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अहम महीने में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हो सकता है महत्वपूर्ण ऐलान

नई दिल्ली  सितंबर के महीने में आम लोगों की जेब से जुड़े कई बदलाव होने वाले हैं। उदाहरण के लिए तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर फैसला लेंगी तो हॉलमार्किंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में भी बदलाव हो रहा है। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी सितंबर का महीना काफी अहम है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सितंबर में सरकार महंगाई भत्ता या डीए पर फैसला ले सकती है। आमतौर पर दूसरी छमाही यानी जुलाई से दिसंबर तक के डीए पर फैसला शारदीय नवरात्रि के आस-पास होता रहा है। चूंकि इस बार नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से हो रही है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इसी महीने में भत्ते पर फैसला ले लिया जाएगा। हालांकि, बीते साल नवरात्रि खत्म होने के करीब एक हफ्ते बाद केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते पर ऐलान किया था। कितनी हो सकती है बढ़ोतरी वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 55% है और अगले संशोधन अवधि में इसके 3% बढ़कर 58% होने की उम्मीद है। सातवें वेतन आयोग के तहत यह अंतिम डीए संशोधन होगा, क्योंकि आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है। बता दें कि जनवरी 2016 से लागू सातवें वेतन आयोग ने साल में दो बार डीए देने की सिफारिश की थी। यह छमाही आधार पर था। आठवें वेतन आयोग का हो चुका है ऐलान बता दें कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा जनवरी 2025 में की गई थी लेकिन सरकार ने अभी तक नए आयोग के लिए संदर्भ की शर्तें (ToR) निर्धारित नहीं की हैं और न ही सदस्यों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने में देरी हो सकती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत से पहले लागू होने की संभावना नहीं है।  

AGM में अंबानी का ऐलान – भारत की रफ्तार थामना नामुमकिन, 10% ग्रोथ पूरी तरह संभव

मुंबई  मुकेश अंबानी आज शुक्रवार को रिलायंस की 48वीं एनुअल जनरल मीटिंग को सम्बोधित कर रहे हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 10 प्रतिशत की ग्रोथ रेट से आगे बढ़ सकता है। मुकेश अंबानी ने जोर देते हुए कहा कि भारत को अपनी ग्रोथ के लिए किसी देश को कॉपी करने की जरूरत नहीं है। यह अपने आप एक सबसे अगल डेवलपमेंट स्टोरी होगी। 4 से 5 गुना बढ़ सकती है प्रति व्यक्ति आय मुकेश अंबानी एनुअल जनरल मीटिंग में कहा कि एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, विजनरी लीडरशिप की वजह से भारत की ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि अगले 20 सालों में प्रति व्यक्ति आय 4 से 5 गुना बढ़ सकती है। भारत को कोई रोक नहीं सकता भारत को इसी मॉडल को कॉपी नहीं करने की जरूरत है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत टेक्नोलॉजी के साथ डेमोक्रेसी, इकनॉमी के साथ-साथ कल्चर और साइंस के साथ स्प्रिचुअलिटी की वजह से भारत सबसे अलग ही। इसलिए इसकी डेवलपमेंट स्टोरी सबसे अलग होगी। यह अपने आप में सबसे पहला डेवलपमेंट मॉडल होगा। उन्होंने शेयहोल्डर्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा को कोई रोक नहीं सकता है। मुकेश अंबानी ने कहा कि 1.5 अरब लोगों को यह साझा सपना है कि ऐसा देश बनाया जाए जो दुनिया में समपन्नता लाएगा। कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी? मुकेश अंबानी ने एनुअल जनरल मीटिंग में बताया कि उनका कंसॉलिडिटेड रेवन्यू 10,71,740 करोड़ रुपये रहा है। वहीं, EBITDA इस दौरान 1,83,422 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 81,309 करोड़ रुपये रहा है। बता दें, मुकेश अंबानी ने बताया कि उन्होंने 5.6 लाख करोड़ रुपये बीते 3 साल में निवेश किया गया है। वहीं, पिछले वित्त वर्ष में 283719 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट किया गया है।  

अंबानी का नया दांव! जानिए किस बिजनेस में उतरी नई कंपनी

मुंबई  मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में नई कंपनी का ऐलान किया है। मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस (Reliance Intelligence) नामक एक पूरी तरह से रिलायंस की स्वामित्व वाली नई सब्सिडियरी की घोषणा की। इसका लक्ष्य है भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व के केंद्र में स्थापित करना है। मुकेश अंबानी ने क्या कहा रिलायंस देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडियरी कंपनी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ स्थापित करेगी। मुकेश अंबानी ने कहा, 'मुझे गर्व है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले से ही रिलायंस के डीप-टेक बिजनेस में बदलने की ओर है। इस एजेंडे को और भी अधिक फोकस और गति प्रदान करने के लिए आज मुझे रिलायंस इंटेलिजेंस नामक एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के गठन की घोषणा करते हुए अधिक खुशी और सम्मान का अनुभव हो रहा है। इन 4 बातों पर कंपनी का फोकस 1. AI-Ready डेटा सेंटर: बड़े पैमाने पर (gigawatt-scale) एआई तैयार डेटा सेंटर बनाना, जो ग्रीन एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) से चलेंगे, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर AI ट्रेनिंग और इनफरेंस हो सके। इन सेंटरों का निर्माण पहले से ही गुजरात के जामनगर में शुरू हो चुका है। 2. वैश्विक साझेदारी: रिलायंस इंटेलिजेंस दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों और ओपन-सोर्स कम्युनिटीज़ के साथ मिलकर काम करेगा। इसका मकसद है AI सिस्टम्स में विश्वसनीयता, भारत के मानकों और मजबूत सप्लाई चेन लाना। 3. AI सेवाएं : रिलायंस इंटेलिजेंस का नए यूनिट का लक्ष्य होगा कि आम जनता, छोटे व्यवसाय और बड़े उद्योगों को आसान और भरोसेमंद AI-सक्रिय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही शिक्षा, कृषि जैसे राष्ट्रीय महत्व वाले क्षेत्रों के लिए विशेष AI-आधारित समाधान तैयार किए जाएं। 4. टैलेंट को आगे बढ़ाना: रिलायंस इंटेलिजेंस एक ऐसा मंच भी होगा जहां दुनिया भर के रिसचर्स, इंजीनियर्स, डिजाइनर और प्रोडक्ट्स बिल्डर मिलकर काम करें, ताकि विचार नए उत्पादों और इनोवेशन में बदल सकें। भारत और दुनिया के लिए उपयोगी समाधान बन सकें।  

टैरिफ चिंताओं के बीच शेयरों में मजबूती, सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल

 मुंबई निचले स्तरों पर हुई भारी खरीदारी के बीच दो दिनों की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 197.11 अंक चढ़कर 80,277.68 पर पहुंच गया। ऐसे ही 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 63.45 अंक बढ़कर 24,564.35 पर आ गया। किसे फायदा-किसे नुकसान? सेंसेक्स की कंपनियों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट सबसे ज्यादा फायदे में रहीं। हालांकि, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एनटीपीसी, इटरनल और इंफोसिस पिछड़ने वालों में शामिल रहे। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 3,856.51 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,920.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बीते दिन का हाल इससे पहले गुरुवार को सेंसेक्स 705.97 अंक या 0.87 प्रतिशत गिरकर 80,080.57 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 211.15 अंक या 0.85 प्रतिशत गिरकर 24,500.90 पर आ गया था। पिछले दो कारोबारी दिनों में बीएसई बेंचमार्क 1,555.34 अंक या 1.90 प्रतिशत गिर चुका है।

इन्वेस्टर्स के लिए बड़ी खबर: फ्यूचर-ऑप्शन में 8 दिसंबर से प्री-ओपन ट्रेडिंग

मुंबई  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने गुरुवार को फ्यूचर्स और ऑप्शंस (एफएंडओ) में प्री-ओपनिंग ट्रेडिंग को 8 दिसंबर से शुरू करने का प्रस्ताव रखा. बीएसई ने बयान जारी कर कहा सोमवार, 8 दिसंबर 2025 से इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स के लिए प्री-ओपन सेशन शुरू करने का प्रस्ताव है. ट्रेडिंग सदस्यों से अनुरोध है कि वे ध्यान दें कि उक्त कार्यक्षमता को शुरू करने के लिए ईटीआई एपीआई या मार्केट डेटा ब्रॉडकास्ट स्ट्रीम में कोई नया बदलाव नहीं होगा.   F&O प्री-ओपनिंग ट्रेडिंग  एक्सचेंज ने बयान में आगे कहा कि बीएसई पहले से ही इक्विटी सेगमेंट में प्री-ओपन सेशन ट्रेडिंग का समर्थन करता है. अब इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में प्री-ओपन सेशन ट्रेडिंग के लिए समान संदेश संरचनाएं और फील्ड परिभाषाएं लागू होंगी. इक्विटी सेगमेंट में प्री-ओपन सेशन ट्रेडिंग की टेस्टिंग 6 अक्टूबर, 2025 को की जाएगी.  बीएसई ने सदस्यों और थर्ड-पार्टी फ्रंट-एंड ट्रेडिंग एप्लिकेशन वेंडर्स से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने एप्लिकेशन में परिवर्तन शुरू करें और सुचारू रोलआउट सुनिश्चित करने के लिए उनका परीक्षण करें.

धमाकेदार एंट्री: TVS का नया EV स्कूटर Orbiter, कीमत में बजट-फ्रेंडली

मुंबई  टीवीएस मोटर कंपनी ने आज घरेलू बाजार में अपने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो को बढ़ाते हुए नए इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS Orbiter को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया है. इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर को लेकर कंपनी का दावा है कि, इसमें कई नए और एडवांस फीचर्स दिए गए हैं, जो सेग्मेंट में दूसरे मॉडलों में नहीं मिलते हैं. जैसा कि पहले से ही पूर्वानुमान था, कंपनी ने इस स्कूटर को iQube के मुकाबले किफायती रखा है. इस नए इलेक्ट्रिक स्कूटर की शुरुआती कीमत महज 99,900 रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है. कैसा है नया TVS Orbiter सबसे पहले लुक और डिज़ाइन की बात करें तो ये स्कूटर बाजार में उपलब्ध अन्य मॉडलों से काफी अलग है. इस स्कूटर को कंपनी ने बॉक्सी और फ्यूचरिस्टिक डिज़ाइन दिया है. टीवीएस का कहना है कि, स्कूटर के एयरोडायनमिकी पर ख़ासा काम किया गया है, जो इसे 10% एक्स्ट्रा रेंज देने में मदद करता है. टीवीएस ऑर्बिटर में कनेक्टेड मोबाइल ऐप, वाइज़र के साथ फ्रंट LED हेडलैंप और इनकमिंग कॉल डिस्प्ले वाला कलर्ड LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है. TVS Orbiter में कंपनी ने 845 मिमी लंबी सीट दी है, जो फ्लैटफ़ॉर्म सीट पर राइडर और पीछे बैठे व्यक्ति दोनों के लिए कम्फर्टेबल राइड प्रदान करती है. जबकि 290 मिमी का स्ट्रेट फ़ुटबोर्ड चालक को पर्याप्त लेगरूम प्रदान करता है. स्कूटर में कंपनी ने एक चौड़ा और सीधा हैंडलबार दिया गया है, जो राइडिंग पोस्चर को स्ट्रेट रखने में मदद करता है. इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में  34 लीटर का अंडर-सीट स्टोरेज भी दिया गया है, जो दो हेलमेट रखने के लिए पर्याप्त है. बैटरी और ड्राइविंग रेंज टीवीएस ऑर्बिटर में कंपनी ने 3.1 kWh की क्षमता का लिथियम-ऑयन बैटरी पैक दिया है. जिसको लेकर कंपनी का दावा है कि, ये स्कूटर को सिंगल चार्ज में 158 किलोमीटर तक की शानदार ड्राइविंग रेंज देता है. इसकी बैटरी IP67 रेटेड है, जो इसे धूल, धूप या पानी से भी पूरी तरह सुरक्षित रखती है. इसमें 14 इंच के व्हील दिए गए हैं जो स्कूटर को खराब रास्तों पर भी आसानी से दौड़ने में मदद करते हैं.  टेक्नोलॉजी और कनेक्टिविटी      एक्टिव सेफ्टी: दुर्घटना, स्कूटर के गिरने, एंटी-थेफ्ट, जियो-फेंसिंग और टाइम-फेंसिंग अलर्ट मिलता है.     कंट्रोल: मोबाइल ऐप पर दूर से बैटरी चार्ज और ओडोमीटर की जाँच की जा सकती है.     स्मार्ट नेविगेशन: कस्टमाइजेबल सेटिंग्स के साथ टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन की सुविधा.     स्मार्टफोन कनेक्टिविटी: एलसीडी डिजिटल क्लस्टर पर कॉल, एसएमएस और व्यक्तिगत अलर्ट मिलेंगे.     सेफ्टी फीचर्स: हिल होल्ड असिस्ट, क्रूज़ कंट्रोल और पार्किंग असिस्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं.     अपडेट: समय-समय पर ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट मिलेंगे.     डुअल मोड: रेंज और सुरक्षा के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग के साथ इको और पावर मोड दिए गए हैं. मिलते हैं ये फीचर्स 169 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ आने वाले टीवीएस ऑर्बिटर में इंटीग्रेटेड इंडिकेटर्स के साथ एलईडी हेडलैंप, एज-टू-एज कॉम्बिनेशन लैंप, एक USB चार्जिंग पोर्ट और मज़बूत बॉडी दी गई है. स्कूटर के बॉडी पर ऑर्बिटर ग्राफिक्स, कनेक्टेड टेल लैंप इत्यादि इसके डिज़ाइन को और भी बेहतर बनाते हैं.  टीवीएस ऑर्बिटर कनेक्टेड फीचर्स के अपने एडवांस सेट के साथ सेफ्टी को और भी बेहतर बनाता है. कंपनी का कहना है कि इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में  टाइम फ़ेंस, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग, नेविगेट-टू-व्हीकल, क्रैश और फ़ॉल अलर्ट, इमरजेंसी नोटिफिकेशन, जियोफ़ेंसिंग, एंटी-थेफ़्ट और टोइंग अलर्ट जैसी सुविधाएं दी गई हैं. इसके अलावा ये सेग्मेंट का पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर है जिसमें क्रूज कंट्रोल की सुविधा दी गई है.  स्कूटर गिरने पर मिलेगा अलर्ट इसमें एक ऐसा फीचर दिया गया है कि, यदि आपका स्कूटर पार्किंग में खड़ा है और अचानक किसी वजह से गिर जाता है. तो इस स्थिति में आपके स्मार्टफोन पर तत्काल अलर्ट आएगा. जिससे आप यह जान सकेंगे कि, स्कूटर के पोजिशन में बदलाव हुआ है. इसके अलावा इसमें वाहन चोरी होने की स्थिति से बचने के लिए एंटी-थेफ्ट अलर्ट भी मिलता है.  कलर ऑप्शन और बुकिंग टीवीएस ऑर्बिटर को कंपनी ने कुल 6 कलर ऑप्शन के साथ लॉन्च किया है. जिसमें निऑन सनबर्स्ट, स्ट्रैटोस ब्लू, लूनर ग्रे, स्टेलर सिल्वर, कॉस्मिक टाइटेनियम और मार्टियन कॉपर शामिल हैं. इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की आधिकारिक बुकिंग शुरू की जा चुकी है. जिसे कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत डीलरशिप के माध्यम से बुक किया जा सकता है.  इनसे है मुकाबला टीवीएस मोटर्स ने नए TVS Orbiter को किफायती कीमत में पेश कर बाजार में प्रतिस्पर्धा को और भी बढ़ा दिया है. अपने iQube के साथ टीवीएस मोटर्स पहले से ही सेग्मेंट का लीडर बना हुआ है. अब ये नया स्कूटर बाजार में बजाज चेतक, ओला इलेक्ट्रिक, हीरो विडा और एथर एनर्जी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों को कड़ी टक्कर देगा.

फॉरेक्स मार्केट में बढ़त: रुपया 6 पैसे उछला, ₹87.63 पर पहुंचा

मुंबई  अमेरिका के डबल टैरिफ अटैक का लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में असर देखने को मिला और गिरावट के साथ ओपनिंग करने के बाद गुरुवार को भी सेंसेक्स-निफ्टी रेड जोन में क्लोज हुए. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे बढ़कर ₹87.63 पर बंद हुआ, बुधवार को भारत पर 50% टैरिफ लागू होने से पहले मंगलवार को बाजार में तगड़ी गिरावट आई थी, जो आज भी जारी रही और कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 705 अंक टूटकर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी ने भी 211 अंक फिसलकर कारोबार क्लोज किया. इस दौरान आईटी और बैंकिंग स्टॉक्स में तेज गिरावट देखने को मिली.यहां बता दें कि बुधवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शेयर बाजार में हॉलिडे घोषित था.  दिनभर गिरावट के साथ हुआ कारोबार बुधवार 27 अगस्त को जहां भारत पर ट्रंप का एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लागू हुआ था, तो वहीं शेयर बाजार में गणेश चतुर्थी की छुट्टी थी, लेकिन गुरुवार को जब मार्केट ओपन हुआ तो टैरिफ अटैक का असर साफ देखने को मिला. बीएसई का सेंसेक्स 80,754 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही देर में इसमें गिरावट बढ़ती गई और ये 600 अंक से ज्यादा फिसल गया. लेकिन फिर अचानक से तेज रिकवरी भी नजर आने लगी और गिरावट 250 अंक के आसपास रह गई, लेकिन आखिरी कारोबारी घंटे में ये भी फिर बिखरने लगा और अंत में 705 अंक की गिरावट लेकर 80,080.57 पर क्लोज हुआ. इससे पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स 849 अंक टूटकर बंद हुआ था. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई निफ्टी का भी हाल रहा और ये भी लाल निशान पर क्लोज हुआ. 24,695.80 पर ओपनिंग करने के बाद इस इंडेक्स ने 211 अंक फिसलकर 24,500 पर क्लोजिंग की.मंगलवार को एनएसई का ये इंडेक्स फिसलकर 24,712 पर बंद हुआ था.  सबसे ज्यादा बिखरे ये शेयर  शेयर मार्केट में गुरुवार को आई इस गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल एचसीएल टेक (2.85%), इंफोसिस शेयर (1.95%), पावरग्रिड शेयर (1.93%), टीसीएस (1.89%) और एचडीएफसी बैंक का शेयर (1.55%) की गिरावट लेकर बंद हुआ.  मिडकैप में शामिल कंपनियों की बात करें, तो फर्स्टक्राई (5.21%), फोनिक्स लिमिडेट शेयर (3.53%), एसजेवीएन शेयर (3.12%) और भारती हेक्सा का शेयर (2.90%) फिसलकर क्लोज हुआ. स्मॉलकैप शेयरों में रैलीज शेयर (6.81%), कलामंदिर शेयर (6.30%), ओलेक्ट्रा शेयर (5.80%) फिसलकर बंद हुआ.  बाजार टूटा, लेकिन चढ़कर बंद हुए ये स्टॉक  बाजार में गिरावट के बावजूद जिन शेयरों ने बढ़त के साथ ग्रीन जोन में क्लोजिंग की, उनमें वीटीएल शेयर (12.96%), संगम इंडिया शेयर (7.39%), नाल्को शेयर (5%) की उछाल के साथ बंद हुआ, तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल  ओलेक्ट्रा शेयर (5.80%) , तो कल्याण ज्वेलर्स का स्टॉक 2.36% चढ़कर बंद हुआ. एंड्योरेंस का शेयर 2.11 फीसदी की तेजी लेकर बंद हुआ. लार्जकैप में शामिल टाइटन, मारुति और रिलायंस का शेयर बढ़त के साथ बंद हुआ. 

शेयर बाजार में तूफ़ान: ट्रंप टैरिफ के चलते निवेशकों की हौसला टूटे

मुंबई  शेयर बाजार में गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही अमेरिका के भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का असर देखने को मिला. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स भारी गिरावट के साथ खुला और खुलते ही 657 अंकों का गोता लगाकर 80,124 के लेवल पर आ गया. सेंसेक्स की तरह ही निफ्टी ने भी अपने पिछले बंद के मुकाबले टूटकर कारोबार की शुरुआत की और 200 अंक गिरकर कारोबार करता दिखा.बाजार में गिरावट के बीच आईटी-टेक कंपनियों के साथ ही बैंकिंग स्टॉक्स भरभराकर टूटे.  खुलते ही फिसल गए इंडेक्स  27 अगस्त को भारत पर ट्रंप का एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लागू हुआ था, लेकिन भारतीय शेयर बाजार गणेश चतुर्थी के अवसर पर बंद था. लेकिन गुरुवार को जब बाजार ओपन हुआ, तो सेंसेक्स-निफ्टी पर टैरिफ का सीधा असर देखने को मिला. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 80,786.54 की तुलना में फिसलकर 80,754 पर ओपन हुआ और फिर कुछ ही मिनटों में 657.33 अंक की गिरावट लेकर 80,124 पर कारोबार करता दिखाई दिया. वहीं एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,712.05 की तुलना में गिरकर 24,695.80 पर खुला और फिर सेंसेक्स की तरह ही तेज गिरावट लेते हुए 200 अंक की गिरावट लेकर 24,512 के लेवल पर आ गया. 1458 शेयरों की रेज जोन में शुरुआत शेयर मार्केट में गिरावट के साथ कारोबार शुरू होने पर शुरुआती दौर में 1458 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले टूटकर लाल निशान पर ट्रेड शुरू किया. इसके अलावा 1023 कंपनियों के स्टॉक्स ग्रीन जोन में ओपन हुए. इसके अलावा 195 शेयर ऐसे रहे, जिनकी ओपनिंग फ्लैट रही. शुरुआती कारोबार के दौरान जहां श्रीराम फाइनेंस, आईसीआईसीआई, एचसीएल टेक, जियो फाइनेंस, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक के साथ ही इंफोसिस का शेयर तेजी से फिसला, तो वहीं बिखरते बाजार में भी हीरो मोटोकॉर्प, एशियन पेंट्स और टाइटन जैसे शेयर ग्रीन जोन में नजर आए.  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 शेयर बाजार की खराब शुरुआत के बीच जिन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, उनमें लार्जकैप कंपनियों में शामिल एचसीएल टेक शेयर (2.30%), पावरग्रिड शेयर (1.50%), सनफार्मा शेयर (1.40%), टीसीएस शेयर (1.30%) और एचडीएफसी बैंक का शेयर (1.25%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में एमक्योर शेयर (3.10%), फर्स्टक्राई शेयर (2.70%) और भारती हेक्सा शेयर (2.55%) गिर गया. स्मॉलकैप कंपनियों में कैमलिन फाइन शेयर 5%, तो केआईटेक्स का स्टॉक भी 5% फिसलकर ट्रेड कर रहा था.  अन्य जिन कंपनियों के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई, उनमें इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा, बीईएल, रिलायंस, भारती एयरटेल शामिल हैं. इसके अलावा मिडकैप में मैक्स हेल्थ, ग्लैंडफार्मा, एसजेवीएन शेयर भी रेड जोन में कारोबार कर रहे हैं.  ट्रंप के टैरिफ से बेअसर ये स्टॉक बाजार में गिरावट के बावजूद जो शेयर ट्रंप टैरिफ के असर से बेअसर दिखे, उनमें शामिल एशियन पेंट्स का शेयर 1.30% और जोमैटे की पैरेंट कंपनी एटरनल शेयर 1.10% चढ़कर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा ओलेक्ट्रा ग्रीन शेयर (2.90%), यूनो मिंडा शेयर और कल्याण ज्वेलर्स के शेयर भी करीब 1 फीसदी उछाल में थे. आरवीएनएल और पेटीएम शेयर भी ग्रीन जोन में कारोबार कर रहे थे. 

31 अक्टूबर के बाद नहीं देना पड़ेगा सेस? GST काउंसिल ने दिए संकेत

नई दिल्ली वस्तु एवं सेवा कर परिषद की बैठक 3 सितंबर को होने जा रही है। इस बैठक में 31 अक्टूबर तक क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त करने पर चर्चा की जा सकती है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर 31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाला था। हालांकि, उपकर संग्रह को पहले ही समाप्त करने के लिए चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान राज्यों को राजस्व की कमी की भरपाई के लिए, लिए गए ऋण पूरी तरह से चुकाने के करीब पहुंच रहे हैं। यह पुनर्भुगतान 18 अक्टूबर के आसपास पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन सरकार सुचारू संचालन के लिए इसे अक्टूबर के अंत तक बढ़ा सकती है। सरकारी सूत्रों के हवाले से रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि उपकर संग्रह से लगभग 2,000-3,000 करोड़ रुपए का अधिशेष प्राप्त हो सकता है, जिसे केंद्र और राज्यों के बीच समान रूप से साझा किया जाएगा। कानून में क्षतिपूर्ति के लिए उपकर को केवल पांच वर्षों के लिए अनिवार्य किया गया था, क्योंकि राज्यों को चिंता थी कि 2017 में जीएसटी लागू होने पर उन्हें कर राजस्व का नुकसान होगा। इसलिए राज्य के राजस्व में कमी की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति उपकर लगाया गया था। केंद्र ने राज्यों की ओर से 2.69 लाख करोड़ रुपए उधार लिए और वित्तीय प्रबंधन में सहायता के लिए उन्हें ऋण के रूप में प्रदान किए। हालांकि, महामारी के दौरान लिए गए ऋणों के भुगतान हेतु, जब राजस्व में तेज गिरावट आई थी, इस उपकर को जून 2022 से मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया था। वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को क्षतिपूर्ति) अधिनियम, 2017 के अनुसार, ऋणों का भुगतान पूरा होने के बाद उपकर संग्रह बंद हो जाएगा। वित्त मंत्रालय ने सभी वस्तुओं पर 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो जीएसटी दरों के लिए जीएसटी परिषद को अपना प्रस्ताव भेजा है, जो मौजूदा चार स्लैब संरचना का स्थान लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुसार, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों को कम करने के उद्देश्य से एक नियोजित जीएसटी सुधार के माध्यम से नागरिकों को इस दिवाली दोहरा बोनस मिलेगा।

केंद्र का बड़ा आंकड़ा: भारत में 56.75 लाख इलेक्ट्रिक वाहन हुए पंजीकृत

नई दिल्ली भारत में तेजी के इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाया जा रहा है और फरवरी 2025 तक 56.75 लाख ईवी पंजीकृत हुए हैं। यह जानकारी सरकारी डेटा में दी गई। डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 25 में देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 11.49 लाख यूनिट्स रही थी, जो कि पिछले वित्त वर्ष के आंकड़े 9.48 लाख यूनिट्स से 21 प्रतिशत अधिक थी। यह आंकड़े बताते हैं कि लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। सरकार ने भी 2030 तक कुल वाहनों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। सरकार ईवी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेज अपनाना और निर्माण (फेम-2), पीएम ई-ड्राइव, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम, पीएम ई-बस सेवा शामिल हैं। फेम-2 की सफलता को देखते हुए सरकार ने फेम-3 स्कीम को शुरू किया है, जिसके तहत 16,29,600 ईवी वाहनों को सपोर्ट किया जा रहा है, जिसमें दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया वाहन और बस शामिल हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए, भारी उद्योग मंत्रालय ने मार्च 2023 में तीन तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन – को पूरे भारत में अपने ईंधन आउटलेट पर 7,432 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 800 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। मार्च 2024 में, 980 चार्जिंग स्टेशनों को अपग्रेड करने के लिए अतिरिक्त 73.50 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। 9,332 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पीसीएस की स्थापना के लिए कुल 912.50 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके तहत 30 जून, 2025 तक 8,885 इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) पीसीएस स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।