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विकसित भारत की कल्पना साकार हो रही है, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से सफर हुआ आसान

विकसित भारत की कल्पना हो रही है साकार, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से राह हुई आसान रायपुर गाँव में कभी बस की पहुँच नहीं थी, आज वहाँ बस के आते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। सड़क पर बस दिखते ही बच्चे हाथ हिलाकर खुशी जाहिर करते हैं और हॉर्न की आवाज़ सुनते ही लोग घरों से बाहर निकल आते हैं—एक नई उम्मीद के साथ। यह उम्मीद अब शहर मुख्यालय, नगर मुख्यालय और विकासखंड मुख्यालय तक आसान पहुँच की है।             यात्री बस में बैठकर लोग उन दिनों को याद करते हैं, जब उन्हें पैदल या किसी निजी वाहन के सहारे दूसरे स्थानों तक जाना पड़ता था। अब हालात बदल चुके हैं। स्कूल के बच्चे समय पर स्कूल पहुँच रहे हैं, वहीं अधिकारी-कर्मचारी भी समय पर अपनी ड्यूटी पर पहुँच पा रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ़ सुविधा का नहीं, बल्कि उन ग्रामीण परिवारों के सपनों का है जो विकसित भारत की कल्पना को अपने जीवन में साकार होते देख रहे हैं।             यह परिवर्तन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से संभव हो पाया है। इस योजना के तहत आज बसें उन गाँवों तक पहुँच रही हैं, जहाँ पहले कभी बस नहीं पहुँची थी। पहाड़ी अंचल की महिलाओं को मिली राहत            जशपुर जिला के बगीचा विकासखंड के सन्ना निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुनीता निकुंज बताती हैं कि पहले उन्हें पास के गाँव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुँचने के लिए किसी से लिफ्ट लेनी पड़ती थी, निजी वाहन या पैदल जाना पड़ता था। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह बहुत कठिन था। अब ग्रामीण बस से उनकी यह समस्या दूर हो गई है। वे कहती हैं, “यह बस मेरे लिए बहुत बढ़िया साधन बन गई है।” ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान          बस में सफर कर रहे ग्राम मरंगी निवासी श्री दशरथ भगत हँसते हुए बताते हैं कि पहले इस सड़क पर बस नहीं चलती थी, इसलिए पैदल ही आना-जाना करना पड़ता था। बस का नाम लेते ही उसका चेहरा खिल गया l उन्होंने बताया कि “अब मुख्यमंत्री जी की पहल से बस शुरू हो गई है। हम आसानी से बगीचा जाते हैं और समय पर वापस भी लौट आते हैं।”        यात्री श्री मंगलराम बताते हैं कि पहले वे छिछली और चंपा जैसे बाजारों तक पैदल जाया करते थे। “अब बस आने से बहुत सुविधा हो गई है। हम सब बहुत खुश हैं।”            मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से न केवल यात्रा सुगम हुई है, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक कार्यों के लिए शहर तक पहुँचने में भी बड़ी सुविधा मिली है। यह योजना ग्रामीण जीवन को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है और जशपुर जैसे पहाड़ी व दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई राह खोल रही है।

मुख्यमंत्री का आदेश: निर्माण कार्यों में तेजी लाएं, गुणवत्ता का ध्यान रखें

निर्माण कार्यों में लाएं तेजी, गुणवत्ता का रखें पूरा ध्यान: मुख्यमंत्री गोरखपुर में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश बरसात पूर्व करा लें अधिकाधिक निर्माण कार्य: मुख्यमंत्री अगले दौरे में हो सकता है घंटाघर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को विकास से जुड़े निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने सभी कार्यों में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने की हिदायत भी दी है। उन्होंने दो तिहाई से अधिक भौतिक प्रगति वाली विकास परियोजनाओं में और तेजी लाते हुए उन्हें मानसून की दस्तक से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने यह संकेत भी दिए कि वह अपने अगले दौरे में घंटाघर के बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण और पांडेय हाता क्षेत्र में बनने वाले नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास कर सकते हैं।  सीएम योगी  देर शाम गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले और महानगर में निर्माणाधीन सभी प्रमुख विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विकास परियोजना की एक समय सीमा तय होती है और उसे उसी अवधि में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर उदासीनता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यह व्यावहारिक रूप से समझना होगा कि बरसात का मौसम शुरू होने पर खुले में होने वाला निर्माण कार्य प्रभावित होता है, इसलिए विकास की जितनी भी परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उनसे संबंधित अधिकाधिक निर्माण कार्य बरसात से पहले पूरे कर लिए जाएं।  समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि अभी बारिश का मौसम शुरू होने में समय है, लेकिन समय रहते यह सुनिश्चित करना होगा कि बरसात होने पर कहीं भी जलभराव न होने पाए। जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए पिछले कुछ वर्षों में काफी अच्छा काम हुआ है, इसे लगातार उत्कृष्टता की ओर ले जाने की आवश्यकता है। समय रहते सभी नालों की सफाई का काम पूरा करने का निर्देश देने के साथ सीएम योगी ने कहा कि जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए गोड़धोइया नाला परियोजना पर गंभीरता से ध्यान देकर इसे जल्द पूर्ण कराने का प्रयास हो।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विरासत गलियारा के निर्माण की प्रगति, घंटाघर स्थित बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की अद्यतन स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने पांडेय हाता में बनने वाले नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की कार्ययोजना के बारे में पूछा। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि वे अपने स्तर पर लोकार्पण और शिलान्यास की पूरी तैयारी रखें। सीएम योगी ने पटरी व्यापारियों के व्यवस्थित पुनर्वास पर जोर देते हुए यह निर्देश भी दिए कि पटरी व्यापारियों को वेंडिंग जोन में सम्मानजनक जगह और पूरी सहूलियत दी जाए।

विद्यार्थियों ने देखा लोकतंत्र का केंद्र, राज्यपाल रमेन डेका से की खास मुलाकात

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका की पहल पर प्रदेश के सर्वाेच्च संवैधानिक कार्यालय ‘‘लोकभवन‘‘ की कार्यप्रणाली से अवगत कराने और यहां की कार्यालयीन गतिविधियों से जनसामान्य को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में आज डी.पी.एस. स्कूल के विद्यार्थियों ने आज लोकभवन का भ्रमण किया और राज्यपाल  रमेन डेका से आत्मीय मुलाकात की।  डेका ने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए उन्हें जरूरी मार्गदर्शन प्रदान किए।            डेका ने कहा कि विद्यार्थी जीवन बहुत सुंदर होता है। इसका सदुपयोग करें तभी सफलता मिलेगी। जीवन के सभी निर्णयों को सोच-समझकर ठंडे दिमाग से लेना चाहिए। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। हर विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर नहीं बन सकता बल्कि अनेक क्षेत्र हैं जहां अपना कैरियर बना सकते है।             डी.पी.एस. स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 51 छात्र और 25 छात्राओं की टोली ने अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ लोकभवन का भ्रमण कर यहां की ऐतिहासिक व कार्यालयीन महत्ता को जाना और समझा। उन्हें लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी, सचिवालय की विभिन्न शाखाओं और हरे-भरे उद्यान का भ्रमण कराया गया और इन स्थानों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।           भ्रमण एवं अवलोकन के बाद विद्यार्थियों ने बताया कि लोकभवन में आकर उन्हें नया अनुभव हो रहा है। पहली बार वे राज्यपाल से मिले हैं साथ ही यहां की संरचना, हरियाली देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई है।

5 और 6 अप्रैल को होगी एसआई भर्ती परीक्षा, राजस्थान में डमी कैंडिडेट और नकल माफियाओं पर कसता शिकंजा

जयपुर  राजस्थान लोक सेवा आयोग आगामी 5 व 6 अप्रैल को उप-निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 कराने जा रही है। इस परीक्षा के लिए विशेष सुरक्षा के व्यवस्था की जाएगी। राजस्थान लोक सेवा आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया कि राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 2022 के तहत अब परीक्षा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, पेपर लीक या नकल की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। परीक्षा के लिए प्राधिकृत व्यक्ति या कर्मचारी द्वारा समय से पूर्व प्रश्न पत्र खोलना, गोपनीय सूचना साझा करना या ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से लैस महिला व पुरूष कर्मी तैनात रहेंगे। रामनिवास मेहता ने बताया कि विशेष बात यह है कि इस कानून के तहत किए गए अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य हैं। परीक्षा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को पुलिस प्रशासन द्वारा बख्शा नहीं जाएगा और उसे कठोरतम कानूनी परिणामों का सामना करना होगा। मेहता ने बताया कि नए नियमों के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, प्रश्न पत्र लीक करने का षड्यंत्र रचता है या किसी दूसरे के स्थान पर परीक्षा (डमी कैंडिडेट) देता है, तो वह इस कानून के दायरे में होगा। इस अधिनियम के तहत अपराध करने वालों को न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। आर्थिक दंड के रूप में दोषियों पर 10 लाख रुपए से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके साथ ही अपराध में शामिल लोगों से पूरी परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा और अपराध से अर्जित की गई उनकी संपत्ति की कुर्की व जब्ती भी की जाएगी। 41 शहरों के 1174 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा मेहता ने बताया कि उक्त परीक्षा का आयोजन राज्य के 26 जिला मुख्यालयों व 15 उपखंड मुख्यालयों पर कुल 41 शहरों के 1174 परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा, जिसमें कुल 7 लाख 70 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। ब्लूटूथ से नकल पर नकेल, आरोपियों पर भी नजर पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा ब्लूटृूथ तकनीक पर किए गए सघन शोध के परिणामस्वरूप अब ऐसे आपराधिक तत्व भी निगरानी में हैं। रिसर्च के माध्यम से विकसित तकनीक एवं कौशल के परिणाम स्वरूप परीक्षा केन्द्रों पर जांच के दौरान सूक्ष्म से सूक्ष्म ब्लूटूथ डिवाइस को आसानी से पहचाना जाकर अपराधियों के के कुत्सित प्रयासों को रोका जा सकेगा। रियल टाइम डेट एवं स्टैम्प के साथ होगी वीडियोग्राफी अब परीक्षा केंद्रों पर होने वाली वीडियोग्राफी सामान्य न होकर पूरी तरह डिजिटल सुरक्षा मानकों से लैस होगी। इस नई व्यवस्था के तहत हर केंद्र पर होने वाली रिकॉर्डिंग में रियल टाइम डेट और टाइम स्टैम्प का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया के दौरान होने वाली हर गतिविधि का सटीक समय और तारीख वीडियो फुटेज पर ही अंकित रहेगी, जिससे बाद में किसी भी स्तर पर साक्ष्य सिद्ध हो जाएगा। ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन अनिवार्य निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षार्थियों को ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करना होगा। पुरुष अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन के शर्ट, टी-शर्ट या कुर्ता और पेंट-पायजामा के साथ हवाई चप्पल या स्लीपर पहनकर आने की अनुमति होगी। वहीं, महिला अभ्यर्थी सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता या ब्लाउज और साधारण रबर बैंड लगाकर आ सकेंगी। सुरक्षा जांच में सहयोग के उद्देश्य से जूते और पूरी आस्तीन के कपड़े पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। जांच के दौरान किसी भी प्रकार के आभूषण, घड़ी, चश्मा, बेल्ट, हैंडबैग, हेयर पिन, ताबीज, टोपी और स्कार्फ जैसे सामान पहनकर केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सिख धर्म के अभ्यर्थियों को कड़ा, कृपाण और पगड़ी जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ प्रवेश की अनुमति रहेगी, हालांकि सुरक्षा जांच के दौरान यदि कोई अन्य संदिग्ध वस्तु पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। गहन फ्रिस्किंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अभ्यर्थी केंद्र के भीतर आपत्तिजनक सामग्री या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस न ले जा सके। समस्त साइबर कैफे व ई-मित्र रहेंगे बंद परीक्षा केंद्रों की परिधि में पूर्ण अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में स्थित साइबर कैफे एवं ई-मित्र केंद्रों को परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखा जाएगा। परीक्षा परिसर में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में गठित विशेष फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षी अधिकारी निरंतर केंद्रों का निरीक्षण करेंगे ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर शिथिलता न रहे। सतर्कता दलों की पैनी नजर और प्रपत्रों का डिजिटल सरलीकरण परीक्षा के दौरान सुरक्षा और नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए विजिलेंस टीम को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। अब परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व और समाप्ति के बाद सतर्कता दल इस बात की गहनता से पड़ताल करेंगे कि केंद्रों पर नियुक्त केंद्राधीक्षक, वीक्षक और अन्य कार्मिक आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन कर रहे हैं या नहीं।

पंजाब के किसानों को मिला सुनहरा अवसर, 24 अप्रैल तक करें काम, समय घट रहा है

 गुरदासपुर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंजाब द्वारा पराली के उचित प्रबंधन के लिए उपयोग में लाई जाने वाली मशीनों पर सब्सिडी देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में गुरदासपुर के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. रणधीर सिंह ठाकुर ने बताया कि इच्छुक किसान विभाग के पोर्टल agrimachinerypb.com के माध्यम से 1 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। डॉ. ठाकुर ने बताया कि सरकार की ओर से निजी तौर पर मशीनें खरीदने वाले किसानों को 50 प्रतिशत तक और किसान समूहों या सोसायटियों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना का लाभ जनरल और एससी श्रेणी के सभी किसान उठा सकते हैं। सब्सिडी के तहत मिलने वाली मशीनों में सुपर एसएमएस, हैपी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, जीरो टिल ड्रिल, बेलर, रेक और मल्चर सहित कई आधुनिक उपकरण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पहले भी करोड़ों रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है, जिससे किसानों में जागरूकता आई है और उन्होंने पराली जलाने के बजाय उसे खेतों में ही प्रबंधित करना शुरू कर दिया है। कई किसान पराली की गांठें बनाकर बेच भी रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है। मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि पराली को खेत में मिलाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और खाद पर होने वाला खर्च कम होता है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण से बचाव होता है, बल्कि मिट्टी में मौजूद लाभदायक जीव भी सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाते हुए समय पर आवेदन करें। 

बिराजपाली में हर घर जल योजना से आई क्रांति, नल से जल से जीवन में आई सरलता

हर घर जल से बदली बिराजपाली की तस्वीर, हर घर में नल से जल पहुंचने से जीवन हुआ आसान रायपुर  महासमुंद जिलें के पिथौरा विकासखंड का ग्राम बिराजपाली आज “हर घर जल” के लक्ष्य का हासिल कर लिया है। कभी पेयजल के लिए हैंडपंप और दूरस्थ स्रोतों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीण अब घर बैठे स्वच्छ पानी का लाभ उठा रहे हैं। इस सुविधा ने न केवल उनकी दिनचर्या को सरल बनाया है, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी लाया है। ग्राम बिराजपाली में 21 फरवरी 2026 को “हर घर जल” का सफल प्रमाणीकरण किया गया। योजना के तहत गांव के 182 घरों को नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे प्रत्येक परिवार तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 94.27 लाख रुपये की लागत से 40 किलोलीटर क्षमता की ओवरहेड टंकी का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही करीब 2270 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसके जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है। गांव में 13 हैंडपंप और 3 पावर पंप भी उपलब्ध हैं, जो जल स्रोतों को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करते हैं। योजना के सुचारू संचालन और रखरखाव के लिए ग्राम जल समिति का गठन किया गया है, जो प्रत्येक परिवार से 60 रुपये प्रतिमाह जलकर के रूप में संग्रहित कर रही है। इस उपलब्धि में सरपंच श्री एतराम साहू और सचिव श्रीमती पुष्पलता चौहान के नेतृत्व तथा ग्रामीणों के सहयोग की अहम भूमिका रही है। श्रीमती श्याम बाई बताती हैं कि अब पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। यह सुविधा उनके दैनिक जीवन में एक सुखद बदलाव बनी है।

जयपुर की सब्जी मंडी का हाल, लहसुन और नींबू हुए महंगे, हरी मिर्च और टमाटर के भाव गिरे

जयपुर  राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी सब्जी मंडी मुहाना थोक सब्जी मंडी में आज नींबू और कैरी महंगे बिके। आज नींबू के दाम थोक मंडी में 110 से 115 रुपए के बीच बोले गए। वहीं कैरी के दाम भी आज थोक में 40 से 48 रुपए के बीच बोले गए। इनके अलावा ​भिंडी के दाम आज भी महंगे रहे। आज ​भिंडी के दाम भी 35 से 50 रुपए के बीच रहे। वहीं आज बारीक हरी मिर्ची के दामों में और गिरावट आई। आज बारीक हरी मिर्ची के दाम 25 से 28 रुपए के बीच रहे। वहीं मोटी हरी मिर्ची के दाम आज 10 से 18 रुपए के बीच रहे। वहीं टमाटर भी इन दिनों सस्ता बिक रहा है। आज मंडी में हाइब्रिड टमाटर थोक में 12 से 14 रुपए के बीच तो देसी टमाटर के दाम आज 6 से 10 रुपए के बीच रहे। इनके अलावा अन्य स​ब्जियों फूल गोभी, पत्ता गोभी, मटर, करेला ​शिमला मिर्च, ग्वार फली, बैंगन, कद्दू,​ खीरा, गाजर और टिंडा के दाम आज सामान्य बने रहे। दूसरी ओर मुहाना मंडी स्थित आलू प्याज मंडी में आज भी आलू-प्याज के दाम नीचे रहे। आज थोक मंडी में आलू के दाम 4 से 8 रुपए के बीच तो प्याज के दाम 7 से 16 रुपए के बीच रहे। आज थोक मंडी में लहसुन महंगा बिका। आज लहसुन के दाम 25 से 110 रुपए के बीच रहे। मुहाना थोक मंडी में आज सब्जियों के दाम इस प्रकार रहे। मुहाना मंडी आज के सब्जी भाव टमाटर हाइब्रिड 12 से 14 रुपए बारीक मिर्च 25 से 28 रुपए शिमला मिर्च 25 से 28 रुपए खीरा पॉलीहाउस 5 से 10 रुपए

स्कूलों में बड़ा बदलाव: छोटे बच्चों को मिलेगी AI की शुरुआती शिक्षा

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE)और शिक्षा मंत्रालय ने स्कूली शिक्षा में बड़ी तबदीली करते हुए तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर एक नया कोर्स शुरू किया है। इस पहलकदमी का मकसद बच्चों को शुरूआती स्तर से ही डिजिटल और तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना है। सी.बी.एस.ई. द्वारा जारी इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को सरल और गतिविधि-आधारित तरीके से ए.आई. की बुनियादी समझ दी जाएगी। इसके साथ ही अध्यापकों के लिए हैंडबुक और विद्यार्थियों के लिए अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी जिससे से पढ़ाई को आसान और दिलचस्प बनाया जा सके। बच्चों के लिए फायदा यह नए अध्ययन से बच्चों में लॉजिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम सॉल्विंग और क्रिएटिविटी डेवलप होगी। AI की शुरूआती समझ मिलने से वह भविष्य में तकनीक से जुड़े करियर विकल्प के लिए तैयार हो सकें। इसके साथ ही डिजिटल लिटरेसी बढ़ेगी और बच्चे समझदारी से तकनीक का इस्तेमाल करना सीखेंगे। स्कूलों को क्या करना होगा? अध्यापकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी।  क्लास के हिसाब से गतिविधि-आधारित पढ़ाई अपनानी होगी। स्कूलों को डिजिटल स्त्रोत और जरूरी बुनियादा ढांचा तैयार करना होगा। विद्यार्थियों का मुल्यांकल रिवायती परीक्षा की बजाय प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल आधार पर किया जाएगा। बाकी कक्षाओं के लिए भी लाया जाएगा कोर्स  जानकारों का मानना ​​है कि आने वाले समय में इस कोर्स को क्लास 9 और 10 में भी लाया जाएगा, जबकि क्लास 11 और 12 में इसे इलेक्टिव सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किया जाएगा। यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के मुताबिक है, जिसका मकसद एजुकेशन को मॉडर्न और एम्प्लॉयमेंट-ओरिएंटेड बनाना है। एजुकेशन एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि यह कदम इंडियन स्टूडेंट्स को ग्लोबली कॉम्पिटिटिव बनाने में अहम रोल निभाएगा। नए सिलेबस की खासियत  पढ़ाने का तरीका अलग और ज्यादा इंटरेस्टिंग होगा। गेम, पहेलियां और एक्टिविटी के जरिए सीखने पर जोर दिया जाएगा। बड़े सवालों को छोटे-छोटे हिस्सों में हल करने की समझ विकसित करना। ग्रुप डिस्कशन और टीमवर्क को बढ़ावा देना। रटने की जगह समझ और स्किल-बेस्ड लर्निंग पर फोकस करना।  एग्जामिनेशन सिस्टम में भी बदलाव, एक्सपेरिमेंटल और प्रोजेक्ट-बेस्ड असेसमेंट। स्टूडेंट्स की क्रिएटिव सोच और समझ को पहल।

मोदी सरकार की आर्थिक कुप्रबंधन और कूटनीतिक विफलता के कारण महंगाई चरम पर-कांग्रेस

मोदी सरकार की आर्थिक कुप्रबंधन और कूटनीतिक विफलता के कारण महंगाई चरम पर-कांग्रेस मनेन्द्रगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा गया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आर्थिक कुप्रबंधन और कमजोर कूटनीति के कारण देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। प्रेस वार्ता में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 195 रुपये की बढ़ोतरी की है, जबकि पिछले तीन महीनों में कुल 525 रुपये तक की वृद्धि हो चुकी है। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में हालिया 62 रुपये की बढ़ोतरी ने आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका सबसे अधिक असर गरीब एवं मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज घटाने का प्रचार केवल भ्रम फैलाने के लिए किया गया है। उन्होंने दावा किया कि वास्तविकता में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि जारी है और कई स्थानों पर यह बढ़ोतरी 4 रुपये तक दर्ज की गई है। एविएशन फ्यूल महंगा होने से हवाई यात्रा भी आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, गैस और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। जिला महामंत्री रफीक मेमन ने कहा कि खाद्य तेल, दूध, मावा सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि ने आम आदमी के किचन का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर, जो कभी 400 रुपये में महंगा माना जाता था, आज 900–1000 रुपये तक पहुंच चुका है, वहीं कमर्शियल सिलेंडर के दाम 1580 रुपये से बढ़कर 1691 रुपये हो गए हैं। जिला महामंत्री पूनम सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है, जबकि आम जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों और सार्वजनिक उपक्रमों का लाभ सीमित लोगों तक केंद्रित किया जा रहा है, जिससे आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है। महंगाई का सबसे अधिक असर महिलाओं पर पड़ रहा है, जिससे घर चलाना कठिन होता जा रहा है। जिला प्रवक्ता भावेश जैन ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने हर परिवार का बजट बिगाड़ दिया है और सरकार इस पर नियंत्रण करने में पूरी तरह असफल रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में शुरू की गई मनरेगा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह गरीबों के रोजगार का कानूनी अधिकार था, जिसे वर्तमान सरकार ने कमजोर कर दिया है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष कासिम अंसारी ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी के कारण युवाओं का भविष्य संकट में है और सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई अब आम जनता के लिए “भाजपा निर्मित आपदा” बन चुकी है। रेलवे टिकट से लेकर स्कूल-कॉलेज फीस तक हर क्षेत्र में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं बैंक भी विभिन्न सेवा शुल्क के माध्यम से खाताधारकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। अंत में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि बढ़ती महंगाई पर तत्काल नियंत्रण किया जाए, पेट्रोल-डीजल एवं गैस की कीमतों में राहत दी जाए तथा आम जनता को आर्थिक राहत प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

केंद्र सरकार के फैसलों पर भड़की राधा सरकार: महंगाई से कराह रही जनता को मिला सिर्फ दिखावटी राहत

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नए वित्त वर्ष की शुरुआत आम जनता और व्यापारियों के लिए राहत नहीं, बल्कि महंगाई के नए झटके के रूप में सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती के दावे के बीच जमीनी हकीकत को लेकर महिला कांग्रेस की महामंत्री एवं सांसद प्रतिनिधि श्रीमती राधा सरकार ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कदम को “सिर्फ दिखावटी राहत” करार देते हुए कहा कि आम लोगों को इसका कोई ठोस लाभ नहीं मिल रहा है। श्रीमती राधा सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार भले ही टैक्स में कटौती का दावा कर रही हो, लेकिन वास्तविकता यह है कि तेल कंपनियों और राज्य सरकारों के विभिन्न करों के चलते उपभोक्ताओं तक राहत बेहद सीमित रह जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय केवल जनता को भ्रमित करने के उद्देश्य से लिया गया है, जबकि महंगाई से जूझ रही जनता को वास्तविक राहत देने के लिए व्यापक और प्रभावी कदमों की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर गहरा असर डाला है। परिवहन लागत में वृद्धि के कारण खाद्य पदार्थों सहित रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है, जिससे महंगाई ने आम जीवन को कठिन बना दिया है। इसी बीच, नए वित्त वर्ष के पहले ही दिन तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (19 किलोग्राम) सिलेंडरों की कीमतों में ₹195.50 की बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। यह वृद्धि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते की गई है, जिससे व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका है और इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। राधा सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की है कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए केवल प्रतीकात्मक कदमों से आगे बढ़कर ठोस और दीर्घकालिक नीतियां बनाई जाएं, ताकि आम जनता और व्यापारियों को वास्तविक राहत मिल सके।