Ethanol की ज्यादा मात्रा होने पर खास तौर से तैयार किए गए फ्यूल सिस्टम और इंजन पार्ट्स की जरूरत होती है क्योंकि इथेनॉल पारंपरिक पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा आसानी से नमी सोख लेता है। ये है इसका फायदाः हमारे फ्यूल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने के इस प्रयास से कम लागत वाला, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी ईंधन उत्पादन और उसकी सप्लाई होगी। ग्लोबल स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा की चिंताओं और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच यह कदम कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता को भी कम करेगा। 12 कंपनियां ऐसी गाड़ियां प्रदर्शित कर चुकी हैंः उन्होंने आगे बताया कि Toyota, TATA, Mahindra और Suzuki सहित कुल 12 कंपनियां पहले ही ऐसी गाड़ियां प्रदर्शित कर चुकी हैं। Honda और Suzuki की वजह से फ्लेक्स फ्यूल से चलने वाले टू-व्हीलर्स भी आ चुके हैं। उन्होंने स्कूटर, कार, ट्रक, बस और ट्रैक्टर जैसे सभी सेगमेंट्स में EV के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर अपना उत्साह जताया। भारत ने E20 पेट्रोल को मानकीकृत कर दिया है और BIS ने E22, E25, E27 और E30 फ्यूल के लिए स्पेसिफिकेशंस जारी कर दिए हैं जो Ethanol मिश्रण के अगले चरण की तैयारी है।

SpiceJet का बड़ा विस्तार, डैम्प लीज पर लिए गए 3 Airbus A320; 737 Max फिर से सेवा में

नई दिल्ली विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने अपने बेड़े को मजबूत करने और परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। एयरलाइन ने तीन एयरबस ए320 विमानों को डैम्प लीज पर लेने के लिए एक अंतिम समझौता किया है। ये तीनों विमान आगामी जुलाई 2026 में एयरलाइन के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। बोइंग 737 मैक्स की भी हुई वापसी फ्लीट (बेड़े) विस्तार के साथ-साथ स्पाइसजेट को एक और बड़ी सफलता मिली है। कंपनी ने अपने एक ग्राउंडेड (खड़े हुए) बोइंग 737 मैक्स विमान को तकनीकी रूप से पूरी तरह ठीक कर वापस सेवा में उतार दिया है। इस विमान ने व्यावसायिक उड़ानें भरना भी शुरू कर दिया है। व्यस्त सीजन में यात्रियों को मिलेगी राहत आने वाले व्यस्त यात्रा सीजन को देखते हुए इस अतिरिक्त क्षमता से एयरलाइन के घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय रूटों पर उड़ानों के संचालन में लचीलापन आएगा। इससे यात्रियों को टिकट बुकिंग में आसानी होगी और उड़ानों के रद होने या देरी होने जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी। स्पाइसजेट के चीफ बिजनेस ऑफिसर देबोजो महर्षि ने कहा कि ये विमान हमें यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने, परिचालन को अधिक मजबूत बनाने और व्यस्त यात्रा अवधि के दौरान नेटवर्क को बेहतर करने में मदद करेंगे। हम अपनी विकास योजनाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं और हमारा ध्यान लगातार अपने बेड़े के विस्तार और परिचालन तैयारियों को बेहतर बनाने पर है। डैम्प लीज क्या है? विमानन क्षेत्र में डैम्प लीज का मतलब एक ऐसे समझौते से है, जिसके तहत विमान देने वाली कंपनी विमान के साथ-साथ पायलट और केबिन क्रू (फ्लाइट अटेंडेंट) भी मुहैया कराती है, लेकिन विमान का रख-रखाव और बीमा खुद एयरलाइन (इस मामले में स्पाइसजेट) संभालती है। यह कम समय में उड़ानों की संख्या बढ़ाने का एक बेहतरीन जरिया है।  

जेब पर बढ़ा बोझ: पेट्रोल-डीजल से लेकर घरेलू LPG और CNG तक महंगी, आम जनता परेशान

नई दिल्ली ईरान-अमेरिका युद्ध की मार सड़क से लेकर हमारे किचन तक पड़ रही है। पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने से एक ओर महंगाई बढ़ रही है तो सड़क का सफर भी महंगा हो गया है। सीएनजी से भी राहत नहीं है और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतें कोढ़ में खाज का काम कर रही है। किचन का बजट बिगड़ रहा है। रुस-युक्रेन युद्ध के दौरान भी कच्चे तेलल के दाम आसमान छू रहे थे, इसके बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े। चार साल तक शांत रहने के बाद मई 2026 में पेट्रोल और डीजल के दाम ताबड़तोड़ बढ़े। चार बार की बढ़ोतरी में अबतक ये करीब 7.50 रुपये लीटर महंगे हो चुके हैं। इसके अलावा सीएनजी और एलपीजी के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बात करें तो युद्ध से करीब एक साल से अधिक समय पहले से 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ था। बड़े आराम से दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये में मिल रहा था। सबकुछ अच्छा चल ही रहा था कि फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया। पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया। कच्चे तेल के दाम 125 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए। अक्सर एलपीजी के रेट महीने की पहली तारीख को होते हैं। घरेलू सिलेंडर के दाम 89 रुपये बढ़े 1 मार्च को रेट तो जारी हुए, लेकिन घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बढ़े। युद्ध के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के नए रेट का ऐलान कर दिया। इसके तहत एलपीजी सिलेंडर के दाम में 60 रुपये का इजाफा कर दिया। इसके साथ ही दिल्ली में घरेलू सिलेंडर महंगा होकर 913 रुपये पर पहुंच गया। ठीक 3 महीने बाद दाम फिर 29 रुपये और बढ़ गए। अब दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है। कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1773 रुपये बढ़े ये 3 महीने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए अब तक झटका वाला रहा। महज 3 महीने में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर 1740.50 रुपये से ₹3,113.50 पर पहुंच गया। यानी सिलेंडर कुल 1373 रुपये महंगा हो गया। यही सिलेंडर फरवरी में 1740.50 रुपये का था। इसके बाद मार्च में डबल झटके लगे। 1 मार्च 2026 को कमर्शियल सिलेंडर के दाम 28 रुपये और बढ़कर 1768.50 रुपये पर पहुंच गए। इसके बाद 7 मार्च को 114.50 रुपये का झटका लगा और 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर दिल्ली में 1883 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद 1 अप्रैल 2026 को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम 2078.50 रुपये पर पहुंच गए। सबसे बड़ा झटका लगा मई में। इस महीने सिलेंडर के दाम में ऐतिहासिक 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई और दिल्ली में कीमत सीधे पहुंच गई 3071.50 रुपये पर। 1 जून को भी इसमें 42 रुपये का इजाफा हुआ और दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर 1 जून से ₹3,113.50 का हो गया है। सीएनजी की कीमतें भी 3 बार बढ़ीं युद्ध के दौरान पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दाम तो बढ़े ही, सीएनजी की कीमतें भी आसमान छूने लगी हैं। अभी कीमतों में शनिवार को 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी जो 10 दिनों से भी कम समय में तीसरी बढ़ोतरी है। दिल्ली में सीएनजी की कीमत अब 81.09 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कीमतें बढ़कर 89.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई हैं, जबकि गुरुग्राम में सीएनजी की कीमत 86.12 रुपये प्रति किलोग्राम होगी। यह बढ़ोतरी 15 मई को घोषित 2 रुपये प्रति किलोग्राम और 17 मई को 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के बाद हुई है।

ग्लोबल तनाव से बाजार में हाहाकार! ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच निवेशकों के करोड़ों स्वाहा

मुंबई  जिसका डर था वही हुआ… भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है. ईरान और इजरायल के बीच मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले औऱ क्रूड की कीमतों में अचानक तेज उछाल के बीच सेंसेक्स-निफ्टी भी सहमे हुए नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही करीब 800 अंक फिसल गया, तो नहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी 250 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर खुला. इस गिरावट के बीच तमाम बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए और हर ओर लाल रंग में कारोबार शुरू हुआ।  खुलते ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी  सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,243 की तुलना में 822 अंकों की तेज गिरावट लेकर 73,421 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर अचानक फिसलते हुए 73,318 पर जा पहुंचा. एनएसई के निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स भी अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,366 की तुलना में 286 अंक फिसलकर 23,080 पर खुला।  रिलायंस समेत इन शेयरों में तगड़ी गिरावट  शेयर मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच कई बड़ी कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही बुरी तरह टूट गए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो Eternal Share (2.50%), TCS Share (2.10%), M&M Share (2.05%), HDFC Bank (1.50%) और Reliance Share (1.25%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे।   मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (3%), Muthoot Finance Share (2.63%), Godrej Properties Share (2.60%) और UPL Share (2%) की गिरावट में कारोबार कर रहे थे।  बाजार में गिरावट के ये कारण शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण ईरान-इजरायल के बीच फिर से शुरू हुई तेज जंग है. इसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Price) करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है. तो वहीं WTI Crude Price भी करीब इतनी ही बढ़त के साथ 94 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है।  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पहले ही कच्चे तेल की कीमतें दुनिया को डरा रही थीं. अब ईरान और इजरायल में नए सिरे से भीषण जंग ने अचानक क्रूड की कीमतों में आग लगा दी है. ईरान ने होर्मुज की तरह ही खास बॉब अल मंदेब समुद्री रूट को बंद करने की धमकी भी दी है। 

वैष्णो देवी दर्शन के लिए IRCTC का बजट टूर पैकेज, होटल और भोजन शामिल

नई दिल्ली हर साल लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा आते हैं। यदि आप भी माता रानी के मंदिर जाने की योजना बना रहे हैं, तो भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) आपके लिए एक शानदार और किफायती टूर पैकेज लेकर आया है। इस पैकेज की सबसे खास बात यह है कि तीन लोगों के लिए मात्र ₹8,500 के बजट में भी आपको प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी। राजधानी एक्सप्रेस से आरामदायक सफर IRCTC के इस "माता वैष्णोदेवी" पैकेज के तहत, तीर्थयात्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से जम्मू तक ट्रेन नंबर 12425/12426 नई दिल्ली-जम्मू तवी राजधानी एक्सप्रेस से यात्रा करेंगे। यह ट्रेन यात्रा बेहद आरामदायक होगी क्योंकि यात्रियों के पास एसी 3-टियर या एसी 2-टियर में यात्रा करने का विकल्प होगा। यह पैकेज विशेष रूप से वीकेंड के लिए है यानी अब आप अगले वीकेंड के अभी से प्लान कर सकते हैं। यह ट्रेन नई दिल्ली से हर शुक्रवार और शनिवार को है। ट्रेन रात 8:40 बजे रवाना होगी। कटरा में AC होटल और भोजन की व्यवस्था पैकेज की कीमत में केवल ट्रेन टिकट ही शामिल नहीं है, बल्कि कटरा पहुँचने पर यात्रियों के रहने और खाने का पूरा प्रबंध IRCTC द्वारा किया जाएगा। माता के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को कटरा में एसी होटल (ताज विवंता या समकक्ष) में ठहराया जाएगा। भोजन की बात करें तो, पैकेज में एपीएआई (APAI) प्लान शामिल है, जिसका मतलब है कि आपको नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना (फिक्स्ड मेनू पर) मिलेगा। इसके अलावा, राजधानी एक्सप्रेस में ऑन-बोर्ड कैटरिंग की सुविधा भी पैकेज का हिस्सा है। इस पैकेज में न केवल ट्रेन टिकट शामिल है, बल्कि कटरा पहुंचने पर यात्रियों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था IRCTC ने की है। माता के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को कटरा में एक एसी होटल (ताज विवांता या समकक्ष) में ठहराया जाएगा। भोजन के संबंध में, पैकेज में APAI योजना शामिल है। यानी आपको नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना (एक निश्चित मेनू के अनुसार) मिलेगा। इसके अतिरिक्त, राजधानी एक्सप्रेस में ऑन-बोर्ड कैटरिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। किराया और टूर प्लान यदि आप तीन लोगों के साथ यात्रा कर रहे हैं (ट्रिपल ऑक्यूपेंसी), तो 3AC क्लास में किराया मात्र ₹8,420 प्रति व्यक्ति है। डबल ऑक्यूपेंसी के लिए यह ₹10,005 और सिंगल ऑक्यूपेंसी के लिए ₹13,815 प्रति व्यक्ति है। 5-11 वर्ष के बच्चों के लिए बेड सहित किराया ₹7,465 है। 2AC क्लास में दरें थोड़ी अधिक हैं। 5 से 11 वर्ष की आयु के बच्चों को पूरी बर्थ/सीट आवंटित की जा रही है। अतः, संशोधित नियमों के अनुसार पूरा वयस्क किराया लागू होगा। यह पूरा टूर 3 रात और 4 दिन का है। दिल्ली से जम्मू पहुंचने के बाद, यात्रियों को नॉन-एसी साझा वाहनों में कटरा ले जाया जाएगा। रास्ते में सरस्वती धाम से यात्रा पर्ची प्राप्त की जाएगी। होटल में चेक-इन और नाश्ते के बाद, यात्रियों को बाणगंगा में छोड़ा जाएगा, जहां से वे ट्रेकिंग शुरू कर सकते हैं। अगले दिन, वापसी यात्रा में, उन्हें जम्मू में कंद कंदोली मंदिर, रघुनाथजी मंदिर और बाग-ए-बहू उद्यान के दर्शन का अवसर भी मिलेगा। महत्वपूर्ण बातें माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर तीर्थयात्रियों के लिए ऑनलाइन यात्रा पंजीकरण (आरएफआईडी कार्ड के लिए) करना अनिवार्य है। जम्मू और कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर सकते हैं, इसलिए पोस्टपेड नंबर साथ रखना उचित होगा। इस पैकेज में वीआईपी दर्शन या प्राथमिकता प्रवेश शामिल नहीं है। ट्रेन के समय में बदलाव हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले पुष्टि कर लें।