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भारत में कदम रखने जा रही चीन की इलेक्ट्रिक कार कंपनी, पेश करेगी Chery QQ3 SUV, डिजाइन पेटेंट किया

मुंबई  चीनी कार निर्माता कंपनी Chery भारतीय बाजार में एंट्री करने वाली है. इसके लिए कंपनी ने अपनी नई Chery QQ3 SUV के डिजाइन को भारत में पेटेंट कराया है. कार निर्माता Chery, JSW के साथ मिलकर, इस साल के आखिर में Jetour T2 SUV लॉन्च करने वाली है. इसके बाद Jaecoo J5, iCar V23, Tiggo 7L और Lepas L6 जैसी अन्य गाड़ियां भी लॉन्च होने की उम्मीद है।  Chery QQ3 का आकार Chery QQ3 के चीन-स्पेसिफिक मॉडल की बात करें तो इसकी लंबाई 4,195 मिमी, चौड़ाई 1,811 मिमी और ऊंचाई 1,569 मिमी है, जबकि इसका व्हीलबेस 2,700 मिमी है. Chery QQ3 में 375 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जिसे बढ़ाकर 1,450 लीटर तक किया जा सकता है. इसके अलावा, इसमें 70 लीटर का स्मार्ट फ्रंक भी मिलता है, जिससे इस कॉम्पैक्ट SUV की कुल स्टोरेज क्षमता बढ़ जाती है।  Chery QQ3 का एक्सटीरियर कार के एक्सटीरियर की बात करें तो Chery QQ3 के सामने वाले बम्पर के निचले हिस्से पर एक छोटी, गोल-आयताकार ग्रिल लगाई गई है, जो इस इलेक्ट्रिक SUV को एक 'स्माइली फेस' देता है. इसके अलावा, Chery QQ3 में एक फ्रंट व्यू कैमरा और फ्रंट पार्किंग सेंसर भी मिलते हैं, और साथ ही Q-आकार की LED हेडलाइट्स लगाई गई हैं, जो इस कार को एक खुशनुमा और आकर्षक डिज़ाइन प्रदान करती हैं।  कार के साइड प्रोफ़ाइल की बात करें तो इसमें 17-इंच के टू-टोन स्टार शील्ड व्हील्स, व्हील आर्च पर ब्लैक क्लैडिंग, सेमी-फ़्लश दरवाज़े के हैंडल और बॉडी के कलर वाले एक्सटीरियर रियर-व्यू मिरर (ORVMs) जैसे कई फीचर्स दिए गए हैं. इसके पिछले हिस्से में Q-आकार की LED टेललाइट्स और एक स्पॉइलर लगा है।  Chery QQ3 का इंटीरियर चीन-स्पेसिफिक QQ3 के इंटीरियर को देखें तो इस कार में 15.6-इंच का डिजिटल टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, AI असिस्टेंट, Qualcomm Snapdragon 8155 कॉकपिट चिप, ड्राइवर फटीग वॉर्निंग, USB चार्जिंग पोर्ट और रिमोट व्हीकल कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलते हैं।  इसके अलावा, इस कार के अन्य फीचर्स की बात करें तो इसमें मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइटिंग, वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर, पीछे के AC वेंट्स, ब्लूटूथ-की, की-लेस एंट्री, पेट मोड, 10-स्पीकर ऑडियो सेटअप, 540-डिग्री पैनोरमिक कैमरा, क्रूज़ कंट्रोल, पार्क असिस्ट और Level-2 ADAS फीचर्स मिलते हैं।  Chery QQ3 का बैटरी पैक और पावर चीन-स्पेसिफिक Chery QQ3 एसयूवी में दो अलग-अलग बैटरी पैक मिलता है, जिनमें पहला 29.48-kWh का बैटरी पैक और दूसरा 41.28-kWh का बैटरी पैक है. ये बैटरी पैक कार के पिछले एक्सल पर लगे एक इलेक्ट्रिक मोटर को पावर देती है।  यह कार पिछले व्हील्स पर मिलता है. पावर आउटपुट की बात करें तो इसमें पहला बैटरी पैक 77.77 bhp की पावर और 90 Nm का टॉर्क देता है, जबकि दूसरा बैटरी पैक 128.69 bhp की पावर और 115 Nm का टॉर्क देता है। 

तेल और गैस की कीमतों में गिरावट: होर्मुज खुलने से 11% कमी, नया संकट?

नई दिल्‍ली हार्मुज खुलने के ऐलान के बाद इंटरनेशनल मार्केट में भारी उलटफेर देखने को मिला है, जहां कल तक कच्‍चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने हुए थे. वहीं अब इसकी कीमत अचानक से सस्‍ती हो चुकी हैं. मार्केट समय के दौरान इसकी कीमत 86 डॉलर के करीब चुकी थीं. हालांकि कुछ देर बाद तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर आ गईं।  दरअसल, ईरान ने कहा कि जबतक सीजफायर लागू है, तबतक कमर्शियल जहाजों से होर्मुज से गुजरने की मंजूरी रहेगी. वहीं ट्रंप ने भी कहा कि अब ईरान कभी भी होर्मुज को बंद नहीं करेगा. ईरान ने सहमति जताई है. इस खबर के आते ही तेल-गैस की कीमतें तेजी से गिरें।  11 फीसदी तक सस्‍ता हुआ तेल ब्रेंट क्रूड वायदा रात में 10.42 डॉलर या 10.48% गिरकर 88.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, सत्र के दौरान यह 86.09 डॉलर के निचले स्तर पर भी पहुंचा था. WTI क्रूड वायदा 11.48 डॉलर या 12.12% गिरकर 83.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 80.56 डॉलर तक पहुंच गया था. हालांकि, कारोबार बंद होने तक क्रूड ऑयल 90.38 डॉलर पर पहुंच गया. तेल की कीमतों में एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट रही।  गैस की कीमतों पर भी असर  खबर आते ही गैस की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली. एलएनजी की की कीमत 2.624 डॉलर आ गईं. हालांकि ईरानी राष्‍ट्रपति की ओर से अपडेट आने के बाद यह वायदा बाजार में 2.674 डॉलर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि नेचुरल गैस की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।  होर्मुज को लेकर फिर बना संकट?  शनिवार की सुबह ईरान के सांसद अध्‍यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि होर्मुज को अमेरिका के इशारे पर नहीं, बल्कि ईरान के नियम के आधार पर संचालित किया जाएगा. साथ ही उन्‍होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरानी पोर्ट पर प्रतिबंध लगाकर रखता है तो होर्मुज बंद कर दिया जाएगा. उन्‍होंने ट्रंप के बयानों की आलोचना की. इस खबर के बाद सोमवार को तेल की कीमतों पर असर दिखाई दे सकता है. तेल-गैस की कीमतों में फिर से तेजी दिख सकती हैं।  बाजार में क्‍या होगा असर?  स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. अमेरिकी बाजार 2 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ गया. वहीं भारतीय बाजार का इंडिकेटर गिफ्ट निफ्टी भी शानदार तेजी का संकेत दे रहा है. सोमवार को भारतीय बाजार में करीब 300 अंकों का गैपअप देखने को मिल सकता है। 

बाजार में आई शानदार तेजी, 5 लाख करोड़ की कमाई, इन शेयरों ने किया धमाल

मुंबई  सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी द‍िन भी शेयर बाजार में शानदार तेजी रही. शुरुआती कारोबार में निफ्टी और सेंसेक्‍स दबाव में खुले थे, लेकिन दोपहर बाद इनमें अच्‍छी तेजी आई और मार्केट ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को बढ़ा दिया. सेंसेक्‍स 504.86 अंक या 0.65% चढ़कर 78,493.54 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 156.80 अंक या 0.65% चढ़कर 24,353.55 पर पहुंच गया।  बीएसई के 5 शेयरों को छोड़कर बाकी टॉप 25 शेयरों में अच्‍छी तेजी रही. सबसे ज्‍यादा तेजी HUL में करीब 4.75 फीसदी की रही. इसके बाद पावरग्रिड, रिलायंस और बीईएल के शेयरों में भी करीब 2 फीसदी तक उछाल आई. सनफार्मा और महिंद्रा के शेयरों में 1 फीसदी तक की कमी आई।  सेक्‍टर की बात करें तो आईटी और कंज्‍यूमर ड्यूरेबल को छोड़कर बाकी सभी सेक्‍टर में तेजी रही. मिडकैप और स्‍मॉलकैप में शानदार तेजी रही. विप्रो के शेयरों में 2.5 फीसदी की गिरावट के कारण आईटी सेक्‍टर 0.22 फीसदी तक गिर गया. हालांकि, ओभरऑल मार्केट में अच्‍छी ग्रोथ देखने को मिली।  5 लाख करोड़ रुपये की कमाई इसी कारण निवेशकों के पोर्टफोलियो में उछाल भी देखने को मिला. निवेशकों ने शुक्रवार को करीब 5 लाख करोड़ रुपये की कमाई की, क्‍योंकि बीएसई मार्केट कैप 460.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 465.59 लाख करोड़ रुपये हो गया।  क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी?      इजरायल-लेबलान के बीच सीजफायर का ऐलान होने और ईरान अमेरिका के बीच बातचीत की चीजें आगे बढ़ने के कारण जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम हुआ है.     तनाव कम होने के कारण कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट देखने को मिली और ये 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना हुआ है. जिसने मार्केट को सपोर्ट दिया है.      विदेशी संस्‍थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी फिर से बढ़ रही है. गुरुवार को एफआईआई ने भारतीय बाजार में 382.36 करोड़ रुपये का निवेश किया है.      रुपये में भी तेजी देखने को मिली है. डॉलर की तुलना में रुपया 28 पैसा चढ़कर 92.86  मार्क पर पहुंच गया. रुपये की इस तेजी ने मार्केट को सपोर्ट दिया.  तेजी से भागे ये शेयर  अपोलो माइक्रो सिस्‍टम के शेयरों में 17 फीसदी तक की तेजी आई. इसके साथ ही नावा में 12 फीसदी, MMTC में 10 फीसदी, एंजेल वन में 10 फीसदी और एचडीएफसी एएमसी के शेयरों में 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली. इसके साथ ही एवेन्‍यू सूपरमार्ट में 4 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5 फीसदी और कोचिन शपिर्याड में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई। 

Netflix के सह-संस्थापक का इस्तीफा, 1997 में शुरू हुआ था इस प्लेटफॉर्म का सफर

 नई दिल्ली ओवर द टॉप (OTT) इंडस्ट्री के दिग्गज प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के को-फाउंडर रीड हेस्टिंग्स ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. आने वाले जूम महीने में उनके चेयरमैन पद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके बाद वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से भी इस्तीफा दे देंगे. इसकी जानकारी खुद कंपनी की तरफ से दी गई है।  को-फाउंडर इस्तीफे के बाद लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं. हालांकि वह क्या काम होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. साल 2023 में भी उन्होंने सीईओ पद से इस्तीफा दिया था, जो काफी चर्चा में रह चुका है।  रीड हेस्टिंग ने 1997 में अपने दोस्त और सह-संस्थापक मार्क रैंडोल्फ के साथ इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 2023 तक यानी करीब 20 साल तक उन्होंने नेटफ्लिक्स की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद हेस्टिंग ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया।  रीड हेस्टिंग ने कहा रीड हेस्टिंग ने कहा कि Netflix में मेरा असली योगदान कोई एक फैसला नहीं था. असल में यह मेंबर्स की खुशी पर फोकस करना और एस ऐसे कल्चर को बनाना, जिसे लोग आगे बेहतर बना सकें।  नेटफ्लिक्स क्या है?  नेटफ्लिक्स, असल में एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है. अब यह इंटरनेट के माध्यम से काम करता है, जबकि शुरुआत DVD के जरिए हुई थी. अब नेटफ्लिक्स वेब सीरीज, टीवी शो और डॉक्यूमेंट्रीज आदि उपलब्ध कराता है और यह प्लेटफॉर्म दुनियाभर में पॉपुलर है।  कंपनी अपने इस प्लेटफॉर्म को सब्सक्रिप्शन बेस्ड सर्विस के रूप में देती है. भारत समेत दुनियाभर में इसके करोड़ों यूजर्स हैं. भारत में टीवी के लिए शुरुआती वर्जन 199 रुपये का है, जो विज्ञापन के साथ आता है. आज यह 190 से अधिक देशों में उपलब्ध है।  OTT प्लेटफॉर्म क्या होते हैं?  ओवर द टॉप (OTT), असल में वे प्लेटफॉर्म होते हैं, जो इंटरनेट के जरिए सीधे स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और टैबलेट आदि पर वीडियो कंटेंट स्ट्रीमिंग की सुविधा देते हैं. इसमें नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, जियो हॉटस्टार, जी5 आदि का नाम शामिल है। 

AI के क्षेत्र में कदम रखने वाली जूते बेचने वाली कंपनी, स्टॉक में 870% का उछाल

 नई दिल्‍ली एक कंपनी अपना काम बदलने जा रही है. इस ऐलान के बाद कंपनी के शेयरों में रिकॉर्डतोड़ उछाल देखी गई है. देखते ही देखते कंपनी के शेयर  870% चढ़ चुका है. यह कंपनी कल तक जूते बेच रही थी, लेकिन अचानक इसने अपना बिजनेस बदल दिया है और कहा है कि वह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में कदम रख रही है।  इस ऐलान के बाद इसके शेयर एक टेक कंपनी की तरह वैल्‍यू दिखाने लगे. 15 अप्रैल 2026 की रात शेयर ने धुंआधार तेजी दिखाई, जिसे देखकर बड़े-बड़े निवेशक भी हैरान दिखाई दिए.  यह शेयर सिर्फ कुछ मिनटो में 400 फीसदी और आखिरी घंटे तक आते-आते 800 फीसदी से ज्यादा चल गया।  कुछ ही दिनों में इस शेयर ने शानदार तेजी दिखाई है. बुधवार को यह शेयर अमेरिकी बाजार में 6.82 डॉलर पर खुला और जैसे ही कंपनी ने अपने बिजनेस रणनीति को साफ किया, कुछ ही घंटों में शेयर 24.3 डॉलर तक पहुंच गया. यह ओपनिंग प्राइस से 870 फीसदी की उछाल थी।  इसे ऐसा भी कह सकते हैं कि कुछ ही घंटे में इस शेयर ने 9 गुना से ज्‍यादा का रिटर्न दिया. आखिर में यह शेयर 16.99 डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 582% की वन डे उछाल थी. कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर करीब 176 मिलियन डॉलर पहुंच गया।  किस कंपनी ने किया ये कमाल  यह कंपनी ऑलबर्ड्स है, जिसने ऐलान किया कि वह अब खुद को NewBird AI के तौर पर रीब्रैंड करने जा रही है. साथ ही ये कंपनी एआई कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में काम करेगी. कंपनी का यह फैसला अचानक नहीं आया, बल्कि कंपनी ने मार्च 2026 के आखिरी में अपना जूते वाला बिजनेस 39 मिलियन डॉलर में अमेरिकन एक्‍सचेंज ग्रुप को बेच दिया था, जिसका मतलब था कि कंपनी अपने पुराने बिजनेस से बाहर निकल रही थी. हालांकि अब उसने पूरी तरह से बिजनेस बदल चुका है।  गौरलब है कि इस कंपनी के शेयरों में ऐसे समय में तेजी आई है, जब ग्‍लोबल सेंटिमेंट बदल रहे हैं. ईरान और अमेरिका जंग को खत्‍म करने को लेकर बातचीत करने जा रहे हैं. ऐसे में शेयर बाजार का नजरिया बदला है और निवेशक अच्‍छा दाव लगा रहे हैं। 

Maruti का बड़ा कदम: महिला भागीदारी बढ़ाने के लिए फैक्ट्री में ‘वुमन पावर’ का हुआ विस्तार

 नई दिल्ली जिस वक्त देश की राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की बात चल रही है, उसी समय देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने एक बड़ा ऐलान किया है. मारुति सुजुकी ने जेंडर डाइवर्सिटी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में महिलाओं की भागीदारी को तेजी से बढ़ाया है, जिससे अब ऑटो इंडस्ट्री में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है।  मारुति सुजुकी ने आज अपने एक बयान में कहा कि, कंपनी अपने कारखानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ा रही है. कंपनी ने गुरुग्राम और मानेसर स्थित अपने प्लांट्स के शॉपफ्लोर पर महिलाओं को बड़ी संख्या में शामिल किया है. अब महिलाएं सीधे वाहन असेंबली और इंजन ट्रांसमिशन जैसे कोर कामों में हिस्सा ले रही हैं. इस कदम से मारुति का नाम उन गिनी-चुनी भारतीय ऑटो कंपनियों में शामिल हो गया है, जहां महिलाएं बड़े स्तर पर प्रोडक्शन रोल्स निभा रही हैं।  तेजी से बढ़ी महिला भर्ती मारुति सुजुकी के अनुसार, पिछले दो सालों में कंपनी ने व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग और इंजन ट्रांसमिशन के लिए महिलाओं की भर्ती तेजी से बढ़ाई है. केवल पिछले एक साल में ही 190 से ज्यादा महिलाओं को शॉपफ्लोर की जिम्मेदारी दी गई है. इसके साथ ही कंपनी में कुल महिला कर्मचारियों की संख्या 1300 के पार पहुंच गई है. ये महिलाएं असेंबली लाइन और क्वालिटी कंट्रोल जैसे काम संभाल रही हैं, जहां सटीकता बेहद जरूरी होती है।  कंपनी का कहना है कि, महिलाओं को वही ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम दिए गए हैं जो पुरुष कर्मचारियों को मिलते हैं. उन्हें करियर ग्रोथ और प्रमोशन के भी बराबर अवसर मिल रहे हैं. इस पहल का मकसद महिलाओं को अलग या सीमित रोल देने के बजाय उन्हें पूरी तरह समान अवसर देना है. महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने प्लांट्स में कई जरूरी बदलाव भी किए हैं. इनमें अलग रेस्ट रूम, चेंजिंग एरिया, क्रेच सुविधा और बेहतर सुरक्षा इंतजाम शामिल हैं।  शाम की शिफ्ट में गार्ड और पेट्रोलिंग की व्यवस्था भी की गई है. इसके अलावा सभी कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देने के लिए POSH ट्रेनिंग भी दी जा रही है. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि, "महिलाएं पहले से इंजीनियरिंग, मार्केटिंग और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं, लेकिन असली बदलाव तब आता है जब वे सीधे व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग में भाग लेती हैं. उन्होंने कहा कि कंपनी का टार्गेट सिर्फ आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि महिलाओं के डेली लाइफ में समानता को मजबूत करना है। 

चांदी के भाव में ₹3500 से अधिक की बढ़ोतरी, सोना भी महंगा, 18-22-24 कैरेट गोल्ड के ताजा रेट जानें

इंदौर  भारतीय सर्राफा बाजार में आज फिर सोना-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है.  22 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 40 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार है. वहीं, 24 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 53 हजार रुपये से अधिक पहुंच गया है, जो बीते कारोबारी दिन यानी बुधवार (15 अप्रैल) की शाम के समय 1 लाख 52 हजार रुपये के पार था।  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com पर 16 अप्रैल 2026 की सुबह जारी रेट्स के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 153305 रुपये प्रति 10 ग्राम है. जबकि 18 कैरेट सोने का दाम 89683 रुपये प्रति 10 ग्राम है।  चांदी का रेट क्या है? चांदी की कीमत में भी भारी उछाल देखने को मिला है. आज (गुरुवार), 16 अप्रैल की सुबह चांदी का भाव 2 लाख 52 हजार रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है. जो बीते दिन 2 लाख 50 हजार रुपये से कम था. बता दें कि ibja की ओर से जारी रेट्स सर्वमान्य हैं. केंद्र सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा सोमवार से शुक्रवार सुबह और शाम दिन में दो बार सोना-चांदी के रेट्स अपडेट किए जाते हैं. वहीं, शनिवार और रविवार को रेट जारी नहीं किए जाते।  आइए जानते हैं बीते कारोबारी दिन की तुलना में आज कितना महंगा हुआ सोना-चांदी   शुद्धता बुधवार शाम के रेट गुरुवार सुबह का रेट कितने महंगा हुआ गोल्ड-सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम) 999     152865 153305 440 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995      152253 152691 438 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916      140024 140427  403 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750      114649 114979 330 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585      89426 89683 257 रुपये महंगा चांदी (प्रति 10 ग्राम) 999      249019 252675 3656 रुपये महंगी बीते दिन यानी 15 अप्रैल को क्या था 22-24 कैरेट सोने और चांदी का रेट? 24 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट- 152949 शाम का रेट- 152865   22 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट-  140101 शाम का रेट-  140024   चांदी की कीमत सुबह का रेट- 250855 शाम का रेट- 249019 बता दें कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (Indian Bullion Jewelers Association) की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. इसमें टैक्स, मेकिंग चार्ज एवं जीएसटी शामिल नहीं होता है.

टाटा और महिंद्रा की नई स्कॉर्पियो, सफारी और थार जल्द होंगी लॉन्च, बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा

मुंबई  भारतीय वाहन बाजार में इस साल एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि देश की दो प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा, अपने लोकप्रिय मॉडलों के नए संस्करण और विद्युत चालित विकल्प पेश करने की तैयारी में हैं। यह साल उन ग्राहकों के लिए खास साबित होने वाला है, जो नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं। कंपनियां न केवल अपने मौजूदा मॉडलों को नया रूप देने जा रही हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक और उन्नत सुविधाओं से लैस नई गाड़ियों को भी बाजार में उतारने की तैयारी कर चुकी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने की संभावना है। नए रूप में आएंगी लोकप्रिय गाड़ियां महिंद्रा अपनी सबसे लोकप्रिय गाड़ियों में शामिल स्कॉर्पियो-एन का नया रूप पेश करने जा रही है। इस नए संस्करण में बाहरी डिजाइन में हल्के बदलाव किए जाएंगे, जिससे इसका स्वरूप और अधिक आकर्षक दिखाई देगा। इसमें नई शैली की जाली, आधुनिक हेडलैंप, बदला हुआ बंपर और बड़े पहिए दिए जा सकते हैं। अंदरूनी हिस्से में भी सुधार देखने को मिलेगा, जहां अधिक सुविधाजनक और आकर्षक केबिन का अनुभव मिलेगा। हालांकि इसके इंजन और तकनीकी ढांचे में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे इसकी मौजूदा ताकत बरकरार रहेगी। इसी के साथ स्कॉर्पियो के पारंपरिक मॉडल को भी नया रूप दिया जाएगा। यह मॉडल लंबे समय से ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है और कंपनी इसके नए संस्करण में कुछ अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ सकती है। बाहरी रूप को और अधिक प्रीमियम बनाने के साथ-साथ अंदर बेहतर सूचना एवं मनोरंजन प्रणाली और अधिक उपयोगी स्थान देने की संभावना जताई जा रही है। विद्युत चालित गाड़ियों पर विशेष जोर महिंद्रा इस साल अपने विद्युत चालित वाहन पोर्टफोलियो को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। कंपनी अपने मौजूदा विद्युत वाहन मॉडलों में नई क्षमता वाले बैटरी विकल्प जोड़ सकती है, जिससे ग्राहकों को अधिक विकल्प मिलेंगे। इस कदम से उन ग्राहकों को लाभ होगा, जो बेहतर दूरी और किफायती कीमत के बीच संतुलन चाहते हैं। इससे कंपनी की विद्युत वाहन श्रेणी और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकती है। नई थार का भी इंतजार महिंद्रा की लोकप्रिय ऑफ-रोड गाड़ी थार का नया संस्करण भी जल्द बाजार में दस्तक दे सकता है। इस नए रूप में इसका आगे का हिस्सा अधिक आकर्षक और दमदार बनाया जाएगा। नई प्रकाश व्यवस्था, अलग शैली की जाली और दो रंगों वाला मजबूत बंपर इसे और अधिक आधुनिक लुक देगा। इससे यह गाड़ी युवा ग्राहकों के बीच और भी लोकप्रिय हो सकती है। टाटा की बड़ी योजना: सिएरा और सफारी के नए अवतार टाटा मोटर्स भी इस दौड़ में पीछे नहीं है और कंपनी अपनी नई सिएरा को विद्युत रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है। यह गाड़ी मध्यम आकार की श्रेणी में आएगी और बाजार में पहले से मौजूद कई गाड़ियों को कड़ी टक्कर दे सकती है। इसके डिजाइन में आधुनिकता और भविष्य की झलक देखने को मिलेगी, जिसमें बड़ा कांच क्षेत्र, बिना हैंडल के दरवाजे और ऊंचा ढांचा शामिल हो सकता है। इसकी दूरी क्षमता को भी बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है, जिससे यह एक लंबी दूरी तय करने में सक्षम होगी। इसी क्रम में टाटा सफारी का विद्युत संस्करण भी बाजार में आने की तैयारी में है। यह कंपनी की पहली तीन पंक्तियों वाली विद्युत गाड़ी हो सकती है, जो बड़े परिवारों के लिए एक नया विकल्प पेश करेगी। इसकी कीमत मध्यम से ऊंची श्रेणी के बीच रहने की संभावना है। इसमें विभिन्न क्षमता वाले बैटरी विकल्प दिए जा सकते हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार चयन करने का अवसर मिलेगा। भविष्य की झलक दिखाएगी अविन्या टाटा की अविन्या भी कंपनी की भविष्य की दिशा को दर्शाने वाली गाड़ी मानी जा रही है। इसे एक प्रीमियम श्रेणी की आधुनिक क्रॉसओवर गाड़ी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें पारंपरिक ईंधन इंजन का विकल्प नहीं होगा। यह पूरी तरह से विद्युत तकनीक पर आधारित होगी और वर्ष के अंत तक इसके उत्पादन संस्करण के आने की संभावना है। बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों को मिलेगा फायदा कुल मिलाकर, टाटा और महिंद्रा की यह नई तैयारी भारतीय वाहन बाजार को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। जहां एक ओर कंपनियां आधुनिक तकनीक और आकर्षक डिजाइन के साथ ग्राहकों को लुभाने की कोशिश करेंगी, वहीं दूसरी ओर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सीधा फायदा ग्राहकों को बेहतर विकल्प और कीमत के रूप में मिलेगा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन नई गाड़ियों को बाजार में कितना प्रतिसाद मिलता है।

स्कूटर में 150 या 200 सीसी नहीं, अब मिलेगा 400 सीसी का इंजन – मुंबई में पेश हुआ नया मॉडल

मुंबई  भारतीय दोपहिया बाजार में जहां अब तक 100 से 200 सीसी क्षमता वाले स्कूटरों का दबदबा रहा है, वहीं अब इस सेगमेंट में एक बड़ा बदलाव आने की आहट सुनाई दे रही है। सुजुकी मोटरसाइकिल ने मुंबई में आयोजित एक विशेष उत्सव के दौरान अपने प्रीमियम श्रेणी के बड़े स्कूटर को पेश कर यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में भारतीय ग्राहकों को ज्यादा ताकतवर और लंबी दूरी के लिए उपयुक्त स्कूटर का विकल्प भी मिल सकता है। कंपनी ने अपने नए बर्गमैन 400 मॉडल को प्रदर्शित किया है, जिसने दोपहिया प्रेमियों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि कंपनी ने अभी तक इस स्कूटर के आधिकारिक लॉन्च को लेकर कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन इसे देश में पेश करने से यह स्पष्ट हो गया है कि कंपनी भारतीय बाजार की प्रतिक्रिया को समझना चाहती है। अगर ग्राहकों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो भविष्य में इसे भारतीय सड़कों पर उतारा जा सकता है। प्रीमियम श्रेणी में नया अनुभव बर्गमैन 400 को वैश्विक स्तर पर एक प्रीमियम मैक्सी शैली के टूरिंग स्कूटर के रूप में जाना जाता है। यह पारंपरिक स्कूटरों की तुलना में काफी बड़ा, आकर्षक और सुविधाजनक है। इसका डिजाइन ऐसा है, जो इसे रोजमर्रा के उपयोग के साथ-साथ लंबी दूरी की यात्रा के लिए भी उपयुक्त बनाता है। चौड़ी और आरामदायक सीट, ऊंची वायुरोधी स्क्रीन और संतुलित ढांचा इसे लंबी यात्राओं के दौरान भी थकान कम करने में मदद करता है। दमदार इंजन और शानदार प्रदर्शन इस स्कूटर की सबसे बड़ी खासियत इसका 400 सीसी क्षमता वाला इंजन है, जो इसे सामान्य स्कूटरों से अलग बनाता है। यह तरल शीतलन प्रणाली से लैस एकल सिलेंडर इंजन है, जिसे स्वचालित गियर प्रणाली के साथ जोड़ा गया है। यह इंजन लगभग 28.5 अश्वशक्ति की ताकत और 35 न्यूटन मीटर का बल उत्पन्न करता है, जो इसे तेज रफ्तार और बेहतर प्रदर्शन देने में सक्षम बनाता है। आधुनिक सुविधाओं से लैस बर्गमैन 400 केवल ताकत के मामले में ही नहीं, बल्कि सुविधाओं के मामले में भी काफी उन्नत है। इसमें पूरी तरह से प्रकाश उत्सर्जक डायोड आधारित लाइटिंग प्रणाली दी गई है, जो बेहतर रोशनी प्रदान करती है। साथ ही, इसमें अर्ध-डिजिटल सूचना पटल, ट्रैक्शन नियंत्रण प्रणाली और दोहरे चैनल वाला एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम भी दिया गया है, जिससे सुरक्षा और नियंत्रण दोनों बेहतर होते हैं। इसके अलावा, इस स्कूटर में सीट के नीचे लगभग 42 लीटर का बड़ा स्टोरेज स्पेस दिया गया है, जिसमें हेलमेट समेत कई जरूरी सामान आसानी से रखा जा सकता है। आगे की तरफ भी अतिरिक्त स्टोरेज की सुविधा मिलती है, जिससे यह रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी काफी उपयोगी साबित होता है। भारत में लॉन्च को लेकर क्या संकेत हालांकि अभी तक कंपनी ने इसके लॉन्च की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसे भारतीय मंच पर पेश करना अपने आप में एक बड़ा संकेत है। भारतीय बाजार में अब धीरे-धीरे प्रीमियम और लाइफस्टाइल आधारित दोपहिया वाहनों की मांग बढ़ रही है। ऐसे में यह स्कूटर एक नए सेगमेंट की शुरुआत कर सकता है, जहां ग्राहक केवल माइलेज ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन और आराम को भी प्राथमिकता देंगे। कीमत होगी सबसे बड़ा फैक्टर अगर इस स्कूटर को भारत में लॉन्च किया जाता है, तो इसकी कीमत सबसे अहम भूमिका निभाएगी। प्रीमियम फीचर्स और बड़े इंजन के चलते इसकी कीमत सामान्य स्कूटरों से काफी अधिक हो सकती है। ऐसे में कंपनी को कीमत तय करते समय भारतीय ग्राहकों की जरूरत और बजट दोनों का संतुलन बनाए रखना होगा। कुल मिलाकर, बर्गमैन 400 की पेशकश ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में भारतीय स्कूटर बाजार में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यह स्कूटर न केवल तकनीक और ताकत का नया उदाहरण पेश करता है, बल्कि ग्राहकों की बदलती पसंद का भी संकेत देता है।

गोल्ड लोन की डिमांड बढ़ी, पिछले 3 वर्षों में 4 गुना बढ़कर टिकट साइज हुआ 2 लाख रुपए

नई दिल्ली   भारत में गोल्ड लोन पिछले तीन वर्षों में चार गुना तक बढ़ गए हैं, और औसत लोन राशि लगभग दोगुनी होकर लगभग 2 लाख रुपए हो गई है, जो उधारकर्ताओं की मांग में तीव्र वृद्धि और गोल्ड लोन की बढ़ती स्वीकृति को दर्शाती है। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।  ट्रांसयूनियन सिबिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2022 से गोल्ड लोन बैलेंस में लगभग चार गुना वृद्धि हुई है। इससे भारत के रिटले लोन पोर्टफोलियो में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी 5.9 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2025 तक लगभग 11 प्रतिशत हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गोल्ड लोन में यह वृद्धि उधारकर्ताओं द्वारा इसे अपनाने में वृद्धि, टिकट राशि में वृद्धि, उधारदाताओं की व्यापक भागीदारी और उधारकर्ताओं के प्रोफाइल में बदलाव के कारण हुई है। इस सेगमेंट में अधिक उपभोक्ता प्रवेश कर रहे हैं, जिनमें महिलाएं और बेहतर क्रेडिट इतिहास वाले व्यक्ति शामिल हैं। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) में वृद्धि विशेष रूप से मजबूत रही है, जिनकी गोल्ड लोन बैलेंस में हिस्सेदारी मार्च 2022 में 7 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2025 में 11 प्रतिशत हो गई। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने भी अपनी स्थिति मजबूत की है, जिनकी हिस्सेदारी इसी अवधि में 57 प्रतिशत से बढ़कर 62 प्रतिशत हो गई। प्रति खाता औसत गोल्ड लोन बैलेंस मार्च 2022 में 1.1 लाख रुपए से बढ़कर दिसंबर 2025 में 1.9 लाख रुपए हो गया है। लोन देने की मात्रा 2022 की पहली तिमाही से 2.3 गुना बढ़ गई, जबकि लोन मूल्य लगभग पांच गुना बढ़ गया। औसत लोन वैल्यू 2022 की पहली तिमाही में 90,000 रुपए से बढ़कर 2025 की चौथी तिमाही में 1.96 लाख रुपए हो गई। लोन लेने वालों की प्रोफाइल में भी बदलाव आया है, जिसमें प्राइम और प्राइम से अधिक लोन लेने वालों का हिस्सा 2022 में 43 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में लगभग 52 प्रतिशत हो गया है, जबकि नए लोन लेने वाले ग्राहकों का हिस्सा 12 प्रतिशत से घटकर 6 प्रतिशत हो गया है, जो अधिक परिपक्व और विविध लोन लेने वाले आधार को दर्शाता है। रिपोर्ट में बताया गया कि उधारकर्ताओं का लीवरेज भी बढ़ा है, प्रति उधारकर्ता औसत बकाया राशि दिसंबर 2022 में 1.9 लाख रुपए से बढ़कर दिसंबर 2025 में 3.1 लाख रुपए हो गई है। 2.5 लाख रुपए से अधिक के ऋण वाले उधारकर्ताओं का हिस्सा 2022 में 10 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गया है। ट्रांसयूनियन सीआईबीएल के एमडी और सीईओ भावेश जैन ने कहा कि भारत में सोने का हमेशा से ही गहरा वित्तीय और सांस्कृतिक महत्व रहा है, लेकिन अब हम गोल्ड लोन के उपयोग में एक संरचनात्मक बदलाव देख रहे हैं। उन्होंने कहा, "गोल्ड लोन तेजी से मुख्यधारा, संगठित और सुलभ सुरक्षित लोन का रूप ले रहे हैं। इनकी तीव्र वृद्धि उधारदाताओं के आत्मविश्वास और उपभोक्ताओं की बढ़ती स्वीकृति दोनों को दर्शाती है।"