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सरकार का बड़ा अपडेट: ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ में आवेदन तिथि बदली, लाभार्थियों को ₹1000 सहायता

चंडीगढ़. पंजाब में महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अब इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होगा। पहले यह प्रक्रिया 13 अप्रैल, बैसाखी के दिन शुरू होनी थी, लेकिन विशेष विधानसभा सत्र के कारण तारीख में बदलाव किया गया है। सरकार की ओर से योजना की औपचारिक शुरुआत 14 अप्रैल को जालंधर के आदमपुर में आयोजित रैली के दौरान की जाएगी। प्रारंभिक चरण में सात जिलों—मुक्तसर, रोपड़, पटियाला, संगरूर, मोगा, जालंधर और फरीदकोट—को शामिल किया गया है। इनमें से अधिकांश जिले मालवा क्षेत्र के हैं, जबकि दो जिले दोआबा क्षेत्र से संबंधित हैं। जानें किन महिलाओं को मिलेगा लाभ इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। खास बात यह है कि अनुसूचित वर्ग की महिलाओं को अतिरिक्त लाभ देते हुए उन्हें 1500 रुपए प्रति माह देने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने इसके लिए बजट में 9300 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया है। योजना का लाभ सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजा जाएगा। इसके लिए महिलाओं को अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसमें मोबाइल नंबर, बैंक खाता और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। रजिस्ट्रेशन की सुविधा सेवा केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध होगी और यह पूरी प्रक्रिया निशुल्क होगी। सांसद, सरकारी नौकरी वाली महिलाएं नहीं की गई शामिल हालांकि, कुछ वर्गों की महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, सरकारी कर्मचारी, पेंशनधारी और कर देने वाली महिलाएं शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में नौ विधानसभा क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा, इसके बाद धीरे-धीरे इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं विपक्ष इस योजना के समय और क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठा रहा है।

डिजिटल अरेस्ट से करोड़ों की ठगी, पटना में एक्टिव गैंग

पटना पटना में औसतन हर माह करीब 206 लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। शहर में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग गिरोह खुद को कभी सीबीआई अधिकारी तो कभी मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके उनकी पूंजी पर हाथ साफ कर रहे हैं। ठग शेयर मार्केट में निवेश, क्रिप्टोकरेंसी सहित अन्य झांसे देकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। खास बात यह भी है कि ठगी करने वाले लोग कम शिक्षित होने के बावजूद डॉक्टरों और प्रोफेसरों को शिकार बना रहे हैं। ठग अच्छे कम्युनिकेशन स्किल के कारण अपने इरादों में कामयाब हो जाते हैं। कई पेशेवर बने ठगी के शिकार पटना में हुईं ठगी की वारदातों पर नजर डालें तो पीड़ितों में से बहुत सारे डॉक्टर, प्रोफेसर, बड़े कारोबारियों के अलावा आईआईटी के छात्र तक शामिल हैं। इन उच्च शिक्षित वर्ग के लोगों को मैट्रिक और 11वीं तक शिक्षित शातिर बदमाश जाल में फंसा रहे हैं और लाखों रुपये हड़प रहे हैं। पटना की साइबर पुलिस ने जिन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया, उनमें से अधिकतर कम शिक्षित हैं। जाल में फंसाने वाला कम्युनिकेशन स्किल बताया जाता है कि कम औपरचारिक शिक्षा लेने के बावजूद ठगों के कम्युनिकेशन स्किल अच्छे होते हैं। वे हिंदी के साथ अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में भी फर्राटे से बातचीत करते हैं। उनके प्रभाव में आकर लोग उनके जाल में फंस जाते हैं। पटना में हाल ही में साइबर ठगों ने पटना यूनिवर्सिटी की रिटायर महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाया और उनसे 3.07 करोड़ रुपये हड़प लिए। वे अलग-अलग झांसे देकर डॉक्टरों, अधिकारियों, कारोबारियों के साथ-साथ आईआईटी के छात्रों को भी शिकार बना चुके हैं। हर माह साइबर ठगी की 206 वारदातें साइबर पुलिस के मुताबिक पटना में हर माह औसतन 206 लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं। सन 2025 में साइबर थाने में साइबर ठगी के 2602 केस दर्ज हुए थे। जारी साल में जनवरी और फरवरी में 284 केस दर्ज हुए हैं। साइबर पुलिस ने पिछले साल 139 और इस साल अब तक 35 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कुल मामलों में से करीब 30 प्रतिशत मामलो में ठगी शेयर मार्केट में निवेश और एपीके फाइल भेजकर की गई है। पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क बताया जाता है कि, बिहार में साइबर ठग नालंदा, नवादा, शेखपुरा और जमुई के हैं। वे पटना में किराए के फ्लैटों और मकानों से गिरोह चला रहे हैं। दक्षिणी पटना में साइबर अपराधियों का नेटवर्क तेजी से फैला है। वे रामकृष्ण नगर, पत्रकार नगर और बेऊर इलाके को अपना ठिकाना बना रहे हैं। बीते दो सालों में 80 प्रतिशत मामलों में अपराधी इन्हीं क्षत्रों से गिरफ्तार किए गए हैं। पिछले माह साइबर पुलिस ने एक गिरोह के छह ठगों को गिरफ्तार किया था। यह सभी मैट्रिक तक शिक्षित हैं। सोशल मीडिया से सीख रहे ठगी के गुर पता चला है कि ज्यादातर ठग किशोर और युवा हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए ठगी के तरीके सीखते हैं। यू-ट्यूब और टेलीग्राम जैसी सोशल मीडिया साइटों पर साइबर ठगी को अंजाम देने के तरीके सिखाने वाले कई वीडियो उपलब्ध हैं। वे इन्हीं वीडियो से ठगी के गुर सीखते हैं। ये साइबर ठग ठगी के लिए सॉफ्टवेयर आईटी पेशेवरों की मदद से तैयार कराते हैं।

मोनालिसा फरमान की भागने की कहानी में नया मोड़, वायरल वीडियो ने बढ़ाई सस्पेंस

इंदौर  महाकुंभ से चर्चित हुई वायरल गर्ल मोनालिसा भोसले की कहानी में नया मोड़ आ गया है। फरमान खान से शादी के बाद शुरू हुए विवाद में नया ट्विस्ट आ गया है। फरमान पर रेप केस दर्ज होने के बाद उसका एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह मोनालिसा के भागने की बात कह रहा है।  फरमान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह खुद के अजमेर (राजस्थान) में होने की जानकारी देते हुए कहता है कि वह मोनालिसा की तलाश कर रहा है। वीडियो में वह कहता है, ‘हैलो फ्रेंड्स, मैं अजमेर-पुष्कर आया हुआ हूं, मोनालिसा भाग गई है, उसे ढूंढने अजमेर-पुष्कर आया हूं।’ इंदौर की मोनालिसा से केरलम में शादी रचाने वाले फरमान ने यह नहीं बताया कि मोनालिसा कब से और कैसे लापता हो गई है। फरमान के नए वीडियो से कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या सच में मोनालिसा भाग गई है? यदि यह सच है तो आखिर उसने यह कदम क्यों उठाया? क्या उसे किसी तरह बरगलाया गया था जिसका अहसास होने पर उसने यह कदम उठाया? या फिर फरमान ने अपने खिलाफ केस दर्ज होने के बाद कोई नई चाल चल दी है? मोनालिसा भोंसले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की जांच में नाबालिग पाया गया है, जिसके बाद उसकी उम्र को लेकर उठा विवाद और गहरा गया है। सनोज मिश्रा बोले- फरमान भाग सकता है बांग्लादेश इस बीच मोनालिसा को अभिनेत्री का रोल देकर फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने फरमान के वीडियो को फर्जी करार देते हुए कहा कि इसका फायदा उठाकर फरमान विदेश भाग सकता है। उन्होंने कहा कि वह नेपाल के रास्ते बांग्लादेश भाग सकता है। सनोज मिश्रा ने कहा, 'वीडियो बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें जिहादी वायरल गर्ल को ढूंढ रहा है अजमेर में। वह फेक वीडियो है, इस ध्यान देने की जरूरत नहीं है। ध्यान इस पर देने की जरूरत है कि इसका फायदा उठाकर वह नेपाल के रास्ते बांग्लादेश भाग सकता है।' 16 साल की निकली मोनालिसा, फरमान पर केस दर्ज मोनालिसा के परिवार के सदस्यों और शिकायतकर्ता दुबे ने कहा कि आयोग द्वारा की गई जांच के अनुसार, महेश्वर सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि उसकी जन्मतिथि 30 दिसंबर, 2009 है और इसका मतलब है कि शादी के समय उसकी उम्र 16 साल और दो महीने थी। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 25 मार्च को महेश्वर थाने में खान के खिलाफ कथित अपहरण और पॉक्सो अधिनियम और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।

बिरसा स्टेडियम में छऊ नृत्य और लोककलाओं की भव्य प्रस्तुति, देर रात तक चला कार्यक्रम

सरायकेला  झारखंड के सरायकेला जिले के बिरसा स्टेडियम में कला संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसिय चैत्रपर्व के दूसरे दिन भी रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया . कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचारण संगीतमय आराधना के साथ हुआ. कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा. कार्यक्रम का शुभारंभ सरायकेला के कलाकारों द्वारा छऊ नृत्य प्रस्तुत कर किया गया. इस खास मौके पर डीसी नीतीश कुमार सिंह, एसपी मुकेश लुणायत, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी, कलाकेंद्र के सचिव सह एसडीओ अभिनव प्रकाश, बीडीओ यस्मिता सिंह, डीपीआरओ अविनाश कुमार, डीटीओ गिरजा शंकर महतो, सहित कई पदाधिकारी,संगीत नाटक अकादमी के अवार्डी ब्रजेंद्र पट्टनायक, आर्टिस्ट एसोशिएसन के अध्यक्ष भोला महांती सहित काफी संख्या में कलाकार उपस्थित थे. दूसरे दिन भी मंगलाचरण के साथ हुई छऊ नृत्य चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव के दुसरे दिन छऊ नृत्य का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ किया गया. इसके बाद राजकीय छऊ कलाकेंद्र के कलाकारों द्वारा सरायकेला छऊ नृत्य प्रस्तुत किया गया. ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मानभूम शैली और खरसावां शैली छऊ के कलाकारों द्वारा छऊ नृत्य प्रस्तुत किया. कलाकारों ने सराईकेला छऊ के हर पार्वती नृत्य, देवदासी नृत्य, पताका नृत्य प्रस्तुत किया. महोत्सव में जीतराय हांसदा द्वारा रिंझा नृत्य प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम में ओडिशा के सुप्रसिद्ध गोटीपुओ नृत्य,पश्चिम ओडिशा के आदिवासी नृत्य घुड़का,कथक नृत्य,नटुआ नृत्य सहित अन्य नृत्य प्रस्तुत कर समां बांधा. कलाकारों को किया जाएगा सम्मानित चैत्र महोत्सव का समापन 13 अप्रैल सोमवार यानी आज होगा. आंतिम दिन यानी समापन पर सरायकेला के कई कला केंद्र द्वारा रात्री जागरण करते हुए छऊ नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा. साथ ही कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा. इस संबंध में कलाकेंद्र के सचिव सह एसडीओ अभिनव प्रकाश ने बताया कि आंतिम दिन सरायकेला छऊ राजकिय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला शैली के ग्रामीण छऊ नृत्य दल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दल, केदार आर्ट सेंटर, कुश कारवा छऊ नृत्य दल, ग्रामीण नृत्य में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले दल सहित राजकिय छऊ कला केंद्र के कलाकारों द्वारा रात भर नृत्य प्रस्तुत करते हुए रात्री जागरण किया जाएगा.  

अनचाहे गर्भ को छुपाने के लिए बढ़ी लड़कियों की भीड़, अस्पतालों में अबॉर्शन पिल बन रही हैं खतरे की वजह

भोपाल   डॉक्टर की सलाह के बिना गर्भपात की दवाएं लेने का चलन महिलाओं और युवतियों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है। हाल ही में बुरहानपुर में दवा दुकान से गर्भपात की दवा लाकर खिलाने से एक गर्भवती छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शहर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भी हर दिन ऐसी युवतियां व महिलाएं पहुंच रही हैं, जिनकी हालत दवा लेने के बाद बिगड़ जाती है। सरकारी अस्पतालों में ऐसे औसतन करीब आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि कई बार गर्भपात अधूरा रह जाता है जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने से युवतियों, महिलाओं के शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। ऐसे कई मामले जानलेवा साबित होते हैं। नियमों की अनदेखी, खुलेआम बिक रहीं दवाएं कलेक्टर की गाइडलाइन के बावजूद मेडिकल स्टोर्स पर इन दवाओं की बिक्री पर कोई सख्ती नहीं है। बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं बेची जा रही हैं, यहां तक कि पुरुषों को भी आसानी से उपलब्ध करा दी जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भपात एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे तय समय-सीमा और डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए। सोनोग्राफी और जरूरी जांच के बाद ही दवा दी जानी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि अधूरे गर्भपात के कारण अत्यधिक खून बहने से महिलाओं का ब्लड प्रेशर गिर जाता है और शरीर का सिस्टम फेल होने लगता है। कई मामलों में जान तक चली जाती है। कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे राजधानी के ही सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे कई केस आते हैं। कैलाशनाथ काटजू, हमीदिया और अन्य अस्पतालों में रोजाना ऐसे आधा दर्जन मामले सामने आ रहे हैं, जहां महिलाएं या लड़कियां अनचाहे गर्भ को छुपाने खुद ही दवा खरीदकर खा लेती हैं। कई मामलों में गर्भपात अधूरा रह जाता है, जिससे संक्रमण और अत्यधिक रक्तस्राव होता है। ऐसे में कई युवतियों की हालत गंभीर हो जाती है। काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति खरे इस मुद्दे पर महिलाओं, युवतियों में जागरूकता की जरूरत जताती हैं। उनका कहना है कि हर दिन ऐसी महिलाएं व युवतियां अस्पताल पहुंच रही हैं, जो अधिक रक्तस्राव के कारण एनीमिया का शिकार हो रही हैं। बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिक्री पर सख्ती और महिलाओं को जागरूक करना बेहद जरूरी है। प्रमुख बिंदु महिलाओं को अधूरे गर्भपात से बढ़ रहा खतरा बिना डॉक्टरी सलाह अबॉर्शन पिल जानलेवा बनीं अत्यधिक रक्तस्राव से हो रहा एनिमिया मेडिकल स्टोर्स में बिना पर्चा बिक रहीं दवाएं

झारखंड में बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत की जमीनी हकीकत जानेंगे मंत्री

 बूढ़ा पहाड़ झारखंड के वित्तमंत्री राधा कृष्ण किशोर आज 13 अप्रैल को गढ़वा जिले के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में चल रही विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करेंगे. बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में विकास योजनाओं की लेंगे जानकारी झारखंड के वित्त, वाणिज्य-कर, योजना विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज गढ़वा जिले के सुदूरवर्ती और कभी नक्सलियों का गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में चल रही विकास योजनाओं की हकीकत जानेंगे. जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना के मुताबिक मंत्री क्षेत्र में संचालित योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे. समाहरणालय में सुबह 11:30 बजे होगी समीक्षा बैठक मंत्री श्री किशोर पूर्वाह्न 11:30 बजे समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) स्थित सभागार में एक समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के सभी गांवों में बुनियादी सुविधाओं जैसे- बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य की उपलब्धता की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी. बैठक में जिले के आला अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है. दोपहर 1 बजे मीडिया से करेंगे प्रेस वार्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक विकास कार्यों की समीक्षा के पश्चात अपराह्न 1:00 बजे मंत्री राधाकृष्ण किशोर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता करेंगे. इस दौरान वे क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की भावी योजनाओं और समीक्षा बैठक के निष्कर्षों पर जानकारी साझा करेंगे.

तुरकौलिया कांड का मास्टरमाइंड गाजियाबाद से ऑपरेट कर रहा था फर्जी स्प्रिट नेटवर्क

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी जिले के तुरकौलिया शराब कांड में एसआईटी ने जहरीली स्प्रिट की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी सतीश चंद्र चौधरी को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह गाजियाबाद में फर्जी स्प्रिट कंपनी संचालित कर अवैध तरीके से आपूर्ति करता था।पुलिस के अनुसार, सतीश ने ही 31 मार्च को 85 बाल्टी स्प्रिट सप्लाई की थी, जिसे शराब धंधेबाजों में बांटा गया। इस जहरीले पदार्थ के सेवन से तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। कई बीमारों की आंख की रोशनी भी चली गई थी। गाजियाबाद में फर्जी नाम से चलाता था सिंडिकेट एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार सतीश चंद्र चौधरी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित सुक्रौली गांव का निवासी है। वह गाजियाबाद में एसएस नाम से स्प्रिट बनाने और सप्लाई करने वाली फर्जी कंपनी चलाता था। पूछताछ में सतीश ने स्वीकार किया है कि उसने बीते 31 मार्च को कोटवा थाना क्षेत्र के सोवईया गांव निवासी लवकुश यादव को 85 बाल्टी जहरीली स्प्रिट उपलब्ध कराई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सतीश से स्प्रिट लेने के बाद लवकुश यादव ने इसे खलीफा यादव व कन्हैया यादव को बेचा। इसके बाद इन दोनों ने स्प्रिट की सप्लाई आगे नागा यादव, संजीत यादव, रुपेश यादव और जिम्बू बैंठा समेत अन्य शराब धंधेबाजों को की। इसी जहरीली स्प्रिट से बनी शराब के सेवन से रघुनाथपुर और तुरकौलिया में कोहराम मच गया। 10 की मौत, दो दर्जन बीमार, कइयों की गई आंखों की रोशनी इस कांड में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में चंदू कुमार, प्रमोद यादव, सम्पत साह, लड्डू साह, परीक्षण मांझी, योद्धा मांझी, आलियास मियां, हरिलाल भगत, लालकिशोर राय और विनोद साह शामिल हैं। करीब दो दर्जन से अधिक लोग बीमार हुए हैं, जिनमें से लौहा ठाकुर, राहुल पासवान, टुनटुन यादव, राजेश्वर राय, राहुल साह, रमेश यादव, श्यामाकांत साहनी, अशोक यादव और नीरज कुमार का इलाज चल रहा है। कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। वित्तीय लेनदेन के मिले अहम सुराग एसपी ने बताया कि सतीश चंद्र चौधरी से पूछताछ में वित्तीय लेनदेन के महत्वपूर्ण डिटेल मिले हैं। इस आधार पर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया गया है। मुख्य आरोपी सतीश को रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, एसआईटी की दो टीमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं ताकि इस काले धंधे से जुड़े हर व्यक्ति को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

यमुना हादसे में दो और शव मिले, सर्च ऑपरेशन जारी

 मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में 10 अप्रैल को हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। सोमवार को एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। पंजाब के यश भल्ला के रूप में हुई पहचान बरामद किए गए शव की पहचान पंजाब निवासी यश भल्ला उर्फ युवराज और महिला मोनिका के रूप में हुई है। वह उन 16 लोगों में शामिल थे, जो नाव पलटने के बाद यमुना के तेज बहाव में लापता हो गए थे।प्रशासन के अनुसार, यश भल्ला का शव केशीघाट के पास देवराह बाबा घाट के किनारे झाड़ियों में फंसा हुआ मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में था। अब तक 15 शव बरामद, एक की तलाश जारी सोमवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक दो शव बरामद किए गए हैं, जिनमें एक महिला मोनिका और दूसरा यश भल्ला का शव शामिल है। इस हादसे में कुल 16 लोग लापता हुए थे, जिनमें से अब तक 15 के शव मिल चुके हैं। हालांकि, एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। NDRF और जल पुलिस का संयुक्त अभियान एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार नावों और आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद से यमुना नदी के हर हिस्से को खंगाल रही हैं। सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है ताकि अंतिम लापता व्यक्ति का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक आखिरी व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। इलाके में शोक, परिजनों का बुरा हाल इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। खासकर पंजाब से आए मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। साथ ही नावों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।  

डिंडौरी ट्रक टक्कर हादसा: पांच लोगों की मौत, प्रशासन ने हर परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता दी

डिंडौरी  डिंडोरी जिले के गाड़ासरई थाना क्षेत्र में अमरकंटक मुख्य मार्ग पर रविवार रात हुआ भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर शवों के चीथड़े बिखर गए थे। इस बीच एक घायल युवक उदय प्रताप सिंह की कहानी सामने आई, जिसने बताया कि किस तरह वह चमत्कारिक रूप से मौत के मुंह से बच निकला। पेशाब करने गया, तो बच गई जान घायल उदय प्रताप सिंह ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले वह पेशाब करने के लिए वाहन से दूर चला गया था। वापस लौटते समय उसे एक हल्की टक्कर लगी, जिससे वह दूर गिर गया और गंभीर चोट से बच गया। उदय के मुताबिक, अगर वह वहीं मौजूद रहता तो शायद उसकी भी जान चली जाती। हादसे की भयावह तस्वीर उदय ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से उसके तीन परिजनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे। सड़क पर मांस के टुकड़े बिखर गए थे और दृश्य बेहद डरावना था। हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। ड्राइवर की झपकी बनी हादसे की वजह पुलिस पूछताछ में ट्रक चालक रमेश पटेल ने स्वीकार किया कि उसे झपकी लग गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि चालक अकेले ही करीब 300 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर रहा था और उसके साथ कोई सहायक भी नहीं था। बिना पर्याप्त आराम के वाहन चलाना इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। प्रशासन ने शुरू किया जागरूकता अभियान घटना के बाद पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के लिए राहत राशि की घोषणा की है। मृतकों की पत्नियों को 600 रुपये मासिक पेंशन, 5 हजार रुपये अंत्येष्टि सहायता, रेड क्रॉस सोसायटी से 50 हजार रुपये और संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये की सहायता देने के आदेश जारी किए गए हैं।

हरियाणा राजनीति में हलचल: नायब सिंह सैनी ने बंसीलाल परिवार की वारिस पर जताया भरोसा, बदले समीकरण

चंडीगढ़. हरियाणा की राजनीति में एक समय जिस क्षेत्र को चौधरी बंसीलाल का अटूट गढ़ माना जाता था, उसी भिवानी-चरखी दादरी बेल्ट में अब भारतीय जनता पार्टी अपनी पकड़ को और मजबूत करने में जुटी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस रणनीति को जमीनी स्तर पर लागू करते हुए राजनीतिक संतुलन और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रख रहे हैं। भिवानी, चरखी दादरी, हिसार और महेंद्रगढ़ जैसे क्षेत्रों में भाजपा पहले से मजबूत स्थिति में है, लेकिन इन्हें पूरी तरह “भाजपामय” करने के लिए सैनी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। श्रुति चौधरी को प्रमुखता: संदेश साफ इस राजनीतिक रणनीति का सबसे अहम संकेत तब मिला जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दादरी रैली के लिए श्रुति चौधरी को अपने साथ विमान में लेकर गए। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। श्रुति चौधरी, जो किरण चौधरी की बेटी और सुरेंद्र सिंह की पुत्री हैं, बंसीलाल परिवार की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्हें लगातार मंच और महत्व देकर भाजपा इस क्षेत्र में पारंपरिक राजनीतिक प्रभाव को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। तीन लालों से चौथे लाल तक: बदलती राजनीति हरियाणा की राजनीति लंबे समय तक तीन बड़े नेताओं—चौधरी देवीलाल, भजनलाल और चौधरी बंसीलाल—के इर्द-गिर्द घूमती रही। भाजपा के सत्ता में आने के बाद मनोहर लाल खट्टर के रूप में “चौथे लाल” का उदय हुआ और अब उसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए सैनी नई रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। संतुलन की राजनीति: जातीय और क्षेत्रीय समीकरण मुख्यमंत्री सैनी की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वे केवल राजनीतिक विस्तार ही नहीं, बल्कि जातीय और भौगोलिक संतुलन को भी साध रहे हैं। अहीरवाल से लेकर बांगड़ बेल्ट तक विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय नेताओं को सम्मान और प्रतिनिधित्व देकर वे संगठन को मजबूत बना रहे हैं। उत्तराधिकार की घोषणा और भाजपा का लाभ हाल ही में किरण चौधरी ने अपनी बढ़ती आयु का हवाला देते हुए श्रुति चौधरी को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया है। इस फैसले के बाद सैनी द्वारा श्रुति को प्राथमिकता देना भाजपा के लिए एक रणनीतिक अवसर के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे भाजपा को भिवानी क्षेत्र में पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने और अपनी स्थिति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। निष्कर्ष: रणनीति, सम्मान और विस्तार का संगम भिवानी बेल्ट में भाजपा का विस्तार केवल संगठनात्मक मजबूती का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है जिसमें परंपरागत राजनीतिक परिवारों को सम्मान देकर नए समीकरण बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि हरियाणा की राजनीति में अब केवल सत्ता नहीं, बल्कि संतुलन, सम्मान और सामंजस्य भी उतने ही महत्वपूर्ण हो गए हैं।