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राज ठाकरे की विवादित चेतावनी, यूपी-बिहार के लोगों को कहा-

मुंबई  MNS यानी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश और बिहार का मुद्दा छेड़ दिया है। उन्होंने हिंदी भाषा को लेकर चेतावनी दी है कि वह अन्य राज्यों से आने वाले अप्रवासियों को 'लात मारकर' बाहर कर देंगे। रविवार को राज ने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर रैली की। बृह्नमुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज ने कहा, 'यूपी और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है। मुझे भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर आप इसे थोपने की कोशिश करेंगे, तो मैं आपको लात मारकर बाहर कर दूंगा।' उन्होंने कहा, 'वो हर तरफ से महाराष्ट्र में आ रहे हैं और आपका हिस्सा ले जा रहे हैं। अगर जमीन और भाषा चली गई, तो आप खत्म हो जाएंगे।' उन्होंने कहा, 'यह मराठी मानुष के लिए आखिरी चुनाव है। अगर आप आज मौका छोड़ देते हैं, तो आप खत्म हो जाएंगे। मराठी और महाराष्ट्र के लिए एक हो जाएं।' उन्होंने कहा, 'मुंबई कई लोगों की कुर्बानी के बाद मिली है। हम उन लोगों को क्या जवाब देंगे।' इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा, 'सुबह 6 बजे के लिए तैनात किए गए बीएलए तैयार रहें। अलर्ट रहें, चौकस रहें, लापरवाही न बरतें। अगर कोई भी दोबारा वोट करने आता है, तो उन्हें बाहर फेंक दें।' उद्धव ठाकरे ने क्या कहा राज के बाद रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा मुंबई का नाम बदलकर 'बंबई' रखना चाहती है। उन्होंने इसके लिए तमिलनाडु के भाजपा नेता के अन्नामलाई की टिप्पणियों का हवाला दिया। चुनाव से पहले भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उद्धव ने कहा, 'भाजपा का हिंदुत्व और राष्ट्रवाद नकली है।' उन्होंने कहा, 'भाजपा एक ऐसी पार्टी बन गई है जो राष्ट्र को पहले रखने की बजाय भ्रष्टाचार को पहले रखती है।'

चिराग पासवान बोले: कांग्रेस ने मनरेगा के नाम पर जनता को गुमराह किया

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने रविवार को कांग्रेस पर MGNREGA सहित सरकारी योजनाओं को लेकर डर फैलाकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। "लोगों में डर पैदा करने की राजनीति कर रही कांग्रेस" यहां पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा, "कांग्रेस और RJD जैसी पार्टियां CAA, NRC, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और VB-G RAM G जैसे कानूनों और योजनाओं के बारे में गुमराह करने वाली बातें फैलाकर लोगों में डर पैदा करने की राजनीति कर रही हैं।" महात्मा गांधी की विरासत का हवाला देकर MGNREGA का नाम बदलने को लेकर विपक्ष पर सनसनी फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि NDA नए योजना, VB-G RAM G के नाम के बजाय उसके गुणों पर बहस करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि वे चुनावी सूचियों के विशेष गहन संशोधन जैसे "महत्वपूर्ण और नियमित" अभ्यास को भी चुनौती देते हैं, और कहा कि "बिहार के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से उनके वोट चोरी के आरोपों का जवाब दिया है।" उन्होंने कहा, "जिस तरह उन्होंने SIR को लेकर हंगामा करके हमें बिहार जीतने में मदद की, उसी तरह वे VB-G RAM G को मुद्दा बनाकर पश्चिम बंगाल और असम जीतने में हमारी मदद करेंगे।" पासवान ने VB-G RAM G अधिनियम का बचाव करते हुए इसे भारतीय राष्ट्र के "संघीय ढांचे की तर्ज पर सामूहिक जिम्मेदारी" का प्रतीक बताया। उन्होंने दावा किया, "कांग्रेस और RJD का दावा है कि VB-G RAM G अधिनियम ने राज्यों पर योजना के लिए कुल बजट में उनके योगदान को बढ़ाकर अतिरिक्त बोझ डाला है। उन्हें यह एहसास नहीं है कि यह देश के संघीय ढांचे की तर्ज पर सामूहिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।" "मनरेगा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था" केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि MGNREGA में ऐसी "सामूहिक जिम्मेदारी" की कमी ही इसकी विफलता का सबसे बड़ा कारण था, क्योंकि राज्यों ने "स्वामित्व की भावना" नहीं अपनाई। उन्होंने दावा किया कि VB-G RAM G ने काम के दिनों की संख्या बढ़ा दी है, "मिट्टी खोदने" से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की ओर बदलाव किया है, और कमियों को दूर करने के लिए बेहतर निगरानी सुविधाओं को सुनिश्चित किया है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "वे राज्यों पर बोझ को लेकर क्यों चिंतित हैं? वैसे भी कितने राज्यों में उनकी सरकार है? उन्हें राज्यों की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि हम बाकी राज्यों में भी डबल-इंजन सरकार बनाएंगे, जिसमें पश्चिम बंगाल और दक्षिण के राज्य भी शामिल हैं।" चिराग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इसलिए चिंतित है क्योंकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने एक ऐसी योजना को खत्म कर दिया है "जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार करने के लिए बनाया था।" उन्होंने कहा, "मनरेगा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था और इससे सिर्फ़ बिचौलिए ही फ़ायदा उठा रहे थे, गरीब लोगों को कोई फ़ायदा नहीं हुआ।"

BMC चुनाव में महायुति का बड़ा ऐलान, AI तकनीक से बांग्लादेशियों की होगी ट्रैकिंग

नई दिल्ली महायुति गठबंधन ने रविवार को मुंबई में होने वाले नगर निकाय चुनावों (BMC Elections) के लिए घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) जारी किया, जिसमें टेक्नोलॉजी-आधारित शासन का वादा किया गया है। बेस्ट की बसों में महिलाओं के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट और शहर को एआई की मदद से बांग्लादेशी प्रवासियों से मुक्त करने का वादा किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जिन्होंने यह दस्तावेज जारी किया, ने कहा कि बीजेपी-शिवसेना-आरपीआई (ए) गठबंधन पुरानी नागरिक समस्याओं से निपटने और नागरिकों के मोबाइल फोन तक सेवाएं पहुंचाने के लिए जापानी टेक्नोलॉजी को स्थानीय प्रशासन के साथ जोड़ेगा। घोषणापत्र में भ्रष्टाचार को कम करने, क्लीयरेंस में तेजी लाने और सर्विस डिलीवरी में सुधार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा, "शहर ने नागरिक शासन में 25 साल की अक्षमता देखी है, और अब मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि हमें नागरिक प्रशासन में पारदर्शिता लाने का मौका दें।" फडणवीस ने कहा, "हमारा लक्ष्य भ्रष्टाचार मुक्त नगर निगम है और आपके मोबाइल पर नगर पालिका पहल और बिल्डिंग अप्रूवल में तेजी लाने और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए AI-संचालित प्लेटफॉर्म की रूपरेखा बताई। उन्होंने छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस करने के लिए सभी नगर निगम स्कूलों में एआई लैब का भी वादा किया। परिवहन और महिलाओं की सुरक्षा घोषणापत्र में प्रमुखता से शामिल थे। फडणवीस ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) बेड़े को लगभग 5,000 से बढ़ाकर 10,000 बसें करना, इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करना और महिला यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत की छूट देना है। उन्होंने कहा कि नई मिडी और मिनी सेवाएं मेट्रो और रेलवे स्टेशनों के आसपास लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी। फडणवीस ने कहा, "हम मुंबई को बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं से मुक्त करेंगे। आईआईटी की मदद से, हम बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक एआई टूल विकसित करेंगे।" उन्होंने कहा कि जलवायु कार्य योजना के लिए 17,000 करोड़ रुपये का वादा किया गया है, जिसके तहत एक सर्कुलर अर्थव्यवस्था तैयार की जाएगी। धारावी पुनर्विकास परियोजना के बारे में बात करते हुए, फडणवीस ने कहा कि क्षेत्र में छोटे व्यवसायों के अपग्रेडेशन को सुनिश्चित करने के लिए एक इकोसिस्टम बनाया जाएगा, और यहां तक ​​कि अयोग्य निवासियों को भी शामिल किया जाएगा। घोषणापत्र में बाढ़ मुक्त मुंबई योजना का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें वादा किया गया है कि जापानी तकनीकों को अपनाकर और IIT और VJTI जैसे संस्थानों के साथ मिलकर उपायों के माध्यम से पांच साल के भीतर शहर को जलभराव से मुक्त कर दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) का एक रिसर्च ग्रुप शहर की टोपोग्राफी का अध्ययन करेगा, और इस प्लान में चार नए अंडरग्राउंड बाढ़ के पानी के टैंक बनाना और मौजूदा ड्रेनेज लाइनों को ठीक करना शामिल है।  

ओवैसी का बयान- हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, नितेश राणे ने कहा- कोई चांस नहीं

 सोलापुर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को सोलापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक प्रावधानों की तुलना करते हुए समान नागरिक अधिकारों पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को समान अवसर देता है, जबकि पाकिस्तान के संविधान में प्रधानमंत्री पद के लिए धार्मिक शर्तें तय की गई हैं. ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान के संविधान में साफ तौर पर लिखा है कि केवल एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है लेकिन बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान में यह स्पष्ट है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है. उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया. ओवैसी ने युवाओं और अल्पसंख्यक समुदायों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की और कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से ही सामाजिक बदलाव संभव है. उन्होंने यह भी कहा कि देश की विविधता ही उसकी पहचान है और इसे कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत बनाने की जरूरत है. ओवैसी ने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और किसी भी तरह के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है.  भाजपा ने ओवैसी के बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया इस बीच, ओवैसी के बयान पर सियासी विवाद भी तेज हो गया है. ओवैसी के इस बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नीतीश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी. राणे ने कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यहां हिजाब या बुर्का पहनने वाली महिलाएं प्रधानमंत्री या मुंबई की मेयर नहीं बनेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग ऐसे पदों की आकांक्षा रखते हैं उन्हें इस्लामिक देशों में जाना चाहिए.  नीतीश राणे की टिप्पणी पर AIMIM नेता वारिस पठान ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत संविधान से चलता है न कि किसी की व्यक्तिगत सोच से. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, राज्यपाल या मेयर बन सकता है. पठान ने कहा कि ओवैसी के बयान में कुछ भी गलत नहीं है और AIMIM किसी भी तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं है. इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी ओवैसी की आलोचना की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने ओवैसी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर संविधान की बात करते हैं तो पहले AIMIM में किसी पसमांदा या हिजाब पहनने वाली महिला को पार्टी अध्यक्ष बनाकर दिखाएं.  बता दें, ये विवाद ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है. हाल ही में न्यूयॉर्क में दक्षिण एशियाई मूल के मुस्लिम नेता जोहरान ममदानी की मेयर चुनाव में जीत के बाद, मुंबई बीजेपी प्रमुख अमित सातम के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी विवाद को जन्म दिया था. सातम ने कहा था कि मुंबई में किसी खान को मेयर नहीं बनने दिया जाएगा जिसे लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई थी.  हिजाब पहनने वाली बेटी बनेगी देश की प्रधानमंत्री: ओवैसी AIMIM प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि उनका सपना है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने. उन्होंने कहा कि यह सपना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस संविधान की भावना का प्रतीक है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है. ओवैसी ने कहा कि भारत का संविधान धर्म, जाति और पहनावे के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव की अनुमति नहीं देता.  असदुद्दीन ओवैसी ने क्या गलत कहा- वारिस पठान नीतीश राणे के बयान पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा, “भारत का संविधान इस देश को शासित करता है और इसके अनुसार कोई भी प्रधानमंत्री, राज्यपाल या महापौर बन सकता है।” उन्होंने (असदुद्दीन ओवैसी ने) क्या गलत कहा? उन्होंने कहा कि हमारी यही इच्छा है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बने। जो मुझे धमकी दे रहा है, वह मुझे बताए कि मुझे कहां आना चाहिए? हम उनकी धमकियों से नहीं डरते।

NCP विवाद पर अजीत पवार का संकेत: दोनों ओर के कार्यकर्ता एक साथ, पारिवारिक मतभेद समाप्त

मुंबई महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजीत पवार का कहना है कि एनसीपी के दोनों गुट के कार्यकर्ता एक होना चाहते हैं और पवार परिवार के अंदर सभी तनाव खत्म हो गए हैं। मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में अजीत पवार ने कहा, "दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता एक होना चाहते हैं। दोनों एनसीपी अब साथ हैं। हमारे परिवार में सभी तनाव खत्म हो गए हैं।" लगभग दो साल पहले शरद पवार की एनसीपी से अजीत पवार ने बगावत कर दी थी और महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा बन गए थे। इसके बाद पार्टी दो धड़ों में बंट गई थी। एक एनसीपी के प्रमुख अजीत पवार बने, जबकि दूसरा धड़ा शरद पवार की एनसीपी के साथ रहा। अब एनसीपी के दोनों गुट एक बार फिर से साथ आए हैं और पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, पिछले दिनों अजीत पवार ने यह भी कहा था कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पर उनकी हालिया टिप्पणियों को मीडिया मे गलत तरीके से पेश किया था जबकि उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया था। अजीत पवार ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, "मीडिया ने मेरे बयान को अलग तरह से पेश किया। मैंने आरोप नहीं लगाया था। महाराष्ट्र सरकार अच्छा काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में अच्छा काम हो रहा है। मैंने यही कहा था लेकिन मेरा पूरा बयान नहीं दिखाया गया। मैंने इसी आधार पर बयान दिया था।" उन्होंने मीडिया से कहा कि उनका बयान इस बात को उजागर करने के उद्देश्य से था कि महाराष्ट्र सरकार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रभावी रूप से काम कर रही है लेकिन उनके बयान के केवल चुनिंदा अंश ही प्रसारित किए गए। उन्होंने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकारें महाराष्ट्र में विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित कर रही हैं , हालांकि कार्यान्वयन में कमियों के कारण स्थानीय स्तर पर अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा, "केंद्र और राज्य सरकारें महाराष्ट्र के हर कोने में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करा रही हैं। केंद्र या राज्य सरकार द्वारा कोई भी विकास योजना लंबित नहीं रखी जा रही है।" पवार ने आगे कहा, "लेकिन सवाल यह है कि पिछले कई वर्षों से एक ही नेतृत्व में चल रहे नगर निगमों की क्या स्थिति रही है?"

आवारा कुत्तों पर टिप्पणी पड़ी भारी, सुप्रीम कोर्ट ने शर्मिला टैगोर को दिखाई जमीनी सच्चाई

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के तर्कों को खारिज कर दिया। अदालत ने इसे पूरी तरह से वास्तविकता से कटा हुआ करार दिया। एससी ने उनके वकील की ओर से दिए गए उदाहरणों को एक-एक कर खारिज करते हुए कहा, 'सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों की मौजूदगी को महिमामंडित करने की कोशिश न की जाए।' एम्स परिसर में वर्षों से रह रहे एक कुत्ते गोल्डी के उदाहरण पर कोर्ट ने यह टिप्पणी की। बेंच ने कहा, 'आप वास्तविकता से पूरी तरह अलग हैं। अस्पतालों में इन कुत्तों को महिमामंडित न करें।' कोर्ट ने चेतावनी दी कि सड़क पर रहने वाले किसी भी कुत्ते में टिक्स होने की संभावना होती है, जो अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों में गंभीर हो सकते हैं। शर्मिला टैगोर के वकील ने तर्क दिया कि आक्रामक कुत्तों को पहले विशेषज्ञ समिति की ओर से पहचाना जाना चाहिए। इसके बाद कोई कदम उठाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि कुत्तों के व्यवहार का आकलन करने के लिए एक्सपर्ट्स कमिटी गठित की जाए और आक्रामक व सामान्य कुत्तों में अंतर किया जाए। साथ ही, काटने वाले कुत्तों की पहचान के लिए कलर-कोडेड कॉलर का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रखा गया, जैसा कि जॉर्जिया और आर्मेनिया जैसे देशों में किया जाता है। हालांकि, कोर्ट ने इस पर भी आपत्ति जताई और पूछा कि उन देशों की जनसंख्या क्या है। आपको हकीकत देखनी चाहिए। अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या कहा सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि न्यायिक हस्तक्षेप केवल उन क्षेत्रों में होना चाहिए जहां विधायिका ने जानबूझकर कानून नहीं बनाया है। उन्होंने अरावली पहाड़ियों के मामले का हवाला देते हुए चेताया कि बिना डोमेन विशेषज्ञों के समिति के फैसले से नई व्यवस्था खड़ी हो सकती है। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनते हुए मामले की सुनवाई जारी रखी है, जिसमें सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन पर जोर दिया जा रहा है।  

‘नेहरू के कुछ फैसलों के कारण चीन से हारे’, शशि थरूर ने पूर्व पीएम को लेकर किया बड़ा बयान

नई दिल्ली देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को लेकर तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है. शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि वह भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं, मगर उनकी तारीफ आलोचना से खाली नहीं है. शशि थरूर ने माना कि नेहरू के कुछ फैसलों के कारण 1962 में भारत को चीन से हार मिली, मगर हर चीज के लिए नेहरू को दोषी ठहराना ठीक नहीं. शशि थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि नेहरू की गलतियों को मानना ​​जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए उन्हें दोष देना गलत है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ‘मैं जवाहरलाल नेहरू का प्रशंसक हूं, लेकिन आंख बंद करके समर्थन नहीं करता. मैं उनकी सोच और दृष्टिकोण की बहुत सराहना करता हूं और उनके प्रति गहरा सम्मान रखता हूं. हालांकि मैं उनकी सभी नीतियों और विचारों से सौ फीसदी सहमत नहीं हूं. उन्होंने जो कई काम किए, वे सबसे ज्यादा सराहना के योग्य हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया… मैं यह नहीं कहूंगा कि मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी है, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं. नेहरू को एक सॉफ्ट टारगेट यानी आसान निशाना बना दिया गया है.’ नेहरू के फैसलों की आलोचना साल 1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए शशि थरूर ने कहा कि मौजूदा सरकार की पंडित नेहरू पर की जा रही आलोचना का कुछ आधार हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए 1962 में चीन के खिलाफ मिली हार को कुछ हद तक नेहरू के फैसलों से जोड़ा जा सकता है. लेकिन अब जो हो रहा है, वह यह है कि नेहरू को हर बात के लिए दोषी ठहराया जाता है, चाहे मुद्दा कुछ भी हो.’ उन्होंने कहा, 'सबसे जरूरी यह है कि नेहरू ही थे, जिन्होंने भारत में लोकतंत्र स्थापित किया…। मैं ये नहीं कहूंगा कि वो (मोदी सरकार) लोकतंत्र के विरोधी हैं, लेकिन वो नेहरू विरोधी जरूर हैं। नेहरू को आसान बली का बकरा बना दिया गया है।' उन्होंने कहा, 'कुछ मामलों में उनका (मोदी सरकार की) आलोचना का आधार हो सकता है। उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ हार का कुछ श्रेय नेहरू के कुछ फैसलों को दिया जा सकता है।' पार्टी लाइन पर दी थी सफाई थरूर ने सोमवार को कहा कि वह कभी भी पार्टी लाइन से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा सवाल यह है कि किसने कहा कि मैंने पार्टी की विचारधारा का उल्लंघन किया है? मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की है, लेकिन अधिकतर मामलों में पार्टी और मैं एक ही रुख पर कायम रहे हैं।' थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में मंत्रियों के सामने जो सवाल उठाए थे, उनकी एक स्पष्ट दिशा थी और पार्टी को उनसे परेशान नहीं होना चाहिए। यादों की गलियों में सफर अपनी यादों को ताजा करते हुए शशि थरूर ने बताया कि उन्हें पढ़ने का शौक बचपन में ही लग गया था, जब न टीवी था और न ही मोबाइल फोन. कांग्रेस सांसद ने याद किया कि उन्होंने पहली बार बहुत कम उम्र में ही उपन्यास लिखा था, लेकिन बाद में वह स्याही गिरने की वजह से खो गया. शशि थरूर ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में पढ़ने की आदतें कम हो रही हैं, लेकिन केरल में पढ़ने की संस्कृति अब भी आगे है. कांग्रेस नेता ने दिल्ली के प्रसिद्ध सेंट स्टीफन कॉलेज के अपने कॉलेज के दिनों को भी याद किया, जहां उन्होंने एक बार मंच पर एंटनी का किरदार निभाया था और फिल्म निर्माता मीरा नायर ने क्लियोपेट्रा की भूमिका निभाई थी.

दिल्ली में TMC सांसदों का हंगामा: गृह मंत्रालय के बाहर 8 सांसदों का धरना, ममता ने कराई FIR

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है. गुरुवार को, कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी और इलेक्शन मैनेजमेंट कंपनी I-PAC के दफ्तर में ईडी ने छापा मारा. इस दौरान सीएम ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं और इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. बंगाल में ईडी के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज किया गया है. इसके साथ ही, मामला कोर्ट भी पहुंच गया है. TMC ने कोर्ट से ED की कार्रवाई को गैर-कानूनी घोषित करने और पार्टी के सभी गोपनीय दस्तावेज़ तुरंत वापस करने के निर्देश देने की मांग की है. इससे पहले दिन में, ED ने एक याचिका दायर की और दावा किया कि ये छापे 'बंगाल कोयला खनन' घोटाले से जुड़े थे और ममता पर आधिकारिक जांच में 'बाधा डालने' का आरोप लगाया है. प्रदर्शन में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे प्रमुख सांसद शामिल हैं। टीएमसी सांसद ईडी की कोलकाता में आई-पैक कार्यालयों और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया और महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया है। TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा हिरासत में त्रिणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद रेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा को पुलिस ने हिरासत में लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब दोनों सांसद केंद्र के गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा 'हम भाजपा को हराएंगे। पूरा देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा व्यवहार कर रही है।' वहीं सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी कहा 'आप देख रहे हैं कि यहां सांसदों के साथ क्या हो रहा है।    बंगाल में ईडी की कार्रवाई का विरोध, तृणमूल सांसदों ने गृह मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन किया टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तथा डेटा को हाथ लगाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाया गया है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई चुनाव वर्ष में राजनीतिक दबाव पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें टीएमसी नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय की I‑PAC के खिलाफ छापेमारी का विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणियां कीं।  TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "ED ने गलत तरीके से छापे मारे हैं, और यह अलोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने की कोशिश है, बीजेपी इस तरह से चुनाव नहीं जीत पाएगी…" सिर्फ चुनाव के दौरान ED, CBI TMC सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि कल ED की टीम भेजी और उन्हें चुनाव के समय सब कुछ याद आता है, वे सिर्फ जीतने के लिए चुनाव के दौरान ED, CBI की टीमें भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीतेंगे…" प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ ममता बनर्जी ने आज यानी शुक्रवार को विरोध मार्च निकालने की का ऐलान किया है. उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और चुनावों से पहले TMC को डराने की कोशिश बताया. बंगाल कांग्रेस ने भी ईडी की छापेमारी का विरोध किया है. विपक्ष आए दिनों यह आरोप लगाता रहता है कि मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए उनके नेताओं को जानबूझकर और चुन-चुनकर निशाना बना रही हैं. 

महिला आरक्षण से खिलवाड़ का आरोप, शिमला महापौर से इस्तीफे की मांग पर उतरी भाजपा

शिमला भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने नगर निगम शिमला के महापौर का कार्यकाल ढाई वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष किए जाने के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा शहरी विकास विभाग को नोटिस जारी करने और राज्य सरकार को अंतिम अवसर देने पर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणी और नोटिस इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस सरकार ने कानून, संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर अध्यादेश लाया। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा यह स्पष्ट किया जाना कि सरकार को अब अंतिम मौका दिया जा रहा है, यह दर्शाता है कि सरकार अब तक अदालत को संतोषजनक जवाब देने में असफल रही है। इससे यह साफ होता है कि महापौर का कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय पूरी तरह मनमाना, असंवैधानिक और राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि याचिका में यह तथ्य सामने आया है कि सरकार द्वारा लाया गया अध्यादेश हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम की धारा 36 के खिलाफ है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने न केवल इसे लागू किया, बल्कि इसे राज्यपाल के पास भेजा, जहां से भी इसे स्वीकृति नहीं मिली। यह कांग्रेस सरकार की प्रशासनिक और संवैधानिक विफलता को उजागर करता है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि रोस्टर के अनुसार नगर निगम शिमला के महापौर का पद महिला के लिए आरक्षित था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने अध्यादेश लाकर महिला आरक्षण का खुला उल्लंघन किया। महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाली कांग्रेस सरकार ने एक महिला को महापौर बनने का अवसर जानबूझकर छीना, जो बेहद शर्मनाक है। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि अब जबकि मामला न्यायालय में गंभीर रूप ले चुका है और सरकार को नोटिस जारी हो चुके हैं, शिमला नगर निगम के वर्तमान महापौर को नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए, ताकि लोकतंत्र और महिला आरक्षण की गरिमा बनी रहे और एक महिला को नेतृत्व का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है। यदि कांग्रेस सरकार ने अब भी अपनी गलती नहीं मानी और रोस्टर व्यवस्था का सम्मान नहीं किया, तो भाजपा इस मुद्दे को जनहित का विषय बनाकर शिमला से लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।

BMC मेयर चुनाव: फडणवीस का ऐलान, मराठी हिंदू ही होगा मेयर, पठान ने की थी बुर्के की चर्चा

मुंबई 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी (BMC) चुनावों से ठीक पहले मुंबई की सियासत गरमा गई है। 'मुंबई मंथन' कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि देश की सबसे अमीर महानगरपालिका का अगला मेयर एक मराठी हिंदू ही होगा। फडणवीस का यह बयान विपक्षी दलों और विशेषकर AIMIM नेता वारिस पठान के दावों के जवाब में आया है। आपको बता दें कि हाल ही में AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा था कि मुंबई की मेयर की कुर्सी पर "बुर्का पहनने वाली एक नमाजी मुस्लिम महिला" बैठ सकती है। इस पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने यह जवाब दिया है। उन्होंने कहा, "जब विपक्षी नेता ऐसे बयान देते हैं, तो बाकी तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल चुप क्यों रहते हैं? मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मुंबई का अगला मेयर निश्चित रूप से एक मराठी हिंदू ही होगा।" जब उनसे सीधा सवाल पूछा गया कि क्या यह पद मराठी हिंदुओं के लिए ही आरक्षित माना जाए, तो मुख्यमंत्री ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, "हां, बिल्कुल।" मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस दौरान अपनी पार्टी की विचारधारा को भी स्पष्ट किया। उन्होंने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि बीजेपी वोटरों को 'मराठी' और 'गैर-मराठी' के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही है। फडणवीस ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर चलती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी विकास के नाम पर वोट मांग रही है और मुंबई के हर नागरिक का हित उनके लिए सर्वोपरि है। मुंबई में आगामी 15 जनवरी को मतदान होना है, जिसमें इस बार मुकाबला काफी रोचक है। एक तरफ महायुति (भाजपा-शिंदे शिवसेना) अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं दूसरी तरफ ठाकरे बंधु (उद्धव और राज) भी 'मराठी मानुस' के मुद्दे पर एकजुट नजर आ रहे हैं। ऐसे में फडणवीस का 'मराठी हिंदू' कार्ड मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। मुंबई का ट्रैफिक दिल्ली से बेहतर, कोई लेन ब्रेक… सीएम फडणवीस महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के बीच मुंबई में 'मुंबई मंथन' का मंच सजा है. आजतक के इस आयोजन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी पहुंचे. सीएम फडणवीस ने दशकों पुरानी एक बहस को फिर से जिंदा कर दिया है. यह कहते हुए कि दिल्ली के ट्रैफिक से मुंबई का ट्रैफिक बेहतर है. इस पर लोगों की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन आजतक के मंच से सीएम फडणवीस ने खुलकर अपनी बात की. उन्होंने कहा कि मुंबई में ट्रैफिक की स्थिति दिल्ली से तो बहुत बेहतर है. मुंबई के लोग अनुशासित हैं और धैर्य के साथ ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं. सीएम फडणवीस ने कहा कि मुंबई में कोई लेन नहीं तोड़ता. लोग धैर्य के साथ इंतजार करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में सड़कों पर इधर गाड़ियां पिचकी दिखेंगी, उधर ठुकी दिखती हैं. मुंबई में ऐसा कहीं भी नजर नहीं आएगा. सीएम फडणवीस ने मुंबई में ट्रैफिक सिस्टम ठीक करने के लिए सबअर्बन रेलवे से मेट्रो तक, महाराष्ट्र सरकार के प्रयास गिनाए और कहा कि आप एक सिंगल ऐप पर अपना पूरा ट्रैवल प्लान तैयार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि हमने ऐसा सिस्टम तैयार किया है कि कोई भी एक टिकट पर किसी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर सकता है. सीएम फडणवीस ने कहा कि मुंबई का 80 फीसदी ट्रैफिक वेस्टर्न एक्सप्रेसवे से जाता है. उन्होंने कहा कि हम वेस्टर्न एक्सप्रेसवे के समानांतर लूपलाइन तैयार कर रहे हैं, जिससे उस पर ट्रैफिक लोड कम हो सके. सीएम फडणवीस ने कहा कि हम अटल सेतु को एक टनल के माध्यम से जोड़ना चाहते हैं. हम वाटर ट्रांसपोर्ट शुरू कर रहे हैं. हम पूरे मुंबई को इंटीग्रेट करने का काम करेंगे. मुंबई को स्लम फ्री बनाने को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि धारावी के पुनर्विकास की शुरुआत हमने कर दी. हम 10 लाख लोगों को बसा रहे हैं. आज लोगों के मन में यह विश्वास जागृत हो गया है कि ये हो सकता है. सीएम फडणवीस ने कहा कि अब हमने घरों की डिलीवरी शुरू की है. हम नए डेवलपर लाए हैं. उन्होंने कहा कि अब मुझे कॉन्फिडेंस है कि अगले सात से आठ साल में स्लम फ्री कर लेंगे. उन्होंने मुंबई में जलभराव के कारण ट्रैफिक की समस्या के सवाल पर कहा कि इस बार ट्रैफिक रुकने की खबरें कम ही आईं. मुंबई तटीय शहर है. बारिश का पानी समुद्र में ही जाता है. सीएम फडणवीस ने कहा कि यहां हाईटाइड पानी को वापस भेजता है. हमने कई पंपिंग स्टेशन का काम पूरा किया. हंड्रेड परसेंट पूरा हो जाएगा, तो जलभराव बंद हो जाएगा. बीएमसी खत्म करने के आरोप पर क्या बोले सीएम सीएम फडणवीस ने मुंबई को अलग करने, बीएमसी खत्म करने के आरोपों पर कहा कि एमएमआरडीए की स्थापना 30-40 साल पहले हुई थी. पिछले साल में एमएमआरडीए ने कुछ काम किया, पहले नहीं करता था. उन्होंने कहा कि मुंबई में तो बीएमसी ही काम करता है. मुंबई के बाहर एमएमआरडीए को हमने काम दिया. उद्धव ठाकरे ने मेट्रो में योगदान देने से इनकार कर दिया, तब हमने एमएमआरडीए से योगदान दिया. इसके बावजूद, एमएमआरडीए का बीएमसी के क्षेत्र में कोई अतिक्रमण नहीं है. हमने इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कराया. मराठी, हिंदू बनेगा मुंबई का मेयर- फडणवीस बीएमसी में बीजेपी मेयर के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि हमारे अलायंस का मेयर बनेगा. वो हिंदू बनेगा, मराठी बनेगा. चेन्नई की महानगर पालिका का चुनाव हो, तो लोग कहेंगे न कि तमिल महापौर बनेगा. मुंबई में वैसे ही मराठी महापौर बनेगा. मैं हिंदू हूं, मैं मराठी हूं. उन्होंने कहा कि मुझे इस बात का गर्व है. फडणवीस ने कहा कि मराठी में कोई भेद नहीं है. जिनकी रगों में छत्रपति शिवाजी का खून बहता है, जो उनके विचारों पर चलते हैं, वह सभी मराठी हैं. उन्होंने कहा कि जो अन्य राज्यों से आकर यहां बसे हुए हैं, वह भी मुंबइकर हैं. भले उनकी भाषा हिंदी होगी. अगर मुंबई के गणेश उत्सव में देखें तो मुंबई का हर नागरिक पूरे उल्लास के साथ मनाता है. हम सारे हिंदू हैं, इसलिए एक हैं. सीएम फडणवीस ने कहा कि हमारी आत्मा हिंदुत्व है. कोई बांग्लादेशियों को हटाने की बात कह … Read more