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सैमसंग का नया टैबलेट Galaxy Tab A11+ भारत में उपलब्ध, लंबे समय तक अपडेट्स का वादा

मुंबई  सैमसंग ने भारत में एक नया टैबलेट लॉन्च किया है, जिसका नाम Samsung Galaxy Tab A11+ है. सैमसंग ने अपनी गैलेक्सी ए सीरीज टेबलेट को दुनिया के कई ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया है और अब कंपनी ने अपने इस टैबलेट को भारत में भी लॉन्च कर दिया है. इस टैबलेट में 11 इंच की स्क्रीन, 7040mAh की बैटरी समेत कई खास फीचर्स के साथ लॉन्च किया गया है. आइए हम आपको सैमसंग के इस नए टैबलेट के बारे में बताते हैं. चार वेरिएंट्स की कीमत इस टैबलेट को कंपनी ने भारत में कनेक्टिविटी और स्टोरेज के लिहाज से कुल 4 वेरिएंट्स में लॉन्च किया है.     इसका पहला वेरिएंट 6GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसके सिर्फ Wi-Fi वाले मॉडल की कीमत 22,999 रुपये है.     इसका दूसरा वेरिएंट भी 6GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ आता है, लेकिन उसमें Wi-Fi + cellular (5G) सुविधा मिलती है, जिसकी कीमत 26,999 रुपये है.     इसका तीसरा वेरिएंट 8GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आता है, जिसके सिर्फ Wi-Fi वाले मॉडल की कीमत 28,999 रुपये है.     इसका चौथा वेरिएंट 8GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आता है, लेकिन उसमें Wi-Fi + cellular (5G) सुविधा मिलती है, जिसकी कीमत 32,999 रुपये है. Samsung Galaxy Tab A11+: स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स सैमसंग के इस नए टैबलेट में 11 इंच की TFT LCD स्क्रीन मिलती है, जिसका रिफ्रेश रेट 90Hz है. यह Dolby Atoms सपोर्ट वाले क्वॉड स्पीकर्स के साथ आता है. इसमें प्रोसेसर के लिए Mediatek MT8775 चिपसेट दिया गया है, जो 8GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आता है. यह Android 16 पर बेस्ड One UI 8 पर रन करता है. कंपनी का दावा है कि इस टैबलेट में 7 साल तक ऑपरेटिंग सिस्टम और सिक्योरिटी अपडेट्स दिए जाएंगे. इस टैबलेट के पिछले हिस्से पर 8MP का एक सिंगल रियर कैमरा दिया गया है, जो ऑटो फोकस के साथ आता है. इसमें सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 5MP का एक फ्रंट कैमरा दिया गया है. इसमें एक DeX mode भी दिया गया है, जो इस टैबलेट को पीसी में बदल देता है और फिर उसके साथ एक सपोर्टेड मॉनिटर और अलग से पेयरिंग होने वाला कीबोर्ड और माउस भी जोड़ा जा सकता है. इसके अलावा इस टैब में 25W की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 7,040mAh की बैटरी भी दी गई है.

रेसिंग लवर्स के लिए स्पेशल: लैंड रोवर का बाहुबली डिफेंडर लॉन्च

मुंबई  ब्रिटिश ऑटोमेकर लैंड रोवर ने अपनी नई Defender Dakar D7X-R को पेश कर रेसिंग प्रेमियों के बीच उत्साह की नई लहर दौड़ा दी है। यह मॉडल खासतौर पर 2026 के Dakar Rally और W2RC रैली-रेड सीजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी ने इसे एक आधिकारिक कार्यक्रम में नई और आकर्षक लिवरी के साथ दिखाया, जिसने ऑटो और रेसिंग दोनों ही दुनिया में चर्चा तेज कर दी। डिज़ाइन भले ही प्रोडक्शन मॉडल Defender OCTA से प्रेरित हो, लेकिन इसका रेसिंग-रेडी सेटअप इसे एक बिल्कुल अलग और शक्तिशाली मशीन बनाता है, जो FIA के स्टॉक-श्रेणी निर्देशों पर आधारित है। रेगिस्तान और कठिन इलाकों के लिए खास तैयारी Defender D7X-R को ऐसे बनाया गया है कि यह मुश्किल से मुश्किल रास्तों पर भी अपनी गति और संतुलन को बनाए रख सके। इसके बड़े 550 लीटर फ्यूल टैंक से लेकर रैली-स्पेक Bilstein सस्पेंशन तक, हर फीचर इसे लंबी और कठिन रैलियों के योग्य साबित करता है। 35-इंच के बड़े ऑफ-रोड टायर और ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस इसे रेगिस्तान, पथरीले पहाड़ों और ढीली सतह वाले इलाकों में मजबूती के साथ चलाते हैं। सुरक्षा के लिए मजबूत रोल-केज और एडवांस्ड एयर कूलिंग सिस्टम कार को रफ्तार और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर बेहतर बनाते हैं। ब्रेकिंग सिस्टम और गियरबॉक्स में किए गए अपग्रेड इसे पूरी तरह रेस-केंद्रित बनाते हैं। ड्राइविंग टेक्नोलॉजी और अंदरूनी फीचर्स Defender D7X-R की सबसे दिलचस्प खासियत इसका नया “Flight Mode” है। यह फीचर कार के हवा में उछलकर उतरने पर तुरंत टॉर्क को एडजस्ट करता है, जिससे लैंडिंग अधिक स्मूद होती है और ड्राइव-ट्रेन पर दबाव नहीं पड़ता। रेसिंग के दौरान हर सेकंड महत्वपूर्ण होता है, और यह तकनीक उसी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। केबिन पूरी तरह से FIA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिसमें रेसिंग सीट्स, हेड-अप डिस्प्ले और जरूरी उपकरणों के लिए पर्याप्त स्थान मौजूद है। ड्राइवर और को-ड्राइवर दोनों के लिए सुरक्षा और सुविधा से जुड़े एडवांस फीचर्स जोड़े गए हैं। कंपनी की रेसिंग प्लानिंग लैंड रोवर का लक्ष्य है कि यह बाहुबली मशीन 3 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली Dakar Rally में पहली बार ट्रैक पर उतरे। कंपनी मानती है कि D7X-R न केवल उनके रेसिंग इतिहास को आगे बढ़ाएगी, बल्कि ग्लोबल मोटरस्पोर्ट्स में उनकी मौजूदगी को और मजबूत करेगी। भारतीय रेसिंग प्रशंसकों के बीच भी इस मॉडल को लेकर उत्साह बढ़ रहा है, क्योंकि डिजाइन, क्षमताओं और तकनीक का यह संयोजन ब्रांड के लिए नई संभावनाएं खोलता दिख रहा है। नई Defender Dakar D7X-R के लॉन्च के साथ यह साफ है कि लैंड रोवर ने रेसिंग दुनिया में एक और दमदार चुनौती पेश कर दी है। इसकी रफ्तार, ताकत और नई तकनीकें इसे अपनी श्रेणी में एक अनोखा और चर्चित मॉडल बनाती हैं।

Gold-Silver Price Hike: चांदी में 3500 और सोने में 1200 रुपये की तेजी, देखें ताज़ा भाव

मुंबई  सोना-चांदी का भाव (Gold-Silver Price) एक बार फिर गदर मचा रहा है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर खुलने के साथ ही चांदी की कीमत (Silver Price) 3500 रुपये से ज्यादा उछल गई और अपने नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई. सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि सोने का वायदा भाव (Gold Rate) भी 1200 रुपये से ज्यादा चढ़ गया.  Silver नए हाई लेवल पर पहुंची सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत (Silver Price) के बारे में, तो एक बार फिर तूफानी तेजी से भागती नजर आ रही है. एमसीएक्स पर कारोबारी की शुरुआत होने पर ये कीमती धातु अपने पिछले बंद 1,74,981 रुपये प्रति किलो की तुलना में चढ़कर 1,76,452 रुपये पर खुली. इसके बाद वायदा कारोबार में ये तेज रफ्तार से भागने लगी और 15 मिनट के कारोबार के दौरान ही 1,78,489 रुपये के नए हाई लेवल पर जा पहुंची. इस हिसाब से चांदी 3,508 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई.  Gold Rate में भी तगड़ा उछाल  बात सोना भाव की करें, तो ये पीली धातु भी चांदी से कम नजर नहीं आ रही है. 5 फरवरी की एक्सपायरी वाला Gold Price खुलने के साथ ही चढ़ गया और 1,30,794 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता हुआ नजर आया. बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सोना 1,29,504 रुपये पर क्लोज हुआ था. यानी एक झटके में Gold 1290 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो गया.  अभी भी हाई से इतना सस्ता सोना भले ही सोने की कीमतों में फिर से तेज उछाल देखने को मिल रहा है, लेकिन Gold Rate अभी भी अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी नीचे बना हुआ है. बता दें कि एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का ऑल टाइम हाई लेवल 1,34,024 रुपये प्रति 10 ग्राम है और सोमवार को आए ताजा उछाल के बाद भी ये इस स्तर से अभी भी 4000 रुपये सस्ता मिल रहा है.  घरेलू मार्केट में सोना-चांदी का भाव बात अगर घरेलू बाजार में सोना और चांदी की कीमतों के बारे में करें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक, बीते शुक्रवार को 24 Karat Gold 1,26,591 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं दूसरी ओर चांदी तेजी रफ्तार से भागते हुए 1,64,359 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुई थी. बता दें कि आईबीजीए के रेट्स देशभर में एक समान रहते हैं, लेकिन ज्वेलरी खरीद पर ग्राहक को इस दाम में जीएसटी और मेकिंग चार्ज जोड़कर देना होता है, जिससे इनकी कीमत बढ़ जाती है. 

Apple का भारत में विस्तार तेज: 11 दिसंबर को नोएडा में खुलेगा पांचवां स्टोर

नोएडा  Apple ने घोषणा की है कि वह 11 दिसंबर को नोएडा के DLF मॉल ऑफ इंडिया में अपना पांचवां रिटेल स्टोर लॉन्च करेगा। यह दिल्ली-NCR का दूसरा स्टोर होगा। इससे पहले अप्रैल 2023 में दिल्ली में पहला स्टोर खुला था। बेंगलुरु में 2 सितंबर और पुणे में 4 सितंबर को स्टोर लॉन्च करने के बाद यह Apple का 2025 में तीसरा नया भारतीय आउटलेट होगा। नए नोएडा स्टोर में iPhone 17 सीरीज, M5 चिप वाले मैकबुक प्रो और 14 इंच मैकबुक प्रो जैसे कंपनी के नवीनतम डिवाइस उपलब्ध होंगे। कस्टमर यहां नए फीचर्स का अनुभव कर सकेंगे। साथ ही Apple के स्पेशलिस्ट, क्रिएटिव, जीनियस और बिजनेस टीम उपयोगकर्ताओं को एक्सपर्ट सपोर्ट प्रदान करेंगे। भारत में तेजी से बढ़ रहा है Apple का प्रभाव भारत Apple के लिए तेजी से उभरता हुआ प्रमुख बाजार बन गया है। IDC के अनुमान के मुताबिक, कंपनी 2025 में देश में 15 करोड़ iPhone बेच सकती है। इसके साथ ही Apple का मार्केट शेयर पहली बार 10% से अधिक हो सकता है। सितंबर तिमाही में Apple भारत का चौथा सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड बन गया, जहां कंपनी ने करीब 5 मिलियन यूनिट्स की बिक्री दर्ज की और सालाना 25% की वृद्धि हासिल की। Apple CEO टिम कुक कई एनालिस्ट कॉल में भारत को “स्टैंडआउट मार्केट” बता चुके हैं, जहां कंपनी लगातार 15 तिमाहियों से रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज कर रही है।

मारुति की इलेक्ट्रिक एंट्री: 2 दिसंबर को भारत में e-Vitara होगी उपलब्ध

मुंबई  मारुति सुज़ुकी भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपने अब तक के सबसे बड़े कदम की तैयारी कर रही है। कंपनी 2 दिसंबर 2025 को अपनी पहली पूरी तरह इलेक्ट्रिक SUV—e-Vitara—को लॉन्च करने जा रही है, जिससे ब्रांड एक नए दौर की ओर बढ़ेगा। इसे सबसे पहले भारत मोबिलिटी ऑटो एक्सपो 2025 में पेश किया गया था और तभी से यह मॉडल देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। खास बात यह है कि e-Vitara का विकास और उत्पादन दोनों भारत में ही किए जा रहे हैं, जो घरेलू EV निर्माण को नई दिशा देता है। वैश्विक मंच पर पहले ही बना चुकी है अपनी पहचान e-Vitara भले ही अभी भारतीय सड़कों पर दिखाई नहीं दी हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसकी मौजूदगी पहले ही मजबूत हो चुकी है। गुजरात के हंसलपुर प्लांट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया गया, जिसके साथ ही e-Vitara का पहला निर्यात बैच भी फ्लैग ऑफ किया गया। सितंबर से इसके आधिकारिक एक्सपोर्ट शुरू हुए और केवल अगस्त में ही 12 यूरोपीय देशों—जैसे यूके, जर्मनी, फ्रांस, नॉर्वे और स्वीडन—में लगभग 2,900 यूनिट भेजी जा चुकी थीं। कंपनी का लक्ष्य e-Vitara को 100 से अधिक देशों में निर्यात करना है, जिससे यह मारुति की पहली सच्ची ‘ग्लोबल इलेक्ट्रिक SUV’ बन सकती है। डिजाइन और डायमेंशन: आधुनिक लुक के साथ दमदार प्रेज़ेंस e-Vitara का डिजाइन बेहद साफ-सुथरी और आधुनिक लाइनों पर आधारित है। इसकी लंबाई 4,275 मिमी, चौड़ाई 1,800 मिमी और ऊंचाई 1,640 मिमी है, जबकि 2,700 मिमी का व्हीलबेस इसे पारंपरिक कॉम्पैक्ट SUVs जैसी मजबूत सड़क उपस्थिति देता है। यह एक नए लाइटवेट 3-in-1 इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम पर आधारित है, जिसमें मोटर, इन्वर्टर और ट्रांसमिशन को एक ही यूनिट में इंटीग्रेट किया गया है। इससे गाड़ी का वजन कम होता है और प्रदर्शन तथा कार्यक्षमता दोनों में सुधार मिलता है। बैटरी पैक और परफॉर्मेंस: लंबी रेंज और कई विकल्प मारुति सुज़ुकी e-Vitara को दो बैटरी विकल्पों के साथ बाजार में उतारेगी, जिनका उद्देश्य अलग-अलग जरूरतों वाले ग्राहकों को ध्यान में रखना है। 49 kWh बैटरी पैक वाला मॉडल फ्रंट-माउंटेड मोटर के साथ आता है, जो 144 hp की पावर और 189 Nm का टॉर्क पैदा करता है। यह रोजमर्रा की ड्राइविंग—चाहे शहरी हो या हाईवे—के लिए उपयुक्त है। बड़ा 61 kWh पैक 174 hp की अधिक शक्तिशाली आउटपुट प्रदान करता है। वैश्विक बाजारों में इसका एक ऑल-व्हील ड्राइव विकल्प भी उपलब्ध है, जिसमें पीछे एक अतिरिक्त 65 hp मोटर जोड़ी गई है। इससे कुल आउटपुट 184 hp और 300 Nm तक पहुंच जाता है। भारत में AWD वर्जन आएगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन टॉप-स्पेक वेरिएंट्स के 500 km से अधिक की रेंज देने की उम्मीद है, जो इसे अपनी श्रेणी की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली इलेक्ट्रिक SUVs में शामिल करता है। इंटीरियर: अब तक का सबसे प्रीमियम मारुति केबिन e-Vitara का इंटीरियर मारुति सुज़ुकी के अन्य मॉडलों की तुलना में कहीं अधिक प्रीमियम फील देता है। केबिन में 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 10.1-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम एक ट्विन-डेक फ्लोटिंग सेंटर कंसोल पर लगाया गया है, जो इसे मॉडर्न और हाई-टेक अपीयरेंस देता है। सॉफ्ट-टच मटीरियल, डुअल-टोन थीम और मल्टी-कलर एंबियंट लाइटिंग के साथ गाड़ी का माहौल और भी शानदार बनता है। आराम की बात करें तो वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, 10-वे पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और स्लाइड-रिक्लाइन-फोल्ड होने वाली 40:20:40 रियर सीट जैसे फीचर्स इसे बेहद व्यावहारिक बनाते हैं। फिक्स्ड-ग्लास सनरूफ और हार्मन ऑडियो सिस्टम के साथ केबिन का प्रीमियम अनुभव और बढ़ जाता है। सुरक्षा फीचर्स: मजबूत बॉडी और एडवांस ADAS सुरक्षा को e-Vitara के विकास में उच्च प्राथमिकता दी गई है। इसका बॉडी स्ट्रक्चर 50% से अधिक हाई-टेंसाइल स्टील से बनाया गया है और इसमें बैटरी सुरक्षा के लिए विशेष संरचना शामिल है। स्टैंडर्ड फीचर्स में सात एयरबैग, ऑल-डिस्क ब्रेक्स, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर प्रेशर मॉनिटर और e-Call इमरजेंसी अलर्ट शामिल हैं। इसके अलावा SUV लेवल-2 ADAS तकनीक से लैस है, जिसमें एडाप्टिव क्रूज़ कंट्रोल, लेन-कीपिंग असिस्ट और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसी सिस्टम शामिल हैं। इन फीचर्स के साथ e-Vitara मारुति सुज़ुकी की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शामिल हो जाएगी। चार्जिंग नेटवर्क और ओनरशिप इकोसिस्टम मारुति सुज़ुकी e-Vitara के साथ एक संपूर्ण EV इकोसिस्टम प्रदान करने की तैयारी में है। हर ग्राहक को स्मार्ट होम चार्जर और इंस्टॉलेशन सहायता दी जाएगी। इसके अलावा कंपनी देश के 100 बड़े शहरों में पब्लिक फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां हर 5–10 किलोमीटर पर चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होंगे। लंबे समय तक परेशानी-मुक्त ओनरशिप सुनिश्चित करने के लिए मारुति 1,500 से अधिक EV-रेडी वर्कशॉप भी स्थापित कर रही है, जो 1,000 से अधिक शहरों को कवरेज देंगी। मारुति सुज़ुकी के लिए ऐतिहासिक लॉन्च आधुनिक डिजाइन, दमदार रेंज, प्रीमियम इंटीरियर, वैश्विक एक्सपोर्ट रणनीति और मजबूत सुरक्षा फीचर्स के साथ e-Vitara कंपनी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण लॉन्च साबित होने जा रही है। यह न केवल मारुति सुज़ुकी के EV सफर की शुरुआत है, बल्कि इसे भारतीय इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में एक बड़ी प्रतिस्पर्धा पैदा करने की क्षमता भी प्रदान करती है।

स्टॉक ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म पर SEBI की कार्रवाई, 7 दिन के लिए लगाया प्रतिबंध

 नई दिल्‍ली शेयर मार्केट रेग्‍युलेटरी सेबी ने स्टॉक ब्रोकर प्रभुदास लीलाधर प्राइवेट लिमिटेड पर तगड़ा एक्‍शन लिया है. सेबी-रजिस्‍टर्ड स्टॉक ब्रोकर प्रभुदास लीलाधर प्राइवेट लिमिटेड पर 15 दिसंबर, 2025 से सात दिनों के लिए नए ग्राहकों को जोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह बैन सेबी और एक्‍सचेंजों के संयुक्‍त न‍िरीक्षण के बाद लगाया गया है, जिसमें जांच के समय क्‍लाइंट फंड मैनेज, सेटलमेंट और मार्जिन रिपोर्टिंग में कई खामियां पाई गई थीं.  यह मामला 2 नवंबर से 8 नवंबर, 2022 के बीच की गई जांच में 1 अप्रैल, 2021 से 31 अक्टूबर, 2022 तक के संचालन में पाया गया.जांच अधिकारियों ने पाया कि तीन नमूना डेट पर ब्रोकर का कैलकुलेशन किया गया, जिसमें कुल वैल्‍यू निगेटिव थी. इसमें कुल 2.70 करोड़ रुपये की कमी थी. सेबी ने कहा कि यह कमी क्लाइंट फंड के दुरुपयोग का संकेत है.  नियामक ने स्टॉक ब्रोकर को कस्‍टमर्स के अकाउंट का निपटान न करने के लिए भी फटकार लगाई. आदेश में विस्तार से बताया गया है कि 1,200 से ज्‍यादा कस्‍टमर्स के फंड सेटलमेंट अनिवार्य तिमाही या मासिक समय-सीमा के भीतर नहीं किया गया. जांच में क्‍या-क्‍या निकला?  सेबी का आदेश ग्रॉस-वैल्‍यू के निष्कर्षों से कहीं आगे जाता है. नियामक ने पाया कि ग्राहकों के चालू खातों का निपटान नहीं हुआ, 1283 नॉन-ट्रेडिंग कस्‍टमर्स (तिमाही) के कुल 36 लाख रुपये के फंड का समय पर निपटान नहीं किया गया,  677 मासिक गैर-व्यापारिक मामलों की राशि 2.85 करोड़ रुपये थी और तीन ट्रेडिंग कस्‍टमर्स तिमाही मामलों में 39 लाख रुपये शामिल थे.     इसके अलावा, ऑपरेशन संबंधी कमियों में दिन के अंत (EOD) और पीक मार्जिन की गलत रिपोर्टिंग भी शामिल थी. निरीक्षण में पाया गया कि ब्रोकर ने एक्सचेंज को ऐसे मार्जिन की जानकारी दी थी, जो वास्तव में वसूले ही नहीं गए थे और एक मामले में पीक मार्जिन का कलेक्‍शन कम हुआ था. कस्‍टमर्स पर जुर्माने का बोझ डाला साथ ही ब्रोकर को क्लियरिंग कॉर्पोरेशन द्वारा एडवांस मार्जिन की कम वसूली के लिए लगाए गए जुर्माने का बोझ अपने कस्‍टमर्स पर डालने का दोषी पाया गया. सेबी ने दोहराया कि सदस्यों को 'किसी भी परिस्थिति में' अपफ्रंट मार्जिन की कम वसूली के कारण क्लियरिंग कॉर्पोरेशन द्वारा लगाए गए जुर्माने का बोझ ग्राहकों पर डालने की अनुमति नहीं है.  ब्रोकर प्‍लेटफॉर्म ने क्‍या कहा?  प्रभुदास लीलाधर ने अपनी दलील में कहा कि कथित खामियां 'तकनीकी और प्रक्रियात्मक थीं, जानबूझकर नहीं' और कई गलतियों के लिए मैनुअल या लिपिकीय गलतियां जिम्मेदार हैं. ब्रोकर ने यह भी तर्क दिया कि वह अलग-अलग न्यायिक कार्यवाही में पहले ही 11 लाख रुपये का जुर्माना भर चुका है और नए कारोबार पर प्रतिबंध से उसकी प्रतिष्ठा और कर्मचारियों के मनोबल को स्‍थायी नुकसान होगा.  हालांकि सेबी के चीफ जनरल मैनेजर एन. मुरुगन ने कहा कि अतिरिक्त ब्रोकरेज की छोटी मात्रा और निरीक्षण के बाद सुधारात्मक कदम जैसे कारकों पर विचार किया गया, लेकिन उन्होंने ब्रोकर को दायित्व से मुक्त नहीं किया है. 

इकोनॉमी का सरप्राइज जंप! सितंबर क्वार्टर में GDP 8.2% बढ़ी, प्रोजेक्शन उलटे पड़े

नई दिल्ली  भारत की इकोनॉमी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2) के दौरान जीडीपी 8.2% की मजबूत दर से बढ़ी है, जो विशेषज्ञों के अनुमान से कहीं बेहतर है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 5.6 प्रतिशत की दर से इकोनॉमी बढ़ी थी। वहीं, ताजा ग्रोथ पिछली तिमाही यानी अप्रैल से जून की अवधि के 7.8% से भी ज्यादा है। इस बार के आंकड़े बताते हैं कि उपभोक्ता खर्च में जोरदार तेजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शानदार प्रदर्शन की वजह से जीडीपी ने 8 पर्सेंट के आंकड़े को पार कर लिया है । सितंबर तिमाही के जीडीपी ग्रोथ में जीएसटी कटौती का मामूली असर है। दरअसल, जीएसटी कटौती 22 सितंबर से लागू हुई है। इसका व्यापक असर दिसंबर तिमाही के जीडीप आंकड़ों में देखने को मिलेगा। ग्रामीण बाज़ार की वापसी ने भरा दम अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस मज़बूत ग्रोथ के पीछे आम जनता की बढ़ती मांग का बड़ा हाथ है। इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा के अनुसार, त्योहारी सीज़न से पहले शहरी मांग में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। साथ ही, कई सालों की सुस्ती के बाद ग्रामीण ख़र्च में भी एक सार्थक सुधार देखने को मिला है. यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि देश की GDP में 55% से 60% योगदान उपभोग (Consumption) का होता है, और यह इंजन अब फिर से तेज़ी पकड़ रहा है। Union Bank of India के अर्थशास्त्रियों ने Q2FY26 के लिए GDP को 7.5% रहने का अनुमान लगाया है। उन्होंने यह भी बताया कि सकल मूल्य वर्धित (GVA) ग्रोथ, जो उत्पादन पक्ष को दर्शाती है, वह भी बढ़कर 7.3% हो सकती है। SBI म्यूचुअल फंड की मुख्य अर्थशास्त्री नम्रता मित्तल का मानना है कि वास्तविक GDP ग्रोथ 8% तक भी जा सकती है, जो RBI के अनुमान से काफी अधिक है। उनका भी कहना है कि सरकार के खर्च ने इस ग्रोथ को मज़बूत सहारा दिया है। दूसरी छमाही के लिए चेतावनी हालांकि, इतने उत्साहजनक आंकड़ों के बावजूद, विशेषज्ञों ने एक चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में (अक्टूबर से मार्च) GDP के आंकड़े थोड़े कमज़ोर पड़ सकते हैं। इसका मुख्य कारण है कि जो सांख्यिकीय कारक अभी ग्रोथ को बढ़ा रहे हैं, वे धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे. इसके अलावा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी के कारण अमेरिकी टैरिफ का पूरा प्रभाव भी आने वाली तिमाहियों के आंकड़ों में नज़र आएगा। यह नाम मात्र की GDP ग्रोथ का धीमा पड़ना ही वह मुख्य चिंता है, जिस पर नीति-निर्माताओं को ध्यान देने की ज़रूरत होगी। बता दें Q2FY26 के GDP आंकड़े शुक्रवार, 28 नवंबर को जारी होने वाले हैं।

Meesho IPO 3 दिसंबर को लॉन्च, ₹5421 करोड़ का मौका निवेशकों के लिए

 नई दिल्ली अगर आप आईपीओ में निवेश (IPO Investment) का प्लान कर रहे हैं, तो फिर ये खबर आपके लिए खास है. ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली दिग्गज कंपनी मीशो अपना आईपीओ (Meesho IPO) ओपन करने जा रही है. 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ये आईपीओ अगले महीने की शुरुआत में 3 दिसंबर को खुलेगा. इसके लिए प्राइस बैंड से लेकर लॉट साइज तक का खुलासा कर दिया गया है. आइए जानते हैं आप कितनी रकम लगातार इस कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदार बन सकते हैं?  3 से 5 दिसंबर तक लगा सकेंगे पैसा ऑनलाइन कपड़े बेचने वाली कंपनी मीशो का आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए 3 दिसंबर को ओपन होगा और इसमें 5 दिसंबर तक यानी तीन दिन तक बोलियां लगाई जा सकेंगी. सॉफ्टबैंक समर्थित इस ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड का खुलासा भी कर दिया है, जो 105 रुपये से 111 रुपये प्रति शेयर तय किया या है. साइज की बात करें, तो मीशो ने अपने इश्यू के जरिए मार्केट से 5,421.20 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया है.  4250 करोड़ के नए शेयर जारी  मीशो आईपीओ के तहत कंपनी 4,250 करोड़ रुपये के नए शेयर निवेशकों के लिए जारी करेगी, तो वहीं प्रमोटर्स द्वारा 10.55 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी. आईपीओ का मैनेजमेंट कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन इंडिया, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी, एक्सिस कैपिटल और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया द्वारा किया जाएगा, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को इसका रजिस्ट्रार बनाया गया है.  10 दिसंबर को होगा मार्केट डेब्यू  Meesho IPO में 75% हिस्सा क्यूआईबी के लिए, 15% एनआईआई के लिए और 10% खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है. 5 दिसंबर को आईपीओ क्लोज होने के बाद शेयरों का अलॉटमेंट प्रोसेस 8 दिसंबर को किया जाएगा, तो वहीं रिफंड प्रोसेस इसके अगले दिन 9 दिसंबर को शुरू होगा. बोली लगाने वालों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट भी इसी दिन किए जाएंगे. जबकि शेयर मार्केट में Meesho Share की लिस्टिंग के लिए 10 दिसंबर की तारीख निर्धारित की गई है. ये लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर होगी.  15000 रुपये से कम में बनें पार्टनर  इस बड़ी कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदार बनने के लिए आपको महज 15,000 रुपये से भी कम खर्च करना होगा. दरअसल, कंपनी ने आईपीओ के तहत 135 शेयरों का लॉट साइज तय किया है. इसका मतलब है कि किसी भी निवेशक को कम से कम इतने शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कैलकुलेट करें, तो कम से कम 14,985 रुपये का निवेश करना होगा. फिर अगर आपका आईपीओ निकलता है, तो फिर Stock Market में लिस्टिंग पर होने वाले फायदे में आपकी हिस्सेदारी भी पक्की रहेगी. कोई निवेशक अधिकतम 13 लॉट या 1755 शेयरों के लिए बोली लगा सकता है और इसके लिए उसे 1,94,805 रुपये का निवेश करना होगा.   

केंद्र सरकार का मेगा बैंक मर्जर प्लान, जानें कौन-कौन से 6 बैंक हो सकते हैं विलय में शामिल

नई दिल्ली   केंद्र सरकार पॉलिसी रिफॉर्म को लेकर फिर से सक्रिय हो गई है। इसी कड़ी में सरकार, पीएसयू बैंकों के मर्जर (PSU Banks Merger) की दिशा में आगे बढ़ रही है। दरअसल, प्रधानमंत्री कार्यालय आम बजट से पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) में पॉलिसी रिफॉर्म को लेकर बड़े प्रस्तावों की समीक्षा करने वाला है। वित्तीय सेवा विभाग द्वारा तैयार किए गए इन सुधारों में नए सिरे से बैंकों का मर्जर, बोर्ड की स्वायत्तता में बढ़ोतरी और FDI लिमिट में सिस्टेमेटिक तरीके से वृद्धि के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, चुनिंदा सरकारी बैंकों के निजीकरण की घोषणा को लेकर भी बड़े ऐलान हो सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार, पीएसयू बैंक में 20 फीसदी की वर्तमान FDI लिमिट को बढ़ाकर 49% करने की योजना पर विचार कर रही है। इसके साथ ही सरकार 6 साल के लंबे अंतराल के बाद पीएसयू बैंकों में सुधार के अपने प्रयासों को फिर से शुरू कर सकती है, जिसका मकसद दुनिया के टॉप 20 बैंकों में 2 भारतीय बैंकों को शामिल करना है। इस मामले को लेकर इंटर-मिनिस्ट्रियल कंस्लटेशन पूरा होने वाला है, और प्राइम मिनिस्टर ऑफिस की आगामी समीक्षा के बाद, बजट से पहले इस पर फैसला लिए जाने की उम्मीद है। समझदारी भरा फैसला एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी (Challa Sreenivasulu Setty) ने ब्लूमबर्ग न्यूज को मुंबई में दिए एक इंटरव्यू में कहा, "कुछ और बैंकों का एकीकरण समझदारी भरा हो सकता है। अभी भी कुछ छोटे बैंक हैं जो बड़े पैमाने पर काम नहीं कर पा रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अगर विलय का एक और दौर होता है, तो यह कोई बुरी बात नहीं होगी।" एसबीआई की क्या है स्थिति पिछले दशक में हुए विलय की एक लहर के बाद अब 12 सरकारी बैंक बचे हैं। ये एचडीएफसी बैंक लिमिटेड और एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी जैसे निजी और विदेशी बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। 787 अरब डॉलर के बैलेंस शीट के साथ, एसबीआई उद्योग में सबसे आगे है। इसके पास 22,500 से अधिक शाखाएं और 500 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं। इस समय केंद्र सरकार बड़े सरकारी बैंकों को बनाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। यह सरकार की एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे और औद्योगिक परियोजनाओं को वित्तपोषित करने की आवश्यकता के अनुरूप है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, बैंक वित्तपोषण को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के वर्तमान 56% से बढ़ाकर लगभग 130% करना होगा। इससे जीडीपी में अपेक्षित दस गुना वृद्धि होकर लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। टॉप 100 बैंक में भारत के 2 बैंक इस समय कुल संपत्ति के हिसाब से केवल एसबीआई और एचडीएफसी बैंक ही शीर्ष 100 वैश्विक बैंकिंग सूची में शामिल हैं। ब्लूमबर्ग द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, चीन और अमेरिका के बैंक शीर्ष 10 में अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। हालांकि चीन और भारत दोनों को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में कुछ सबसे कठोर अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ा है, लेकिन भारत सरकार विदेशी निवेश को आकर्षित करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव का लाभ उठाने के लिए करों में कटौती सहित सुधार कर रही है। बैंकों के मर्जर से क्या फायदे इससे पहले सरकार 2017 और 2019-20 में कुछ सरकारी बैंकों का मर्जर कर चुकी है, जिसके बाद PSU बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 रह गई है। मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि बैंकों का मर्जर होने से बैंकों की बैलेंस सीट मजबूत होगी और बैंक भारत की बढ़ती लोन डिमांड को पूरा करने में ज्यादा सक्षम होंगे। बैंकों के मर्जर और विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाए जाने से जुड़ी खबरें पिछले कुछ महीनों से लगातार सामने आ रही है, जिसके चलते सरकारी बैंक शेयरों में काफी हलचल देखने को मिल रही है। 3 महीने के अंदर एसबीआई, पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य सरकारी बैंक शेयर 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए हैं। निर्यातकों को समर्थन जारी एसबीआई के चेयरमैन सेट्टी, जिन्होंने 2024 के अंत में यह पद संभाला, ने कहा कि हालांकि अमेरिकी टैरिफ के कारण निर्यात प्रभावित हुआ है, लेकिन एसबीआई को अभी तक किसी भी क्षेत्र में बड़ी समस्याएं नहीं दिखी हैं। उन्होंने कहा, "हम अपना एक्सपोजर कम नहीं कर रहे हैं, हम निर्यातकों का समर्थन करना जारी रख रहे हैं। यदि किसी अस्थायी समायोजन या सुविधा विस्तार की आवश्यकता होती है, तो हम उन्हें संबोधित कर रहे हैं।" एसबीआई में सरकार की कितनी हिस्सेदारी एसबीआई, जिसमें सरकार की 55% हिस्सेदारी है, कॉर्पोरेट द्वारा पूंजीगत व्यय में उद्योग-व्यापी पुनरुद्धार के संकेत देख रहा है, लेकिन ऋणों की कीमत कड़ी होती जा रही है। सेट्टी ने कहा, "कई बैंक कॉर्पोरेट पोर्टफोलियो बनाना चाहते हैं, लेकिन बड़े कॉर्पोरेट्स की संख्या सीमित है – इसलिए यह खंड अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बना रहेगा।" पिछले महीने, बैंक ने अपने चालू वर्ष के लिए क्रेडिट ग्रोथ के अपने पूर्वानुमान को 11% से 12% से बढ़ाकर 12% से 14% कर दिया था। अभी कितने सरकारी बैंक आप जान ही चुके हैं कि इस समय देश में सरकारी बैंकों की संख्या 12 है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूको बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का लंबी अवधि का लक्ष्य है कि सरकारी बैंकों की संख्या 12 से घटाकर 6-7 मजबूत और प्रतिस्पर्धी संस्थानों तक लाई जाए. इससे बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत होगी, लोन देने की क्षमता बढ़ेगी, कामकाज बेहतर होगा और खासतौर पर भारत के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सपोर्ट करने के लिए बड़ी क्षमता वाले बैंक तैयार होंगे.

Mahindra की नई 7-सीटर SUV XEV 9S हुई लॉन्च, जानें रेंज और कीमत

मुंबई   Mahindra & Mahindra ने करीब एक साल पहले अपनी पहली 'इलेक्ट्रिक ओरिजिन' एसयूवी की शुरुआत की थी, जिसके बाद अब कंपनी ने अपना लेटेस्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), Mahindra XEV 9S को लॉन्च कर दिया है, जिसके Pack One Above वेरिएंट की शुरुआती कीमत 19.95 लाख रुपये है. कार निर्माता कंपनी के इलेक्ट्रिक एसयूवी पोर्टफोलियो में इस नए मॉडल को टॉप पर फिट गया है. Mahindra XEV 9S कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी बैटरी चालित कार है, और इसके bespoke EV आर्किटेक्चर पर आधारित तीसरी कार है. Mahindra & Mahindra ने जानकारी दी है कि पैक टू एबव की कीमत 24.45 लाख रुपये (70 kWh) और 25.45 लाख रुपये (79 kWh) होगी, पैक थ्री की कीमत 27.35 लाख रुपये और पैक थ्री एबव की कीमत 29.45 लाख रुपये (सभी कीमतें, एक्स-शोरूम) है. XEV 9S की टेस्ट ड्राइव 5 दिसंबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बुकिंग 14 जनवरी को शुरू होगी और इसकी डिलीवरी 23 जनवरी से शुरू होगी. Mahindra XEV 9S का डिजाइन इस कार के एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो पहली नजर में Mahindra XEV 9S दहन-इंजन वाले XUV700 के समान दिख सकती है, क्योंकि यह एक समान सिल्हूट को अपनाता है. हालांकि, स्टाइलिंग टच इसे XEV 9E के काफी करीब ले जाता है. आकार के बारे में बात करें तो Mahindra XEV 9S काफी हद तक XUV700 के समान है, इसकी ऊंचाई लगभग समान (1,745 मिमी) है लेकिन इसका व्हीलबेस थोड़ा लंबा 2,762 मिमी है. Mahindra XEV 9S का पावरट्रेन मौकेनिकल तौर नई Mahindra XEV 9S कमोबेश XEV 9E के समान है, क्योंकि यह समान इंग्लो आर्किटेक्चर पर आधारित है. इसके साथ ही इसमें समान बैटरी विकल्प – 59 kWh और 79 kWh का इस्तेमाल ही किया गया है. Mahindra XEV 9S को पावर देने के लिए इसमें वहीं मोटर सेटअप मिलता है, जो अन्य इलेक्ट्रिक ओरिजिन एसयूवी में पाए जाते हैं. इसकी इलेक्ट्रिक मोटर 228 बीएचपी की पावर और 282 बीएचपी का पावर प्रदान करती है, जबकि टॉर्क सभी वेरिएंट के लिए 380 एनएम पर एक समान है. Mahindra के मुताबिक, यह Mahindra XEV 9S को 70 लाख रुपये से कम कीमत वाली सबसे तेज सात सीटों वाली एसयूवी बनाने में मदद करता है, जिसकी टॉप स्पीड 202 किमी प्रति घंटा है. इस कार का 228 बीएचपी मॉडल 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 7.9 सेकंड में हासिल कर सकता है, और इसका 282 बीएचपी वर्जन इस रफ्तार को हासिल करने के लिए 7 सेकंड लेता है. हालांकि, Pack Two Above पर एक तीसरा बैटरी विकल्प – एक 70 kWh यूनिट मिलता है.