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बिहार में बहार, मुख्यमंत्री ने महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को दी नौकरी की सौगात और सेवा का मंत्र

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में 4954 एएनएम (विमेन हेल्थ वर्कस) को नियुक्ति पत्र सौंपे. इस मौके पर राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री भी मौजूद रहे. यह पहल राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत बनाने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है.  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले बिहार के ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र को एक नई ऊर्जा से भर दिया है. पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित एक समारोह में सीएम ने 4954 नवनियुक्त एएनएम (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता) को नियुक्ति पत्र सौंपे. यह केवल सरकारी नौकरी का वितरण नहीं था, बल्कि सुदूर गांवों तक ‘इलाज और एहतियात’ का भरोसा पहुंचाने की एक मुहिम है. ‘ईमानदारी से करें सेवा’ पटना के शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से तब गूंज उठा जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चयनित महिला अभ्यर्थियों को मंच पर बुलाकर नियुक्ति पत्र प्रदान किए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त एएनएम को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए एक मंत्र भी दिया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी एएनएम पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करेंगी. इस नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि रिकॉर्ड समय में इन नियुक्तियों को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता रही है. स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस मौके पर शिरकत की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि राज्य सरकार अब स्वास्थ्य और रोजगार को विकास के केंद्र बिंदु में रखकर काम कर रही है. ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती एक साथ 4954 एएनएम की तैनाती से बिहार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और उपकेंद्रों की तस्वीर बदलने वाली है. इस नियुक्ति से विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार आएगा. टीकाकरण अभियान से लेकर प्रसव पूर्व देखभाल तक, अब सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी नर्सों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. इससे न केवल बड़े अस्पतालों पर मरीजों का बोझ कम होगा, बल्कि मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलेगी. यह कदम बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है. नियुक्ति पत्र पाकर इन महिला स्वास्थ्य कर्मियों के चेहरे पर जो मुस्कान दिखी, वह राज्य के बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश की गवाही दे रही है.

शादी का कार्ड लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे लोग, महंगाई के कारण मेन्यू से हटे लाइव काउंटर

पटना    बिहार में शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण शादी-विवाह के आयोजन अब पहले से काफी महंगे हो गए हैं, इसका सीधा असर कैटरिंग, मेन्यू और पूरे आयोजन के खर्च पर दिख रहा है. लोग खर्च कम करने के लिए मेन्यू छोटा कर रहे हैं.  बिहार में गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण कैटरिंग के दामों में 15 से 20 प्रतिशत तक का उछाल आया है. अब लोग शादी का कार्ड लेकर गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं ताकि किसी तरह व्यावसायिक सिलेंडरों का जुगाड़ हो सके. बढ़ती लागत के कारण अब शादियों का मेन्यू छोटा हो रहा है और ‘लाइव काउंटर’ बंद होने की कगार पर हैं. थाली की बढ़ी कीमत गैस की कमी और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने प्रति प्लेट की दर 50 से 100 रुपये तक बढ़ा दी है. पहले जो शाकाहारी प्लेट 650 रुपये में मिल रही थी, अब उसकी कीमत 700 रुपये पार कर गई है. वहीं, मांसाहारी थाली 800 से बढ़कर 900 रुपये की हो गई है. पटना के पॉश इलाकों और बड़े होटलों में तो वेज थाली की दर 1000 से बढ़कर 1200 रुपये तक पहुंच गई है. इस खर्च को काबू करने के लिए अब लोग व्यंजनों की संख्या में कटौती कर रहे हैं. लाइव काउंटर और फंक्शन्स पर चली ‘कैंची’ गैस की खपत कम करने और लागत बचाने के लिए शादियों से डोसा, चाट, जलेबी और पाव-भाजी जैसे लाइव काउंटर हटाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, लोग अब हल्दी, मेहंदी और संगीत जैसे प्री-वेडिंग कार्यक्रमों को या तो रद्द कर रहे हैं या उन्हें बेहद सादगी से मना रहे हैं. इन कार्यक्रमों में अब व्यंजनों की लंबी फेहरिस्त की जगह ‘रेडिमेड नाश्ता’ परोसने की तैयारी है. शादी का कार्ड लेकर गैस एजेंसी पहुंच रहे लोग एलपीजी गैस वितरक संघ के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग शादी का कार्ड और आवेदन लेकर व्यावसायिक सिलेंडर के लिए गुहार लगा रहे हैं. तेल कंपनियों की ओर से शादियों के लिए अलग से सिलेंडर आवंटित करने का कोई विशेष प्रावधान नहीं है. कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का अनुमान है कि 15 अप्रैल से 11 जुलाई के बीच शादी के 28 मुहूर्त हैं, जिसमें केवल पटना जिले में ही डेढ़ लाख से ज्यादा सिलेंडरों की जरूरत होगी. यदि किल्लत बरकरार रही, तो शादियों का रंग और भी फीका पड़ सकता है.

बलौदाबाजार : ग्राम पंचायत तेलासी में पहुंचा हर घर नल से जल,प्रमाणीकरण के साथ संचालन व्यवस्था हस्तांतरित

बलौदाबाजार  भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन,हर घर जल के अंतर्गत विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत तेलास में ग्राम के प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। इसके साथ हर घर जल प्रमाणीकरण प्राप्त किया है। उपलब्धि के उपरांत जलापूर्ति योजना का विधिवत हस्तांतरण ग्राम पंचायत को कर दिया गया है। योजना के सफल क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। ग्राम पंचायत स्तर पर पाइपलाइन विस्तार, घरेलू नल कनेक्शन एवं जल संरचनाओं का निर्माण गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया गया।योजना के दीर्घकालिक संचालन एवं रख-रखाव को सुनिश्चित करने हेतु ग्राम पंचायत में आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं।योजना के संचालन हेतु प्रति परिवार ₹80 प्रतिमाह जल कर निर्धारित किया गया है।जल आपूर्ति के नियमित संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर पंप ऑपरेटर नियुक्त कोयन गया है। योजना के संचालन, रख-रखाव एवं निगरानी की जिम्मेदारी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सौंपी गई है।जल वाहिनी टीम द्वारा समय-समय पर जल की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जा रही है।

छोटे लोन से बड़ा बदलाव: कालीन बिजनेस ने बदली जिंदगी, हर महीने अच्छी कमाई

मोहनियां. दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो इंसान परिस्थितियां विकास में बाधक नहीं बन सकतीं। कभी महिलाओं को अबला माना जाता था। आज ये अपनी मेहनत से समाज को दिशा दे रही हैं। जो अन्य महिलाओं के लिए मिसाल है। गरीबी को मात देकर परिवार का संबल बन रही हैं। मोहनियां प्रखंड के बेलौड़ी पंचायत के अमरपुरा गांव की सुमन देवी का परिवार कभी आर्थिक तंगी का शिकार था। आठ साल पहले पारिवारिक खर्च चलाना मुश्किल था। दोनों पैर से दिव्यांग पति मजदूरी करने में समर्थ नहीं थे। तब सुमन ने आत्मनिर्भर बनकर गरीबी को मात देने का संकल्प लिया। आज कालीन उद्योग से परिवार में समृद्धि आई है। अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दे रही हैं। इस कार्य में दिव्यांग पति का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। शंकर जीविका स्वयं सहायता समूह बना आधार बेलौड़ी पंचायत के अमरपुरा गांव के ओम प्रकाश राम दिव्यांग हैं। दोनों पैर से लाचार होने के कारण वे कुछ करने में असमर्थ थे। दो बच्चों की परवरिश करना मुश्किल था। परिवार आर्थिक तंगी से परेशान था। इस विकट परिस्थिति में सुमन दीदी अबला जीवन से उबरकर सबला बनने की ठानी। अमरपुरा गांव में जीविका समूह चलता था। इन्होंने सीएम दीदी से संपर्क किया तो उन्होंने समूह से जुड़ने का फायदा बताया। 16 नवंबर 2017 को सुमन दीदी सहारा जीविका महिला ग्राम संगठन के शंकर जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ गईं। कहा जाता है बूंद बूंद से तालाब भरता है। इसी को चरितार्थ करते हुए ये सप्ताह में 10 रुपये बचत करने लगीं। समूह से जुड़ने के बाद 50 हजार रुपए का मिला ऋण समूह से जुड़ने के बाद सुमन दीदी ने 50 हजार रुपये का ऋण लिया। जिससे छोटी सी दुकान की। इसकी आमदनी से धीरे धीरे समूह को ऋण का पूरा पैसा लौटा दिया। इसके बाद इनका चयन सतत जीविकोपार्जन योजना (एसजेवाई) के लाभार्थी के रूप में हुई। इस योजना के तहत सुमन दीदी को 37 हजार रुपये मिले। जिससे दुकान का विस्तार किया। इसके बाद इनके हौसले को पंख लग गए। कालीन बुनाई का लिया निर्णय दुकान से अच्छी आमदनी होने के बाद सुमन दीदी ने कालीन बुनाई का निर्णय लिया। इनके पति ओम प्रकाश राम कालीन बुनाई करना जानते थे। इन्होंने इस उद्योग में भविष्य की तलाश की। पति पत्नी दोनों कालीन बुनाई करने लगे। आज इस उद्योग और दुकान से सुमन दीदी को 20 से 25 हजार रुपये महीने का लाभ हो रहा है। अन्य महिलाओं के लिए सुमन दीदी प्रेरणास्रोत बन गई हैं। इनका कहना है कि जीविका ने जीवन को बदल दिया। अब ये आत्मनिर्भर बन गई हैं। पति दोनों पैर से दिव्यांग थे। परिवार में भोजन चलाना मुश्किल था। सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत चयन नहीं हुआ होता तो दर दर की ठोकरें खानी पड़ती। आज परिवार खुशहाल है। वे इस उद्योग को बहुत आगे बढ़ाना चाहती हैं। जिससे अन्य महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। कालीन उद्योग में कैमूर जिला का नाम हो। दृढ़ इच्छा शक्ति से गरीबी को मात दी  सुमन दीदी ने दृढ़ इच्छा शक्ति से गरीबी को मात दी है। ये अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सतत जीविकोपार्जन योजना से इनके परिवार में समृद्धि आई है। – उत्कर्ष शुक्ला, जीविका प्रबंधक  

स्कूल एडमिशन नियम बदले: पंजाब में 8वीं कक्षा के लिए अब बर्थ सर्टिफिकेट जरूरी

चंडीगढ़. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) और निजी स्कूल संचालकों के बीच नियमों को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने साफ कर दिया है कि आठवीं कक्षा और उससे ऊपर के छात्रों का दाखिला बिना जन्म प्रमाण पत्र के नहीं किया जाएगा। दरअसल, बोर्ड से एफिलिएटिड और एसोसिएटिड स्कूलों के संचालक इस नियम में ढील की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही शिक्षकों के मोबाइल नंबर बोर्ड को देने की अनिवार्यता का भी विरोध किया जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर स्कूल प्रतिनिधियों ने चेयरमैन के साथ बैठक भी की, लेकिन उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया। निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि नियमों में कोई बदलाव नहीं होगा और सभी स्कूलों को इनका पालन करना होगा। इसके चलते निजी स्कूल संचालकों में नाराजगी देखी जा रही है। स्कूल संगठनों का कहना है कि राज्य में हजारों स्कूल बोर्ड से जुड़े हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ते हैं। वहीं ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया के तहत सरकारी स्कूलों में भी आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा। अब इस मुद्दे को लेकर स्कूल संगठनों ने आगे की रणनीति तय करने के लिए राज्य स्तर पर बैठक बुलाने का निर्णय लिया है।

कुदरत का तांडव, अप्रैल में जनवरी जैसी ठंड और चंडीगढ़ में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड

चंडीगढ़ उत्तर भारत में मौसम के बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। अप्रैल के महीने में, जब सूरज की तपिश महसूस होनी चाहिए थी, तब जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड और बेमौसम बरसात ने दस्तक दी है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी ने भारी तबाही मचाई है। आलम यह है कि मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। पंजाब कृषि विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। राज्य के करीब 1.25 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान मुक्तसर, फाजिल्का और बठिंडा जिलों में दर्ज किया गया है, जहां फसल कटाई के लिए तैयार थी। 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने पकी हुई फसल को खेतों में बिछा दिया है, जिससे उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका है। हरियाणा : 6 जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट हरियाणा में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूह, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी सहित दक्षिण-पूर्वी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी ओलावृष्टि की संभावना है। हिसार, सिरसा और फतेहाबाद के किसान पहले ही ओलावृष्टि की मार झेल रहे हैं, जहां गेहूं और सरसों की फसलों को व्यापक क्षति हुई है। किसान अब सरकार से विशेष गिरदावरी और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। चंडीगढ़: 5 साल में सबसे ठंडा रहा अप्रैल का यह दिन ट्राइसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) में मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान गिरकर 27.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री कम है। पिछले 5 साल में 7-8 अप्रैल का दिन इतना ठंडा कभी दर्ज नहीं किया गया। सड़कों पर लोग एक बार फिर जैकेट और गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जो अप्रैल के महीने में एक दुर्लभ दृश्य है। हिमाचल: अटल टनल और रोहतांग में बर्फबारी पहाड़ों पर कुदरत का सफेद तांडव जारी है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे रोहतांग दर्रा, अटल टनल, लाहौल-स्पीति और किन्नौर में ताजा बर्फबारी हुई है। शिमला के खड़ापत्थर और नारकंडा में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। बर्फबारी और गिरते तापमान ने सेब बागवानों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि यह समय सेब के पेड़ों में फ्लावरिंग (फूल आने) का है और अत्यधिक ठंड से फसल पूरी तरह खराब हो सकती है। विशेषज्ञों की चेतावनी और राहत की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों तक उत्तर भारत के इन राज्यों में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। 9 अप्रैल के बाद ही आंशिक सुधार की उम्मीद है। जलवायु विशेषज्ञों ने बेमौसम की इस मार को 'क्लाइमेट चेंज' के बढ़ते खतरों से जोड़कर देखा है। फिलहाल, प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध करें और बिजली कड़कने के दौरान खुले क्षेत्रों में जाने से बचें।

इंदौर में जल संकट: नए बोरिंग की अनुमति पर रोक, घोषित किया जल अभावग्रस्त

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में बढ़ती गर्मी के बीच जल संकट के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। तालाबों का जलस्तर घटने और भूजल तेजी से नीचे जाने के कारण प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए शहर में नए बोरिंग कराने पर रोक लगा दी है। शहर में गर्मी के चलते तालाबों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। इसका सीधा असर आसपास के क्षेत्रों के भूजल स्तर पर भी पड़ रहा है। कई बोरिंग में पानी कम हो चुका है, जिससे जल संकट की स्थिति बन रही है। प्रशासन ने 30 जून 2026 तक शहर में नए बोरिंग कराने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।  इंदौर को घोषित किया गया जल अभावग्रस्त क्षेत्र इंदौर के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। यह फैसला लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (जलप्रदाय) नगर निगम की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में क्या कहा गया रिपोर्ट के अनुसार, शहर में भूजल स्रोतों का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे जलस्तर तेजी से गिर रहा है। यदि स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 और संशोधन अधिनियम 2002 के तहत पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत जिले में निजी और अशासकीय नलकूप खनन (बोरिंग) पर 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगाया गया है।  अवैध बोरिंग पर सख्त कार्रवाई ऐसी बोरिंग मशीनें जो प्रतिबंध के बावजूद जिले में प्रवेश करेंगी या बोरिंग करने का प्रयास करेंगी, उन्हें जब्त किया जाएगा और संबंधित थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर 2 हजार रुपये का जुर्माना और दो साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है। यह आदेश सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले नलकूप उत्खनन पर लागू नहीं होगा। यदि जल संकट और बढ़ता है, तो प्रशासन धारा-4 के तहत निजी बोरिंग का अधिग्रहण भी कर सकता है।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: बिलासपुर मंडल में रद्द ट्रेनों की सेवा फिर शुरू

बिलासपुर. गर्मी के सीजन में रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत अकलतरा स्टेशन पर चौथी लाइन कनेक्टिविटी हेतु नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण पूर्व में निरस्त एवं आंशिक रूप से निरस्त की गई दर्जन भर यात्री ट्रेनों को बहाल किया गया है. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेनें फिर से अपने निर्धारित समय अनुसार चलाई जाएंगी. रिस्टोर की गई ट्रेनें गाड़ी संख्या 68737 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक के लिए रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68738 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68736 (बिलासपुर–रायगढ़) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68735 (रायगढ़–बिलासपुर) मेमू को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68746 (रायपुर–गेवरारोड) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68745 (गेवरारोड–रायपुर) मेमू को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 58204 (रायपुर–कोरबा) पैसेंजर को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 58203 (कोरबा–रायपुर) पैसेंजर को – 09.04.2026 से 10.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68734 (बिलासपुर–गेवरारोड) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68733 (गेवरारोड–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68732 (बिलासपुर–कोरबा) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. गाड़ी संख्या 68731 (कोरबा–बिलासपुर) मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार चलेगी. शॉर्ट टर्मिनेटेड/ओरिजिनेटेड ट्रेन रिस्टोर गाड़ी संख्या 68861 गोंदिया –झारसुगुड़ा मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार गोंदिया से झारसुगुड़ा तक चलेगी. गाड़ी संख्या 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू को – 08.04.2026 से 09.04.2026 तक रिस्टोर कर दी गई है उपरोक्त तिथि में यह गाड़ी अपने निर्धारित समयानुसार झारसुगुड़ा से गोंदिया तक चलेगी.

रायपुर: कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृत किए 708 करोड़

रायपुर : कई जिलों में बनेंगी फोरलेन सड़कें, लोक निर्माण विभाग द्वारा 708 करोड़ स्वीकृत कुल 90.5 किमी लंबाई के 15 फोरलेन सड़कों का होगा निर्माण फोरलेन सड़कों के विस्तार से सुरक्षित यातायात के साथ आर्थिक प्रगति का आधार भी मजबूत होगा – उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपए तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं।  विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपए, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपए, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपए तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपए, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपए, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपए एवं कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपए मंजूर किए हैं।  “राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।” – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री

बलौदाबाजार : वीबी-ज़ी राम जी अंतर्गत ग्राम पंचायतो में रोजगार दिवस का आयोजन

बलौदाबाजार : वीबी-ज़ी राम जी अंतर्गत ग्राम पंचायतो में रोजगार दिवस का आयोजन 4821 संचालित कार्यों में 32072 श्रमिक नियोजित बलौदाबाजार जिले मे विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) अंतर्गत रोजगार दिवस का आयोजन किया जा रहा है। कुल 4821 कार्य संचालित है जिसमें 32072 श्रमिक नियोजित है।  सभी विकासखंड के ग्राम पंचायतों में पंजीकृत श्रमिको को रोजगार उपलब्ध कराते हुए कार्यक्षेत्र पर रोजगार दिवस का आयोजन किया गया साथ ही विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन अधिनियम 2025 के प्रावधानों, लाभों और क्रियान्वयन के तरीकों के बारे में बताया गया।नया कानून ग्रामीण रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए लाया गया है, जो मनरेगा की जगह लेगा और इसमें 100 दिन की बजाय 125 दिन का गारंटीड रोजगार प्रदान किया जाना शामिल है।  इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार की अधिक अवसर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण। योजना में कार्यो की पारदर्शिता एवं जवाबदेही के लिए डिजिटलाईजेशन एवं टेक्नालाजी का उपयोग करते हुए जल सरंक्षण, भूजल पूर्नभरण, वाटरशेड विकास, सिंचाई, वनीकरण, एवं जल स्रोतो के कार्यो को बढ़ावा देना है। विकसित भारत -जी राम जी अधिनियम 2025 में जल संरक्षण एवं जल संबंधित कार्यो को बढ़ावा मिलेगा।मूलभूत ग्रामीण अवसरंचना सुदृढ़ होगी। आजिविका के अवसर एवं अनुकुलन क्षमताओ का विकास होगा।मजदूरी रोजगार गारंटी तथा 07 दिवस में मजदूरी भुगतान की गारंटी।तय समय में काम नही मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान है। जिले के सभी जनपद पंचायतों के समस्त ग्राम पंचायतों में इस अधिनियम के अंतर्गत सभी कार्य अब ज़ीआईएस आधारित युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से योजना बनाकर क्रियान्वित किये जायेंगे जिससे विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण  के कार्यो को अधिक पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी तरीके से कराया जा सकेगा। सभी कार्यरत श्रमिको की उपस्थिति में QR कोड की जानकारी दी गई, जिसमें तीन वर्षो के महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत स्वीकृत कार्यो के साथ-साथ आय-व्यय की जानकारी प्राप्त किया जा सकता है।