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दूध-ब्रेड नहीं, अब सोना-चांदी भी: क्विक कॉमर्स पर 10 मिनट में हुई लाखों की शॉपिंग

नई दिल्ली किसी को 68 हजार रुपये की टिप, किसी ने क्लिक में खरीद 4.3 लाख रुपये के iPhone 17 खरीदे तो किसी ने 1 किलो चांदी ऑर्डर कर दी. स्विगी के इंस्टामार्ट ने बताया है कि साल 2025 में लोगों ने क्या-क्या खरीदा.  हैदराबाद के एक शख्स ने एक क्लिक में 4.3 लाख रुपये का ऑर्डर देकर iPhone 17 बुक कर डाले थे. इंस्टामार्ट पर किया गया ऑर्डर भले ही अजीब लगे, लेकिन अब क्विक कॉमर्स पर शॉपिंग का लेवल बढ़ रहा है. अब क्विक कॉमर्स सिर्फ दूध, दही, ब्रेड और ग्रोसरी आदि ऑर्डर करने की जगह नहीं है.  सिंगल क्लिक में किया गया सबसे बड़ा ऑर्डर 4.3 लाख रुपये में खरीदे गए iPhone 17 का यह ऑर्डर इस साल सिंगल कार्ड में खरीदा गया सबसे बड़ा ऑर्डर है. लेकिन बड़े ऑर्डर की लिस्ट में यह इकलौता ऑर्डर नहीं है, इससे पहले भी कई बड़े ऑर्डर किए जा चुके हैं. आइए जानते हैं.  2025 में सिंगल अकाउंट से 22 लाख रुपये का खर्चा  दरअसल, साल 2025 में एक यूजर्स ने 22 लाख रुपये का खर्चा किया है, जिसकी जानकारी कंपनी ने अपनी एनुअल रिपोर्ट्स में दी है. शख्स ने 22 iPhones, गोल्ड कॉइन, किचप एप्लाइसेंस और डेली जरूरत का सामान ऑर्डर किया था. इसमें दूध, दही, ब्रेड और ग्रोसरी आइटम शामिल थे.  2 किलोग्राम चांदी बुक कर दी  बेंगलुरु में एक शख्स ने दिवाली कार्ट के दौरान करीब 2 लाख रुपये की कीमत का 2 किलो ग्राम चांदी का ऑर्डर किया था. वहीं, धनतेरस के दौरान गोल्ड ऑर्डर में 400 परसेंट का इजाफा देखने को मिला.  4.36 लाख रुपये नूडल्स ऑर्डर किए  बेंगलुरु के एक शख्स ने अपने अकाउंट से 4.36 लाख रुपये सिर्फ नूडल्स पर खर्च किए थे. वहीं मुंबई में एक यूजर्स ने अपने अकाउंट्स से पूरे एक साल के दौरान RED Bull Sugar Free पर करीब 16.3 लाख रुपये का खर्चा किया था.  नोएडा ने शख्स ने खरीदा था 2.8 लाख रुपये का प्रोटीन दिल्ली-NCR के शहर नोएडा में एक शख्स ने 1,343 प्रोटीन आइटम का ऑर्डर कर डाला. इसके लिए उसने करीब 2.8 लाख रुपये का खर्चा कर डाला.

भारत में ईवी की बड़ी छलांग: टाटा नेक्सन ईवी ने छुआ 1 लाख बिक्री का मील का पत्थर

मुंबई  भारत में इलेक्ट्रिक कार बाजार में नया कीर्तिमान भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती स्वीकार्यता के बीच टाटा मोटर्स ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। टाटा नेक्सन ईवी देश की पहली ऐसी इलेक्ट्रिक कार बन गई है, जिसने 1 लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि केवल एक मॉडल की सफलता नहीं, बल्कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के तेजी से बढ़ते भरोसे का प्रतीक मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से ईवी सेगमेंट ने रफ्तार पकड़ी है, उसमें नेक्सन ईवी की भूमिका सबसे अहम रही है। लॉन्च के बाद से लगातार बढ़ता भरोसा साल 2020 में भारतीय बाजार में कदम रखने वाली टाटा नेक्सन ईवी ने शुरुआत से ही ग्राहकों का ध्यान खींचा। दमदार परफॉर्मेंस, संतुलित रेंज और मजबूत ब्रांड वैल्यू ने इसे आम उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय बनाया। समय के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और सर्विस नेटवर्क के विस्तार ने भी इसकी बिक्री को मजबूती दी। आज नेक्सन ईवी को भारत में इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट की पहचान माना जाने लगा है। पावरट्रेन और रेंज की पूरी जानकारी टाटा नेक्सन ईवी को दो अलग-अलग बैटरी विकल्पों के साथ पेश किया गया है। इसमें पहला बैटरी पैक 30 kWh क्षमता का है, जो अच्छी पावर और संतुलित परफॉर्मेंस देता है। दूसरा विकल्प 40.5 kWh बैटरी पैक के साथ आता है, जिसे लंबी दूरी तय करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी के अनुसार, छोटे बैटरी पैक के साथ यह ईवी एक बार चार्ज करने पर लगभग 325 किलोमीटर तक चल सकती है, जबकि बड़ा बैटरी पैक फुल चार्ज पर 465 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम है। फीचर्स में भी नहीं है कोई कमी टाटा नेक्सन ईवी के केबिन को आधुनिक तकनीक और आराम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, फुली डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और वायरलेस चार्जिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा, सिंगल पेन सनरूफ और प्रीमियम इंटीरियर फिनिश इसे अपने सेगमेंट में खास बनाते हैं। सेफ्टी में भी कायम किया मानक परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टाटा नेक्सन ईवी को उच्च स्तर की सेफ्टी के साथ तैयार किया गया है। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को भारत NCAP क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स के तौर पर इसमें 6 एयरबैग और 360-डिग्री कैमरा जैसी तकनीक दी गई है, जो इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद विकल्प बनाती है। कीमत और बाजार में स्थिति भारतीय बाजार में टाटा नेक्सन ईवी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 12.49 लाख रुपये से शुरू होती है, जबकि इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 17.49 लाख रुपये तक जाती है। इस कीमत पर मिलने वाली रेंज, फीचर्स और सेफ्टी इसे इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनाते हैं। 1 लाख यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार करना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भी नेक्सन ईवी भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की अगुवाई करती रहेगी।

2029 तक सोने की कीमतों में विस्फोट? 10 ग्राम ₹3 लाख पहुंचने की भविष्यवाणी, अमेरिकी एक्सपर्ट का दावा

नई दिल्ली  सोने की कीमतें लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही हैं और अब इस तेजी के संभावित भविष्य का अनुमान सुनकर निवेशक हैरान हैं। जहां आज सोना लगभग ₹1,41,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है, वहीं एक प्रतिष्ठित अमेरिकी अर्थशास्त्री का मानना है कि आने वाले कुछ वर्षों में यह रेट दोगुना से भी ऊपर बढ़ सकता है। अगर यह अनुमान हकीकत बनता है तो 2029 तक सोने का भाव भारत में लगभग ₹3,08,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है—जो माता-पिता के लिए बेटी की शादी जैसे खास खर्चों को और चुनौतीपूर्ण बना देगा। क्या है 2029 लक्ष्य? अमेरिका के रणनीतिक वित्तीय विशेषज्ञ एड यार्डेनी ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत 2029 तक $10,000 प्रति औंस के करीब पहुंच सकती है। अगर आज की कीमत (लगभग $4,410 प्रति औंस) से तुलना करें, तो यह लगभग 127% से भी ज्यादा उछाल को दर्शाता है—एक बेहद तेज वृद्धि जो निवेशकों के लिए आकर्षक भी है और चुनौतीपूर्ण भी।   ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों को कम किए जाने की अटकलों ने निवेशकों को सोने की ओर खींचा है। जैसे ही बैंक ब्याज दरें घटती हैं, शेयर और मुद्रा बाजार का आकर्षण कम हो सकता है, जिससे पैसा सुरक्षित परिसंपत्तियों- जैसे कि सोना- की ओर बढ़ता है। वैश्विक अनिश्चितता और राजनीतिक उथल-पुथल विश्वभर में अर्थव्यवस्थाओं में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव ने सोने को ‘सुरक्षित आश्रय’ यानी सेफ हेवन एसेट के रूप में और मजबूत बनाया है। क्या परंपरागत धारणा बदल रही है? आम धारणा यह रही है कि जब शेयर बाजार मजबूत होता है, सोने की कीमतें गिरती हैं। लेकिन एड यार्डेनी ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि मौजूदा समय में सोने की मांग सिर्फ संकट में ही नहीं बल्कि सामान्य निवेश पोर्टफोलियो में भी बढ़ रही है। इसका मतलब यह हुआ कि सोना अब केवल “बुरे वक्त का आश्रय” नहीं रह गया, बल्कि लंबी अवधि में एक मुनाफे वाला निवेश भी बन चुका है।  

चांदी में निवेश का सही समय? मार्च 2026 तक के भाव को लेकर एक्सपर्ट्स की बड़ी राय

मुंबई साल 2025 में चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा दिलाया है और अब इसकी चमक 2026 में भी बनी रहने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि इसकी बढ़ती औद्योगिक मांग भी बड़ी वजह है। चिप, मोबाइल फोन, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी तकनीकों में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। जानकारों के मुताबिक, साल 2025 में चांदी ने 100 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। अनुमान है कि 2026 की पहली छमाही में मौजूदा स्तर से इसमें करीब 20 फीसदी तक और तेजी देखने को मिल सकती है। यानी आने वाले साल में भी चांदी निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दे सकती है। क्यों बढ़ रही हैं चांदी की कीमतें केडिया कैपिटल के फाउंडर अजय केडिया के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की सप्लाई घट रही है। लंदन और चीन जैसे बड़े बाजारों में उपलब्धता कम होने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है। वहीं अमेरिका को चांदी का निर्यात बढ़ने और कॉमैक्स पर ऊंचे प्रीमियम के कारण फिजिकल मार्केट में कमी महसूस की जा रही है। इसके अलावा, चांदी आधारित ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से भी सप्लाई पर असर पड़ा है। कहां तक जा सकती हैं कीमतें एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च 2026 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 70 से 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे कीमतों में थोड़ी गिरावट आने पर ही खरीदारी करें। लंबी अवधि में चांदी का रिटर्न सोने से भी बेहतर रहने की संभावना जताई जा रही है। घरेलू बाजार में रिकॉर्ड तेजी घरेलू वायदा बाजार MCX पर भी चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब चांदी सिर्फ सुरक्षित निवेश का साधन नहीं रही, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग इसे और मजबूत बना रही है। इसी वजह से आने वाले समय में चांदी और सोने दोनों में तेजी बने रहने की उम्मीद है, हालांकि रिटर्न के मामले में फिलहाल चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है।  

2026 में भारत में Tata Avinya और दो नई EVs उतारेगी Tata Motors

मुंबई   स्वदेशी कार निर्मता कंपनी Tata Motors ने साल 2026 के लिए अपने EV प्लान्स की जानकारी दी है. कंपनी ने पुष्टि की है कि पहली छमाही में Tata Sierra.ev और अपडेटेड Tata Punch.ev लॉन्च करने के बाद, वह 2026 के आखिर तक Tata Avinya EV कंपनी के तहत प्रीमियम EV मार्केट में एंट्री करेगा. जानकारी के अनुसार, ये तीनों मॉडल Tata Motors की अगली EV वेव का मुख्य हिस्सा होंगे, और वित्त वर्ष 2030 तक तीन और नए मॉडल आएंगे, क्योंकि कंपनी ज़्यादा सेगमेंट में अपनी इलेक्ट्रिक लाइन-अप का विस्तार करेगी. Tata Motors का EV विस्तार ऐसे समय में हो रहा है, जब कंपनी ने भारत में 2.5 लाख EV बिक्री का माइलस्टोन पार कर लिया है, और Tata Nexon.ev देश की पहली इलेक्ट्रिक कार बन गई है, जिसकी लॉन्च के बाद से अब तक 1 लाख यूनिट्स बेची जा चुकी हैं. कार निर्माता कंपनी का दावा है कि उसके लगभग 26 प्रतिशत EV ग्राहक पहली बार कार खरीदने वाले हैं. Tata Avinya ब्रांड 2026 में अपना पहला मॉडल करेगा लॉन्च Tata Avinya मॉडल कंपनी के जनरेशन-3 स्केटबोर्ड बोर्न-इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले पहले मॉडल होने वाले हैं. पहला Tata Avinya मॉडल 2026 के आखिर तक बाजार में उतारा जा सकता है, और इसे Tata की मौजूदा EV रेंज से ऊपर रखा जाएगा. यह नया प्लेटफॉर्म बड़े और ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने में मदद करेगा, जिससे Tata Motors को प्रीमियम EV सेगमेंट में एंट्री मिलेगी. Tata Sierra.ev और अपडेटेड Tata Punch.ev के अनुमानित फीचर्स Tata Sierra.ev मिडसाइज़ इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में शामिल होगी और इसमें RWD और AWD ऑप्शन दिए जा सकते हैं. इसमें ICE Tata Sierra का ही डिज़ाइन मिलने वाला है, लेकिन इसमें EV-स्पेसिफिक एलिमेंट भी होने वाले हैं, जिनमें कम ओपनिंग वाला बंद फ्रंट पैनल दिया जाएगा. Tata Sierra.ev के acti.ev+ प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है, जिसे Tata Harier EV के साथ शेयर किया जाएगा. वहीं दूसरी ओर, Tata Punch.ev की बात करें तो इसे शायद ICE Tata Punch की तरह ही अपडेट मिलेंगे, जिसका फेसलिफ्ट अगले साल की शुरुआत में उतारा जाएगा. इस इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी इसी तरह के मिड-साइकिल बदलाव देखने को मिलेंगे, जिसमें एक्सटीरियर में कुछ बदलाव और कुछ नए फीचर्स शामिल होंगे. इसके अलावा, यह कंपनी की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक SUV बनी रहेगी. ऊपर बताए गए मॉडल्स के साथ-साथ Tata Tiago.ev, Tigor.ev, Nexon.ev, Curvv.ev और Harrier.ev के साथ, कंपनी की इलेक्ट्रिक लाइन-अप ज़्यादा सेगमेंट को कवर करेगी. वित्त वर्ष 2030 तक तीन और EV नेमप्लेट होंगे लॉन्च Tata Motors वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2030 के बीच तीन और इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करने की योजना बना रही है, जिससे अगले पांच सालों में कुल पांच नई EV हो जाएंगी. इन पांच EVs में Tata Sierra.ev और Avinya ब्रांड के तहत पहली इलेक्ट्रिक कार भी शामिल हैं. इसके अलावा, बाकी मॉडल भी Avinya फैमिली में नए एडिशन हो सकते हैं. ये मॉडल Tata Motors की मौजूदगी को ज़्यादा सेगमेंट में बढ़ाएंगे और मौजूदा रेंज के रेगुलर अपडेट के साथ इन्हें लॉन्च किया जाएगा. इस विस्तार को एक बढ़ते चार्जिंग नेटवर्क से भी सपोर्ट मिलने वाला है, जिसमें Tata.ev ओपन कोलैबोरेशन फ्रेमवर्क के ज़रिए 4,00,000 चार्ज पॉइंट लगाए जाएंगे, जिसमें 30,000 से ज़्यादा फास्ट चार्जर शामिल होंगे. Tata Motors की योजना है कि 2030 तक इसे बढ़ाकर 1 मिलियन चार्ज पॉइंट और 1,00,000 फास्ट चार्जर तक किया जाए.  

कीमती धातुओं में भूचाल: सोना-चांदी ने रचा इतिहास, एक झटके में सिल्वर ₹2.25 लाख पार

मुंबई  खरमास के महीने एक तो धंधा मंदा चल रहा है, ऊपर से सोने-चांदी की दहाड़ से सर्राफा बाजारों में सन्नाटा पसरा है। आज सोने-चांदी के भाव एक और नया इतिहास लिख चुके हैं। दोनों धातुएं आज भी ऑल टाइम हाई पर हैं। चांदी के भाव एक झटके में 7954 रुपये प्रति किलो उछकर 218954 रुपये प्रति किलो पर खुले। जबकि, सोने के भाव में 352 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है। जीएसटी समेत चांदी अब 225522 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। जबकि, 24 कैरेट गोल्ड का रेट अब जीएसटी समेत 140734 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। मंगलवार को चांदी बिना जीएसटी 211000 रुपये प्रति किलो और सोना बिना जीएसटी 136283 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। आज बिना जीएसटी सोना 136635 रुपये के ऑल टाइम हाई पर खुला। दूसरी ओर चांदी बिना जीएसटी 218954 रुपये प्रति किलो के रेट से खुली। इस साल अबतक सोना 60895 रुपये उछल चुका है। जबकि, चांदी 132937 रुपये उछल चुकी है। यह रेट आईबीजेए द्वारा जारी किए गए हैं। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। क्यों उछल रहे हैं सोने-चांदी के दाम विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा तेजी का एक कारण अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। बाजार का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2026 में दो बार ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी नरम मौद्रिक नीति की वकालत कर रहे हैं। कैरेट के हिसाब से गोल्ड के भाव आज 23 कैरेट गोल्ड भी 351 रुपये उछल कर 136088 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला। जीएसटी संग इसकी कीमत अब 140170 रुपये हो गई है। अभी इसमें मेकिंग चार्ज नहीं जुड़ा है। 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 323 रुपये चढ़कर 125158 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। जीएसटी संग यह 128912 रुपये है। 18 कैरेट गोल्ड 264 रुपये की तेजी के साथ 102467 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और जीएसटी के साथ इसकी कीमत 105550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। 14 कैरेट गोल्ड का रेट भी 205 रुपये चढ़ा है। आज यह 79931 रुपये पर खुला और जीएसटी समेत यह 82328 रुपये पर है।

नया साल लाएगा महंगाई, जनवरी से महंगे होंगे इलेक्ट्रिक स्कूटर; अभी मिल रहा बंपर डिस्काउंट

नई दिल्ली  अगर आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह समय आपके लिए अहम हो सकता है। देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों में शामिल एथर एनर्जी ने संकेत दिए हैं कि 1 जनवरी 2026 से उसके इलेक्ट्रिक स्कूटरों की कीमतों में इजाफा किया जाएगा। यह बढ़ोतरी कुछ हजार रुपये तक हो सकती है, जिससे नए साल में स्कूटर खरीदना महंगा पड़ सकता है। किन मॉडल्स पर पड़ेगा असर एथर एनर्जी के मौजूदा पोर्टफोलियो में दो प्रमुख इलेक्ट्रिक स्कूटर रेंज शामिल हैं। इसमें परफॉर्मेंस को ध्यान में रखकर तैयार की गई Ather 450 सीरीज और परिवार के उपयोग को ध्यान में रखकर पेश की गई Ather Rizta शामिल है। वर्तमान में इन स्कूटरों की एक्स-शोरूम कीमत अलग-अलग वेरिएंट के हिसाब से करीब 1.14 लाख रुपये से शुरू होकर 1.82 लाख रुपये तक जाती है। जनवरी 2026 से इन सभी मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कीमतें क्यों बढ़ा रही है कंपनी कंपनी की ओर से बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे माल की बढ़ती लागत, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स के महंगे होने और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। इन्हीं कारणों की वजह से अब कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ेगा। दिसंबर में खरीदारी पर बड़ा फायदा हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल कंपनी की ओर से एक खास ऑफर स्कीम चलाई जा रही है। ‘इलेक्ट्रिक दिसंबर’ नाम की इस स्कीम के तहत चुनिंदा शहरों में ग्राहकों को कुल मिलाकर ₹20,000 तक का फायदा मिल सकता है। ऐसे में जो लोग दिसंबर महीने में स्कूटर खरीदते हैं, वे न सिर्फ कीमत बढ़ने से पहले वाहन ले सकते हैं, बल्कि अच्छी-खासी बचत भी कर सकते हैं। क्या अभी खरीदना सही रहेगा अगर आप पहले से ही इलेक्ट्रिक स्कूटर लेने का मन बना चुके हैं, तो मौजूदा समय आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। एक तरफ जनवरी से कीमतें बढ़ने वाली हैं, वहीं दूसरी ओर अभी सीमित समय के लिए आकर्षक ऑफर्स उपलब्ध हैं। ऐसे में अभी खरीदारी करने से भविष्य की महंगाई से बचा जा सकता है और बजट पर भी कम असर पड़ेगा।

Jim Beam का बड़ा फैसला: व्हिस्की उत्पादन बंद, बढ़ते स्टॉक और ट्रेड टेंशन के बीच कंपनी की नई दुविधा

 नई दिल्ली अगर आप शराब के शौकीन हैं और खासतौर पर  Jim Beam Bourbon Whiskey के दीवाने हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए खास है. दरअसल, जिम बीम के स्वामित्व वाली सनटोरी ग्लोबल स्पिरिट्स (Suntory Global Spirits) ने अचानक बड़ा फैसला लेते हुए, केंटकी स्थित प्रमुख संयंत्र में इसका प्रोडक्शन रोक दिया है. रिपोर्ट्स की मानें, तो ये सस्पेंशन एक साल के लिए किया गया है. कंपनी के इस फैसले से यहां काम करने वाले हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है.  कंपनी ने 1 साल तक उत्पादन रोका  रिपोर्ट के मुताबिक, Bourbon Whiskey बनाने वाली कंपनी जिम बीम (Jim Beam) ने अपने मुख्य डिस्टिलरी में एक साल के लिए उत्पादन को रोक दिया है. कंपनी ने केंटकी में अपने सभी स्थानों पर 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराती है. कंपनी की ओर से घोषणा की गई है कि वह अगले पूरे साल 2026 के लिए अमेरिकी स्टेट Kentucky स्थित अपने इस संयंत्र में उत्पादन नहीं करेगी. कंपनी की ओर ये फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जबकि अमेरिका में बॉर्बन व्हिस्की निर्माता कंपनियां ओवर स्टॉक लेवल और अनिश्चित ग्लोबल डिमांड से जूझ रही हैं. इस लिए कंपनी ने किया ऐलान Jim Beam की ओर से इस संबंध में जारी एक बयान में कहा गया है कि डिस्टिलरी 2026 के दौरान पूरी तरह से बंद रहेगी, क्योंकि कंपनी इस समय का उपयोग साइट पर सुधार कार्यों के लिए निवेश (Investment) करने की योजना बना रही है और इसके लिए समय चाहिए. हालांकि, कंपनी की ओर से ये साफ किया गया है कि इस प्रमुख संयंत्र को छोड़कर राज्य में उसके अन्य साइट सामान्य रूप काम करती रहेंगी. कंपनी ने आगे कहा कि यह निर्णय राज्य में अपने ऑपरेशन को पूरी तरह बंद करने के बजाय भविष्य की मांग (Future Demand) की समीक्षा से जुड़ा हुआ है.  कर्मचारियों का अब क्या होगा?  Bourbon Whiskey मेकर के मुताबिक, प्रोडक्शन रोके जाने के दौरान केंटकी स्थित जिम बीम विजिटर सेंटर पहले की तरह खुला रहेगा. राज्य में 1000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाली कंपनी इस बात की समीक्षा करने की बात भी कह रही है कि उत्पादन बंद रहने के दौरान उसके कर्मचारियों का उपयोग कैसे किया जाएगा. इसे लेकर मंथन जारी है. कंपनी की ओर से यह पुष्टि की गई है कि इस अवधि के दौरान कर्मचारियों के लिए आगे के कदमों पर निर्णय लेने के लिए श्रमिक संघ के साथ बातचीत चल रही है. बढ़ता स्टॉक और ₹6200Cr का नुकसान केंटकी में बॉर्बन बनाने वालों पर बढ़ते स्टॉक के कारण दबाव बढ़ता जा रहा है. अक्टूबर में केंटकी डिस्टिलर्स एसोसिएशन ने बताया था कि राज्य भर के गोदामों में बॉर्बन का स्टॉक रिकॉर्ड 16 मिलियन बैरल से अधिक हो गया है. इन पर राज्य द्वारा Tax भी लगाया जाता है, जिससे उत्पादकों पर लागत का बोझ और बढ़ा है.  एसोसिएशन के मुताबिक, इन स्टॉक पर लगने वाले टैक्स के कारण इस वर्ष अकेले शराब बनाने वालों को लगभग 75 मिलियन डॉलर (लगभग 6,200 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है. Trump से Canada तक का असर बढ़ते स्टॉक ने पहले से ही शराब निर्माताओं के लिए मुश्किलें खड़ी की थीं, उस पर वैश्विक व्यापार तनावों (Global Trade Tension) ने चुनौतियों को और भी बदतर बना दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा अप्रैल में लागू किए गए व्यापक टैरिफ (Tariff) की घोषणा के बाद अमेरिकी शराब निर्माताओं परेशानी और बढ़ी है. इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया कि कनाडा के साथ व्यापारिक तनाव ने भी बिक्री को बुरी तरह से प्रभावित किया है. साल 2025 की शुरुआत में ही ज्यादातर कनाडाई प्रांतों ने बहिष्कार के तहत अमेरिकी शराब खरीदना बंद कर दिया था.   

सोना-चांदी को चुनौती देगा तांबा, एक्सपर्ट के अनुसार ये धातु बना सकती है करोड़पति

 नई दिल्ली     सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में आए उछाल ने इस साल 2025 में सभी को चौंकाया है. इनकी रफ्तार अभी भी लगातार जारी है और साल खत्म होने से पहले हर रोज दोनों कीमती धातुएं रिकॉर्ड तोड़ती हुई नजर आ रही हैं. लेकिन Gold-Silver नहीं, हकीकत में एक दूसरी धातु इस बाजार की किंग (King) बनने की ओर बढ़ रही है. जी हां, तांबे की कीमत में भारी उछाल आने वाला है, ये हम नहीं कह रहे बल्कि एक्सपर्ट खुद इसके बारे में तमाम दावे कर रहे हैं और इसके साथ ही Copper Price में बूम आने के पीछे के बड़े कारण भी बता रहे हैं.  तांबा करने वाला है कमाल! तांबे को अक्सर एक स्थिर औद्योगिक धातु के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन अब इसे अगले बड़े व्यापारिक स्रोत के रूप में पेश किया जा रहा है. इसकी उपयोगिता बढ़ने के साथ ही इसकी कीमतों में उछाल आने वाला है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को एक्सपर्ट RKB Ventures के फाउंडर राकेश बंसल ने तर्क दिया कि सप्लाई में बाधाएं और AI, विद्युतीकरण, EVs और एनर्जी ट्रांजिशन से बढ़ी डिमांड तांबे को एक नए दौर में धकेलने वाली साबित हो सकती है. उन्होंने कहा कि Copper Price में भारी उछाल आने वाला है, आपूर्ति में कमी और कई वर्षों तक इसकी कीमतों में तेजी दिखने की संभावना है.  लगातार कमी, कीमतों में लगाएगी आग रॉयटर्स की एक रिपोर्ट की मानें, तो तांबे के बाजार (Copper Market) में इस साल 1,24,000 टन और अगले साल 2026 में 1,50,000 टन की कमी होने की आशंका है. यही सबसे बड़ा कारण है कि इस धातु की कीमतों में आग लगने वाली है. बंसल ने बिजनेस टुडे के साथ खास बातचीत में अपनी बात पर जोर देते हुए इसकी कीमतों में रैली की बात कही और इसे बिजली के उपयोग में संरचनात्मक वृद्धि से जोड़ा, साथ ही वायरिंग, ग्रिड और इंडस्ट्रियल मैन्यफैक्चरिंग में तांबे की बड़ी भूमिका को उजागर किया.  एक्सपर्ट ने कहा कि एल्युमीनियम और तांबा दोनों में तेजी आई है और इनमें आने वाले दिनों में अधिक उछाल देखने को मिलेगा. इलेक्ट्रिफिकेशन से लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का डेवलपमेंट तेजी से हो रहा है. भारत में भी कई एआई डेटा सेंटर स्थापित हो रहे हैं और कॉपर के बिना यह तेजी संभव नहीं है. इसकी आपूर्ति में लगातार कमी आ रही है. बंसल के मुताबिक, भारत में तांबे का एकमात्र प्रमुख उत्पादक हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper) है. 'Crorepati बनाने की अब तांबे की बारी' सोना-चांदी ने 2025 में निवेशकों पर पैसों की बरसात की है और इसके रिटर्न से वे मालामाल हो गए हैं. राकेश बंसल का कहना है कि अब तांबे की बारी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'तांबा नया King है, जो धमाका करने वाला है! आपूर्ति की कमी + AI डेटा सेंटर + EVs + ग्रीन ऊर्जा में उछाल = तांबे की कीमतें अकल्पनीय रूप से बढ़ने वाली हैं. अब तांबे की बारी है करोड़पति बनाने की.' उन्होंने आगे लिखा कि AI से परे देखें तो तांबे के बिना बिजली का बुनियादी ढांचा भी संभव नहीं है. सोने और चांदी की तरह तांबा भी एक सुरक्षित निवेश ऑप्शन है, क्योंकि इसकी मांग वास्तविक है. इलेक्ट्रिक वाहनों में भी तांबे की जरूरत है, लेकिन आपूर्ति सीमित है. ग्लोबल मार्केट में तांबे का धमाल  रॉयटर्स ने अपनी 12 दिसंबर की एक रिपोर्ट में बताया था कि एआई को ताकत देने वाले डेटा सेंटर्स से बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण तांबा 12,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के करीब पहुंच रहा है. इसमें यह भी कहा गया है कि तांबे की कीमतें इस साल अब तक 35% बढ़ी हैं और 2009 के बाद से सबसे बड़ी वृद्धि की ओर हैं. इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फर्म मैक्वेरी का अनुमान है कि 2026 में वैश्विक तांबे की डिमांड 27 मिलियन टन होगी, जो 2024 की तुलना में 2.7% अधिक है. इसमें चीन (China) में मांग में 3.7% की बढ़ोतरी शामिल है.

चेन्नई के शख्स ने सालभर में खरीदे 1 लाख रुपये के कंडोम, जानें कितनी बार किया ऑर्डर

चेन्नई  ऑनलाइन शॉपिंग ने अब सिर्फ जरूरत की चीजें ही नहीं, बल्कि लोगों की आदतें और हैरान करने वाले खर्च भी सामने ला दिए हैं. स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की साल के लास्ट की रिपोर्ट कुछ ऐसे ही चौंकाने वाले आंकड़े लेकर आई है, जो दिखाते हैं कि भारतीयों ने इस साल क्विक कॉमर्स पर कैसे और कितनी बेझिझक खरीदारी की. स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल लोगों ने दूध और सब्जियों जैसी रोजमर्रा की चीजों से लेकर सोना और आईफोन जैसी महंगी चीजों तक सब कुछ ऑनलाइन मंगाया. सबसे ज़्यादा चेन्नई का एक कस्टमर चर्चा में रहा, जिसने पूरे साल में सिर्फ कंडोम पर 1 लाख रुपये से ज़्यादा खर्च कर दिए. इस ग्राहक ने साल भर में 228 बार ऑर्डर किए और कुल बिल 1,06,398 रुपये तक पहुंच गया. इंस्टामार्ट पर हर सेकंड चार से ज्यादा पैकेट दूध ऑर्डर  रिपोर्ट बताती है कि कंडोम इंस्टामार्ट पर एक बेहद लोकप्रिय प्रोडक्ट बन गया. हर 127 ऑर्डर में से एक में कंडोम शामिल था. खासतौर पर सितंबर महीने में इसकी बिक्री में 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. रोजमर्रा की जरूरतों की बात करें तो दूध 2025 में भी भारत की सबसे जरूरी चीज बना रहा. आंकड़ों के अनुसार, इंस्टामार्ट पर हर सेकंड चार से ज्यादा पैकेट दूध ऑर्डर किए गए. कंपनी का दावा है कि इतना दूध 26,000 से ज्यादा ओलंपिक साइज के स्विमिंग पूल भर सकता है. जानवरों के मालिकों ने भी किया दिल खोलकर खर्च  पालतू जानवरों के मालिकों ने भी दिल खोलकर खर्च किया. चेन्नई के एक पेट लवर ने सिर्फ पालतू जानवरों के सामान पर 24.1 लाख रुपये खर्च कर दिए और उन्हें 'साल का बेस्ट पेट ओनर' कहा गया. वहीं फिटनेस के शौकीनों में नोएडा का एक यूजर सबसे आगे रहा, जिसने 1,343 प्रोटीन सप्लीमेंट्स ऑर्डर किए और पूरे साल में 28 लाख रुपये खर्च कर डाले. इसमें लग्जरी शॉपिंग भी पीछे नहीं रही. मुंबई के एक यूजर ने इंस्टामार्ट के जरिए 15.16 लाख रुपये का सोना खरीदा, जिससे साफ है कि क्विक कॉमर्स अब सिर्फ किराने तक सीमित नहीं रहा.  दूसरी तरफ, बेंगलुरु के एक यूजर ने साल का सबसे छोटा ऑर्डर किया- सिर्फ 10 रुपये का प्रिंटआउट. कुल मिलाकर, स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की रिपोर्ट यह दिखाती है कि आज का भारतीय ग्राहक क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि हर छोटी-बड़ी जरूरत और शौक पूरा करने के लिए कर रहा है-चाहे वह दूध हो, कंडोम हो या फिर सोना.